रविवार, 7 जून 2015

भगवान राम की बहिन की उपेक्षा क्यों ?

यह  हिन्दू  समाज   की  अज्ञानता     नहीं   तो  और  क्या  है ,कि  जिस राम  के नाम  से   हिन्दू धर्म   टिका   हुआ है   ,  लगभग  90  प्रतिशत   हिन्दू  भगवान  राम  की   बड़ी  सगी  बहिन   शांता  और  उनके  पति श्रृंगीऋषि  के बारे में   नहीं   जानते  ,   और   यह   उन  हिन्दू  आचार्यों   का   शांता  के प्रति उपेक्षा  भाव  नहीं    है   जो  ऐरे गैरे      देवी   देवताओं   की  जगह  जगह   मूर्तियां  और   मंदिर   बनवा   देते हैं   ,  लेकिन  राम की बहिन  शांता   का  भारत में    मात्र   एक   ही  मंदिर   बनवा  पाये   , हिन्दुओं  में  राम  की  बहिन  शांता    के बारे में अनभिज्ञता  का  असली  कारण  मुग़ल  बादशाह   अकबर  के  समय  तुलसी  दास  द्वारा  रामचरित   मानस   है  , जिसे  कथावाचक गा  गा  कर  लोगों   को  सुनाते रहते हैं    , और  लोग  उसी को   राम का इतिहास   समझ लेते हैं  ,  लोग   महर्षि  वाल्मीकि  द्वारा  लिखित "रामायण "  इसलिए नहीं  पढ़ते  क्योंकि   वह  संस्कृत में   है  , और  उसको  सुनाने    में   पंडितों  को  कमाई  नहीं  होती  .  जबकि   वाल्मीकि  रामायण   प्रामाणिक   इतिहास  है

1 - वाल्मीकि  रामायण   प्रामाणिक  क्यों है 
वाल्मीकि   रामायण  को   प्रामाणिक  . विश्वनीय  और  राम सम्बंधित  ऐतिहासिक  धार्मिक ग्रन्थ  इसलिए  माना   जाता   है  , क्योंकि  वाल्मीकि  राम  के  समकालीन  थे  , और  उन्हीं के  आश्रम  में  ही  राम  के पुत्र लव  और कुश   का  जन्म   हुआ था  ,और  राम  के बारे में जो भी  जानकारी  उनको मिलती  थी  यह  रामायण  में  लिख  लेते  थे  ,  रामायण  इसलिए  भी  प्रामाणिक   है   की   वाल्मीकि  रामायण  के  उत्तर काण्ड  के  सर्ग 94  श्लोक  1  से 32  के  अनुसार  राम के  दौनों  पुत्र  लव  और कुश  ने   राम  के  दरबार  में  जाकर  सबके  सामने  रामायण   सुनाई  थी  ,  जिसे राम  के  सहित  सभी  ने  सुना था 


2-राम  की  बहिन  होने  का  प्रमाण  

जो  लोग  राम  की बहिन  होने  पर  शंका   करते  हैं   , वह  वाल्मीकि  रामायण   के   बालकांड  इन   श्लोकों   को   ध्यान  से पढ़ें  , इनका हिंदी  और  अंगरेजी  अर्थ    दिया गया  है


इक्ष्वाकूणाम् कुले जातो भविष्यति सुधार्मिकः |
नाम्ना दशरथो राजा श्रीमान् सत्य प्रतिश्रवः || काण्ड 1 सर्ग 11 श्लोक 2

अर्थ - ऋषि   सनत  कुमार    कहते  हैं  कि  इक्ष्वाकु   कुल   में  उत्पन्न दशरथ   नाम  के   धार्मिक  और  वचन  के पक्के  राजा  थे  ,

"A king named Dasharatha will be born into Ikshwaku dynasty who will be very virtuous, resplendent and truthful one to his vow." [Said Sanat Kumara, the Sage.] [1-11-2]

अङ्ग राजेन सख्यम् च तस्य राज्ञो भविष्यति |
कन्या च अस्य महाभागा शांता नाम भविष्यति || काण्ड 1 सर्ग 11 श्लोक 3

अर्थ - उनकी  शांता   नामकी  पुत्री     पैदा हुई   जिसे  उन्होंने अपने मित्र   अंग  देश   के  राजा  रोमपाद  को   गोद   दे दिया  , और  अपने  मंत्री  सुमंत  के कहने पर उसकी शादी श्रृंगी ऋषि   से  तय   कर दी  थी   ,


Shanta is  the daughter of Dasharatha and given to Romapada in adoption, and Rishyasringa marries her alone. This is what Sumantra says to Dasharatha at 1-9-19.

अनपत्योऽस्मि धर्मात्मन् शांता भर्ता मम क्रतुम् |
आहरेत त्वया आज्ञप्तः संतानार्थम् कुलस्य च || काण्ड 1 सर्ग 11 श्लोक 5


Then king Dasharatha says to king of Anga "oh, righteous one, I am childless and hence I intend to perform a Vedic ritual. Let the husband of your daughter Shanta, Sage Rishyasringa, preside over that Vedic ritual at you behest, for the sake of progeny in my dynasty. [1-11-5]

अर्थ -तब   राजा   ने   अंग  के  राजा  से  कहा कि मैं   पुत्रहीन  हूँ  , आप शांता और उसके  पति  श्रंगी ऋषि   को  बुलवाइए मैं  उनसे पुत्र  प्राप्ति  के लिए  वैदिक  अनुष्ठान    कराना  चाहता  हूँ  ,

श्रुत्वा राज्ञोऽथ तत् वाक्यम् मनसा स विचिंत्य च |
प्रदास्यते पुत्रवन्तम् शांता भर्तारम् आत्मवान् || काण्ड 1 सर्ग 11 श्लोक 6

"On hearing those words of king Dasharatha that benevolent soul Romapada, the king of Anga, considers heartily and agrees to send the one who endows progeny by rituals, namely Sage Rishyasringa his son-in-law. [1-11-6]

अर्थ -दशरथ की  यह   बात  सुन   कर अंग  के राजा  रोमपाद  ने  हृदय  से   इसबात को   स्वीकार   किया ,और  किसी   दूत  से  श्रृंगीऋषि को  पुत्रेष्टि  यज्ञ  करने  के लिए  बुलाया

आनाय्य च महीपाल ऋश्यशृङ्गं सुसत्कृतम्।
प्रयच्छ कन्यां शान्तां वै विधिना सुसमाहित: काण्ड 1सर्ग 9 श्लोक 12
अर्थ -श्रंगी ऋषि  के  आने  पर  राजा   ने उनका  यथायोग्य   सत्कार  किया और   पुत्री शांता  से  कुशलक्षेम  पूछ  कर   रीति  के अनुसार  सम्मान किया

अन्त:पुरं प्रविश्यास्मै कन्यां दत्त्वा यथाविधि।
शान्तां शान्तेन मनसा राजा हर्षमवाप स:।।काण्ड 1 सर्ग10  श्लोक 31

अर्थ -( यज्ञ   समाप्ति  के  बाद ) राजा  ने शांता   को     अंतः पर  में  बुलाया  और और   रीति  के  अनुसार  उपहार     दिए  ,   जिस से  शांता  का मन    हर्षित  हो   गया .

 वाल्मीकि रामायण  के  यह  प्रमाण   उन  लोगों   की  शंका   मिटाने  के लिए  पर्याप्त  हैं  ,  जो  लोग मान  बैठे  है  ,कि  राम  की  कोई   भी बहिन   नहीं  है , वाल्मीकि  रामायण  के  अतिरिक्त   अन्य धार्मिक   और  ऐतिहासिक   ग्रंथों   में  राम  की बहिन   शांता  के बारे में  जो  भी  लिखा  है उसे  एकत्र  करके  एक  लेख   के  रूप   में  "Devlok, Sunday Midday, April 07, 2013  "ने  प्रकाशित   किया  था  ,  उसका  सारांश   यह   है  ,

