शनिवार, 10 नवंबर 2012

अल्लाह विज्ञान से हार गया !!


भारत पर मुसलमानों ने करीब एक हजार साल राज किया .और इस दौरान इन्होने लोगों को लूट लूट कर मस्जिदें , मजार ,मकबरे और महल बनवाये .लेकिन लोगों को शिक्षित करने और संपन्न करने का कोई प्रयास नहीं किया .बल्कि नालंदा और तक्षशिला जैसे प्रसिद्ध विद्यालयों को जलवा दिया ,जिस से ज्ञान का भंडार पुस्तकें ख़ाक हो गयी .फिर भी आजके मुस्लिम नेता मुसलमानों के पिछड़ेपन का जिम्मेदार दूसरों को बताते रहते हैं .जबकि जिन यहूदियों को मुसलमानों ने बर्बाद कर दिया था वही यहूदी विज्ञान में सबसे आगे हैं .
वास्तव में मुसलमानों के अशिक्षित और पिछड़े होने का कारण कुरान की अवैज्ञानिक , तर्कहीन ,और उलजलूल तालीम ही है .जो सिर्फ जिहादी ही बना सकती है कोई वैज्ञानिक या कोई अविष्कारक नहीं .इसी बात को साबित करने के लिए कुरान के आधार पर अल्लाह के ज्ञान का नमूना दिया जा रहा है .
1-अल्लाह की आत्मप्रशंसा 
यदि कुरान को अल्लाह का कलाम माना जाये तो अल्लाह ने खुद को सबसे बड़ा ज्ञानी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है .जैसी अल्लाह ने इन आयतों में डींग मारी है
अल्लाह से न तो धरती की कोई चीज छुपी है , और न उसने आसमान की किसी चीज को छोड़ा है " सूरा -आले इमरान 3 :5 
आकाशों और धरती के अन्दर छुपी हुई सभी बातें अल्लाह जानता है "सूरा -हूद 11 :123 
अल्लाह आकाशों और धरती के सभी रहस्य जानता है "सूरा -अल कहफ़ 18:26 
क्या तुम नहीं जानते कि अल्लाह वह सभी बातें जानता है जो आकाश और धरती के अन्दर हैं "सूरा -अल हज 22:70 
कसम है कि अल्लाह को आकाश के बारे में छोटी छोटी बात का पूरा ज्ञान है "सूरा -सबा 34 :3
बेशक अल्लाह आकाशों और धरती के बारे में सभी गुप्त बातें जानता है "सूरा -फातिर 35:38 
अल्लाह वह सभी बातें जनता है जो आकाश और धरती के भीतर हैं "सूरा -तगाबुन 64:4 
2-अल्लाह सिर्फ दो गिन सकता है 
जो अल्लाह न तो गणित ठीक से जानता हो और न भूगोल जानता हो उसकी इबादत करना बेकार है .
कुरआन की सूरा रहमान (सूरा संख्या 55) को पढ़ने से पता चलता है कि अल्लाह दो की संख्या से अधिक नहीं जानता है . इसीलिए उसने हर चीजें सिर्फ दो ,ही बनायीं हैं ,उदहारण के लिए ,
दो समुद्र हैं जो परस्पर मिले हुए हैं "55:19
दो बहते हुए स्रोते (Fountains ) हैं "55:50 
दो उबलते हुए पानी के कुण्ड हैं "55:66
डराने वालों के लिए दो बगीचे हैं "55:46
दो बगीचे और भी हैं "55:62 
क्या अल्लाह इतना भी नहीं जनता कि दो और दो बगीचे मिलकर चार बगीचे होते हैं ?
वह दो पूरब है और दो पश्चिम का स्वामी है "55:17
जब अल्लाह ही ऐसी मुर्खता की बात कहता है तभी तो यही कारण है कि कोई मुसलमान बड़ा वैज्ञानिक नहीं बन सका है . सभी जिहादी बन रहे हैं
3-अल्लाह की कसमें 
मुसलमान अक्सर अल्लाह की कसम खाते रहते हैं , लेकिन अल्लाह अपनी बेतुकी बातों को सही साबित करने के लिए चाँद की कसमें खाता रहता है .जैसे ,
कसम है चाँद की " सूरा -अल मुदस्सिर 74 :32 
कसम है चाँद की जब वह उसके पीछे छुप जाये "सूरा -अश शम्श 91 :2 
4-अल्लाह की अक्ल का नमूना 
अल्लाह आकाश (space ) को कपडेकी तरह फटने वाली वस्तु मानकर कहता है
"फिर यह आकाश फट जायेगा ,औरउसका रंग तेल की तरह लाल हो जायेगा सूरा -रहमान 55:37 
5-चन्द्रमा के लिए सीढियां 
अल्लाह के अनुसार चन्द्रमा पर जाने के लिए सीढियों की जरूरत होगी .और लोग बिना किसी यान के एक एक सीढी चढ़ कर चाँद पर पहुँच जायेंगे .अल्लाह मुसलमानों से कहता है "
निश्चय ही इसके लिए ( चंद्रमा पर जाने के लिए ) तुम्हें एक के बाद एक सीढी चढ़ना पड़ेगीं "सूरा -इन शिकाक 84 :19
"لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَنْ طَبَقٍ  "
( इसके लिए अरबी में " तरक्बुन्न तबकन अन तबक "यानि by scalating  step by step )
अल्लाह के अनुसार जैसे कोई मुल्ला एक एक सीढी चढ़ कर मस्जिद की ऊंची मीनार पर चढ़ जाता है ,वैसे ही मुसलमान सीढ़ियाँ चढ़ कर चाँद पर पहुँच जायेंगे .
6-अल्लाह की चुनौती 
लगता है कि अल्लाह को विज्ञानं की प्रगति और शक्ति का अंदाजा नहीं होगा ,या वह सभी को अपने रसूल जैसा अनपढ़ समझता होगा .तभी उसने मनुष्यों को ऐसी चुनौती दे डाली होगी . अल्लाह ने कहा कि ,
हे मनुष्य और जिन्नों के समूहों यदि तुम में सामर्थ्य हो तो ,इस धरती की परिधि से निकल कर आकाश की सीमा में प्रवेश करके अन्दर घुस कर आगे निकल जाओ " सूरा -रहमान 55:33 
न तो तुम धरती की सीमा से बहार निकल सकते हो ,और न आकाश की सीमा में प्रवेश कर सकते हो "सूरा - अनकबूत 29:22
लेकिन अल्लाह की यह चुनौती उस समय बेकार हो गयी जब 1961 में अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सीमा से निकल कर चन्द्रमा की सीमा में घुस गए .और अल्लाह देखता ही रह गया 
7-मनुष्य का चन्द्र अभियान 
चन्द्रमा पृथ्वी का एक उपग्रह है ,जो सदा से लोगों की उत्सुकता का केंद्र रहा है , जब वैज्ञानिकों को पता चला कि चन्द्रमा पर भी प्रथ्वी की तरह धरती है ,जिस पर जाया सकता है .इसी बात की पुष्टि करने के लिए सन 1957 में रूसी वैज्ञानिकों ने स्पुतनिक(Sputnik) नाम का एक कृत्रिम उपग्रह यान चन्द्र पर उतारा था .इसके बाद सन 1961 में रूस ने वोस्तोक 1(Vostok1) नाम का एक और यान चन्द्रमा पर भेजा ,जिसमे यूरी गागरिन)yuri Gagarin ) नाम का एक अंतरिक्ष यात्री था .फिर अमेरिका ने भी 20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रोंग(Neil Armstrong) नाम के एक व्यक्ति को चन्द्रमा की धरती पर उतारा था ,जो धरती के आकाश की सीमा को भेद कर अंतरिक्ष से आगे बढ़ कर चन्द्रमा की सैर करके वापिस इसी धरती पर सकुशल वापिस आ गया था .इस तरह अल्लाह का वह दावा झूठा साबित हो गया , जो उसमे कुरान की सूरा रहमान 55:33 में  और सूरा - अनकबूत 29:22में किया था ,कि मनुष्य प्रथ्वी के वायुमंडल को पर करके आकाश की सीमा से आगे नहीं जा सकता 
8-अल्लाह कहाँ हार सकता है ?
अब हमने ठीक से समझ लिया है कि जमीन पर रह कर अल्लाह को हराना कठिन है .और न उसे भगा सकते हैं "सूरा -जिन्न 72:12 
(इसीलिए अमेरिका की नेवी ने ओसामा बिन लादेन पर हवाई हमला करके मौत के घाट उतार दिया था )
9-आकाश से हमला 
अल्लाह ने कुरान में खुद यह संकेत दे दिया था कि हमें ( यानि उसके लोगों को) धरती पर रह कर हराना मुश्किल है .
अल्लाह ने दावा किया था कि कोई हमारे ऊपर आकाश से हमला नहीं कर सकता .चूँकि अल्लाह अक्सर खुद के लिए बहुवचन सर्वनाम (Plural We)का प्रयोग करता है . इसलिए उसके हम शब्द में अल्लाह के साथ सभी मुसलमान शामिल हैं .अल्लाह के इस दावे को अमेरिका की नेवी ने उस समय गलत साबित कर दिया जब 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में गुप्त रूप से छुपे हुए ओसामा बिन लादेन को हवाई हमला करके मार दिया था .अमेरिका के इस अभियान को" ओपरेशन नेप्चून स्पीयर"(OperationNapune Spear ) का नाम दिया गया था .अमेरिका का राष्ट्रपति ओबामा खुद मुसलमान है , उसे पता था कि जमीन पर अल्लाह को हराना कठिन होगा .सिर्फ आकाश से हमला करने से ही अल्लाह यानी ओसामा को मार सकते हैं 
इन ऐतिहासिक अकाट्य प्रमाणों से स्पष्ट हो जाता है कि अल्लाह की आई क्यू (I Q ) जकारिया नायक के बच्चे से भी कम होगी .अगर अल्लाह सचमुच ईश्वर होता तो वह ऐसी अवैज्ञानिक ,कल्पित ,बातों सही साबित करने के लिए कसमे नहीं खाता .लेकिन चाहे कोई कितनी भी कसमें खाए , और कितने भी दावे करे , हरेक झूठ का उसी तरह से भंडा फूट जाता है , जैसे अल्लाह के ज्ञान और दावों का भंडा फूट गया .
इसीलिए उपनिषद् में कहा है "सत्यमेव जयते "

