शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

नमाज या मुहम्मद वंदना ?


विश्व में जितने भी धर्म और संप्रदाय हैं . उन सभी में उनकी मान्यताओं के अनुसार उपासना करने की विधियां और उपासना के दिन या समय ये किये गए हैं . लगभग सभी धर्मों का विश्वास है कि उपासना का उद्देश्य ईश्वर की अनुकम्पा प्राप्त करना . और आत्मिक शांति प्राप्त होना है .यद्यपि सभी धर्म के लोग अपने रीति रिवाज के अनुसार ईश्वर ही की उपासना करते हैं . लेकिन मुसलमान उनको मुशरिक या काफ़िर समझते है .इसके पीछे यह कारण है कि मुसलमानों का दावा है कि वह केवल एकही अल्लाह को मानते है . इस सिद्धांत को " तौहीद " या एकेश्वरवाद (Monotheism )भी कहा जाता है .तौहीद के सिद्धांत के अनुसार मुसलमान अल्लाह के अतिरिक्त किसी व्यक्ति .की उपासना नहीं कर सकते और उसकी वंदना कर सकते हैं .अरबी में उपासना ( Worship ) "इबादत " शब्द है . और इबादत करने वाले को " आबिद "कहा जाता है .कुरान में अल्लाह की इबादत करने के लिए जो तरीके बताये गए हैं , उनमे नमाज और तस्बीह अधिक प्रसिद्ध हैं .
इस विषय को और स्पष्ट करने के लिए हमें कुरान और हदीसों में प्रयुक्त कुछ मुख्य पारिभाषिक शब्दों के अर्थ समझना जरुरी है . जो मक्तबा अल हसनात रामपुर से प्रकाशित कुरान के हिंदी अनुवाद के अंत में दिए गए हैं.
1 - नमाज या सलात. नमाजنماز एक फारसी शब्द है . इसका अर्थ नमस्कार या प्रणाम करना होता है . अरबी में नमाज के लिए कुरान में और हदीसों " सलवात " शब्द प्रयुक्त किया गया है . जिसे " सलात صلوات" बोला जाता है . इसका अर्थ .उपासना करना , किसी के आगे गिड़ गिडाना,या झुकना होता है ( पेज 1234 )
2 - तसबीह  (  تسبيح ). यह अरबी भाषा के मूल शब्द " सबह سبح" से बना है . इसका अर्थ याद करना . जपना . तारीफ करना .और किसी की महानता के आगे झुक जाना . या उसके आगे बिछ जाना होता है ( पेज 1232 )आम तौर पर जप करने वाली माला को भी तसबीह कहा जाता है . और इस्लामी माला में सौ (100 ) मनके होते हैं 
1-नमाज या सलात किसके लिए 
कुरान के अनुसार नमाज या सलात सिर्फ अल्लाह के लिए होनी चाहिए .क्योंकि अल्लाह सब का स्वामी है .जैसा कि इन आयतों में कहा है
" कह दो मेरी सलात ( नमाज ) मेरी कुर्बानी ,मेरा जीना .मेरा मरना केवल अल्लाह के लिए है . जो सारे संसार का रब है " सूरा -अनआम 6 :163 
कुरान के अनुसार नमाज पढ़ना भी एक प्रकार की इबादत है . जैसा कि इस आयत में कहा गया है 
" बेशक अल्लाह मेरा भी रब है और तुम्हारा भी रब है ,तो उसी की इबादत करो. यही सीधा रास्ता है "सूरा -आले इमरान 3 :51 
2-तस्बीह या जाप 
इस्लाम के पहले भी ईसाइयों .यहूदियों . और पारसियों में माला से जप करने , और सवेरे शाम ईश्वर के नाम का स्मरण करने की परंपरा थी .आज भी ईसाई पादरी जिस माला से जप करते हैं उसे " रोजरी ( Rosary "कहा जाता है . यही रिवाज इस्लाम ने अपना लिया है . जाप को ही तस्बीह कहा गया है . और कुरान में मुसलमानों को दौनों समय तस्बीह करने को कहा गया है .
हे मुहम्मद अपने रब की तस्बीह करो , सूर्य उदय होने के पहले और उसके अस्त होने से रात की घड़ियों में भी " सूरा - ता हा 20 :130 
" तुम अपने रब को बहुत ज्यादा याद करो .और सायंकाल और प्रातः उसी की तस्बीह करते रहो " सूरा -आले इमरान 3 :41 
" और जो लोग अपने रब को प्रातः काल और संध्या के समय पुकारते हैं . और चाहते हैं कि उसकी प्रसन्नता प्राप्त हो जाये . तो तुम ऐसे लोगों नहीं भगाओ " 
सूरा-अनआम 6 :52 
रसूल की बेटी फातिमा सुबह शाम तस्बीह ( माला ) लेकर अल्लाह के नामों का स्मरण करती थी .और माला में अल्लाहू अकबर 34 बार . अलहम्दु लिल्लाह 33 बार और सुबहान अल्लाह 33 बार नामों का जाप करती थी .
