मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

हदीस क्या सिखाती हैं ?


मुल्ले मौलवी कुरान के बाद हदीस को प्रमाण मानते हैं , और अक्सर सारे बेतुके फतवे इन्हीं हदीसों के आधार पर देते रहते हैं सुन्नी मुसलमान 6 हदीसों को सही मानते हैं . चूँकि हदीसों का साहित्य काफी विशाल है , इसलिए अधिकांश मुसलमान पूरी हदीसों से अनजान है . लोगों को यह भी पता नहीं है कि हदीसों में क्या लिखा है , उनका स्रोत क्या है , लेंकिन हदीसों का ठीक से अध्ययन करने से पता चलता है कि मुहम्मद साहब को चलते फिरते जो भी जानकारी मिलती थी , वह उसके बारे में जो भी बयान अपने साथियों के सामने देते थे , उनके साथी याद कर लेते थे .जिसे बाद में किताबों के रूप में जमा कर दिया गया था . अरबी में हदीस का बहुवचन " अहादीस " होता है . जिसका अर्थ बातें होता है .मुसलमान हदीस को धर्मग्रंथ इसलए मानते हैं , क्योंकि कुरान भी एक हदीस ही है , जैसा कि कुरान में कहा है ,यानि हदीस और कुरान एक ही बात है .कुरान में लिखा है ,
"اللَّهُ نَزَّلَ أَحْسَنَ الْحَدِيثِ كِتَابًا مُتَشَابِهًا مَثَانِيَ تَقْشَعِرُّ مِنْهُ   "39:23
"अल्लाह ने हदीस की सर्वोत्तम किताब उतारी है , जिसके सभी हिस्से आपस में जुड़े हुए हैं ,और बार बार दोहराए गए हैं . सूरा -अज जुमर 39 :23 
यह हदीसें क्या सिखाती हैं , इसके कुछ नमूने दिए जा रहे हैं ,

1-रसूल की बन्दर बुद्धि 
बन्दर सबकी नक़ल करते हैं , लेकिन रसूल ने बंदरों की नक़ल करके एक कानून बना दिया हो इस्लामी देशों में लागु है
अम्र बिन मैमून ने कहा कि मैंने देखा कि एक जगह कुछ बन्दर एक बंदरिया को घेर कर उसे पत्थर मार रहे थे , क्योंकि बंदरिया ने दूसरे बन्दर के साथ अवैध सम्भोग किया था , मैंने भी पत्थर मारा . और जब रसूल रसूल आये तो उन्होंने भी इतने पत्थर मारे कि बंदरिया मर गयी .
"حَدَّثَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ عَنْ حُصَيْنٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ مَيْمُونٍ قَالَ رَأَيْتُ فِى الْجَاهِلِيَّةِ قِرْدَةً اجْتَمَعَ عَلَيْهَا قِرَدَةٌ قَدْ زَنَتْ ، فَرَجَمُوهَا فَرَجَمْتُهَا مَعَهُمْ . تحفة 

