मंगलवार, 27 मार्च 2012

जिहादी किसके वंशज हैं ?


आजकल मध्य एशिया को अरबी साम्राज्य का मूल स्थान माना जाता है . और यदि हम इतिहास देखें तो पता चलेगा कि इस समय जो अरब काफी धनवान बने हुए हैं ,वह स्वाभाविक रूप से लुटेरे , अत्याचारी , क्रूर ,और लालची है.और जब करीब चौदह सौ साल पहिले अरब में इस्लाम का उदय हुआ तो अरब के लोग मुसलमान बन गए .तब  से यह अरबी साम्राज्यवादी जिहाद के नाम पर सारी दुनिया में आतंक फैला रहे हैं . इनकी यह जिहादी नीति पीढी दर पीढ़ी चलती है आ रही है . चूँकि विश्व के लगभग सभी देश जिहादी आतंक से परेशान है, इसलिए लोग मानने लगे हैं कि जरुर इन जिहादियों के खून या जीन ( Gene ) में किसी अमानवीय जीव का रक्त और और अंश होगा . और इस बात पता करने के लिए हमें कुरान बाइबिल और हदीसों का सहारा होगा .क्योंकि मुसलमान उन्हीं को प्रमाणिक और सत्य मानते हैं .दुनिया भर के मुसलमान यही समझते हैं कि अल्लाह में सष्टि का प्रथम मनुष्य "आदम Adam " को बनाया था . फिर उसकी औरत "हव्वा Eve " को बनाया था .जिसके दो पुत्र हुए थे . जिनके नाम काबिल और हबील थे .और एक भाई ने दूसरे को क़त्ल कर दिया था . फिर बचे हुए लडके की संतानों से दुनिया भर के लोग पैदा हुए हैं .यहाँ एक सवाल पैदा होता है कि जब उस समय न तो कोई अदम कि पुत्री थी और न कोई दूसरी लड़की थी तो उनका वंश आगे कैसे चला था ?
लेकिन इस सवाल का जवाब खुद कुरान और हदीसों में छुपा हुआ था , और अधिकांश मुसलमानों को यह पता नहीं था कि अल्लाह ने आदम से बहुत पहले जिन्नों Devils को पैदा किया था .और आदम के लडके का वंश इन्हीं जिन्नों के संसर्ग से आगे चला था .कैसे ? देखिये 
1-आदम की सृष्टि और कर्मभूमि 
"अल्लाह ने मनुष्य की सृष्टि को मिट्टी के गारे से किया था . और उसे दुरुस्त करके उसमे अपनी आत्मा फूंक दी "सूरा -अस सजदा 32 :7 -9 
" उसीने बस एक ही जीव ( आदम ) को बनाया और फिर उसका जोड़ा बनाया ,ताकि वह उसके साथ चैन पा सके "सूरा -अल आराफ 7 :189 
और इन्हें आदम के दो बेटों का हाल बता दो ,फिर एक के जी ने उसे अपनी ही भाई की हत्या पर आमादा कर दिया .तो उसने उसकी हत्या करदी " सूरा - अल मायदा 5 :27 से 30 
कुरान की इन आयतों से पता चलता है कि आदम का सिर्फ एक ही बेटा जिन्दा रहा था ,और बाइबिल के अनुसार आदम और हव्वा अदन नामकी जगह में रहते थे .वहीँ यह बच्चे पैदा हुए थे .
" फिर परमेश्वर ने आदम को अदन की वाटिका ( Garden of Eden ) में रख दिया . ताकि वह उस जगह खेती करे " बाइबिल उत्पत्ति 3 :24 
" फिर परमेश्वर ने आदम को अदन की वाटिका ( Gardn of Eden ) में रख दिया . जिसके पास फरात नदी बहती है " बाइबिल उत्पति 2 :14 -15 
इस प्रकार अगर कुरान और बाइबिल कि बात को सही मानें तो बिना औरत के आदम के एकलौते लडके का वंश कैसे चला ,क्योंकि ,
2-आदम से पहले जिन्न Devils बने थे 
मुसलमान फरिश्तों कि तरह ही जिन्नों पर भी विश्वास रखते हैं , क्योंकि जिन्नों के बारे में कुरान में पूरी एक सूरा -जिन्न 72 दीगयी है .इसलिए जिन्नों के अस्तित्व पर शंका करने का कोई सवाल ही नहीं होता .फिर कुरान में भी कहा है ,
"और जब हमने मनुष्य को सड़ी काली मिट्टी के गारे से बनाया था ,तो उस से पहले जिन्नों को लू की लपट से पैदा किया था " 
सूरा - अल हिज्र 15 :26 -27 
"और जिन्नों को आग की लपट से पैदा किया " सूरा -रहमान 55 :15 
3-जिन्न मनुष्य से श्रेष्ठ प्रजाति है 
"जिन्नों ने कहा कहा हम आदम से श्रेष्ठ हैं , तूने हमें आग से बनाया ,औ आदम को मिट्टी से बनाया है "सूरा -अल आराफ 7 :12 
शायद यही कारण होगा कि अल्लाह में मुहम्मद को मनुष्यों के साथ जिन्नों का रसूल बना दिया था , जैसा कि कुरान कहती है ,
"हे जिन्नों और मनुष्योंके गिरोह क्या तुम्हारे पास रसूल नहीं आया , जिसने तुम्हें आयतें सुनकर क़यामत के दिन से डराया हो "
सूरा - अनआम 6 :131 
4-जिन्नों के मानवीय गुण 
कुरान और हदीसों के अनुसार जिन्न भी लोगों से दोस्ती और दुश्मनी रखते , खासकर वह मुसलमानों के दोस्त हैं ,
"और हमने हरेक नबी के दुश्मन मनुष्यों और जिन्नों में से बनाये हैं "सूरा -अनआम 6 :113 
"अब्दुल्लाह इब्न मसूद ने कहा कि रसूल ने कहा कि मुझे पता है तुम लोगों में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है ,जिसका कोई जिन्न साथी नहीं हो .लेकिन अल्लाह ने मुझे उन से बचा रखा है " सही मुस्लिम -किताब 39 हदीस 6757 और 6769 
5-जिन्नों के वर्ग और प्रकार 
हदीसों के अनुसार जिन्नों के कई वर्ग है और , वह हर तरह का रूप धारण कर सकते हैं ,और हवा में उड़ भी सकते हैं .
रसूल ने कहा कि जिन्न तीन प्रकार के हैं एक जो हवा में उड़ते हैं , एक जो सांप और कुत्ते जैसे हैं और एक वे हैं जो आवारा फिरते रहते हैं .


