रविवार, 10 जून 2018

मुहम्मदी अल्लाह के एकत्व और निराकारता भंड़ाफोड़ !

आप सभी ने देखा होगा कि जब भी मुसलमानों  से  भारत माता की जय  कहने या वन्दे मातरम  बोलने को कहा जाता है  तो वह साफ़ मना कर देते हैं  ,  यही नहीं  अगर उनको किसी हिन्दू आयोजन  में बुलाया जाता है तो भी  वह नहीं  जाते  ,  और न किसी हिन्दू महापुरुष का सम्मान करते  है , मुस्लिम  हमेशा यही उत्तर  देते हों  कि हम  अल्लाह  के सिवा न तो किसी को प्रणाम  करते है  और न अल्लाह के सिवा किसी  के आगे झुकते  हैं  ,  मुसलमानों  के इस अड़ियल  और अहहिष्णु  विचार को 'तौहीद -  " कहा  जाता  है  ,इसे हिंदी  में एकेश्वरवाद (Monotheism )  कहा जाता  है , मुस्लिम इस विचार को इस तरह निरूपित करते हैं  ,कि जैसे एकेश्वरवाद  की  खोज इस्लाम   की खोज  है  , जबकि इस्लाम से हजारों  साल पहले  ही वेद  में एक ईश्वर   की बात कह दी थी  ,
एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति "यह देख कर अधिकांश नादान हिन्दू यह समझ लेते हैं  कि  वेदों  की तरह इस्लाम भी एकेश्वरवाद  का हिमायती  है   ,पहले हमें  यह जानना जरूरी है  कि वैदिक  धर्म कर्म  के सिद्धांत पर आधारित  है  ,यानी व्यक्ति जैसे कर्म करेगा वैसा ही फल पायेगा ,  इस से कोई अंतर नहीं  होता कि कोई एक ईश्वर को माने या  दो को (जैसे पारसी  ) या ईश्वर को बिलकुल नहीं माने जैसे बौद्ध और जैन  ,  या वैज्ञानिक जो नेचर को मानते है  ,  लेकिन लोग नहीं जानते कि जब मुस्लमान  एक ही अल्लाह की इबादत करने पर जोर देते हैं  तो उसके पीछे बड़ा भरी  षडयंत्र   है ,वास्तव में मुहम्मद के समय में कई लोग ऐसे थे जो  अल्लाह बने हुए थे , लेकिन मुसलमानों  ने इस बात को छुपा रखा  था  , और  कहते रहे कि हमारा निराकार  है. लेकिन कुरान में  खुद अल्लाह ने स्वीकार किया है कि वह एक सत्ता नहीं एक समूह है ,
 यह आयत देखिये ,
"وَأُخْرَىٰ لَمْ تَقْدِرُوا عَلَيْهَا  "48:21
(व उखरा लम  तकदिरू अलैहा )
" हमारे अलावा और भी हैं जिन पर तुम कुदरत नहीं पा सके " सूरा -अल फतह 48 :21
"and there  are others you had not  power over them "
( 2nd person masculine plural imperfect verb, jussive mood )

भावार्थ -यह है कि अल्लाह कहता है कि मेरे अतिरिक्त ऐसे और भी हैं  , जिन पर तुम्हारा बस नहीं नहीं सका ,अर्थात मुहमद के समय मुसलमानों के अल्लाह जैसे और भी अल्लाह  मौजूद  थे , और यह बात भी तय है कि वह अल्लाह निराकार नहीं  साकार ही रहे होंगे   , पूरी दुनिया अच्छी तरह से जान चुकी है कि लड़ना झगड़ना मुसलमानों का स्वभाव  है  , और कुदरती बात है कि जब अनेकों अल्लाह  होंगे तो उनमे झगड़ा होना स्वाभाविक   है  ,  और जब हरेक अल्लाह खुद को असली और दूसरे को नकली बताने लगा तो  , मुहम्मद ने असली यानी  अपने अल्लाह की निशानी लोगों  के सामने पेश  कर दी

1--अल्लाह की पहिचान जाँघों से 
अल्लाह की सही पहिचान इबादत से नहीं बल्कि उसकी जांघों से होती है , इसलिए मुल्लों , और सभी मुसलमानों को चाहिए कि पहले अल्लाह के नीचे के कपडे निकल कर जांघें देख लें . फिर उसे सिजदा करें , यही रसूल ने कहा है , देख लो .
"सईदुल खुदरी ने कहा कि रसूल ने बताया ,कि अल्लाह कई प्रकार के हैं और कब कोई कहेगा कि मैं ही तुम्हारा अल्लाह हूँ , तो तुम कहोगे तू मेरा अल्लाह नहीं हो सकता और तुम उस से बात नहीं करोगे .तब लोगों ने पूछा कि हम उसे कैसे पहिचानें ,रसूल ने बताया जाँघों से .और जब अल्लाह नेअपनी जांघ उघाड़ कर दिखाई तो लोग पहिचान गए और सिजदे में गिर गए ."
Sahih Al-Bukhari, Volume 9, Book 93, Number 532s


" فَيَأْتِيهِمُ الْجَبَّارُ‏.‏ فَيَقُولُ أَنَا رَبُّكُمْ‏.‏ فَيَقُولُونَ أَنْتَ رَبُّنَا‏.‏ فَلاَ يُكَلِّمُهُ إِلاَّ الأَنْبِيَاءُ فَيَقُولُ هَلْ بَيْنَكُمْ وَبَيْنَهُ آيَةٌ تَعْرِفُونَهُ فَيَقُولُونَ السَّاقُ‏.‏ فَيَكْشِفُ عَنْ سَاقِهِ فَيَسْجُدُ لَهُ كُلُّ مُؤْمِنٍ، وَيَبْقَى مَنْ كَانَ يَسْجُدُ لِلَّهِ  "
Narrated Abu Sa’id Al-Khudri:
Then the Almighty will come to them in a shape other than the one which they saw the first time, and He will say, ‘I am your Lord,’ and they will say, ‘You are not our Lord.’ And none will speak: to Him then but the Prophets, and then it will be said to them, ‘Do you know any sign by which you can recognize Him?’ They will say. ‘The Shin,’ and so Allah will then uncover His Shin whereupon every believer will prostrate before Him

Sahih Al-Bukhari, Volume 9, Book 93, Number 532s


Reference : Sahih al-Bukhari 7439
In-book reference : Book 97, Hadith 65
USC-MSA web (English) reference : Vol. 9, Book 93, Hadith 532

पाठक खुद ही समझ लें कि अल्लाह ने अपनी जांघें उघाड़ कर लोगों को  ऐसी कौन  से चीज दिखाई  होगी जिसे  देख कर लोग फ़ौरन जान गए कि यही   हमारा  असली अल्लाह  है  ,  और तुरंत उसको सिजदा कर दिया 

विमम्र  निवेदन  - पाठकों  से अनुरोध  है कि इस लेख को सेव कर लें और सबको भेज दें  क्योंकि मुस्लिम कहेंगे की यह हदीस गलत  है  , इसलिए हमने हिंदी अंगरेजी और अरबी भी दे दी  है  , लोगों  को पता नहीं होगा की मुस्लिम  मुल्ले  हदीसों की दो तरह से नम्बरिंग करते  है   ,  पहला अरबी सिस्टम दूसरा अंगरेजी सिस्टम   इसलिए हमने दोनो  नंबर  दे दिए ,ताकि कोई शंका  न  रहे

देखा गया है की जब  भी मुल्लों  से अल्लाह के होने का साबुत माँगा जाता है तो वह कुरान पेश कर देते हैं  कि कुरान अल्लाह की वाणी  है इन  प्रमाणों  से सिद्ध हो जाता है कि अल्लाह अनेकों रहे होंगे  , जैसे  शिया अली को ही अल्लाह  मानते हैं  क्योंकि उनके अनुसार कुरान अली की रचना   है  ,  और अगर हम कुरान को अल्लाह के होने का सबूत मान लें तो कुरान में शैतान की आयतें  भी हैं  जहाँ तक अल्लाह के साकार होने की बात है तो हम बता चुके है ,की अल्लाह काना है ,उसके दौनों  हाथ दाहिने कंधे में लगे हैं  ,  अल्लाह मोटा और भारी  है , उस समय उसकी आयु 60  साल के लगभग  रही होगी  , 

यह बात अगले लेख में विस्तार  से दी  जाएगी  (सन्दर्भ लेख (200 /50 )



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रविवार, 7 जनवरी 2018

मुस्लिम औरतें जहन्नम के लायक !

मुसलमान अक्सर यह दावा करते हैं कि अल्लाह की नजर में स्त्री और पुरुष दोनों समान हैं .और क़यामत के दिन दोनों को उनके कर्मों के अनुसार फल दिया जाएगा .और यह तय किया जाएगा कि कौन जन्नत में जाएगा और कौन जहन्नम में जाएगा .अल्लाह किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करेगा .लेकिन यह बात सरासर झूठ है .मुस्लिम औरतों को पता होना चाहिए कि मरने के बाद उनको हमेशा के लिए जहन्नम में डाल दिया जाएगा .चाहे वे कितनी भी नमाजें पढ़ें ,या रोजे रखें .उनका प्यारा रसूल खुद उनको जहन्नम में ठूंस देगा .और वे जहानम से कभी नहीं निकल पाएंगी .यह बात सभी हदीसों में लिखी है .