“Sahih” Al-Bukhari Volume 5. Hadith #188

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3849- 10790 ، 19178

2-औरतों की योनी में फ़रिश्ते घुसे 
जो फ़रिश्ते कुरान की आयतें लाते थे अल्लाह उन्हीं को औरतों की योनी में घुसा देता था , जहाँ से वह दुआ करते रहते है ,
अनस बिन मलिक ने कहा कि रसूल ने बताया है , अल्लाह औरतों की योनी में फ़रिश्ते घुसा देता है. वह अन्दर घुसे हुए दुआ करते हैं " अल्लाह इस योनी में एक बूंद वीर्य टपका दे , जिस से अन्दर गोश्त का लोथड़ा जम जाये . तब अल्लाह बच्चा बना देता . और तय करता है कि , लड़का होगा या लड़की . , फिर अल्लाह बच्चे आयु , जीविका और धर्म तय कर देता है . और फ़रिश्ते सारा विवरण लिख लेते हैं .सारी योनी में ही तय हो जाती हैं 
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِى بَكْرِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ – رضى الله عنه – عَنِ النَّبِىِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ « إِنَّ اللَّهَ وَكَّلَ فِى الرَّحِمِ مَلَكاً فَيَقُولُ يَا رَبِّ نُطْفَةٌ ، يَا رَبِّ عَلَقَةٌ ، يَا رَبِّ مُضْغَةٌ ، فَإِذَا أَرَادَ أَنْ يَخْلُقَهَا قَالَ يَا رَبِّ ، أَذَكَرٌ أَمْ يَا رَبِّ أُنْثَى يَا رَبِّ شَقِىٌّ أَمْ سَعِيدٌ فَمَا الرِّزْقُ فَمَا الأَجَلُ فَيُكْتَبُ كَذَلِكَ فِى بَطْنِ أُمِّهِ » . تحفة 1080
. “Sahih” Al-Bukhari Volume 8. Hadith No.594

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3333-

3-चूहे पिछले जन्म के यहूदी हैं 
वैसे तो मुसलमान पूर्व जन्म में विश्वास नहीं करते , लेकिन यहूदियों को नीचा दिखने के लिए चूहों को पूर्व जन्म का इस्राइली बता दिया .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया ,कि पराने ज़माने में इस्राइलियों का एक कबीला खो गया , जिसका आज तक पता नहीं चला . क्योंकि उस पर अल्लाह ने धिक्कार किया था . आजके चूहे वही इस्राइली है , काअब ने तीन बार रसूल से पूछा कैसे , तो रसूल ने कहा इसका सबूत यह है , अगर तुम चूहों को ऊंटनी का दूध पिलाओगे तो वह नहीं पियेंगे , और भेड़ का दूध तुरंत पी लेंगे .
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ عَنْ خَالِدٍ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِى هُرَيْرَةَ – رضى الله عنه – عَنِ النَّبِىِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ « فُقِدَتْ أُمَّةٌ مِنْ بَنِى إِسْرَائِيلَ لاَ يُدْرَى مَا فَعَلَتْ ، وَإِنِّى لاَ أُرَاهَا إِلاَّ الْفَارَ إِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الإِبِلِ لَمْ تَشْرَبْ ، وَإِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الشَّاءِ شَرِبَتْ » . فَحَدَّثْتُ كَعْباً فقَالَ أَنْتَ سَمِعْتَ النَّبِىَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُهُ قُلْتُ نَعَمْ . قَالَ لِى مِرَاراً . فَقُلْتُ أَفَأَقْرَأُ التَّوْرَاةَ تحفة 

Sahih” Al-Bukhari Volume 4. Hadith #524 
Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3305-

4-औरतों को कैसे पटायें 
यह हदीस सिखाती है कि जो चालाक औरतें आसानी से नहीं फंसती है , उनकी किसी कमजोरी का फायदा उठा कर उन से मजे लिए जा सकते हैं ,फिर वह काबू में आ सकती हैं .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया है , औरतें एक पसली (Rib ) कि तरह टेढ़ी होती है , अगर उनको सीधा करने की कोशिश करोगे तो वह टूट जायेंगी . इसलिए उनकी किसी चालाकी को पकड़ो , फिर उनके साथ जितना चाहो उतना मजा करो .
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِى مَالِكٌ عَنْ أَبِى الزِّنَادِ عَنِ الأَعْرَجِ عَنْ أَبِى هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ « الْمَرْأَةُ كَالضِّلَعِ ، إِنْ أَقَمْتَهَا كَسَرْتَهَا ، وَإِنِ اسْتَمْتَعْتَ بِهَا اسْتَمْتَعْتَ بِهَا وَفِيهَا عِوَجٌ »

