रविवार, 6 मई 2012

इस्लाम शांति या आतंक ?


मुस्लिम नेता हमेशा लोगों के दिमागों में यही बात ठूंसने की कोशिश करते रहते हैं कि इस्लाम एक शांति का धर्म है . और उसका आतंकवाद से कोई सम्बन्ध नहीं है .लेकिब जब भी कोई मुस्लिम आतंकवादी पकड़ा जाता है , तो यह मुल्ले मौलवी और नेता चुप्पी साध लेते .या कहने लगते हैं कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता है .लेकिन मुस्लिम आतंकवादियों को बचाने के लिए मानव अधिकारों की दुहाई देकर दिग्विजय सिंह और तीस्ता सीतल वाड जैसे लोग आगे हो जाते हैं .वास्तव में ऐसे लोग वही होते हैं , जो यातो वर्ण संकर यानि दोगले होते हैं , या जिनको मुस्लिम देशों से धन मिलता है ,या फिर वह लोग होते हैं जिनको इस्लाम और मुसलमानों की मानसिकता के बारे में ठीक से ज्ञान नहीं होता है .चूँकि लोगों को इस्लाम का सही ज्ञान देना बहुत जरूरी है ,इसलिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जा रही हैं .जो कुरान और हदीसों पर आधारित हैं . क्योंकि मुसलमान इन्हीं का पालन करते हैं .
1-असली इस्लाम आतंकवाद 
कुछ मुर्ख लोग इस्लामी आतंकवाद का कारण, मुसलमानों पर किये गए , अन्याय , अत्याचार , भेदभाव और उपेक्षा को बताते हैं , लेकिन मुसलमान आतंकवाद को इस्लाम का शुद्ध रूप मान उस में आनंद प्राप्त करते है , जैसा कि ईरान के मुल्ला आयातुलाह खुमैनी ने कहा है .
इस्लाम का असली आनंद लोगों कि हत्या करना और अल्लाह के लिए मर जाने ने है .
 "The purest joy in Islam is to kill and be killed for Allah "
"وأنقى الفرح في الإسلام هو القتل، ويقتل في سبيل الله "
2-तलवार के साये में जन्नत 
अब्दुल्लाह बिन किस ने कहा , एक बार रसूल एक व्यक्ति से लड़ रहे थे . तो उन्होंने अपनी तलवार लहराते हुए चिल्ला कर कहा , सुन लो जन्नत का दरवाजा तलवारों के साये तले होता है . यह सुनते ही अबू मूसा ने म्यान से तलवार निकाली, और नंगी तलवार लेकर रसूल के प्रतिद्वंदी की तरफ दौड़ा और उसे क़त्ल कर दिया ".सही मुस्लिम -किताब 20 हदीस 4681 
क्योकि इस्लाम की मान्यता है , जन्नत का द्वार तलवारों के साये के तले होता है .इसलिए मुसलमानों के लिए हत्याएं करना और जिहाद करना जरुरी है चाहे किसी ने उनका कुछ भी बुरा नहीं किया हो .
3-मुसलमान क्यों लड़ते रहते हैं 
मुसलमान किसी भी देश में रहें हमेशा फसाद करते रहते है , कई लोग इसका कारण राजनीतिक व्यवस्था और भ्रष्ट सरकारें बताते हैं , लेकिन असली कारण कुरान है , जो कहती है ,


