रविवार, 23 दिसंबर 2012

मुहम्मद की दर्दनाक मौत का कारण !


आज तक लोग यही बात मानते आये हैं ,कि मुहम्मद साहब अपनी आयु पूरी करके कुदरती मौत से मरे थे . लेकिन इस्लामी इतिहास की किताबों और हदीसों का गहन अध्ययन करने के बाद और कुरान को पढ़ने बाद यह बात सिद्ध होती है कि खुद अल्लाह ने मुहम्मद साहब के गले की मुख्य धमनी कटवा दी थी . जिस के कारण मुहम्मद साहब की बड़ी दर्दनाक मौत हो गयी थी .इस लेख में इसी सत्य को विस्तार से सप्रमाण प्रस्तुत किया जा रहा है ,ताकि झूठ का भंडाफोड़ हो सके
धर्म के नाम पर भोले भाले लोगों को गुमराह करके ,सम्पति और सता हथियाना यह कोई नयी बात नहीं है .भारत में भी अनेकों फर्जी अवतार , सिद्ध और चमत्कारी बाबा हो चुके हैं .चूंकि यहूदी ,ईसाई और इस्लाम धर्म में अवतार नहीं होते ,इसलिए इन धर्मों में नबी और रसूल होते हैं .और अक्सर ऐसे नबी या रसूल अपनी कामना पूर्ति के लिए शैतान के वश में हो जाते थे . और सत्य की जगह असत्य का प्रचार करने लगते थे .यह बात कुरान  से पता चलती है . इसमें कहा है ,
1-सभी नबी स्वार्थी होते थे 
अक्सर देखा गया है कि बड़े बड़े संत महात्मा भी , लोभ के वश में आकर सत्य का मार्ग छोड़ देते हैं . ऐसे ही अल्लाह ने जितने भी नबी और रसूल भेजे थे ,वह निजी स्वार्थ और कामना पूर्ति के लिए शैतान के प्रभाव में आकर सत्य के साथ असत्य मिला देते थे . और लोगों को गुमराह करते थे . कुरान में इस आयत यही बताया है ,
"हे नबी तुम से पहले जो नबी और रसूल भेजे गए ,उन्होंने शैतान के प्रभाव में आकर अपनी कामना पूर्ति के लिए सत्य के साथ असत्य मिला दिया था ."
सूरा -अल हज्ज 22:52 

2-झूठे नबियों की सजा 
बाइबिल यानी तौरेत में उन सभी झूठे नबियों को मौत की सजा बताई है , जो अपने मन से वचन बोलते थे और लोगों से कहते कि यह ईश्वर के वचन हैं .
 और उस झूठे  नबी ने अभिमान में आकर जो भी कहा हो तू उस से भय नहीं खाना " बाइबिल .व्यवस्था विवरण -अध्याय 18 :22
 और जो नबी अभिमान करके ,ऐसे वचन कहे जिसकी आज्ञा मैंने उसे नहीं दी गयी हो ,और वह अपने नाम से कुछ भी कहे , तो वह नबी मार डाला जायेगा " 
बाइबिल .व्यवस्था विवरण -अध्याय 18 :20-21  

3-मुहम्मद मानसिक रोगी थे 
इन प्रमाणिक हदीसों से सिद्ध होता है कि मुहम्मद साहब का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था . और उनको इलाज की जरूरत थी
"जबीर बिन अब्दुल्लाह ने कहा ,एक बार जब काबा की फिर से मरम्मत हो रही थी , और मैं रसूल के साथ पत्थर ढो रहा था . मैंने रसूल से कहा आप अपनी तहमद (Waist Sheet ) ऊंची कर दीजिये , ताकि उलझ कर आपको चोट न लग जाये . फिर जैसे ही रसूल ने तहमद ऊँची की . वह अचानक चिल्लाने लगे ,लाओ मेरी तहमद , मेरी तहमद कहाँ है . जबकि तहमद कमर में बंधी हुई थी " बुखारी -जिल्द 5 किताब 58 हदीस 170

"आयशा ने कहा रसूल हमेशा कल्पनाएँ (Fancy ) करते रहते थे .उनको ऐसा भ्रम होता था कि वह कुछ काम कर रहे हैं ,या कह रहे हैं ,लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता था . मैंने उनका इलाज भी करवाया था . एक दिन दो लोग रसूल के पास आये और बोले आपका दिमाग भ्रमित (Bewiched ) हो गया है " 
बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 490 

4-मुहम्मद शैतान के दोस्त 
मुहम्मद साहब ने अपनी मानवता विरोधी बातों अल्लाह के वचन साबित करने के लिए लोगों में यह बात फैला दी ,कि मैं तो अनपढ़ हूँ , यह आयतें अल्लाह का फ़रिश्ता भेजता है .लेकिन कुछ लोग जानते थे कि मुहम्मद शैतान के दोस्त थे . इस हदीस में कहा है ,
. जुन्दाब बिन अब्दुल्लाह ने कहा ,कि कुरैश की औरतें कहती थीं , मुहम्मद से जिब्राईल नहीं शैतान मिलता था . और मुहम्मद पर उसी का प्रभाव था। "
बुखारी -जिल्द 2 किताब 21 हदीस 225

5-मुहम्मद को फ़रिश्ते का भ्रम 
मानसिक रोगी होने के कारण मुहम्मद साहब को फ़रिश्ते ही फ़रिश्ते दिखाई देते थे , यहाँ तक वह अपनी पत्नी आयशा को भी फ़रिश्ता देखने पर मजबूर करते थे 'जबकि सब जानते थे कि रसूल को भ्रम हो गया है . फिर भी वह डर के मारे हाँ में हाँ मिलाते रहते थे .
आयशा ने कहा कि रसूल जब चाहे मुझसे कहते रहते थे ,आयशा वहां देखो ,जिब्राईल तुम्हें सलाम कर रहा है .लेकिन मुझें वहां कोई दिखाई नहीं देता था ."
बुखारी -जिल्द 8 किताब 74 हदीस 266

 अबू सलमा बिन अब्दुर रहमान बिन ऑफ ने अबू हुरैरा से पूछा क्या आपने कभी रसूल को जिब्राईल से बातें करते हुए देखा है , या उनकी बातें सुनी हैं .तो हुरैरा ने कहा कि शायद रसूल को ऐसा भ्रम हो गया है . कि वह किसी से बातें कर रहे हैं " बुखारी -जिल्द 8 किताब 73 हदीस 173

6-लड़के को फ़रिश्ता समझा 
अरब के मुसलमान समलैंगी होते हैं . कई खलीफा ऐसे (Homosexual ) थे . ऐसा ही कोई सुन्दर लड़का मुहम्मद के पडौस में रहता होगा जिसे मुहम्मद ने फ़रिश्ता समझ लिया होगा . क्योंकि मानसिक रोगी को अजीब अजीब चीजें दिखती रहती हैं .इसलिए मुहम्मद ने एक लडके को फ़रिश्ता समझ लिया . जैसा इस हदीस में है .
अबू उस्मान ने कहा कि जब मुझे खबर मिली कि जिब्राइल रसूल से मिलने आया करता है .और रसूल के जाने के बाद उम्मे सलमा ने भी उस से बात की है .इसलिए जब मैंने उम्मे सलमा से पूछा कि जिब्राईल कैसा दिखता है .तो उम्मे सलमा ने कहा अल्लाह की कसम है , वह एक खुबसूरत लड़का (Dihya ) है ." 
बुखारी -जिल्द 4 किताब 56 हदीस 827 

अबू उस्मान ने कहा कि ,एक बार जिब्राईल रसूल के घर आया , उस समय उम्मे सलमा भी मौजूद थी ,अचानक रसूल बाहर चले गए . और उम्मे सलमा जिब्राईल से बातें करने लगी ,तभी रसूल आगये और बोले यह कौन है , इसे अन्दर आने की अनुमति किस ने दी , उम्मे सलाम बोली यह एक " दियत कलबी " ( सुन्दर युवक دَحْيَةَ الْكَلْبِيِّ  "  ( a handsome person  )है " बुखारी - जिल्द 6 किताब 61 हदीस 503 

7-मुहम्मद शैतान के वश में 
मानसिक संतुलन खराब हो जाने से धीमे धीमे मुहम्मद साहब शैतान के वश में हो गए ,और वह अल्लाह के नाम से शैतान के वचन सुनाने लगे .क्योंकि कोई स्वस्थ व्यक्ति जिहाद की बातें नहीं कहता ,
आयशा ने कहा रसूल पर जादू का प्रभाव था .उनको ऐसा लगता था कि वह कुछ काम कर रहे हैं ,लेकिन वह कुछ नहीं करते थे . उनको लगता था कि अल्लाह उनको सन्देश भेज रहा है . एक दिन रसूल ने मुझे बताया .कि मेरे पास दो व्यक्ति आये एक मेरे पास , दूसरा मेरे कदमों के पास बैठ गए . एक ने कहा इस मुहम्मद को क्या बीमारी है , दूसरा बोला यह शैतान के प्रभाव में है " बुखारी -जिल्द 7 किताब 71 हदीस 661

8-अल्लाह की चेतावनी 
और जब अल्लाह को पता चला कि उसका रसूल हमारे नाम से झूठी बातें गढ़ रहा है ,और फसाद फैला रहा है ,तो अल्लाह में मुहम्मद को यह अंतिम चेतावनी दे डाली .
"और यह नबी ( मुहम्मद ) यदि हमारे नाम से कोई बात गढ़ता है ,सूरा -हाक्का 69:44

وَلَوْ تَقَوَّلَ عَلَيْنَا بَعْضَ الْأَقَاوِيلِ

Now if he  had dared to attribute some [of his own] sayings unto Us, 69:44

" तो हम हम इसकी गर्दन की धमनी ( Aorta ) काट डालेंगे " सूरा -हाक्का 69:46
ثُمَّ لَقَطَعْنَا مِنْهُ الْوَتِينَ
and would indeed have cut his life-vein, 69:46

9-मुहम्मद ने गुनाह कबूला 
यद्यपि इन प्रसिद्ध इस्लामी इतिहास के अनुसार मुहम्मद ने स्वीकार किया था , कि मैंने अल्लाह के नाम पर लोगों को गुमराह किया था .शैतान के प्रभाव में आकर फर्जी आयतें सुनाता था .
"आखिर एक दिन मुहम्मद ने खुद अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा ,कि मैंने अल्लाह के बहाने लोगों को धोखा दिया है .और मैंने अल्लाह के नाम से अपनी ऐसी बातें कहीं है , जो अल्लाह ने नहीं कही थीं "

 Muhammad later reversed himself, confessing, "I have fabricated things against Allah and have imputed to him words which he has not spoken.as Allah's.