Sahih” Al-Bukhari Volume 7. Hadith #113 

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.5184-

5-पेशाब करने का रसूली तरीका 
रसूल हमेशा दोहरी नीति अपनाते थे , वह दूसरों के जिस काम को गुनाह बताते थे , वही काम खुद करते और करवाते थे , देखिये
दूसरों के लिए यह कानून है ,
अबू हुजैफा ने कहा कि अबू वैल और अबू मूसा अल अशरी ने रसूल से पेशाब करने के बारे में सवाल किया , तो रसूल ने कहा अगर कोई बनी इस्राइल का आदमी खड़े होकर पेशाब करे , और उसके छींटे कपड़ों पर गिरें , तो उसका उतना कपड़ा काट डालो .
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَرْعَرَةَ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِى وَائِلٍ قَالَ كَانَ أَبُو مُوسَى الأَشْعَرِىُّ يُشَدِّدُ فِى الْبَوْلِ وَيَقُولُ إِنَّ بَنِى إِسْرَائِيلَ كَانَ إِذَا أَصَابَ ثَوْبَ أَحَدِهِمْ قَرَضَهُ . فَقَالَ حُذَيْفَةُ لَيْتَهُ أَمْسَكَ ، أَتَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِماً 
Sahih Bukhari – Vol 1, Book 4. Ablutions (Wudu’). Hadith 226.
अपनों के लिए यह कानून 
अबू हुजैफा ने कहा कि मैंने देखा कि रसूल आये और सब लोगों के सामने खड़े होकर एक ढेर पर पेशाब करने लगे. और उनके पीछे मैं भी खड़ा हो गया .
– حدثنا عبد الله حدثني أبي ثنا أبو نعيم ثنا يونس يعنى بن إسحاق عن أبي إسحاق عن نهيك عن عبد الله السلولي ثنا حذيفة قال : رأيت رسول الله صلى الله عليه وسلم أتى سباطة قوم فبال قائما
Sahih Bukhari –Vol 1, Book 4. Ablutions (Wudu’). Hadith 225.

6-हदीसों का पाखण्ड 
काफी समय से कुछ मुस्लिम लडके यह प्रचार कर रहे हैं कि इस्लाम अपने माता पिता की आज्ञा पालन करने कि शिक्षा देता है , और एक हदीस दिखाते है जिसमे कहा है
"الجنة تحت أقدام من والدتنا "
" माता के कदमों के नीचे जन्नत होती है " 
Ibn Majah, Sunan, Hadith no. 2771). 

लेकिन यह हदीस केवल दिखावा है , क्योंकि कुरान में इस से उलटी बात लिखी है ,कुरान में कहा है
"अगर तेरे माता पिता तुझ पर किसी ऐसी बात को मानने पर दवाब डालें , जो तुझे पसंद नहीं हो , तो तू उनकी बात नहीं मानना "
सूरा -लुकमान 31 :15 

7-हदीसों में सेक्स की दावत 
आज भी कुछ लोग इस भ्रम में पड़े हुए है , कि शायद मुहम्मद साहब ने हदीसों में ऐसी ज्ञान और अध्यात्म कि बातें कही होंगी ,जिन से प्रभावित होकर लोग इस्लाम स्वीकार कर रहे हैं ,लेकिन ऐसा नहीं है . हदीसों में केवल सेक्स की दावत दी जाती है , जैसा कि दिए गए विडियो में एक मुल्ला दे रहा है मस्जिद मेँ दी जा रही वाहियात तालीम की एक झलक