1 -मुहम्मद का औरतों से नफ़रत का कारण .
सब जानते हैं कि मुहम्मद को अरतों का बहुत शौक था .वह दुनिया की सारी औरतों को अपनी सम्पत्ती मनाता था.और चाहता था कि अरबी ,यहूदी ,रोमन ,इरानी सभी तरह की औरतें उसके पास हों .लेकिन उसके भाग्य में जादातर विधवा औरतें ही आयी थीं ..इतिहासकारों के अनुसार मुहम्मद कुरूप ,मोटा ,स्थूल और भद्दा था ,देखिये -सुंनं अबू दाऊद-किताब 40 हदीस 4731 
.फिर लड़ाई में मुहम्मद के आगे के दांत टूट जाने से वह और बदशक्ल हो गया था .मुहम्मद के दुष्ट स्वभाव और भयानक सूरत के कारण औरतें उस से दूर रहती थीं .इसीलिए मुहम्मद बलात्कार करता था .और मुहमद ने औरतों को भोग्या और दुनिया का सबसे निकृष्ट जीव बता कर औरतोंको जहन्नम के योग्य बताकर अपनी खीज निकाली है ,जो दी गयी हदीसों से प्रकट होती हैं .देखिये -

2 -औरतें निकृष्ट जीव है .
"इब्ने उम्र ने कहा कि रसूल ने कहा कि औरतें दुनिया की सबसे घटिया मखलूक हैं .और्हर तरह से जहन्नम में जाने के योग्य हैं "

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 31 
बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 6 

3 -औरतें जहन्नम के योग्य है .

सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि सारी औरतें एक बार नहीं तीन तीन बार जहन्नम में भेजने के योग्य हैं ."
सही मुस्लिम -किताब 3 हदीस 826 .और सुंनं मसाई -जिल्द 2 हदीस 1578 पेज 342 

4 -औरतें जहन्नम का ईंधन हैं .

"इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि औरतें तो जहन्नम का ईंधन हैं ,जिन से जहन्नम की आग को तेज किया जाएगा ."
बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 124 और मुस्लिम -किताब 36 हदीस 6596 

5 -99 प्रतिशत औरतें जहन्नम जायेंगी 
"इमरान बिन हुसैन ने कहाकि रसूल ने कहा कि ,जहन्नम को औरतों से भर दिया जाएगा .यहांतक कि दूसरों के लिए कोई जगह नहीं रहेगी "
बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 464 
"अब्दुला इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह बिना किसी भेदभाव के सारी औरतों को जहन्नम में दाखिल कर देगा .जाहे वे कितनी ही नमाजी और परहेजदार क्यों न हों "
बुखारी -जिल्द 1 किताब 2 हदीस 28 और बुखारी -जिल्द 2 किताब 2 हदीस 161 

6 -जहन्नम औरतों से ठसाठस भर जायेगी .

"इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि मैं जहन्नम को औरतों से ठसाठस भरवा दूंगा .और देखूंगा कि कोई खाली जगह न रहे "

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 125 और बुखारी -जिल्द 6 किताब 1 हदीस 301 और मिश्कात -जिल्द 4 किताब 42 हदीस 24 

7 -अल्लाह ने यह तय कर लिया है 
"सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह ने यह पाहिले से ही तय कर लिया है कि ,वह जितनी भी औरतें है उन सबको जहन्नम की आग में झोंक देगा .ओर इस में किसी भी तरह कि शंका नहीं है ."
बुखारी - जिल्द 7 किताब 62 हदीस 124 .
तिरमिजी -हदीस 5681 और मिश्कात -जिल्द 4 किताब 42 हदीस 24 

8 -औरतों को यह सजाये मिलेंगी 
"सैदुल्खुदारी ने कहाकि ,रसूल ने कहा कि ,जहन्नम में अधिकाँश औरतें ही होंगी .और उनको दर्दनाक सजाएं दी जायेंगी .सबसे पाहिले छोटे छोटे पत्थरों को गर्म किया जाएगा .फिर उन पत्थरों को औरतों की छातियों पर रख दिया जाएगा .जिस से उनकी छातियाँ जल जायेगी .फिर उन गर्म पत्थरों को औरतों के आगे और पीछे के छेदों (vagina और anus )में घुसा दिया जाएगा ,जिस से उनको दर्द होगा ,और यह सब मेरे सामने होगा
बुखारी -जिल्द 1 किताब 22 हदीस 28 
9 -जहन्नम के चौकीदार भी 

"रसूल ने कहा कि जहन्नम के चौकीदार होंगे ,और अगर कोई और बाहर निकलनेकी कोशिश करेगी तो उसे वापिस जहन्नम में डाल दिया जाएगा "इब्ने माजा -किताब१हदीस 113 पेज 96 

10 -जहन्नम कैसी है 

जहन्नम में खून का पानी (मवाद )पिलाया जाएगा .सूरा इब्राहीम -14 :15 -17 
लोहे की बेड़िया होंगी ,और खाने को कांटे होंगे .सूरा मुज्जम्मिल -73 :12
आग से बने हुए कपडे होंगे ,सर पर गर्म पानी डाला जाएगा ,लोहे कि गुर्ज (hooked rods )से धुनाई होगी .
सूरा हज्ज -22 :19 -21
जहन्नम में सदा के लिए रहना होगा ".सूरा अत तौबा -9 :63 

इन सभी विवरणों से साबित होता है कि ,इस्लाम में औरतों के लिए कोई जगह नहीं है .और अल्लाह के साथ रसूल भी औरतों का शत्रु है .जब अलाह ने अभी से यही तय कर लिया है कि वह हरेक औरत को जहन्नम में भेज देगा तो .मुस्लिम औरतें भी जहन्नम में जायेंगी उनका अल्लाह कि इबादत करना बेकार जाएगा .जीवित रहते तो मुस्लिम औरते अलाह के जंगली कानून शरियत के कारण जहन्नम भोग रही हैं ,और मरने पर भी उनको जहन्नम ही मिलेगी ..
इस से बचने का एक ही रास्ता है कि,कुंवारी मुस्लिम लड़कियां फ़ौरन किसी हिन्दू या गैर मुस्लिम लडके से शादी कर लें .ताकी उनकी जन्नत या स्वर्ग में जाकर आराम से रह सकें और इस जीवन में भी अल्लाह के अत्याचारों से बच सकें .

(87/5)



सोमवार, 18 दिसंबर 2017

सोनिया का गुप्त रोग और मुक्त भोग !!

यदि   सोनिया  गांधी  को  दुनिया की  सबसे  बड़ी  रहस्यमयी  महिला   कहा  जाये ,तो अधिकांश लोग  इस बात   से सहमत  हो जायेंगे , क्योंकि  काग्रेसी भी  सोनिया   के  बारे में  जितना  जानते  हैं  ,उस से  हजारों  गुना  नहीं जानते  है ,इसके दो  मुख्य  कारण  यह  है , एक तो सोनिया  ने अपने  जन्म स्थान  , जन्म  की तारीख   , और शिक्षा  के  बारे में  जो  भी  जानकारी  दी  है , वह सब झूठी  पायी   गयी .दूसरा  कारण  यह है  कि  सोनिया  अपनी  तरफ  से एक  भी वाक्य  नहीं  बोलती   बल्कि   उसे जो भी लिख कर दिया  जाता  है  , बिन अर्थ समझे  ही  बोल देती  है ,से  इस से  सोनिया  की असलियत  पर पर्दा पड़ा  रहता  है .राजिव  गांधी की  मौत  के  बाद  सोनिया निरंकुश  और  पद  लोलुप    होगयी   , और सत्ता  के लिए  कुछ  भी  करने   लगी  थी .    ऎसी  औरत  के बारे में  गोस्वामी  तुलसीदास  जी  ने  कहा  है ,
"महा बृष्टि  चलि  फूट किआरी , जिम सुतंत्र भएँ बिगरहिं   नारी "
रामचरित  मानस -किष्किन्धा कांड -दोहा 14 चौपाई 7
लेकिन  यह  एक  अटल  सत्य  है ,कि एक  व्यक्ति  एक व्यक्ति  को सदा   के लिए मूर्ख   बनाये  रखता  है , और एक व्यक्ति कुछ    लोगों को   कुछ  समय तक   मुर्ख  बना  सकता  है ,  लेकिन  एक व्यक्ति सभी लोगों  को सदा  के लिए  मूर्ख  नहीं  बनाये  रखता  ,
  यही  नियम  सोनिया  के  ऊपर  लागु   होता  है ,वैसे  तो  सोनिया लोगों  के सामने  खुद  को शरीफ  ,चरित्रवान  और  भोली  होने का  ढोंग  करती  आयी  है.,सत्ता  पाने  के  लिए सोनिया ने  जो रास्ता  अपनाया  था  उसे  जानकर  बेशर्मों  को  भी शर्म  आ जायेगी ,    कहावत है   जहाँ  भोग  वहाँ  रोग  जरुर  होता  है  और सोनिया  के साथ  यही  हुआ .क्योकि  इस साल  से पहले  सोनिया  जब  भी  बीमार  पड़ती  थी  , तो चुपचाप  से   विदेश  जाकर  अपना इलाज  करवा आती  थी . और लोग भी  इस  बात पर अधिक ध्यान नही देते थे ,और इसे सोनिया  का  निजी मामला  समझते थे ,लेकिन  जब 2 सितंबर 2013  सोमवार  को  जब  सोनिया  " खाद्य सुरक्षा  अधिनियम 2013 "(The National Food Security Bill, 2013  )    पर  अपना  वोट  देने  के  लिए संसद  में  जा रही थी  ,तो रास्ते में ही  अचानक  गिर  गयी   , और  वहाँ  मौजूद  लोगों  ने उसे सहारा  देकर  संसद  के भीतर  भेजा  था ,इसके बाद जब सोनिया संसद से  बाहर निकली  तो उसकी तरफ  से  जनार्दन  द्विवेदी  ने  मीडिया  से कहा कि  सोनिया  को इलाज के लिए   बाहर  भेजा  जा रहा  है ,यह  खबर सबसे पहले एन डी  टी वी ने  प्रसारित की थी ,  जिसकी हेडिंग  यह  थी "NDTV- September 02, 2013 -New Delhi:  Sonia Gandhi, president of the ruling Congress party, is expected to fly to the United States for a scheduled medical check-up, a news agency report said, just days after she took ill during a marathon parliament debate.

