रविवार, 31 मार्च 2013

मुसलमान नकली नुत्फे की पैदायश ?


शिक्षा के महत्त्व से कोई भी व्यक्ति इंकार नहीं करता . क्योंकि शिक्षा से मनुष्य विनयशील ,और सभ्य बनता है . ऐसा भी माना जाता है कि जैसे जैसे कोई बालक या व्यक्ति जितनी अधिक शिक्षा प्राप्त करता जाता है ,वैसे ही उसके विचार और चरित्र में बुराइयां दूर होती जाती हैं .और ऐसे व्यक्ति किसी एक देश या जाति के लिए नहीं सम्पूर्ण विश्व की भलाई के लिए ही काम करते है ,
लेकिन यह नियम मूसलामानों पर लागु नहीं होता , क्योंकि ऐसे करोड़ों उदहारण है , कि मुसलमान जितने भी अधिक शिक्षित होते जाते हैं , उतने ही अधिक , उग्र , हिंसक ,अपराधी और आतंकवादी बनाते जाते हैं .इनकी मिसाल उस कार या स्कूटर की तरह है , जिसे जितना भी सुधरवाया जाता है , उतने ही ख़राब हो जाते हैं .और जब जाँच कराई जाती है , तो मैकेनिक कहता है " इनमे तो निर्माण सम्बन्धी दोष है (production defect"और इस कार या स्कूटर को सुधारना असंभव है .इसे तो कबाड़खाने में फेक देना चाहिए .क्योंकि इस कार या स्कूटर को बनाने के लिए जो भी पुर्जे लगाये गए हैं ,वह स्तर हीन ( below standard ) हैं . यही कारण है कि अफजल गुरु , और डेविड हेडली राणा जैसे सभी शिक्षित मसलमान कट्टर आतंकवादी पाए जाते है .क्योंकि इनकी पैदायश में ही खोट ( defect in manufacture ) है ,इस लेख में इसी रहस्य से पर्दा उठाया जा रहा है .और सभी तथ्य कुरान और हदीस से प्रमाणित हैं ,
1-मुसलमानों की फितरत समान है
फितरत अरबी शब्द है ,जिसे "फितरह  فطرة " भी बोला जाता है .हिंदी में इसके अर्थ स्वभाव ' प्रकृति ' या' वृत्ति ' होते हैं .और अंगरेजी में फितरत के अर्थ ‘disposition’nature’instinct’होते हैं .सभी मुसलमानों की फितरत बिलकुल एक जैसी होती है , यह इन हदीसों से साबित होता है ,
"अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने हमें बताया है ,कि जैसे ही मुसलमानों का बच्चा पैदा होता है .अल्लाह उसकी फितरत बना देता है . जो मरते समय तक वैसी ही बनी रहती है .और जिस से यहूदियों , ईसाइयों और मुसलमानों के बीच का फर्क पता चल जाता है "

حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ مَا مِنْ مَوْلُودٍ إِلاَّ يُلِدَ عَلَى الْفِطْرَةِ فَأَبَوَاهُ يُهَوِّدَانِهِ وَيُنَصِّرَانِهِ وَيُشَرِّكَانِهِ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَ رَجُلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرَأَيْتَ لَوْ مَاتَ قَبْلَ ذَلِكَ قَالَ ‏"‏ اللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا كَانُوا عَامِلِينَ ‏"‏ ‏.‏

 Sahih Muslim, Book 033, Number 6426

"अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा है बिना फितरत के कोई मुस्लिम बच्चा पैदा नहीं होता , चाहे उसके अभिभावक उसे यहूदी , मजूसी , या ईसाई बनाने का प्रयत्न करें .जैसे तुम किसी जानवर के अंग काट दो उसकी फितरत वही रहेगी "
 Sahih al-Bukhari, Volume 2, Book 23, Number 441

2-सभी मुसलमान नुत्फे से बने 

दुसरे लोगों की तरह मुसलमान भी वीर्य यानि नुत्फे से पैदा हुए हैं , यह कुरान की इस आयत से प्रमाणित है ,

