बुधवार, 5 दिसंबर 2012

कुरान की प्रेरणा बाइबिल से ली गयी !


मुस्लिम विद्वान् कहते हैं कि कुरान अल्लाह की किताब है ,जो अल्लाह ने अपने रसूल मुहम्मद के ऊपर नाजिल कि थी .लेकिन यदि हम कुरान और बाइबिल की शिक्षा और कहानियों को ध्यान से पढ़ें तो उनमे काफी समानता मिलती है .इस बात को सभी मानते हैं कि बाइबिल कुरान से काफी पुरानी है .बाइबिल के दो भाग हैं , पुराना नियम और नया नियम .पुराने नियम को यहूदी "तनख " कहते हैं ,इसमे 39 किताबें शामिल हैं .पुराना नियम करीब 535 ई .पू में सकलित हो चूका था .और नए नियम में 27 किताबें शामिल हैं ,जो सन 66 संकलित हो चुकी थी .और यूरोप के अलावा अरब में भी प्रचलित थीं .इस्लाम के अनुसार पुराने नियम में तौरेत और जबूर आती हैं ,और नए नियम को इंजील कहा जाता है .अरब के लोग इन किताबों से अच्छी तरह परिचित थे .कुरान की पहली आयत सन 610 में उतरी थी ,और मुहम्मद की मौत सन 632 तक कुरान की आयतें उतरती ( बनती )रहीं .जिनका सन 644 में खलीफा उस्मान बिन अफ्फान ने संकलन किया था .
आज की कुरान में कोई मौलिकता (Originality ) नहीं दिखाई देती है ,सब बाइबिल से ली गयी हैं .यद्यपि किसी भाषा के टेक्स्ट को दूसरी भाषा में ज्यों का त्यों अनुवाद करना असंभव होता है ,लेकिन उनके भावार्थ में समानता दिखाई मिल जाती है . यही बात कुरान और बाइबिल के बारे में लागु होती है .दौनों के विचारों में असाधारण समानता से सिद्ध होता है ,कि मुहम्मद ने कुरान की रचना बाइबिल से प्रेरणा लेकर की थी .सिफ कुछ थोड़ी सी बातें ऐसी थी ,जो मुहम्मद ,और अरब लोगों से सम्बंधित है .यहाँ पर कुछ उदहारण दिए जा रहे हैं ,जिन से पता चलता है कुरान ऊपर से नहीं उतरी ,बल्कि नीचे ही बैठकर बाइबिल से मसाला लेकर मुहम्मद ने बनायीं थी .देखिये 