"محمد انعكس في وقت لاحق نفسه، يعترف، "لقد ملفقة ضد الله والأشياء المنسوبة اليه والكلمات التي لم يكن قد قال في والله.  "

 (Al Tabari, The History of Al-Tabari, vol. 6, p.111

(तबरी -तबरी का पूरा नाम "अबू जाफर मुहम्मद इब्न जरीर अल तबरी أبو جعفر محمد بن جرير بن يزيد الطبري‎"है .इसका जन्म सन 838 ईस्वी में ईरान के प्रान्त तबरिस्तान में हुआ था . और मृत्यु सन 923 ई 0 में हुई थी .तबरी ने कुरान की व्याख्या में आयतों की ऐतिहासिक प्रष्ठभूमि ,और घटनाक्रम भी दिया है . और मुहम्मद के जीवन की ऐसी बातें भी लिखी हैं , जिसे दुसरे मुस्लिम इतिहासकारों ने नहीं लिखा है .)
"मुहम्मद ने कहा कि भूल से शैतान की वाणी सुना दी थी "

and said he had mistaken the words of "Satan"

"وقال انه مخطئ على حد قول "الشيطان  "

 (Ibn Ishaq, Sirat Rasul Allah, pp.165-166) 
(इब्न इशाक -इसका पूरा नाम " मुहम्मद इब्न इसहाक इब्न यासिर इब्न खियार محمد بن إسحاق بن يسار بن خيار‎, " था लोग उसे सिर्फ " इब्न इसहाक ابن إسحاق" कहते हैं .इसका अर्थ इसहाक का पुत्र होता है .यह अरब का महान इतिहासकार था ,और अब्बासी खलीफा मंसूर के समय मौजूद था .इसहाक में मुहम्मद की जीवनी के बारे में प्रमाण इकट्ठे किये थे . जिसे हदीस की तरह प्रमाणिक माना जाता है .इसकी मृत्यु सन 761 या 767 ई 0 में हुई था इब्न इसहाक ने दो किताबें लिखी हैं .1 . सीरते रसूलल्लाह "سيرة رسول الله‎ "(Life of the Messenger of God)और 2.अल सीरा अल नाबीबिय्या " السيرة النبوية‎"( Prophetic biography  )इन किताबों में इस्लाम से पहले की घटनाएँ भी दर्ज है . और मुहम्मद के बारे में छोटी से छोटी बातें भी लिखी हैं .जानकारी के लिए यह विडियो देखिये -
How did Muhammad die? Allah killed him for being a false prophet and lair


http://www.youtube.com/watch?v=hlikOiMYHTI

10-मुहम्मद की दर्दनाक मौत 
लगता है कि अपना गुनाह कबूल करने बाद भी मुहम्मद साहब ने अपनी आदतें नहीं छोडी , और शान्ति की जगह ,जिहाद , हत्या , लूट ,जैसी बातें लोगों को सिखाते रहे .शायद इसी बात पर नाराज होकर अल्लाह ने सजा के रूप में उनकी मौत का इंतजाम कर दिया था .और उनको ऐसी कष्टदायी मौत दी थी . कि जिसे देख कर भविष्य में किसी को फर्जी रसूल बनने की हिम्मत नहीं हो .यह इन हदीसों से साबित होता है ,
इब्न अब्बास ने कहा , कि मेरे साथ उमर बिन खत्ताब ,और अब्दुर्रहमान बिन ऑफ बैठे हए थे , उमर ने मुझ से कहा कि मैं आपका सम्मान करता हूँ , क्योंकि आपका दर्जा ऊंचा है .क्या आप सूरा -नस्र 110:1 की इस आयत का खुलासा करेंगे "जब अल्लाह की मदद आएगी ,तो विजय हो जाए " यह बात रसूल की बीमारी के बारे में हो रही थी .उमर ने कहा मुझे इसका मतलब समझ में नहीं आया .क्योंकि रसूल आयशा से कह रहे थे ,"आयशा मैंने खैबर में जो खाना खाया था . उसी के कारण यह भयानक दर्द हो रहा है . ऐसा लग रहा है कि उसी खाने के जहर से मेरी मुख्य धमनी (Aorta ) को कोई काट रहा है "
(Narrated 'Aisha: The Prophet in his ailment in which he died, used to say, "O 'Aisha! I still feel the pain caused by the food I ate at Khaibar, and at this time, I feel as if my aorta is being cut from that poison.)
बुखारी -जिल्द 4 किताब 59 हदीस 713

अबू हुरैरा ने कहा ,खैबर में एक यहूदिन ने एक भेड़ पकाकर रसूल को दावत खिलाई थी .जिसमे तेज जहर मिला हुआ था . रसूल ने उस गोश्त को खाया .जब "बिश्र अल बरा इब्न मासूर अंसारी "उस गोश्त को खाते ही मर गया , तो रसूल ने उस औरत को क़त्ल करा दिया . तब तक जहर का असर रसूल पर होने लगा था .वह दर्द से कराहने लगे और कहने लगे ,ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई मेरी मुख्य धमनी (Aorta)को काट रहा है .
" الأَكْلَةِ الَّتِي أَكَلْتُ بِخَيْبَرَ فَهَذَا أَوَانُ قَطَعَتْ أَبْهَرِي ‏ ‏.‏"

सुन्नन अबू दाऊद - किताब 41 हदीस 18(Reference Sunan Abi Dawud 4511,English translation : Book 40, Hadith 4496 )

11-मुहम्मद की मौत की तारीख 
इस्लामी इतिहासकारों के अनुसार मुहम्मद साहब की मौत उस धीमे जहर के कारण हुई थी , जो उनको खैबर के युद्ध में ख्हने में मिलाकर दिया गया था .खैबर का युद्ध हिजरी 6 और 7 के बीच ( सन 628 और 629) में हुआ था . और तब से वह जहर मुहम्मद साहब पर अपना असर दिखा रहा था .और उसी जहर उनके गले की धमनी में भयानक दर्द होता रहता था .आखिर करीब तीन चार साल कष्ट भोग कर 10 हिजरी 8 जून सन 632 को मुहम्मद साहब की मृत्यु हो गयी .
निष्कर्ष-इन सभी प्रमाणों से यह बातें सिद्ध होती हैं कि 1. धर्म के नामपर पाखंड करना , अल्लाह के नाम पर फर्जी आयतें बना कर जिहाद की शिक्षा देकर अशांति फैलाने लोगों का एक न एक दिन भंडाफोड़ हो जाता है ,2..और यदि कोई अल्लाह को माने या ईश्वर को माने यह अटल सत्य है " जो जैसा करेगा उसे वैसा ही फल मिलेगा ."चाहे वह मुहम्मद हो , या ओसामा बिन लादेन . हमें याद रहना चाहिए कि मुहम्मद ने ही क़ुरबानी की रीती निकाली थी . ताकि जिहादी निर्दयी बन जाएँ ,मुहम्मद के कहने पर मुसलमान हर साल जैसे लाखों मूक जानवरों के गले पर छुरी फिर देते हैं , वैसे ही मुहम्मद की मौत गर्दन की मुख्य धमनी कटने से हुई थी . जैसे जानवर तड़प तड़प कर मर जाते है . वैसे मुहम्मद एडियाँ रगड़ कर मर गए . यही कारण है कि अल्लाह ने मुहम्मद के बाद कोई रसूल नहीं बनाया ,क्योंकि अल्लाह को पता है कि कोई भी मुसलमान सदाचारी और शांतिप्रिय नहीं होता .
हमें मुहम्मद के अंजाम से सबक लेने की जरुरत है !

http://www.billionbibles.org/sharia/muhammad-false-prophet.html

77 टिप्‍पणियां:

  1. शर्मा जी
    नमस्ते
    बहुत ही जानकारी युक्त आलेख जो मानव समाज के लिए वेद वाक्य के सामान है. .
    बहुत-बहुत धन्यवाद

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    1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    2. http://www.new-muslims.info/hin/संदेष्टा-मुहम्मद/मुहम्मद-सल्ल0-हिन्दू-धार्/
      Is link ko khol kar dekh teri hi kitab kya kahti h mohammad sahab ke bare men teri aukaat tujhe pata chal jayegi

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    3. http://www.new-muslims.info/hin/संदेष्टा-मुहम्मद/मुहम्मद-सल्ल0-हिन्दू-धार्/

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  2. Abe Bihari Logo ko yeh kyun nahi bata raha hai ki Bhagvan Krishna Laundiya Baz the, Bhole Shankar Nasheri the Aur Dropdi Ek randi yani panch patiyo wali thi, Inder Devta Ayyash tha.... Bhole Bhale Hinduon Ko Bevkuf bana raha hai madarchod

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    1. saale kutte bhagvan krishna ne un ladkiyon ko touch bhe nahi kiya tha aur dropadi ke paanch pati isliye the kyunki unki pati ki maa ne kaha tha ki tum sabh kuch share karna aur haan indra to suar tha is baat se main agree hun

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    2. Bhadwee. Krishn ke kabhi muhammed sahab jaisa Bacchi nahi chode the.. Wo same age ki ladki se pyar kiye the naki 54 saal ke umr main 6 saal ki bachi se saadi !!!!! Lahoolwila !!!
      Aur indra ki baat karta hai.. MADERCHOD MUSALMAN CHUDAKAD... Tujhe nahi pata ke wo rig vedic devta hai.. Jiska KAHANI se koi relation nahi...

      Apne jaisa Dusro ki Religion ko mat samajh na...