http://www.answering-islam.org/authors/masihiyyen/rebuttals/yahya/scientific_predictions.html

65 टिप्‍पणियां:

  1. Kabhi Kisi K Sam'ne Apni Safaayi Paish Na Karo
    Kyun K Jise Tum Per Yaqeen Hai Usay Zururat Nahi
    Aur Jisay Tum Per Yaqeen Nahi Wo Maane Ga Nahi♥ HaZRAT ALI RADHI ALLAH ANHU

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    1. यार, यकीन करने के लिए कुछ तो हो। सब मुसलमान एसे ही चूतिये होते हैं या कभी कोई ढंग का पैदा हुआ है इस्लामी तारीख में। मैने तो आज तक नही सुना। और ये प्रमाण है कि ऊपर लिखी बातें 100% सही हैं।

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    3. Are bhai.. App kis Hajrat Ali ki baat karte hai. Kya aap jante hai Unki Ant(end) main Parinam kya hua???
      Wo Hazrat Muawia jo musalman hi tha, uss ke Haato KUTTE KI MAUT MARAGAYA..

      Yahi hota hai andhbiswasio ki natija..

      To aise hi hai ye ISLAM aur ISLAM Ki TAREEQ...

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    4. tumko ky pata allah ky vo to rahaman or rahim hai hai hamai ashi akalak hai is liay ham chup hai.

