गुरुवार, 15 नवंबर 2012

अल्लाह इस्लाम का दुश्मन है !


इस बात में किसी को भी शंका नहीं होगी कि मुसलमान कभी शांति नहीं चाहते , और वह फसाद ,दंगा , झगडा और आतंक के लिए कोई न कोई बहाना खोजते रहते हैं .और अपनी दुर्दशा के लिए कभी हिन्दुओं पर आरोप लगाते हैं कभी इसाई देशों पर .लेकिन एक बात साबित है कि मुसलमान जिस भी देश में रहते हैं उसका सत्यानाश कर देते हैं सोचिये अगर मुसलमान ऐसे हैं , तो उनका अल्लाह कैसा होगा ?
चूँकि मुसलमानों अल्लाह खुद कोई काम नहीं कर सकता , और हरेक भले बुरे काम को करने के किसी किसी न किसी एजेंट को भेज देता है .जिसे रसूल और नबी कहा जाता है .इसलिए अगर कोई व्यक्ति ऐसा कहे कि खुद अल्लाह ही अपने एक नबी के द्वारा मक्का के काबा और मदीना स्थित मुहम्मद साहब कि मस्जिद का नाश करावा देगा . और खलीफाओं की कब्रों के साथ सहाबियों की कबरें भी खुदवा देगा . तो आप ऐसा कहने वाले को जरुर पागल कह देंगे . लेकिन असली पागल तो वह लोग हैं जिनको इस्लाम के बारे में सही ज्ञान नहीं है .इस लेख के माध्यम से हम ऐसे लोगों पर से इस्लाम का भूत उतारे देते हैं जो इस बात से इंकार करते हैं . कि इस्लाम का असली दुश्मन अल्लाह ही है .और उसने काफी पहले ही इस्लाम का सत्यानाश करने की योजना बना रखी है .ध्यान से पढ़िए ,
1-अंतिम नबी मेंहदी होगा 
मुसलमान अपने कुकर्मों और अल्लाह के द्वारा इस्लाम के नाश हो जाने की बात को छुपा लेते हैं कि मुहम्मद साहब के बाद भी अल्लाह एक नबी को भेजेगा .जैसा कि इस हदीस में लिखा है .
"रसूल ने कहा कि कियामत से पहले अल्लाह मेंहदी नाम के नबी को भेजेगा , जो मेरे कबीले से होगा "
सुन्नन इब्ने माजा-जिल्द 2 हदीस 5083 
"उम्मे सलमा ने कहा कि रसूल ने कहा कि मेरे परिवार में फातिमा के वंश में मेहदी का जन्म होगा . और उसका और उसके माता पिता के नाम मुझ से और मेरे माता के नाम जैसे होंगे .और वह सभी काम अल्लाह के हुक्म से करेगा " अबू दाउद-किताब 36 हदीस 4271 
उसका नाम "المهدي محمد بن عبد الله  अल मेहदी मुहम्मद बिन अब्द अल्लाह होगा " इब्न माजा- जिल्द 2 हदीस 4086 
शिया मुसलमान मेंहदी को अपना बारहवां और अंतिम इमाम मानते हैं .और सुन्नियों के मुहद्दिस " نعيم بن حماد  नुईम बिन हम्माद " ने अपनी हदीस " किताब अल फित्नكتاب الفتن" " में इसके बारे में विस्तार से लिखा है .इस किताब में दस अध्याय हैं 
लेकिन अल्लाह अपने इस नबी मेंहदी के द्वारा भविष्य में जो करवाने वाला है , उसके बारे में किसी मुसलमान ने सपने भी नहीं सोचा होगा .क्योंकि मुसलमान जिस अल्लाह के नाम पर रोज हजारों निर्दोष लोगों की हत्या कर रहे हैं . वही अल्लाह इस्लाम का सत्यानाश करने की योजना बना चुका है
अल्लाह ने मेंहदी को क्यों भेजा और वह अल्लाह के हुक्म से क्या करेगा इसके नमूने देखिये .
2-सृष्टि से पहले मेंहदी का जन्म 
" इमाम मजलिसी ने कहा कि मनुष्यों की सृष्टि से पहले ही इमाम मेंहदी को बनाया गया था "