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    3. Ma ke laudo...apni gand me ungliya kyu kar rahe ho..badbu tumhe hi ayegi...
      Uper ka sab thik likha hai ..tumhare bhagwan madherchod londiya baaj to the hi koi koi betichod v the ..bramha ne to apni beti saraswati ko bhi nahi chora ek bar me lagatar 100 saal tak chudai krta tha..rup badal badal ke duare ki biwi ke pas jate the bhul gye kya jiske wajah se tumhare shiv ji ka lund kat diye jo niche shivling ban ke gira

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    4. Lagta hai baat 200% sahi likha hai tabhi mullo ko (hindu dharm se nikle logo) sree krishan ram jaise gali de rahe hai.
      Aapke islam me aise hi bolna sikhaya jaata hoga.

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  3. मोहम्मद को पैदा होते ही मर जाना चाहिये था

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  4. ashcharya janak!! kuch muslimo ka manana hai ki mohammed saheb,,unt par chad kar khuda se milne gaye the..ye kya tha?

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  5. हज़रत मुहम्मद साहब का आखिरी संदेश


    हज़रत मुहम्मद द्वारा हिजरत के दसवें साल में अपने अंतिम हज के अवसर पर मुहम्मद साहब के इस ऐतिहासिक अभिभाषण में सारी मानवता के कल्याण की शिक्षाएँ निहित हैं।

    यह इस्लामी आचार-विचार का घोषणा पत्र है।

    हज़रत मुहम्मद साहब ने कहा:


    प्यारे भाइयो! मैं जो कुछ कहूँ, ध्यान से सुनो।
    ऐ इंसानो! तुम्हारा रब एक है।
    अल्लाह की किताब और उसके रसूल की सुन्नत को मजबूती से पकड़े रहना।
    लोगों की जान-माल और इज़्ज़त का ख़याल रखना ।
    कोई अमानत रखे तो उसमें ख़यानत न करना।
    ब्याज के क़रीब न भटकना।

    किसी अरबी को किसी अजमी (ग़ैर अरबी) पर कोई प्राथमिकता नहीं, न किसी अजमी को किसी अरबी पर, न गोरे को काले पर, न काले को गोरे पर, प्रमुखता अगर किसी को है तो सिर्फ तक़वा व परहेज़गारी से है अर्थात् रंग, जाति, नस्ल, देश, क्षेत्र किसी की श्रेष्ठता का आधार नहीं है। बड़ाई का आधार अगर कोई है तो ईमान और चरित्र है।

    तुम्हारे ग़ुलाम, जो कुछ ख़ुद खाओ, वही उनको खिलाओ और जो ख़ुद पहनो, वही उनको पहनाओ।
    अज्ञानता के तमाम विधान और नियम मेरे पाँव के नीचे हैं।

    इस्लाम आने से पहले के तमाम ख़ून खत्म कर दिए गए। (अब किसी को किसी से पुराने ख़ून का बदला लेने का हक़ नहीं) और सबसे पहले मैं अपने ख़ानदान का ख़ून–रबीआ इब्न हारिस का ख़ून– ख़त्म करता हूँ।

    अज्ञानकाल के सभी ब्याज ख़त्म किए जाते हैं और सबसे पहले मैं अपने ख़ानदान में से अब्बास इब्न मुत्तलिब का ब्याज ख़त्म करता हूँ।

    औरतों के मामले में अल्लाह से डरो। तुम्हारा औरतों पर और औरतों का तुम पर अधिकार है।

    औरतों के मामले में मैं तुम्हें वसीयत करता हूँ कि उनके साथ भलाई का रवैया अपनाओ।

    लोगो! याद रखो, मेरे बाद कोई नबी नहीं और तुम्हारे बाद कोई उम्मत (समुदाय) नहीं। अत: अपने रब की इबादत करना, प्रतिदिन पाँचों वक़्त की नमाज़ पढ़ना। रमज़ान के रोज़े रखना, खुशी-खुशी अपने माल की ज़कात देना, अपने पालनहार के घर का हज करना और अपने हाकिमों का आज्ञापालन करना। ऐसा करोगे तो अपने रब की जन्नत में दाख़िल होगे। ऐ लोगो! क्या मैंने अल्लाह का पैग़ाम तुम तक पहुँचा दिया!
    (लोगों की भारी भीड़ एक साथ बोल उठी–)
    हाँ, ऐ अल्लाह के रसूल!
    (तब मुहम्मद साहब ने तीन बार कहा–)
    ऐ अल्लाह, तू गवाह रह।
    (उसके बाद क़ुरआन की यह आखिरी आयत उतरी–)
    आज मैंने तुम्हारे लिए दीन को पूरा कर दिया और तुम पर अपनी नेमत पूरी कर दी और तुम्हारे लिए इस्लाम को दीन की हैसियत से पसन्द किया।

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    1. Basarmo.. Muhammed bola ki Logo ka jaan maal ka hifasat karna..hahha To ye sift Musalmano keliye hai Kafiro kiliye thodi ??? Unki biwi tumari maald-e-ganimat hai ...

      Aur MADERCHODO....Tumko ye BESHARMI kisne sikhayi?? MUhammed ne ?? Bhosdi wale ARAB ke GULAM... Muhammed Ek HARAMI tha.. Jisne Apne Kiye gaye KARM ka FAAL misgaya usko....

      हटाएं
    2. Maulana sahab, Muhammad itne mahaan the to wo dusre dharm ke logo ko maarne aur unki aurto ko gulam banane ki baat kyu karte the ? Apna virodh karne walo ka unhone berahmi se katal karwaya. Yaha tak ki ek budhi aurat jo unka virodh karti thi usko bhi berahmi se marwaya. Muhammad ko vyaz lene se parhez tha lekin jijya tax wasulte the. Loot ke maal ka wo daswa hissa bhi lete the.

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    3. Suwar ke bachcho apne dharam ke bare me to tumhe pata nahi hai dusro pe chale ho kichad uchalne ..dub maro madherchodo tumhara jiwan hi bekar hai jo duniya me aaye or bina apne aap ko pehchane mar jaoge ki kyu paida huye jamin pe..jaise kuch madherchod gumrahh karte rahe jindagi me dharam ke naam pe or tum uski mante raho..socho ma ke lavdo uper gy or tumhara malik tumse puchega ki niche jisko tu manta tha kya wo sahi tha..agar wo sahi tha ki nahi iska pata kyu nahi lagaya fir..waha kya itne sal se gand mara rahe the...


      Ab sune kis raam ki bat karte ho madherchod ..jao pehle kisi ache pandit se pucho ki tumhare ved puran ke hisab se kis ma ke lavde pandit ne is bramhand se kshatriye ko khatam kar diya tha yaha tak ki jo pregnant aurate thi unke pet se v khatam kar diya tha..means koi v kshatriya purus jinda nahi tha fir ye madherchod tumhara raam kaha se paida hua ya dusrath kaha se aaya iska matlb uski maa chudi hogi kisi musalman se...hai na

      Ab jao or pata kro fir bat karna..jab ram hi alat yo tera dharam hi galat

      हटाएं
  6. एक प्रेम से भरी बात
    यह बात करने की नहीं, मगर मेरी इच्छा है कि मेरी इन प्रेम भरी बातों को आप प्यार की आँखों से देखें और पढ़ें। उस स्वामी के बारे में जो सारे संसार को चलाने और बनाने वाला है, सोच विचार करें, ताकि मेरे मन और मेरी आत्मा को शान्ति मिले कि मैंने अपने भाई या बहन की अमानत उस तक पहुँचाई और अपने मनुष्य और भाई होने का कर्तव्य पूरा किया।
    इस संसार में आने के बाद एक मनुष्य के लिए जिस सच्चाई को जानना और मानना आवश्यक है और जो इसकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी और कर्तव्य है वह प्रेम भरी बात में आपको सुनाना चाहता हूँ।

    प्रकृति का सबसे बड़ा सच
    इस संसार, बल्कि प्रकृति की सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि इस संसार में सारे जीवों और पूरी कायनात को बनाने वाला, पैदा करने वाला और उसका प्रबन्ध करने वाला केवल और केवल एक अकेला स्वामी है। वह अपनी ज़ात, गुण और अधिकारों में अकेला है। दुनिया को बनाने, चलाने, मारने और जिलाने में उसका कोई साझी नहीं। वह एक ऐसी शक्ति है जो हर जगह मौजूद है। हरेक की सुनता है हरेक को देखता है। सारे संसार में एक पत्ता भी उसकी आज्ञा के बिना हिल नहीं सकता। हर मनुष्य की आत्मा उसकी गवाही देती है, चाहे वह किसी भी धर्म का मानने वाला हो और चाहे वह मूर्ति का पुजारी ही क्यों न हो मगर अंदर से वह विश्वास रखता है कि पैदा करने वाला, पालने वाला, पालनहार और असली मालिक तो केवल वही एक है।
    इंसान की बुद्धि में भी इसके अलावा और कोई बात नहीं आती कि सारे संसार का स्वामी एक ही है।

    एक दलील
    quran-logo















    इस पवित्र पुस्तक में अल्लाह ने हमारी बुद्धि को अपील करने के लिए बहुत सी दलीलें दी हैं। एक उदाहरण यह है कि-

