मंगलवार, 1 जनवरी 2013

अल्लाह सबसे बड़ा मुशरिक है !


इस्लाम की मान्यताएं अन्तर्विरोध से भरी पड़ हैं .फिर भी इन मान्यताओं के आधार पर इस्लाम सभी गैर मुस्लिमों को पापी और अपराधी मानकर क़त्ल के योग्य समझता है .क्योंकि इस्लाम की नजर में ,हत्या ,बलात्कार , चोरी , जनसंहार जैसे अपराध छोटे और क्षमा योग्य है . परन्तु " शिर्क " को सबसे बड़ा और ऐसा अपराध माना गया है ,जिसे कभी माफ़ नहीं किया जा सकता है .लेकिन बड़ी विचित्र बात है कि रसूल (मुहम्मद ) ने हदीसों में जिस कार्य को शिर्क और महापाप बताया है .और उसी कार्य को अल्लाह बार बार करता है .इस विषय को स्पष्ट करने के लिए हमें शिर्क की परिभाषा समझना जरुरी है ,कुरान के हिंदी अनुवाद के अंत में जो "पारिभाषिकशब्दावली " दी है उसमे "शिर्क " की व्याख्या दी गयी है ,हिंदी कुरान पारिभाषिक शब्द शिर्क पेज 1245.मकतबा . अल हसनात रामपुर 

1-शिर्क क्या है ?
इस्लामी परिभाषा में अल्लाह की सत्ता में किसी को शामिल करना (To associate anyone with Allah Taala) शिर्क شرك‎  कहा जाता है .शिर्क को बहुदेववाद (Polytheism  ) का पर्याय माना जाता है . जो एक अक्षम्य अपराध है .और शिर्क करने वालों को अरबी बहुवचन में " मुश्रिकून مشركون" कहा जाता है .कुरान के अनुसार जो भी व्यक्ति मुशरिक रहते हुए मर जायेगा , वह सदा के लिए जहन्नम की आग में जलता रहेगा .हदीसों में शिर्क के कई रूप बताये गए हैं .यहांतक अल्लाह के अतिरिक्त किसी और के नाम पर कसम (Swearig )खाना या सौगंध ( Oath ) लेना भी शिर्क माना गया है .अरब के मुसलमान बात बात पर अपने बाप दादा और काबा की कसम खाया करते थे . मुहम्मद साहब ने इसे भी शिर्क बताया .और सिर्फ अल्लाह के नाम की कसम खाने का हुक्म दिया . जैसा इन हदीसों में कहा गया है .

2-सिर्फ अल्लाह की कसम खाओ 
कुरान और हदीसों में शपथ और कसम के "हलफ حلف"और "कसम قسم" शब्द प्रयोग किये गए हैं .इन हदीसों में अल्लाह के अलावा किसी वस्तू या व्यक्ति की कसम खाने को शिर्क माना गया है ,

1.बाप दादा की कसम 

उमर ने कहा कि कुरैश के लोग अकसर अपने बाप दादाओं की कसम खाया करते थे ,रसूल ने उनको सिर्फ अल्लाह की कसम खाने को कहा . जो भी अल्लाह के सिवा अपने बाप दादा की कसम खाता है ,वह मुशरिक है .बुखारी -जिल्द 5 किताब 58 हदीस 177

2.-काबा की कसम 
"सअद इब्न उदैबा ने कहा कि एक व्यक्ति ने उमर सामने कहा "काबा की कसम " उमर यह बात रसूल को बताई तो रसूल बोले ,जो भी व्यक्ति अल्लाह के अलावा किसी और चीज की कसम खाता है ,वह मुशरिक है " 
"
عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَيْدَةَ قَالَ  سَمِعَ ابْنُ عُمَرَ رَجُلًا يَحْلِفُ لَا وَالْكَعْبَةِ فَقَالَ لَهُ ابْنُ عُمَرَ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ حَلَفَ بِغَيْرِ اللَّهِ فَقَدْ أَشْرَكَ "
सुन्नन अबी दाऊद -किताब 21 हदीस 2151

( इस हदीस में "हलफ حَلَفَ" शब्द आया है . जिसका अर्थ शपथ Swear होता है )