1-औरतों का हिस्सा पुरुषों से आधा होगा 
कुरान -"एक पुरुष का हिस्सा दो औरतों के हिस्से के बराबर होगा "सूरा -निसा 4 :11
बाइबिल -यदि उनकी आयु 20 साल से अधि हो तो ,पुरुषों के लिए 20 शेकेल और औरतों के लिए 10 शेकेल ठहराए जाएँ " लैव्य व्यवस्था .27 :5
2-माहवारी के समय औरतों से दूर रहो 
कुरान -"वह औरतों की माहवारी के बारे में पूछते हैं ,तो कह दो यह तो नापाकी है ,तो औरतों की माहवारी के समय उनसे अलग रहो "
सूरा -बकरा 2 :222
बाइबिल -"जब कोई स्त्री ऋतुमती हो ,तो वह सात दिनों तक अशुद्ध मानी जाये .और जो कोई भी उसे छुए वह भी अशुद्ध माना जाये "
लैव्य व्यवस्था -15 :19
3-औरतें खुद को छुपा कर रखें 
कुरान -"हे नबी ईमान वाली औरतों से कहदो कि जब वह घर से बहार निकलें तो ,अपने ऊपर चादर के पल्लू लटका लिया करें "
सूरा -अहजाब 33 :59
बाइबिल -स्त्री के लिए उचित है कि वह आधीनता का चिन्ह ओढ़नी अपने सर पर रख कर बाहर निकलें " 1 कुरिन्थियों 11 :11
4-अल्लाह गुमराह करता है 
कुरान -शैतान ने कहा ,हे रब जैसा तूने मुझे बहकाया है ,उसी तरह में छल करके लोगों को बहकाऊँगा " सूरा -अल हिज्र 15 :39
"उन लोगों के दिलों में बीमारी थी ,अल्लाह ने उनकी बीमारी और बढा दी "सूरा -बकरा 2 :10
बाइबिल -फिर खुदा ने उनकी आँखें अंधी और दिल कठोर बना दिए ,जिस से वह न तो आँखों से देख सकें और न मन से कुछ समझ सकें "
यूहन्ना -12 :40
"यदि हमारी बुद्धि पर परदा पड़ा हुआ है ,तो यह खुदा के कारण ही है .और संसार के ईश्वर ने लोगों की बुद्धि को अँधा कर दिया है "
2 कुरिन्थियों 4 : 3 -4
5 -विधर्मियों को क़त्ल कर दो 
कुरान -"और उनको जहाँ पाओ क़त्ल कर दो और घरों से निकाल दो "सूरा -बकरा 2 :191
"काफिरों को जहाँ पाओ ,पकड़ो और उनका वध कर दो "सूरा -निसा 4 :89
"मुशरिकों को जहाँ पाओ क़त्ल कर दो ,उन्हें पकड़ो ,उन्हें घेरो ,उनकी जगह में घात लगा कर बैठे रहो "
सूरा -तौबा 9 :5
बाइबिल -"अगर पृथ्वी के एक छोर से दूरारे छोर तक दूसरे देवताओं के मानने वाले हो ,तो भी उनकी बात नहीं मानो,और न उनपर तरस खाना .न उन पर दया दिखाना .औं न उनको शरण देना .बल्कि उनकी खोज करके उनकी घात अवश्य करना .और उनका पता करके उनका तलवार से वध कर देना "
व्यवस्था विवरण -13 :6 से 13
"जोभी यहोवा की शरण को स्वीकार नहीं करें ,उनको क़त्ल कर दो ,चाहे उनकी संख्या कम हो ,या अधिक .और चाहे वह पुरुष हों अथवा स्त्रियाँ हों " 2 इतिहास 15 :13
6-विधर्मी नरक में जलेंगे 
कुरान -मुनाफिकों का ठिकाना जहन्नम है ,और वह बुरा ठिकाना है "सूरा -तौबा 9 :73
"काफिरों और मुनाफिकों ठिकाना जहन्नम है ,जहाँ वह पहुँच जायेंगे " सूरा -अत तहरीम 66 :9
बाइबिल -जो पुत्र को नहीं मानता,उस पर परमेश्वर का क्रोध बना रहेगा " यूहन्ना 3 :37
"फिर उन लोगों से कहा जायेगा ,हे श्रापित लोगो हमारे सामने से निकलो ,और इस अनंत आग में प्रवेश करो ,जो शैतान और उसके साथियों के लिए तय्यार की गयी है " मत्ती -25 :41
7-विधर्मियों से दोस्ती नहीं करो 
कुरान -ईमान वालों को चाहिए कि वे काफिरों को अपना संरक्षक और मित्र न बनायें ,और जो ऐसा करता है उसका अल्लाह से कोई नाता नहीं रहेगा "
 सूरा -आले इमरान 3 :28
बाइबिल -अविश्वासियों के साथ बराबर का व्यवहार नहीं करो ,इसलिए यातो तुम उनके बीच से निकलो ,या उनको अपने बीच से निकाल डालो .अन्धकार और ज्योति का क्या सम्बन्ध है ." 2 कुरिन्थियों 6 :14 से 17