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    5. भाई अल्लाह पर ऐसी टिपण्णी मत करो । उससे तोबा और माफ़ी मांगो । वरना तुम्हे दंड मिलेगा। सब एक है उसकी शक्ति को पहचानो वरना पछताना पड़ेगा। आपके घर में दुसरे छोटे बड़ो को भी दंड भुगतना पड़ेगा।
      ऊपर वाले से सच्ची तोबा और माफ़ी मांगो वो रहम करने वाला है माफ़ कर देगा।
      नहीं तो उसके दंड का इन्तेजार करो अपने ऊपर और अपने घर वालो के ऊपर।
      जो होकर ही रहेगा।

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  2. " As to those who reject Faith, It is the same to them Whether thou warn them Or do not warn them; They will not believe." The Holy Quran, 02:06 Al Baqarah

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    1. यार, तुम अभी भी अल्लाह के गाँडूपने पर यकीन रखते हो। हद है अंधविश्वास की।

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    2. भाई अल्लाह पर ऐसी टिपण्णी मत करो । उससे तोबा और माफ़ी मांगो । वरना तुम्हे दंड मिलेगा। सब एक है उसकी शक्ति को पहचानो वरना पछताना पड़ेगा। आपके घर में दुसरे छोटे बड़ो को भी दंड भुगतना पड़ेगा।
      ऊपर वाले से सच्ची तोबा और माफ़ी मांगो वो रहम करने वाला है माफ़ कर देगा।
      नहीं तो उसके दंड का इन्तेजार करो अपने ऊपर और अपने घर वालो के ऊपर।
      जो होकर ही रहेगा।

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  3. aur bhai sahab tumhare knoledge me aur ijafa karte hain.

    http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_ Muslim _ scientists

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  4. "The Best amongst you are those who learn the Qur’an and teach itto other"
    Sahih Bukhari
    (Vol. no. 6, Hadith no. 5027)

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    1. "The Best amongst you are those who learn the Qur’an and teach itto other"
      Sahih Bukhari
      (Vol. no. 6, Hadith no. 5027)
      Correct!!!
      So then the ILLITERACY rate can be higher.

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  5. लगता है कि अल्लाह को विज्ञानं की प्रगति और शक्ति का अंदाजा नहीं होगा ,या वह सभी को अपने रसूल जैसा अनपढ़ समझता होगा .तभी उसने मनुष्यों को ऐसी चुनौती दे डाली होगी . अल्लाह ने कहा कि ,
    हे मनुष्य और जिन्नों के समूहों यदि तुम में सामर्थ्य हो तो ,इस धरती की परिधि से निकल कर आकाश की सीमा में प्रवेश करके अन्दर घुस कर आगे निकल जाओ " सूरा -रहमान 55:33
    न तो तुम धरती की सीमा से बहार निकल सकते हो ,और न आकाश की सीमा में प्रवेश कर सकते हो "सूरा - अनकबूत 29:22
    लेकिन अल्लाह की यह चुनौती उस समय बेकार हो गयी जब 1961 में अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सीमा से निकल कर चन्द्रमा की सीमा में घुस गए .और अल्लाह देखता ही रह गया
    behtareen post sir g

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    1. bhai ye allah ka kaam hai Dinge marna, aur baad main apna KLPD karwana..

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    2. भाई अल्लाह पर ऐसी टिपण्णी मत करो । उससे तोबा और माफ़ी मांगो । वरना तुम्हे दंड मिलेगा। सब एक है उसकी शक्ति को पहचानो वरना पछताना पड़ेगा। आपके घर में दुसरे छोटे बड़ो को भी दंड भुगतना पड़ेगा।
      ऊपर वाले से सच्ची तोबा और माफ़ी मांगो वो रहम करने वाला है माफ़ कर देगा।
      नहीं तो उसके दंड का इन्तेजार करो अपने ऊपर और अपने घर वालो के ऊपर।
      जो होकर ही रहेगा।

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    3. Beta jo jo allah ke bare m ulta bol ra h wo apna naam aur address de do agr ek baap ki aulaad ho.kasm allah ki Tumko jinda na chodunga.

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    4. Allah se turant mafia mango Nadan khi terr upr Allah Ka khr najil na ho jaye

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  6. बनी रहे त्यौंहारों की ख़ुशियां हमेशा हमेशा…

    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    ♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
    लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

    **♥**♥**♥**●राजेन्द्र स्वर्णकार●**♥**♥**♥**
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ

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  7. i am suhel naushad bobade .

    allha he , vah 1 he ,
    jab aap ka sci. age jata he tab allha ka ajab aap pr utarta he
    raha sawal muslmano ke padhai ka to hame sirf allha quran kafi he

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    1. भई वाह, कल को अल्लाह कहेगा खोल बे मुझे तेरी मारनी है। या कल सपने में तूने देखा कि कोई सुअर तेरी फाड़ रहा है तो साले क्या तू मौलवी से मशवरा करके सुअर से मरवाने का फतवा ले लेगा ???

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    2. अरे मुर्ख बेनामी ,
      मेने जो कहा उसे ठीक से पढ ; उसपर गौर कर और बोल.

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  8. ॐ कार, अल्लाह और गॉड एक ही शक्ती के विभिन्न नाम हैं। जो इस के किसी भीर रूप का तिरस्कार करे तो उस ने अहंकार किआ और वह इस परमशक्ती को पहचान ही नहीं पाया। आप केवल मुस्लिमों को ठेस पहुँचा कर उन को त्रिदेव और अन्य देवी-देवताओं का तिरस्कार करने का अवसर दे रहे हैं। जैसे प्रजापती दक्ष ने शिव जी की शत्रुता में अनेक अनर्थ किए। परमेश्वर तो केवल बहाना बन गया है एक दूसरे के प्रति घृणा प्रकट करने का। इस विवाद का अंत केवल नाश है।

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  9. agar allah nahi hota to yeh dharti kaise chalta bahut si chizen hain jis par insan ka koi zor nahi allah to imtihan leta hai tumhe hi shakti dekar ki iski tarif tym apne ko karte ho ya us allah ke jisne tumhare liye aasman ko chhat banaya aur zamin ko bistar yeh tumhari samajh mein nahi ki wah kya karta hai

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    1. A logo apne galteyon se toba karlo abhe toba ke darvaje band nahe huve hai kyonki abhe bachche paida ho rhe hai es ka matlb allha abhe naraj nahe hua hai

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  10. इस्लाम
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    "मुझे पता चला कि जिस धर्म को संसार इस्लाम के नाम से जानता है वास्तव में वही धार्मिक मतभेद के प्रश्न का वास्तविक समाधान है। इस्लाम दुनिया में कोई नया धर्म स्थापित नहीं करना चाहता बल्कि संसार में प्रत्येक धर्म के मानने वाले अपनी वास्तविक और शुद्ध सत्य पर आ जाएं और बाहर से मिलाई हुई झूटी बातों को छोड़ दें- यदि वह ऐसा करें तो जो आस्था उनके पास होगी उसी का नाम क़ुरआन की बोली में इस्लाम है।