    ‘‘यदि धरती और आकाशों में अल्लाह के अलावा स्वामी और शासक होते तो इन दोनों में बड़ा बिगाड़ और उत्पात मच जाता।’’ (अनुवाद कुरआन, अम्बिया 21:22)
    बात स्पष्ट है। यदि एक के अलावा कई शासक व स्वामी होते तो झगड़ा होता। यदि देवी-देवताओं को यह अधिकार वास्तव में होता और वे अल्लाह के कामों में भागीदार भी होते तो कभी ऐसा होता कि एक गुलाम ने पूजा अर्चना करके वर्षा के देवता से अपनी इच्छा मनवा ली तो बड़े स्वामी की ओर से आदेश आता कि अभी वर्षा नहीं होगी। फिर नीचे वाले हड़ताल कर देते। अब लोग बैठे हैं कि दिन नहीं निकला, पता चला कि सूरज देवता ने हड़ताल कर रखी है।
    सच यह है कि दुनिया की हर चीज़ गवाही दे रही है, यह संगठित रुप से चलती हुई कायनात की व्यवस्था गवाही दे रही है कि संसार का स्वामी अकेला और केवल एक है। वह जब चाहे और जो चाहे कर सकता है। उसे कल्पना एवं विचारों में क़ैद नहीं किया जा सकता। उसकी तस्वीर नहीं बनाई जा सकती। उस स्वामी ने सारे संसार को मनुष्यों के फ़ायदे और उनकी सेवा के लिए पैदा किया है। सूरज मनुष्य का सेवक, हवा मनुष्य की सेवक, यह धरती भी मनुष्य की सेवक है। आग, पानी, जानदार और बेजान दुनिया की हर वस्तु मनुष्य की सेवा के लिए बनायी गयी है। और उस स्वामी ने मनुष्य को अपना दास बना कर उसे अपनी उपासना करने और आदेश मानने के लिए पैदा किया है, ताकि वह इस दुनिया के सारे मामलों को सुचारु रुप से पूरा करे और इसी के साथ उसका स्वामी व उपास्य उससे प्रसन्न व राज़ी हो जाए।
    न्याय की बात है कि जब पैदा करने वाला, जीवन देने वाला, मौत देने वाला, खाना, पानी देने वाला और जीवन की हर ज़रूरत को पूरी करने वाला वही एक है तो सच्चे मनुष्य को अपने जीवन और जीवन संबंधी समस्त मामलों को अपने स्वामी की इच्छा के अनुसार उसका आज्ञापालक होकर पूरा करना चाहिए।

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    1. Quran wale Pandit.. Mujhe sift aur sift itna batao:- ALLAH NE YE PURI KAYANAT BANAYI 6 DIN MAIN ... TIK HAI?
      TO MAIN PUCH TA HU RAW MATERIAL KYA LAGA THA ??? AUR AGAR ALLAH KE ESA HI BANALIYA TO TUM SARE PAGAL CHOD HO....

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    2. Ma ke lavde apni amma se ja ke puch usko banane me konsa material laga tha fir aana btaunga

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  7. इस्लाम में सुन्नत के खिलाफ काम करनेवाले लोग
    मुहम्मद आम का फल नहीं खाता था (सर सैयद अहमद का पहला पेपर), इसलिए आम खाना सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद नें कभी मर्सिडिज, बी.एम.डब्ल्यु. में सफर नहीं किया, इसलिए मर्सिडिज, बी.एम.डब्ल्यु. और अन्य गाड़ीयों में सफर करनेवाले सौदी राजपरिवार तथा अन्य मुस्लिम सुन्नत के खिलाफ काम कर रहे हैं, उन्हें इन गाड़ीयों के बजाय घोड़ों, ऊंटों, खच्चरों पर सवारी करनी चाहिए, यही सुन्नत है. मुहम्मद नें कत्ल करने के लिए तलवारें और कुल्हाडीयाँ, खंजर, चक्कू तथा भालों का प्रयोग किया, इसलिए तालिबानी, जिहादी, इस्लामी कट्टरवादी जो ए.के.47 का प्रयोग करके गैरमुस्लिमों को मार रहे हैं, वह सुन्नत के खिलाफ है, उन्हे गैरमुस्लिमों को मारने के लिए हमेशा तलवारें, कुल्हाडीयाँ, खंजर, चक्कू और भालों का प्रयोग करना चाहिेए, ना कि ए.के.47 का. भले ही गैरमुस्लिमों के पास अाधुनिक अग्नीशस्त्र क्यों ना हों. और मुहम्मद के जमाने में मानवीय बम का कोई वजुद ही नहीं था, इसलिए जिहादी मानवीय बम का सहारा लेकर जिहाद को अंजाम देते हैं, वह सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद के जमानें में आलू, टमाटर, पपिता की पैदाईश सौदी अरेबिया में नहीं होती थी, इसलिए वह मुहम्मद नें इन फलों को कभी नहीं खाया, इसलिए आलू, टमाटर, पपिता वगैराह फल खाना सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद के जमानें में एअर कंडीशन नहीं हुआ करता था, इसलिए मस्जिद में एअर कंडीशन लगाना सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद के जमानें में मुंह पर पावडर मलना, नेल पॉलिश लगाना, हाथों पर मेहंदी लगाना जैसे काम नहीं होते थें, इसलिए आज ऐसे काम करना सुन्नत के खिलाफ है. गधा, लकडबघ्घा आदी का गोश्त खाना सुन्नत है, क्योंकि मुहम्मद नें इन दोनों जानवरों का गोश्त खाया था. टट्टी करने के बाद पानी से गुदा को धोना सुन्नत के खिलाफ है, क्योंकि मुहम्मद पानी का प्रयोग करने के बजाय विषम संख्या के पत्थरों का प्रयोग करता था. इसलिए मुसलमानों को आधुनिक अपार्टमेंटों में भी पत्थर का प्रयोग गुदा स्वच्छ करने के लिए करना चाहिए. टेलिफोन, मोबाईल और कम्प्युटर का प्रयोग सुन्नत के खिलाफ है, क्योंकि मुहम्मद के जमाने में टेलिफोन, मोबाईल और कम्प्युटर नहीं हुआ करता था, उसे हवा से ही जिब्रील अल्लाह का संदेसा भेजता था. इसलिए मुसलमानों को टेलिफोन, मोबाईल और कम्प्युटर का प्रयोग नहीं करना चाहिए, और हवा से संदेसा पाने की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि यह काम सिर्फ उनके आखरी नबी के लिए मुमकिन था. मुसलमानों को आधुनिक काम जैसे बँक में क्लर्क, कैशियर, मैनेजर बनना, कम्प्युटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर बनना इत्यादी काम नहीं करने चाहिए, क्योंकि मुहम्मद के जमानें में इस तरह का काम खुद मुहम्मद और कोई मुसलमान नहीं करता था, वे केवल हाईवे पर जाते हुए कारवाँ की लुटमार, दुसरें काबीलों पर हमला करके उनके जान-माल को लुटना, उनकी औरतों के साथ बलात्कार करना इ. कामों में लिप्त रहते थे. इसलिए आधुनिक मुसलमानों को (आधुनिक शब्द का प्रयोग करनें में संदिग्धता है) बँक में क्लर्क, कैशियर, मैनेजर बनना, कम्प्युटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर बनना इत्यादी काम नहीं करने चाहिए, उन्हें केवल हाईवे पर जाते हुए कारवाँ की लुटमार, दुसरें काबीलों पर हमला करके उनके जान-माल को लुटना, उनकी औरतों के साथ बलात्कार करना इ. कामों में लिप्त रहकर अपनी रोजीरोटी कमानी चाहिए, यही असली सुन्नत है.
    जय हिंद!

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  8. sab musalmaan sale madarchod hain.

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  9. bewkoofo... islam ke bare me mat socho
    sirf aur sirf apni kitabo ko padho sab samajh me aa jayega
    Rigved... kalki puran.. allo panisad... bhavishya purana . dimag ki light jal jayegi kafiro

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    1. bhosdi k malchh ki aulad ..allop unishad kon sa upnishad hain be 108 me kahan hain iska naam ...reg me mohmmad ka naam dekh randi k ..puran me mohmmad saithan hain ..kalki me mohmmad ka naam nahi hain kalki awtar kalyug k last me hoga ..ek shaadi hogi uski ..wo randi baz aur bacchi baz nahi hoga mohmmad ki tarah ..sarabi nahi hoga ..gau rakha karne wala hoga khane awal anahi padh le sale zakir ki harami aulad ..

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  10. lund hai sare ke sare ye sab aatankwadi hai

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  11. इस्लाम का अंत ही आतंकवाद का अंत है ।

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  12. पहले इसका उअत्तर दें।
    : हेमंत रावेन सरीयाम कि कलम से✍

    सच्चाई बुरी लगती है जमाने को देखिए
    एक झलक राम का दरवार नाजायज औलाद भरमार-
    राम के दरवार में विधवा धोबिन के पेट से पैदा बच्चे
    की जानकारी के लिए बुलाया गया, पूरा
    दरवार लगा था, गुरु विश्वामित्र ने औरत से बाप का नाम पूछा, तो
    औरत ने प्रतिष्ठीत आदमी होने के
    कारण बताने से इनकार कर दिया तो गुरु ने फांसी
    की सजा सुनाई, और उसकी
    आखिरी इच्छा जाननी
    चाही,
    तो औरत ने कहा आप मेरे बच्चे के पिता का नाम पूछ रहे हैं
    आप अपने पिता का नाम बता दें, (क्योंकि कमल से पैदा बताया
    गया
    है) गुरु के पिता का नाम पूछते ही राम तुरंत झल्ला
    कर बोले गुरु की इतनी
    बेइज्जती तेरी करने की
    हिम्मत कैसे हुई, तो औरत ने राम से पिता का नाम पूछ लिया,
    (इन चारों के पिता साधु संत बताये जाते हैं, ं के औलाद थे)
    तो लक्ष्मण तुरंत बोला तुने भाई का अपमान किया तुझे जिंदा
    नहीं छोड़ूगा, औरत ने इनसे भी बाप
    का
    नाम पूछ लिया, इसके बाद सीता बोली तूने
    देवर का अपमान किया, इसकी जबान काट लो, औरत
    ने सीता से भी बाप का नाम पूछा, (जो
    घडे से पैदा हुई है)। सीता का अपमान सुनकर
    तुरंत
    हनुमान बोल पड़े, तुने सीता का अपमान किया, तुझे
    गदे मैं जमीन में गाड़ दूगा, औरत ने तुरंत हनुमान
    के बाप का नाम पूछा, हनुमान भी बाप का नाम
    नहीं बता पाये, अंत में औरत ने कहा कि यहां
    सब
    के सब नाजायज हराम की औलादें है और मेरे बेटे
    के बाप का नाम पूछ रहे हैं, सबसे पहले अपने अपने बाप
    के
    नाम पता करके आओ फिर हमसे पूछना,... दोस्तों, सिर्फ
    कल्पना से ये हमारे पूर्वजों को लूट कर बन्दी
    बनाये, इनकी रणनीति की
    पहचान करो।
    [24/05, 9:13 p.m.] Bhayya Atahe: क्या सरस्वती ज्ञान की देवी है ? अगर है तो इन शंकाओँ का समाधान करेँ :

    1. इसके बिना इसाई, मुसलमान, प्रकृतिपूजक, नास्तिक आदि कैसे ज्ञान प्राप्त कर पा रहे हैँ ?

