शनिवार, 3 मार्च 2012

मुस्लिम देशों में अशांति क्यों है ?


आजकल लगभग सभी मुस्लिम देशों में विभिन्न कारणों से खूनी संघर्ष हो रहे हैं , जिसके फलस्वरूप रोज हजारों लोग मारे जा रहे हैं , फिरभी कुछ मुस्लिम धार्मिक नेता वास्तविकता पर परदा डालने के लिए कभी अमेरिका और कभी दुसरे देशों को इसका जिम्मेदार बताते रहते हैं . यह तो अच्छा है कि इन देशों में हिन्दू नहीं हैं , वर्ना यह मौलवी वहां के उपद्रवों और हत्याओं के लिए आर. एस .एस का नाम लगा देते .चूंकि इन मुस्लिम देशों के उपद्रवग्रस्त और अशांत होने से विश्व के सभी देशों से प्रभाव पड़ रहा है ,जो एक चिंता का विषय है ,कि आखिर क्या वजह है ,जिस के कारण न तो यह देश शांत रहते हैं ,और न ही दूसरों को शांतिपूर्वक रहने देते हैं .क्योंकि यह समस्या मुस्लिम देशों से सम्बंधित है , जहाँ बड़े बड़े उग्रवादी संगठन मौजूद है ,इसलिए कुरान और हदीसों आधार पर अशांति   के असली कारण बताये जा रहे हैं ,जो इस प्रकार हैं ,
1-वहां सभी मुसलमान हैं 
कुरान और हदीसों से साबित होता है कि , अल्लाह जिस बच्चे को भी जन्म देता है , वह धर्म के अनुसार पक्का मुसलमान होता है ,मुसलमानों का स्वभाव कैसा होता है ,सब जानते हैं ., और मुसलमानों के स्वभाव में किसी भी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं है .क्योंकि उनका स्वभाव ही उनका दीन( धर्म ) है .देखिये
"अल्लाह की सृष्टि में कोई परिवर्तन होने वाला नहीं है ,क्योंकि यही दीन(धर्म ) है .लेकिन अधिकांश लोग नहीं जानते "सूरा -रूम 30 :30 
अबू हुरैरा ने कहा कि इस आयत के बारे में रसूल ने कहा कि ,हरेक बच्चा असली( ईमान )इस्लाम में जन्म लेता है ,"
"وروى أبو هريرة:
قال رسول الله: "كل مولود يولد مع الايمان الحقيقي للإسلام"
Narrated Abu Huraira:
Allah's Apostle said, "Every child is born with a true faith of Islam
Sahih Al-Bukhari, Volume 2, Book 23, Number 441)
Sahih Al-Bukhari, Volume 2, Book 23, Number 467
2-मनुष्य में अल्लाह की आत्मा 
इस्लामी मान्यता के अनुसार अल्लाह ने स्रष्टि का प्रथम व्यक्ति आदम बनाया था . और उसके शरीर बनाने के बाद उसमे अपनी आत्मा फूंक दी थी . इस तरह सभी आदम की संतानें हैं , और सभी में आदम के गुण मौजूद है ,
"हमने इन्सान को नख शिख से बिलकुल ठीक बनाया और ,फिर उसमे अपनी रूह फूंक दी "सूरा -अस सजदा 32 :9 
"और फिर उसकी आत्मा को जैसा रचाना चाहा वैसा बनाया ,और जब इस काम में सफल हो गया तो ,आत्मा को और नीखर दिया "
सूरा -अश शम्श 91 :1 और 91 :9 
3-अल्लाह ने मनुष्य को कैसा बनाया 
कुरान के अनुसार अल्लाह ने आदम को नापतौल करके खोट रहित बिलकुल सही सही बनाया था ,और उसे अच्छा रूप ,और निष्पाप बनाया था
"हमने मनुष्य को सुन्दरतम रूप से बनाया है ,और उसे अच्छी प्रकृति प्रदान की है "सूरा -अत तीन 95 :4 
"उसी ने हरेक चीज को बनाया है ,फिर उसका ठीक से अंदाजा भी ठहराया है "सूरा -अल फुरकान 25 :2 
उसी ने इन्सान का अच्छा स्वभाव दिया है "सूरा -तागाबुन 64 :3 
4-आदम अल्लाह प्रतिरूप है 
अगर हम इन हदीसों को गौर से पढ़ें तो पता चलता है कि आदम की केवल शक्ल ही नहीं सभी गुण भी अल्लाह के जैसे ही थे .यानि जो आदतें और स्वभाव अल्लाह के हैं ,वही आदम के भी थे , देखिये
"अबू हुरैरा ने कहा ,कि रसूल ने कहा है , अल्लाह ने आदम को प्रतिरूप बनाया है "