http://www.youtube.com/watch?v=zy0J6ZfpQns&feature=share

" मुल्ला कह रहा है " मुसलमानों तुम अपनी इन पुरानी मैली कुचैली औरतों के चक्कर में नहीं पड़ो , रसूल ने उम्हरे लिए ऐसी औरतों का इंतजाम कर रखा है , जो सदा जवान रहेंगी , उनके कपड़ों के अन्दर उनके सभी अंग दिखेंगे , वह सदा पलंग पर सम्भोग के लिए तैयार रहेंगी . इसलिए तुम्हें पचास मर्दों के बराबर ताकत दी जाएगी . फिर जैसे ही एक औरत निपट जाएगी तुरंत दूसरी आ जाएगी . जन्नत में सिर्फ यही काम चलता रहेगा ."
.बड़े अफसोस कि बात है शिक्षा के नाम पर ऐसी बातें सरकारी अनुदान से चलने वाले मदरसों में पढ़ाई जाती हैं .जिनमे मुस्लिम लड़कियाँ भी तालीम लेती है .
क्या ऐसी हदीसें मुस्लिम लड़कों को " जिगोलो (Gigolo ) लड़कियों को वेश्या नहीं बना रही है ? जवाब दीजिये 

.http://www.websrilanka.com/category/bukhari/

16 टिप्‍पणियां:

  1. किताबों से ही सच का ज्ञान हो सकता है.

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. Tere dharm pustak me muhammad saheb ka naam aya he
    or wo kalki avatar ke rup me likha he tu manata he or ulta samajta he

    or muhammad saheb ke baare me jutha likh raha he.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. Khali Bhok ne se kuch nahi hota.. Muhammed saab ek Pakhand hone ke saath saath ek Criminal bhi the.. Ye Prove hochuka hai.. Aur wo sala Koi dharm Pustak main Nahi ye sift Quran aur hadith ko chhhod ke...
      Muhammed kal ka BACHA Hai.. Aur wo Khud ko TismarKa samajhta tha...

      हटाएं
  4. श्री कृष्ण : भगवान है या बलात्कारी..???

    दशरत राम यदि ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहलाता हैं
    तो वासुदेव नंदन कृष्ण ‘लीला पुरुषोत्तम’ अर्थात कृष्ण
    अपनी अनोखी लीलाओ के कारण जन सामान्य में अधिक लोकप्रिय रहे हैं.

    संभवत: कृष्ण का बचपन नंदगांव और गोकुल में गोपियों के बीच
    बीता. कृष्ण औरतो के मामले में शुरू से ही स्वतंत्र विचार के थे.
    पुराणों के अनुसार उनका मिजाज़ लड़कपन से ही आशिकाना मालूम होता हैं.
    गोपियों के साथ कृष्ण का यौन सम्बन्ध था इस विषय
    में लगभग सारा कृष्ण साहित्य एकमत हैं. इन गोपियों में विवाहित और
    कुमारी दोनों प्रकार की थी वे अपने पतियों, पिताओ और
    भाइयो के कहने
    पर भी नहीं रूकती थी:
    ‘ ता: वार्यमाणा: पतिभि:
    पितृभिभ्रातृभि स्तथा,
    कृष्ण
    गोपांगना रात्रौं रमयंती रतिप्रिया :’
    -विष्णुपुराण, 5, 13/59.
    अर्थात वे रतिप्रिय गोपियाँ अपने
    पतियों,
    पिताओं और भाइयो के रोकने पर भि रात में
    कृष्ण के
    साथ रमण करती थी.

    कृष्ण और गोपियों का अनुचित सम्बन्ध
    था यह बात
    भागवत में स्पष्ट रूप से मोजूद हैं,
    ईश्वर अथवा उस के अवतार माने जाने वाले
    कृष्ण का जन
    सामान्य के समक्ष अपने ही गाँव की बहु
    बेटियों के साथ सम्बन्ध रखना क्या आदर्श
    था ?

    कृष्ण ने गोपियों के साथ साथ ठंडी बालू
    वाले
    नदी पुलिन पर प्रवेश कर के रमण किया.
    वह स्थान
    कुमुद की चंचल और सुगन्धित वायु आनंददायक
    बन
    रहा था. बाहे फैलाना, आलिंगन करना,
    गोपियों के हाथ
    दबाना, बाल (चोटी) खींचना, जंघाओं पर
    हाथ फेरना,
    नीवी एवं स्तनों को चुन, गोपियों के नर्म
    अंगो नाखुनो से नोचना, तिर्चि निगाह से
    देखना,
    हंसीमजाक करना आदि क्रियाओं से
    गोपियों में
    कामवासना बढ़ाते हुए कृष्ण ने रमण किया.