सही मुस्लिम -किताब 35 हदीस 6577 
" हमने तो पहाड़ों को उन लोगों के साथ लगा दिया है कि वे भी संध्या के समय और प्रातः काल " तस्बीह " करते रहें " सूरा-साद 38 :18 
3-अल्लाह से सौदेबाजी 
भले मुसलमान मुहम्मद को अनपढ़ कहते रहें , लेकिन वह एक चालाक चतुर सौदेबाज था . उसने बचपन में ही व्यापर और मोलभाव करने की तरकीब सीख ली थी .यही नहीं उसे लोगों की मुर्खता का फायदा उठाने की कला प्राप्त कर ली थी .दिखने के लिए वह लोगों से केवल अल्लाह की इबादत करने की शिक्षा देता था . लेकिन उसकी इच्छा थी कि लोग उसकी और उसकी संतानों की इबादत करते रहें .इसलिए उसने मुसलमानों को सदा के लिए अपना आभारी बनाने के लिए कल्पित कहानी सुना डाली . जिसमे उसने दावा किया कि वह सातवें आसमान पर अल्लाह से मिलने लिए गया था .और अल्लाह ने मुझे लिख कर दिन में पांच पर नमाज पढ़ने का आदेश दिया है .
4-पांच नमाजों का हुक्म 
अबू जर ने कहा कि रसूल ने कहा कि एक दिन मैं अपने घर के अन्दर था , तभी अचानक मेरे घर की छत खोल कर जिब्रईल अन्दर आगया . और उसने मेरा सीना खोल कर मेरे दिल को जमजम के पानी से धोकर साफ किया . फिर एक सोने के बर्तन में रखा हुआ ज्ञान मेरे दिल में भर दिया . फिर मुझे अपने साथ जन्नत ले गया .
और जब वहां के दरबान ने पूछा कि तुम्हारे साथ यह कौन है , तो जिब्राइल ने बताया यह मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं. और दरबान ने जन्नत का द्वार खोल दिया . जब मैं अन्दर गया तो देखा कि दायीं तरफ जन्नत के लोग थे और अगले हिस्से में आदम ,इदरीस , मूसा , ईसा ,और इब्राहिम थे . जिब्राइल ने मेरा सबाहे परिचय कराया और सबने मुझे सलाम किया . फिर जब मैं और आगे गया तो एक जगह से कलम से लिखने आवाज निकल रही थी . जिब्राइल ने बताया कि अल्लाह मुसलमानों के लिए रोज 50 नमाजें पढ़ने का हुक्म लिख रहा है . फिर अल्लाह ने वही आदेश लिख कर मेरे हाथों में दे दिया .जैसे ही वापिस आ रहा था . रस्ते में मूसा मिल गए .मूसा ने कहा कि 50 नमाजें तो बहुत जादा हैं . तुम अल्लाह से कुछ कम कराओ . तब अल्लाह ने नमाजों कि संख्या आधी कर दी . और जब मैं लौटने लगा तो मूसा ने कहा यह भी बहुत जादा है . तुम फिर अल्लाह से और कम करने को कहो . फिर अल्लाह ने उसकी संख्या आधी कर दी .इसी तरह फिर से मूसा ने कहा कि अल्लाह से और कम करने को कहा . जब मैं तीसरी बार अल्लाह के पास गया , और नमाजों की संख्या कम करने को कहा तो अल्लाह ने कहा चलो हम सिर्फ पांच नमाजों का हुक्म देते हैं . लेकिन अब इसमे कोई कमी नहीं हो सकती.यह सुनते ही मैं मक्का वापिस आ गया . इस तरह मैंने अपनी उम्मत के लोगों को नमाजों के भारी बोझ से बचा लिया 
बुखारी -जिल्द 1 किताब 8 हदीस 345 
5-दुरूद 
मुहम्मद ने लोगों पर अपना अहसान जताकर नमाजों में अपनी और अपने परिवार की इबादत की तरकीब निकाली दुरुद कहते हैं
यह एक प्रकार प्रार्थना है . जो नमाज केसाथ पढ़ी जाती है . कुरान में " दुरुद  درود‎ " शब्द नहीं मिलता है . क्योंकि यह फारसी शब्द है .अरबी में दुरुद का वही अर्थ है जो नमाज या सलात"(صلوات  "का होता है .(corresponding to "durood" when used as a general term, is simply: "salawât" )दुरुद फारसी के दो शब्दों " दर " यानि द्वार और " वूद " यानि वंदन से बना है अर्थात किसी के द्वार पर जाकर उसकी वंदना करना . इसी लिए दुरुद को " सलात अलन्नबी الصلاة على النبي " भी कहते हैं .वास्तव में दुरुद के माध्यम से अल्लाह के द्वारा मुहम्मद की वंदना करवाई जाती है .दुरुद और उसका अर्थ देखिये .