            مهدي الشيعة خلق قبل خلق الخلق 

Bihar Al-Anwar, Vol. 51, page 144.((بحار الأنوار

3-अल्लाह को हिब्रू नाम से पुकारेगा .
"अल मुफजल इब्न उमर ने कहा कि अबू अब्दुल्लाह ( छठवें इमाम ) ने कहा , जब मेंहदी नमाज पढेंगे तो . अल्लाह को असली इबरानी नाम से पुकारेंगे "

             العبراني  دعا الله باسمه   إذا أذَن الإمام :  للنعماني   الغيبة  في كتاب

(Al-Numani, Al-Ghayba , p.326)


4-प्रतिशोध के लिए आएगा 
"अब्दुल रहमान अल कसीर ने कहा कि इमाम जफ़र ने बताया , अल्लाह ने रसूल को तो रहमत के लिए भेजा था ,लेकिन मेंहदी को लोगों से प्रतिशोध लेने के लिए भेजेगा "
    :  عن عبد الرحمن القصير عن أبي جعفر عليه السلام 

        إن الله بعث محمدا رحمة وبعث القائم نقمة   : قال

 (Baqir Al-Majlisi, Bihar Al-Anwar, Vol. 52,  p. 314-315)

(Muhammad ibn Hasan al-Saffar, Bashairu al-Darajat, p. 83)

अल्लाह अपने इस मेंहदी को जिन कामों को करने के लिए जल्द ही भेजने वाला है , उन में से कुछ मुख्य कामों के बारे में आगे बताया जा रहा है .ताकि मुसलमान ध्यान से पढ़ सकें .(देखिये - क्रमांक 5 से 10 तक )
5-अरबों का जनसंहार करेगा 
" मेंहदी अरबों का विरोधी होगा . अरब में कत्ले आम के आलावा कोई काम नहीं होगा , सभी अरब मारे जायेंगे "
      ما بقي بيننا وبين العرب إلا الذبح

(Baqir Al-Majlisi, Bihar Al-Anwar, Vol. 52, p. 349  and  Al-Numani, Al-Ghaiba, p. 155(الغيبة للنعماني ص155,  بحار الأنوار 52/349)
"मेंहदी का नाम " मुन्तजिर " इस लिए है की वह रुक कर लोगों में घूमेगा , और खोज खोज कर अरबों का क़त्ल करवा देगा. "

      منهم أحد  اتق العرب فإن لهم خبر سوء أما إنه لم يخرج مع القائم

  (Baqir Al-Majlisi, Bihar al-Anwar, Vol. 52, p. 318

"अरबों को डरना चाहिए कि अल कायम यानि मेंहदी की यह चेतावनी सभी अरबों के लिए है .चाहे वह सुन्नी हों या शिया "

 "    ويخشى العرب لأنه سيكون هناك أنباء سيئة للغاية بالنسبة لهم، وهو أن أيا من بينهم سيخرج مع القائم   "

 (Baqir Al-Majlisi, Bihar Al-Anwar, Vol. 52,  p. 333, and Al-Numani, Al-Ghaiba, p. 254( 52/333  بحار الأنوار   ,    الغيبة للنعماني ص254)

6-सुन्नियों को प्रताड़ित करेगा 
" मेंहदी के आने पर जो लोग अली की विलायत से इंकार करेंगे , उनको इस्लाम विरोधी मानकर , यहूदी और ईसाई की तरह जिम्मी घोषित कर दिया जायेगा . और टेक्स वसूला जायेगा "

فإذا قام قائم عرضوا كل ناصب عليه فإن أقر بالإسلام وهي الولاية وإلا ضربت عنقه أو أقر بالجزية فأداها كما يؤدي أهل الذمة

     
  Baqir Al-Majlisi’s Bihar Al-Anwar, Vol. 52, page 373 and  Furat ibn Ibrahim’s Tafseer , page 100(  52/357   بحار الأنوار  ,   تفسير فرات ص 100

" बाकिर मजलिसी ने कहा ,जो सुन्नी मेंहदी की शिक्षा नहीं अपनाएगा , तो मेंहदी पहले तो सुन्नी उलेमा को क़त्ल करगा फिर सभी सुन्नियों के सिर कटवा देगा "