" निश्चय ही हमने मनुष्य को गीली मिट्टी के सत से बनाया ,फिर उसे सुरक्षित करके एक जगह टपकती हुई बूंद नुत्फे के रूप में रख लिया ,फिर उस नुत्फे को लोथड़े का रूप दे दिया .फिर उस लोथड़े को बोटी का रूप दे दिया .फिर् बोटियों से हड्डियां बनायी .फिर उन हड्डियों पर मांस चढ़ा दिया .फिर उसका बिलकुल दूसरा ही रूप देकर खडा कर दिया .तो देखो बरकत वाला अल्लाह ही सबसे उत्तम सृष्टिकर्ता है ." सूरा -अल मोमनीन 23:12 से 15 तक 
(इस आयत से साफ पता चलता है कि दुसरे प्राणियों की तरह मुसलमानों का जन्म सबसे पहले वीर्य या नुत्फे से होता है .जो माँ के गर्भाशय में पल बढ़ कर बच्चे के रूप में जन्म लेता है .अर्थात बच्चे के जन्म का महत्त्वपूर्ण और मुख्य आधार " नुत्फा Sperm" ही है )
3-कुरान में वीर्य के नाम 

सम्पूर्ण कुरान में वीर्य को 16 बार तीन विभिन्न नामों से उल्लेख किया गया है ,लेकिन कहीं भी वीर्य के "शुक्राणु Sperm" के बारे में कुछ नहीं लिखा है .इस से स्पष्ट होता है कि अल्लाह और उसके रसूल को वीर्य के बारे में तो ज्ञान था ,लेकिन वीर्य में होने वाले " शुक्राणुओं " के बारे में कोई ज्ञान नहीं था .कुरान में वीर्य के तीन नाम इस प्रकार हैं ,
1. -Nutfah" نطفة "कुरान में यह शब्द 12 बार आया है .और इस शब्द का प्रयोग करते हुए कुरान और हदीस में बताया है कि नुत्फे से ही मनुष्य पैदा होता है .नुत्फा शब्द कुरान की जिन सूरा और आयतों मौजूद है ,उनकी सूरा और आयत नंबर इस प्रकार हैं .nutfah: 16:4, 18:37, 22:5, 23:13, 23:14, 35:11, 36:77, 40:67, 53:46, 75:37, 76:2, 80:19.नुत्फा का अर्थ अरबी शब्द कोष में इस प्रकार बताया है , एक द्रव (liquid ) मना जाता है कि इसी से मनुष्य पैदा होता है 

2.माअ-Maa" ماء  "कुरान में यह शब्द तीन बार आया है . वैसे इसका अर्थ पानी (water ) होता है . लेकिन कुरान में इसका अभिप्राय पुरुष और स्त्री के वीर्य से लिया गया है .(Water. Sometimes used for semen (male or female). यह शब्द कुरान में इस जगह आया है .(Used in this way in verses 32:8 and 77:20, and 86:6).
3.मनी- Maniyy" مني "यह शब्द कुरान में केवल एक ही बार आया है .और पुरुष या स्त्री के वीर्य (Male or female semen )के लिए प्रयुक्त किया गया है .सभी हदीसों में यह शब्द आयशा द्वारा मुहम्मद के  कपड़ों से वीर्य के धब्बे साफ़ करने के प्रसंग में आया है .( It is frequently used in hadith ,that Aisha used to clean semen off Muhammad’s clothes)यह शब्द कुरान की सूरा अल कियामा 75 की आयत 37 में आया है .
4-वीर्य के चालीस चरण 
हदीसों के अनुसार वीर्य की बूंद को बच्चे के रूप में जन्म देने तक चालीस चरण (stages ) पूरा करने पड़ते हैं ,जो इन हदीसों में बताया है ,
"अबू तुफैल ने कहा कि एक बार मैं रसूल के घर गया , वहां अबू शरिया हुजैफा बिन उसैद अल गिफारी भी मौजूद थे। ,और सबके सामने रसूल ने बताया कि जब "नुत्फा " (वीर्य semen ) के माता के गर्भाशय में चालीस चरण ( 40 stages ) पूरे हो जाते हैं , यानि नुत्फा चालीस दिन रात गर्भाशय में पड़ा रहता है , तो एक फ़रिश्ता अन्दर घुस कर नुत्फा को ठीक आकार दे देता है ,और फ़रिश्ता वहीं पर तय कर देता है कि नुत्फा से लड़का बनाया जाए , या लड़की (male or female )" 
सही मुस्लिम -किताब 33 हदीस 6394 