    क़ुरआन कहता है कि खुदा की सच्चाई एक है, आरम्भ से एक है, और सारे इंसानों और समुदायों के लिए समान रूप में आती रही है, दुनिया का कोई देश और कोई कोना ऐसा नहीं जहाँ अल्लाह के सच्चे बन्दे न पैदा हुए हों और उन्होंने सच्चाई की शिक्षा न दी हो, परन्तु सदैव ऐसा हुआ कि लोग कुछ दिनों तक उस पर क़ाएम रहे फिर अपनी कल्पना और अंधविश्वास से भिन्न भिन्न आधुनिक और झूटी बातें निकाल कर इस तरह फैला दीं कि वह ईश्वर की सच्चाई इंसानी मिलावट के अन्दर संदिग्ध हो गई।

    अब आवश्यकता थी कि सब को जागरुक करने के लिए एक विश्य-व्यापी आवाज़ लगाई जाए, यह इस्लाम है। वह ईसाई से कहता है कि सच्चा ईसाई बने, यहूदी से कहता है कि सच्चा यहूदी बने, पारसी से कहता है कि सच्चा पारसी बने, उसी प्रकार हिन्दुओं से कहता है कि अपनी वास्तविक सत्यता को पुनः स्थापित कर लें, यह सब यदि ऐसा कर लें तो वह वही एक ही सत्यता होगी जो हमेशा से है और हमेशा सब को दी गई है, कोई समुदाय नहीं कह सकता कि वह केवल उसी की सम्पत्ती है।

    उसी का नाम इस्लाम है और वही प्राकृतिक धर्म है अर्थात ईश्वर का बनाया हुआ नेचर, उसी पर सारा जगत चल रहा है, सूर्य का भी वही धर्म है, ज़मीन भी उसी को माने हुए हर समय घूम रही है और कौन कह सकता है कि ऐसी ही कितनी ज़मीनें और दुनियाएं हैं और एक ईश्वर के ठहराए हुए एक ही नियम पर अमल कर रही हैं।
    अतः क़ुरआन लोगों को उनके धर्म से छोड़ाना नहीं चाहता बल्कि उनके वास्तविक धर्म पर उनको पुनः स्थापित कर देना चाहता है। दुनिया में विभिन्न धर्म हैं, हर धर्म का अनुयाई समझता है कि सत्य केवल उसी के भाग में आई है और बाक़ी सब असत्य पर हैं मानो समुदाय और नस्ल के जैसे सच्चाई की भी मीरास है अब अगर फैसला हो तो क्यों कर हो? मतभेद दूर हो तो किस प्रकार हो? उसकी केवल तीन ही सूरतें हो सकती हैं एक यह कि सब सत्य पर हैं, यह हो नहीं सकता क्योंकि सत्य एक से अधिक नहीं और सत्य में मतभेद नहीं हो सकता, दूसरी यह कि सब असत्य पर हैं इस से भी फैसला नहीं होता क्योंकि फिर सत्य कहाँ है? और सब का दावा क्यों है ? अब केवल एक तीसरी सूरत रह गई अर्थात सब सत्य पर हैं और सब असत्य पर अर्थात असल एक है और सब के पास है और मिलावट बातिल है, वही मतभेद का कारण है और सब उसमें ग्रस्त हो गए हैं यदि मिलावट छोड़ दें और असलियत को परख कर शुद्ध कर लें तो वह एक ही होगी और सब की झोली में निकलेगी। क़ुरआन यही कहता है और उसकी बोली में उसी मिली जुली और विश्वव्यापी सत्यता का नाम "इस्लाम" है।"
    SUNNIKING TEAM

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  11. कुरआन और विज्ञान - परिचय

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    SUNNIKING Team




    जब से इस पृथ्वी ग्रह पर मानवजाति का जन्म हुआ है, तब से मनुष्य ने हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि प्राकृतिक व्यवस्था कैसे काम करती है, रचनाओं और प्राणियों के ताने-बाने में इसका अपना क्या स्थान है और यह कि आखि़र खु़द जीवन की अपनी उपयोगिता और उद्देश्य क्या है ? सच्चाई की इसी तलाश में, जो सदियों की मुद्दत और धीर - गम्भीर संस्कृतियों पर फैली हुई है संगठित धर्मो ने मानवीय जीवन शैली की संरचना की है और एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में ऐतिहासिक धारे का निर्धारण भी किया है ।

    कुछ धर्मो की बुनियाद लिखित पंक्तियों व आदेशों पर आधारित है जिन के बारे में उनके अनुयायियों का दावा है कि वह खुदाई या ईश्वरीय साधनों से मिलने वाली शिक्षा का सारतत्व है जब कि अन्य धर्म की निर्भरता केवल मानवीय अनुभवों पर रही है ।

    क़ुरआन पाक, जो इस्लामी आस्था का केंद्रीय स्रोत है एक ऐसी किताब है जिसे इस्लाम के अनुयायी मुसलमान, पूरे तौर पर खु़दाई या आसमानी साधनों से आया हुआ मानते हैं। इसके अलावा क़ुरआन ए पाक के बारे में मुसलमानों का यह विश्वास, कि इसमें रहती दुनिया तक मानवजाति के लिये निर्देश मौजूद है, चूंकि क़ुरआन का पैग़ाम हर ज़माने, हर दौर के लोगों के लिये है, अत: इसे हर युगीन समानता के अनुसार होना चाहिये, तो क्या क़ुरआन इस कसौटी पर पूरा उतरता है?, प्रस्तुत शोध - पत्र में मुसलमानों के इस विश्वास का वस्तुगत विश्लेषण objective analysis पेश किया जा रहा है जो, क़ुरआन के इल्हामी साधन द्वारा अवतरित होने की प्रमाणिकता को वैज्ञानिक खोज के आलोक में स्थापित करती है । मानव इतिहास में एक युग ऐसा भी था जब ‘‘चमत्कार‘‘ या चमत्कारिक वस्तु मानवीय ज्ञान और तर्क से आगे हुआ करती थी चमत्कार की आम परिभाषा है, ऐसी ‘‘वस्तु‘‘ जो साधारणतया मानवीय जीवन के प्रतिकूल हो और जिसका बौद्धिक विश्लेषण इंसान के पास न हो। फिर किसी भी वस्तु को करिश्मे के तौर पर मानने से पहले हमें बहुत बचना पडे़गा जैसे 1993 में ‘‘टाइम्स ऑफ इंडिया‘‘ मुम्बई में एक ख़बर प्रकाशित हुई, जिस में ‘‘बाबा पायलट‘‘ नामी एक साधू ने दावा किया था कि वह पानी से भरे एक टैंक के अंदर लगातार तीन दिन और तीन रातों तक पानी में रहा, अलबत्ता जब रिपोर्टरों ने उस टैंक की सतह का जायज़ा लेने की कोशिश की तो उन्हें इसकी इजाज़त नहीं मिली।
    बाबा ने पत्रकारों को उत्तर दिया किसी को उस मां के गर्भ (womb) का विश्लेषण करने की आज्ञा कैसे दी जा सकती है जिससे बच्चा जन्म लेता है साफ़ जा़हिर है कि ‘‘साधू जी‘‘ कुछ ना कुछ छुपाना चाह रहे थे, और उनका यह दावा सिर्फ़ ख्याति प्राप्त करने की एक चाल थी, यक़ीनन नये दौर का कोई भी व्यक्ति जो तर्क संगत सोच (Rational thinking) की ओर थोड़ा झुकाव रखता होगा ऐसे किसी चमत्कार को नहीं मानेगा। अगर ऐसे झूठे और आधारहीन ‘‘चमत्कार‘‘ अल्लाह द्वारा घटित होने का आधार बने तो नऊज़ू-बिल्लाह हमें दुनिया के सारे जादूगरों को ख़ुदा के अस्ल प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार करना पडे़गा।