وَأَعِدُّواْ لَهُم مَّا اسْتَطَعْتُم مِّن قُوَّةٍ وَمِن رِّبَاطِ الْخَيْلِ تُرْهِبُونَ بِهِ عَدْوَّ اللّهِ وَعَدُوَّكُمْ وَآخَرِينَ مِن دُونِهِمْ لاَ تَعْلَمُونَهُمُ اللّهُ يَعْلَمُهُمْ وَمَا تُنفِقُواْ مِن شَيْءٍ فِي سَبِيلِ اللّهِ يُوَفَّ إِلَيْكُمْ وَأَنتُمْ لاَ تُظْلَمُونَ.  سورة الأنفال-   Al-Anfâl  -8:60
तुम आसपास के सभी लोगों से लड़ते रहो , चाहे तुम उनको जानते भी नहीं हो , और युद्ध के लिए सभी साधनों ( टैंक , हवाई जहाज , मिसाइल ,और तोपें ) का प्रयोग करो .ताकि लोग भयभीत रहें .और लड़ाई के लिए तुम जो भी खर्चा करोगे अलह उसकी पूर्ति कर देगा , और अल्लाह अन्याय नहीं करता " सूरा -अनफ़ाल 8 :60 
4-जिहादी महान हैं 
भले दुनिया बहार के लोग और सुप्रीम कोर्ट भी जिहादी आतंकवादियों को अपराधी साबित कर दे लेकिन मुसलमान उनको महान और व्यक्ति और निर्दोष मानते रहेंगे . क्योंकि अल्लाह की नजर में उनका दर्जा सबसे बड़ा है .
जो लोग ईमान लाये और अल्लाह की राह में अपनी जानों से जिहाद किया अल्लाह के यहाँ सिर्फ उनके लिए बड़ा दर्जा है " सूरा - तौबा 9 :20
यही कारण है कि अजमल कसाब विरुद्ध सभी प्रमाण होने के बाद भी एक भी मुसलमान उसे अपराधी नहीं मानता.
5-अल्लाह का सनकी न्याय 
मुसलमानों का दावा है कि उनका अल्लाह बड़ा न्यायकारी और सर्वज्ञ है , लेकिन अल्लाह पूरा सनकी ,और पागल है , क्योंकि वह लोगों के कर्मो का फैसला कर्मो के गुण दोषों के आधार नहीं बल्कि कर्मों का वजन तौल कर करता है .
हम कियामत के दिन इंसाफ का तराजू रखेंगे और हिसाब करने के लिए हम काफी हैं " सूरा -अल अम्बिया 21 :47
अल्लाह के इसी सनकी इंसाफ के अनुसार आतंकवादी तौल पर सभी मुसलमानों पर भारी पड़ते है ,
6-जिहादी सब पर भारी है 
अबू हुरैरा ने कहा , रसूल ने कहा ,जब अल्लाह लोगों के कर्मो को तौलेगा , तो ,जो लोग नमाजें पढ़ते हैं और रोजे रखते हैं ,उनकी तुलना में जो जिहाद करते है और लोगों को मारते हैं , या खुद मर जाते हैं , उनका वजन अधिक निकलेगा . और अल्लाह उन्हीं जो जन्नत में जाने देगा ."
बुखारी -जिल्द 4 किताब 52 हदीस 46
7-आतंक से शांति 
अबू हुरैरा ने कहा कि एक बार रसूल ने कहा , मैंने हमेशा आतंक से ही जीत हासिल कि है . और जब में सो रहा था अल्लाह ने मुझे दुनिया के सभी खजानों कि चाभी दे कर कहा था , अपने लोगों से कहो वह दुनिया की सम्पूर्ण दौलत लूट कर तुम्हारे सामने रख दें , और दूसरों के लिए कुछ भी नहीं छोड़ें "
बुखारी - जिल्द 4 किताब 52 हदीस 220 
मुसलमानों कि वकालत करने वाले लोगों को पता होना चाहिए कि इस्लाम विश्व में शांति नहीं , बल्कि आतंकवाद से मरघट जैसा सन्नाटा फैलाना चाहता है .


http://muhammadanism.org/Terrorism/Terrorist_Mind.htm

20 टिप्‍पणियां:

  1. kathni karni me antar dikhta hai.

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  2. मुसलमानों अथवा कुरान में शांति क़ा अर्थ अलग प्रकार से है जिसे आज के कम से कम हिन्दू समझ नही सकते उनके यहाँ शांति और प्रेम क़ा अर्थ हिन्दू को मारो उनके बहनों के साथ बलात्कार करो दंगा करो और सेकुलर के नाम पर हिन्दुओ कि हत्या करो ,बंगलादेशियो कि घुशपैठ चाहे करोणों हो लेकिन वह जायज है पाकिस्तान में कितना ही हिन्दुओ के साथ बलात्कार हो मंदिर तोड़े जाय सब जायज है कश्मीर में एक भी हिन्दू नाही बचा मंदिर तोड़ डाले गए यही कुरान के शांति और प्रेम क़ा शंदेश है.