Narrated Abu Huraira:The Prophet said, "Allah created Adam in HIS IMAGE
"
"وروى أبو هريرة: أن النبي قال: "خلق الله آدم على صورته"


 (Sahih al-Bukhari, Volume 8, Book 74, Number 246,

अबू हुरैरा ने कहा ,कि रसूल ने कहा है ,कि महान अल्लाह ने आदम को अपना प्रतिरूप बनाया है "


Abu Huraira reported Allah's Messenger as saying: Allah, the Exalted and Glorious, created Adam in HIS own image 


"عن أبي هريرة رسول الله قوله: الله، عز وجل، ومجيد، وآدم خلق على صورته"


Sahih Muslim, Book 040, Number 6809
"अल्लाह के रसूल ने कहा ,यदि कोई अपने भाई से मारामारी करे ,तो उसके चहरे पर प्रहार करने से बचे , क्योंकि अल्लाह ने आदम को अपनी सूरत जैसा बनाया है "
The Messenger of Allah, may Allah bless him, said:“When any one of you fights with his brother, he should avoid his face for Allah created Adam in his or His own image.”
إِذَا قَاتَلَ أَحَدُكُمْ أَخَاهُ فَلْيَجْتَنِبْ الْوَجْهَ فَإِنَّ اللَّهَ خَلَقَ آدَمَ عَلَى صُورَتِهِ
 Sahih Muslim-BK 20  Hadith 4731
http://www.sahihmuslim.com/sps/sp.cfm?secID=GSC&loadpage=displaysection.cfm
सही मुस्लिम कि इस हदीस व्याख्या करते हुए इब्न अजीबा ने "अल मुबहदिस अल असलिया" में कहा है ,इसका तत्पर अल्लाह जैसी सूरत नहीं ,उसके गुणों के बारे में कहा गया है ,
Ibn `Ajibah writes in the explanation of this hadith [al-Mabahith al-Asliyyah,(المباحث العامة )
line 22: "And the reality of the human has a pattern in the manners"] hadith 20:4731
5-मनुष्यों को सारे गुण आदम से मिले 
चूँकि अल्लाह ने अपनी आत्मा और अपने सभी गुण जो आदम में प्रविष्ट कर दिए थे , वह पीढी दर पीढ़ी आदम की संतानों में पहुंचते रहे , और मनुष्य उसी के प्रभाव से काम करता रहा .
"लोग बोले यह गुनाह तो हमारे पूर्वज से आया है , हम तो उसके बाद पैदा हुए हैं ,क्या तू इसके लिए हमें विनष्ट कर रहा है "
सूरा -अल आराफ 7 :173 
6--दुर्गुण अल्लाह की देन हैं 
एक साधारण सा व्यक्ति भी समझ सकता है ,कि जिस दुकानदार के पास जो और जैसा माल होगा , वह ग्राहक को वैसा ही माल देगा . अल्लाह के पास आदम को देने के लिए जिस प्रकार के गुण थे उसके कुछ उदहारण दिए जारहे हैं ,जो कुरान में बताये हैं ,
1 - कृतघ्न और अन्यायी 
"मनुष्य बड़ा ही अन्यायी और कृतघ्न है "सूरा -इब्राहिम 14 :34