"Her going to the U.S. for a medical check-up is due," the Press Trust of India (PTI) news agency quoted an unnamed senior party leader as saying.Ms Gandhi, who underwent surgery in the United States for an undisclosed ailment in August 2011 flew there on September 2 last year for a check-up. She went again in February this year, the PTI report said.

अर्थात-  सत्ताधारी   पार्टी  कांग्रेस  की  अध्यक्ष  संसद  में  ही  बहस  के दौरान  बीमार  हो  गयी   है , इसलिए  उनकी  शल्य चिकित्सा   के  लिए अमेरिका  भेजने  की  व्यवस्था   की  जा  रही  है , इसके  पहले भी   वह   अगस्त  में  जाँच के लिए  अमेरिका   गयी  थी ,

और  इस  खबर  ने  लोगों  को यह  सोचने  के लिए  विवश  कर दिया कि  क्या भारत में  कोई एक भी ऐसा  डाक्टर  नहीं  है  जो सोनिया  का इलाज  कर सके  ? और सोनिया  को  कौनसी  बीमारी  है   ,जिसका  इलाज  सिर्फ  अमेरिका  में ही  हो  सकता  है ?
 लेकिन  उसकी   किस्मत  फूट  गयी  कि एक गुप्त   बीमारी  ने  सोनिया  शराफत   का  भंडा  फोड़  दिया .क्योंकि   लोगों ने सोनिया के रोग  के  रहस्य  से  पर्दा  उठा  दिया .पूरा  विवरण  इस प्रकार  है ,
1-अस्पताल  का नाम  और  पता 
चूँकि  सोनिया  कट्टर  ईसाई   है  ,इसलिए  वह  अमेरका  के  जिस अस्पताल  में इलाज  करवाने  गयी  थी  , उसे " पिसबिटेरिअन(Presbyterian )  चर्च    द्वारा  चलाया   जा रहा  है  , यह  ईसाईयों  का एक   सुधारवादी  संप्रदाय   है , जिसके  प्रतीक  चिन्ह  में   लैटिन  में  " ARDENS SED VIRENS  "लिखा  है इस अस्पताल  का  नाम  "York-Presbyterian Hospital/Weill   है .इसी के पास में एक और अस्पताल  है जहाँ  कैंसर  का इलाज  होता  है ,  इसका नाम" Memorial Sloan—Kettering Cancer Center 's"  (MCKCC  ) है .और  पूरा पता  इस  प्रकार  है ,
Address
Memorial Hospital
1275 York Avenue
(Between 67th and 68th Streets)New York, NY 10065.United States
Phone-
212-639-2000
Appointments
800-525-2225
Website

http://www.mskcc.org/

यह  विश्व  का सबसे  पुराना  और बड़ा कैंसर  का   अस्पताल   है .( the world’s oldest and largest hospital for treating cancer.)

2-सोनिया  के डाक्टर का परिचय 
सोनिया  का ऑपरेशन  करने  वाले डाक्टर  का  नाम "Dattatreyudu Nori -दत्तात्रेयुडु  नोरी " है .डाक्टर  नोरी M.D., FACR, FACRO   का  जन्म  आंध्र प्रदेश  के कृष्णा   जिले  में  हुआ  था  , और इन्होने  करनूल  में  मेडिकल  में अंडर ग्रेजुएशन     किया  था , फिर उस्मानिया  यूनीवर्सिटी  से   ग्रेजुएशन  करके न्यूयॉर्क  चले  गए ,  वहाँ  उनको ओंको लोजी executive vice chairman of the Radiation Oncology   विभाग में  वाइस चैयर मेन  बना  दिया  गया , फिर  बाद में नोरी  को कैंसर  विभाग  का   चीफ  बना दिया  गया .

3-सोनिया  का  सहयात्री  पुलोक चटर्जी 

जब  सोनिया  इलाज  के लिए   अमेरका  के लिए  रवाना  हो  रही  थी  ,तो उसके साथ  परिवार का  कोई व्यक्ति  नहीं   था ,केवल पुलोक  चटर्जी  नाम  का एक  व्यक्ति सोनिया  के  साथ  अमेरिका  गया  था . इस से  भी  लोगों  सोनिया की  बीमारी  पर शक  हो गया   कि इतनी गम्भीर  बीमारी होने  पर  भी  न तो मिडिया  को खबर दी  गयी और न  सोनिया  पुत्र  राहुल  को  कोई पता था  . राहुल और प्रियंका  आदि  तो  बाद  में  गए , वास्तव  में पुलोक  चटर्जी सोनिया  का "Officer on Special Duty to Sonia Gandhi "के  रूप  में  सोनिया  के साथ  गया  था .पुलोक  चटर्जी   उत्तर प्रदेश  में  पैदा हुआ था और सन 1981  में 32  साल  की आयु  में सुल्तानपुर  का कलेक्टर   बन गया  था .बाद  में राजीव  गांधी  ने उसे  प्रधान  मंत्री  कार्यालय  (P.M.O.  )  में डिपुटी  सेक्रेटरी   नियुक्त  कर  दिया ,फिर  सन 1985  में  राजीव ने पुलोक को " राजीव  गांधी फाउंडेशन   - Rajiv Gandhi Foundation  "  का  अध्यक्ष   बना  दिया ,इसलिए  इतने समय राजीव  और सोनिया  के साथ रह  कर पुलोक  सोनिया  की  असलियत   जान  चूका  था  . और जब  सन  2004  में   केंद्र में  यू  .पी . ए (U.P.A. सरकार सत्ता में  आयी  तो सोनिया ने पुलोक  को भारत सरकार  का  जॉइंट  सेक्रेटरी(Joint Secretary to Government of India ) बना  दिया .चूँक पुलोक  को पता  था  कि सोनिया   को  कौन  सी  बीमारी   है , चूँकि  पुलोक  को  पता  चल  गाय कि अय्याशी के कारन ही  सोनिया   को कोई गुप्त रोग  हुआ  है  जिसे वह  छुपाती  रहती  है  और  भारत  में  इलाज करवाने  से पोल  खुल  सकती    है , तभी  पुलोक  ने  एक  अमेरिकन   मैगजीन " The Ladies' Home Journal"में डाक्टर  नोरी    के  बारे में यह  पढ़ा  "one of the top doctors in America for the treatment of cancers in women"इसी लिए  पुलोक  सोनिया  को चुपचाप  डाक्टर  नोरी   के पास एक ईसाई  अस्पताल  में  ले  गया  था .  लेकिन  सोनिया  के दुर्भाग्य से   लोगों को  पता चल  गया  कि सोनिया   की  बच्चेदानी (गर्भाशय )  में कैंसर   है . जिसे मेडिकल  की  भाषा में " सर्विकल कैंसर - CERVICAL CANCER  " कहा   जाता  है .

4-गर्भाशय  के  कैंसर  के लक्षण  
हिंदी  विकीपीडिया   सर्वाईकल  कैंसर  के लक्षण  यह  बताये  गए हैं ,गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर , गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय ग्रीवा क्षेत्र की घातक रसौली है. यह योनि रक्त-स्राव के साथ मौजूद हो सकती है, लेकिन इसके लक्षण, कैंसर के उन्नत चरण पर होने तक अनुपस्थित हो सकते हैं.ग्रीवा कैंसर के लक्षणों में शामिल हैं: भूख में कमी, वज़न में कमी, थकान, श्रोणि में दर्द, पीठ दर्द, पैर दर्द, एक पैर में सूजन, योनि से भारी रक्त-स्राव,
5-सोनिया के रोग  का  कारण 
अभी  तक  जो  लोग सोनिया को शरीफ और चरित्रवान   औरत  समझते  आये  हैं , उन्हें  यह जानकर आश्चर्य  होगा  कि  सोनिया के  गुप्त   रोग  का  कारण " ह्यूमन   पैपिलोमा वाइरस -human papilloma virus (HPV ) " बताया   गया  है , और विकी पीडिया  में इस वाइरस  यानी बीमारी   का असली कारण   यह  बताया  गया  है ,
"Women who have many sexual partners (or who have sex with men who have had many other partners) have a greater risk.

http://en.wikipedia.org/wiki/Cervical_cancer#Causes

विकी पीडिया  में इस वाइरस को " human immunodeficiency virus "भी   कहा  जाता  है ,और इस कैंसर का कारण अधिक मात्र में सेक्स करना है...विकिपीडिया से हमे पता चला की कैंसर का सबसे अधिक खतरा तब होता है जब किसी के बहुत सारे पार्टनर हो या किसी औरत  ने  ने बहुत सारे पुरुषों   साथ सेक्स किया हो.ऐसी महिलाओं को ज़्यादा ख़तरा है, जिनके कई यौन साथी हैं,या  जिनका कई अन्य साथियों के साथ यौन संबंध रहा हो. लेकिन  सोनिया गाँधी अपनी इस बीमारी को लोगो से छिपा रही है.(जानकारी  के  लिए  तस्वीर देखिये )

http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/f/f7/Gray1167.svg/220px-Gray1167.svg.png