3- कथा  भगवान राम की बहन "शांता" की

श्रीराम के माता-पिता, भाइयों के बारे में तो प्रायः सभी जानते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि राम की एक बहन भी थीं जिनका नाम शांता था। वे आयु में चारों भाइयों से काफी बड़ी थीं। उनकी माता कौशल्या थीं। राजा दशरथ और कौशल्या की पुत्री थी शांता . एक बार अंगदेश के राजा रोमपद और उनकी रानी वर्षिणी अयोध्या आए। उनके कोई संतान नहीं थी। बातचीत के दौरान राजा दशरथ को जब यह बात मालूम हुई तो उन्होंने कहा, मैं मेरी बेटी शांता आपको संतान के रूप में दूंगा।रोमपद और वर्षिणी बहुत खुश हुए। उन्हें शांता के रूप में संतान मिल गई। उन्होंने बहुत स्नेह से उसका पालन-पोषण किया और माता-पिता के सभी कर्तव्य निभाए।उनका विवाह कालांतर में शृंग ऋषि से हुआ था। कश्यप ऋषि  पौत्र थे शृंग ऋषि .
4-शृंग ऋषि का आश्रम
बाद में ऋष्यशृंग ने ही दशरथ की पुत्र कामना के लिए पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया था। जिस स्थान पर उन्होंने यह यज्ञ करवाये थे वह अयोध्या से लगभग 39 कि.मी. पूर्व में था और वहाँ आज भी उनका आश्रम है और उनकी तथा उनकी पत्नी की समाधियाँ हैं।
हिमाचल प्रदेश में है शृंग ऋषि और देवी शांता का मंदिर ,हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शृंग ऋषि का मंदिर भी है। कुल्लू शहर से इसकी दूरी करीब 50 किमी है। इस मंदिर में शृंग ऋषि के साथ देवी शांता की प्रतिमा विराजमान है। यहां दोनों की पूजा होती है और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
शृंग ऋषि का मंदिर 

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5- अयोध्या  में राममंदिर  तभी बन पायेगा 

भारत   के  सभी   हिन्दू  संगठन  अयोध्या   में  राम  जन्म  भूमि  पर  एक  भव्य  मंदिर  बनवाने  के लिए   बरसों   से  प्रयास  करते  आये  हैं  ,लेकिन  किसी न किसी   कारण   से  पूरी   सफलता  नहीं   मिल   सकी  ,  मेरा   निजी   मत  है  कि  अयोध्या  में  जिस   जगह  राम  मंदिर  बनवाने की  योजना  है   यदि , वहीँ    राम  की   बहिन  शांता   की  मूर्ति   भी  स्थापित   कर  दी  जाये  तो   राम मंदिर   की सभी   अड़चनें      एक हफ्ते  में  दूर  हो जाएंगी  ,  क्योंकि   जो   राम   का  जन्म  स्थान  है  , वाही   राम  की  बड़ी  बहिन   शांता   का भी   है   ,  जिसके  आशीर्वाद  से राम का जन्म  हुआ  था  ,  और
हिन्दू जब  तक राम की  बहिन की उपेक्षा  करते  रहेंगे  अयोध्या  में  राम  मंदिर   नहीं  बन  सकेगा   




बुधवार, 27 मई 2015

अब जन्नत के लालचियो अपना सिर पीटो !!

मुसलमानों   की  जन्नत  कहाँ  है  ?  यहाँ   से कितनी  दूर   है  ? कितनी   बड़ी   है  ? इन  सवालों  का  जवाब   कुरान    और  हदीसों   में नहीं  मिलता  .  और  न  कोई मुल्ला   इनका  सही  जवाब  दे सकता   है   . मुसलामानों   ने  इसी  कल्पित   जन्नत  में  वर्णित  अय्याशी  के  लालच    में  जिहाद   करके    करोड़ों    निर्दोष  लोगों  को मौत   के घाट   उतार दिया  .  फिर भी  जिहादी   आतंक     नए नए  रूपों    में  फैलता    जा   रहा   है   . क्योंकि   हरेक  मुसलमान  जन्नत में जाने की  इच्छा   रखता   है  .
इस समय   पूरे   विश्व   में  मुसलमानों    की संख्या  लगभग  160  करोड़ ( 1.6 billion  )   है  . जो   सभी    जन्नत के  सपने     देख   रहे  हैं   .  लेकिन   इस   हदीस को  पढ़   कर   उनके  सपने  चकनाचूर   हो   जायेंगे   , और   वह  और    वह    निराश  होकर  अपना    सिर पीटने  लगेंगे   . क्योंकि   इन  हदीसों   के  अनुसार  केवल सत्तरहजार (70000  )   मुसलमान   ही  जन्नत में   जाएंगे , यह  दौनों   प्रामाणिक  हदीसें    इस  प्रकार  हैं   ,

पहली   हदीस   सही  बुखारी  से 
"इब्ने अब्बास   ने  कहा   कि  रसूल   ने  कहा  है कि  अल्लाह  ने  मेरे सामने से  एक एक कर के सभी  उम्मतों   को   पेश   किया    . तो  मैंने देखा  कि ऐसे   कई नबी  थे   जिनके   केवल   एक  या  दो   ही  अनुयायी  थे   . और  एक नबी  तो  ऐसे थे   कि  जिनका  एकभी  अनुयायी   नहीं  था .तभी  क्षितिज   से  एक  बहुत   बड़ी  भीड़  आती  हुई  दिखाई  दी  , मैंने पूछा कि  क्या  यह  मेरी  उम्मत है  ? तो जवाब  आया  नहीं  ,  यह  तो  मूसा की  उम्मत है  .और   कहा   गया कि  देखो  इस  भीड़  से सारा    क्षितिज भर गया   है  .
. फिर कहा गया  कि   देखो  यह  तुम्हारी  उम्मत   है ,जिनमे  से केवल  सत्तर  हजार  (70000 )    लोग   ही   जन्नत   में दाखिल   होंगे 

"، ثُمَّ قِيلَ لِي انْظُرْ هَا هُنَا وَهَا هُنَا فِي آفَاقِ السَّمَاءِ فَإِذَا سَوَادٌ قَدْ مَلأَ الأُفُقَ قِيلَ هَذِهِ أُمَّتُكَ وَيَدْخُلُ الْجَنَّةَ مِنْ هَؤُلاَءِ سَبْعُونَ أَلْفًا بِغَيْرِ حِسَابٍ، "

Narrated Ibn `Abbas:
Allah's Messenger  said, 'Nations were displayed before me; one or two prophets would pass by along with a few followers. A prophet would pass by accompanied by nobody. Then a big crowd of people passed in front of me and I asked, Who are they ?Are they my followers?" It was said, 'No. It is Moses and his followers It was said to me, 'Look at the horizon.'' Behold! There was a multitude of people filling the horizon. Then it was said to me, 'Look there and there about the stretching sky! Behold! There was a multitude filling the horizon,' It was said to me, 'This is your nation out of whom seventy thousand shall enter Paradise .

Bukhari-Vol. 7, Book 71, Hadith 606

दूसरी  हदीस  जामए  तिरमिजी   से 

"इब्ने बुरैदा   ने   कहा कि  मेरे पिता   ने  बताया   है  ,कि  रसूल   ने कहा है  " जन्नत  में  जाने वालों   की   एक सौ बीस   ( 120 )  पंक्तियाँ   होंगी  . जिनमे  अस्सी  ( 80) पंक्तियाँ   मेरी  उम्मत  की  होंगी   .  और  बाकी  चालीस  (40 )    पंक्तियाँ  दूसरे  नबियों   की उम्मत  की   होंगीं  "


"أَهْلُ الْجَنَّةِ عِشْرُونَ وَمِائَةُ صَفٍّ ثَمَانُونَ مِنْهَا مِنْ هَذِهِ الأُمَّةِ وَأَرْبَعُونَ مِنْ سَائِرِ الأُمَمِ ‏"


"The people of Paradise are a hundred and twenty rows, eighty of them are from this nation, and forty are from the rest of the nations."


 Jami` at-Tirmidhi-Vol. 4, Book 12, Hadith 2546
Arabic reference : Book 38, Hadith 2743

तीसरी   हदीस  इब्ने  माजा  से 

"रसूल   ने  कहा है  कि   अल्लाह    ने  मुझ   से  वादा   किया  है  ,  कि मेरी   उम्मत के  सत्तर   हजार  लोग (मुसलमान  )   जन्नत में  जाएंगे  ,  और उन  से (उनके  कर्मों का ) कोई  हिसाब   नहीं  लिया   जाएगा   "


"وَعَدَنِي رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ أَنْ يُدْخِلَ الْجَنَّةَ مِنْ أُمَّتِي سَبْعِينَ أَلْفًا بِغَيْرِ حِسَابٍ "

"my Lord has promised me that seventy thousand of my nation will enter Paradise without being brought to account. "


 Sunan Ibn Majah-Book 37, Hadith 4426

जन्नत के   लालची  हत्यारे   आतंकी   जिहादियों    को इन   हदीसों  कहे गए  रसूल    के  कथन  को   ध्यान  से    पढ़  लेना चाहिए   कि  इन  हदीसों  में जन्नत   में जाने वाले  लोगों   की  संख्या    साफ़  साफ    सत्तर  हजार   बतायी   गयी   है   ,  इसका   मतलब  है कि  इस्लाम   के जन्म से  लेकर क़ियामत तक   जितने भी   मुसलमान   मर  चुके  और  भविष्य   में  मरेंगे  उन सभी  में से  केवल  सत्तर   हजार ही  जन्नत    में  जाएंगे   . बाकि   सब  जहन्नम  में जायेंगे  .