      يناكحوننا ويوارثوننا الى ان يظهر المهدي حيث يبدا بقتل علماء اهل السنة ثم عوامهم 

 (Baqir Al-Majlisi’s Haq Al-Yaqeen-Al-Kulaini’s Al-Rawdah min al-Kafi, Vol. 8, page 160, 

7-दाउद की शरीयत लागू करेगा 
" मुहम्मद इब्न अहमद बिन खालिद से अली इब्न हुसैन ने कहा कि मेंहदी दाऊद की शरीयत के अनुसार काम करेंगे . और , कोई दुविधा होगी . तो रुहुल कुदस ( जिब्रील )उसका समाधान करा देगा "
    محمد بن أحمد عن محمد بن خـالد عن النَضر بن سويد عن يحي الحلبي عن عمران بن أعين عن جعيد الهمداني عن عليَ بن الحـسين عليه السَلام قال:
                                       روح القُدُس  به  تلقَانا  شيء  فإن أعيانا  بحكم آل داود،  قال   سألته بأي حكم تحكمون ؟

( Al-Kulayni , Al-Kafi, Vol. 1, p. 397)

"अबू उबैदा अल हज्जा से इमाम अबू अब्दुल्लाह ने कहा ,मेंहदी जब उठ खड़े होंगे तो दाउद और सुलेमान की शरीयत लागू कर देंगे. और किसी और शरीयत को प्रमाण नहीं मानेंगे "

           …  جعفر عليه السلام: عن أبي عبيد الحذَاء قال
         قال يا أبا عبيدة إذا قام قائم آل محمد عليه السلام حكم بحكم داود وسليمان ولا يُسأل بيننة

(Al-Kulayni, Usul Al-Kafi, Vol. 1, p. 397 ,  Al-Mufeed Al-Tusi, Al-Irshad, p. 413, and Alam Al-Wara, p. 433  )  
8-सहाबियों की कबरें खुदवा देगा 
" जब मेंहदी " यस्रिब' यानि मदीना जायेंगे तो वहां जिस " अल हुजरा अल नबीविया" के जिस कमरे में रसूल के साथ आयशा , अबूबकर और उमर की लाश दफ़न है .उन्हें खुदवा कर निकलवा देगा . और रसूल को अल बाकी में दफ़न करा देगा .और बाकी को लकड़ी के क्रूस पर लटका देगा "
  
                     وأجيء إلى يثرب فأهدم الحجرة وأخرج من بها وهما طريان فآمر بهما تجها البقيع وأمر بخشبتين يصلبان عليهما 
        
 (Al-Majlisi, Bihar al-Anwar, Vol. 53, p. 104 -10 ( بحار الأنوار ج 53/104-105 )

"मेंहदी अबू बकर और उमर बिन खत्ताब की कबरें खुदवा देगा , और उनको जिन्दा करके सबके सामने कोड़े लगवाएगा और बाद में क्रूस पर लटका देगा ."

"ونبش قبر أبي بكر الصديق وعمر بن الخطاب أن يتعرض للنبش، وأنهم ليصلب ويجلد أمام الحشود. سيتم احياء كل منهما في الحصول على الأحكام الصادرة بحقهم.  "
Ni’matullah Al-Jazairi, Al-Anwar Al-Numaniyah, Vol.2, p. 85 and Baqir Al-Majlisi, Haq al-Yaqeen, Vol. 2, p. 242

9-रसूल की मस्जिद तुड़वा देगा 
"जब अल्लाह का भेजा हुआ " अल कायम " यानि मेंहदी आएगा तो वह  मदीना में रसूल ने जिस मस्जिद की नींव रखी थी उसे जड़ से उखड़वा देगा "

            القائم يهدم المسجد الحرام حتى يرده إلى أساسسه ومسجد الرسول صلى الله عليه وسلم وإله إلى أساسه   

          (Al-Majlisi, Bihar al-Anwar, vol. 52, p. 338, and Al-Tusi, Al-Ghaibah, p. 282(  بحار الأنوار 52/338   ,   الغيبة ص 282 )

10-काबा भी तुड़वा देगा 
"जब मेंहदी उठ खड़े होंगे तो वह मक्का के मस्जिदुल हराम यानि " काबा " को ध्वस्त कर देंगे "

                  …  إذا قام المهدي هدم المسجد الحرام 

        Al-Mufid, Al-Irshad. p. 411 and At-Tusi, Kitab al Ghaibah, p. 282)(  الغيبة للطوسي ص282   ,  الإرشاد للمفيد ص411 )