    2. सरस्वती कितनी भाषाएँ जानती हैँ ?

    3. हड़प्पा सभ्यता की लिपि अब तक नहीँ पढ़ी गई। इस संबंध मेँ सरस्वती का क्या प्लान है ?

    4. सरस्वती के होते हुए स्कूलोँ मेँ शिक्षकोँ की जरूरत क्योँ पड़ती है ?

    5. अंग्रेजोँ के पहले भारत मेँ अंग्रेजी क्योँ नहीँ थी। क्या सरस्वती पहले अंग्रेजी नहीँ जानती थी ?

    6. कई देश शत-प्रतिशत साक्षर हो गए, जबकि भारत सरस्वती के होते हुए भी साक्षरता मेँ पीछे है। क्योँ ?

    7. मनु ने मनुस्मृति मेँ शूद्रोँ का पढ़ना दंडनीय माना है। आज तक इस मामले मेँ सरस्वती ने कोई एक्शन क्योँ नहीँ लिया ? क्या सरस्वती भी इस षडयंत्र मेँ शामिल थी ? ज्ञान तो सरस्वती देती है। क्या यह ज्ञान मनु को सरस्वती ने ही दिया था ?

    8. कई भाषाएँ लुप्त हो गई और कई लुप्त हो रही हैँ। सरस्वती उन्हेँ क्योँ नहीँ बचा पा रही हैँ ? क्या इतनी सारी भाषाओँ को याद रखना उनके लिए मुश्किल हैँ ?

    9. कुछ बच्चे मेहनत करने पर भी पढ़ाई मेँ कमजोर होते हैँ. क्योँ ? क्या वह भेदभाव करती हैँ ?

    10. सरस्वती के होते हुए मटरगस्ती करने वाले, भ्रष्ट लोग शिक्षक कैसे बन जाते है ?

    11. वसंत पंचमी पर ब्राह्मण ही सरस्वती की पूजा संपन्न करवाते हैँ तथा सरस्वती की मूर्ति स्थापना भी पंडित ही करते हैँ। सरस्वती दूसरी जातियोँ से पूजा क्योँ नहीँ करवाती हैँ ? क्या सरस्वती भेदभाव करती हैँ ? या सरस्वती ब्राह्मण जाति की हैँ ?

    12. हिंदुओँ के अलावा बाकी धर्म के लोग सरस्वती को क्योँ नहीँ पूजते ? क्या यह हिंदुओँ के द्वारा कल्पित की गई हिंदुओँ की ऐसी देवी है, जो हिंदू हितोँ का ध्यान रखने के साथ हिंदू धर्म का प्रचार करती हैँ ?

    १३. कहीं इसके पीछे मुसलमानों को पिछड़ा बनाये रखने की चाल तो नहीं है कि सरस्वती के कारण मुसलमान अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने से कतराएंगे ।

    १४. सरस्वती महिला है, फिर भी महिलाओं की साक्षरता दर जबरदस्त कम है, क्यों ?

    15. सरस्वती के होते हुए आम बच्चों के लिए खस्ताहाल स्कूल और अमीरजादों के लिए डी.पी.एस. जैसे कॉन्वेन्ट स्कूल क्यों हैं ? इस मामले में सरस्वती जी ने आज तक कोई निर्णय क्यों नहीं लिया ?


    जय आदिवासी
    जय जोहार

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    उत्तर
    1. ASP mansik vikrit hi, bahut Badi imported theory k shikari ho, communism chod de Bhai. Anticastism to achichi bat hai, par kab antinational ban jaoge PATA nahi, yahi wo chahate hai, Hindu virodhi hone ha MATLAB balmiki, raidas, sadan, swapach Muni, Bhagwan saatan pasi, aur ashtavakr vyas la virodhi hona BHI hai. Kahi aisa to nahi hai ki 85℅ logo ko 15℅ shoshan karte the, aur angrejo me sath whisky peete the, aur ab wahi raybahadur, samant log Congress me ho ya Neel ki jabran kheti aur tribes logo par julm Karne wale angrej mishnarie Chala kar Cristian to nahi BANA rahe.

      हटाएं
    2. Kahan se likha hai doha no. Chaupai chhand kis sthan se liya hai

      हटाएं
  13. Ye website jisne bhi banai hai sab bilkul galat aur jhoot hai,,,, islam pyaar aur bhaichara sikhata hai na ki aatankvaad...but kuch bevakoof log aesa mante hai k islam atankvaad failata hai aesa kuch nhi hai agar apko kisi dharm k bare me janna hai toh us dharm ki kitabey pado na ki jesa jo kehde usi ko maan lo

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    1. यार मुझे समझ नही आता कि तुम ज्यादा समझदार हो या फिर तुमसे भी ज्यादा उम्र के वो लोग जो अलकायदा, आई एस आई एस जैसे आतंकवादी संघठनों में है। आई एस आई एस के सारे आतंकवादी एक ही बात करते है और वो है "अल्लाह की राह में जिहाद करो।"अब तुम ही बताओ की आई एस आई एस में भर्ती मुसलमानों ने अपने धार्मिक पुस्तको को पढ़े और जाने बिना ही कैसे जिहाद का दामन थाम लिया। अगर इसलाम शान्ति और भाई चारे का धर्म है तो ऐसा क्यू है कि जिहाद के नाम पर इसलामिक आतंकवादी संघठन निर्दोष लोगों का खून बहाते रहते हैं।

      हटाएं
  14. Doosre dharm ke bare me burai phailane Walon,
    Apne dharm ki visheshtayen batao..!
    Aapki saari kitabe aur ved etc kab aur kiske ooper utri? Date time bataiye
    Ya aise hi. ..be fazool gandi baten post karoge ?insaan ki aulad ho to samne aake baat karo. .harami ki aulad ho to mat aana ham samajh jayenge ki tumhari jagah kahan hai?
    Ye mera number hai

    00918948982056
    Facebook :Azeem Af Ansari
    Email :azeemansari155@gmail.com
    Adilansari2836@gmail.com
    Azeemmail2@gamail.com

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  15. Jisko bhi Islam ke baare me interjack aapatti ho wo saamne aake baat Karen. .aise koi kuchh bhi likh sakta hai.
    Phone pe koi kuchh bhi baten kar sakta hai.
    Phone pe sirf saamne aane ki baat hogi,fir agar aap sahi nikle to hum aapke
    Raaste.nahi to aap hamare Raaste. .
    Saamne aawo apni kitaab Lao hum apni kitaab layenge. .
    Ye mera contact number aur email hai.
    00918948982056
    Fb:Azeem Af Ansari
    Email : azeemansari155@gmail.com Adilansari2836@gmail.com Azeemmail2@gamail.com

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  16. Jisko bhi Islam ke baare me interjack aapatti ho wo saamne aake baat Karen. .aise koi kuchh bhi likh sakta hai.
    Phone pe koi kuchh bhi baten kar sakta hai.
    Phone pe sirf saamne aane ki baat hogi,fir agar aap sahi nikle to hum aapke
    Raaste.nahi to aap hamare Raaste. .
    Saamne aawo apni kitaab Lao hum apni kitaab layenge. .
    Ye mera contact number aur email hai.
    00918948982056
    Fb:Azeem Af Ansari
    Email : azeemansari155@gmail.com Adilansari2836@gmail.com Azeemmail2@gamail.com

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  17. Allah meri ahi tammna hai ki jisnye bhi Islam our Allah Ky rasul par ye galet alfaz ka paryoge kiya usko kabhi bhi nahi baksana

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  18. Jisnye bhi khuda ki tohin ki our rasul ki Allah usko chhora nahi hai ex for firon ko dekho our garib nawaz sy ullhza to jogi jaipal ko qya anzam hoya dekha kharawo sy pitai hoyi thi abhi khawaz khucch nahi kiye to YouTube surch kar dekh lainya andhye lant hai tumharye kaisye insan py Jo pak saf dhram py inzam lagena jhotha bhukari sarif ko bhi badna badnam kar raha hai

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  19. Jisnye bhi khuda ki tohin ki our rasul ki Allah usko chhora nahi hai ex for firon ko dekho our garib nawaz sy ullhza to jogi jaipal ko qya anzam hoya dekha kharawo sy pitai hoyi thi abhi khawaz khucch nahi kiye to YouTube surch kar dekh lainya andhye lant hai tumharye kaisye insan py Jo pak saf dhram py inzam lagena jhotha bhukari sarif ko bhi badna badnam kar raha hai

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  20. Allah meri ahi tammna hai ki jisnye bhi Islam our Allah Ky rasul par ye galet alfaz ka paryoge kiya usko kabhi bhi nahi baksana

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  21. Bhai sab ek hai,baate anek hai. Ek baat bata do...ye jitni b religious books h, itni typical kyo Bhai ki Jo jaisi soch ka inssan hota h, uske vaise he samjh m aati hai. In sabka sahi or saccha maqsad kya h. Ye thik vaise h jaisi hum chand(moon) Jo chahe dekh lete h. Bhai log, duniya ka sabse bada Dharn hai"Insaniyat". Hum Sab agar isi ke raste par chal lenge na, toh main daave ke saath kah sakta hu ki khuda khud tumhe zameen PR aakar shabashi dega. Zara socho yar,,,hum apni aane wali naslo ko kya dekar jaa rahe h.

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  22. Mera maqsad ye kahna hai. .
    Kuchh log jo kuchh bhi islam ke baare me nahi jaante wo. .
    Wo bhi bahut hi gandi,bhaddi aur gaali type comment chhod dete hain. .
    Un logon se mera kahna hai ki social network pe koi kuchh bhi likh sakta agar asli jaankaar ho to saamne aake baat karo. ..Mera number aur email already pada huaa hai. .