 इसलिए   आजकल  के  मुसलमान   हिसाब   लगा   कर  देखें   कि  इस  समय   विश्व   में  मुसलमानों    की  संख्या  लगभग  एक  सौ साठ  करोड़    है   .  और   किसी   कारण   से   सभी  मर  जाएँ   तो  उन  में से  केवल   सत्तर हजार  ही  जन्नत में जा सकेंगे  . यानी  मुसलमानों की  वर्त्तमान  संख्या  का केवल 0.00437%  ही  जन्नत      देख   सकेगा   , चाहे वह   कितनी भी   नमाजें  पढ़े ,  कितने  भी  जानवर   मार कर  खा जाये   ,  कितने भी  निर्दोष लोगों  की   जिहाद के बहाने     हत्या  कर  डाले , सत्तर  हजार   से   अधिक एक भी  आदमी  जन्नत में  नहीं  घुस   पायेगा    . खुद रसूल   उनको  धक्का  मार कर  बाहर  फेंक   देंगे  .

इसलिए  इस झूठी   जन्नत    का  चक्कर   छोड़   कर  मानवता    के काम     करके  इसी  पृथ्वी    को  जन्नत   बनाना    ही  धर्म   समझें   
   


http://en.islamway.net/fatwa/60891/how-many-will-enter-paradise


रविवार, 15 मार्च 2015

सूर्य से ॐ की ध्वनि निकल रही है !!

यह श्रद्धा और   विश्वास   की     बात  नहीं  बल्कि  शत  प्रति सत्य  और विज्ञानिक शोध  पर  आधारित  तथ्य  है   ,  जो  हमारे   ऋषिओं  के  हजारों  साल   पुराने कहे गए  वचनों   को  प्रमाणित    करने के लिए   पर्याप्त  है   ,उन्होंने   कहा  था  कि  ब्रह्माण्ड  की उत्पति   के  समय   जो  ध्वनि   निकली   थी  वह  ॐ  ही  थी   , चूँकि  सूर्य   ब्रह्माण्ड   का एक  ऐसा  तारा है  जो  पृथ्वी  के निकट   है    ,  इसलिए  वैज्ञानिक   बरसों   से  सूरज   से निकलने  वाली   ध्वनि   को रिकार्ड    करने की  तरकीब   खोज  रहे   थे   , और  आखिर में उनको  सफलता   मिल गई  .
सभी  भली  भांति  जानते  हैं  कि सूर्य   एक तारा   (Star )    है   , जो पृथ्वी से  93,000,000 मील  दूर   है  , और  अपनी  धुरी पर  तेजी से घूमता रहता  है  , सूर्य  सदा   जलता रहता है  जिसकी   अग्नि  की  ज्वालाएं  हजारों  किलो  मीटर  ऊंची     हो  जाती  हैं  , सूर्य  की गरमी से ही  पृथ्वी  पर जीवन    का अस्तित्व   है   , क्योंकि  सूर्य  के  आसपास  अंतरिक्ष   में  वायुमंडल   नहीं   है  ,इसलिए  आजतक   वैज्ञानिक सूर्य से  किसी  प्रकार  की  ध्वनि  निकलने की संभावना  को सिरे से नकार देते  थे   , परन्तु  जब नासा  ( Atmospheric Imaging Assembly (AIA)  )  ने  11 फरवरी  सन 2011 को Solar Dynamics Observatory (SDOके द्वारा सूर्य  से निकलने  वाली  चुम्बकीय   तरंगों को  ध्वनि   में  रूपांतरित   किया तो   वह   सूर्य से   निकलने  वाली ध्वनि  को सुन  कर भौंचक्के   रह  गए    ,क्योंकि  सूर्य  से  लगातार  ॐ  की    ध्वनि    निकल  रही    थी   ,जो  स्पष्ट  सुनाई  दे  रही   थी .
वैज्ञानिकों   को  इस   बात  की  अनेकों  बार जांच   की   और 4  साल तक विभिन्न प्रकार   के  परीक्षण  के बाद दिनांक  23  अक्टूबर  2014 को  इस सत्य की पुष्टि  कर दी   , कि सूर्य  से  सचमुच ॐ  की  ध्वनि   अनवरत  निकलती    रहती   है   , आप  भी  सूर्य   की ध्वनि सुनिए ,
Sound of the Sun | OM ॐ| Meditation | HD SOUND |

https://www.youtube.com/watch?v=rfc8_1b890U

इसीलिए  ही  भारत   के  सभी  धर्मों   में  ॐ शब्द  को  पवित्र   माना जाता   है   , उदहारण   के लिए ,

1-हिन्दू  धर्म    में   ॐ 

" तस्य   वाचक    प्रणवः "
अर्थात  उस  ईश्वर   का  वाचक  ॐ  ही   है  
योग  दर्शन  -समाधि  पाद 1:27 

2-गीता   में  ॐ  का    उल्लेख 
ॐ तत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविधः स्मृतः । 
ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिताः पुरा॥ (17:23
भावार्थ : सृष्टि के आरम्भ से "ॐ" (परम-ब्रह्म), "तत्‌" (वह), "सत्‌" (शाश्वत) है  .और  इन तीन   अक्षरों( अ +उ +म  ) के  ब्रह्म  को ब्राह्मण    यज्ञ में  मन्त्रों  में   स्मरण  करते  हैं ,और इसी   का उच्चारण   करते   हैं .(17:23  )

3-बौद्ध  धर्म   में ॐ 
जो   लोग   बौद्धों को   नास्तिक   कहते  हैं  ,उन्हें  पता  होना  चाहिए  कि  हिन्दुओं की तरह  तिब्बत के बौद्ध  भी ॐ का  जप  करते  हैं   ,उनका मूल मन्त्र  यह है ,आश्चर्य की   बात  यह  है  कि  जब  तिब्बत के  बौद्ध  यह  मन्त्र बोलते हैं  तो उस  से वैसी ही  ध्वनि  निकलती  है जैसी  सूर्य  से निकलती  है
ॐ  मणि  पद्मे  हुं 

Om Mani Padme Hum (Tibetan)

https://www.youtube.com/watch?v=XJYOxbkjh2k

आश्चर्य की   बात  यह  है  कि  जब  तिब्बत के  बौद्ध  यह  मन्त्र बोलते हैं  तो उस  से वैसी ही  ध्वनि  निकलती  है जैसी  सूर्य  से निकलती  है 

4-जैन   धर्म   में  ॐ 
इसी तरह  लोग अज्ञानवश  जैनों   को  भी  नास्तिक  या अनीश्वरवादी   कह  देते  है   ,  लेकिन  जैन  ग्रंथों   में भी  ॐ  की  महिमा  वर्णित   है देखिये
"अरिहंता ,असरीरा ,आयरिया ,उवझ्झाय ,मुणीणो ,पंचख्खर निप्पणो ,ओंकारो पंच  परमिठ्ठी "
अर्थ  -अर्हत अशरीरी    ,आचार्य  ,उपाध्याय और मुनि   ,इन पाँचों  के प्रथम  अक्षरों  को  मिला कर  ॐ  बनता  है  . जो इन  पञ्च परमेष्ठी  का वाचक  और  बीज  मन्त्र   है  
समण   सुत्तं -ज्योतिर्मुख  ,गाथा   12 पृष्ठ     5 

5-सिख   धर्म   में  ओंकार 
श्री  गुरु  ग्रन्थ  साहब  में  भी  सर्व  प्रथम  ओंकार  यानि  ॐ      ही  लिखा  गया है  ,

१ ओंकार  सतनाम   करता  पुरख  


आज   हमारे   सभी  हिन्दू  , बौद्ध   ,जैन  और  सिख  बंधुओं   को  वैज्ञानिकों    द्वारा   इस  खोज  पर   प्रसन्नता  होना  चाहिए    कि  वह   जिस   शब्द  का  नित्य  उच्चारण   किया  करते   हैं  वही  ध्वनि  सूर्य   से निकलती  रहती   है   ,  यानि  सूर्य  भी  हमारी  तरह  ॐ  का ही   जप   करता  रहता  है  ,
भारत के  इन  चारों  धर्मो   को  सच्चा   सिद्ध   करने के लिए  इस  से बड़ा  और  कौन  से  प्रमाण  की   जरूरत   चाहिए ?



Sound of Sun-50 minutes sound of the Sun


https://www.youtube.com/watch?v=0kgEvmIZ4vw


518)

रविवार, 8 मार्च 2015

बलात्कार के रोग का दीमापुरी इलाज !

