गुरुवार, 28 नवंबर 2013

महिला उत्पीड़न इस्लाम की सौगात !

आज  हम जैसे  ही टी .वी . खोलते  हैं ,या अखबार  पढते हैं  रोज  कहीं  न कहीं बलात्कार और महिलाओं  पर होने वाली  हिंसा   की  खबर  जरुर  मिल   जाती  है , यह लोगों   में  महिलाओं के  प्रति  सम्मान  में   कमी  होने    का  सूचक  है , लेकिन  सब जानते  हैं कि  आज  से  पचास  साल पहले लडके शादी  के   बारे में  भी नहीं   जानते  थे बलात्कार  तो  दूर की   बात  है .दिनों दिन  ऐसे   ही  महिलाओ  पर  होने वाले अपराधों  की  बढती  हुई  संख्या  चिंतनीय   है ,
महिलाओं  पर  होने  वाली  हिंसा(Definition of Violence Against Women)की  परिभाषा  में यह  अपराध   माने  गए  हैं ,लिंग आधारित  भेदभाव ,महिला की  स्वतंत्रता  पर  पाबंदी  लगाना ,शारीरिक या मनसिक  आघात  पहुंचाना ,दहेज  प्रताड़ना ,महिला जननांग  विकृति ,महिलाओं  के  लिए  हानिकारक  प्रथाओं  को बढ़ावा  देना ,कार्यालय में यौन शोषण ,महिला  तस्करी ,जबरन  वेश्यावृति  करवाना ,  बाल  विवाह ,शारीरिक  चोट  पंहुचाना .और  बलात्कार .परन्तु   विश्व  में और भारत में बलात्कार  की  सबसे अधिक  घटनाएं  पायी   जाती  हैं .जिस  से  देश  के  अभी  देश इन  अपराधों पर  अंकुश  लगाना चाहते  हैं , और   हर  साल  पूरे विश्व में 25  नवम्बर को महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस- International Day for the Elimination of Violence against Women(महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस)"मनाया  जाता  है .
http://en.wikipedia.org/wiki/Declaration_on_the_Elimination_of_Violence_Against_Women

   यद्यपि  अंतर्राष्ट्रीय स्तर  पर  महिलाओं  पर  होने वाली  हिंसा  और बलात्कार को रोकने  के लिए उपाय भी   किये जाते  है  , औरकुछ  लोग इसको आधुनिक   काल  की  देन  समझ  लेते   हैं लेकिन वास्तव  में यह  इस्लाम  की  सौगात  है , जो  कई   रूपों  में  सारी दुनिया  में  बँट  रही   है .आज  लोग  इस  सत्य से अनभिज्ञ   है कि  इन अपराधों   कारण  इसलाम  की  महिला  विरोधी शिक्षा  ही   है . और कुरान और हदीस से  यही  बात  साबित होती  है इसके  कुछ  उदहारण दिए    जा रहे   हैं ,

1-औरत को खेती  की  तरह जोतो  
 "औरतें  तुम्हारे  लिए खेती  के समान  है ,तो खेती  में जैसे चाहो  हल चलाओ " सूरा -बकरा 2 :223

"रसूल  ने कहा  कि अल्लाह ने लूत पर कृपा  की , और उसे सबकुछ  करने  की आजादी  देदी . और यदि  मैं  भी उसकी  जगह  होता ,तो  यही  काम  करता  , और मुझे ऐसा करने में  कोई  लज्जा  भी  नहीं आती "
सही बुखारी - जिल्द 6 किताब 60 हदीस 51

नोट- यह हदीस  कुरान  की 2 :223  के  संदर्भ  में  कही  गयी  है , कुरान के अनुसार  लूत  नामके नबी  ने अपनी  पुत्रियां सहवास क लिए  दूसरों  के हवाले  कर  दी थीं .

अबू हुरैरा  ने कहा  कि रसूल ने  कहा  यदि  कोई औरत पति  के साथ सम्भोग  करने   पर राजी  नही होती , तो फ़रिश्ते  उस  से नाराज  हो जाते  हैं , सही बुखारी  -जिल्द4 किताब  54 हदीस 460
अबू हुरैरा  ने कहा  कि रसूल ने  कहा  यदि  कोई औरत पति  के बुलावे   पर  तुरंत सम्भोग  के  लिए  तैयार  नही  होती  , तो जन्नत क फ़रिश्ते उस पर तब  तक धिक्कार  करते रहते  हैं  , जब  तक वह  सम्भोग  नही करवा  लेती "सही मुस्लिम -किताब 8हदीस 3367