अब हमारा सभी मुल्ले मौलवियों और मुसलमानों को चुनौती है , कि जब उनका अल्लाह ही इस्लाम का सत्यानाश करने इच्छा रखता है तो ,मुसलमान दूसरे धर्म के लोगों पर यह आरोप क्यों लगाते हैं कि उन्हीं के कारण इस्लाम खतरे में है .और जो अल्लाह रसूल कि कबर खुदवाने और काबा को ध्वस्त करने वाला है , मुसलमान उसकी इबादत क्यों करे, ? इसका यही कारण हो सकता है , यातो अल्लाह काबा में रह कर ऊब गया है और किसी नए बड़े मकान में रहना चाहता हो . याद रखिये कि यह हदीसें मुहम्मद साहब के वंशजों द्वारा कही गयी हैं , और जो भी इनको झूठ बताये तो समझो सभी हदीसें और कुरान भी झूठ है .मुसलमानों को अगर किसी से दुश्मनी निकालना हो , तो अल्लाह से दुश्मनी निकालें , क्योंकि 
"अल्लाह इस्लाम का नाश कर देगा "

http://www.discoveringislam.org/shia_mahdi.htm

11 टिप्‍पणियां:

  1. ye to wastvikta hai ki islam khatare me hai kyo ki ya atank ka paryay ho gaya hai inse manwata ko khatara hai manwata ko bachna hai to islam ko samapt karna hi hoga .

    उत्तर देंहटाएं
  2. यही कारण है कि मुसलमान अपने अपने देशों को बर्बाद कर रहे हैं

    उत्तर देंहटाएं
  3. इस ध्रुव सत्य को अच्छी तरह समझ और जानकर आज दुनिया में हजारों बुद्धिमान और विवेकशील मुसलमान अली सीना जैसे Ex - Muslim विद्वान से प्रेरित होकर बहुत बड़ी संख्या में इस्लाम को त्याग रहे हैं, ये दुनिया और बुद्धिजीवी मुसलमानों के लिए एक शुभ लच्छन है I

    उत्तर देंहटाएं
  4. Bilkul sahi baat hai, burai kaa ant to hona hi hai.

    उत्तर देंहटाएं
  5. शुभ-प्रभात मित्रो ,
    जय श्री राम ,
    जय माँ भारती ,
    जय हिन्दू सनातन धर्म ,
    कल मुसलमानों का अतिशान्ति प्रिय त्यौहार मुहर्रम था , पुरे उत्तर भारत में पूरी शान्ति के साथ कई स्थानों पर पथराव किया गया ,पूरी शांति एवं श्रधा का परिचय देते हुए मुसलमानों ने उत्तर प्रदेश के लगभग ग्यारह स्थानों पर 100 लोगों को घायल करके मुहर्रम के सन्देश को घर-घर तक पहुँचाया , जो की त्याग और मुहब्बत और आपसी भाईचारे को मजबूती देता है
    उत्तर प्रदेश के .कुशी नगर के दुबौली बाज़ार में तो यह और भी दो कदम आगे निकल गया, यहाँ पर ड्यूटी पर तैनात SSP , ADM . SO . और यातायात अधिकारी सहित दो पुलिसवालों को भी बुरी तरह से घायल करके मुहर्रम का प्यार भरा सन्देश दिया गया ,
    भादोली - में MLA और बारह लोगों को भी मुहर्रम का प्यार भरा संदेस दिया , और अब वे सब नजदीकी अस्पताल में जन्नत का ट्रेलर देखने में मशगूल है ,
    बहराईच - के पर्सोहना गाँव में एक अलग मिशाल मुहर्रम की पेश की गयी , यहाँ पर बहुत ही सादगी से त्याग का परिचय दिया गया -और केवल दुकानों में लूट-पाट ही की गयी , और रस्मी तौर पर पथराव की रस्म अदा की गयी , जिसमे दो महिलाओं और छोटे - छोटे बच्चों के सिरों से सिर्फ खून ही निकला , बाकि सब सही सलामत है
    इसी प्रकार , कन्नौज , वाराणसी ,बाराबंकी , कानपुर , ओरया फरुखाबाद - में भी अलग-अलग अंदाज में यह शांति-प्रिय त्यौहार देखने को मिला ,