"निश्चय ही मनुष्य खुला कृतघ्न है 'सूरा-अज जुखुरुफ़ 43 :15
"नाश हो जाये इस मनुष्य का ,कितना कृतघ्न है "सूरा - अबस 80 :17
2-झगड़ालू 
"मनुष्य प्रतक्ष्य झगडालू और विवाद करने वाला है "सूरा -अन नहल 16 :4
"परन्तु मनुष्य सबसे बड़ा झगडालू है "सूरा -अल काफ 18 :54
3-उतावला 
"मनुष्य बड़ा उतावला है ,और बुराई मांगता है "सूरा-बनी इस्राइल 17 :11
"मनुष्य को उतावला पैदा किया गया है "सूरा -अल अम्बिया 21 :37
4-पीड़ित 
"निस्संदेह हमने मनुष्य को कष्टों में ग्रस्त बनाया है "सूरा -अल बलद 90 :4
5-तंग दिल
"मनुष्य का दिल बड़ा ही तंग बनाया गया है "सूरा - बनी इसराइल 17 :100
"मनुष्य कंजूसी करता है ,और दूसरों से कंजूसी करवाता है "सूरा -अल हदीद 57 :24
6-भुलक्कड़ 
"जब उसे कोई नेमत प्रदान की जाती है ,तो फ़ौरन भूल जाता है "सूरा अज जुमुर 39 :8 और 39 :49
7-अत्याचारी 
"निश्चय ही मनुष्य बड़ा ही जालिम और जाहिल है "सूरा -अहजाब 33 :72
8-चिड़चिड़ा 
"मनुष्य बड़े ही कच्चे दिल का बनाया गया है "सूरा -अल मुआरिज 70 :19
9-स्वार्थी 
"जब कृपा की जाती है तो ,किनारा कर देता है ,और जब तकलीफ पड़ती है तो दुआ करता है " सूरा अस सजदा 41 :51
"लोभ तो इन्सान के सामने ही रहता है " सूरा अन निसा 4 :128
7-निष्कर्ष 
जिस देश और समाज के लोगों का चारित्रिक रूप से घोर पतन हो गया हो ,जो अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हों ,वह विश्व के लिए खतरा बने रहेंगे .जब खुद अल्लाह ने ऐसे लोगों में ठूंस ठूंस कर सारे दुर्गुण भर दिए हैं .इसका एक नमूना देखिये ( विडियो )
Mullha-who raped 48 dead bodies in Pakistan Must watch

http://www.youtube.com/watch?v=M4Pg-teqraY

जब अल्लाह ने ऐसे ऐसे लोग बना दिए हैं ,और जिनका स्वभाव बदल नहीं सकता ,तो वह हमेशा अशांति ही फैलाते रहेंगे .इनको शांत करने का वही उपाय है जो अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन पर आजमाया था.

http://abdurrahman.org/character/negativequalitiesmankind.html

11 टिप्‍पणियां:

  1. पता नहीं, लोग आत्मचिन्तन भी क्यों नहीं करना चाहते.

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  2. sharma ji namaste
    apne bahut acchha likha hai lekin muslim prakriti hi atankbadi,manwata birodhi hai is nate ye ashanti ke inke choli daman ka sath hai islam se shanti ki ummid karna hi bewkufi hai islam ke rahte vishw me shanti sambhaw nahi hai.