यद्यपि  सोनिया  ने  अपनी  इस  बीमारी   की  बात  को छुपाने  का  भरपूर   प्रयत्न   किया था और मिडिया ने  असलियत  को दबा  दिया   था  लेकिन सोनिया का   चरित्र  फिर भी सबको  पता  चल  गया  और एक अंगरेजी  अख़बार  डेक्कन  हेराल्ड  ने  असली  बात  छाप  दी  जो इस  वेबसाईट  में  मौजूद  है

http://www.deccanherald.com/content/181508/sonia-diagnosed-cervical-cancer.html

6-विश्व  का  सबसे  कीमती  गर्भाशय 
यदि  हम  सोनिया  की बच्चेदानी   या गर्भाशय को दुनिया  का  सबसे कीमती  और  मूल्यवान  कहें  तो गलत  नही  होगा , क्योकि  अग्रेजी  अखबार " वन  इंडिया न्यूज -One India news " के मंगलवार-  दिनांक 1 अक्टूबर 2013  की  खबर  के अनुसार जनता  पार्टी  के पूर्व  सुप्रीमो  और  भारतीय  जनता पार्टी  के सांसद  " सुब्रामण्यम  स्वामी  ने संसद  में  सोनिया के इलाज   पर "एक हजार  आठ सौ अस्सी  करोड़ ( Rs 1,880 cr)
  रुपये के खर्च  पर सवाल  उठाया   , और  कहा  कि वह  जल्द ही  इसके  बारे में एक पी .आई .एल  . दायर  करने   जा रहे  हैं ,
स्वामी  ने सोनिया   के इलाज  के खर्चे  पर आपत्ति  उठाते   हुए सवाल  किया  कि सोनिया  जैसी   साधारण दुश्चरित्र    औरत केलिए  करोड़ों  रुपये  बर्बाद  करना  कहाँ  तक उचित  है ? जबकि  भारत में ही बिना खर्चे  ही इलाज  हो सकता  था .

 http://news.oneindia.in/2012/10/01/sonia-gandhi-mysterious-treatment-cost-rs-1880-cr-swamy-1077450.html

जो लोग सोनिया  की भक्ति  में अंधे  होकर देश  की  आर्थिक समस्या  पर ध्यान नहीं  देते उनको  पता होना  चाहिए  जितने रुपयों  में  सोनिया का  इलाज   हुआ था बिलकुल उतने ही रुपयों  में पश्चिम  बंगाल   के राज्य कर्मचारियों  को 6 % प्रतिशत  मंहगाई  भत्ता  दिया  जा सकता  था  ,  कर्मचारी  जिसकी  मांग कर रहे थे सबूत  के  लिए हिंदी अखबार " पत्रिका दिनांक -21  नवम्बर 2013 के पेज 19  पर  छपी  इस खबर  को देखिये .
"कोलकाता -पश्चिम  बंगाल  के वित्त  मंत्री अमित  मित्रा  ने बुधवार को  कहा  कि मंहगाई भत्ते  में छह फीसदी  की बढ़ोतरी के लिए 1880 /-करोड़  रुपयों  की जरुरत  होगी , और  तृणमूल सरकार आर्थिक समस्या से ग्रस्त है और घोषित डी . ए (D.A). देने  में सफल  नहीं  होगी .

इसलिए  आज  इस  बात   बडी जरुरत है कि ऐसी चरित्रहीन  ,खर्चीली  , विदेशी  , हिन्दू  विरोधी  महिला को बेनकाब  किया  जाये ताकि यह अपनी  औलाद  के साथ  वापिस अपने देश भाग  जाये . और लोग  इसकी  पार्टी  का  सफाया कर दें .

(200/147)

रविवार, 3 दिसंबर 2017

कुरान की सम्पूर्णता संदिग्ध है !

आज  हमें इस बात को  स्वीकार  करना  होगा कि  इस्लाम   सम्पूर्ण   मानव  जाति के अस्तित्व  के लिए खतरा   बन  गया  है  ,क्योंकि   इस्लामी  आतंकवादी जो  क्रूर ,  नृशंश  और  अमानुषिक   कार्य   कर   रहे  हैं उन्हें  देख कर  लोगों  में इस्लाम   से नफ़रत    होने  लगी  है  , जैसे  लोगों   को  जिन्दा  जला  देना   ,  पानी में  डूबा  देना   , बम  से उड़ा  देना  इत्यादि , चूँकि  आतंकी यह काम इस्लाम  के नाम  पर और कुरान की  शिक्षा  से  प्रेरित  होकर  करते   है   ,इसलिये  बाक़ी  मुस्लिम  इसका  विरोध  नहीं  करते  , उलटे कहते  हैं  कि  , तालिबान मुसलमान नहीं है, आइसिस वाले मुसलमान नहीं हैं, बोको हरम मुसलमान नहीं हैं. ये सब भटके हुए हैं इनको देख कर इस्लाम धर्म को परिभाषित नहीं किया जा सकता है,   फिर बताओ पैगम्बर के बाद से जो लोग चले आ रहे हैं उनको क्या बोला जाएगा? जिन लोगों ने खलीफाओं को मारा मुसलमान थे.. जिन लोगों ने पैगम्बर के पूरे खानदान का खात्मा कर दिया  क्या   वह  हिन्दू  ,यहूदी   या  ईसाई  थे ?
जो  मुसलमान  कहते  हैं   कि ओसामा और आइसिस अब आये हैं दुनिया में तो  उनको चाहिए  इस्लाम   का  इतिहास  ठीक  से  पढ़ें क्योंकि  आतंकी  जिस  कुरान के आदेश पर  रोज  हजारों  निर्दोष  लोगों  को   मार  रहे  हैं ,सबसे पहले  उसी  कुरान  के  कारण ही  मुसलमानों  में  खूनी   युद्ध  हुआ   था जो   आज इस्लामी आतंक  के  रूप में  पूरे  विश्व  में  फ़ैल  गया  है  , क्योंकि   मुसलमान 
हमेशा  सत्ता प्राप्ति  के  लिए कुरान  का  अनर्थ (  Mis interpretation). करते   आये  हैं  .इसका  पहला  उदहारण  "सिफ़्फ़ीन  " का  युद्ध (Battle of Siffin )   है

1-कुरान का  भ्रष्टीकरण और सिफ़्फ़ीन  का युद्ध 

इस्लामी इतिहासकार  " सिफ़्फ़ीन  - صفين‎" के  युद्ध (Battle )   को इस्लाम   का  पहला " फ़ित्न - فتن  " कहते  हैं इसका  मतलब राजद्रोह, नागरिक संघर्ष होता है .यह  युद्ध  सन  657  ईस्वी   में मुहम्मद  साहब   के  दामाद   और  चचेरे  भाई  अली  इब्न  अबी   तालिब  और   मुआविया   बिन  अबी  सुफ़यान  की  सेना  के बीच   हुआ  था  , क्योंकि उन   दिनों  अरब  के  कबीलों   के  सरदार  सत्ता  में   हिस्सा  पाने के लिए  मुसलमान  बन  गए  थे   , उन  दिनों  पूरी  कुरआन   जमा नहीं   हो  सकी   थी   ,  लोग  अपने  लाभ के  लिए   कुरान का  मनमाना   अर्थ    कर  रहे थे   ,मुआविया   भी  यही  कर रहा  था   , और  अली  इसका  विरोध  कर  रहे  थे  ,इसी   कारण  से  ईराक    की " अल रिक्का  - الرقة‎  "  नामकी    जगह  पर  अली   और  मुआविया  की सेना में  युद्ध   हुआ   ज़िस्मे मुआविया   के 45,000  और  अली   के 25,000 सैनिक    मारे   गए।  यद्यपि    युद्ध   से   पहले  अली   ने  मुआविया  को   पत्र  द्वारा सचेत  कर दिया  था। पत्र  इस   प्रकार   है

2-अली   का   पत्र न - 55

"तुमने  पवित्र  कुरान   का  अनर्थ  करना  शुरू   कर  दिया    है  ,और कुरान के गलत  अर्थ  के  आधार  पर  तुम सत्ता  और   दौलत पर  कब्जा   लिया है ,तुम लोगों  को  सता  कर  आतंकित   कर रहे   हो  , तुम्हारा सबसे बड़ा   पाप   यह है कि तुमने  मुझे  खलीफा  उस्मान  की  हत्या   का जिम्मेदार  बता दिया  है    ,जबकि मेरी  जुबान   और   हाथ  दौनों   इस  काम  में   निर्दोष   हैं    ,  इसलिए  अल्लाह  से डरो , कहीं  ऐसा न हो कि  शैतान  तुम्हें  जहाँ  चाहे   वहां  खदेड़  दे "

ومن كتاب له عليه السلام

إلى معاوية

أَمَّا بَعْدُ، فَإِنَّ اللهَ سُبْحَانَهُ [قَدْ] جَعَلَ الدُّنْيَا لِمَا بَعْدَهَا، وَابْتَلَى فِيهَا أَهْلَهَا، لِيَعْلَمَ أَيُّهُمْ أَحْسَنُ عَمَلاً، وَلَسْنَا لِلدُّنْيَا خُلِقْنَا، وَلاَ بِالسَّعْيِ فِيهَا أُمِرْنَا، وَإِنَّمَا وُضِعْنَا فِيها لِنُبْتَلَى بِهَا، وَقَدِ ابْتَلاَنِي [اللهُ] بِكَ وَابْتَلاَكَ بِي: فَجَعَلَ أَحَدَنَا حُجَّةً عَلَى الاَْخَرِ، فَعَدَوْتَعَلَى طَلَبِ الدُّنْيَا بَتَأْوِيلِ الْقُرْآنِ، فَطَلَبْتَنِي بِمَا لَمْ تَجْنِ يَدِي وَلاَ لِسَانِي، وَعَصَيْتَهُ أَنْتَ وأَهْلُ الشَّامِ بِي، وَأَلَّبَعَالِمُكُمْ جَاهِلَكُمْ، وَقَائِمُكُمْقَاعِدَكُمْ.