8-कलमा की प्रेरणा भी बाइबिल से 
मुसलमानों का मूलमंत्र या कलमा दो भागों से बना हुआ है जो इस प्रकार है" لَآ اِلٰهَ اِلَّا اللّٰهُ مُحَمَّدٌ رَّسُوْلُ اللّٰهِؕ "
 "ला इलाह इल्लल्लाह -मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह "अर्थात नहीं हैं कोई इलाह मगर अल्लाह ,और मुहम्मद अल्लाह का रसूल है .कलामे दूसरा भाग मुहम्मद ने खुद जोड़ लिया था .जबकि पहला भाग बाइबिल में काफी पहले से मौजूद था .यहाँ पर मूल हिब्रू के साथ अरबी और अंगरेजी भी दिए जा रहे हैं .
Hear, O Israel,  the LORD our God— the LORD is ONE  -Deuteronium 6:4
"اسمع يا إسرائيل ، الرب إلهنا، رب واحد "
""शेमा इस्रायेल यहोवा इलोहेनु अदोनाय इहद "
"שְׁמַע, יִשְׂרָאֵל: יְהוָה אֱלֹהֵינוּ, יְהוָה אֶחָד "

He is the God , and there is no other god beside him.
"" हू एलोहीम व् लो इलोही लिदो "
"انه هو الله ، وليس هناك إله غيره بجانبه."
הוא האלוהים של כל בשר, ואין אלוהים לידו 
http://www.nabion.org/html/the_shema

इन सभी प्रमाणों से साफ सिद्ध हो जाता है कि मुहम्मद को कुरान बनाने कि प्रेरणा बाइबिल से मिली थी .बाकि बातें उसने अपनी तरफ से जोड़ दी थीं .क्योंकि दौनों में एक जैसी बातें दी गयी हैं .केवल इतना अंतर है कि यहूदी ऐसी अमानवीय बातों पर न तो अमल करते हैं और न दूसरों को मानने पर मजबूर करते हैं .इन थोड़े से यहूदियों ने हजारों अविष्कार किये है ,जिन से विश्व के सभी लोगों को लाभ हो रहा है .लेकिन दूसरी तरफ इतने मुसलमान हैं ,जो कुरान की इसी शिक्षा का पालन करते हुए विश्व का नाश करने पर तुले हुए है .इसी तरह मुट्ठी बार पारसियों ने देश की उन्नति के लिए जो किया है उसे सब जानते हैं .
अगर मुहम्मद बाइबिल की बुरी बातें छोड़ कर अच्छी बातें कुरान में लिख देता तो विश्व में सचमुच का इस्लाम हो जाता .
नक़ल के साथ अकल होना भी जरुरी होता है .नकलची कभी रसूल नहीं हो सकता .

http://dwindlinginunbelief.blogspot.com/search/label/The%20Bible%20and%20the%20Quran%20agree

13 टिप्‍पणियां:

  1. Suban alla-katwa mulla--al hum dulila-mullo ki gand me hinduo ja lulla-alla o akbar-hiudu khodege mllo ki kabar--aamin-marege kamin