यही बात कुछ अंतर से दूसरी हदीस में भी बतायी गयी है ,
सही मुस्लिम-किताब 33 हदीस 6395 

5-बच्चों में पैतृक समरूपता 
इस बात को विज्ञान भी स्वीकार करता है कि संतान पैदा करने में वीर्य यानि ' नुत्फा " का होना जरुरी है ,और उस वीर्य से लड़का होगा ,या लड़की यह ठीक से बताना मुश्किल होता है और होने वाली संतान पिता या माता में किसके समरूप होगी यह इन हदीसों में बताया गया है .जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है .
1.बाप बेटे में समरूपता 
"अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया है ,यदि पुरुष किसी स्त्री से सम्भोग करते समय स्त्री से पहले स्खलित होता है तो ,उसका होने वाला बच्चा पिता के अनुरूप होगा . और यदि स्त्री पहले स्खलित होती है , तो बच्चा माता के अनुरूप होता है " सही बुखारी -जिल्द 4 किताब 55 हदीस 546

2.माँ बेटी में समरूपता 
"उम्मे सलमाँ ने रसूल से पूछा यदि किसी औरत रात "एहतलामاحتلام-   "यानी स्वप्नदोष(  nocturnal discharge  ) हो जाए , तो क्या उसके लिए गुस्ल (bath ) करना अनिवार्य है , रसूल ने कहा हाँ .यदि किसी औरत रात के समय ( wet-dream ) "एहतलाम احتلام  "हो जाये और उसे पता चले कि उसकी योनि से " माअ Maa" ماء  "( "( वीर्य ) निकल गया ,और वह गुस्ल नहीं करे तो होने वाला बच्चा माता के अनुरूप होगा 
.सही बुखारी -जिल्द 4 किताब 55 हदीस 545 
हो सकता है कि जिन लोगों को शरीर विज्ञानं या भ्रूण विज्ञानं का पता नहीं है ,या कुरान और अल्लाह की ऐसी बातों पर विश्वास कर लेंगे .लेकिन शरीर में वीर्य कहाँ बनता है ,इसके बारे में कुरान में जो भी बताया है ,उसे पढ़कर अल्लाह और उसके रसूल की मुर्खता पर मुसलमान अपना सिर पीटने लगेंगे ,क्योंकि कुरान में कहा है ,
6--वीर्य कहाँ बनता है 
एक साधारण दसवीं कक्षा का विद्यार्थी भी जानता है कि वीर्य और शुक्राणु पुरुष के अंडकोष में तैयार होते हैं , लेकिन कुरान इसे रीढ़ और हंसली की हड्डी में बता रही है , जो इन आयतों दिया है ,
" तो मनुष्य देखे कि वह किस चीज से बना है ,एक उछलते हुए पानी (gushing fluid) से बना है ,जो निकलती है रीढ़ और हंसली के बीच में से (issued from between  loins and ribs) 
"يَخْرُجُ مِنْ بَيْنِ الصُّلْبِ وَالتَّرَائِبِ "
issuing from between the loins [of man] and the pelvic arch [of woman]. (86:7)
सूरा -अत तारिक 86:5 से 7 तक 
पूरी जानकारी के लिए देखिये ,विडिओ 
Quran 86:5-7 Sperm comes from backbone of man & ribs of woman