    -श्रीमदभागवत महापुराण 10/29/45
    कृष्ण ने रात रात भर जाग कर अपने
    साथियो सहित
    अपने से अधिक अवस्था वाली और माता जैसे
    दिखने
    वाली गोपियों को भोगा.
    – आनंद रामायण, राज्य सर्ग 3/47
    कृष्ण के विषय में जो कुछ आगे पुरानो में
    लिखा हैं उसे
    लिखते हुए भी शर्म महसूस होती हैं
    की गोपियों के
    साथ उसने क्या-क्या किया इसलिए में निचे
    अब
    सिर्फ हवाले लिख रहा हूँ जहा कृष्ण ने
    गोपियों के
    यौन क्रियाये की हैं-

    – ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्णजन्म खंड 4,
    अध्याय
    28-6/18, 74, 75, 77, 85, 86, 105,
    109,110,
    134, 70.
    – ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्णजन्म खंड 4,
    115/86-88
    कृष्ण का सम्बन्ध अनेक नारियों से रहा हैं
    कृष्ण
    की विवाहिता पत्नियों की संख्या सोलह
    हज़ार एक
    सो आठ बताई जाती हैं. धार्मिक क्षेत्र में
    कृष्ण के साथ
    राधा का नाम ही अधिक प्रचलित हैं. कृष्ण
    की मूर्ति के साथ प्राय: सभी मंदिरों में
    राधा की मूर्ति हैं. लेकिन आखिर ये
    राधा थी कौन?
    ब्रह्मावैवर्त पुराण राधा कृष्ण
    की मामी बताई गयी हैं.
    इसी पुराण में राधा की उत्पत्ति कृष्ण के
    बाए अंग से
    बताई गयी हैं
    ‘कृष्ण के बायें भाग से एक कन्या उत्पन्न हुई.
    गुडवानो ने
    उसका नाम राधा रखा.

    – ब्रह्मावैवर्त पुराण, 5/25-26
    ‘उस राधा का विवाह रायाण नामक वैश्य
    के साथ कर
    दिया गया कृष्ण
    की जो माता यशोदा थी रायाण
    उनका सगा भाई था.

    – ब्रह्मावैवर्त पुराण, 49/39,41,49
    यदि राधा को कृष्ण के अंग से उत्पन्न माने
    तो वह
    उसकी पुत्री हुई . यदि यशोदा के नाते
    विचार करें
    तो वह कृष्ण की मामी हुई.
    दोनों ही दृष्टियो से
    राधा का कृष्ण के साथ प्रेम अनुचित था और
    कृष्ण ने
    अनेको बार राधा के साथ सम्भोग
    किया था ( ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्णजन्म
    खंड 4,
    अध्याय 15) और यहाँ तक विवाह भी कर
    लिया था (ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्णजन्म
    खंड 4,
    115/86-88).
    मित्रो मैन ईस पोस्ट मे कुछ भी गलत नही कहा है.. सारी बाते भविष्य पुरानों के अनुसार प्रमाणीत है.. गलीया गलोच और भगवानो की वकालत करने से पेहले भविष्य पुरानों मे ईसकी जांच करे धन्यवाद..