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  3. सबसे ज्याद अपने बाप को मारकर राजा बनाने का रिकार्ड है तो इस्लामिक राजाओ के पास है क्योकि वे माँ-बाप को अल्लाह के बराबर नही मानते. यह उस सिद्धांत का दुसपरिणाम है जो कहता है की यह सर झुकेगा तो अल्लाह के आगे और कही नही.
    आज इस्लामिक देसो मे लोकतंत्र का बुखार चड़ा हुआ है राजा यह मानता है की मैं झूकूगा तो अल्लाह के आगे इन कीड़े मकोड़ो के सामने क्यो. फलस्वरूप जनता को कीड़े मकोडे की तरह मार रहा है. जनता जब राजा को पकड़ लेती है तो कुत्ते की मौत मारती है क्योकि जनता यह नही मानती है की राजा अल्लाह का प्रतिनिधि या अल्लाह होता है यह भी उस सिद्धांत का दुसपरिणाम है जो कहता है की यह सर झुकेगा तो अल्लाह के आगे और कही नही.
    दिल्ली मे अन्ना हज़ारे को मुसलिम समुदाय का समर्थन नही मिला और मजबूत लोकपाल बिल नही बन पाया.यह भी उस सिद्धांत का दुसपरिणाम है जो कहता है की यह सर झुकेगा तो अल्लाह के आगे और कही नही………………………………………………………………………………………………

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  4. क्या इन्हें अल्लाह ये सब करने की भी इज़ाज़त देता है...?
    इस्लाम शांति का प्रतीक होने का दावा किस मुह से करता है ...

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  5. TUM SAB ADHARMI HO NATIJA EK DIN SBKE SAMNE AA JYEGA AOR BHANDAFODU TMHAI GAAND ME MIRCH DALI JAYEGI

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    1. teri maan ka chut madur chod tere maan ko tu chod ta hai gandu ariel tere maan ka bhosda us ki chut me gadhe ka land our tere moun main gadhe ke khutte

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  6. DOSTO ......EK MULLE KO MIRCHI LGI .......SACHCHAI KADWI HOTI HAI NA..

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  7. PART 1
    इस्लाम में मिला दिली सुकून


    मैंने इस्लाम का कई महीनों तक गहन अध्ययन किया और मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि इस्लाम सच्चा धर्म है, जो प्रकाशमान है।
    मुहम्मद अली दुनिया के तीन बार हैविवेट चैम्पियन रह चुके अमेरिका के मशहूर बॉक्सर
    दुनिया के तीन बार हैविवेट चैम्पियन रह चुके अमेरिका के मशहूर बॉक्सर कैशियस क्ले जब इस्लाम कबूल करके मुहम्मद अली बने तो अमेरिका में मानो तूफान आ गया। मुहम्मद अली का इस्लाम में दाखिल होना अमेरिका में इस्लाम के फैलने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस घटना से अमेरिका में चमात्कारिक रूप से इस्लाम के आगे बढऩे में कामयाबी मिली। १७ जनवरी १९४२ को जन्मे मुहम्मद अली २२ साल की उम्र में १९६४ में इस्लाम के आगोश में आ गए।
    २७ फरवरी १९६४ को मुहम्मद अली ने एसोसिएटेड प्रेस के सामने इस्लाम धर्म अपनाने का ऐलान किया। यहां पेश है उस वक्त एसोसिएटेड प्रेस के सामने मुहम्मद अली का किया गया खुलासा।
    मुहम्मद अली ने बताया कि आज उन्होने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया है। इस्लाम वह रास्ता है जिसमें आपको हरदम सुकून व चैन मिलता है। बाईस वर्षीय क्ले ने कहा-वे ऐसे मुसलमानों को काले मुसलमान कहते हैं, दरअसल यह यहां की प्रैस का दिया हुआ शब्द है यह नाम उचित नहीं है। इस्लाम तो ऐसा धर्म है जिसके मानने वाले दुनियाभर में करोड़ों लोग हैं और मैं भी उनमें से एक हूँ।
    इस्लाम सच्चा धर्म मैंने इस्लाम का कई महीनों तक गहन अध्ययन किया और मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि इस्लाम सच्चा धर्म है जो प्रकाशमान है। जैसे एक पक्षी रात में रोशनी को देखकर चहचहाने लगता है और अंधेरे में चुप रहता है। अब मुझे भी रोशनी नजर आ गई है और मैं भी खुशी से चहचहा रहा हूं। जब मुहम्मद अली से पूछा गया कि लोग आपके धर्म परिवर्तन के बारे में जानने के बहुत इच्छुक हैं तो उनका जवाब था-लोग दूसरों के धर्म के बारे में जानना नहीं चाहते लेकिन वे मेरे धर्म के बारे में जानना चाहते हैं क्योंकि मैं चैम्पियन हूं। मैं विश्व विजेता हूं, इस वजह से पूरी दुनिया मेरे धर्म परिवर्तन को लेकर आश्चर्यचकित है।
    SUNNIKING TEAM
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  8. PART 2