अगर भारत को       बलात्करिओं    की  जन्नत कहा    जाए  तो अतिश्योक्ति    नहीं   होगी   , क्योंकि  नेशनल  क्राइम रिकॉर्ड  ब्यूरो  के  अनुसार भारत में औसत प्रतिदिन    सात   से   दस    बलात्कार  की  घटनाये   होती  हैं   , और  उनके  बारे  में  अखबार  या  जो  टीवी   में  खबरें   प्रसारित की   जाती हैं   उन्हें  पढ़  और  देख   कर    , लोग  यातो  उसकी  निंदा    करके   अपना  कर्तव्य   पूरा    मान   लेते   है   . या  फिर कुछ   ऐसे   संगठन  पैदा  हो जाते हैं  ,  जो  अपना  नाम    करने    के  लिए   धरना   ,  प्रदर्शन और  केंडल   मार्च   निकाल देते   , जबकि   उनको  होता  है  कि  वर्त्तमान   न्याय   प्रणाली   के  चलते पीड़िता  को  इन्साफ   मिलने    अपराधी को   सजा   मिलने  में बरसों   लग   जायेंगे   ,
लेकिन  अधिकाँश     इस  महत्त्व पूर्ण    बात   पर गौर  नहीं  करते  कि  बलात्कार  की संख्या  दिनों    दिन  क्यों  बढ़  रही  हैं   , और   इनको रोकने  का   अचूक   उपाय   क्या     है ?

1-बलात्कार   का असली  कारण  इस्लाम 
यदि   बलात्कार    की  सभी  घटनाओं   का सूक्ष्म   विश्लेषण    किया   जाये तो  आपको   पता   चलेगा  कि  अधिकांश  बलात्कारी  मुस्लिम  ही   निकलेंगे,और  मुसलमान  बलात्कार   को  गुनाह   नहीं  अपना  अधिकार  मानते   हैं   ,
मैं   इस  लेख  के    माध्यम माध्यम   से  सभी  मुल्ले   ,मौलवी  और  मुसलमानों  को  खुली  चुनौती देता हूँ  कि  वह कुरान की  एक   भी ऎसी  आयात  दिखा  दें  , जिसमे   बलात्कारी  पुरुष   को किसी  भी  प्रकार    की सजा  देने  का   हुक्म     हो , कुरान  में बलात्कारी  को  सजा  देने का  आदेश   नहीं  है  (  the punishment for rape doesn't exist in the  Quran  ) यही  कारण है   जिस से  मुसलमान  ,  हिन्दुओं  को  अपमानित   करने  , देश   में  अफरा  तफरी  फ़ैलाने  . प्रतिशोध   के लिए  ,और रसूल की  सुन्नत   का पालन   करने   के  लिए  निडर   होकर   बलात्कार    करते  रहते हैं   . और उनके  दिलों   में  इस   अपराध   के लिए  कोई पछतावा   भीनहीं  होता
2-दूसरा   कारण  न्याय  प्रणाली 
भले   ही  अदालत में लिखा  रहता   है  "सत्यमेव  जयते "अर्थात  सत्य    ही  विजयी  होता   है   , यह  सिर्फ  कहने की   बात है    , क्योंकि  अदालतों  में  सत्य   की  नहीं  वकील   की  जीत  होती   है   , जो   अपने  कुतर्कों  से  मामला    बरसों   तक  लटका  देता   है  .  इस से  फैसला होने तक   पीड़िता  का  गरीब   परिवार  कंगाल  हो   जाता   है  . न्याय   में  देरी  और  अपरधि  के बच  जाने  से  लोगों   में  न्याय  व्यवस्था  पर   विश्वास  उठ   गया है  ,

3-बलात्कार  रोकने  का सही  उपाय  

बलात्कारी   को  जेल  भेज  देने  से  बलात्कार   की  घटनाएँ  कम   नहीं   हो सकती   ,  इसके लये  हमें   निडर  होकर   वाही   काम   करने की  जरूरत  है  जो   नागा  लैंड  के  दीमापर   निवासियों   ने  बंगला  देशी   मुस्लिम  बलात्कारी  के   साथ  किया   है   ,    यह   खबर  सभी  अखबारों  और चैनलों   में  मौजूद   है    पूरी  खबर   इस प्रकार   है .
 "गौरतलब है कि पुलिस के मुताबिक 23 फरवरी को खान नाम के एक व्यक्ति ने एक नागा समुदाय की एक लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म को अंजाम दिया था। जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ,आरोपी की पहचान 35 वर्षीय सयद फरीद खान के रूप में हुई है और जोकि सैकेंड हैंड कार डीलर था। बताया जा रहा है कि वो असम प्रवासी था, लेकिन मूल रूप से बांग्लादेश का था। नागालैंड के दीमापुर में गुस्साई भीड़ ने रेप के एक आरोपी को जेल से निकालने के बाद उसकी पीटपीट कर हत्या कर दी। भीड़ ने आरोपी को गुरूवार तकरीबन छह बजे घसीट कर बाहर निकाला और फिर भीड़ ने उसे सड़क के एक चौक पर फांसी लगा दी। वहीं भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें तकरीबन 20 लोग घायल हो गए हैं . गृह मंत्रालय के मुताबिक घटना शाम चार बजे की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि, जेल को स्थानीय पुलिस और जेल गार्ड्स गार्ड कर रहे थे, लेकिन वो उस आरोपी को बचा नहीं सके .डिप्टी कमिश्नर वेजोप केन्ये का कहना है कि दीमापुर में तनाव का माहौल बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्र में काफी तनाव फैल गया। मामले को देखते हुए क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस भीड़ को काबू में नहीं कर पाई।दूसरी तरफ नागालैंड पुलिस ने गृह मंत्रालय से और फोर्स भी मांगी है और आर्मी को भी अलर्ट कर दिया गया है।


http://www.patrika.com/news/crime/nagaland-mob-lynches-rapist-after-dragging-him-out-of-dimapur-jail-1006682/#sthash.1V7zveN4.dpuf

4- हिन्दुओ   कायरता   छोडो 

 आज  इस   बात   की  जरुरत   है कि  सभी हिन्दू    दीमापुर  की  इस घटना   से  प्रेरणा   लेकर   हर प्रकार  का  डर  और कायरता   छोड़  दें   , और विदेशी  अपराधी को   खुद  आगे  ऐसी   सजा  दें   ,   तभी   भविष्य में किसी  को सपने में भी  बलात्कार  करने  का विचार   नहीं  आये   , पुलिस  का डर जनता की  के सामने    बेकार   है   , अकबरुद्दीन  ओवैसी ने आदिलाबाद   जिले   के  न निरमल  नाम की  जगह पर दिनांक  2  जनवरी 2013 को  सरकार को  चुनौती  दी थी  कि  अगर  15  मिनट   के   लिए  सरकार  पुलिस हटा  दे  तो   मुसलमान   भारत  के  लाल किले  पर  इस्लामी हरा  झंडा   फहरा  देंगे   ,
विडिओ  देखिये 
Akbaruddin owaisi hate speech against Hindus Part 1

https://www.youtube.com/watch?v=4J-FuI7yA8Q


सोचिये  जब  पुलिस  होते  हुए भी  दिमापुर में  मुस्लिम  बलात्कारी   को  खुले  आम  फांसी  दे दी गयी  तो  , सब   सभी  हिन्दू  एक  हो जेएंगे तो  फ़ौज भी  मुसलमान  दुष्टों  की  रक्षा नहीं   कर  पायेगी .आखिर   हमें   किसका  डर  है    ,हम   भारत   माता   के  पुत्र   है  ,  यदि  हम  खुद  माता   के  शत्रुओं   को   नहीं   मरेंगे  ,तो  क्या  दुष्टों  को मारने  के लिए मंगल ग्रह से  फ़ौज  आएगी  ?

गीता   का  साफ  आदेश  है  "विनाशाय  च  दुष्कृताम "

रविवार, 15 फ़रवरी 2015

अल्लाह की पत्नी अशेरा है !