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  2. bayble bhi Allah ki kitab hai aur islam koi kahani nahi hai jo baible me alag ho aur Quran me alag ho lekin bayble ko logo ne badal diya .lekin her chiz nahi badal paye
    lekin tumhara hindu dharm kya hai wo bhi dekhlo.सुनो ब्रह्मणोँ के बनाये कठपुतले भगवानो के कारनामे उनकी रची ग्रंथ शिवपुराण के अनुसार:
    जब ये दुनिया ब्रह्मांड यानी कुछ भी नही था भगवान भी नही थे तो केवल एक आदि शक्ति (स्त्री)थी आदि शक्ति ने सबसे पहले ब्रह्मा भगवान को बनाया और अपने साथ संबंध बनाने को कहा ब्रह्मदेव ने कहा आपने मुझे बनाया है आप मेरी माँ लगेंगी मै आपके साथ संबंध नही बना सकता क्रोधित होकर आदि शक्ति ने ब्रह्मा भगवान को जलाकर भस्म कर दिया
    फिर आदि शक्ति ने विष्णु को बनाया और खुद के साथ संबंध बनाने को कहा लेकिन विष्णु ने भी कहा की आपने मुझे बनाया आप मेरी माँ हो मै आपसे संबंध नही बना सकता क्रोधित होकर आदि शक्ति देवी ने विष्णु को भस्म कर दिया
    फिर आदि शक्ति ने शंकर भगवान को बनाया और ... संबंध बनाने को कहा शंकर ने ब्रह्मा विष्णु के बारे मे जाना और सोचे की मै इनकार करुंगा तो मुझको भी जला कर भष्म कर देगी शंकर भगवान बोले आप मेरी माँ लगोगी फिर भी मै संबंध बनाने को तैयार हूँ लेकिन मेरी तीन शर्ते हैँ आदि शक्ति ने कहा बताओ शंकर ने कहा पहले मेरे दो भाइयोँ ब्रह्मा विष्णु को जीवीत करो फिर अपना रुप चेंज करो और तीन रुप मे आओ और हम तीनो सेशादी करो फिर संबंध बनाओ आदि शक्ति ने शर्त मंजुर कर लिया फिर क्या था तीनो महापापी भगवानो ने अपनी माँ जो तीन रुपोमे बंटी थी उससे विवाह कर लिया जब ब्रह्मणो के रचे भगवान इतने नीच थेतो ब्रह्मण लोग कितने नीच होंगेँ
    1) देखो ये ब्रह्मणोँ का ढकोसला क्या कहानी फिट किया पहले तो ब्रह्मांड की मालिक आदि शक्ति बना दिया फिर अपने बनाये भगवान लोग का कनेक्शन भी उससे फिट कर दिया
    2) आदि शक्ति को तीन रुपो मे विभाजित करने के बाद भी केवल उमा देवी यानी शिव की पत्नी को हीँ आदि शक्ति का दर्जा देना शुरु कर दिया बाद मे उमा देवी यानी तथाकथित आदि शक्ति को भी एक कहानी बनाकर यज्ञ मे भस्म करवा दिया और फिर पार्वती देवी का जन्म के बाद उसको आदिशक्ति का जन्म कह दिया और बाद मे पार्वती का कनेक्शन शँकर से फिट कर दिया
    3)कुल मिलाकर आदिशक्ति को ही कहानी मे मार डाला गया और शंकर विष्णु ब्रह्मा को महान और सर्वश्रेष्ठ भगवान बना दिया क्या बकवास कहानी बना दिया।
    मुझे झुंठ बोलने की बिल्कुल आदत नही है मेरे दोस्तो यकिन नही आये तो शिवपुराण को ठिक से पढोपहले जानो फिर मानो आँखबंद करके किसी बात का भरोसा नही किया जाता इसलिये शिवपुराण पढो खुद सच पता चल जायेगा

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  3. भाईयो जरा गौर से सोचना,
    राम, क्रष्ण, विष्णू और शिव ये अभी भगवान थे लेकीन फिर भी ये मर गये ???
    इन लोगो को किसने मारा ???
    क्या इन्हे भी बाकी लोगो की तरह यमराज् ने मर ?????
    लेकीन केहते है कि जिवन और मौत तो भगवान के हाथ मे होती है, ????
    तो फिर आप हि बताईये बड़ा कौन हूआ ??
    भगवान या यमराज ????