    दिल्ली में भी कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला .. नयी -नयी तेज रफ़्तार मोटरसाईकिलों पर बैठे , हाथों में नंगी तलवारों को लहराते हुए , रास्ते के पेड़ों को काटते हुए, राह चलते हुए लोगों और महिलाओं को डराते हुए , बीस -तीस मोटरसाईकिलों के झुण्ड को कोलाहल करते हुए देखा गया ,
    कोई मुझे मुहर्रम का त्यौहार समझाएगा ? ?? की ये क्यों और किसलिए मनाया जाता है , क्या इसका वास्तविक रूप यही है , जो वर्तमान रूप से देखने को मिल रहा है ???
    अगर ऐसा है तो फिर अपने घरों की दीवारों पर हरा रंग पुतवा लीजिये , और नमाज़ अता करना सीख लीजिये , क्योंकि बहुत जल्दी ही हम सबको इसकी जरुरत पड़ने वाली है ,
    अगर आपके आस-पास कोई सेक्युलर मिले तो उससे ये सवाल जरूर करना ,

    उत्तर प्रदेश के ( वास्तविक मुख्यमंत्री) मुल्ला -यम और मंद मोहन , और गोरी अम्मा ने इस पर अत्यंत ख़ुशी जाहिर करते हुए देशवासियों को बधाई दी है और कहा है की आने वाले बीस या तीस वर्षों में सारे देश में इस उत्सव की गूँज और ध्वनि गली-गली- और कुचे-कुचे में देखने को मिलेगी , क्योंकि इसके लिए "अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक" ( हिन्दुओं के लिए ) लाया जा रहा है , जिससे आप अपने घर में ही भगवन के पूजा नहीं कर पाएंगे। श्रधा के साथ मंदिर नहीं जा पाएंगे। घर में नकारात्मक उर्जा को हटाने के लिए आप घर में हवन नहीं करवा पाएंगे। स्कुलो और सामाजिक संस्थानों से भगवान की फोटो हटा दी जाएगी। हिन्दू अपने देवी देवताओ का स्मरण नहीं कर पाएंगे। रामचरितमानस का पाठ नहीं करवा पाएंगे। अब ऐसा होने जा रहा है देश में और यह शुरुआत महाराष्ट्र से कांग्रेस कर चुकी है।

    महाराष्ट्र में कांग्रेसी सरकार "अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक" नाम की कानून ला रही है। जिसका मकसद सभी धार्मिक श्रद्धाव पर प्रतिबन्ध लगाना है। कांग्रेस महाराष्ट्रके बाद इस कानून को पुरे देश में लागु करने वाली है।
    देश के काले अंग्रेजो ने महाराष्ट्र के धरती से सेकुलरिस्म के नाम पर हिन्दू मान्यताओ पर आघात लगाना सुरु कर दिया है। इस क़ानून के सहायता से कांग्रेस पुरे देश से हिन्दुओ को ख़त्म करके विपक्ष को ही ख़त्म कर देना चाहती है। इस कानून में हिन्दुओ के लिए सारे प्रतिबन्ध है। लेकिन मुस्लिमो के नाम पर सरकार चुप है। सरकार हिन्दू धर्म को कानून से बांधना चाहती है और बाकि धर्मो को खुली छूट देना चाहती है।

    जय हिन्द
    जय माँ भारती ,

    उत्तर देंहटाएं
  6. एकेश्वरवाद



    इस्लाम में (1) एकेश्वरवाद (2) और मानव बंधुत्व दो ऐसे सिद्धांत हैं जो सारे मानव को एक कर सकते हैं।

    एकेश्वरवाद का अर्थ यह हुआ कि सारी सृष्टि का सृष्टिकर्ता मात्र एक अल्लाह है अतः सम्पूर्ण मानव के लिए आवश्यक है कि मात्र उसी की पूजा करे। जब सारे मानव का पैदा करने वाला एक ठहरता है और प्रभु भी एक ही है तो इस से मित्रता बनेगी अथवा बिगड़ेगी ? उसके विपरीत यदि कोई किसी की पूजा करे, कोई किसी की पूजा करे तो इसमें असमानता के साथ साथ शत्रुता का भाव भी पाया जाता है। इसी लिए लोग अलग अलग जातियों और धर्मों में बट जाते हैं। जबकि इस्लामी सिद्धांत सारे मानव को एक समुदाय बनाने का प्रयास करता है।