http://www.youtube.com/watch?v=DtDp7mTnleA

7-वीर्य के बारे में सच्चाई 
विकीपीडया में वीर्य के बारे में इस प्रकार लिखा है ,"वीर्य एक जैविक तरल पदार्थ है, जिसे बीजीय या वीर्य तरल भी कहते हैं, जिसमे सामान्यतः शुक्राणु होते हैं. यह जननग्रन्थि (यौन ग्रंथियां) तथा नर अंगों द्वारा स्रावित होता है और मादा अंडाणु को निषेचित कर सकता है.
(Semen, also known as seminal fluid, is an organic fluid that may contain spermatozoa. It is secreted by the gonads (sexual glands) and  sexual organs of male , and can fertilize female ova.

8-निष्कर्ष 
इन सभी तथ्यों से यह बातें सिद्ध होती हैं कि ,
1.सभी मुसलमानों का स्वभाव एक जैसा होता है , जिसको सुधारना असंभव है .
2.मुहम्मद को झूठ बोलने और लोगों को अंधविश्वासी बनाने की आदत थी .
3.अल्लाह सर्वज्ञ नहीं , बल्कि महा मूर्ख है , उसे इतना भी ज्ञान नहीं कि वीर्य रीढ़ या हंसली में नहीं बल्कि पुरुष के अण्डकोश ( testicles ) में पैदा होता है .
4.अंतिम और महत्त्वपूर्ण बात यह सिद्ध होती है कि मुसलमान जिस वीर्य से बनते हैं वह नकली है .और बनावटी है .क्योंकि वह गैर मुस्लिमों की तरह अंडकोष से नहीं किसी दूसरी जगह से बनाया जाता है .अर्थात defctive और duplicate है .
यही कारण है कि सभी मुसलमान अपराधी और आतंकवादी होते हैं .इनको सुधारने की जगह नष्ट कर देना ही उचित होगा .


http://quranspotlight.wordpress.com/articles/quran-hadith-talmud-galen/#_Toc317621440

6 टिप्‍पणियां:

  1. tune kabhi apni maa se pucha hai ki tu kon se virye se bana hai tera ye lekh pad kar lagta hai ki tu kisi gande virye se, ya feer kote per bahne wale gande virye se bana hai,apni maa se puche ke teri maa kabhi kote per to nahi rahi,lagta hai ki tu kote ki hi paidaish hai,

    उत्तर देंहटाएं
  2. mera spashat abhimat hai kuaran dharm aur adharm ke bich ke antar aur parinam ki vyakhya karta hai.allaah ko poojo matlab keval dharm ko poojo.kafir se ashay adharm se hai.allah keval dharm pasand karte hai riti koi bhi ho.is srishti ke rachayita,palanhar aur sanharak ko hamne bramha,vishnu,mahesh ke nam se pukara.kuaran use allah ka nam diya.kisi ne use parmeshwar ke nam se pukara.hai to vo ak hi.nam aur drishtikon mein kya rakha hai.srishti ke aadi se abhi tak allaah ke sabse ne bande ram hue.kuaran ke anusar kafir ravan aur kansh hai.kuaran aur muslim kaum do do alag vichardhara hai.

    उत्तर देंहटाएं
  3. sbhi musalman ko sudhrana tumhare hisab se sat janm lene ke bad bhi nhi sudhar skoge q k musalman ki 1 sidhi rah aur ek hi mnjil h, ek hi jat h, ek hi allah h,
    tum jaise kutto ko kya pta achai aur burayi kya hoti h, are gali ke kchre k keede, tu kaisa abhagysali h re jo ki tujhe itna nhi pta jis juban se tu bol rha h jiske bare me bol rha h usne hi ye juban diya h, tu is duniya me aaya to usne hi yujhe bheja h.
    kis burayi me tu fas gya re sudher jitni teri jindgi bachi h use ache se nibha le ager acha nhi krkta to bura mat soch,,,musalman ko marne ki bat to door soch bhi mat musalman khoon ka khiladi h, uske seene me aisi jajba h k tuim jaise 100kdo ko le mrega .dimag se ye sab bat nikl le nhi tu kaise mrega kisi ko bhi nhi pta h

    magr afsos ki tu to nikla gli k kachre ka keeda jo ki kachre me hi rhna pasand krta h, thu thu h tum jaise insano pr, tu ma