3-.सिर्फ अल्लाह की कसम खाओ 

"अब्दुल्लाह ने कहा कि रसूल ने कहा है कि सिर्फ अल्लाह की कसम खाया करो . और अल्लाह के सिवा किसी की कसम खाना शिर्क है "
बुखारी -जिल्द 3 किताब 48 हदीस 844
इन हदीसों से सिद्ध होता है कि अल्लाह के अतिरिक्त किसी की कसम खाना शिर्क है , चाहे कोई अल्लाह के घर काबा की कसम भी खाए वह मुशरिक माना जायेगा , और मर कर जहन्नम जायेगा .
लेकिन जब कुरान में अनेकों बार खुद अल्लाह ही ऐसी चीजों की कसमें खाता है , जिनकी कसमें खाना हदीसों में शिर्क बताया गया ,तो इस्लाम के शिर्क की परिभाषा में शंका होती है ,कुरान से ऐसे कुछ सबूत दिए जा रहे हैं
4-अल्लाह किसकी कसमें खाता है ?
अक्सर देखा गया है कि जब किसी के पास कोई पुख्ता प्रमाण नहीं होते , तो वह अपनी सत्यता साबित करने के लिए कसम खाता है .इसीलिए अल्लाह ने अपनी बातों सही साबित करने के लिए हर चीज की कसमें खा डाली हैं , जिनके कुछ नमूने देखिये .
1.चाँद की कसम 
चाँद का इस्लाम में बहुत महत्त्व है ,चाँद देख कर ही रोज खोला जाता , ईद होती है , इसलिए अल्लाह ने चाँद की कसम खायी होगी ,और कहा ,
कसम है चाँद की "सूरा -मुदस्सिर -74:32
कसम है चाँद की ,जब वह छुप जाये "सूरा -शम्श 91:2 
2.रात की कसम 
सब जानते हैं कि चोरों को हमेशा घनी काली अँधेरी रात अच्छी लगती है , शायद इसीलिए अल्लाह ने रात की कसम खायी होगी ,और कहा ,
कसम है रात की जब वह पूरी तरह से छा जाये "सूरा -लैल 92:1
3.देखी अनदेखी चीजों की कसम 
इस आयत से साफ सिद्ध होता है कि मुसलमानों का अल्लाह सर्वद्रष्टा नहीं बल्कि कोई अरबी व्यक्ति था , वर्ना वह ऐसी कसम नहीं खाता ,
मैं खाता हूँ उन चीजों की ,जो दिखाई देती है ,और उन चीजों की भी कसम खाता हूँ जो दिखाई नहीं देती "सूरा -हक्का 68:38-39 
4.कुरान की कसम 
जब मुसलमान कुरान की आयतों को अल्लाह के वचन कहते हैं तो अल्लाह को खुद अपनी कही बातों की कसम खाने की क्या जरुरत पड़ गई , जो ऐसी कसम खा डाली .
कसम है इस नसीहत भरे कुरान की " सूरा -साद 38:1
कसम है कुरान मजीद की "सूरा -काफ -50:1
कसम है इस लिखी हुई किताब की "सूरा -अत तूर -52:2
5-कलम की कसम 
मुसलमानों का दावा है कि मुहम्मद अनपढ़ थे , उन्हें संबोधित करके अल्लाह के कलम की कसम क्यों खायी , और यह क्यों कहा
कसम है उस कलम की , जिस से तुम ( कुरान ) लिखते हो सूरा -कलम 68:1
( चूँकि अल्लाह ने मुहम्मद को संबोधित करके यह कसम खायी है ,इस से सिद्ध होता है मुहम्मद अनपढ़ नहीं थे ,वह लिख पढ़ सकते थे )
6.मुहम्मद के जीवन की कसम 
अगर मुहम्मद सचमुच अल्लाह के प्यारे रसूल थे , तो अल्लाह के खुद अपनी कसम क्यों नहीं खायी ,
"हे मुहम्मद तेरे जीवन की कसम है "सूरा -अल हिज्र 15:72
7.मक्का की कसम 
इस्लाम के परस्पर विरोधी नियमों का इस से बड़ा प्रमाण और कौन हो सकता कि एक् तरफ रसूल काबा की कसम खाने को भी शिर्क बताता है . और दूसरी तरफ खुद अल्लाह मक्का जैसे उजाड़ वीरान शहर की कसम खा रहा है , और कहता है
"नहीं ! मैं उस नगर (मक्का ) की कसम खाता हूँ ,तू ( मुहम्मद ) जिस नगर में रहता है " सूरा -अल बलद 90:1-2
"لَا أُقْسِمُ بِهَٰذَا الْبَلَدِ  "90:1
"وَأَنْتَ حِلٌّ بِهَٰذَا الْبَلَدِ  "90:2
( इस आयत की तफ़सीर में बताया है कि ,मक्का नगर नगर की भूमि बंजर और अनउपजाऊ है ,और न वहां पशुओं को चराने के लिए हरे भरे मैदान हैं .इसलिए मक्का के इन्हीं गुणों कारण अल्लाह ने मक्का नगर की कसम खायी है .)
अल्लाह के द्वारा खायी गयी कसमों के बारे में पूरे जानकारी के लिए देखिये यह विडियो 
http://www.answeringmuslims.com/2011/10/does-allah-commit-shirk.html