he Prophet (salallaho aleihi wa sallam) said, 


ا لجن ثلاثة اصناف فصنف يطير في الهواء وصنف حيات وكلاب وصنف يحلون ويظعنون


“There are three types of jinn: one that flies through the air, one that are snakes and dogs, and one which stay in places and travel about”


 by at-Tabarani and al-Haakim and by al-Baihaqi in Al-Asmaa wa as-Sifaat with sahih isnad. See Muhammad Naasir al-Deen al-Albani,

 sahih al-Jaami al-Sagheer, vol.3, p. 85.] al-Mishkaat (2/1206, no. 4148
अल तबरानी ने अपनी किताब " अल कबीर" में इसे और स्पष्ट रूप में बताया है ,देखिये 
इब्न अब्दुल बर्र ने "अकमाल जान्न 8 में जिन्नों के 6 प्रकार बताये हैं, 
1 -साधारण अरबी में उनको "जिन्नीجِنيّ " कहते हैं (sura yusuf 12:100)
2 .जो लोगों के बीच मिल कर रहते हैं , उन्हें " आमिरعامر " बहु वचन "अम्मारعمّار " कहते हैं .(sura taubah9:19)
3 .जो बच्चों से लगाव रखते हैं उन्हें " अरवाहارواح " कहते हैं 
4 .जो लोगों नुकसान देते हैं उन्हें " शयातीन الشياطين" कहते हैं (sura bakra 2:102)
5 जो उन से भी अधिक उद्दंड और बुरे होते हैं उन्हें " मारीद الماريد" कहते हैं 
6 -जो सबसे जादा ताकतवर होते है उन्हें " इफरीतعفريت " बहुवचन " इफारीत عفاريت" कहते हैं (Sura An-Naml (27:39-40)
al-Tabaraani in al-Kabeer, 22/214(http://muttaqun.com/jinn.html)
6-जिन्नों की खुराक 
हदीसों के अनुसार जिन्न बेकार की चीजें खाते रहते हैं ,और फिर गंभीर रोगों में ग्रस्त हो जाते हैं
" अबू हुरैरा ने कहा कि एक बार जब रसूल शौच कर चुके थे , मुझ से कुछ पत्थर लाने को कहा ,जिस से रगड़ कर वह अंग साफ कर सकें .. और कहा कि तुम सूखा गोबर या जानवर की हड्डियाँ नहीं लाना , यह जीनों का भोजन है ,और जिन्न हड्डियाँ , सूखा गोबर और कोयला ही खाते हैं "
बुखारी -जिल्द 5 किताब 58 हदीस 200 
"अब्दुल्लाह इब्न मसूद ने कहा कि रसूल ने कहा जिन्नों का एक दल उनके पास आया था ,और मुझसे अनुरोध किया था कि अप अपने लोगों को शौच के बाद अपने अंगों को गोबर और हड्डियों से साफ करने से रोकें .क्योंकि यह हमारे काम की चीजें हैं "Sunaan Abu Dawud, 1.1.0039)
मालिक ने कहा की उम्र बिन खत्ताब ने इराक जाने का इरादा किया तो लोगों ने उनको रोका और कहा वहां जिन्न ऐसे रोगों से ग्रस्त हैं ,जिनका इलाज संभव नहीं है .