इस लेख  का  शीर्षक  पढ़ कर  पाठक  जरूर  चौंक  जायेगे   , और कुछ लोग  इसे  झूठ  , और कोरी गप्प    भी  मान लेंगे , लेकिन  यह बात  बिलकुल  सत्य  और  प्रामाणिक  है   , लेकिन   इस  सत्य   को समझने के लिए  हमें   पता  होना  चाहिए कि  कुरान   से पहले भी अल्लाह  की  तीन  और किताबें   थीं  ,  जिनके नाम  तौरेत  ,  जबूर  और  इंजील   हैं   , इस्लामी   मान्यता  के अनुसार  अल्लाह  ने  जैसे मुहम्मद  साहब  पर  कुरान   नाजिल  की थी  ,उसी तरह  मूसा को  तौरेत  , दाऊद  को  जबूर  और  ईसा को  इंजील नाजिल  की थी  . यहूदी  सिर्फ  तौरेत  और  जबूर  को  और ईसाई  इन तीनों  पर  ईमान  रखते हैं  ,क्योंकि   खुद  कुरान     ने  कहा है  ,

1-कुरान और तौरेत  का  अल्लाह  एक  है 

"कहो  हम  ईमान  लाये  उस  चीज  पर  जो ,जो हम पर भी  उतारी   गयी  है  , और तुम पर भी उतारी  गयी  है  , और हमारा  इलाह और तुम्हारा इलाह   एक ही है  . हम  उसी  के  मुस्लिम  हैं  " सूरा  -अल  अनकबूत 29:46 


""We believe in that which has been revealed to us and revealed to you. And our God and your God is one; and we are Muslims [in submission] to Him."Sura -al ankabut  29;46



    "وَإِلَـٰهُنَا وَإِلَـٰهُكُمْ وَاحِدٌ وَنَحْنُ لَهُ مُسْلِمُونَ  "

इलाहुना  व् इलाहकुम   वाहिद  , व्  नहनु  लहु  मुस्लिमून "

यही  नहीं  कुरान  के अलावा  अल्लाह  की  किताबों   में  तौरेत इसलिए  महत्वपूर्ण  है क्योंकि   कुरान  में तौरेत  शब्द  18  बार  और उसके  रसूल  मूसा का नाम  136  बार  आया   है   , यही नहीं  मुहम्मद  साहब  भी    तौरेत  और उसके  लाने वाले  मूसा  पर ईमान  रखते  थे  ,  जैसा की  इस हदीस में   कहा है  ,

"अब्दुल्लाह  इब्न  उमर  ने कहा   कि  एक बार  यहूदियों   ने  रसूल   को  अपने  मदरसे में   बुलाया  और ,अबुल  कासिम   नामक  व्यक्ति  का फैसला  करने को कहा  ,  जिसने  एक  औरत   के साथ  व्यभिचार   किया  था  . लोगों   ने  रसूल  को  बैठने के लिए  एक गद्दी  दी  , लेकिन  रसूल  ने उस  पर तौरेत  रख   दी  . और  कहा  मैं तुझ  पर और  उस पर  ईमान रखता हूँ   और  जिस पर तू  नाजिल   की गयी  है  , फिर रसूल ने कहा तुम लोग वाही करो  जो  तौरेत में लिखाहै  . यानी   व्यभिचारि  को  पत्थर  मार   कर मौत  की  सजा ,

(महम्मद  साहब   ने अरबी  में  कहा "आमन्तु बिक  व् मन अंजलक -  ‏ آمَنْتُ بِكِ وَبِمَنْ أَنْزَلَكِ ‏"‏ ‏.‏     " I believed in thee and in Him Who revealed thee.

सुन्नन  अबी  दाऊद -किताब  39  हदीस  4434 

इन  कुरान  और  हदीस  के हवालों  से  सिद्ध  होता है  कि  यहूदियों  और मुसलमानों  का अल्लाह एक  ही  है और  तौरेत  भी कुरान की तरह  प्रामाणिक    है  .
चूँकि  लेख  अल्लाह  और  उसकी  पत्नी  के बारे में है इसलिए हमें यहूदी  धर्म से  काफी पहले के धर्म  और  उनकी  संस्कृति  के बारे में  जानना    भी जरूरी  है  .

2-मीडियन  धर्म  क्या   था  ?
इतिहास के अनुसार  ईसा  पूर्व 2200 -1700  के  बीच पूर्वोत्तर  अरब  प्रायद्वीप  में  मीडियन धर्म  प्रचलित था  ,जिसे  अरबी में " मदयन -مدين‎    "   और  ग्रीक भाषा में  मीडियन - Μαδιάμ)"  कहा  जाता  था .इस  धर्म   का   प्रसार  अकाबा की  खाड़ी  से लाल  सागरकी   सीमा   तक  था  . मीडियन  लोग " बाअल  , और  बोएर   देवता  के  साथ  स्वर्ग  की  देवी अश्तरोथ ( Ashteroth  )  देवी  की  पूजा  करते  थे  , यह भी कहा जाता है कि  मदयं के जंगल में ही  मूसा   को एक  जलती  हुई  झड़ी  के पीछे  यहोवा  ने  दर्शन   दिए  थे  , इस के बाद  मदयन  के  लोग  भी  यहोवा  की  पूजा  करने  लगे  , और  यहोवा यहूदियों  के ईश्वर की तरह  यरूशलेम  में   पूजने  लगा  ,
 
3-अल्लाह को  कैसे  बनाया  गया  ?
जिस अल्लाह के  नाम पर  मुसलमान  सारी  दुनिया में    जिहादी  आतंक  फैला कर  रोज  हजारों  निर्दोष  लोगों  की हत्या  करते  रहते हैं  , उसी  अल्लाह के बारे में  एक   उर्दू  के  शायर में   यह  लिखा   है  ,

"शुक्र  कर खुदाया  , मैंने  तुझे  बनाया  , तुझे  कौन  पूछता  था  मेरी  बंदगी  से  पहले "

शायर की  यह   बात शतप्रतिशत  सत्य  है  क़्योकि इस्लाम  से पहले  अरब  में  कोई अल्लाह  का नाम  भी नहीं   जनता था    . यहांतक जिन  तौरेत  ,जबूर  और इंजील   को मुसलमान  अल्लाह  की   कुरान से पहले  की किताबें  कहते हैं  , उन में भी  अल्लाह  शब्द    नहीं   मिलता   है  ,
तौरेत  यानि   बाइबिल   के  पुराने  नियम   में ईश्वर  (God ) के  लिए हिब्रू  में " य  ह वे ह -  Hebrew: יהוה‎ "शब्द  आया   है    ,जो  एक उपाधि ( epithet  )  है  . तौरेत में  इस  शब्द का  प्रयोग तब से होने लगा जब  यहूदियों   ने  यहोवा  को इस्राएल और  जूडिया    का राष्ट्रीय  ईश्वर बना  दिया  था  , इस से पहले  इस भूभाग में फोनेशियन  और कनानी संस्कृति  थी   ,जिनके  सबसे बड़े  देवता का   नाम  हिब्रू में  "एल -  אל‎ " था  . जिसे  अरबी   में "इल -إل‎  "या  इलाह  إله-"  भी   कहा जाता था   , और अक्कादियन लोग  उसे "इलु - Ilu   "कहते थे . इन सभी  शब्दों   का  अर्थ  "देवता  -god "   होता   है  . इस  "एल " देवता को मानव  जाति  ,और सृष्टि  को पैदा  करने वाला   और "अशेरा -" देवी का पति माना जाता था .  (El or Il was a god also known as the Father of humanity and all creatures, and the husband of the goddess Asherah (בעלה של אלת האשרה) .सीरिया   के  वर्त्तमान" रास अस शमरा -رأس شمرا‎,  "  नामकी   जगह   करीब 2200  साल  ईसा पूर्व  एक मिटटी  की तख्ती  मिली  थी , जिसने  इलाह  देवता और उसकी पत्नी  अशेरा    के बारे में  लिखा     था  ,

पूरी  कुरान   में  269  बार  इलाह -  إله-"    " शब्द   का  प्रयोग   किया  गया   है   ,  और  इस्लाम  के बाद  उसी  इलाह  शब्द  के  पहले अरबी  का डेफ़िनिट आर्टिकल "अल -  ال"  लगा  कर अल्लाह ( ال+اله  ) शब्द  गढ़  लिया  गया   है  , जो आज मुसलमानों  का अल्लाह   बना हुआ है .  इसी  इलाह   यानी  अल्लाह की  पत्नी  का नाम  अशेरा  है   .

4-अशेरा   का  परिचय 

  अक्कादिअन   लेखों  में  अशेरा    को अशेरथ  (Athirath )  भी   कहा   गया  है   ,  इसे मातृृत्व और  उत्पादक    की  देवी   भी  माना जाता  था   , यह सबसे बड़े देवता "एल "  की  पत्नी  थी   .  इब्राहिम   से  पहले  यह  देवी मदयन  से  इजराइल  में   आगयी  थी।  इस्राइली इसे    भूमि केदेवी   भी   मानते थे।  इजराइल  के लोगों  ने  इसका  हिब्रू  नाम "अशेरह - אֲשֵׁרָה‎),  " कर  दिया  . और यरूशलेम  स्थित  यहोवा  के मंदिर में इसकी  मूर्ति  भी  स्थापित कर  दी  गयी थी  .अरब  के  लोग  इसे " अशरह -عشيره   "  कहते   थे  , और हजारों  साल  तक यहोवा   के  साथ   इसकी  पूजा  होती    रही   थी   .