    उत्तर देंहटाएं
  5. भंडाफोड पढना :=

    दुनिया का सबसे बडा औरतों का शोकीन कृष्ण जिनोहोनें 1 नहीं 100 नहीं ,500 नहीं ,1000 नहीं , 10000 नहीं
    पूरे 16 हजार औरतों से शादी की ।( गीता 15 )

    इन 16 हजार पत्नीयों में 1853 लडकियों की उम्र 14 साल से भी कम थी ।

    दोस्तों अंदाजा तो लगाओ
    16 हजार , ����
    16 हजार , ����
    16 हजार ����

    श्रीमद भागवत महापुराण के अनुसार एक हिंदू राजा के 100 पत्नीयां थी ।����

    अंधविश्वासी लोग मुहम्मद सल्लल्लाहु की 12 पत्नीयों का मजाक बनाते हैं ।

    हमने ( मुस्लिमों ) ने कभी 16 हजार औरतों का कभी श्री कृष्णा का मजाक नहीं बनाया ।

    पर कुछ अंधविश्वासी लोग जानबूझकर अपनें भगवानों का तमाशा करवाना चाहतें हैं ।

    उत्तर देंहटाएं
  6. बृह. उपनिषद् ( 6/2/13)



    औरत के गुप्तांग योनि पर उगे बाल धुआँ है ।. लिंग प्रवेश अंगारे हैं ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. वेदों में अश्लीलता :=

    योषा वाव गौतमाग्निसतस्य ................. अभिनंदा विस्फुलिंगा॥
    ( छांदोग्य उपनिषद् 5/8/1)

    भावार्थ := हे गौतम , औरत जाति अग्नि है . उस का गुप्तांग ही ईंधन हैं . काम कीरडा के लिए बोलना ही धूआं है. उसी योनि ही ज्वाला है. उस में पुरूष की जननेंद्रिय का प्रवेश ही अंगारे हैं . और हासिल ही चिनगारियाँ हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  8. अथ..................................... एव भवति॥
    बृह. उपनिषद् (6/4/10)

    भावार्थ := अपनी जिस पत्नी के विषय में एेसी इच्छा हो कि वह गर्भ धारण न करे , तो उस की योनि में अपना शिश्न ( लिंग ) डाल कर अंदर बाहर करे उस के मुख से अपना मुख मिलाकर चूबंन करे ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. वेद और कन्या भूरण हत्या :=

    प्रजापतिरनुमति: सिनीवाल्य चीक्लृपत ।
    स्त्रीषूयमन्यत्र दधत पुमांसमु दधदिह ॥
    (अथर्ववेद 6/11/3)

    अर्थात := प्रजापति देवता तथा अनुमति और सिनीवाली नामक देवियों ने गर्भस्थ शिशु की रचना की है , वे कन्याओं को तो और कहीं जन्म दे , किंतु पुत्र को यहाँ अर्थात घर में .

    किया इतनी निचता की बात ईश्वर कर सकता है ????

    किया इतनी घटित वाणी ईश्वर की हो सकती है हरगिज़ नहीं ।

    उत्तर देंहटाएं
  10. -वेदों के सामने तो अश्लील फिल्म भी शर्मा जाए :