    एक ऐसी किताब जिसके अल्लाह द्वारा अवतरित होने का दावा किया जा रहा है उसी आधार पर एक चमत्कारी जादूगर की दावेदारी भी है तो उसकी पुष्टि verification भी होनी चाहिये। मुसलमानों का विश्वास है कि पवित्र क़ुरआन अल्लाह द्वारा उतारी हुई और सच्ची किताब है जो अपने आप में एक चमत्कार है, और जिसे समस्त मानव जाति के कल्याण के लिये उतारा गया है। आइये हम इस आस्था और विश्वास की प्रमाणिकता का बौद्धिक विश्लेषण करते हैं।
    SUNNIKING TEAM

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  12. कुरआन और विज्ञान - अंतरिक्ष - विज्ञान (Astrology)

    सृष्टि की संरचना: ‘‘बिग बैंग ‘‘अंतरिक्ष विज्ञान के विशेषज्ञों ने सृष्टि की व्याख्या एक ऐसे सूचक (phenomenon) के माध्यम से करते हैं और जिसे व्यापक रूप ‘‘से बिग बैंग‘‘(big bang) के रूप में स्वीकार किया जाता है। बिग बैंग के प्रमाण में पिछले कई दशकों की अवधि में शोध एवं प्रयोगों के माध्यम से अंतरिक्ष विशेषज्ञों की इकटठा की हुई जानकारियां मौजूद है ‘बिग बैंग‘ दृष्टिकोण के अनुसार प्रारम्भ में यह सम्पूर्ण सृष्ठि प्राथमिक रसायन (primary nebula) के रूप में थी फिर एक महान विस्फ़ोट यानि बिग बैंग (secondry separation) हुआ जिस का नतीजा आकाशगंगा के रूप में उभरा, फिर वह आकाश गंगा विभाजित हुआ और उसके टुकड़े सितारों, ग्र्रहों, सूर्य, चंद्रमा आदि के अस्तित्व में परिवर्तित हो गए कायनात, प्रारम्भ में इतनी पृथक और अछूती थी कि संयोग (chance) के आधार पर उसके अस्तित्व में आने की ‘‘सम्भावना: (probability) शून्य थी। पवित्र क़ुरआन सृष्टि की संरचना के संदर्भ से निम्नलिखित आयतों में बताता है:

    ‘‘क्या वह लोग जिन्होंने (नबी स.अ.व. की पुष्टि) से इन्कार कर दिया है ध्यान नहीं करते कि यह सब आकाश और धरती परस्पर मिले हुए थे फिर हम ने उन्हें अलग किया‘‘(अल - क़ुरआन: सुर: 21, आयत 30)

    इस क़ुरआनी वचन और ‘‘बिग बैंग‘‘ के बीच आश्चर्यजनक समानता से इनकार सम्भव ही नहीं! यह कैसे सम्भव है कि एक किताब जो आज से 1400 वर्ष पहले अरब के रेगिस्तानों में व्यक्त हुई अपने अन्दर ऐसे असाधारण वैज्ञानिक यथार्थ समाए हुए है?

    आकाशगंगा की उत्पत्ति से पूर्व प्रारम्भिक वायुगत रसायन

    वैज्ञानिक इस बात पर सहमत हैं कि सृष्टि में आकाशगंगाओं के निर्माण से पहले भी सृष्टि का सारा द्रव्य एक प्रारम्भिक वायुगत रसायन (gas) की अवस्था में था, संक्षिप्त यह कि आकाशगंगा निर्माण से पहले वायुगत रसायन अथवा व्यापक बादलों के रूप में मौजूद था जिसे आकाशगंगा के रूप में नीचे आना था. सृष्टि के इस प्रारम्भिक द्रव्य के विश्लेषण में गैस से अधिक उपयुक्त शब्द ‘‘धुंआ‘‘ है।

    निम्नांकित आयतें क़ुरआन में सृष्टि की इस अवस्था को धुंआ शब्द से रेखांकित किया है।

    ‘‘फिर वे आसमान की ओर ध्यान आकर्षित हुए जो उस समय सिर्फ़ धुआं था उस (अल्लाह) ने आसमान और ज़मीन से कहा:अस्तित्व में आजाओ चाहे तुम चाहो या न चाहो‘‘ दोनों ने कहा: हम आ गये फ़र्मांबरदारों (आज्ञाकारी लोगों) की तरह‘‘(अल ..कु़रआन: सूर: 41 ,,आयत 11)

    एक बार फिर, यह यथार्थ भी ‘‘बिग बैंग‘‘ के अनुकूल है जिसके बारे में हज़रत मुहम्मद मुस्तफा़ (स.अ.व. )की पैग़मबरी से पहले किसी को कुछ ज्ञान नहीं था (बिग बैंग दृष्टिकोण बीसवीं सदी यानी पैग़मबर काल के 1300 वर्ष बाद की पैदावार है)

    अगर इस युग में कोई भी इसका जानकार नहीं था तो फिर इस ज्ञान का स्रोत क्या हो सकता है?