    हमारी पहचान इस्लाम से गोरे लोग हमें काले मुस्लिम कहकर पुकारते हैं, लेकिन हमारी वास्तविक पहचान तो इस्लाम मजहब है। इस्लाम का अर्थ है शान्ति,फिर भी लोग हमें दूसरों से नफरत करने वाले समझते हैं। ऐसे लोगों का आरोप है हम देश पर कब्जा करना चाहते हैं। वे हम मुसलमानों को साम्यवादी कहते हैं। सच्चाई यह नहीं है। अल्लाह को मानने वाले लोग तो दुनिया में सबसे अच्छे इंसान है। वे हथियार नहीं रखते। वे दिन में पाँच बार नमाज अदा करते हैं। मुस्लिम औरतें जमीन पर लटकती हुई पोशाक पहनती हैं। वे व्यभिचार नहीं करतीं। मुसलमान दुनिया में शान्ति और चैन के साथ जिंदगी गुजारना चाहते हैं। वे किसी से नफरत नहीं करते। किसी भी तरह की मुश्किल को बढ़ावा नहीं देते। वे चुपचाप अपनी बैठकें करते हैं जिनमें किसी तरह के झगड़े और नफरत फैलाने की बात नहीं होती।
    जीत अल्लाह की मदद से मुहम्मद अली ने कहा कि इस्लाम से उन्हें दिली सुकून हासिल हुआ है और हाल ही लिस्टन पर उनकी रोमांचक जीत अल्लाह की मदद से ही हुई है। वे कहते हैं- इस मुकाबले में खुदा मेरे साथ था,बिना खुदा की मदद के मेरे लिए जीतना मुश्किल था। उन्होने कहा-वे लोग इस बात से परेशान हैं कि मुस्लिम जमाअत ने नीग्रो लोगों में आपसी एकता को जबरदस्ती से प्रज्ज्वलित किया है। मैं ऐसा नहीं मानता क्योंकि प्रतीकात्मक और थोपी गई एकता अस्थायी होती है और यह नीग्रो समस्या का स्थायी हल नहीं है। हमारा मानना है कि किसी को अपना मजहब दूसरे पर नहीं थोपना चाहिए। मैं तो अपने ही तरह के लोगों के बीच रहना चाहता हूं और उनके साथ खुश हूं। यह फितरती बात है कि एक ही संस्कृति और नस्ल के लोगों को एक साथ रहना चाहिए जैसे कि जंगल के जानवर भी ग्रुप में रहते हैं। मैक्सिकन,पुइत्रो रिकन्स,चीनी और जापानी अगर एक जगह रहते हैं, तो ज्यादा अच्छी तरह रहते हैं। जैसें मै गर्म मैक्सिकन खाना पसंद नहीं करता। अगर कोई मुझे यह खाने को दे तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा। इसी तरह हो सकता है आप भी वो पसंद नहीं करे जो मुझे पसंद हो।
    कोई गलत काम नहीं किया
    कैन्टुकी शहर से ताल्लुक रखने वाला यह युवा यह जानकर बेहद गुस्सा हुआ कि कुछ लोग उसके इस्लाम अपनाने के मामले को इस बात से जोड़कर देख रहे हैं कि मानो मैं किसी खतरनाक मकसद को अंजाम देने वाला हूं। वह क्रोधित होकर कहता है-मैं एक अच्छा लड़का हूं। मैंने कभी कोई गलत काम नहीं किया। मैं कभी ना जेल गया ना अदालत। मैं उन गौरी औरतों की तरफ भी ध्यान नहीं देता जो मुझे आंखों के इशारे करती हैं। मैं उन लोगों पर खुद को नहीं थोपता जो मुझे पसंद नहीं करते। जहां मेरा सम्मान नहीं होता,वहां मैं बेचैनी महसूस करता हूं। मैं गौरे लोगों को पसंद करता हूं। मैं अपने लोगों को भी पसंद करता हूं। वे बिना किसी परेशानी के एक साथ रह सकते हैं। अगर कोई शान्तिप्रिय रास्ता अपनाता है तो आप उसे बुरा नहीं कह सकते,अगर फिर भी आप ऐसा करते हैं तो शान्ति का ही विरोध करते हैं।
    हज का अनूठा नजारा
    यूं तो मेरी जिंदगी में कई अहम पड़ाव आए,लेकिन हज के दौरान अराफात पहाड़ पर खड़ा होना मेरी जिंदगी का महत्वपूर्ण,अद्भुत और अनूठा पल था। मैं यह देखकर अभिभूत हो गया कि वहां इकट्ठे डेढ मिलियन हजयात्री अल्लाह से अपने गुनाहों को माफ करने की गुजारिश कर रहे थे और साथ ही उसकी दया की तमन्ना कर रहे थे। मेरे लिए यह उत्साह भर देने वाला अनूठा अनुभव था। अलग-अलग रंग,जाति,देश,नस्ल,अमीर,गरीब सब सिर्फ दो चादरें पहनकर बिना किसी बड़प्पन के अल्लाह की इबादत में मशगूल थे। यह इस्लाम में बराबरी का व्यावहारिक नमूना था।जैसा १५जुलाई १९८९ का उन्होने अल मदीना,जेद्दा को बताया।
    SUNNIKING TEAM INDIA