5-अशेरा अल्लाह  की  पत्नी 

अशेरा   यहोवा  उर्फ़   इलाह  यानी  अल्लाह   की  पत्नी   है  यह बात  तौरेत  की  इन  आयतों  से साबित होती   है   ,  जो इस प्रकार है
   

"HWH came from sinai ,and shone forth from his own seir ,He showed himself from mount Paran ,yes he came among the  myriads of Qudhsu  at his right  hand , his own  Ashera indeed , he who loves clan and all his  holy ones  on his left "

"यहोवा  सिनाई  से  आया  , और सेईर से  पारान  पर्वत  से  हजारों  के बीच में खुद  को  प्रकाशित किया  , दायीं  तरफ कुदशु (Qudshu:( Naked Goddess of Heaven and Earth') और उसकी  "अशेरा ", और  जिनको वह  प्रेम  करता  है  वह   लोग   बायीं  तरफ   थे "

 
तौरेत  - व्यवस्था   विवरण 33 :2 -3 (Deuteronomy 33.2-3,)

नोट - ध्यान  करने  योग्य  की   बात है कि  तौरेत  में  हिब्रू (Hebrew )  भाषा  में  साफ़ लिखा  है  "यहोवा  व् अशेरती -  יהוה ואשרתו " यानी  यहोवा  और उसकी  " अशेरा " अंगरेजी में  "  Yahweh and his Asherah "यहाँ  पर    मुहावरे की  भाषा  का  प्रयोग  किया  गया  है  , यहोवा  और  उसकी  अशेरा का   तात्पर्य  यहोवा  और उसकी पत्नी  अशेरा   है    , जैसे  राम  और उसकी  सीता  का  तात्पर्य  राम और उसकी  पत्नी  सीता  होता   है .
6-तौरेत में अशेरा   का उल्लेख 

अशेरा का  उल्लेख  तौरेत  (Bible)की  इन  आयतों   में  मिलता   है
"उसने बाल  देवता  की  वेदी  के साथ  अशेरा  को भी  तोड़  दिया  " Judges 6:25).

" और  उसने अशेरा  की  जो  मूर्ति  खुदवाई उसे यहोवा के भवन में  स्थापित किया "(2 Kings 21:7

" और  जितने  पात्र अशेरा  के लिए बने हैं  उन्हें यहोवा के मंदिर से निकालकर लाओ "2 Kings 23:4)


"स्त्रियां  अशेरा  के लिए  परदे बना करती  थीं  "2 Kings 23:7).

"सामरिया  में  आहब ने अशेरा  की  मूर्ति   लगायी  "1 Kings 16:33).

मदयन  में  खुदाई में  इलाह  देवता   यानि  वर्तमान  अल्लाह   की  पत्नी  की  जो  मूर्ति  मिली   है   ,उसमे  अशेरा  के सिर पर  कलगीदार पगड़ी ,कन्धों  पर पंख  , हाथों  में आयुध  है  , और वह  दो  सिंहों  पर  खड़ी  है   , दौनों तरफ   उल्लू   है  ,और अशेरा   पूरी तरह  नग्न  है , अशेरा  की  फोटो  देखिये -Photo  of Ashera


 
http://www.bible-archaeology.info/Ishtar_BM.jpg


http://classicalwisdom.com/asherah-lost-goddess/

सोमवार, 2 फ़रवरी 2015

संभल जाओ ऐ मुसलमानो!!

हरेक धर्म  के अपने अपने सिद्धांत  और  मान्यताएं  है  , जिन्हें  संक्षिप्त  रूप  में किसी  आदर्श  वाक्य  या  मन्त्र  के रूप में याद किया  जाता  है  , और जब कोई व्यक्ति दूसरे धर्म को स्वीकार  करता है  ,तो  उसे नए  धर्म  की दीक्षा  देते  समय  ही नए धर्म  की मूलभूत  जानकारी देने के साथ अर्थ सहित   मूल मन्त्र   भी सिखा  दिया   जाता  है  . लेकिन  मुसलमान  बच्चे  का  जन्म  होते  ही उसके  कानों  में  कलमा  फूँक देते हैं  , मुस्लमान  समझते हैं की  ऐसा  करने से बच्चा   बड़ा  होकर   सच्चा  मुस्लमान  बनेगा . लेकिन  ऐसा  करने  से मुसलमानों  के  बच्चे बड़े  होकर जालिम  . बेरहम , जिहादी और  खुद मुसलमानों  के  हत्यारे  बन   जाते  हैं  . इसका  सबूत  इस्लामी  देश  पाकिस्तान   के पेशावर  की  दिनाक  16  दिसंबर 2014 की  जिहादी जन  संहार  की  घटना  से  मिलता  है  , जिसमे जिहादी  मुसलमानों   ने कलमा  पढ़वा कर 141 निर्दोष  लोगों  की मिर्मम  हत्या  कर  दी  थी   ,जिनमे 132 बच्चे ऐसे  भी   थे  , जिनको   यह भी  पता नहीं  था कि  कलमा  पढने   के   पर  मौत  मिलेगी  . और  अल्लाह भी उनको बचाने आएगा . पूरी   खबर  इस  प्रकार  है ,

पाकिस्तान के पेशावर के आर्मी स्कूल में आतंकियों की दरिंदगी की यह एक और कहानी है। यह बयां की है इस नरसंहार में किसी तरह जिंदा बचे इंजिनियरिंग के सेकेंड इयर के स्टूडेंट आमिर अली ने। इस हमले में अपने 10 दोस्तों में अकेले जिंदा बचे आमिर ने बताया कि आतंकियों ने गोली मारने से पहले उन्हें कलमा पढ़ने को कहा था .आमिर ने आगे बताया, 'हम आतंकियों से छिपने के लिए तुरंत क्लास की ओर भागे, लेकिन वे हमारा पीछा करते हुए क्लास तक आ गए। उन्होंने हमें ढूंढ लिया। वे सलवार कमीज पहने हुए थे। उन्होंने हमसे बस एक बात कही- कलमा पढ़ो।'
यही  खबर  अंगरेजी  में  देखिये  .

http://tribune.com.pk/story/807619/they-asked-us-to-read-the-kalma/


“I was sitting in the corridor with 10 of my classmates when we heard firing. We immediately ran towards the classroom to hide there but the militants chased us down and found us. They were dressed in shalwar kameez and the only thing they told us is: ‘read the kalma’,” said Ali, remorsefully adding that he was the only one of his 10 friends that survived the attack.

The ExpressTribune-By Umer Farooq / AFP Published: December 16, 2014

पाकिस्तान के पेशावर शहर में तालिबानियों ने बच्चों को मारने से पहले बच्चों से कालिमा पढने को बोला. ये कालिमा वो होता है जो मुसलमान को मुसलमान बनाता है. वह कालिमा जो आतंकियों ने बच्चों के सिर में गोली मारने से पहले पढ़वाया उस कालिमे का अनुवाद है,
"नहीं है कोई परमेश्वर सिवाए अल्लाह के, और मुहम्मद उसके पैगम्बर हैं" 
यही कालिमा इस्लाम की शुरुवात है. यही कालिमा आइसिस(ISIS) के काले झंडे पर लिखा हुआ है. यही कालिमा जानवर को काटने से पहले कसाई भी पढता है तभी उस जानवर का मांस मुसलमानों के लिए हलाल होता है. आइसिस भी किसी का गला काटने से पहले ये कालिमा पढता है, और आतंकवादियों ने भी बच्चों पर गोलियां दागने से पहले यही कलिमा पढ़वाया. तो फिर भला वे जो आतंकवादी पेशावर में बच्चों का कत्ल करके चले गये क्या वे मुसलमान नहीं थे? बोलते रहो कि तालिबान और आइसिस मुस्लमान नहीं है?

इस घटना  से  मुसलमानों  को अच्छी  तरह  से समझ लेना चाहिए कि चाहे वह  जन्म  से लेकर जिंदगी भर तोते की तरह  कलमा रटते रहें  , संकट के समय  न तो रसूल   उनकी  मदद  को  आएगा  , और   न  ही  अल्लाह  ही न कुछ   कर  पायेगा  . तो  ऐसे  रसूल और अल्लाह  का कलमा  रटने से   क्या  फायदा  . क्योंकि   जब  तक  इस्लाम  रहेगा  , जिहादी  आतंक  चलता   रहेगा   , बेकसूर  लोग  इसी तरह  मारे  जात्ते  रहेंगे   . मानवता   के  शत्रु  जिहादी  नहीं  इस्लामी  शिक्षा  है  

, कौन सुनेगा ये दलील?

http://navbharattimes.indiatimes.com/world/pakistan/they-asked-us-to-recite-the-kalma/articleshow/45550959.cms

शनिवार, 10 जनवरी 2015

झूठे असदुद्दीन ओवैसी का मुंह काला !!