    दूसरा सिद्धांत मानव बंधुत्व है जिसका अर्थ यह हुआ कि सारे मानव की नसल एक है। सारे मानव एक ही माता पिता अर्थात् आदि पुरुष आदम और हव्वा की संतान हैं। इसलिए इस्लाम हर प्रकार के भेद-भाव और छूत-छात का खंडन करता है। मानव को जाति और वंश के आधार पर बांटने की निंदा करता है। जिससे सारे मानव एक बन्धुत्व में बंध जाते हैं।

    इन दो सिद्धांतों को सामने रखें फिर सोचें कि जो धर्म सारे मानव को परस्पर भाई भाई सिद्ध करता है उनमें जाति अथवा समुदाय के आधार पर कोई भेद-भाव नहीं करता। और उनका पूज्य भी एक ही सिद्ध करता है।

    रही यह बात कि इस्लाम "हर चीज़ की पूजा" का खंडन करता है, तो यह सिद्धांत मात्र इस्लाम का नहीं अपितु सारे धार्मिक ग्रन्थों की शिक्षाओं का यही सार है कि मात्र एक अल्लाह की पूजा की जाए। इस लिए यदि कोई हिन्दु एक अल्लाह के इलावा किसी अन्य की पूजा करता है तो वह सब से पहले अपने धार्मिक ग्रन्थ की शिक्षाओं की अवहेलना करता है। हर चीज़ भगवान नहीं हो सकती। अल्लाह तो मात्र एक है वह किसी का रूप नहीं लेता, न किसी की शक्ल में अवतार लेता है। हाँ! उसने मानव मार्गदर्शन हेतु हर देश और हर युग में मानव में से ही संदेष्टाओं को भेजा जिनका अन्त मुहम्मद सल्लल्लाहोअलैहेवसल्लम पर हुआ। मुहम्मद सल्लल्लाहोअलैहेवसल्लम ने लोगों को उसी एक अल्लाह की ओर बुलाया जिसकी ओर सारे संदेष्टा बुलाते आ रहे थे। आज अल्लाह का अवतरित किया हुआ मार्ग क़ुरआन और मुहम्मद सल्लल्लाहोअलैहेवसल्लम के प्रवचनों में पूर्ण रूप में सुरक्षित है।
    SUNNIKING TEAM

    उत्तर देंहटाएं
  7. इस्लाम
    Download Holy Quran


    "मुझे पता चला कि जिस धर्म को संसार इस्लाम के नाम से जानता है वास्तव में वही धार्मिक मतभेद के प्रश्न का वास्तविक समाधान है। इस्लाम दुनिया में कोई नया धर्म स्थापित नहीं करना चाहता बल्कि संसार में प्रत्येक धर्म के मानने वाले अपनी वास्तविक और शुद्ध सत्य पर आ जाएं और बाहर से मिलाई हुई झूटी बातों को छोड़ दें- यदि वह ऐसा करें तो जो आस्था उनके पास होगी उसी का नाम क़ुरआन की बोली में इस्लाम है।

    क़ुरआन कहता है कि खुदा की सच्चाई एक है, आरम्भ से एक है, और सारे इंसानों और समुदायों के लिए समान रूप में आती रही है, दुनिया का कोई देश और कोई कोना ऐसा नहीं जहाँ अल्लाह के सच्चे बन्दे न पैदा हुए हों और उन्होंने सच्चाई की शिक्षा न दी हो, परन्तु सदैव ऐसा हुआ कि लोग कुछ दिनों तक उस पर क़ाएम रहे फिर अपनी कल्पना और अंधविश्वास से भिन्न भिन्न आधुनिक और झूटी बातें निकाल कर इस तरह फैला दीं कि वह ईश्वर की सच्चाई इंसानी मिलावट के अन्दर संदिग्ध हो गई।