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  9. "His Image" means resemblance to the attribute of God.
    For humans are given specialty of great mind to create something on earth resembling the Creator of Universe, given a great mind to allow them to rule on earth resembling the Ruler of Universe.

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  10. R.S.Sके चमचों तुम R.S.S का नाम क्यों गन्दा कररहे हो।शायद तुम भूल रहे हो की केदारनाथ में कितनी तबाही हुई थी,क्या अल्लाह ने या फिर किसी मुल्ला मौलवी ने यह तबाही भेजी थी,अगर ऐसा होता तो वहां मंदिर भी नहीं बचते।और अगर भगवान् की तरफ से यह बर्बादी हुई है तो फिर तुम्हारे हिसाब से तो भगवान् भी हत्त्यारे और निर्दयी हुए।
    पहले महाभारत तो पढ़ लो,किशन मुरारी भगवान् चाहते तो युद्ध विराम हो जाता,लेकिन युद्ध हुआ।युद्ध में उनहोंने झूट का सहारा लिया तो क्या तुम उनको झूठा और कपटी कहोगे।उस युद्ध में कितने ही निर्दोसों की जानें गयीं,तो फिर तुम्हारे हिसाब से भगवान् हत्त्यारे हैं।जहाँ तक मेरा विचार है महाभारत और रामायण तथा हर युग का एक ही भगवान् होना चाहिए,शायद तुम्हारे हिसाब से आज के युग में नए भगवान् पैदा हो गए हों।तो फिर आज के युगों के भगवानों के नाम भी नए रखलो,और ग्रंथों तथा वेदों को भी बदल डालो और सबको अपने हिसाब से नया बनालो।
    आगे भी बातें जरी रहेंगी।
    भारतवासी

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