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  23. Mera maqsad ye kahna hai. .
    Kuchh log jo kuchh bhi islam ke baare me nahi jaante wo. .
    Wo bhi bahut hi gandi,bhaddi aur gaali type comment chhod dete hain. .
    Un logon se mera kahna hai ki social network pe koi kuchh bhi likh sakta agar asli jaankaar ho to saamne aake baat karo. ..Mera number aur email already pada huaa hai. .

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  24. Mujhe sirf itna janna he ki islam me ager shanti bhaichara manny ko keha geya he to atenkwad ka sabse bera sehyogi islam ke hi log kyu he..
    Kya dusre dharam ke log khuda ne nahi banaye.
    Ager dusre dharam ke log galat he to Islamic desho me bom kyu phatey he..
    Aap logo ka dharm ke manne ka tarika kya he..
    Mene ek news vidio dheka tha afganistan ka ek admi ek ladi ko isliya mar reha tha ki uska burka bazer me face. Se hat gya tha ..

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  25. Kya Muhammad ji ne apni larki se shadi ki thi?
    Ager ki thi to kyu ki thi ?
    Iid kyu manate he?
    Bakrid me bakra kyu katey hai?
    Mane ek news me dheka tha ke ek bakra he jis per allha ka nishan bena he aur uski kimat lakho me he aur wo sirf dry food khata hai..
    Me yeh janna chahta hu ki allha nishan ke bakre ki bali dry food khila ke itna mhenga sale kerke allha ke pas bhej diya aur uska meat aap log kha gey kyu?

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  26. उत्तर
    1. . Abe mullo ke pas dimag kha h. Duniya ko kya diya mullo ne. Kya discover kiyA. Jyadatar discovery Hindu or jews(yahudi) ne ki hero ki dono kisi n kisi Roop me education ko Us bhagwan ka vardan mante h.

      0.15 billion yahudi h poore world me unhone tumhare 15 billion mullo ki naak me dum kr Rkh h. Muslim country se surrounded ek chota sa israel poore arab world ki maar rkhi h. Israel chaaro or se Muslim countries se ghira kya bigaad liya.
      Nuclear bomb bhi ek yahudi ne banaya h Albert Einstein . Poori duniya ka media yahudi ke under h eg Disney, viacom, paramount, time warner, warner bros, cnn, Mtv, time magazine etc tum jo bhi pictures dekhte ho wo yahudi dwara banyi gayi h.
      According to Judaism iswar ek h usko man ne wale swarg jayenge but dusre dharma ke log jo iswar ko mante h wo bhi swarg jayenge.

      हटाएं
    2. . Abe mullo ke pas dimag kha h. Duniya ko kya diya mullo ne. Kya discover kiyA. Jyadatar discovery Hindu or jews(yahudi) ne ki hero ki dono kisi n kisi Roop me education ko Us bhagwan ka vardan mante h.

      0.15 billion yahudi h poore world me unhone tumhare 15 billion mullo ki naak me dum kr Rkh h. Muslim country se surrounded ek chota sa israel poore arab world ki maar rkhi h. Israel chaaro or se Muslim countries se ghira kya bigaad liya.
      Nuclear bomb bhi ek yahudi ne banaya h Albert Einstein . Poori duniya ka media yahudi ke under h eg Disney, viacom, paramount, time warner, warner bros, cnn, Mtv, time magazine etc tum jo bhi pictures dekhte ho wo yahudi dwara banyi gayi h.
      According to Judaism iswar ek h usko man ne wale swarg jayenge but dusre dharma ke log jo iswar ko mante h wo bhi swarg jayenge.

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    3. sab bhadve h saale..

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    4. Madherchod bhimul gya re....khana pina uthna baithana ...sab humne sikhaya hai...kanun wanun sab isliye aaj v urdu language use hota hai gandu..tere jaise haram ke pille sadi v karte hain na to hamare kapde sherwani pehen ke...madherchod bat karta hai gandu...ab apne daily life me dhyan de..kya kab or kaise..kahata paita ythta baithta or tahjib se jo bat karta sab hamari den hai..musalmano ki

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  27. pele insaan bano sab.. fir religion ki baate karna.. gadho..

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  28. Aap ne bilkul sahi kaha he sir ji (Hindu ki defination yeh woh marchood qom he jo har taqtwar cheej ke samne jhuk jati he aur har kamjoor ko kuchal dene ki ichha rakhti he ab afsoos yeh ki muslaman taqtwar the taqtwar hain aur rahenge tab tak inki man choodte rahenge

    उत्तर देंहटाएं
  29. इस्लाम को धर्म नही कहा जा सकता क्यों की ये सिर्फ एक गंदगी है, दुनिया की सबसे गन्दी और घटिया किताब है कुरान . इससे सिर्फ और सिर्फ नफरत की जा सकती है जो इस्लाम को मानने वाले हैं वो या तो हैवान हैं या बेवकूफ जाहिल हैं कोई भी जहीन इन्म्सन इसे मजहब नही कहेगा.इतनी खुबसुरत दुनिया को बर्बाद कर रखा है एक गंदे घटिया और गलीच आदमी की सोच ने . जिसने बुढ़ापे में बहु को नही छोड़ा, दोस्त की छह साल की बेटी को नही छोड़ा , पचास साल की बूढी औरत को नही छोड़ा वो हरामी अल्लाह की बात करता है और जाहिल उसे नबी कहते हैं , हैरानी की बात है . लानत भेजनी चाहिए उस गंदे मुहम्मद पर

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  30. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।

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  31. हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है। हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।

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  32. खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडकी को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

    तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है।

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  33. और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। और तुम्हारे सभी भगवान भी धोती के अलावा कुछ नही पहनते थे। बाकी सारा शरीर खुला रहता है
    ये कैसे भगवान है जिन्हे कपडे पहनने की भी तमीज नही है। हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो अल्लाह पर ईमान लाओ
    हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

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    1. Quran padhkar hi osama aur bagdadi jaise atankwadi bane h

      Muhammad ek balatkari tha ye hadeeso me likha huwa h

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    2. Quran padhkar hi osama aur bagdadi jaise atankwadi bane h

      Muhammad ek balatkari tha ye hadeeso me likha huwa h

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  34. nafees tu saccha musalmaan nahi hai kyuki tu dusre dharm ko gali de raha hai.

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  35. @Terror's mind Nafees malik
    मुहम्मद पैगम्बर खुद जन्मजात हिंदु थे और काबा हिंदु मंदिर
    मुसलमान कहते हैं कि कुराण ईश्वरीय वाणी है तथा यह धर्म अनादि काल से चली आ रही है,परंतु इनकी एक-एक बात आधारहीन तथा तर्कहीन हैं-सबसे पहले तो ये पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति का जो सिद्धान्त देते हैं वो हिंदु धर्म-सिद्धान्त का ही छाया प्रति है.हमारे ग्रंथ के अनुसार ईश्वर ने मनु तथा सतरूपा को पृथ्वी पर सर्व-प्रथम भेजा था..इसी सिद्धान्त के अनुसार ये भी कहते हैं कि अल्लाह ने सबसे पहले आदम और हौआ को भेजा.ठीक है...पर आदम शब्द संस्कृत शब्द "आदि" से बना है जिसका अर्थ होता है-सबसे पहले.यनि पृथ्वी पर सर्वप्रथम संस्कृत भाषा अस्तित्व में थी..सब भाषाओं की जननी संस्कृत है ये बात तो कट्टर मुस्लिम भी स्वीकार करते हैं..इस प्रकार आदि धर्म-ग्रंथ संस्कृत में होनी चाहिए अरबी या फारसी में नहीं.
    इनका अल्लाह शब्द भी संस्कृत शब्द अल्ला से बना है जिसका अर्थ देवी होता है.एक उपनिषद भी है "अल्लोपनिषद". चण्डी,भवानी,दुर्गा,अम्बा,पार्वती आदि देवी को आल्ला से सम्बोधित किया जाता है.जिस प्रकार हमलोग मंत्रों में "या" शब्द का प्रयोग करते हैं देवियों को पुकारने में जैसे "या देवी सर्वभूतेषु....", "या वीणा वर ...." वैसे ही मुसलमान भी पुकारते हैं "या अल्लाह"..इससे सिद्ध होता है कि ये अल्लाह शब्द भी ज्यों का त्यों वही रह गया बस अर्थ बदल दिया गया.
    चूँकि सर्वप्रथम विश्व में सिर्फ संस्कृत ही बोली जाती थी इसलिए धर्म भी एक ही था-वैदिक धर्म.बाद में लोगों ने अपना अलग मत और पंथ बनाना शुरु कर दिया और अपने धर्म(जो वास्तव में सिर्फ मत हैं) को आदि धर्म सिद्ध करने के लिए अपने सिद्धान्त को वैदिक सिद्धान्तों से बिल्कुल भिन्न कर लिया ताकि लोगों को ये शक ना हो कि ये वैदिक धर्म से ही निकला नया धर्म है और लोग वैदिक धर्म के बजाय उस नए धर्म को ही अदि धर्म मान ले..चूँकि मुस्लिम धर्म के प्रवर्त्तक बहुत ज्यादा गम्भीर थे अपने धर्म को फैलाने के लिए और ज्यादा डरे हुए थे इसलिए उसने हरेक सिद्धान्त को ही हिंदु धर्म से अलग कर लिया ताकि सब यही समझें कि मुसलमान धर्म ही आदि धर्म है,हिंदु धर्म नहीं..पर एक पुत्र कितना भी अपनेआप को अपने पिता से अलग करना चाहे वो अलग नहीं कर सकता..अगर उसका डी.एन.ए. टेस्ट किया जाएगा तो पकड़ा ही जाएगा..इतने ज्यादा दिनों तक अरबियों का वैदिक संस्कृति के प्रभाव में रहने के कारण लाख कोशिशों के बाद भी वे सारे प्रमाण नहीं मिटा पाए और मिटा भी नही सकते....
    भाषा की दृष्टि से तो अनगिणत प्रमाण हैं यह सिद्ध करने के लिए कि अरब इस्लाम से पहले वैदिक संस्कृति के प्रभाव में थे.जैसे कुछ उदाहरण-मक्का-मदीना,मक्का संस्कृत शब्द मखः से बना है जिसका अर्थ अग्नि है तथा मदीना मेदिनी से बना है जिसका अर्थ भूमि है..मक्का मदीना का तात्पर्य यज्य की भूमि है.,ईद संस्कृत शब्द ईड से बना है जिसका अर्थ पूजा होता है.नबी जो नभ से बना है..नभी अर्थात आकाशी व्यक्ति.पैगम्बर "प्र-गत-अम्बर" का अपभ्रंश है जिसका अर्थ है आकाश से चल पड़ा व्यक्ति..
    चलिए अब शब्दों को छोड़कर इनके कुछ रीति-रिवाजों पर ध्यान देते हैं जो वैदिक संस्कृति के हैं--
    ये बकरीद(बकर+ईद) मनाते हैं..बकर को अरबी में गाय कहते हैं यनि बकरीद गाय-पूजा का दिन है.भले ही मुसलमान इसे गाय को काटकर और खाकर मनाने लगे..