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  4. वेदो मे भरी अश्लील बाते..
    अथर्ववेद - अश्लीलता के कुछ नमून अब जिक्र करते है अश्लीलता का
    :- वेदों में कैसी- कैसी अश्लील बातें भरी पड़ी है, इसके कुछनमूने आगे प्रस्तुत किये जाते हैं
    (१) यां त्वा .........शेपहर्श्नीम ||(अथर्व वेद ४-४-१)
    अर्थ : हे जड़ी-बूटी, मैं तुम्हें खोदता हूँ. तुम मेरे लिंगको उसी प्रकार उतेजित करो जिस प्रकार तुम नेनपुंसक वरुण के लिंग को उत्तेजित किया था.
    (२) अद्द्यागने............................पसा:||(अथर्व वेद ४-४-६)
    अर्थ: हे अग्नि देव, हे सविता, हे सरस्वती देवी, तुम इसआदमी के लिंग को इस तरह तान दो जैसे धनुषकी डोरी तनी रहती है
    (३) अश्वस्या............................तनुवशिन ||(अथर्व वेद ४-४-८)
    अर्थ : हे देवताओं, इस आदमी केलिंग में घोड़े, घोड़े के युवा बच्चे, बकरे, बैल और मेढ़े केलिंग के सामान शक्ति दो
    (४) आहं तनोमि ते पासो अधि ज्यामिव धनवानी,क्रमस्वर्श इव रोहितमावग्लायता(अथर्व वेद ६-१०१-३)
    मैं तुम्हारे लिंग को धनुष की डोरी के समान तानता हूँताकि तुम स्त्रियों में प्रचंड विहार कर सको.
    (५) तां पूष...........................शेष:|| (अथर्व वेद १४-२-३८)
    अर्थ : हे पूषा, इस कल्याणी औरतको प्रेरित करो ताकि वह अपनी जंघाओं को फैलाएऔरहम उनमें लिंग से प्रहार करें.
    (६) एयमगन....................सहागमम || (अथर्व वेद २-३०-५)
    अर्थ : इस औरत को पति की लालसा है और मुझेपत्नी की लालसा है. मैं इसके साथ कामुक घोड़े की तरहमैथुन करने के लिए यहाँ आया हूँ.
    (७) वित्तौ.............................गूहसि (अथर्व वेद २०/१३३)
    अर्थात : हे लड़की, तुम्हारे स्तन विकसित हो गए है. अबतुम छोटी नहीं हो, जैसे कि तुम अपने आपको समझती हो। इन स्तनों को पुरुष मसलते हैं।तुम्हारी माँ ने अपने स्तन पुरुषों से नहीं मसलवाये थे, अत: वेढीले पड़ गए है। क्या तू ऐसे बाज नहीं आएगी? तुम चाहो तो बैठ सकती हो, चाहो तो लेट सकती हो.
    (अब आप ही इस अश्लीलता के विषय में अपना मतरखो और ये किन हालातों में संवाद हुए हैं। येतो बुद्धिमानी ही इसे पूरा कर सकते है ये तो ठीक ऐसा हैजैसे की इसका लिखने वाला नपुंसक हो या फिरशारीरिक तौर पर कमजोर होगा तभी उसने अपनेको तैयार करने के लिए या फिर अपने को एनर्जेटिक महसूस करने के लिए किया होगा या फिर किसी औरतने पुरुष की मर्दानगी को ललकारा होगा)
    तब जाकर इसप्रकार की गुहार लगाईं हो.

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  5. कितना आसान होता है इन महामूर्ख हिन्दूओ को चुतीया बनाना,
    जिस भी किसी हिन्दू या बराह्मणवादी मे थोड़ी भी अक्ल होती है, वो इन बेवकूफो को बडी आसानी से चूतीया बना देता है, जैसे कि तीसरी टागं वाला निर्मल बाबा, झासाराम बापू, बाबा कामदेव, खत्यसाई बाबा, जैसे पाखण्डी इन मूर्खो को चूतीया बना कर, पेशाब बेचकर माला माल हो चुके है.
    मै आप लोगो को उदाहरण के लिये निर्मला बाबा का एक किस्सा सुनाता हु.
    एक बार सुबह के समय मे भी इस पाखण्डी निर्मल बाबा का कार्यक्रम टि.वी. पे देख रहा था तो मैने देखा कि कैसे इस पाखण्डी ने एक मूर्ख हिन्दू व्यक्ति को कैसे चुतीया बनाया. और् कितना हास्यप्रद सुझाव दिया.बाबा और भक्त के बिच जो बाते हुई वो इस प्रकार है.
    भक्त :- बाबा जी प्रणाम, बाबा मेरे जिवन मे बहूत परेशानिया है, मेरा व्यवसाय बहूत बूरा चल रहा है,निर्मल
    बाबा :- क्या तुमने कभी किसी बन्दर की हजामत (cutting) बनाई है ???
    भक्त :- जी नही बाबाजी.
    निर्मल बाबा :- ओह तभी क्रिपा रूकी हूई है, आजा हि जाकर किसी लंगुर जाती के बन्दर की हजामत (cutting) बनाना और एक सफेद भैस की पूछ पर पिले रंग का रिबन बान्ध देना क्रपा आनी शुरु हो जायेगी.
    भक्त :- बाबा की जय हो.
    मूझे पुरा विश्वास है कि उस व्यक्ति ने ये मजाकीया उपाय जरूर किया होगा,