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  3. सर काफी तथ्य परख लेख हे .....अब इन मुप्त खोरो की पोल खुलने लगी हे
    आप तथ्य काफी प्रमाणिक होते हे जो हमे इन लोगो को जवाब देने के लिए
    काफी सहायता करते हे धन्यवाद

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  4. तूने कुरान की जो आयत पेश की है उसका सही अनुवाद यह हैः
    "और जो भी तुमसे हो सके, उनके लिए बल और बँधे घोड़े तैयार रखो, ताकि इसके द्वारा अल्लाह के शत्रुओं और अपने शत्रुओं और इनके अतिरिक्त उन दूसरे लोगों को भी भयभीत कर दो जिन्हें तुम नहीं जानते। अल्लाह उनको जानता है और अल्लाह के मार्ग में तुम जो कुछ भी ख़र्च करोगे, वह तुम्हें पूरा-पूरा चुका दिया जाएगा और तुम्हारे साथ कदापि अन्याय न होगा" तुम जैसे बेईमान लोग सही बात को छुपाते हो. इससे पहली आयतों में काफिरों द्वारा संधि तोड़ने का जिक्र है लेकिन तू उसे खागया. अगली आयत में भी इसका जवाब मौजूद है. "और यदि वे संधि और सलामती की ओर झुकें तो तुम भी इसके लिए झुक जाओ और अल्लाह पर भरोसा रखो। निस्संदेह, वह सब कुछ सुनता, जानता है" इसमें आसपास के सभी लोगों से कहां लड़ने को कहा गया है. इस्राईली एजेंट, भरम मत फैला और सच बात कह.

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  5. BROTHERS,,, DEKHO IS PANDIT KA FROUD,,,,,,,,,,
    IS NE QURAN KI AYATON KO KIS TARAH TOD MAROD KAR PESH KIYA HAI?????????

    YEH AYAT US WAQT KI HAI,,,JAB MAKKA WALOG NE APAS KI SULAH KO TOD DIYA THA,,,,
    UN ME SULAH HUEE THI K JANG NAHI KAREN GE,,,,,FIR CHUP KAR HAMLA KIYA AUR MUSALMANO KO KATL KIYA,,,,

    US K BAD YE AYAT ALLAH NAZIL KARTA HAI,,,A
    AUR POORA CONTEX YE HAIN,,,AYAT NUMBER 8:56 TO 8:62 PADHO AAP KHUD HI JAN JAYEN GE.....
    *****************************************
    *****************************************
    *****************************************
    DEKHO YE AYAT HAI,,,

    56. They are those with whom you made a covenant, but they break their covenant every time and they
    do not fear Allah.
    ***********************
    57. So if you gain the mastery over them in war, punish them severely in order to disperse those who are
    behind them, so that they may learn a lesson.
    ***********************
    58. If you (O Muhammad SAW) fear treachery from any people throw back (their covenant) to them (so
    as to be) on equal terms (that there will be no more covenant between you and them). Certainly Allah
    likes not the treacherous.
    ******************************
    59. And let not those who disbelieve think that they can outstrip (escape from the punishment). Verily,
    they will never be able to save themselves (from Allahs Punishment).
    *********************************
    60. And make ready against them all you can of power, including steeds of war (tanks, planes, missiles,
    artillery, etc.) to threaten the enemy of Allah and your enemy, and others besides whom, you may not
    know but whom Allah does know. And whatever you shall spend in the Cause of Allah shall be repaid
    unto you, and you shall not be treated unjustly.
    ***********************************
    61. But if they incline to peace, you also incline to it, and (put your) trust in Allah. Verily, He is the All-
    Hearer, the All-Knower.
    *********************************
    62. And if they intend to deceive you, then verily, Allah is All-Sufficient for you. He it is Who has
    supported you with His Help and with the believers.

    **********************************************
    **********************************************
    **********************************************

    BHAI AB AAP LOG KHUD FAISLA KI JIYE K ALLAH NE KYA GALAT KAHA...

    AGAR AAP HI K SATH KOI SANDHI TOD DE AUR FIR JUNG HONE WALI HO TO KYA AAP KAHEN GE K 9JUNG ME JAO,,WARNA WO LOG SONCHE GE K TUM DAR GAYE,,,,,,,PAR KISI KO MARNA MAT...WO TUMHE MAREN TO MAR JANA,,)

    NAHI AISA NAHI,,,,
    AAP BHI KAHEN GE KI JAO AUR UN SE LADO,,,AB CHAHE AAP UNHE JANTE HON K YE MERA DOST HAIN YA DUSHMAN,,(KYUN K JIN SE JUNG HO RAHI THI WO BHI MAKKA WALE HI THE,,,JO HIJRAT KAR KE MADEENA AYE THE,,) IS LIYE ALLAH KAHTA HAI K CHAHE AAP UNHE JANTE HON YA NAHI,,
    AGAR WO LADNE AYE HAIN TO UN SE LADO,,


    AUR AISA KAUN SA GENERAL HAI JO KAHE GA,,K MAIDAN ME JAO PAR LADO MAT,,,UNHE MAT MARO...WO AAP KO MARTE HAIN TO MARNE DO...