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  36. जिस तरह हिंदु अपने पितरों को श्रद्धा-पूर्वक उन्हें अन्न-जल चढ़ाते हैं वो परम्परा अब तक मुसलमानों में है जिसे वो ईद-उल-फितर कहते हैं..फितर शब्द पितर से बना है.वैदिक समाज एकादशी को शुभ दिन मानते हैं तथा बहुत से लोग उस दिन उपवास भी रखते हैं,ये प्रथा अब भी है इनलोगों में.ये इस दिन को ग्यारहवीं शरीफ(पवित्र ग्यारहवाँ दिन) कहते हैं,शिव-व्रत जो आगे चलकर शेबे-बरात बन गया,रामध्यान जो रमझान बन गया...इस तरह से अनेक प्रमाण मिल जाएँगे..आइए अब कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर डालते हैं...
    अरब हमेशा से रेगिस्तानी भूमि नहीं रहा है..कभी वहाँ भी हरे-भरे पेड़-पौधे लहलाते थे,लेकिन इस्लाम की ऐसी आँधी चली कि इसने हरे-भरे रेगिस्तान को मरुस्थल में बदल दिया.इस बात का सबूत ये है कि अरबी घोड़े प्राचीन काल में बहुत प्रसिद्ध थे..भारतीय इसी देश से घोड़े खरीद कर भारत लाया करते थे और भारतीयों का इतना प्रभाव था इस देश पर कि उन्होंने इसका नामकरण भी कर दिया था-अर्ब-स्थान अर्थात घोड़े का देश.अर्ब संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ घोड़ा होता है. {वैसे ज्यादातर देशों का नामकरण भारतीयों ने ही किया है जैसे सिंगापुर,क्वालालामपुर,मलेशिया,ईरान,ईराक,कजाकिस्थान,तजाकिस्थान,आदि..} घोड़े हरे-भरे स्थानों पर ही पल-बढ़कर हृष्ट-पुष्ट हो सकते हैं बालू वाले जगहों पर नहीं..
    इस्लाम की आँधी चलनी शुरु हुई और मुहम्मद के अनुयायियों ने धर्म परिवर्त्तन ना करने वाले हिंदुओं का निर्दयता-पूर्वक काटना शुरु कर दिया..पर उन हिंदुओं की परोपकारिता और अपनों के प्रति प्यार तो देखिए कि मरने के बाद भी पेट्रोलियम पदार्थों में रुपांतरित होकर इनका अबतक भरण-पोषण कर रहे हैं वर्ना ना जाने क्या होता इनका..!अल्लाह जाने..!

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  37. चूँकि पूरे अरब में सिर्फ हिंदु संस्कृति ही थी इसलिए पूरा अरब मंदिरों से भरा पड़ा था जिसे बाद में लूट-लूट कर मस्जिद बना लिया गया जिसमें मुख्य मंदिर काबा है.इस बात का ये एक प्रमाण है कि दुनिया में जितने भी मस्जिद हैं उन सबका द्वार काबा की तरफ खुलना चाहिए पर ऐसा नहीं है.ये इस बात का सबूत है कि सारे मंदिर लूटे हुए हैं..इन मंदिरों में सबसे प्रमुख मंदिर काबा का है क्योंकि ये बहुत बड़ा मंदिर था.ये वही जगह है जहाँ भगवान विष्णु का एक पग पड़ा था तीन पग जमीन नापते समय..चूँकि ये मंदिर बहुत बड़ा आस्था का केंद्र था जहाँ भारत से भी काफी मात्रा में लोग जाया करते थे..इसलिए इसमें मुहम्मद जी का धनार्जन का स्वार्थ था या भगवान शिव का प्रभाव कि अभी भी उस मंदिर में सारे हिंदु-रीति रिवाजों का पालन होता है तथा शिवलिंग अभी तक विराजमान है वहाँ..यहाँ आने वाले मुसलमान हिंदु ब्राह्मण की तरह सिर के बाल मुड़वाकर बिना सिलाई किया हुआ एक कपड़ा को शरीर पर लपेट कर काबा के प्रांगण में प्रवेश करते हैं और इसकी सात परिक्रमा करते हैं.यहाँ थोड़ा सा भिन्नता दिखाने के लिए ये लोग वैदिक संस्कृति के विपरीत दिशा में परिक्रमा करते हैं अर्थात हिंदु अगर घड़ी की दिशा में करते हैं तो ये उसके उल्टी दिशा में..पर वैदिक संस्कृति के अनुसार सात ही क्यों.? और ये सब नियम-कानून सिर्फ इसी मस्जिद में क्यों?ना तो सर का मुण्डन करवाना इनके संस्कार में है और ना ही बिना सिलाई के कपड़े पहनना पर ये दोनो नियम हिंदु के अनिवार्य नियम जरुर हैं.
    चूँकि ये मस्जिद हिंदुओं से लूटकर बनाई गई है इसलिए इनके मन में हमेशा ये डर बना रहता है कि कहीं ये सच्चाई प्रकट ना हो जाय और ये मंदिर उनके हाथ से निकल ना जाय इस कारण आवश्यकता से अधिक गुप्तता रखी जाती है इस मस्जिद को लेकर..अगर देखा जाय तो मुसलमान हर जगह हमेशा डर-डर कर ही जीते हैं और ये स्वभाविक भी है क्योंकि इतने ज्यादा गलत काम करने के बाद डर तो मन में आएगा ही...अगर देखा जाय तो मुसलमान धर्म का अधार ही डर पर टिका होता है.हमेशा इन्हें छोटी-छोटी बातों के लिए भयानक नर्क की यातनाओं से डराया जाता है..अगर कुरान की बातों को ईश्वरीय बातें ना माने तो नरक,अगर तर्क-वितर्क किए तो नर्क अगर श्रद्धा और आदरपूर्वक किसी के सामने सर झुका दिए तो नर्क.पल-पल इन्हें डरा कर रखा जाता है क्योंकि इस धर्म को बनाने वाला खुद डरा हुआ था कि लोग इसे अपनायेंगे या नहीं और अपना भी लेंगे तो टिकेंगे या नहीं इसलिए लोगों को डरा-डरा कर इस धर्म में लाया जाता है और डरा-डरा कर टिकाकर रखा जाता है..जैसे अगर आप मुसलमान नहीं हो तो नर्क जाओगे,अगर मूर्त्ति-पूजा कर लिया तो नर्क चल जाओगे,मुहम्मद को पैगम्बर ना माने तो नर्क;इन सब बातों से डराकर ये लोगों को अपने धर्म में खींचने का प्रयत्न करते हैं.पहली बार मैंने जब कुरान के सिद्धान्तों को और स्वर्ग-नरक की बातों को सुना था तो मेरी आत्मा काँप गई थी..उस समय मैं दसवीं कक्षा में था और अपनी स्वेच्छा से ही अपने एक विज्यान के शिक्षक से कुरान के बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की थी..उस दिन तक मैं इस धर्म को हिंदु धर्म के समान या थोड़ा उपर ही समझता था पर वो सब सुनने के बाद मेरी सारी भ्रांति दूर हुई और भगवान को लाख-लाख धन्यवाद दिया कि मुझे उन्होंने हिंदु परिवार में जन्म दिया है नहीं पता नहीं मेरे जैसे हरेक बात पर तर्क-वितर्क करने वालों की क्या गति होती...!