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  6. कुरआन और विज्ञान - परिचय


    SUNNIKING Team


    जब से इस पृथ्वी ग्रह पर मानवजाति का जन्म हुआ है, तब से मनुष्य ने हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि प्राकृतिक व्यवस्था कैसे काम करती है, रचनाओं और प्राणियों के ताने-बाने में इसका अपना क्या स्थान है और यह कि आखि़र खु़द जीवन की अपनी उपयोगिता और उद्देश्य क्या है ? सच्चाई की इसी तलाश में, जो सदियों की मुद्दत और धीर - गम्भीर संस्कृतियों पर फैली हुई है संगठित धर्मो ने मानवीय जीवन शैली की संरचना की है और एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में ऐतिहासिक धारे का निर्धारण भी किया है ।


    कुछ धर्मो की बुनियाद लिखित पंक्तियों व आदेशों पर आधारित है जिन के बारे में उनके अनुयायियों का दावा है कि वह खुदाई या ईश्वरीय साधनों से मिलने वाली शिक्षा का सारतत्व है जब कि अन्य धर्म की निर्भरता केवल मानवीय अनुभवों पर रही है ।

    क़ुरआन पाक, जो इस्लामी आस्था का केंद्रीय स्रोत है एक ऐसी किताब है जिसे इस्लाम के अनुयायी मुसलमान, पूरे तौर पर खु़दाई या आसमानी साधनों से आया हुआ मानते हैं। इसके अलावा क़ुरआन ए पाक के बारे में मुसलमानों का यह विश्वास, कि इसमें रहती दुनिया तक मानवजाति के लिये निर्देश मौजूद है, चूंकि क़ुरआन का पैग़ाम हर ज़माने, हर दौर के लोगों के लिये है, अत: इसे हर युगीन समानता के अनुसार होना चाहिये, तो क्या क़ुरआन इस कसौटी पर पूरा उतरता है?, प्रस्तुत शोध - पत्र में मुसलमानों के इस विश्वास का वस्तुगत विश्लेषण objective analysis पेश किया जा रहा है जो, क़ुरआन के इल्हामी साधन द्वारा अवतरित होने की प्रमाणिकता को वैज्ञानिक खोज के आलोक में स्थापित करती है । मानव इतिहास में एक युग ऐसा भी था जब ‘‘चमत्कार‘‘ या चमत्कारिक वस्तु मानवीय ज्ञान और तर्क से आगे हुआ करती थी चमत्कार की आम परिभाषा है, ऐसी ‘‘वस्तु‘‘ जो साधारणतया मानवीय जीवन के प्रतिकूल हो और जिसका बौद्धिक विश्लेषण इंसान के पास न हो। फिर किसी भी वस्तु को करिश्मे के तौर पर मानने से पहले हमें बहुत बचना पडे़गा जैसे 1993 में ‘‘टाइम्स ऑफ इंडिया‘‘ मुम्बई में एक ख़बर प्रकाशित हुई, जिस में ‘‘बाबा पायलट‘‘ नामी एक साधू ने दावा किया था कि वह पानी से भरे एक टैंक के अंदर लगातार तीन दिन और तीन रातों तक पानी में रहा, अलबत्ता जब रिपोर्टरों ने उस टैंक की सतह का जायज़ा लेने की कोशिश की तो उन्हें इसकी इजाज़त नहीं मिली।
    बाबा ने पत्रकारों को उत्तर दिया किसी को उस मां के गर्भ (womb) का विश्लेषण करने की आज्ञा कैसे दी जा सकती है जिससे बच्चा जन्म लेता है साफ़ जा़हिर है कि ‘‘साधू जी‘‘ कुछ ना कुछ छुपाना चाह रहे थे, और उनका यह दावा सिर्फ़ ख्याति प्राप्त करने की एक चाल थी, यक़ीनन नये दौर का कोई भी व्यक्ति जो तर्क संगत सोच (Rational thinking) की ओर थोड़ा झुकाव रखता होगा ऐसे किसी चमत्कार को नहीं मानेगा। अगर ऐसे झूठे और आधारहीन ‘‘चमत्कार‘‘ अल्लाह द्वारा घटित होने का आधार बने तो नऊज़ू-बिल्लाह हमें दुनिया के सारे जादूगरों को ख़ुदा के अस्ल प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार करना पडे़गा।