    धरती की अवस्था: गोल या चपटी

    प्राराम्भिक ज़मानों में लोग विश्वस्त थे कि ज़मीन चपटी है, यही कारण था कि सदियों तक मनुष्य केवल इसलिए सुदूर यात्रा करने से भयाक्रांति करता रहा कि कहीं वह ज़मीन के किनारों से किसी नीची खाई में न गिर पडे़! सर फ्रांस डेरिक वह पहला व्यक्ति था जिसने 1597 ई0 में धरती के गिर्द (समुद्र मार्ग से) चक्कर लगाया और व्यवहारिक रूप से यह सिद्ध किया कि ज़मीन गोल (वृत्ताकार) है। यह बिंदु दिमाग़ में रखते हुए ज़रा निम्नलिखित क़ुरआनी आयत पर विचार करें जो दिन और रात के अवागमन से सम्बंधित है:

    ‘‘ क्या तुम देखते नहीं हो कि अल्लाह रात को दिन में पिरोता हुआ ले आता है और दिन को रात में ‘‘

    (अल-.क़ुरआन: सूर: 31 आयत 29)

    यहां स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि अल्लाह ताला ने क्रमवार रात के दिन में ढलने और दिन के रात में ढलने (परिवर्तित होने)की चर्चा की है ,यह केवल तभी सम्भव हो सकता है जब धरती की संरचना गोल (वृत्ताकार) हो। अगर धरती चपटी होती तो दिन का रात में या रात का दिन में बदलना बिल्कुल अचानक होता ।

    निम्न में एक और आयत देखिये जिसमें धरती के गोल बनावट की ओर इशारा किया गया है:

    उसने आसमानों और ज़मीन को बरहक़ (यथार्थ रूप से)उत्पन्न किया है ,, वही दिन पर रात और रात पर दिन को लपेटता है।,,(अल.-क़ुरआन: सूर:39 आयत 5)

    यहां प्रयोग किये गये अरबी शब्द ‘‘कव्वर‘‘ का अर्थ है किसी एक वस्तु को दूसरे पर लपेटना या overlap करना या (एक वस्तु को दूसरी वस्तु पर) चक्कर देकर (तार की तरह) बांधना। दिन और रात को एक दूसरे पर लपेटना या एक दूसरे पर चक्कर देना तभी सम्भव है जब ज़मीन की बनावट गोल हो ।

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  14. भाई अल्लाह पर ऐसी टिपण्णी मत करो । उससे तोबा और माफ़ी मांगो । वरना तुम्हे दंड मिलेगा। सब एक है उसकी शक्ति को पहचानो वरना पछताना पड़ेगा। आपके घर में दुसरे छोटे बड़ो को भी दंड भुगतना पड़ेगा।
    ऊपर वाले से सच्ची तोबा और माफ़ी मांगो वो रहम करने वाला है माफ़ कर देगा।
    नहीं तो उसके दंड का इन्तेजार करो अपने ऊपर और अपने घर वालो के ऊपर।
    जो होकर ही रहेगा।

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  15. नरेश दिनकर नांदेड18 सितंबर 2014 को 7:25 am

    यही अंतिम और 100% सत्य है।

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  16. भाई। तेरी अज्ञानता पर अफ़सोस होता है। पर फिर मुझे अल्लाह का यह वचन याद आता है। '' वह गूंगे बेहरे अंधे हैं सो वे नहीं लौटेंगे'' क़ुरान १:१८

    आगे में तुझे क़ुरान और विज्ञान के बारे में सही जानकारी देने का लिंक दे देता हु। https://islamhindimen.wordpress.com/ इस पोस्ट पर तुझे क़ुरान में जीव विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, जल विज्ञान, भू विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, वनस्पति विज्ञान का सही ज्ञान मिलेगा।

    और एक बात। वहां तुझे तेरे धर्म को गाली देने वाली या नीचा दिखाने वाली या तेरे धर्म का विरोध करने वाली एक लाइन भी नहीं मिलेगी। क्यों हमारा मज़हब हमे ये नहीं सिखाता। न ही ये हमारे नबी ने हमे सिखाया है

    उत्तर देंहटाएं
  17. भाई आप झूठे हो। आप इस्लाम के खिलाफ झूटी बाते ही प्रकाशित करते हो।
    में अपने बाकी सभी भाइयो को सही जानकारी देता हु। वो भी क़ुरआन के सन्दर्भ के साथ।

    "हे जिनों और इंसानों की टोलियों! अगर तुम समझते हो की आसमान और पृथ्वी के वियासो (Diameters) * में से गुज़र कर पार निकल सकते हो तो ऐसा कर देखो अतिरिक्त बल के इस्तेमाल के बिना नहीं कर सकोगे. अब तुम अपने रब के किन-किन वरदानो को झूट्लाये जाओगे "
    - कुरान ५५:३३-३४

    शक्ति और वेग के नियमो पर आधारित उपकरणों की सहायता से एक दिन पृथ्वी और अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में से गुज़रना के सम्भव होगा, ये संकेत कुरान कर चूका था. उस काल में जो वाहन मौजूद थे उनके अतिरिक्त अन्य वाहनों की खोज होगी, ये भी कुरान ने बता दिया था -
    "अल्लाह ने घोड़े, खच्चर, गधे तुम्हारे वाहन और शोभा के लिये पैदा किए और वो (इनके अलावा ऐसे वाहन) पैदा करेगा जिनका तुम्हे अभी ज्ञान नही है."
    - कुरान १६:८-९

    इन वाहनों पर सवार हो कर चंद्रमा पर पहुँचने का वर्णन देखिए -

    "पूर्ण हो जाने वाला चंद्रमा गवाह है की तुम ज़रूर इस धरती से दूसरी धरती तक सवारी पर सवार हो कर
    जाओगे. (ये चमत्कार देख लेने के बाद) फिर इन्हें अब क्या हो गया की ईमान नहीं लाते. "
    - कुरान ८४:१८-२०

    और ध्यान देने वाली एक बात और है की कुरान में चंद्रमा की जो सुरह (अध्याय) है सुरह क़मर (चंद्रमा) उसकी पहली आयत (मन्त्र) से ले कर कुरान की आखिरी सुरह 'सुरह नास' की आखिरी आयत तक जितनी आयते है उनकी संख्या १३८९ बनती है और यही वो इस्लामी साल १३८९ हिजरी (रोमन साल १९६९) था जिस वर्ष नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पहुंचा था.