आज   सारी दुनिया  के लोग मान रहे हैं  कि इस्लाम  और  आतंकवाद  पर्यायवाची  शब्द  बन  गए  हैं  , जिस से पूरी  मानव  जाती को   खतरा  पैदा    हो गया  है  , भारत के लिए   यह  खतरा  अधिक  है   , क्योंकि  भारत में  जितने  मुसलमान   है  , उनके पूर्वज  कभी हिंदू थे  , जिनका जबरन   या  धोखे से धर्म  परिवर्तन   किया  गया  था  , धर्म  परिवर्तित   लोग  ही आतंकवादी    बन   कर अधिक खतरनाक   बन  जाते हैं  .क्योंकि इनको इस्लाम  की  असलियत   पता  नहीं  होती  , और   चालाक  मुल्ले  इनको  कुरान  और  हदीसों  के उलटे  सीधे  अर्थ  समझा  कर जिहादी  बना देते हैं  , यह बात  देश  की  अखंडता  और  सुरक्षा  के  लिए संकट  पैदा   करती   रहती  , और  जब  इस  समस्या  का  हल  करने  के उद्देश्य  से अज्ञानवश या  मजबूरी  से  बने  मुसलमानों  को फिर  से हिन्दू  धर्म  में  वापिस  लेने के  लिए "घर  वापसी " अभियान प्रारम्भ  कर दिया गया   ,तो इस्लाम के दलालों ,  एजेंटो   और  मुल्ले  मौलवियों  को  इस्लाम  खतरे  में   दिखाई  देने लगा   ,  और बौखला  कर सभी  हिन्दू  संगठनो पर  साम्प्रदायिकता फ़ैलाने का  आरोप  लगाने  लगे  . और  इस्लाम  के आतंकी रूप पर बुरका   डालने  के लिए  खुद  को  सेकुलर  होने  का ढोंग  रचाने  लगे  .
ऐसे ही  एक  इस्लाम के ठेकेदार और  नेता  का  नाम  " असदुद्दीन ओवैसी--اسد الدین اویسی " है  .  जो  अपने  अनर्गल और  भड़काऊ  बयानों  के लिए  कुख्यात  है  . यह व्यक्ति राजनीति  में सक्रीय  होने के साथ "कुल  हिन्द मजलिसे  इत्तिहादुल मुस्लिमीन -کل ہند مجلس اتحاد المسلمين " नामकी संस्था  का  अध्यक्ष  भी  है

इसने अपना  जिहादी  रूप  दिखा कर 5  जनवरी  2015 सार्वजनिक रूप से सभी  हिन्दू संगठनों   को चुनौती देते हुए  कहा कि " दुनिया  में  जो भी  बच्चा  पैदा  होता  है  , मुसलमान   ही  होता  है (Everyone is born Muslim) .ओवैसी  का यह  भड़काऊ  (और झूठ )बयान   सभी  प्रमुख  अखबारों  में  छापा गया  और ओवैसी  की  निजी  साईट ( http://www.aimim.in/). में भी  डाला गया   है  ,यही नहीं
जी   न्यूज(zeenews )  में इस  विषय  पर एक   चर्चा   आयोजित  की   थी  . लेकिन दुर्भाग्य  से  कोई ऐसा  हिन्दू  नेता   नहीं था  जो  ओवैसी  के  झूठ की  पोल   खोल  देता  . सभी  हिन्दू नेता अपना  बचाव  करने में  लगे  रहे , इसके बाद  जब   इंडिया  टी वी  की  तरफ  से रजत  शर्मा  ने  ओवैसी  से  सवाल  किया  तो  ओवैसी  ने  यही  जवाब  दिया  , रजत  जी ओवैसी को झूठा साबित नहीं  कर  पाये  ,क्योंकि उनको न तो  कुरान  और  हदीस का ज्ञान  है  , और न अरबी  जानते   हैं

. तब आखिर में हमने ओवैसी की   चालाकी और झूठ  का भंडा फोड़ने  का निश्चय किया  . ओवैसी का पूरा  भाषण इस विडिओ  में   दिया  गया  है  ,Asaduddin Owaisi says all are born Muslims - Full Speech

https://www.youtube.com/watch?v=qINqPOttPR4


नोट- यह  विडिओ करीब   10  मिनट  का  है  , अतः निवेदन  है  कि दर्शक   इसे  ध्यान  से देखें  , इसमे  ओवैसी   ने कुल   चार  दावे किये हैं  ,इन   चारों   का सटीक  जवाब  दावे  के  साथ दिया जा रहा है,

1 -आदम   भारत    आया  था  , मुसलमान उसी  की संतान   है  ,इसलिये  भारत  मुसलमानों  के  बाप की  जायदाद  है

जवाब1 -आदम  भारत कभी नहीं आया 

कुरान और  हदीस में आदम  के  हिन्दुस्तान  में  आने  का   कहीं  भी  उल्लेख  नहीं  है  , कुरान   की  इस आयत  के अनुसार अल्लाह ने आदम  और उसकी  औरत को   अलग  अलग  करके  जन्नत  से  निकाल  कर  जमीन  पर  फेक दिया   था  , कुरान में कहा है  "

" उतर  जाओ ,तुम  एक दूसरे  के   दुश्मन  हो  , तुम्हारे  के लिए  एक  नियत  समय  के लिए धरती में ठिकाना और निर्वाह   की   सामग्री  है  . और वहीँ  तुम्हें  जीना  और  वहीँ  मरना है  " सूरा -अल  आराफ़ 7:24 -25


" قَالَ اهْبِطُوا بَعْضُكُمْ لِبَعْضٍ عَدُوٌّ وَلَكُمْ فِي الْأَرْضِ مُسْتَقَرٌّ وَمَتَاعٌ إِلَىٰ حِينٍ   "7:24

नोट -इस आयत   में  साफ़  लिखा है " इहबीतू -  اهْبِطُوا  "(  get  down)   ,"फिल अर्ज -  فِي الْأَرْضِ  "  ( in the Earth ) . अर्थात धरती में  रहो .आदम को  भारत  आने और  रहने  की  बात  सरासर झूठ  और  ओवैसी   के खुराफाती   दिमाग की  चालाकी  है
आदम  और  हव्वा  कहाँ रहे थे  ?
कुरान  के अनुसार  अल्लाह  ने आदम और  हव्वा  को  अलग  अलग   करके  धरति  पर   भेज  दिया  था  , फिर वह  दोनो  कहाँ   गए  इसका विवरण  कुरान  और  हदीस  में  नहीं  मिलता   . लेकिन  बाद में एक  मुस्लिम लेखक   ने इनके बारे में यह लिखा है   "
"जब  अल्लाह  ने  आदम  और  हव्वा को  जन्नत  से  निकाल  दिया  तो  आदम  "सरानीब -سرانديب   " नामकी   जगह में  एक   टापू  के  पर्वत पर  गिर  गया , इस जगह   का नाम   श्री  लंका है  , और आदम  की  पत्नी  हव्वा ईराक  के  शहर बसरा  के  पास  एक जगह " अल उबुल्ला اُبُللا-  "    में  गिरी  थी  . आदम   अकेला ही  लंका  में  130 साल  रहा  ,और  वहीँ  मर  गया
 .

"Adam descended from Paradise into , in a land called Sarandib (Syri Lanka, now-a-days). Hawwa’ (Eve) descended in a location different from Adam. Iblis, descended into an area in present-day Iraq, now a town named al-Ubullah (next to al-Basrah. where he had lived for 130 years"

फिर ओवैसी  हिंदुस्तान  को  अपने  बाप  की  जायदाद  किस  आधार पर  कह  सकता है  ? ,जबकि  आदम  और हव्वा का  भारत  से कोई सम्बन्ध    नहीं  है


आदम   शिखर  ( 7,357 feet high )आज  भी  लंका  में  मौजूद   है  , यह  उसकी  तस्वीर  है .लंका   में आदम  शिखर

http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/a/a2/Sri_Pada.JPG

अधिक  जानकारी के  लिए   यह  साईट  देखिये

http://mapwalk2012.clevelandhistory.org/mountain-of-sarandib-adams-peak/

आदम  और हव्वा  के लंका में  रहने  की  जानकारी   इस  इस्लामी  साईट  में   से ली गयी है

http://islambrowser.blogspot.in/2012/10/nur-muhammad.html

2 -मुहम्मद  ने  कहा था  कि  मुझे   हिंदुस्तान  की ठंडी  हवाएँ आती  है  , यानि  मुहम्मद भारत को   चाहते  थे

जवाब 2-भारत  से ठंडी हवाएँ  आती है ?