    ************
    EK CHEEZ AUR K MUSALMAN HAR KAM ALLAH K HUKM SE HI KARTE HAIN,,IS LIYE JAB YE AYAT UTRI TABHI MUSALMAN LADNE K LIYE GAYE,,,WARNA SANDHI KO TODE HUEE KAFI TIME HO CHUKA THA,,FIR BHI MUSALMAN NAHI LADE KYUN K ALLAH KA HUKM NAHI AYA THA....
    AUR JAB HUKM AYA TABHI BHI DEKHO LIKHA HUA HAI,,K AGAR WO SHANTI CHAHEN TO UNHE HARGIZ NA MARO...UNHE LE JA K CHHOD DO IN THE PLACE OF SECURITY...

    BESHAK ALLAH BADA HI INSAF KARNE WALAL HAI....
    MAY ALLAH PROTECT US,,AND GUIDE US...

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    1. isska koi pramaan nhi hain ki ye aashmaan se utri ya koi allah n isse bnya

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  6. IS NE JITNE BHI BLOGS DIYE HAIN,,,US KA MUH TOD JAWAB DE SAKTA HUN,,,,,,AUR ISE CHALLENGE KARTA HUN K AA KAR MUJH SE AMNE SAMNE DEBATE KARE......AGAR SACHCHA HAI TO........
    KYUN K CHUP KAR KAM KARNE WALE CHOR HOTE HAIN,,,,,,,,,AYE AUR SAMNE BAT KARE....

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    1. abe, fir pakistan me ek dusre ko kyon maar rahe hain, tum log apne liye shariyat kyon nahi laagoo karate, bharat me musalman kaise badh gaye aur pakistan, bangladesh me kaise kam ho gaye. shanti ke pairokar aaye hain n jaane kahan se.

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    2. Dear Muoh alam,
      Tum kya sochte ho ki tum log aman ke farishtey ho zara iss galafehmi se bahar aao aur dekho ki tamam duniya mai jitna bhi atankwaad hai usska 95 % daromadar musalmano per hi hai duniya ke bade se bade atankwadi ka na naam dekh lo sab muslim hain aur jihad-jihad ka raag alapte rehten hain

      sab ke base camp pakistan mai hain rahi baat bharat mai musalmano ki sankhya bhadne ki ti tum logo ko dusra kuch kaam hai kya bass bachoo pe bachee paida kiye jao aur ginti bhadate jao fir unhe acchi parvarish nahi mil pati to we saale atankwadi ban jaten hain

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    3. Dear Muhammed Aslam,
      Jahan tak baat muhtore jawab dene ki hai to aisa hai ki tum ho ya tumhara woh dusht zakir naiyk kuch dam nahi rahte ho tum na hi koi aukat hai tumhari jawab dene ki manghadat baaton ko kitab ki shakla de kar apne pata nahi kya turram khan samajh rahe ho

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    4. Dear Muhammed Aslam,

      tum log maar kaat karte ho aatankphelate ho aur hamre kayar neta tumhre vote k isstmaal karne ke liye tumhra sath dete h varna hum log khaded khaded k maarte tum logo ko

      हटाएं
  7. Islam..a Beast
    They start accumulating in countries and then start terrorizing it with gangs of rapists, violence and civil disruption.

    They are possessed, demon possessed. They seek to spread fear and violence, they are pawns of the devil who feeds off of the fear and suffering they create for power.

    Just as their leader, Mohammad, they use "God" as an excuse to prey on innocent people. Mohammad was a robber and a thief, his followers are no different.

    It is not the Most High God they serve, but Satan.



    http://www.islamlies.com/

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    1. Are o Benaam tum ko zara bhi gherat ya sharm nahi aati is tarah ki baaten likhte ho, badzaat tum kisi bhi mazhab ke baare main bura kaise likh sakte ho bina kisi saboo ke, shukr karo k kisi Muslim ke saamne nahi pade ho ab tak, warna tumhara khatma karke zaroor jannat milti .......... .