इन सबूतों  से सिद्ध  होता  है  कि  इस्लाम  की  नजर में औरतें  सिर्फ  बच्चे पैदा  करने की मशीन  है ,और उनको  किसी के हवाले किया  जा सकता  यही  नहीं  उन से उनकी इच्छा  के विरुद्ध  भी  सम्भोग  किया  जा सकता  है .
2-.पति का दर्जा  पत्नी  से ऊँचा 

हाँ  परुषों  को स्त्रियों  पर  एक दर्जा प्राप्त  है 'सूरा बकरा 2:228 

 इमरान ने कहा कि रसूल  ने बताया  ,मैंने जब  जहन्नम  की  तरफ  देखा   तो  वहाँ अधिकांश  औरतें   ही  भरी  थी '
सही बुखारी जिल्द 7 किताब 62 हदीस 126

अब्दुल्लाह बिन उमर  ने  कहा  रसूल  ने बताया  तीन चीजों  में अवगुण  होते  हैं , घोड़ा ,मकान  और औरत
 सही बुखारी जिल्द 4 किताब 52 हदीस 110


3- विरासत में  पुरषों  को  स्त्रियों  से दोगुना  हिस्सा 

पुरुष  का हिस्सा  दो स्त्रियों  के  हिस्से  के बराबर  है सूरा -निसा 4:21 

हुजैल बिन शीरबाहिल ने  कहा  कि अबू मूसा ने रसूल  से विरासत  में पुत्री  ,पुत्र  की लड़की और  बहिन  के हिस्से  के बारे में सवाल  किया  , तो रसूल बोले पुत्री का आधा हिस्सा और बहिन  का भी  आधा भाग  होगा "  सही बुखारी -जिल्द 8 किताब 80 हदीस 728

हुजैल ने  कहा  कि रसूल  बोले  मैंने विरासत के बारे में यह फैसला किया है कि आधा भाग पुत्री  को . छठवां  भाग  पुत्र की बेटी  को और बाक़ी बचा हुआ बहिन  को मिलेगा " 
सही बुखारी -जिल्द 8 किताब  80 हदीस 734

4-.औरतों  की  गवाही   मर्दों  से आधे  बराबर 

अपने  पुरुषों में से दो गवाहों की गवाही कर लो यदि दो पुरष न हों तो एक पुरष के लिए दो स्त्रियों  को गवाह बना लो "सूरा -बकरा 2:282

 सईदुल खुदरी  ने  कहा  कि रसूल  ने बताया ओरतों   की गवाही  पुरुषों  से आधे  के बराबर  इसलिए मानी  जाती  है ,क्योंकि उनकी समझ में  कमी  होती  है 'सही बुखारी जिल्द 3 किताब 48 हदीस 826

5- हलाला या व्यभिचार 

यदि कोई अपनी  पत्नी को तलाक  दे दे ,तो उस स्त्री  के लिए  जायज  नही  होगा जब  तक वह किसी  दूसरे पति से शादी  न  कर ले  और वह पति भी तलाक दे दे तब इन दौनों  के लिए एक दूसरे  कि तरफ पलटने  में कोई दोष  नही  होगा " सूरा - बकरा 2:230

इस आयत  के स्पष्टीकरण  के  लिए देखिये यह फतवा
पहली और दूसरी  बार  तलाक बोलने पर पत्नी को वापिस  लीया  जा सकता  है ,लेकिन  तीसरी  बार  तलाक  कहने पर पत्नी उसके लिए वर्जित  हो  जाती  है ,जब  तक  वह् किसी दूसरे व्यक्ति से शादी  करके उसके साथ सम्भोग  न  करवा  ले ,इस  विधि  को हलाला  कराना कहा  जाता  है ,

http://islamqa.com/en/ref/70342

6-पकड़ी  गयी  औरतें स्वामी की संपत्ति 

तुम्हारी लिए ऎसी स्त्रियां  हराम  हैं ,जो किसी के निकाह में हों , सिवाय उनके जो पकड़ कर  तुम्हारे कब्जे में  आगयी  हों " सूरा -निसा 4:24 

बुरैदा ने कहा कि रसूल ने ख़ुम्स ( टेक्स )  के रूप में औरतें  पकड़  कर  लाने का आदेश दिया , और जब अली पकड़ी  गयी  एक औरत से साथ बलात्कार  करके  नहा रहा  था तो मैंने देख लिया , और जब यह बात रसूल  को बताई  तो वह बोले इस से अच्छा  ख़ुम्स और  क्या  हो सकता  है "
सही बुखारी -जिल्द 5  किताब 59 हदीस 637

आयशा  ने कहा  कि रसूल इतने सदाचारी थे कि पराई स्त्रियों पर हाथ भी  नहीं  लगाते  थे , लेकिन  पकड़ी  गयी  औरतों  के साथ सम्भोग  किया  करते थे "सही बुखारी -जिल्द 9 किताब 89 हदीस 321

अर्थात  इस्लाम  बलात्कार  को  भी  जायज  मानता  है .