فَاتَّقِ اللهَ فِي نَفْسِكَ، وَنَازِعِ الشَّيْطَانَ قِيَادَكَ وَاصْرِفْ إِلَى الاَْخِرَةِ وَجْهَكَ، فَهِيَ طَرِيقُنَا وَطَرِيقُكَ. وَاحْذَرْ أَنْ يُصِيبَكَ اللهُ مِنْهُ بِعَاجِلِ قَارِعَةٍتَمَسُّ الاََْصْلَ وَتَقْطَعُ الدَّابِرَذص، فَإِنِّي أُولِي لَكَ بِاللهِ أَلِيَّةًغَيْرَ فَاجِرَةٍ، لَئِنْ جَمَعَت الاََْقْدَارِ لاَ أَزَالُ بِبَاحَتِكَ.

You began by misinterpreting the Holy Qur'an and on the basis of these misinterpretations you started grasping power and wealth and began oppressing and tyrannizing the people. Your next unholy action was to call me responsible for an action (murder of Caliph Uthman) of which my tongue and hands were both innocent.Fear Allah and do let Satan drive you wherever it wants, "

अली की  हत्या  के बाद ही   मुस्लिम   शासकों   ने कुरान  में   काटछांट    , हेराफेरी   करके  अपने अनुकूल   बनाना  शुरू   कर दिया  था  ,किसी ने कुरान   की पूरी की सूरा (Chapters )   गायब  कर  दी   ,  तो  किसी   ने  कुरान  की  आयतें   कम   कर दीं , और किसी  ने  अपने मर्जी से  कुछ  आयतें  जोड़   डालीं


3-कुरान  की अप्रामाणिकता 
अल्लाह ने   कुरान  के बारे में  दावा किया  है  ,

"बेशक यह  कुरान   हम   ने ही  उतारी  है  ,और   हम ही  इसकी  हिफाजत करने  वाले   हैं  "
 सूरा  -अल हिज्र 15:9 


"إِنَّا نَحْنُ نَزَّلْنَا الذِّكْرَ وَإِنَّا لَهُ لَحَافِظُونَ  "15:9

"Indeed, it is We who sent down the Qur'an and indeed, We will be its guardian."15:9

मुसलमान   दावा  करते   हैं कि  कुरान  अल्लाह  द्वारा  भेजी   हुई   आसमानी  किताब  है  जिसमे रत्ती  भर भी    बदलाव    होना  असंभव   है ,गुजरानवाला    निवासी  इस्लाम   के विद्वान  "मुंशी   महबूब  आलम  -  مُنشی محبوب آلم  " ( 1863-1933   )  ने " इस्लामी इनसाइक्लोपीडिया -اَسلامی انسایکلوپیڈیا " के पेज न 559 पर  जानकारी  दी  है  कि  इस  समय दुनिया में 6 प्रकार की कुरान है सभी कुरान एक दूसरे से अलग अलग है और उनकी आयतो की संख्या भी अलग अलग है और सभी कुरान को मानने वाले एक दूसरे की कुरान को ग़लत कहते है.
इनका  विवरण  इस  प्रकार   है ,

1. कूफी कुरान...आयत 6236 
2. बशरी कुरान...आयात 6216 
3. शयामि कुरान...आयत 6250 (Shami or Damascus Quran )
4. मक्की कुरान...आयत 6212 
5. ईराकी कुरान...आयत 6214 
6. साधारण कुरान (आम कुरान)...आयत 6666  (most common these days )

Video-Watch: Corrupt Quran (URDU) Challenge to Zakir Naik by Rev. Dr. Samie Samson - Apnieyesp
Published: 1 year ago By: TheEICM

http://apnieyesp.com/watch/q5gfLpb6vio

इन  सबूतों    हजरत   अली  की   बात सही   साबित होती है कि अली के बाद भी  मुस्लिम    शासकों   ने   अपनी  सत्ता फैलाने   या  बचाये  रखने के लिए इच्छानुसार   कुरान   की  आयतें   कम  या अधिक   कर  दी  थीं   . जो  आयतें  उनके  फायदे की  होती  थीं  उन्हें रहने  देते  या  जोड़   देते  और जो उनके  फायदे  की   नहीं  होती  उन्हें  निकाल  देते   थे  ,    कुरान  की  शिक्षा   से  मुसलमानों ने  दुनिया दो हिस्सों में बाँट रखी है. एक मुस्लिम समाज और दूसरा गैर मुस्लिम समाज.  अब सब लोग समझ चुके हैं. काफिर, मुशरिक, मुनकिर. अब लोगों को समझ आ गया है. अब बच्चा बच्चा जानता है कि काफिर किसको कहते हैं  ,   अल्लाह को एक मानने से नहीं. अल्लाह को एक मनवाने के लिए नहीं  यह  आतंकवाद  सत्ता    प्राप्ति के लिए  हो रहा   है .

जब  वर्त्तमान   कुरान  की  प्राचीन  प्रतियों   में  आयतों   की  संख्या  अलग   दी  गयी   है  तो ऐसी  संदिग्ध  कुरान  के  आधार पर  जिहाद  करना  या  आतंक  फैलाना मूर्खता   नहीं  तो  और  क्या   है ?

(271)

भारत विरोधी कैथोलिकों ने बाइबिल में बदलाव किया !

दिनांक  23  नवम्बर 2017  को   गुजरात गांधी नगर के बिशप  थॉमस मेकवान ने  कैथोलिक ईसाइयों  के नाम   यह  सन्देश जारी किया "'Save Country From Nationalist Forces"अर्थात राष्ट्रवादी   ताकतों  से देश  को बचाएं   , इसका   भावार्थ   है कि  गुजरात के कैथोलिक ईसाई    बी  जे  पी  को वोट नहीं  दें  ,  क्योंकि इन पादरियों ने कांग्रेस  के राज में सीधे साधे  हिन्दुओं  का धर्म  परिवर्तन करा कर   ईसाइयों  की बड़ी संख्या  तैयार कर ली  है  , और आज भी    पादरी यही कर रहे हैं  , बिशप बी  जे पि  का विरोध  क्यों  कर  रहा   है  ? इसका  कारण यह   है  ,  बी  जे पी  एकमात्र  ऐसी  पार्टी  है  जो  मानती  है  ,  कि हिन्दू  घटेगा  तो देश  बटेगा  ,  यही  राष्ट्रवाद  का  मूल  सिद्धांत  है  ,  जबकि मुस्लमान  और ईसाई   लोगों   का धर्म  बदल  कर अपनी संख्या  बढ़ाना  चाहते    है  इनको  डर है  कि अगर  गुजरात  में बी   जे पी  सत्ता  में आएगी  तो  धर्म  परवर्तन  पर  रोक  लग   जाएगी , चूँकि राष्ट्रवाद  का आधार   भारत प्रेम  है  , और बाइबिल मेंएक  जगह  भारत  को "होंदुव " कहा गया  है जो हिन्दू का अपभ्रंश  है  , 
सब  जानते  हैं  की सोनिया  का जन्म  इटली  में हुआ था  , और सोनिया कटटर    कैथोलिक ईसाई  है    जो पोप  का आदेश  मानती   है  ,   लोग  जिसे राहुल  मानते  हैं  उसका असली   ईसाई  नाम  राउल विन्ची (Raul Vinci ) है  , यह  भी अपनी मां की तरह भारत   से नफ़रत  करता  है  ,  सोनिया  के  चमचों  में ज्यादातर  ईसाई  हैं , इन लोगों  को डर हुआ कि अगर    ईसाई इन  आयतों  को पढ़ेंगे तो उनमे भारत के प्रति   लगाव होगा   ,
, इनके भारत  विरोधी  होने  का कारण कैथोलिकों   द्वारा   किया गया  बाइबिल  का   हिंदी अनुवाद  है  , जो  नेट पर उपलब्ध  है  . इसका  नमूना  दिया  जा  रहा  है  , इस  से  इन सोनिया  के सनर्थक  कैथोलिक ईसाइयों  की मक्कारी  का भंडा फूट  गया  है
 ईसाइयों  में मुख्यतः   दो फिरके  हैं  , कैथोलिक  (Cathilic   ) और प्रोस्टेटेण्ट  (Protastant  )  इनकी  बाइबिल  भी अलग   हैं  ,  लेकिन   इनमे कुछ  ऐसी  किताबें  हैं  , जिन्हें  दोनो  मानते  हैं  ,  चूँकि  बाइबिल  का पुराना नियम  हिब्रू  भाषा  में और  नया नियम  ग्रीक  भाषा  और लैटिन  में  है  , इसलिए  यह  लोग   बाइबिल के  अनुवाद में हेराफेरी   करते   हैं  ,  उदहारण  के लिए बाइबिल  के पुराने नियम  की पुस्तक एस्तेर  में  भारत  का उल्लेख   है  ,  और  हिब्रू भाषा में  भारत  को " होंदुव -      "   कहा  गया   है  ,  यह बात   प्रोटेस्टेंट  बाइबिल और  हिब्रू  बाइबिल  में मौजूद  है     देखिये -
1-ProtastantBible
एस्तेर1:1
क्षयर्ष नाम राजा के दिनों में ये बातें हुईं: यह वही क्षयर्ष है, जो एक सौ सताईस प्रान्तों पर, अर्थात हिन्दुस्तान से ले कर कूश देश तक राज्य करता था।
http://mygreatmaster.com/bible/hindi-bible/est.htm
अब आपके सामने इसी  आयत  का हिब्रू अंगरेजी अर्थ  और एक एक शब्द का उच्चारण  और व्याकरण सम्मत अर्थ  दिया  जा रहा  है
2-Hebrew word by word
way-hî וַיְהִ֖י-व् एहि -Now it came to pass
bî-mê בִּימֵ֣י -बि  योमि  - in the days
’ă-ḥaš-wê-rō-wōš; אֲחַשְׁוֵר֑וֹשׁ- अक्षरेश - of Ahasuerus
ה֣וּא- हुव - this
’ă-ḥaš-wê-rō-wōš, אֲחַשְׁוֵר֗וֹשׁ-अक्षरेश -[is] Ahasuerus
ham-mō-lêḵ הַמֹּלֵךְ֙ -ह  मलेक - that reigned
mê-h ond-dūv מֵהֹ֣דּוּ मि  होंदुव - from- India
w-‘ad- וְעַד־-व्  आद - and even to
kūš, כּ֔וּשׁ- कूश- to Ethiopia
še-ba‘ שֶׁ֛בַע- सेबा -seven
w-‘eś-rîm וְעֶשְׂרִ֥ים-व इस्रीम - and twenty
ū-mê-’āh וּמֵאָ֖ה - उमियः  [over] -a hundred
me-dî-nāh. מְדִינָֽה׃-मेदीनह provinces

http://biblehub.com/text/esther/1-1.htm

नॉट  - इस आयत  में  हिब्रू  में  " मे होंदुव- מֵהֹ֣דּוּ  "आया  है  , इसका अर्थ  हिंदुस्तान  से लेकर ( -from India  ) होता  है .