    उत्तर देंहटाएं
  4. Jin hadeesho ki baatt karte ho wo hdeeshe na mile to kyaa hum tumhati baato ko zhutha samjge ya unhe saccha sabit kar sakte ho.?

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपने कहीं लिखा है की.. सब इंसान अपनी अपनी फितरत ले के जन्मते हैं l यानि कोई मुसलमान जन्म नहीं लेता l यभ आपने ओवैसी को जवाब में कहा था l अब यहाँ हदीस दे रहे हैं आप की ... एक ठिकाने इसी लेख में:....
    ""फितरत जो मरते समय तक वैसी ही बनी रहती है .और जिस से यहूदियों , ईसाइयों और मुसलमानों के बीच का फर्क पता चल जाता है.... Sahih Muslim, Book 033, Number 6426

    """......ऐसा लिखा है और उस के नीचे में: ......
    .""बिना फितरत के कोई मुस्लिम बच्चा पैदा नहीं होता , चाहे उसके अभिभावक उसे यहूदी , मजूसी , या ईसाई बनाने का प्रयत्न करें .जैसे तुम किसी जानवर के अंग काट दो उसकी फितरत वही रहेगी "
    Sahih al-Bukhari, Volume 2, Book 23, Number 441""...
    अब इन दो में से क्या कोई यह दलील नहीं कर सकता की यहाँ फितरत यानि इस्लाम की फितात है? यानि मियाँ लोग.. (लिकिन सब मनुष्य लोग नहीं)_ मुसलमान बन के ही जन्म लेते हैं? या यु कहें की: मुसलमान जनम से होता है? दुसरे शब्दों में: हर इन्सान तोह नहीं ..लेकिन कुछ तोह मुसलमान ही जन्मते हैं? यानि मुसलमान की फितरत में या ले के? थोडा खुइलासा या टी[पपनी केंगे आप? इस पर? ऐसे आप पर अब मुज़े४ शक होने लगा है l अब तक मैं आप पर ज्यादा भरोसा करता था.. लेकिन अब नहीं l अब तोह.. आप पे भरोसा करके दुसरो से कुछ बात करूँगा .. आपके लेख दिखा के या उनके हवालों से... तोह मेरी ही गलती होगी और मई ही तकलीफ में आ सकता हु l

    उत्तर देंहटाएं
  6. आप कभि कुछ और कभी कुछ बोलते हैं.. अध अधुरा या तोडा-मरोड़ा हवाला दे के एक बात करते हैओं.. और बाद में दूसरा कुछ नज़र आता है जब आप कहीं दूसरी बातोमं में उसदी मतलब की हदीसें या आयतें पेश करते हैं l और हो सकता है की आप .. वो... एक्ट १७ अपोलोजेतिक्स की वेबसाइट और अँगरेज़--इसाइओ की झूथियो बातों पर विश्वास करके या उन्हीं को उठा उठा के यहाँ रखते रहते हैनल यह ख़ास इस लिए की मई ने कई बार.. कई बार देखा है की.. जब आपने अंग्रेजी और हिंदी दोनों मेरिन एक ही आयत या हदीस की बात लिखी होती है तोह आपका ... अंग्रेजी कजा हिंदी में अनुवाद बिलकुल गलत है९ l आप को अंग्रेजी नहीं आती.... या फिर आपका सहायक असिस्टेंट को अंग्रेजी नहीं आती l इस तरह गड़बड़ होती है l और आप पे विश्वास कम होता है मेरा या लोगों का l

    उत्तर देंहटाएं