  "अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मदिन व् अला आले मुहम्मदिन कमा   सल्लैता अला इब्राहिम व आले इब्राहीम . इन्नक हमीदुन मजीद .
"अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिन व् अला आले मुहम्मदिन कमा बारिकता अला इब्राहिम व आले इब्राहीम . इन्नक हमीदुन मजीद 
अर्थ - हे अल्लाह मुहम्मद की वंदना कर , और उसकी संतानों की . जैसे तूने इब्राहीम और उसकी संतान की ,बेशक तू बहुत महान है . हे अल्लाह तू मुहम्मद और उसकी संतान को संपन्न कर जैसे तूने इब्राहीम की संतान को किया था . बेशक तू बड़ा महान है ."
आज जब भी मुसलमान नमाज के साथ दरूद पढ़ते हैं तो वह परोक्ष रूप से मुहम्मद की वंदना करते हैं . यही नहीं अल्लाह से भी मुहम्मद पर सलात भेजने ( वंदना करने ) का आग्रह करते हैं .और इसके पक्ष में कुरान की यह आयत बताते हैं
"निश्चय ही अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर सलात भेजते रहते हैं . और हे लोगो जो ईमान लाये हो तुम भी नबी पर सलात भेजा करो '
सूरा -अहजाब 33 :56 
6-सिर्फ दो नमाजों का आदेश 
यदि मुसलमान कुरान को अल्लाह की किताब मानते है . तो कुरान में दिन भर में केवल दो बार ही नमाज पढ़ने का हुक्म मिलता है .दिन में पांच बार नमाज पढ़ने नियम मुहम्मद साहब की दिमाग की उपज है .दो बार नमाज पढ़ने आदेश कुरान की इन आयतों में मिलता है .
"और दिन के दौनों समय नमाज कायम करो . कुछ दिन के हिस्से में और कुछ रात के हिस्से में "
सूरा -हूद 11 :114 
"नमाज कायम करो , जब सूरज ढल जाये . और तब से अँधेरा होने तक " सूरा - बनी इस्राइल 17 :78

यद्यपि मुल्ले मौलवी अच्छी तरह से जानते हैं कि कुरान में सवेरे और संध्या के बाद केवल दो ही बार नमाज पढ़ने का स्पष्ट आदेश दिया गया है . लेकिन वह बड़ी चालाकी से " सलात यानि नमाज ' और तस्बीह यानि जप " शब्दों में घालमेल करके मुहम्मद कि वंदना करते है .और अल्लाह से मुहम्मद और उसकी संतानों की रक्षा और सम्पनता के लिए दुआ करते है .
लेकिन इतिहास से साबित होचुका है कि अपने अत्याचारों और अपराधो के कारण मुहम्मद साहब और उनके वंशजों की निर्मम हत्याएं कर दी गयी थी . मुसलमानों का दुरूद भी उनको नहीं बचा सका .
यदि देश की वंदना करना पाप है तो मुहम्मद की वंदना महापाप है .


http://free-minds.org/forum/index.php?topic=9603386.10

42 टिप्‍पणियां:

  1. क्या दुष्टता हैं, वंदेमातरम हराम --- नबी वंदना हलाल हद हैं
    दुष्टता की।

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    1. I am asif khan.........


      Aap log hamare nabi ke bare main bahut kuch khe rahe ho or is saite per bhut kuch likha hain par kabhi aap apni dharm ki kitabo ko padh lo aap ko usme nabi ka zikr bhi mail jayega or islam ki sachai bhi pata chal jayegi

      AB AAP KHOGE KI BATAO TO MAIN AAP KO DR. JAKIR NAYAK KI VIDEO JO KI AAP YOUTUBE ISLAM OR SANATEN DHARM LIKH YA DR. JAKIR NAYAK VIDEO LIKH KAR DEKH SAKHTE HO.......