    वेदों में कैसी-कैसी अश्लील बातें भरी पड़ी है,इसके कुछ नमूने प्रस्तुत किये जाते हैं :- -"यकास्कौ शकुन्तिकाह्लागीती वंचती | आ हन्ति गमे निगाल्गालिती धारका ||" ( यजुर्वेद २३-२२) - अर्थात - पुरोहित कुमारी-पत्नियोंसे उपहास करते है। पहला पुरोहित कुमारी ( लड़की) की योनि की ओर संकेत करके कहता है कि जब तुम चलती हो तो योनि से 'हल-हल' की ध्वनी निकलती है, मानो चिड़ियाँ चहक रही हो। जब योनि में लिंग प्रवेश करता है, तब 'गल-गल' की ध्वनि निकलती है| - "यकोअस्कैउ शकुन्तक आहाल्गीती वन्चती | विवाक्ष्ट एव ते मुखाम्ध्वयों पा नस्त्वंभी भाष्था||": (यजुर्वेद २३/२३) अर्थात- वे पुरोहित के लिंग की ओर संकेत करके कहती है कि हे पुरोहित, तुम्हारे मुंह से 'हल-हल' की ध्वनि निकलती है, जब तुम बोलते हो, तुम्हारा लिंग तुम्हारे मुंह के ही सामान है, क्योंकि इसमें भी छेद है अत: तुम हम से जबान न चलाओ। तुम भी हमारे जैसे ही हो | - "यां त्वा .........शेपहर्श्नीम ||" (अथर्ववेद ४-४-१) -अर्थ : हे जड़ी-बूटी, मैं तुम्हें खोदता हूँ. तुम मेरे लिंग को उसी प्रकार उतेजित करो जिस प्रकार तुम ने नपुंसक वरुण के लिंग को उत्तेजित किया था. - "अद्द्यागने............................पसा:|| " (अथर्ववेद: ४-४-६) -अर्थ: हे अग्नि देव, हे सविता, हे सरस्वती देवी, तुम इस आदमी के लिंग को इस तरह तान दो जैसे धनुष की डोरी तनी रहती है| - "अश्वस्या............................तनुवशिन ||" (अथर्ववेद: ४-४-८) -अर्थ : हे देवताओं, इस आदमी के लिंग में घोड़े, घोड़े के युवा बच्चे, बकरे, बैल और मेढ़े के लिंग के सामान शक्ति दो| - "आहं तनोमि ते पासो अधि ज्यामिव धनवानी| क्रमस्वर्शइवरोहितमावग्लायता|| "(अथर्व वेद: ६-१०१-३) -मैं तुम्हारे लिंग को धनुष की डोरी के समान तानता हूँ ताकि तुम स्त्रियों में प्रचंड विहार कर सको. - "तां पूष...........................शेष:||" (अथर्ववेद १४-२-३८) -अर्थ : हे पूषा, इस कल्याणी औरत को प्रेरित करो ताकि वह अपनी जंघाओं को फैलाए और हम उनमें लिंग से प्रहार करें. - "एयमगन....................सहागमम ||" (अथर्ववेद २-३०-५) -अर्थ : इस औरत को पति की लालसा है और मुझे पत्नी की लालसा है. मैं इसके साथ कामुक घोड़े की तरह मैथुन करने के लिए यहाँ आया हूँ. - "वित्तौ..........................................गूहसि| "(अथर्ववेद २०/१३३) -अर्थात : हे लड़की, तुम्हारे स्तन विकसित हो गए है. अब तुम छोटी नहीं हो, जैसे कि तुम अपने आप को समझती हो। इन स्तनों को पुरुष मसलते हैं। तुम्हारी माँ ने अपने स्तन पुरुषों से नहीं मसलवाये थे, अत: वे ढीले पड़ गए है। क्या तू ऐसे बाज नहीं आएगी? तुम चाहो तो बैठ सकती हो, चाहो तो लेट सकती हो. ~~~~~~~~ (वेदों की अश्लीलता के ये चंद उदाहरण ही हैं; अधिक अश्लीलतायें देखने के लिए वेदों का अध्ययन करें | साथ ही अगर किसी को शक हो तो भी ग्रन्थ खोलकर इन वेदों की अश्लीलताएं पढ़ सकतें है.)

    उत्तर देंहटाएं
  11. ,हिंदू बाबा

    देख अपनी वेदों की pornography :=

    "वित्तौ..........................................गूहसि| "(अथर्ववेद २०/१३३) -अर्थात : हे लड़की, तुम्हारे स्तन विकसित हो गए है. अब तुम छोटी नहीं हो, जैसे कि तुम अपने आप को समझती हो। इन स्तनों को पुरुष मसलते हैं। तुम्हारी माँ ने अपने स्तन पुरुषों से नहीं मसलवाये थे, अत: वे ढीले पड़ गए है। क्या तू ऐसे बाज नहीं आएगी? तुम चाहो तो बैठ सकती हो, चाहो तो लेट सकती हो. ~~~~~~~~ (वेदों की अश्लीलता के ये चंद उदाहरण ही हैं; अधिक अश्लीलतायें देखने के लिए वेदों का अध्ययन करें | साथ ही अगर किसी को शक हो तो भी ग्रन्थ खोलकर इन वेदों की अश्लीलताएं पढ़ सकतें है.)