    एक ऐसी किताब जिसके अल्लाह द्वारा अवतरित होने का दावा किया जा रहा है उसी आधार पर एक चमत्कारी जादूगर की दावेदारी भी है तो उसकी पुष्टि verification भी होनी चाहिये। मुसलमानों का विश्वास है कि पवित्र क़ुरआन अल्लाह द्वारा उतारी हुई और सच्ची किताब है जो अपने आप में एक चमत्कार है, और जिसे समस्त मानव जाति के कल्याण के लिये उतारा गया है। आइये हम इस आस्था और विश्वास की प्रमाणिकता का बौद्धिक विश्लेषण करते हैं।

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  7. कुरआन और विज्ञान - अंतरिक्ष - विज्ञान (Astrology)

    सृष्टि की संरचना: ‘‘बिग बैंग ‘‘अंतरिक्ष विज्ञान के विशेषज्ञों ने सृष्टि की व्याख्या एक ऐसे सूचक (phenomenon) के माध्यम से करते हैं और जिसे व्यापक रूप ‘‘से बिग बैंग‘‘(big bang) के रूप में स्वीकार किया जाता है। बिग बैंग के प्रमाण में पिछले कई दशकों की अवधि में शोध एवं प्रयोगों के माध्यम से अंतरिक्ष विशेषज्ञों की इकटठा की हुई जानकारियां मौजूद है ‘बिग बैंग‘ दृष्टिकोण के अनुसार प्रारम्भ में यह सम्पूर्ण सृष्ठि प्राथमिक रसायन (primary nebula) के रूप में थी फिर एक महान विस्फ़ोट यानि बिग बैंग (secondry separation) हुआ जिस का नतीजा आकाशगंगा के रूप में उभरा, फिर वह आकाश गंगा विभाजित हुआ और उसके टुकड़े सितारों, ग्र्रहों, सूर्य, चंद्रमा आदि के अस्तित्व में परिवर्तित हो गए कायनात, प्रारम्भ में इतनी पृथक और अछूती थी कि संयोग (chance) के आधार पर उसके अस्तित्व में आने की ‘‘सम्भावना: (probability) शून्य थी। पवित्र क़ुरआन सृष्टि की संरचना के संदर्भ से निम्नलिखित आयतों में बताता है:

    ‘‘क्या वह लोग जिन्होंने (नबी स.अ.व. की पुष्टि) से इन्कार कर दिया है ध्यान नहीं करते कि यह सब आकाश और धरती परस्पर मिले हुए थे फिर हम ने उन्हें अलग किया‘‘(अल - क़ुरआन: सुर: 21, आयत 30)

    इस क़ुरआनी वचन और ‘‘बिग बैंग‘‘ के बीच आश्चर्यजनक समानता से इनकार सम्भव ही नहीं! यह कैसे सम्भव है कि एक किताब जो आज से 1400 वर्ष पहले अरब के रेगिस्तानों में व्यक्त हुई अपने अन्दर ऐसे असाधारण वैज्ञानिक यथार्थ समाए हुए है?

    आकाशगंगा की उत्पत्ति से पूर्व प्रारम्भिक वायुगत रसायन

    वैज्ञानिक इस बात पर सहमत हैं कि सृष्टि में आकाशगंगाओं के निर्माण से पहले भी सृष्टि का सारा द्रव्य एक प्रारम्भिक वायुगत रसायन (gas) की अवस्था में था, संक्षिप्त यह कि आकाशगंगा निर्माण से पहले वायुगत रसायन अथवा व्यापक बादलों के रूप में मौजूद था जिसे आकाशगंगा के रूप में नीचे आना था. सृष्टि के इस प्रारम्भिक द्रव्य के विश्लेषण में गैस से अधिक उपयुक्त शब्द ‘‘धुंआ‘‘ है।

    निम्नांकित आयतें क़ुरआन में सृष्टि की इस अवस्था को धुंआ शब्द से रेखांकित किया है।