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    2. amitbhai had to tab hoti hai jab matrubhumi ko vandan nahi karte. or haj padhne jate hai vaha kaba ko (black stone yaani kala patthar) ki pradakshina karte hai usko chumte hai uski bandagi karte hai. kaba bhi ek patthar hai per uski bandagi karte hai. vah re do muha islam

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    3. क्या राम भगवान था ?
      में राम को सिर्फ एक राजा समझता हु क्योकि एक भगवान कभी भी किसी का सहारा नहीं लेता जिस छल कपट से उसने रावन जेसे योधा को मारा वो यही सिद्ध करता है के राम भगवान हो ही नहीं सकता
      क्या आप में से कोई भी इस कथन से सहमत है के एक भगवान की आधी ज़िन्दगी जंगल में बंदरो और भालुओ के साथ गुज़री और तो और एक भगवान अपनी पत्नी को ढूँढने तक में सक्षम नहीं था इसीलिए बंदरो और भालुओ का सहारा लेकर एक साहसी योधा को पीठ पीछे वार करके मारा ! यह सारे गुण किसी भगवान के चरित्र को नहीं दरशाते बल्कि किसी भी व्यक्ति के देवालीयेपन का सबूत देते है

      सीता की अग्नि परिक्षा इस बात का सबूत है के राम बुरा पति ही नहीं बल्कि एक शक्की मानसिकता का रोगी भी था जिसने सिर्फ एक मछुआरे की बात मानकर सीता को अग्नि मै छलांग लगाने के लिया कहा यह केसी मर्यादा है उस मर्यादा पुरूषोत्तम की के एक भगवान होकर भी वोह अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता रहा रावन के साथ 2 वर्ष बिताने के बाद सीता कभी राम के साथ खुश नहीं रही और हमेशा राम ने उसका उत्पिरण किया

      क्या एक भगवान को किसी राक्षस से युद्ध की ज़रुरत पड़ सकती है अगर है तो भगवान तो सारी सृष्टि का रचयेता है उसी ने मनुष्य राक्षस असुरो को बनाया फिर भी वोह भालू और बंदरो की फ़ौज लेकर एक योधा से लड़ा और उसके भाई को सत्ता और कुर्सी का लालच देकर साथ मिलाया!
      आज यह लक्षण हमारी राजनीती मै देखने को मिलते है जो राम ने हज़ारों साल पहले करे

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    4. very funny, kya koi mulla mujhe yeh bta sakta hai ki islam mai burkha pahenene ki shurat kab hui or kis karan hui,

      Tumahare nabi ne to 8sal ki ladki ko bhi nahi baksha or tum mulle hamare Ram Ji per tohmat laga rahe ho.
      Puri duniya mai kahi bhi dekh lo jaha ladai hi rahi hai waha ek taraf musalman hota hai or dushri taraf others.

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    5. TUM KEH RHE HO KI TUMHARE NABI KA JIKRA MILEGA SB JIKRA MILEGA HMARE BHAGWAN NE TO AGE KA SB KUCH BATA DIYA ISSE JAYADA KYA HOGA JO B DUNIYA ME CHEESBANO H AVISKAR HUE H SAB SANATAN DHARM KO DEKHKER HUE H HMARE BHAGWAN NE TUMHARE ISLAM K BARE M B BATA DIYA DEKH LO KI KONSADHARM KAB BANEGA OR KYU BANEGA OR YE B BTA DIYA PAST PRESENT FUTURE ME KYA HUA H KYA HO RHA H KYA NHI HOGA SB BTA DIYA ISSE PTATA CHALTA H TUMARA DHRM HMARE DHARM SE HE NIKLA HUA H JIS ALLAH KI TUM UPASNA KRTE HO WO HMARE SHIV H OR SHIV KA BHAKT THA SUKRACHARYA JISNE SHIV SE KHUDK LOG KHUD KA DHARM BANANE KI MANG KI THI KYUKI US SMYA HMARE SHIV NE HE UN RAKCHASO KA SNHAR KR DIYA THA JO USKE ANUYAYI THE SUKRACHARYA K LAST JO RAKCHAS MARA THA USKE BAD UNHONE SHIV SE VARDAN MANGA KI DHARI PER USKO B MANNE WALE HO OR SHIV ALLAH K NAME SE JANE JAYE SHIV NE UNHE VARDAN DIYA THA TB BO DHARTI PER AAKER SHIV KO ALAH BATAKER USNE APNE DHARM KA PRACHAR KIYA THA