7- पुरुषो   के लिए  चार पत्नियां 

 तुम चाहो  तो  दो दो ,तीन तीन  , और चार  पत्नियां  रख सकते हो " सूरा -निसा 4:3

मिस्वार बिन अकरमा  ने कहा  कि रसूल ने कहा ,बनू हिशाम  बिन  मुग़ीरा  ने अपनी बेटी की शादी अली से करवाने  की अनुमति  मांगी , लेकिन  मैंने  कहा जब तक  अली  मेरी  बेटी  को तलाक  नही  देता ,ऐसा  नही  हो सकता .क्योंकि फातिमा  मेरे शरीर  का हिस्सा है "
सही बुखारी - जिल्द 7 किताब 62 हदीस 157

अर्थात  इस्लाम  पुरुषों  को चार पत्नियां  रखने  की  अनुमति  देता  है , तो स्त्रियों  को भी चार  पति रखने की अनुमति  क्यों  नही देता ?

8-लाटरी  निकाल  कर सम्भोग 

तुम एक ही औरत की तरफ बिल्कुल  नहीं झुक  जाना  ,और दूसरी  को इस तरह  नही  छोड़ देना जिसे कोई अधर  में  लटका   हुआ हो .यदि तुम  स्त्रियों  में न्याय  नहीं  कर सकते "सूरा -निसा 4:129

आयशा ने कहा कि रसूल  जब  भी यात्रा   में बहार जाते थे  लाटरी  निकाल  कर तय करते थे  कि कौन सी पत्नी उनके साथ  सोयेगी "
सही बुखारी  जिल्द 3 किताब 47  हदीस 766 

आयशा ने कहा कि रसूल  पर्ची  निकाल  कर ( लॉटरी )  हरेक औरत के लिए सम्भोग   की  बारी  तय  करते थे . और मैं अक्सर अपनी बारी सौदा  बिन्त जमआ   को दे  देती थी "-मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3451

9-पत्नी  को जब चाहो  पीटो 

यदि  तुम्हारी  औरतें   बात  नहीं  माने ,तो उनको   मारो  और पीटो ,ताकि  वह तुम्हारी  बातें मानने  लगें " सूरा -निसा 4:34

इकिरिमा  ने कहा कि एक औरत आयशा  के पास गयी और अपने बदन  पर पड़े हरे नीले निशान  दिखा कर बोली  कि मुझे  मेरे  पति  ने  पीटा  है ,जिस से  खूब दर्द  हो रहा  है .आयशा ने  उसे रसूल  के पास  भेज  दिया . रसूल  ने स्त्री के पति को बुलाया , उसने  कहा   इस औरत ने  मुझे नपुंसक   कहा था तब  उस व्यक्ति ने अपने  दो बच्चे  दिखा  दिये  ,जो पिता की  तरह काले  थे .  तब रसूल बोले  यह औरत  झूठी  है .तुमने इस  पीट  कर  कोई  गुनाह  नहीं किया "सही बुखारी -जिल्द 7 किताब 72 हदीस 715

कुरान और  हदीस  के इन हवालों  से स्पष्ट  हो  जाता  है कि  महिलाओं  पर होने वाली  हिंसा , प्रताड़ना  , बलात्कार   जैसे जघन्य अपराधो  की  प्रेरणा   लोगों  को इस्लाम    से ही  मिलती है .  चूँकि  सरकार ने देश  को सेकुलर  बना  दिया  है  ,इसलिए  मुसलमानों  की संगती  में  कुछ  हिन्दू  भी इस्लाम  की ऎसी शिक्षा   से प्रभावित  होकर अपराध करने  लगे  है ,इस्लाम  की इस  सौगात  को ठीक  से जानने  के  लिए इस  लिंक  की  तस्वीरें  देखिये 

http://wikiislam.net/wiki/Images:Violence_Against_Women

http://www.answering-islam.org/Authors/Arlandson/women_top_ten.htm


3 टिप्‍पणियां:

  1. मानवता का दुर्भाग्य है की हिन्दू समाज अब भी इस्लाम को समझ नहीं प रहा है।

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  2. fir bhi duniya me log islam ko hi kyu kabul karte he ? kya he islam me aisa jadu ?

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  3. भाई लगे रहो बेनकाब करने में मेहनत रंग लाएगी

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