    ‘‘फिर वे आसमान की ओर ध्यान आकर्षित हुए जो उस समय सिर्फ़ धुआं था उस (अल्लाह) ने आसमान और ज़मीन से कहा:अस्तित्व में आजाओ चाहे तुम चाहो या न चाहो‘‘ दोनों ने कहा: हम आ गये फ़र्मांबरदारों (आज्ञाकारी लोगों) की तरह‘‘(अल ..कु़रआन: सूर: 41 ,,आयत 11)

    एक बार फिर, यह यथार्थ भी ‘‘बिग बैंग‘‘ के अनुकूल है जिसके बारे में हज़रत मुहम्मद मुस्तफा़ (स.अ.व. )की पैग़मबरी से पहले किसी को कुछ ज्ञान नहीं था (बिग बैंग दृष्टिकोण बीसवीं सदी यानी पैग़मबर काल के 1300 वर्ष बाद की पैदावार है)

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  9. Muhammad ek number ka dhongi farebi aur nich insaan tha. Jo apni bahu betiyo par bhi gandi nazar rakhta ho aur apne saathi ki chhoti bachchi ke saath shadi kare aur sex kare wo nich kya prophet hoga ? God kya dusre mazhab ke logo ko ghaat lagakar maarne gala kaatne aur unki aurto ka rape karne ki baat karega ? Muhammad to itna gira hua tha ki wo kai baar apne naati Hassan ke hoth ar ling(penis) chusta hua dekha gaya.

    Koran Allah ka word nahi hai. Muhammad ne Bible ki nakal karke aur usme apni baate jod kar banaya tha. Wo gira hua insaan to tha hi saath hi waham ka rogi aur nautankibaaz bhi tha. Shuru me usne kaha ki uske pichhe jinn pada hua hai. baad me kahne laga ki wo jinn nahi farista Jibrail hai. Usne quran me apne pahle ki kahi hui kuchh baato ko badal bhi diya ye kahkar ki baate Allag ki nahi balki Shaitaan ki hai. Ab kaun jaanta hai ki kaun si aayat Allah ki hai aur kaun si Shaitan ki bheji hui hai ? Jab Bible badal sakta hai to Koran kyu nahi badal sakta ? Islam ka god apne pahle bheji hui kitaabo ko kyu nahi bacha saka ?

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  10. Islaam aatankwadiyo ka religion hai. Jyadatar aatanki Islam ke maannewale hi hai. Agar Koran kudrat ka paigaam hai to fir Islamic desho me har jagah badamni aur maar kaat kyu macha hua hai ?

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  11. Jab Muslim akramankaari Hindustaan aaye to unhone bahut se Hindu ko musalmaan banaya. bahut se logo ko jabran musalmaan banaya. Kuchh logo ko lalach bhi bhi diya gaya. Lekin un akramankario ke saath aaye mullo aur piro ne bahut se Hindu ko gumrah karke bhi musalmaan banaya. In naye Hinduo ko unhone sirf Quran me likhi achhi baato ko hi bataya. Usme likhi manavta virodhi baato ko nahi bataya. Ab in Hindustaniyo ko arabi bhasha to aati nahi thi na hi Islam ke baare me unhe jyada jankari hi thi. So wo unke jhanse me aa gaye aaj bhi unki aulade un arbo aur turko ke ghulam bane hue hai.

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  12. दुनिया का सबसे पुराना और व्येज्ञानिक धर्म हे हिन्दू धर्म जिसमे कोई भी बुराई नहीं हे । और दुनिया का सबसे बुरा धर्म हे इस्लाम धर्म जो आतंक वाद को बढ़ावा देता हे अपनी चाचा की लड़की को भी नहीं छौडते । हिन्दू धर्म के कोई भी बाबा गलत नहीं हे । इस्लाम का पहला पैगम्बर ही गलत हे जिसने अपने से 20 साल बड़ी औरत से साडी की । इस्लाम का कोई मोरल नहीं हे । ये कभी भी आतंकवादियो की बुराई नहीं करेंगे इन्हें तो सिर्फ हिन्दू संत ही बुरे लगते हे । जय श्री राम

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