    भाई आपकी सोच है की झूट को चीख चीख कर बोलो तो वो सच बन जाता है। पर ऐसा नहीं है। सच का एक दीपक ही काफी होता है। झूट के घने अँधेरे को मिटाने के लिए। और में अपने बाकी सभी भाईयो से गुज़ारिश करूँगा। एक दिली-इल्तिजा। मेरे भाइयो इस्लाम सीखो। यही सच्चा मज़हब है। आपको अपने हर सवाल का जवाब इस्लाम में ही मिलेगा। और यही सच है।

    उत्तर देंहटाएं
  18. मजहब नहीं सीखता आपस मैं बैर रखना। न हिन्दू बनो। न मुसलमान बनो। न सिख बनो न इशाई। बस सब इन्शान बन जाओ। बस यही बहुत है। दुनियां मैं इन्शानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। अल्लाह भी वो है। और भगवान भी। God भी वो है। और गुरु नानक भी । अरे दीवाली मैं अली बसे राम बसे रमजान बस ऐशा होना चाहिए अपना हिन्दोस्तान ।

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    1. Bahut Sunder tarike se sirf 4 line me in logo ko bataya ki dharm kya hai..aur mai bhi isi 4 line ko manta hu.. na ki hindu, ishai, islam. Prame hi ishwar hai aur ishwar hi prame...

      हटाएं
  19. मजहब नहीं सीखता आपस मैं बैर रखना। न हिन्दू बनो। न मुसलमान बनो। न सिख बनो न इशाई। बस सब इन्शान बन जाओ। बस यही बहुत है। दुनियां मैं इन्शानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। अल्लाह भी वो है। और भगवान भी। God भी वो है। और गुरु नानक भी । अरे दीवाली मैं अली बसे राम बसे रमजान बस ऐशा होना चाहिए अपना हिन्दोस्तान ।

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  20. Tumne ye to key diys ki Muslman scientist nhi bntey but shayaad aapp Dr.A.P.J.Abdul klaam ko bhul gye ho...
    Jinko India ka Missail man bola jata h.
    Or Switzerland m vigyandivas Abdul klaam ji ko hi samarpit h.

    उत्तर देंहटाएं
  21. Bhai logo Mey glt fehmi mt felao tumhe puri knowledge nhi h to. ..logo me bhi adhuri jaankari mt felaao

    उत्तर देंहटाएं
  22. Kbhi Google pr....Islam and science likh kr search kro...Tumko pta chl jayega ki Allah Vigyaan sey drta h ya nhi......jb science Ko ye bhi nhi pta tha ki earth apni Jgah pr ghumti h ye baat 1400 saal Pehle Quran m bta diya Allha ne. ...

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  23. Kbhi Google pr....Islam and science likh kr search kro...Tumko pta chl jayega ki Allah Vigyaan sey drta h ya nhi......jb science Ko ye bhi nhi pta tha ki earth apni Jgah pr ghumti h ye baat 1400 saal Pehle Quran m bta diya Allha ne. ...

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  24. Bhai logo Mey glt fehmi mt felao tumhe puri knowledge nhi h to. ..logo me bhi adhuri jaankari mt felaao

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  25. Tumne ye to key diys ki Muslman scientist nhi bntey but shayaad aapp Dr.A.P.J.Abdul klaam ko bhul gye ho...
    Jinko India ka Missail man bola jata h.
    Or Switzerland m vigyandivas Abdul klaam ji ko hi samarpit h.

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  26. अबे ये चुतीया लोग हे । जब आँख बंद होगी ना तो फिर समज़ आयेगा क्या हे अल्लाह अभी गुमराही के रास्ते पर हे । ये अल्लाह की तरफ से ढील हे । जब उस पाक परवर दिगार का अज़ाब आएगा तो भागते फिरेंगे । और ले लेखक सब को मरना हे । तुम्हारे पास या और किसि भी धर्म में सच्चाई नहीं हे । हक़ पर सिर्फ इस्लाम हे और इसी को ही अपनानं पड़ेगा । ये लोग गफलत में जी रहे हे ।

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  27. अबे ये चुतीया लोग हे । जब आँख बंद होगी ना तो फिर समज़ आयेगा क्या हे अल्लाह अभी गुमराही के रास्ते पर हे । ये अल्लाह की तरफ से ढील हे । जब उस पाक परवर दिगार का अज़ाब आएगा तो भागते फिरेंगे । और ले लेखक सब को मरना हे । तुम्हारे पास या और किसि भी धर्म में सच्चाई नहीं हे । हक़ पर सिर्फ इस्लाम हे और इसी को ही अपनानं पड़ेगा । ये लोग गफलत में जी रहे हे ।

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  28. Allah farmate hain surah rehman ayat no. 33 me ए गिरोह जिन व इंसान अगर तुम मै कुदरत है की आसमानो और ज़मीं के किनारो से होकर कही निकल कर मौत या अज़ब से भाग सको तो निकल जाओ मगर तुम तो बघैर कूवत और गल्बे के निकल ही नही सकते हलंकि तुम मै न न कूवत है और न ही गल्बा

    allah taala irshad farmate hain surah al ankaboot me ayat no 22 me और न तुम ज़मीं ही में खुदा को जेर कर सकते हो और न आसमान में और खुदा के सिवा न तुम्हारा कोई सरपरस्त है और न मदद गार
    Mere bhaiyo ab aap hi samajhlena kya sahi or kya ghalat or allah ko bura bolo ya bhala vo tumhara bhi allah hai or faisla bhi achcha hoga or badla bhi achcha

    Altaf rayeen

    उत्तर देंहटाएं
  29. Ye sab likhne walon maa ki choot me mera lund. Pehle ye log aise kaam karte hain ki hme hathiyaar uthane pade fir bolte hain ki muslman aatankwadi hote hain

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  30. All religions are same .. Allah ram rahim is just different names of one god

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  31. अल-बक़रा (Al-Baqarah):13 - और जब उनसे कहा जाता है, "ईमान लाओ जैसे लोग ईमान लाए हैं", कहते हैं, "क्या हम ईमान लाए जैसे कम समझ लोग ईमान लाए हैं?" जान लो, वही कम समझ हैं परन्तु जानते नहीं.
    Bhai apne ya ayat padle vo kafir iman nai lai GI .Bhai aise bate Islam KI Bari mat lekh Verna Allah tum ko hallak kar dega.
    अल-बक़रा (Al-Baqarah):23 - और अगर उसके विषय में जो हमने अपने बन्दे पर उतारा हैं, तुम किसी सन्देह में न हो तो उस जैसी कोई सूरा ले आओ और अल्लाह से हटकर अपने सहायकों को बुला लो जिनके आ मौजूद होने पर तुम्हें विश्वास हैं, यदि तुम सच्चे हो
    अल-बक़रा (Al-Baqarah):24 - फिर अगर तुम ऐसा न कर सको और तुम कदापि नहीं कर सकते, तो डरो उस आग से जिसका ईधन इनसान और पत्थर हैं, जो इनकार करनेवालों के लिए तैयार की गई है.