    अब आवश्यकता थी कि सब को जागरुक करने के लिए एक विश्य-व्यापी आवाज़ लगाई जाए, यह इस्लाम है। वह ईसाई से कहता है कि सच्चा ईसाई बने, यहूदी से कहता है कि सच्चा यहूदी बने, पारसी से कहता है कि सच्चा पारसी बने, उसी प्रकार हिन्दुओं से कहता है कि अपनी वास्तविक सत्यता को पुनः स्थापित कर लें, यह सब यदि ऐसा कर लें तो वह वही एक ही सत्यता होगी जो हमेशा से है और हमेशा सब को दी गई है, कोई समुदाय नहीं कह सकता कि वह केवल उसी की सम्पत्ती है।

    उसी का नाम इस्लाम है और वही प्राकृतिक धर्म है अर्थात ईश्वर का बनाया हुआ नेचर, उसी पर सारा जगत चल रहा है, सूर्य का भी वही धर्म है, ज़मीन भी उसी को माने हुए हर समय घूम रही है और कौन कह सकता है कि ऐसी ही कितनी ज़मीनें और दुनियाएं हैं और एक ईश्वर के ठहराए हुए एक ही नियम पर अमल कर रही हैं।
    अतः क़ुरआन लोगों को उनके धर्म से छोड़ाना नहीं चाहता बल्कि उनके वास्तविक धर्म पर उनको पुनः स्थापित कर देना चाहता है। दुनिया में विभिन्न धर्म हैं, हर धर्म का अनुयाई समझता है कि सत्य केवल उसी के भाग में आई है और बाक़ी सब असत्य पर हैं मानो समुदाय और नस्ल के जैसे सच्चाई की भी मीरास है अब अगर फैसला हो तो क्यों कर हो? मतभेद दूर हो तो किस प्रकार हो? उसकी केवल तीन ही सूरतें हो सकती हैं एक यह कि सब सत्य पर हैं, यह हो नहीं सकता क्योंकि सत्य एक से अधिक नहीं और सत्य में मतभेद नहीं हो सकता, दूसरी यह कि सब असत्य पर हैं इस से भी फैसला नहीं होता क्योंकि फिर सत्य कहाँ है? और सब का दावा क्यों है ? अब केवल एक तीसरी सूरत रह गई अर्थात सब सत्य पर हैं और सब असत्य पर अर्थात असल एक है और सब के पास है और मिलावट बातिल है, वही मतभेद का कारण है और सब उसमें ग्रस्त हो गए हैं यदि मिलावट छोड़ दें और असलियत को परख कर शुद्ध कर लें तो वह एक ही होगी और सब की झोली में निकलेगी। क़ुरआन यही कहता है और उसकी बोली में उसी मिली जुली और विश्वव्यापी सत्यता का नाम "इस्लाम" है।"
    SUNNIKING TEAM INDIA

    उत्तर देंहटाएं
  8. allah 1 h usne hi sab ko paida h .kya tume malum nhi ki scientisto ko kisne paida kiya ??? Allah ne . unhe dimag kisne diya ??? Allah ne . sab je jyada tufan ya jaljale kha ate h ??? hahudio ke desh me .firon ne bhi to apne ko khuda kehalwaya tha . kya hua bhech samundar me dhasa diya Allah ne ...namrood ka kya hua ... karoon ka kya hua Allah ne unhe bahut buri mout di . ye bhi to Allah ko manne se inkaar krte the .... Allah sab ko chhut deta ya apne ko sahi line pr lane ka mouka deta .jab nhi mante h to hasr bahi hota jalljae aate saher ke shehar tabha ho jate ,, dharti phati ..asmaan se angare baraste h ... sailab aate h ... phir Allah yaad aata h

    उत्तर देंहटाएं
  9. Ye Btao madrchodo tum loog kisi ko chode ho Puja krne k liye balatkari Asharam madrchod ko bhi pujte the
    Gaye Tumhari mata bail Tumhara baap saap Tumhara chacha chuha Tumhara Phupa Ser Tumhari dadi hathi Tumhara Bhagwan suar Tumhara Nana .peshab tum piyo gu muut tum chato laund Ki Puja tum log kro. Tumhare bhgwan Jameen me Akr chudai kre Nye Nye awtar le KR Krishna Ji to 16 hjar biwi Ki chudai kiye wah re landuo Kuch bchaye ho Ki Nahi Puja Ke liye pathar tum pujo janwar tum pujo Lund Ki Puja tum kro

    उत्तर देंहटाएं