यही  बात  बाइबिल की किताब  एस्तेर  के  लैटिन अनुवाद में  है  . जिसे प्रामाणिक  माना  जाता  है
3-Latin Vulgate
1:1 in diebus Asueri qui regnavit ab India usque Aethiopiam super centum viginti septem provincias
इंगलैंड अमेरिका और  अन्य अंग्रेजी  भाषी देशों  में   बाइबिल का यह   अंगरेजी  अनुवाद प्रचलित  है

4-King James Version
1:1 Now it came to pass in the days of Ahasuerus, (this is Ahasuerus which reigned, from India even unto Ethiopia, over an hundred and seven and twenty provinces:)

लेकिन  जब  कैथोलिक  ईसाइयों   ने बाइबिल मित्र के नाम  से बाइबिल का हिंदी अनुवाद किया  तो  इसी  आयत  का हिंदी  में अनुवाद किया तो बड़ी मक्कारी  से इस आयत  से हिंदुस्तान  शब्द  निकाल  दिया   , यही  नहीं   बाइबिल  में जहाँ  भी  भारत शब्द    आया   है  , अनुवाद में उसे निकाल  दिया  , देखिये
5-Catholic Translation 

एस्तेर का ग्रन्थ : अध्याय 1:1
महाराजा अर्तजर्कसीस के शासनकाल के दूसरे वर्ष, नीसान मास के पहले दिन, मोरदकय ने एक स्वप्न देखा। मोरदकय याईर का पुत्र था, याईर शिमई का और शिमई कीश का। वह बेनयामीन कुल का था।"

दी गयी  लिंक को खोलिये

http://biblemitr.com/bible.php?BookType=OLD&BookID=19&Chapter=1

इन कैथोलिक  ईसाइयों   ने   बाइबिल की पुस्तक एसतेर  की पहली आयत   में से सर्फ  भारत का नाम  ही  नहीं  निकाल  दिया बल्कि  पूरी  आयत भी  बदल दी  है  ,  और इसे  अपनी साइट  में भी डाल  दिया  है  ,  जबकि मूल हिब्रू  और  प्रोटेस्टेंट   लोगों की बाइबिल  में  सही आयत मौजूद है   ,जिसमे  हिंदुस्तान  के   लिए " होंदुव "  शब्द    है  ,

प्रबुद्ध  पाठकों  से  निवेदन   है  कि  इस  लेख  को गौर  से  पढ़ें  और  दी  गयी सभी  लिंक  को खोल  कर  इस   लेख  की प्रमाणिकता  की जाँच  करके   कारण  का  पता  करें  ,
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मंगलवार, 21 नवंबर 2017

मुल्लों का सफ़ेद झूठ - कुरान में कोई शक नहीं !!

 मुल्ले मौलवी  वैसे तो दावा  करते रहते हैं  कि हम संविधान और न्यायपालिका पर विश्वास रखते हैं  , और कानून का सम्मान करते हैं  ,लेकिन  अक्सर देखा  गया  है कि जब  भी  अदालत कोई ऐसा निर्णय देती है  , या सरकार कोई ऐसा कानून बनाती है  जो  कुरान के विपरीत होता है  ,तो यही मुल्ले मौलवी तुरंत उसका विरोध  करने  लगते  हैं ,और  कहते हैं  की हम  अदालत और संविधान  में से अल्लाह की किताब  को  ही मानेंगे ,यह बात शाहबानो  केस  और सुप्रीम कोर्ट  के तीन  तलाक  वाले फैसले  से सिद्ध  होता है  ,
 हम  यह लेख इसलिए  दे रहे  हैं  कि दिनांक  17 नवम्बर  2017 शुक्रवार  को  सुदर्शन  चैनल  पर बिंदास  बोल  कार्यक्रम  पर  एक बहस  हुई  थी  , जिसमे  प्रसिद्ध  विद्वान्  श्री धर्मपाल  जी आर्य  और  गरीब  नवाज  फाउंडेशन  के अध्यक्ष  मौलाना  अंसार  रजा  में  बहस  हुई  , मौलाना  ने बड़े  गर्व  से कहा  कि दुनियां   में सिर्फ  कुरान  एक  ऐसी  किताब  है  ,जिसमे  कोई  शंका  नहीं  है ,और  सबूत के  लिए कुरान  की सूरा बकरा  की पहली  आयात   सुना  दी .  क्योंकि महेंद्रपाल  जी पहले मौलवी थे और  अरबी  जानते  हैं  ,इसलिए उन्होंने  अंसार रज़ा  के दावे का खंडन   कर  दिया  , लेकिन  अधिकांश  श्रोता  ऐसे थे  इस  बात  को ठीक  से नहीं  समझ  सके  , इसलिए  इस लेख  के माध्यम  से हम  अंसार रजा से  पूछते हैं  कि वह  कुरान   के बारे  इन शंकाओं  का उत्तर   दें ?ताकि   सभी लोग  जान  सकें  ,  मौलाना ने  दावा किया  की कुरान में कोई शंका नहीं  , और  यह  आयत  पेश  की ,


ذَٰلِكَ الْكِتَابُ لَا رَيْبَ فِيهِ هُدًى لِلْمُتَّقِينَ-सूरा  बकरा  -2:1

अरबी में  है  " जालिकल किताब   ला रैब  फ़ीहि  हुदन लिल मुत्तक़ीन "2:1

कुरान  के अधिकांश अनुवादों   में  इस आयत  का   लगभग  यही  अर्थ  दिया  जाता   है
(ये) वह किताब है। जिस (के किताबे खु़दा होने) में कुछ भी शक नहीं (ये) परहेज़गारों की रहनुमा है (2:1)

लेकिन  कुरान   की  यह  आयत  ही  शंकाएं  पैदा  करने वाली  है  ,
पहली शंका यह है  कि आयत में इस कुरान को "जालिक अल किताब  " कहा  गया है  , अरबी  शब्द   "जालिक - ذَٰلِكَ   " का अर्थ "वह ( that ) होता  है  व्याकरण  के अनुसार masculine singular demonstrative pronoun  है  और अरबी में اسم اشارة  कहते हैं .

इसलिए यदि  इस आयत में मौजूदा कुरान  अभिप्रेत  होती  तो अरबी में "हाजा هذه-" शब्द दिया गया होता ,इसका अर्थ   यह (this ) होता  है  , इस से सिद्ध  होता  है कि यह वर्त्तमान कुरान नकली है  , और वह  असली कुरान कहीं   और होगी .

दूसरी शंका  इस आयत में दिए गए अरबी  शब्द  "मुत्तकीन - مْتّقين  "   से  होती  है  , मुल्ले  इसका अर्थ  परहेजगार  यानि संयमी  करते  हैं  ,  वास्तव  में  यह  शब्द  अरबी शब्द "मुत्तक़ी -مُتّقي "  का बहुवचन   (Plural )   है  , जो अरबी शब्द की मूल धातु (Root Verb )"इ त्क -اتق "  से  बना है  , इसका अर्थ  "डर  ,भय (fear  ) होना  है , चाहे किसी का भी डर  हो  , उदाहरण के लिए कुरान  में नर्क की आग से डरने  को  कहा गया है


وَاتَّقُوا النَّارَ الَّتِي أُعِدَّتْ لِلْكَافِرِينَ-सूरा आले इमरान 3:131
 
अरबी  में " फत्तकू नारु ल्लती उइद्दत लिल  काफ़रीन "3:131


अर्थ  -उस आग से डरो  जो  को काफिरों  के लिए तैयार  है

(Quran-3: 131)-Fear the Fire, which is prepared for:.non believers

इसी  तरह  इस आयत में "ई त्क -اتَّقِ "  शब्द  का प्रयोग जहन्नम  के डर    के बारे में  किया गया  है  , देखिये

(2:206:4) ittaq Fear وَإِذَا قِيلَ لَهُ اتَّقِ اللَّهَ أَخَذَتْهُ الْعِزَّةُ بِالْإِثْمِ فَحَسْبُهُ جَهَنَّمُ

इस प्रकार से  जिन  मौलवी ने श्री महेंद्र पाल  आर्य के सामने  कुरान  की जिस  सूरा बकरा  2: 1 आयत  पेश करके यह साबित करने का प्रयास  किया की कुरान में किसी प्रकार की शक और शंका  नहीं  है  , उस आयात का व्याकरण  सम्मत यह  अर्थ  है 