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  8. जिहाद

    जिहाद एक अरबी भाषा का शब्द है जो 'जहादा' 'Jahada' शब्द से बना है जिसका मायने होता है 'मेहनत करना' 'जद्दोजहद करना' 'संघर्ष करना' अंग्रेजी में इस कहेंगे (to strive or to struggle) मिसाल के तौर पर 'अगर एक छात्र उत्तीर्ण होने के लिए मेहनत करता है, तो वह जिहाद कर रहा है.' अरबी भाषा के शब्द जिहाद का एक अर्थ 'अपनी नफ़्स से संघर्ष करना' भी है. अपने समाज को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करने को भी जिहाद कहते हैं और यह अपने अंतर एक अर्थ और समेटे है जिसका अर्थ होता है कि 'आत्म रक्षा के लिए संघर्ष' या चढाई हो जाने या अत्याचार होने पर रण-भूमि में चढाई करने वाले या अत्याचार के विरुद्ध लड़ना.

    जैसा कि हम देख चुके है कि जिहाद एक अरबी शब्द है उसके मायने क्या है.
    सुरह-तौबा की आयत संख्या पांच (5) से पहले की कुछ आयतों में शांति और समाधान की चर्चा है और शांति संधि का पालन न करने पर अल्लाह ने बहुदेववादियों को चार महीने की चेतावनी देता है और फिर उसके बाद का यह आदेश उस युद्धरत सेना के लिए है कि उन्हें अर्थात मक्का के मुश्रिकीन को क़त्ल करो उन्हें मारो. कुर'आन की इस आयत का आगाज़ इसलिए हुआ क्यूंकि युद्ध में मुस्लिम अपने दुश्मन को जहाँ पाए वहां मारे और यह स्वाभाविक ही है कि कोई भी आर्मी जनरल अपनी सेना का हौसला बढ़ाता है और कहता है कि "डरना नहीं, बिलकुल भी, और अपने दुश्मन के छक्के छुड़ा दो. उन्हें युद्ध में जहाँ पाओ मारो और उसका वध कर दो.

    अर्थात "और यदि मुश्रीकों में से कोई तुमसे शरण मांगे तो तुम उसे शरण दे दो. यहाँ तक कि वे अल्लाह की वाणी सुन लें. फिर उन्हें उनके सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दो क्यूंकि वे ऐसे लोग लोग है जिन्हें ज्ञान नहीं."
    आज दुनियाँ का कौन सा आर्मी जनरल होगा जो अपने सैनिकों से कहेगा कि अपने दुश्मन को जाने दो. लेकिन अल्लाह सुबहान व त-आला अपनी किताब अल-कुर'आन में फरमाता है कि अगर तुम्हारा दुश्मन शान्ति चाहता है तो न सिर्फ शान्ति करो बल्कि उन्हें उनके सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दो. आज कौन सा ऐसा आर्मी जनरल होगा जिसने इस तरह का दयालुता से परिपूर्ण आदेश दिया होगा!
    sunniking team

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  9. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है। हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।

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    1. Bhai tumne to apna jyan de diya bata diya ki tum kitnr bde beakal insan ho jise itna bh smjh nai aaya ki islam ur usse related k bare m jo kuch bh bola gaya h vo sb Quran ur hades s nikal kr bola gya h bataya gya h sare topic m neche Quran k sura ur uski aayat nmbrr bh dala gya h khud dekh lo na rk bar quran khol kr bad m jyan dena
      Ur rahi sanatan dhrm k hue ishwar k rupo.nn ur devi devtao.nn ki bat to kan khol kr sun lo tum kyuki tum jaisa anpadh jahil indan duniya m nai hoga jo bina shastrr ya dharmik granth ya vedo.nn ko khole bona hi bolte gya ki shiv n ye kiya parwti n ye kiya vo kiya
      Are murkhanand thoda vedo.nn ko padh le jan le smjh le phr bolna agar sanatan dhrm k 5 vedo.mm m koe galat bat ya manavta virodhi bat ya marne katne ki bat aa jay jaisi tumhre QURAN m aayto.nn m di gye h
      Saboot lake bat kro smjhe sabooy lake dharmik grantho k aadhar pr
      Hawa m teer na chalao smjhe beakal insan

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  10. खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडको को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

    तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20000 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2000 मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है।

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  11. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

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    1. INSANIYAT KO BHULKAR.... JANWAR SUVVAR BAN JAYE

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