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    6. YE SB BHAGWAN KI MAYA THI CHAL KAPAT SE KHA MARA THA USKA BHAI RAM KABHAKT THA WO RAM K PASS AAYE UNHNE RAWAN KO TYAG DIYA RAWAN NE KITNA APMAN KIYA UNKA YE LEELA THI JO AAGE K SAMYA K LIYE BATAYA H KALYUG K LIYE KI BHAI BHAI KA SAGA NHI HOTA YE TO KHUD BHAGWAN B JANTE THE KI RAWAN KA ANT SIRF USI SE HO SKTA H JO BHAGWAN B HO OR MANUSYA BHI TB JAKER USKA ANT HUA USKE PAPO KI SAZA TO MILNI HE THI OR RAM VISHNU K AVTAR THE UNKO RAM K JANAM ME BAHUT SE SHRAFO OR PUNYO LOGO KO DARSHAN JINKO UNHONE VARDAN DIYA THA UN SBKO PURASA KARNA THA TADIKA KO USKE SRAF SE MUKT KRNA THA RISHI KASHYAP MANTRA KEKAYI BHILNI JISKE JHUE BAIR RAM NE KHAYE THE UNHE VARDAN DIYA THA KI EK DIN RAM UNHE JARUR DARSHAN DENGE AB YE SARE KAM EK SATH TO HO NHISKTE DASHRATH KO JO SHRAF LAGA HUA THA USE B PURA KRNA THA WO SB UNHONE RAM KA JANM LEKER PURE KIYE THE

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  2. उत्तर
    1. I am asif khan.........


      Aap log hamare nabi ke bare main bahut kuch khe rahe ho or is saite per bhut kuch likha hain par kabhi aap apni dharm ki kitabo ko padh lo aap ko usme nabi ka zikr bhi mail jayega or islam ki sachai bhi pata chal jayegi

      AB AAP KHOGE KI BATAO TO MAIN AAP KO DR. JAKIR NAYAK KI VIDEO JO KI AAP YOUTUBE ISLAM OR SANATEN DHARM LIKH YA DR. JAKIR NAYAK VIDEO LIKH KAR DEKH SAKHTE HO.......

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    2. 1. well ek baar aap agniveer ko sunlijiye. 2. jakir naik ki sabhi pol usne kholdi hai. aap search karke dekh saqte ho.
      3. rahi baat dharm ki kitab ki to allah ya mahummad kahi pe koi hindu ki kitab mai nahi hai.
      4. ved sabse purana granth hai
      5. chori karna, daru pina ye sab paap hindu mai hai usko aaplog ne utha kar kuran mai dal diya.(kyo ki ved sabse purana granth hai to usko padhkar hi aap ne changes karke apni quraan banadi)
      ab agar ek hi baat jo ved mai hai woh bhi kuran mai hai to iska mamatlab ye hota hai
      ye sab ved se chori kiya hua hai. or jo kuch diffrance hai woh jan buj ke khada kiya hua hai kyo ki kuch to alag lagna chahiye.

      हटाएं
  3. बहुत ही शानदार लेख है ,सच्चाई को अच्छे शब्दों में प्रदर्शित किया है आपने.
    आप सभी से निवेदन है की कृपया इस लेख को जरुर पड़े जिसकी लिंक नीचे दे रहा हू,फिर खुद फैसला करे की ऐसी सरकार क साथ क्या करे,


    जागो देशवासियों ,,कसाब को मलाई खिलाई जा रही है,और साध्वी प्रज्ञा क साथ अमानवीय बर्ताव किया जा रहा है,यही है हिंदुस्तान ,,जबकि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर कोई इलज़ाम भी साबित नहीं हुआ है,,,,मेरे प्रिय हिंदुस्तान के रहने वालो अब समय आ गया है,विवेकानंद के कथन को सत्य करने का --"उठो जागो ....,और रुको मत,जब तक की ध्येय की प्राप्ति न हो जाये",,,,और ध्येय हमारा एकमात्र माँ भारती को इन भ्रष्टाचारियो से और देशद्रोहियों से आज़ाद करवाना.

    http://ud-rock.blogspot.in/2012/09/blog-post_5.html

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  4. bhai is site par aap logo ne jitni bhi hadees likhi hai meai un subka jawab de sakta hu par mujhe maloom hai yeh kaam kiska hai is liye meai aapna time waste nahi karna chata hu yeh site jo chlwa raha hai aur jo chala raha hai woh log yahi cahate hai divide and rule...is liye yeh jagde chodo aur innko islam ko bad naam karne do yaha meai sare sawalo ka jawab type karoonaga aur waha se del kar diya jayega is liye aapko aaka dharm mubarak hame hamara...ARPIT GUPTA nea sahi kaha hai yeh dharam ki ladai chodo aur aapne deash ko bhratachhar se bachaoo...