हम इस लेख के माध्यम से उन मुल्लों से पूछना चाहते हैं ,जो शिर्क की अंतरविरोधी , बेतुकी परिभाषा के आधार पर हिन्दू और ईसाइयों को मुशरिक बताकर उन पर जिहाद करते हैं .वह मुल्ले बताएं कि हदीस और कुरान के इन सबूतों के आधार पर हम अल्लाह को ही सबसे बड़ा मुशरिक क्यों नहीं कहें ?यातो हदीस झूठी है या कुरान झूठी है ?अब यदि कोई किसी गैर मुस्लिम को मुशरिक कह कर अपमानित करेगा तो सब मिल कर अल्लाह को ही सबसे बड़ा मुशरिक कहने लगेंगे .

http://wikiislam.net/wiki/Allah_the_Polytheist

17 टिप्‍पणियां:

  1. Abe Bihari Logo ko yeh kyun nahi bata raha hai ki Bhagvan Krishna Laundiya Baz the, Bhole Shankar Nasheri the Aur Dropdi Ek randi yani panch patiyo wali thi, Inder Devta Ayyash tha.... Bhole Bhale Hinduon Ko Bevkuf bana raha hai madarchod bahan chod... Likhne se pahle apni bahan ki chut ke bare me soch liya kar

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. Madarchod h tera allah sun le bhadve... Mohammed behanchod tha...evil sale....allah h hijda... Quran evil book..rapist sale..

      हटाएं
  2. jinko bhagwan kahta hai asal me wo sab shaitan ke roop hai jaisa ki bahut si shariyat me hai jaise tumhari Kali mata chehra ek dayan ka....
    Hanuman chehra Bandar ka......
    Ganesh ...... Chehra hathi ka
    Shiv ki sena me Koi Chuha Koi Bail koi cow koi chachundar...Ab Bata asli shaitan kaun hai.....
    Ab bata jhute bandaphodu isko janne ke liye kisi ko kisi kitab me dekhne ki zarurat hai...

    उत्तर देंहटाएं
  3. jab wo sare shaitan janwar the to sare hinduon se insaniyat ki ummid nahi rakh sakte ye bhi to janwaro ke pujak hai.... thik hai na bandapodu mai tera baap hun madarchod

    उत्तर देंहटाएं
  4. suno benamitum bhale kitani galiyan bakte raho .lekin tum is hakikat ko jankar koi jawab nahin de sakoge ki muhamad ne apni hi ladki fatima ko prgnent kiya tha . jald hi ham sabut bhi pesh kar dene vale hain

    उत्तर देंहटाएं
  5. yaha par sabhi katmulle ko koi javab nahi suza is liye gaaliya dene lage. krishna ki baat baad mai karte hai pehele ye batao allah musrik hai ya nahi ? agar nahi hai to sharmaji ne jo dalil pesh ki hai uska logical answer do. varna maan lo ke allah musrik hai.

    उत्तर देंहटाएं
  6. allah ko jis din jaan loge us din islam apna loge, jaise ki duniya ki tamam hastiyon ne apna liya hai, aaj islam puri duniya me teze se phail raha hai, kya koi islam ki ruhani takat se inkarkar sakta hai... Aj bhi Hindu aur sikh, isai mazaro pe line laga ke jate hai kyun, Hindu aurte apne bachcho pe masjid ke bahar namaziyon ki phook lagwati hai de sakte ho jawab ki kya Mandiron ki koi kami ho gai hai...jo mazar or masjido ke dar pe khare rahte ho..

    उत्तर देंहटाएं
  7. duniya mai jisne islam qabula hai usmai jyadatar who log hai jisko 2shaadi karni hai per dusre dharmo ke anusar (govmentke anusarbhi) unko permission nahi milti is liye woh qabul karte hai. unko naahi islam mai or nahi quraan mai dilchaspi hai per apne swarth ke khatar karte hai. hindu ya kisi or dharmo ka anadar karna nahi aata isiliye woh ye karte hai. hindu log sirf mazar pe nahi balke gurudwara, church mai bhi jate hai iska matlab ye nahi jo tum nikal rahe ho.

    hum ne to allah ko jaan liya hai tum bhi jaan lo ki woh ek mushrik hai. agar nahi to uska praman do.


    Note:- yaha pe sab allah ko best batane mai lage hai par koi aisa nahi dikhta jo sharmaji ki baato ko kaat saqe logical. iska siddha matlab ye hai "ALLAH EK MUSHRIK HAI"

    उत्तर देंहटाएं
  8. sharma ji is deshdrohi owesi ke bare me bhi kuchh likhen.