Malik’s Muwatta, 54.11.30
7-जिन्नों से शादी 
चूंकि जिन्न मुसलमान होते हैं और पूरे मुस्लिम देशों में अपना रूप और आकार बदलकर रहते हैं , तो मुसलमान औरत मर्द उन से शादी भी कर लेते हैं . जिन्नों में सबसे खासियत यह है की वह जब चाहे अपना सेक्स (Gendar ) बदल सकते हैं . यानि मर्द से औरत और औरत से मर्द बन सकते हैं .और उनकी संताने भी होती हैं .जो इन हदीसों से सिद्ध होता है . 
जिन्नों और मुसलमानों के बीच शादी के बारे में ,हनफी इमाम इब्न आबिदीन ने "रद्द अल महतर अलल दुर्र अल मुख्तार " में कुरान की सूर निसा 4 :3 की आयात का हवाला देकर कहा ,जिसमे मुसलमानों को अपनी पसंद की किसी भी औरत से शादी करने की इजाजत दी है .और इमाम ने यह भी कहा कि पुरुष जिन्न स्त्री के रूप में और स्त्री जिन्न पुरुष के रूप में रहते हैं .
"और तुम्हारे लिए जायज है की तुम आपनी इच्छा से दो दो , तीन तीन और चार चार विवाह कर लो " सूरा -निसा 4 :3 
"hence it is possible for a male Jinn to appear in the form of a female, and visa versa. "


"وبالتالي فمن الممكن لالجن ذكر لتظهر في شكل أنثى، والعكس بالعكس"




 (See: Radd al-Muhtar 3/5)-(Arabic: رد المحتار على الدر المختار‎)Allamah Sayyid Muhammad Ameen ibn `Aabideen ash-Shaami

इब्ने तय्यमा ने कहा कि अक्सर मनुष्य और जिन्न आपस में शादी कर लेते हैं . और उनकी संतान भी होती है , यह बात सब जानते हैं .
Ibn Taimiya said,


“Humans and jinn have gotten married and have had children; this has happened often and is well-known.”


"قال ابن تيمية،


"قد حصلت الانس والجن تزوجت وكان لها الأطفال، وهذا ما حدث في كثير من الأحيان وغير معروفة".


 (Majmoo Fatwa, vol 19: p 39)