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  5. Aap ka buhat sukriya. Aap ki is site se hamhe buhat si jankariyan mili , jo hum nahi jante the hum jis dharam ko bhi mane us dharam ke bare main hamare paas sari jankari honi chayiye, sab dharamo ka ek hi sandesh hai ke parmatma ek hai, aap sab se yehi guzarish hai ke pehle insaan bano kiyon ki parmatma humhe pehle insaan bana kar hi duniya mein bejta hai . hindu,muslim ,sikh, isaai nahi yeh humhe duniya banati hai , parmatma nahi mein aap se yehi kahunga ke sara dharmo ki izaat karo , jitni bhi ho sake gareebon , lacharon, apne aur sabhi bajurgon ki madad karo, karam karte raho phal samhe ke sath aap ko milte jange......." GOD IS ONE "

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  6. Bagot achcha jhoot bol lete ho bhai.
    Lekin mere hindu bhaio suraj dekhne ke liye din me bahar aao raat me to bas andhela hi dikhega.

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  7. YE JO BHI LIKHA HAI USME KUCH BATE SAHI HAI AUR KUCH BATE GALAT HAI AUR JYADA TAR BATE GALAT HI HAI AUR HAMARE NABE KE BARE ME KOI KAFIR NAHI JANTA KI KAISE THE WO AGAR JANNA HI HAI TO HADIS PADHO AUR KHUDA AUR USKE RASOOL KE BAARE ME JANO TO SAB SAMAJH AA JAEGA KI HAMARE HUJUR KAISE THE.....ALLAH JANTE HAI KI HAMARE NABI KAISE THE TUM LOG NAHI DOBARA AISA POST KARNE SE PEHLE KHUDA AUR UNKE RASOOL KE BAARE ME ACHCHE SE JAAN LENA FIR BOLNA NAHI TO KHUDA KI MAAR PADEGI TUM LOGO KO.............

    ALLAH HAM SAB KI MAGFERAT FARMAE....
    AAMIN

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  8. Agar hindu dharam sahi hai to hindustan hi me kyun simat kar rah gai aur agar hamare nabi (pbuh) galat hai to aaj dunya me itne log islam kyun qubul kar rahe hai zara dhayan se socho.

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    1. मार मार के मुसलमान बनाया गया है इसलिये।

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    2. Kyounki Logon Ko Hinsa Karke Or jbaran MusalMan banaya Gaya hai

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  10. aap sabhi log apni apni baten keh rahe hain theek hai lekin kya koi btaega ki kis kis ne islam dharam me ya hindu dharam ya isai ya koi bhi dharam me PHD ki hai??? shayad nahi to is tarah se kisi bhi dharam ke bare me education na li ho or na phd ki ho jise reseach kaha jata h.. kisi bhi dharam ke bare me galat na kahe.....waise kehne ko bahut kuch h lekin hame insaniyat ko tawwajo deni chahiye kyonki pehle hum insaan h uske baad kisi dharam ka palan karte hai......koi bhi dharam kisi ko bura kehne ki izajat nai deta
    thats it
    padne ke liye aapka sukriya

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  11. aap sabhi log apni apni baten keh rahe hain theek hai lekin kya koi btaega ki kis kis ne islam dharam me ya hindu dharam ya isai ya koi bhi dharam me PHD ki hai??? shayad nahi to is tarah se kisi bhi dharam ke bare me education na li ho or na phd ki ho jise reseach kaha jata h.. kisi bhi dharam ke bare me galat na kahe.....waise kehne ko bahut kuch h lekin hame insaniyat ko tawwajo deni chahiye kyonki pehle hum insaan h uske baad kisi dharam ka palan karte hai......koi bhi dharam kisi ko bura kehne ki izajat nai deta
    thats it
    padne ke liye aapka sukriya