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  38. एक तो इस मंदिर को बाहर से एक गिलाफ से पूरी तरह ढककर रखा जाता है ही(बालू की आँधी से बचाने के लिए) दूसरा अंदर में भी पर्दा लगा दिया गया है.मुसलमान में पर्दा प्रथा किस हद तक हावी है ये देख लिजिए.औरतों को तो पर्दे में रखते ही हैं एकमात्र प्रमुख और विशाल मस्जिद को भी पर्दे में रखते हैं.क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर ये मस्जिद मंदिर के रुप में इस जगह पर होता जहाँ हिंदु पूजा करते तो उसे इस तरह से काले-बुर्के में ढक कर रखा जाता रेत की आँधी से बचाने के लिए..!! अंदर के दीवार तो ढके हैं ही उपर छत भी कीमती वस्त्रों से ढके हुए हैं.स्पष्ट है सारे गलत कार्य पर्दे के आढ़ में ही होते हैं क्योंकि खुले में नहीं हो सकते..अब इनके डरने की सीमा देखिए कि काबा के ३५ मील के घेरे में गैर-मुसलमान को प्रवेश नहीं करने दिया जाता है,हरेक हज यात्री को ये सौगन्ध दिलवाई जाती है कि वो हज यात्रा में देखी गई बातों का किसी से उल्लेख नहीं करेगा.वैसे तो सारे यात्रियों को चारदीवारी के बाहर से ही शिवलिंग को छूना तथा चूमना पड़ता है पर अगर किसी कारणवश कुछ गिने-चुने मुसलमानों को अंदर जाने की अनुमति मिल भी जाती है तो उसे सौगन्ध दिलवाई जाती है कि अंदर वो जो कुछ भी देखेंगे उसकी जानकारी अन्य को नहीं देंगे..
    कुछ लोग जो जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से किसी प्रकार अंदर चले गए हैं,उनके अनुसार काबा के प्रवेश-द्वार पर काँच का एक भव्य द्वीपसमूह लगा है जिसके उपर भगवत गीता के श्लोक अंकित हैं.अंदर दीवार पर एक बहुत बड़ा यशोदा तथा बाल-कृष्ण का चित्र बना हुआ है जिसे वे ईसा और उसकी माता समझते हैं.अंदर गाय के घी का एक पवित्र दीप सदा जलता रहता है.ये दोनों मुसलमान धर्म के विपरीत कार्य(चित्र और गाय के घी का दिया) यहाँ होते हैं..एक अष्टधातु से बना दिया का चित्र में यहाँ लगा रहा हूँ जो ब्रिटिश संग्रहालय में अब तक रखी हुई है..ये दीप अरब से प्राप्त हुआ है जो इस्लाम-पूर्व है.इसी तरह का दीप काबा के अंदर भी अखण्ड दीप्तमान रहता है .
    ये सारे प्रमाण ये बताने के लिए हैं कि क्यों मुस्लिम इतना डरे रहते हैं इस मंदिर को लेकर..इस मस्जिद के रहस्य को जानने के लिए कुछ हिंदुओं ने प्रयास किया तो वे क्रूर मुसलमानों के हाथों मार डाले गए और जो कुछ बच कर लौट आए वे भी पर्दे के कारण ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं कर पाए.अंदर के अगर शिलालेख पढ़ने में सफलता मिल जाती तो ज्यादा स्पष्ट हो जाता.इसकी दीवारें हमेशा ढकी रहने के कारण पता नहीं चल पाता है कि ये किस पत्थर का बना हुआ है पर प्रांगण में जो कुछ इस्लाम-पूर्व अवशेष रहे हैं वो बादामी या केसरिया रंग के हैं..संभव है काबा भी केसरिया रंग के पत्थर से बना हो..एक बात और ध्यान देने वाली है कि पत्थर से मंदिर बनते हैं मस्जिद नहीं..भारत में पत्थर के बने हुए प्राचीन-कालीन हजारों मंदिर मिल जाएँगे...

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  39. ये तो सिर्फ मस्जिद की बात है पर मुहम्मद साहब खुद एक जन्मजात हिंदु थे ये किसी भी तरह मेरे पल्ले नहीं पड़ रहा है कि अगर वो पैगम्बर अर्थात अल्लाह के भेजे हुए दूत थे तो किसी मुसलमान परिवार में जन्म लेते एक काफिर हिंदु परिवार में क्यों जन्मे वो..?जो अल्लाह मूर्त्ति-पूजक हिंदुओं को अपना दुश्मन समझकर खुले आम कत्ल करने की धमकी देता है वो अपने सबसे प्यारे पुत्र को किसी मुसलमान घर में जन्म देने के बजाय एक बड़े शिवभक्त के परिवार में कैसे भेज दिए..? इस काबा मंदिर के पुजारी के घर में ही मुहम्मद का जन्म हुआ था..इसी थोड़े से जन्मजात अधिकार और शक्ति का प्रयोग कर इन्होंने इतना बड़ा काम कर दिया.मुहम्मद के माता-पिता तो इसे जन्म देते ही चल बसे थे(इतना बड़ा पाप कर लेने के बाद वो जीवित भी कैसे रहते)..मुहम्मद के चाचा ने उसे पाल-पोषकर बड़ा किया परंतु उस चाचा को मार दिया इन्होंने अपना धर्म-परिवर्त्तन ना करने के कारण..अगर इनके माता-पिता जिंदा होते तो उनका भी यही हश्र हुआ होता..मुहम्मद के चाचा का नाम उमर-बिन-ए-ह्ज्जाम था.ये एक विद्वान कवि तो थे ही साथ ही साथ बहुत बड़े शिवभक्त भी थे.इनकी कविता सैर-उल-ओकुल ग्रंथ में है.इस ग्रंथ में इस्लाम पूर्व कवियों की महत्त्वपूर्ण तथा पुरस्कृत रचनाएँ संकलित हैं.ये कविता दिल्ली में दिल्ली मार्ग पर बने विशाल लक्ष्मी-नारायण मंदिर की पिछली उद्यानवाटिका में यज्यशाला की दीवारों पर उत्त्कीर्ण हैं.ये कविता मूलतः अरबी में है.इस कविता से कवि का भारत के प्रति श्रद्धा तथा शिव के प्रति भक्ति का पता चलता है.इस कविता में वे कहते हैं कोई व्यक्ति कितना भी पापी हो अगर वो अपना प्रायश्चित कर ले और शिवभक्ति में तल्लीन हो जाय तो उसका उद्धार हो जाएगा और भगवान शिव से वो अपने सारे जीवन के बदले सिर्फ एक दिन भारत में निवास करने का अवसर माँग रहे हैं जिससे उन्हें मुक्ति प्राप्त हो सके क्योंकि भारत ही एकमात्र जगह है जहाँ की यात्रा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा संतों से मिलने का अवसर प्राप्त होता है..
    देखिए प्राचीन काल में कितनी श्रद्धा थी विदेशियों के मन में भारत के प्रति और आज भारत के मुसलमान भारत से नफरत करते हैं.उन्हें तो ये बात सुनकर भी चिढ़ हो जाएगी कि आदम स्वर्ग से भारत में ही उतरा था और यहीं पर उसे परमात्मा का दिव्य संदेश मिला था तथा आदम का ज्येष्ठ पुत्र "शिथ" भी भारत में अयोध्या में दफनाया हुआ है.ये सब बातें मुसलमानों के द्वारा ही कही गई है,मैं नहीं कह रहा हूँ..
    और ये "लबी बिन-ए-अख्तब-बिन-ए-तुर्फा" इस तरह का लम्बा-लम्बा नाम भी वैदिक संस्कृति ही है जो दक्षिणी भारत में अभी भी प्रचलित है जिसमें अपने पिता और पितामह का नाम जोड़ा जाता है..
    कुछ और प्राचीन-कालीन वैदिक अवशेष देखिए... ये हंसवाहिनी सरस्वती माँ की मूर्त्ति है जो अभी लंदन संग्रहालय में है.यह सऊदी अर्बस्थान से ही प्राप्त हुआ था..
    प्रमाण तो और भी हैं बस लेख को बड़ा होने से बचाने के लिए और सब का उल्लेख नहीं कर रहा हूँ..पर क्या इतने सारे प्रमाण पर्याप्त नहीं हैं यह सिद्ध करने के लिए कि अभी जो भी मुसलमान हैं वो सब हिंदु ही थे जो जबरन या स्वार्थवश मुसलमान बन गए..कुरान में इस बात का वर्णन होना कि "मूर्त्तिपूजक काफिर हैं उनका कत्ल करो" ये ही सिद्ध करता है कि हिंदु धर्म मुसलमान से पहले अस्तित्व में थे..हिंदु धर्म में आध्यात्मिक उन्नति के लिए पूजा का कोई महत्त्व नहीं है,ईश्वर के सामने झुकना तो बहुत छोटी सी बात है..प्रभु-भक्ति की शुरुआत भर है ये..पर मुसलमान धर्म में अल्लाह के सामने झुक जाना ही ईश्वर की अराधना का अंत है..यही सबसे बड़ी बात है.इसलिए ये लोग अल्लाह के अलावे किसी और के आगे झुकते ही नहीं,अगर झुक गए तो नरक जाना पड़ेगा..क्या इतनी निम्न स्तर की बातें ईश्वरीय वाणी हो सकती है..!.?

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  40. kate lode sale....bikare....hamare tukdo pe palne wale...

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  41. सभी लोग ध्यान दें :
    फ़िज़ूल की बहस के कुछ नहीं मिलेगा
    हम सबको ये स्वीकार करना पड़ेगा कि अल्लाह के रसूल पैगम्बर मोहम्मद एक उच्च दर्जे के रंडीबाज, वहशी, तथा दिमाग में गू भरे हुए जानवर थे |
    उनके बारे में बात कर के हम स्वयं का समय क्यों अपवित्र करें ?
    अगर आसमानी किताब कुरान में गू को हलाल लिखा होता तो ये साले वो भी खा लेते |
    पर मुसलमान लोग बुरे नहीं होते हैं, ये नेक बन्दे सिर्फ आतंकवादी, मा-बहन चोद, और धर्म के नाम पर चुतियापा करने वाले होते हैं |
    इन नेक बन्दों का बुरा मत करो, इनको सिर्फ इनके रसूल के पास भिजवा दो |

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  42. फ़िज़ूल बहस करने के बजाय इस लेख में कौनसी बात गलत है । मुस्लिम तर्क संगत इसको सिद्ध करें तो बेहतर होगा।

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  43. फ़िज़ूल बहस करने के बजाय इस लेख में कौनसी बात गलत है । मुस्लिम तर्क संगत इसको सिद्ध करें तो बेहतर होगा।

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  44. Muslmano k purvaj Hindu the.jo Islam k favour me baat kar rhe h ve ye baat yaad rkhe kaise videsi jihadio ne unke purvajo ka sar Kalam kiya or unki ma bhno ka rape kiya tha. Tab ve musalmaan bne the or aaj ve bhi ve jehad ki baat kar rhe h. Jo apna itihas bhul jata h vo barbaad ho jata h.sirf MOHAMMAD hi Dunia ka iklota aisa saint h Jo gyan paane k baad khuni darinda ban gya tha .kuran me earth ko chapti kha h or sunset ko daldal me dhasna kha h . Mohammed ne Arab par kabja krne k liye jehad kafir jaise concept bnaya the. Ye political Islam h. Islam rha to manvata ko Pura khatra h. M musalmaan k khilaf nhi hu dil se to ve bhi insaan h lekin ye islamic ideology insaan ko janwar bna deti h. Hadis ko padege to pta lgega ki Mohammed ne itne glat kaam kiye h ki Allah ka bnda to dur ki baat ek normal Admi bhi nhi kar sakta . Mohammed ka Pura jeevan Dunia ki sbse bdi crime history h jisme sirf merciless murder kiye h. Or baad me talvar k dam par ye faila h.

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  45. दोसतो आपकी सोच Krishna केबारे में गलत गोपियो संग वह हिजडे के भेष में रहते थे

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