http://www.missionislam.com/knowledge/books/JinnDevils.pdf
8-जिन्नों यानी शैतानों का राज्य 
अभी तक लोग शैतान और जिन्नों को अलग समझते आये हैं ,लेकिन कुरान के अनुसार जिन्न भी शैतान ही हैं . और कुरान में उनको एअज्य करने ( आतंक फ़ैलाने ) का वरदान दिया गया है
"अबू हुरैरा ने कहा की रसूल ने कहा कल अचानक एक ताकतवर जिन्न मेरी नमाज में व्यवधान पैदा करने लगा . तब मैंने सोचा कि उसे पकड़ कर मस्जिद के खम्भे से बांध कर कैद कर दूँ .तभी मुझे अपने भाई सुलेमान की बात याद आगई . उन्होंने जिन्नों को राज करने का वरदान दिया है ( सूरा -साद 38 :35 )
बुखारी - जिल्द 4 किताब 55 हदीस 634 
यह पूरी आयत इस प्रकार है ,
फिर जिन्नों ने कहा रब हमें वह राज्य प्रदान कर ,जो हमारे बाद किसी के भी लिए शोभनीय नहीं हो .बेशक तू बड़ा दाता है "सूरा -साद 38 :35 
9-जिन्न ही शैतान हैं 
"और इबलीस (शैतान ) जिन्नों में से था " सूरा -अल कहफ़ 18 :50 
" إِلَّا إِبْلِيسَ كَانَ مِنَ الْجِنِّ"
इस आयत से साफ हो जाता है कि वास्तव में मुसलमान जिसे शैतान कहते हैं वह एक जिन्न है ,
10-सारांश और निष्कर्ष 
जो लोग शैतान और जिन्नों को अलग समझते हैं वे अपनी आँखें खोल कर कुरान की इस आयत पढ़ें . और बताएं की कुरान में कई जगह "शैतान " की जगह " शयातीन" शयातीन الشياطين"  " शब्द क्यों दिया गया है . जोकि शैतान का बहुवचन Plural है यानि शैतान एक नहीं अनेक हैं .और पूरी कुरान में यह शब्द 14 बार आया है .इन सभी तथ्यों से यह बातें प्रमाणित होती हैं कि जिन्न यानी शैतान अनेकों हैं 2 . मनुष्य से पहले पैदा हुए थे 3 .इस्लामी देशों खासकर अरब देशों में रहते हैं 4 .बहुलिंगीय polygender होते हैं 5 .बहुरूपी और अतिमानव super human होते हैं 6 . मनुष्यों से बच्चे पैदा कर सकते हैं .7 जन्म लेते और मरते भी हैं .8 . अत्याचारी और क्रूर होते हैं .9 .और जब जिन्नों यानी" शयातीन "की इतनी विशेषताएं साबित होती हैं ,तो किसी भी बुद्धिमान व्यक्ति को यह बात समझने में कोई दिक्कत नहीं होगी कि ,जब आदम के एकमात्र लडके लिए अल्लाह ने कोई लड़की बनायी ही नहीं थी . तो उसका वंश और बाद के सभी नबी कैसे पैदा हुए थे .क्या मुसलमान इस बात से इनकार कर सकेंगे कि आदम के लडके से जितना भी वंश चला था सबमे अध मनुष्य और आधा जिन्नों अर्थात शयातीन खून था . और यही कारण कि अरब के और सभी इस्लामी देश न तो शांति से रहते हैं और न दुनिया के लोगों को शांति से रहने देते हैं .क्योंकि 
"जिहादी आतंकियों में शयातीन का खून और जींस हैं "

Do your genes make you a criminal?


http://www.independent.co.uk/news/uk/do-your-genes-make-you-a-criminal-1572714.html

13 टिप्‍पणियां:

  1. जहाँ अज्ञानता होती है वहाँ अंधविश्वास सबसे अधिक होता है ..और इस्लाम तो अज्ञानता से भरा हुआ है ...
    आपने लेख निश्चय ही अत्यंत शोध के बाद लिखा है , लेख शैतान और इस्लाम के मध्य संबंधो को उद्धृत करता है |

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    1. Ye lekh nishchit hi Kisi agyani Maha morkh dear likha gaya hai ..is lekh ke liye Tina hi kafi hai Surya ke tej ke sammukh matchis ki tili Jo jala to Sakti per prakashit nahi Hoti ....that's all.....

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  2. जीन्स का तो असर हर व्यक्ति में होता ही है.

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  3. aap ka lekh main aksar padhta hu aap aksar isalam ki burai hi karte hai, aap ko kya lagta hai ki ye sari kitabi baatey sahi hai, aap abhi bhi nahi samaj paye ki haqeqat in kitabon se bahut juda hai. kahte hai ki soch insane ki fitrat me hoti hai. ACCHE LOG HAMESA ACCHA HI SOCHTE HAI AUR BURE HAMESA BURA.

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  4. islam ka waqt ho chala hai....bahut julm kar liye islam ne insaniyat pe..ab islam ki bari hai saza bhugatane ki....

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  5. kyu itna idhar udhar faink rhe ho islam poori duniya mein se buraii ko jar se ukhad kr faink dega aur ye galat galat batein failana band kar do

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    1. लगता है, तुम इस्लाम के गुलाम हो कभी अपने धर्म ग्रंथ पढ़ते नही हो। पढ़ो या विश्वास करो जो ऊपर लिखा है।

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  6. tum log hinduo ko hi gumrah kar sakte ho q ki wo pahle se hi gumrah hai par tum musalmano ko gumrah nahi kar sakte ho q ki hamara imaan tumhari tarah kamjor nahi hai...

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  7. इस्लाम ही आतंकवाद हैं। इसका अंत नजदीक हैं ।

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