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  12. Hindu dharm ki sachaai
    Hindu dharm mai 33 core bhagvaan hai to Hindu log inki puja kare ya apni real life jiye aur Hindu dharm kya hai kahan se aaya aur in 33 core bhagvaan ki kya sachai hai ye kisi ko malum hi nahi aur is dharm ke do bade bhagvaan ram aur krishna ki sachai ye hai ki ram ki to maa kaon thi aur usse kahan par janm diya tha is par unke hi bade vidvano ka suspence jaari hai aur halli mai Sri Lanka mai hui ek research se pata chala hai ki ram to sirf ek yodha tha aur usne chaal se ravan jaise yodha ko mara tha aur krishna ki story aur uski aadte batate to words kam pad jaye jo aurto aur ladkiyo ko snan karte vaqat chup chup kar dekhta tha uska carector aap bhi samaj sakte hai aur in jaise logo ko inone bhagvaan banaya hai meri bato se kuch logo ko bura laga hoga lekin Sach to hamesha kadva hota hai aur maine yah sab Bade reserch ki jankari ke bad likh raha hu

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    1. किसी ने तो अपनी बेटी से शादी करली
      वाह रे इस्लाम

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    2. S.Misbah... Kya kabhi tune apni maa se pucha hai ki tera baap kon hai...Ek bar jarur puchna or tu jin 33 cror devatao ki bat kerta hai woh 33koti the yani 33 parkar ke. Or beta rahi bat Shree Ram ji Ki or Shree Krishna Ji toh woh sab bhagwan the muhammad ki terha balatkari nahi jisne naa jane kitni orto ka rape kiya tha or apni hi beti se sambandh banaye the. By the way woh 8sal ki ladki kon the jisse muhammad se 60sal ki umaer mai shadi ki the.

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    3. wo teri behan thi salle muh samal ker bat kr verna baten kerne ke liye muh to bechega lekin tu nhi

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    4. wo teri behan thi salle muh samal ker bat kr verna baten kerne ke liye muh to bechega lekin tu nhi

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  13. Pahle aap apne dharm ka naam declare kare sanatan ya hindu

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    1. Abe sutye Hamara dharam Sanatan Hindu Dharm hai koi shaq

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    2. IN LOGON SE BEKAR KI BAHAS KARNE SE KOI FAYDA NAHI
      KEECHAD INSAN PR GIRE
      YA INSAAN KEECHAD ME
      SAN TO INSAAN HI JATA HAI
      LUND KI POOJA KARNE WAALO SE BAHAS KAISI

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    3. Oye madarchod jaise tu gali de raha h tu b makka mai use hi puj raha hai aur tera Mohammad itna hi Sacha tha na to jhhut k sahara lekar tumhare 5 time ki namaj na karta jabki tere darm hi kitab jiska naam kuran hai usmai b do time ki namaj karne ko kaha gaya aur tera Mohammad itna hi sucha hai to kyu makaa mai bhagwan ko dhak diya hai kale parde mai taki salo tumhare jhut ki sachai samne na aajaye bese to salo tumhare dharm mai sabke liye darwaja khula hai to kyu kabhi Hindu ko waha Jane se pahele mar diya jata hai agar tera dharm itna such a hai to khi makka mai adar Jane is pahele usse kasam li jati hai kyu use suchai chipane ko kaha jata hai jabki kyu tumhare mulle wha sir mundwa kar Aur bina sile kapde pahen kar pooja karte hai ye sab riti to tumhare dharm mai nahi aati salo ye dharm tum jese ullu ne hi bataya tabhi to dharm k sath sath apni buddhi ko ulta kar liya aur Hindu dharm mai kabhi apne bacho ko hinsa nhi dikhai jati par tumhare dharm mai peda hote ho lado Kato maro hi sikhaya jata hai aur Jake apne maka mai dekh andar pravesh dwar mar kanc mai ek chitr hai ki shiri krashan aur yasoda ma hai jise tum logon k joot se ishu aur unki maa bataya jata hai apni mushlim ki sachai khol k dekh sharm aayegi tujhe jiski buniyad sirfh aur sirfh jhut par tiki hai...