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  32. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है।

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  33. और ब्रहम्मा ने अपनी पुत्री से सेक्स किया था इसलिए हिन्दु ब्रहम्मा की पूजा नही करते है। ब्रहम्मा भी तो आपके भगवान थे भगवान बल्तकार करता है क्या। ये सब आपकी किताबो मे लिखा है। और राम ने अपनी पत्नी सीता की व्रजिन की परीक्षा लेने के लिए घर से बाहर निकाला था। तो क्या औरत को यूही कही भी धक्के दिये जा सकते है। कहने को राम भगवान थे औरत की इज्जत आती नही थी। और राम या हनुमान ने राम सेतु पुल बनाया था सीता को बचा के लाने के लीए । जब भगवान थे तो पुल बनाने की क्या जरुरत थी उड की नही जा सकते थे। ये एक किस्म की चूतियापंती है और हिन्दु क्या बोलते है कि सारे भगवान मनुष्य के रुप मे थे इसलिए उड के जाने की ताकत नही थी। ये हिन्दु अपनी ही चट करते है और अपनी ही पट। जब मनुष्य के रुप मे भगवान थे। इसका मतलब ये हुआ वे मनुष्य ही भगवान थे । और भगवान उसे कहते है जो कुछ भी कर सकते है तो फिर वे मनुष्य उड क्यो नही सकते थे क्योकि आप लोग तो उनको एक तरीके से भगवान ही मानते हैहमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।

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  34. खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडकी को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

    तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। और तुम्हारे सभी भगवान भी धोती के अलावा कुछ नही पहनते थे। बाकी सारा शरीर खुला रहता है
    ये कैसे भगवान है जिन्हे कपडे पहनने की भी तमीज नही है।

    उत्तर देंहटाएं

  35. हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

    उत्तर देंहटाएं
  36. बकवास मुसलमान।।।।।।

    बकवास इस्लाम।।।।।।।

    चुतियो का धर्म।।।।


    उपर लिखी बातें 10000000000000000900000% सच है।।।
    ।।
    अरे चूतियो अल्लाह (Allah) का उल्टा हल्ला (Hallah) होता है चूतिये दिन और रात हल्ला करते है अज़ान देकर और नमाज़ पड़कर।।।।।।।
    चुतिये मेरे साले।।।।।।।।

    उत्तर देंहटाएं
  37. mere musalman bhaiyo kutton ka kam kya hota hai unhe bhonkne ke siva kuchh aata hi nahi in janvaron se bat mat karo bhonk bhank ke khud hi chup ho jainge or jiska ye blog hai wo aisi post dal ke soch raha hoga k mera blog chal jaiga lekin is blog ko chalana is janam me to mushkil hai achhi post kar fir to chal sakta hai tera blog

    उत्तर देंहटाएं
  38. Bebuniyad swal hai ..Pahle arbi ka tarjuma hi galt kiya gya ha .. ak halat se dusre halat me jaoge ..Jiski itni tamij nahi arbi ki wah kya ankus lagata hai ..Sidhi tarjuma kiya hai .. Hasi aati hai padhne aur samjhne wala ..Ak arbi janne wala chota bachcha bhi iska jawab de skta hai ...Zazakumullah ..

    उत्तर देंहटाएं
  39. कुरान में इंसान के चंद्रमा पर पहुँचने का वर्णन ….

    ♥ “हे जिनों और इंसानों की टोलियों! अगर तुम समझते हो की आसमान और पृथ्वी के वियासो (Diameters) में से गुज़र कर पार निकल सकते हो तो ऐसा कर देखो अतिरिक्त बल के इस्तेमाल के बिना नहीं कर सकोगे. अब तुम अपने रब के किन-किन वरदानो को झूट्लाये जाओगे ”
    – अल-कुरान: सूरह 55: आयात 33-34

    शक्ति और वेग के नियमो पर आधारित उपकरणों की सहायता से एक दिन पृथ्वी और अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में से गुज़रना के सम्भव होगा, ये संकेत कुरान कर चूका था. उस काल में जो वाहन मौजूद थे उनके अतिरिक्त अन्य वाहनों की खोज होगी, ये भी अल्लाह ने कुरान में बता दिया था –

    ♥ “अल्लाह ने घोड़े, खच्चर, गधे तुम्हारे वाहन और शोभा के लिये पैदा किए और वो (इनके अलावा ऐसे वाहन) पैदा करेगा जिनका तुम्हे अभी ज्ञान नही है.”
    – अल-कुरान: सूरह 16: आयात 8-9

    इन वाहनों पर सवार हो कर चंद्रमा पर पहुँचने का वर्णन देखिए –
    ♥ “पूर्ण हो जाने वाला चंद्रमा गवाह है की तुम ज़रूर इस धरती से दूसरी धरती तक सवारी पर सवार हो कर जाओगे. (ये चमत्कार देख लेने के बाद) फिर इन्हें अब क्या हो गया की ईमान नहीं लाते. ”
    – अल-कुरान: सूरह 84: आयात 18-20

    * संकेत है, गुरुत्वाकर्षण की सीमा की ओर और पृथ्वी और अन्य ग्रहों के गोल होने तरफ भी.

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  40. सच कहो आपको मौत पर तो यक़ीन हैं ना मर कर जब जाओ गे तब आपको सब पता चल जयेगा अल्लाह के सिवा कोइ पूजने लायक और अल्लाह ही मेरा रब हैं और इस दुनिया का रब हैं अल्लाह सबसे बेहतर फ़ैसला करने वाले हैं तुमहारा भि करेगा !!! या अल्लाह मेरे बसमे जो कुछ भी था वो मैने कर दिया अब मै ये आपके हावाले करती हूं!!!!!

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