    उत्तर देंहटाएं
  12. अरे आर्य तो इतने निच थे आर्य पशुओं से भी सम्भोग करते थे. दाम ने हिरनी से और सूर्य ने घोड़ी से सम्भोग किया. अश्वमेध यज्ञ में औरत का मृत घोड़े से सम्भोग कराया जाता था.")देखें, महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रकाशित, डॉ.बाबासाहब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज़ खंड ३ के पृष्ठ १५३-१५७( स्वामी दयानंद ने, यजुर्वेद भाष्य )पृष्ठ ७८८( में लिखा है: अश्विम्याँ छागेन सरस्वत्यै मेशेगेन्द्रय ऋषमें )यजुर्वेद २१/६०( अर्थात: प्राण और अपान के लिए दु:ख विनाश करने वाले छेरी आदि पशु से, वाणी के लिए मेढ़ा से, परम ऐश्वर्य के लिए बैल से-भोग करें. वेदों में दर्ज कुछ और नमूने अश्लील नमूने :-वेदों में दर्ज कुछ और नमूने अश्लील नमूने :-इन्द्राणी कहती है :- न सेशे .................उत्तर: )ऋगवेद १०.८६.१६( अर्थ :- हे इन्द्र, वह मनुष्य सम्भोग करने में समर्थ नहीं हो सकता, जिसका पुरुषांग )लिंग( दोनों जंघाओं के बीच लम्बायमान है वही समर्थ हो सकता है, जिस के बैठने पर रोमयुक्त पुरुषांग बल का प्रकाश करता है अर्थात इन्द्र सब से श्रेष्ठ है. इस पर इन्द्र कहता है. न सेशे...........उत्तर. )ऋग्वेद १०-८६-१७(अर्थ :- वह मनुष्य सम्भोग करने में समर्थ नहीं हो सकता, जिसके बैठने पर रोम-युक्त पुरुषांग बल का प्रकाश करता है. वही समर्थ हो सकता है, जिसका पुरुषांग दोनों जंघाओं के बीच लंबायमान है। न मत्स्त्री.............................उत्तर:)ऋग्वेद १०-८६-६(अर्थ :- मुझ से बढ़कर कोई स्त्री सौभाग्यवती नहीं है. मुझ से बढ़कर कोई भी स्त्री पुरुष के पास शरीर को प्रफुल्लित नहीं कर सकती और न मेरे समान कोई दूसरी स्त्री सम्भोग के दौरान दोनों जाँघों को उठा सकती है. ताम.........................शेमम. )ऋग्वेद १०-८५-३७( अर्थ :- हे पूषा देवता, जिस नारी के गर्भ में पुरुष बीज बोता है, उसे तुम कल्याणी बनाकर भेजो, काम के वश में होकर वह अपनी दोनों जंघाओं को फैलाएगी और हम कामवश उसमें अपने लिंग से प्रहार करेंगे.

    उत्तर देंहटाएं
  13. स यामिचछेद................... मयीति॥
    बृह . उपनिषद् ( 6/4/9)

    भावार्थ := पुरूष अपनी पत्नी जिस के समबन्ध में एेसी इच्छा करे कि यह मुझे हृदय से चाहे , उस की योनि में अपनी जननेंद्रिय को प्रवेश कर के और अपनें मुख से मुख को मिला कर , उस उसकी योनि का छूते हुए इस मन्त्र का जम करे - हे वीर्य तुम मेरे हरेक अंग में प्रवेश होते हो ।तुम मेरे अंगों के रस हो ।

    उत्तर देंहटाएं