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  14. kya koi mulla mujhe ye batayega ki har aatankwadi mulla kyu hota h .
    mulle 4-5 nikah kyu krte h .kya tum log apne begam ki izzzt ni karte .
    apni hi bahen se nikah kr lete ho .kya islam me ye kaha gya h ki ladkiyo ki izzzat mt karo.
    tumhara allah bahra ho gya h kya jo tum log itna chikh ke namaz ada krte ho .
    tum sab ko pta h ki muhammad ne kuran me fer badal krke tum log ko galt kuran padhaya h .
    kya koi allah ye kahega ki tum jintna jiv ya prani ko taklif pahuchaoge tumhe utni hi hoor jannat me milegi.
    muhammad ne to apne bachche ki bali di thi fir tum log bakare ka bali q dete ho tum bhi apne bachche ki bali do .
    tumhari begam log kya bachcha paida karne ki machin h jo tum log 10-12 bachcha paida karte ho .
    pahle khud ke dharm ko dekho fir dusre ke bare me bolo .
    .
    nhi to .
    .
    kashmir to rhega lekin pakistan nhi rhega.
    jo shree ram ka nhi wo kisi kam ka ni.
    hindu sher hu chedoge to tumhari ammi chod dalunga

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  15. kya islam koi dharm h?.
    to jawab h ....nahi .
    islam koi dharm nahi h wo sirf suaro or randiyo dwara paida kiya hua kabila h jaha pe.paida hone wala har insan bhadawa hota h

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  16. kyoki ham apni patni ko ghar ki lakchmi mante h.
    ham do hamare do ke niyam me chalte h .
    tum log ke jaisa 10 -12 bachche ni paida karte .
    agar islam itna achcha h to bharat me tum log kya apni ammi chodane ke liye rahte ho suar k aulado

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  17. hmm....agr islam jhoota dharm hai to quran ke jesi ek aayat bhi bna kr le aao....himmat hai to...wrna bhad me jao

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  18. insan ki sabse bdi kamzori lailmi hai yani jahaliyat tum jese Hindon ko kuch theek se pta hota nhi hai bas muh phaad dete ho....

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  19. insan ki sabse bdi kamzori lailmi hai yani jahaliyat tum jese Hindon ko kuch theek se pta hota nhi hai bas muh phaad dete ho....

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  20. Abe besharam Islam ke bare me Kya janata hai tu pahale khud ke dharam me bare me janale hindu dharm duniya sabase jya be buniyadi dharam hai aur is bat ko sabit karane ki bhi jarurat nahi puri duniya janti hai islam saccha hai isliye teji se log isako apana rahe hai hindu dharam to jaha shuru hua wahi puri tarah nahi fail saka aur aisi bat karane se pahale jahannum ki aag se to darr . Aisa be buniyad majhab hai tumhara koi ek bhi hindu unke pure bhagwan ke nam nahi bata sakata .aur pagalpan to dekho tumhare bhagwan paida bhi hote hao marate bhi bacche bhi paida karate hai . Aur usame sabase bada murkh shiv hai jisko to pata hi nahi tha ki ganesh uska beta hai . Zahilayat ki bhi had hoti hai bhai allah ne tum ko dimag diya hao jara istemal karo usaka

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  21. Bhai log aise murkh logo ki bato pe mat jao apani dharam ki kitabe padho aur quran padho sach kya hai pata chal jayega shaitan chahe jitani hath pair mare kabhi safal nahi ho sakata itihas gaswah hai is bat ka jitane log duniya me islam ki dawat de rahe hai usase jyada islam ko badnam karane wale log hai isake bawajud allah ka karam hai islam ko failane se koi nahi rok saka . hinduism aisa majahab hai jin ke bhagawan indea ke bahar kabhi nahi gaye sabhi bhagawan indea me hi aaye kyo. Akal hai to socho nahi to pade rahoge gumrahi me .

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  22. Kisi ne pucha tha burkhe k baare mai.. Pehli baat burkha ladkiyoun ki hifazath k liye banaya gaya hai, kyunki aurat ko pehli baar jab banaya gaya tou useh parda karke banaya gaya waise tum logoun ki samaj mai tou ye aayega nhi... Aur rahi baath hamare nabi (pbuh) ki tou tum logoun ki itni auqaat nhi hai k tum aapke baare mai jaan sako... Na a pata hai na b chale hain gyaan dene... Hum me tehzeeb hai aur Alhamdulillah hamare gharane abhi toote nhi hain.. Aur han unpadhoun rahi baath qur'an ki tou fir'oun jise aaj b museum mai rakha gaya hai, jiske baal aur naakhun aaj b badte hain iske baare mai 14000 saal pehle kaha ja chuka hai, aur Nooh alaihis salaam ki kashti k baare mai b.. Aur fir tum log kehte ho tum se churaya, Kuch pata tou hai nhi likh ne aagaye, Pehle jaa k baath karne ki tameez sikhlo, Insaan ban jao beta pehle fir gyaan dena..

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  23. bahut hi galat translate durud ka kiya hai. galat galat hai galat hai. Hum iski bharatasna karte hain. Ye jisne bhi likha hai bahut hi galat translate kiya hai.

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