"इसमें शक  नहीं , वह किताब  है  ,  डरपोक लोगों  को राह पर लाने  वाली  "

अतः  किसी  को भी शक नहीं होगा   क्योंक  सब  जानते हैं कि  मुसलमानों  ने हमेशा गैर मुस्लिमों  को डरा डरा कर  ही इस्लाम  कबूल कराया   था ,


इन  प्रमाणों  से स्पष्ट होता है  कि मुसम्मानों  के पास जो कुरान है वह  डुप्लीकेट  है  यानि मुहम्मद  ने   किसी मूल((original  कुरान  से कुछ  अंश  उतार  लिए  थे  ,
शायद  इसीलिए मुल्ले कहते हैं कि कुरान ऊपर से उतरी है

  इसी लिए शिया  कहते  हैं  कि मौजूदा कुरान  अधूरी  और  फर्जी  है 

1-असली  कुरान  कहाँ  है  ?
इस प्रश्न  को उत्तर  मौजूदा कुरान  की सूरा  राद 13:39  में दिया  गया  है  ,

وَعِنْدَهُ أُمُّ الْكِتَابِ  "13:39

अरबी में -इन्दहु  उम्मुल  किताब  
चूँकि मौजूदा कुरान की सूरा बकरा  -2:1  में कुरान  को" वह  किताब "  बताया गया है  ,इसलिए मुस्लिम विद्वानों   ने बड़ी चालाकी से इस आयत का यह  अर्थ कर दिया

 और उसके पास असल किताब (लौहे महफूज़) मौजूद है (13:39)

 लेकिन  ऐसा अर्थ करके मुल्ले खुद फंस गए और शंका होने लगी कि जब असली किताब उसके पास है ,तो "वह" कौन  है  , और असली किताब  किसके पास है ?

वास्तव  में सूरा राद 13: 39  का सही अर्थ यह  है ,

"और उसके पास किताब की माता  है "
Eng-with Him is the Mother of the Book 


and with Him-  3rd person masculine singular possessive pronoun


इन तथ्यों  से शंका  होती है  की सचमुच असली कुरान यानी किताब की माता किसके पास है  "
 1 - यदि खुद अल्लाह के पास होती तो इस आयत में लिखा होता " इंदी  उम्मुल  किताब  -عِندي  أُمُّ الْكِتَابِ  "

2 -अगर रसूल  के पास होती  तो लिखा होता "इन्दर्रसूल उम्मुल किताब

عِند الرّسول أُمُّ الْكِتَابِ 

3-और अगर   दौनों  के पास होती तो लिखा होता -इंदिना   उम्मुल  किताब -عِندنا   أُمُّ الْكِتَابِ  

लेकिन मौजूदा कुरान  की सूरा राद  में यह  तीनों  बातें नहीं  है  , इस से साफ पता चलता है की कुरान की माता  यानी असली कुरान यानी (Hard Disc  )   न तो अल्लाह के पास  है , और न रसूल के पास थी  , बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के पास रही होगी  , जो खो गयी होगी  ,
 इसलिए  हम  मौलाना अंसार रजा  से  गुजारिश  करते  हैं  कि वह  बराये मेहरबानी  हमारा शक  दूर करें  कि  कुरान  की अम्मा  कहाँ  गयी ?और आप मुसलमानों  को नकली कुरान  पढ़ा पढ़ा  कर गुमराह  क्यों  करते  रहते  हो  , ? या  आप  लोग  यह  दावा  करना छोड़  दो कि मौजूदा कुरान  में कोई  शक  नहीं  है

नोट -हमारी  सभी मुल्ले  मौलवियों को चुनौती हैं  इस  लेख  के सबूतों को गलत सबित कर के दिखाएँ 

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बुधवार, 9 अगस्त 2017

सम्भोग जिहाद !

इस्लाम  और  जिहाद  एक दूसरे के बिना नहीं   रह  सकते . यदि  इस्लाम शरीर  है ,तो जिहाद  इसकी आत्मा है . और जिस दिन इस्लाम  से जिहाद  निकल  जायेगा  उसी दिन  इस्लाम  मर  जायेगा . इसीलिए  इस्लाम को जीवित रखने के लिए मुसलमान  किसी न किसी बहाने और   किसी  न किसी  देश में  जिहाद करते  रहते हैं . इमका एकमात्र उद्देश्य  विश्व  के सभी  धर्मों  , संसकृतियों   को नष्ट करके  इस्लामी हुकूमत  कायम  करना  है . अभी तक  तो मुसलमान  आतंकवाद  का सहरा  लेकर  जिहाद  करते  आये थे ,लेकिन  इसी  साल  के अगस्त  महीने में जिहाद  का एक नया  और अविश्वसनीय  स्वरूप   प्रकट  हुआ है ,जो कुरान से  प्रेरित  होकर  बनाया गया है . लोगों  ने इसे "सेक्स  जिहाद ( Sex  Jihad )  का नाम  दिया  है .चूंकि  जिहादियों  की मदद करना भी  जिहाद  माना  जाता है ,इसलिए सीरिया में  चल रहे युद्ध ( जिहाद )  में  जिहादियों  की वासना शांत करने के लिए    औरतों  की  जरुरत  थी . जिसके लिए  अगस्त में  बाकायदा  एक फ़तवा   जारी  किया   गया था .  और उसे पढ़  कर  ट्यूनीसिया   की   औरतें  सीरिया  पहुँच  गयी  थी .और  जिहादियों   के साथ सम्भोग  करने के लिए  तैयार  हो गयीं ,और  मुल्लों ने  कुरान  का हवाला  देकर इस निंदनीय   कुकर्म  को जायज  कैसे  ठहरा  दिया  इस लेख में इसी   बात को स्पष्ट   किया  जा रहा है . ताकि लोग  इस्लाम् के इस घिनावने असली  रूप को देख सकें ,
1-जिहाद अल्लाह को प्रिय है 
अल्लाह चाहता है कि  मुसलमान   जिहाद के लिए अपने बाप ,भाई और पत्नियों को भी छोड़ दें ,तभी अल्लाह खुश होगा  , जैसा की कुरान में  कहा है
"अल्लाह   तो उन्हीं  लोगों  को अधिक पसंद  करता  है ,जो अल्लाह की ख़ुशी के लिए पंक्ति  बना कर जिहाद  करते हैं  " सूरा -अस सफ 61 :4
" हे नबी  कहदो ,तुम्हें  अपने बाप ,भाई  , पत्नियाँ  और  जो माल तुमने कमाया है ,जिन से तुम  जितना  प्रेम  करते हो  , और उनके छूट जाने का  डर  लगा  रहता है .लेकिन  उसकी तुलना में अल्लाह के रसूल को  जिहाद  अधिक प्रिय  है " सूरा -तौबा 9 :24 
2-जिहाद में औरतों से सम्भोग  
मुसलमान  जितने भी अपराध  और  कुकर्म  करते हैं , सब  कुरान से प्रेरित  होते  हैं , क्योंकि  कुरान  हरेक कुकर्म को जायज ठहरता है .जिस से  अपराधियों  की  हिम्मत  बढ़  जाती है , और "सेक्स जिहाद "  कुरान की इस आयत के आधार  पर किया जा रहा है ,