मुहम्मद  ने जिंदगी  में ऐसा  कभी  नहीं   कहा    कि  मुझे  हिन्दुस्तान  की ठंडी  हवाएँ  आ रही है  , और न किसी  हदीस   में यह उल्लेख   है , यह बात   तो अली ने कही थी  , क्योंकि अरब  के लोग   मानते थे की भारत  ठंडा देश  है  , और जब  भी पूरब  से ठंडी  हवा  चलती थी तो  लोग कहते थे यह  हिंदुस्तान  की  हवा है  , यही   बात  अली   ने  कही  थी    अल  हाकिम  ने  अपनी  किताब  में लिख  दी है

"अब्बास ने  कहा  कि , अली  इब्न अबी  तालिब  ने  कहा  है " मैं  हिदुस्तान    से आने  वाली  ठंडी  हवायें महसूस कर रहा  हूँ  "


عن ابن عباس رضي الله عنهما ، قال : قال علي بن أبي طالب : أطيب ريح في الأرض الهند 

Ibn Abbas (RA) said, Ali (RA) said: "I feel cool breeze from Hind."

Mustadrak Al-Haakim Hadith 3954.

नोट - यह बात   मुहम्मद  के चचेरे  भाई  और  दामाद   अली  ने  कही  थी  , इसका उल्लेख  किसी  भी  हदीस  की  किताब  में नहीं   है  ,  इसे  मुहमद  साहब  के  करीब  300  साल  बाद  ईरान  के  इतिहासकार "अबू  अब्दुल्लाह  मुहम्मद बिन  अब्दुल्लाह  अल  हाकिम - أبو عبدالله محمد بن عبدالله الحاكم   "  ने  अपनी  किताब  " मुस्तदरक अल हाकिम - مستدرك الحاكم"में  दर्ज   किया  है। अल  हाकिम  का  काल (933 - 1012)  ईसवी है .  मुहम्मद साहब  ने  ऐसा कभी  नहीं  कहा  कि  मुझे  हिंदुस्तान  की  ठंडी  हवाएँ  महसूस  हो  रही  हैं  ,  इसके विपरीत  वह    भारत  पर  हमला  करके  उसकी   दौलत  लूटने  की  योजना बना   रहे  थे  , लेकिन  मर जाने से  उनकी  इच्छा पूरी  नहीं   हो पायी  , इसका  सबूत  इस हदीस  से मिलता   है
हिंदुस्तान  पर  हमला -

" अबू  हुरैरा  ने  कहा  कि  रसूल  ने  हम  लोगों  से  वादा  किया  कि हम   हिंदुस्तान  पर  हमला   करेंगे  ,और उसकी दौलत के लिए खुद को  शहीद  होते हुए    तक देखना चाहूंगा  ,और  यदि  मैं  जिन्दा रहा  तो मेरे  साथ  दौलत होगी  , और  अगर  में मर  गया  तो मैं  सबसे  बड़ा  शहीद  माना  जाऊंगा  "

"The Messenger of Allah  promised that we would invade India. If I live to see that I will sacrifice myself and my wealth. If I am killed, I will be one of the best of the martyrs, and if I come back, I will be Abu Hurairah Al-Muharrar."

"عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ وَعَدَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم غَزْوَةَ الْهِنْدِ فَإِنْ أَدْرَكْتُهَا أُنْفِقْ فِيهَا نَفْسِي وَمَالِي وَإِنْ قُتِلْتُ كُنْتُ أَفْضَلَ الشُّهَدَاءِ وَإِنْ رَجَعْتُ فَأَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ الْمُحَرَّرُ   "

 Sunan an-Nasa'i - Vol. 1, Book 25, Hadith 3176

इसलिए  हर  मुसलमान  मुहम्मद   की यह  अधूरी इच्छा  पूरी  करने के  लिए  भारत के बहार और भीतर  आतंकी वारदातें  करते  रहते  हैं  , ताकि  भारत की  दौलत   मुसलमानों  के  हाथों  आजाये

3 -हर  बच्चा  जन्म  से  मुस्लमान होता है ? , इसलिए उसका धर्म   बदलना   गलत है

जवाब 3-कुरान   में  एक  भी ऐसी  आयत  नहीं  है ,जिसमे  कहा  गया हो  कि पैदा  होने वाला  हरेक  बच्चा  मुस्लमान  होता   है  , लेकिन  एक  हदीस है जिसका  गलत  अर्थ  करके मुसलमान   चालाकी  से यही  साबित करते  हैं  ,   मूल  हदीस इस  प्रकार  है

"रसूल   ने कहा  कि  हरेक   बच्चा  अपनी  फितरत   के  साथ  पैदा  होता  है  , अभिभावक  उसे  यहूदी  .  ईसाई   , मुशरिक    बना  देते  हैं "
सही मुस्लिम -किताब 33  हदीस 6426 


The Prophet Muhammad said, "No babe is born but upon Fitra . It is his parents who make him a Jew or a Christian or a Polytheist."

"‏"‏ مَا مِنْ مَوْلُودٍ إِلاَّ يُلِدَ عَلَى الْفِطْرَةِ فَأَبَوَاهُ يُهَوِّدَانِهِ وَيُنَصِّرَانِهِ وَيُشَرِّكَانِهِ

(Sahih Muslim, Book 033, Number 6426)
इस  हदीस  का अंगरेजी  में   सही  अर्थ यह  है  (EVERYONE IS BORN ACCORDING TO HIS TRUE NATURE).इस पूरी  हदीस   में  मुसलमान  शब्द  तक  नहीं  है  , फिर  ओवैसी  जैसे  धूर्त  किस  मुंह  से  कहते हैं  कि  हर   पैदा होने  वाला  बच्चा  मुसलमान   ही  होता  है ? यह  झूठ   नहीं   तो क्या  है  ?हर  बच्चा  जन्म   से  हिन्दू  होता  है  , लिंग   कटाने से  मुस्लमान   बनाया  जाता है  ,यदि  ओवैसी  की बात सही है तो  उसकाअल्लाह  हर बच्चे का लिंग कटा  हुआ   पैदा  क्यों  नहीं  करता ?

4 -इस्लाम   में  जबरदस्ती  नहीं  है  ,लोग ख़ुशी  से  मुस्लमान बन रहे हैं

वाब 4- धर्म  में  जबरदस्ती   नहीं   है ?
धर्म  में  जबरदस्ती   नहीं  है  , कुरान  का  यह आदेश   सबके  लिए  , और    हमेशा  के लिए नहीं   है  , मुहम्मद ने  यह बात  बनु  नजीर  के  यहूदियों  को  कहा  था  , यह  बात  इस  हदीस   में  मौजूद  है ,
" इस्लाम  से पहले  जब  किसी  महिला के बच्चे  अकाल  मृत्यु   मर  जाते  थे  ,तो  वह बच्चे  की  दीर्घायु  के  लिए यहूदी  मंदिर में जाकर कसम  खाती  थी कि यदि मेरा  अगला  बच्चा  दीर्घायु  होगा तो  मैं  उसे  यहूदी  बना   कर  मंदिर  को  सौंप  दूँगी  . उस  समय  अंसारों  के   ऐसे कई  बच्चे यहूदियों  के  पास थे ,तब  मुहमद  ने बनु  नजीर  कबीले  के यहूदी  रब्बी  को  सुना  कर   कुरान   की  यह  आयत  कही  थी ,
" धर्म  के  विषय   में  जबरदस्ती   नहीं    है  "सूरा  - बकरा  2:256 

"لَا إِكْرَاهَ فِي الدِّينِ   "2:256

"there is no compulsion in religion"2:256


When the children of a woman (in pre-Islamic days) did not survive, she took a vow on herself that if her child survives, she would convert it a Jew. When Banu an-Nadir were expelled (from Arabia), there were some children of the Ansar (Helpers) among them. They said: We shall not leave our children. So Allah the Exalted revealed; "Let there be no compulsion in religion."


"فَأَنْزَلَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ ‏{‏ لاَ إِكْرَاهَ فِي الدِّينِ قَدْ تَبَيَّنَ الرُّشْدُ مِنَ الْغَىِّ ‏}‏ "

Sunan Abu Dawood, Book 14, Hadith 2676 (Arabic: سنن أبي داود‎, )

इतिहास गवाह  है  कि इस्लाम  के जन्म से लेकर  आज  तक  मुसलमान   गैर मुस्लिमों  को जबरन   इस्लाम  काबुल करने पर  विवश  कर रहे हैं  , जो  ओवैसी  के इस झूठ  को मानेगा  उसको  अपने  दिमाग  का इलाज  करवाना  चाहिए  !देखते  है  कौन  इस्लाम  का  एजेंट  इस  लेख  के प्रमाणों  को  गलत  साबित  करता है  ?
हमने  तो  पुख्ता  सबूत देकर  असादुद्दीन   ओवैसी  के   झूठ  का भंडा  फोड़   कर  उसका  मुंह  काला  कर  दिया  ,