    उत्तर देंहटाएं
  9. अल्लाह गांडू था और मोहम्मद रंडी की औलाद था

    उत्तर देंहटाएं
  10. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  11. 1. http://hindumahashakti.blogspot.in/search?updated-max=2012-07-27T09:49:00-07:00&max-results=1&start=3&by-date=false हकीकत ऐतिहासिक हिन्दु-मुस्लिम राखी भाई-बहनों की....

    2. http://hindumahashakti.blogspot.in/search?updated-max=2012-05-27T06:03:00-07:00&max-results=1&start=7&by-date=false यह पढ़ाया जा रहा है आपके बच्चों को.....

    3. http://hindumahashakti.blogspot.in/search?updated-max=2012-03-06T07:07:00-08:00&max-results=1&start=12&by-date=false हिन्दु से बेशर्म कोई जाति नही.....

    भाईयो, इसमें और जोडना चाहता हूं कि हिन्दू से लालची कोई कौम नहीं। क्यो
    यदि कहीं कोई छोड दे कि अमुख मस्जिद या गिरजा बहुत ही परचम वाला है तथा जाने वाले, दुआ या प्रार्थना करने वाले को बरकत मिलती है, तो तुरंत वहां और कौम से ज्यादा लोगों से हिन्दू लोगों की भीड इकट्ठी हो जायेगी।

    भाईयो, इसमें और जोडना चाहता हूं कि हिन्दू से असंगठित कोई कौम नहीं। क्यो
    हर इलेक्शन में हिन्दुओं के वोट आपस में बंट जाते है और मुस्लिम वोट फतवे के अनुसार दिए जाते है जो कि एक पार्टी या नेता के लिए होते हैं। इस कारण से दिग्गविजय, सिब्ब्ल, जनार्दन, अय्यर गहलोत जैसे नेता पैदा होते हैं।

    भाईयो, इसमें और जोडना चाहता हूं कि हिन्दू से उदासीन कोई कौम नहीं। क्यो
    हिन्दू देवी देवताओ को हम पूजते है, परन्तु अक्सर हमारे इन ईष्टो को हमारे अपने हिन्दू लोग या अधर्मी अपमानजनक अवस्था में व्यक्त कर देते हैं, तब मीडिया जिसमें हिन्दू लोग है विचारो की स्वतंत्रता बताने लगते हैं। और हम कुछ नहीं करते। यही मुस्लिमो या इसाइयो या सिक्खो के बारे मे हो तो वो लोग कुहराम मचा देते है, और वही मीडिया जिसमें हिन्दू लोग है विचारो की स्वतंत्रता का हनन बताने लगते है। हम सोचते है कि हम सडक पर आन्दोलन करने वालो से बहुत ज्यादा उपर स्तर के है, अत: यह नीचा काम हम नही करेंगे।

    यदि आप हिन्दू धर्म को रखने मे, हिन्दू बने रहने मे शान समझते है, तो आप को हिन्दू धर्म की रक्षा करनी होगी जैसा कि महाभारत मे लिखा है
    रक्षितं रक्षति:

    जय हो।

    उत्तर देंहटाएं
  12. Mera Muslim bhaiyo se niwedan hai ki aap apne dharam ki sachchai ko janne ki koshish kyu nahi karte ? Hinduo ke dharm ki burai karne se ye kaha pramanit hota hai ki Islam sachcha dharm hai ? Agar hum ye maan bhi le ki Hindu dharm sahi nahi hai to isse Islam kaise sahi ho jayega ? Aaplog Muhammad ki kahi hui betuki aur mangadhant baato ko tark se sahi sabit nahi kar sakte hai to Hinduo ko gaali dene lagte hai. Darasal Islam dusre dharam ke logo ke prati ghrina aur hinsa par hi aadharit hai. Quran me adhyatm kahi koi charcha nahi hai hai. Sirf Allah ko pujo, Allah se daro, Allah ko nahi pujne wale ka narak me jalne ka bhay dikhana, dusre dharam ke ligo ko maarna aur unhe islam swikaar karne ke liye mazbur karna jaisi baate hi Quran me di hui hai. Quran se hi prerna lekar aaj itne Muslim atankwadi ban rahe hai. Unhe Islam sahi rasta kyu nahi dikha paa raha hai ? Agar islam sabse sahi dharm hai to fir sabse jyada maar kaat aur aatank Muslim desho me hi kyu faila hai ? Kya islam ki roshni kamzor pad gayi ? Agar aap gahrai se bina purvagrah ke Quran aur hadis padhenge to payenge Islam barbar aur aatankiyo ka religion hai. Muslims kahte hai ki Muhammad ek sabse acchhe aur aadarsh insaan the lekin Muuhammad ke dwara kiye gaye maar kaat loot aur jor jabardasti se aisa bilkul bhi nahi lagta hai. Ek chhoti bachchi aur apni bahu se shadi karne wala kisi ka kya adarsh hoga ?

    उत्तर देंहटाएं