" اللَّاتِي هَاجَرْنَ مَعَكَ وَامْرَأَةً مُؤْمِنَةً إِنْ وَهَبَتْ نَفْسَهَا لِلنَّبِيِّ إِنْ أَرَادَ النَّبِيُّ  "
" हे नबी  हमने तुम्हारे लिए वह  सभी ईमान  वाली ( मुस्लिम )  औरतें  हलाल  कर दी हैं  ,जो रसूल के  उपयोग  के लिए  खुद को  " हिबा- هِبة  " ( समर्पित ) कर दें " सूरा -अहजाब 33: 50
" and  believing woman who offers herself freely  use to the Prophet -Sura-ahzab33:50
नोट -अरबी  शब्द  हिबा  का अर्थ  अपनी किसी  चीज  दूसरों  को उपयोग के  लिए सौंप   देना  , हिबा कुछ  समय के लिए और  हमेशा के लिए भी हो सकता  है . हिबा में  मिली गयी चीज का   जैसे चाहें   उपयोग किया जा सकता है . चाहे  वह  औरत हो  या कोई वस्तू
3-जिहाद्के लिए औरतों का समर्पण 
सामान्यतः  एक  चरित्रवान  ,और शादीशुदा औरत   किसी भी दशा में  खुद को  दूसरे मर्द   के हवाले नहीं  करेगी  , जबकि उस  को यह भी पता हो  कि  उसके साथ  सहवास  किया  जायेगा .लेकिन  मुहम्मद  साहब ने   कुरान में ऐसे  नीच  काम को भी   धार्मिक   कार्य   बना दिया .  जिसका पालन  आज भी  पालन  कर रहे है , इसके पीछे  यह  कारण  है  ,  कि  इस्लाम  औरत को  भोगने की व चीज  है .मुहम्मद  साहब  जब भी जिहाद के लिए  जाते थे ,तो अपनी औरतों को घर में  बंद कर देते थे , और जिहादियों  के साथ नयी औरतें  पड़ते  रहते  थे . और  जिहादी  नयी  औरतों  के लालच में अपनी औरतें रसूल  के हवाले कर देते थे .खुद को रसूल  के हिबा करने के पीछे  यह ऐतिहासिक  घटना  है , हिजरी सन  5  के  शव्वाल महीने में  मुहम्मद साहब को जब यह पता चला कि  मदीना के सभी कबीले  के लोग उनके विरुद्ध   युद्ध   की  तयारी   कर रहे हैं .और उन्होंने  खुद के बचाव के लिये  खन्दक  भी  खोद  रखी  है . तब  मुहम्मद साहब ने  खुद आगे बढ़ कर  उन पर हमला    करने  के कूच   का हुक्म  दे दिया . इसके लिए 1500 तलवारें 300  कवच , 2000 भाले  1500 ढालें जमा कर लीं  थी .इस  जिहादी   लस्कर में  जिहादियों   की औरतें  भी  थी .  जिहादी  तो युद्ध में  नयी औरतों  के  लालच  में  गए थे .  और अपनी औरतें  रसूल  को  हिबा  कर  गए  थे .   और  रसूल ने   उन औरतों  के साथ  सम्भोग को  जायज बना दिया ,  तभी कुरान की यह आयत   नाजिल  हुई थी .जिस के अनुसार खुद को  जिहाद के लिए  अर्पित करने वाली  औरतों  से  सम्भोग करना जायज है .(Quran 33:50)
4-जिहाद अल निकाह 
अंगरेजी  अखबार   डेली  न्यूज (DailyNews )  दिनांक  20 सितम्बर  2013  में प्रकाशित   खबर  के अनुसार  सीरिया  में होने वाले  युद्ध  ( जिहाद )   में  जिहादियों   लिए  ऐसी  औरतों  की  जरुरत    थी  , जो जिहादियों  के साथ  सम्भोग  करके उनकी वासना  शांत कर सकें  , ताकि वह बिना थके  जिहाद करते रहे,  इसके लिए  अगस्त   के अंत में  एक सुन्नी  मुफ़्ती  ने फतवा  भी जारी कर दिया  था . जो " फारस  न्यूज  ( FarsNews  )  छपा  था .इस  फतवे की खबर पढ़ते ही " ट्यूनीसिया  ( Tunisia )  की  हजारों  विवाहित और कुंवारी  औरतें   सीरिया  रवाना  हो गईं .और जिहाद के नाम  पर   जिहादियों  के साथ  सम्भोग  करने के लिए राजी  हो गयीं .  ट्यूनिसिया  के " आतंरिक   मामले के  के मंत्री (  Interior Minister  )"लत्फी बिन  जद्दू - لطفي بن جدو " ने ट्यूनिसिया  की National Constituent Assembly में  बड़े  गर्व   से  बताया   कि   जो औरतें  सीरिया  गयी  है ,उनमे अक्सर ऐसी औरतें  हैं  ,जो  एक दिन  में   20 -30  और यहांतक  100  जिहादियों  के साथ  सम्भोग  कर सकती  हैं .और  जो औरतें  गर्भवती  हो जाती  हैं  , उन्हें    वापिस भेज  दिया  जाता  है ,  जिस मुफ़्ती  ने   इस  प्रकार   के जिहाद  कफतावा दिया  था ,उसने  इस का नाम  "  जिहाद  अल  निकाह  - الجهاد النِّكاح  " का नाम  दिया  है .सुन्नी  उल्रमा के अनुसार  यह  एक ऐसा   पवित्र और    वैध  काम  है  ,जिसमे  एक औरत  कई कई जिहादियों  के साथ  सम्भोग करके  उनकी  वासना  शांत  कराती है .लत्फी  बिन जददू  ने यह भी  बताया कि मार्च से  लेकर अब तक   छह  हजार ( 6000 )औरतें  सीरिया  जा चुकी हैं ,और कुछ  की आयु  तो केवल  14  साल  ही है .
 http://www.hurriyetdailynews.com/tunisian-women-waging-sex-jihad-in-syria-minister.aspx?pageID=238&nID=54822&NewsCatID=352

5-सेक्स का फ़तवा 
किसी भी विषय  या समस्या  के बारे में कुरान के आधार पर  जोभी धार्मिक निर्णय  किया जाता है ,उसे फतवा  कहा  जाता है  , और मुसलामनों के लिए   ऐसे फतवा  का पालन  करना  अनिवार्य   हो जाता  है . चूँकि  इन  दिनों  सीरिया में  जिहाद  हो रहा है , जिसमें  हजारों  जिहादी  लगे हुए  हैं  .और  उनकी वासना शांत  करने के लिए औरतों की जरुरत  थी , इस लिए एक सुन्नी मुफ़्ती " शेख  मुहम्मद   अल आरिफी -  شيخ محمّد العارفي  "  ने इसी साल अगस्त में एक फतवा  जारी  कर दिया  था ,इस फतवा में कहा है कि सीरिया  के जिहादियों  की कामेच्छा (  sexual desires  )  पूरी  करने  के लिए और    शत्रु को मारने उनके निश्चय  में  मजबूती (  sexual desires and boost their determiation in killing Syrians.
  प्रदान  करने के लिए " सम्भोग  विवाह"  यानी "अजवाज  अल जमाअ -الزواج الجماع  "  जरूरी  (intercourse marriages )है .फतवा में कहा है   ,जो भी औरत  इस  प्रकार  के  सेक्स  से जिहादियों  की मदद  करेगी उसे  जन्नत  का वादा   किया जाता है ( He also promised “paradise” for those who marry the militants  )

"    ووعد أيضا "الجنة" بالنسبة لأولئك الذين يتزوجون من المسلحين "
    यह फतवा  कुरान  की इस आयत के आधार पर  जारी  किया  गया  है ,
" जिन लोगों ने अपने मन  और  शरीर से जिहाद किया तो ऐसे   लोगों  का  दर्जा सबसे  ऊंचा   माना  जाएगा " सूरा -तौबा 9 :29
6-जिहाद के लिए योनि संकोचन 
मुसलमान   जानते हैं कि भारत में अभी प्रजातंत्र  है ,  और इसमे  जनसंख्या   का  महत्त्व  होता है .इसलिए वह लगातार  बच्चे  पैदा करने  में लगे रहते हैं .और  लगतार  बच्चे पैदा  करने से  उनकी औरतों  योनि इतनी ढीली  हो  जाती  है ,कि  उसमे उनका पति  अपना  सिर  घुसा  कर अन्दर  देख  सकता   है .और अपनी औरतों  की योनि  को संकोचित ( Vaginal Shrink   )  करवाने के लिए धनवान  मुसलमान " हिम्नोप्लास्टी -hymenoplasty   "   नामक ओपरेशन  करवा  लेते थे .चूंकि  सीरिया में सेक्स जिहाद में  एक एक  औरत दिन  में सौ सौ  जिहादियों  के साथ  सम्भोग करा  रही है , जिस से उनकी योनि ढीली    हो जाती  है . और युद्ध के समय ओपरेशन करवाना संभव    नहीं था .इसलिए पाकिस्तान की  एक दवा कंपनी(  Pakistan's pharmacies ) ने एक क्रीम  तैयार  की है .जो  कराची  से सीरिया  भेजी   जा रही  है .पाकिस्तान  के अखबार "एक्सप्रेस ट्रिब्यून ( Express Tribune  )    में  दिनांक20    अगस्त 2013 की खबर के अनुसार  कराची में  इन दिनों " योनि संकोचन  (   Vaginal Shrink Cream," )  ले लिए एक क्रीम   बिक रही  है . जिसे लोग वर्जिन  क्रीम ( Virgin Cream" )   भी  कह रहे हैं .इसमे उत्पादक ने  दावाकिया है कि   कितनी भी ढीली योनि हो , इस क्रीम  के प्रयोग से  18  साल  की कुंवारी  लड़की की योनि जैसी  सिकुड़ी  और सकरी  बन   जाएगी .इसी  अखबार की सह संपादक "हलीमाँ  मंसूर  "खुद इस क्रीम  को  देखा  , जिसके डिब्बे पर एक हंसती  हुई लड़की की तस्वीर  है .यह क्रीम  दो नामों  से बिक रही  है 1. B-Virgin’, (the package displaying a youthful girl smiling at white flowers).2 . और दूसरी का नाम 18 Again (Vaginal Shrink Cream,)   है  . जो  शीशी  में मिल रही है .इस पर लिखा है "  promise to restore a woman's virginity. "यह  क्रीम   बड़ी   मात्रा में  पाकिस्तान से  सीरिया भेजी  जा रही है  , ताकि संकुचित योनि   पाकर  जिहादी  दिल से जिहाद   करते रहें .
Re-virginising’ in a tube: ‘Purity’ for sale at Pakistani pharmacies

http://blogs.tribune.com.pk/story/18175/re-virginising-in-a-tube-purity-for-sale-at-pakistani-pharmacies/

7-सेक्स जिहाद विडिओ 
शेख  मुहम्मद अल आरिफी  ने टी वी   पर  जो सेक्स  जिहाद का फतवा  दिया  था , वह  यू ट्यूब   पर  मौजूद है ,इस विडिओ का नाम   है  , जिहाद  अल निकाह -jihad al nikah- جهاد النكاح ... فتوى حقيقة او بدعة "

http://www.youtube.com/watch?v=2ftO8Zkvl18

यह लेख पढनेके  बावजूद जो लोग इस्लाम  को धर्म मानते हैं  और मुसलमानों  से सदाचारी  होने की उम्मीद  रखते हैं  ,उन्हें अपने  दिमाग  का इलाज करवा . वास्तव में देश में  जितने भी  बलात्कार  हो रहे हैं  , सबके पीछे इसलाम की तालीम  है .जिसका भंडाफ़ोड़  करना  हरेक  व्यक्ति  का  कर्तव्य  है .समझ  लीजिये इस्लाम  का अर्थ शांति नहीं समर्पण ( surrendar )  है . जिहाद का अर्थ परिश्रम  करना नहीं  आतंक ( terror )  है , कुरबानी का   अर्थ त्याग नहीं जीव हत्या ( slaughter ) है .और  रहमान  का अर्थ दयालु नहीं हत्यारा ( killer )  है .यदि इतना भी  समझ लोगे तो  इस्लाम    को समझ लोगे .
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