शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

सेकुलर मुस्लिमों की अल्लाह से गुजारिश ?


"بِسم الله خيرٌ الماكرين "

"बिस्मिल्लाह  ख़ैरुम्माकिरीन "

उस अल्लाह  के  नाम  से  जो सबसे  बड़ा -धोखेबाज -ठग, प्रवंचकऔर झूठा  है "(bestDeceitful, and liar)

हमें यकीन  है  कि आप इस  बात  को  बुरा   नहीं  मानेंगे  ,   आपको याद  ही  होगा  कि खुद आपने  ही  कुरान  सूरा  आले इमरान 3 :54  में  बड़े  ही फख्र  से  खुद  को  सबसे  बड़ा  मक्कार बताया  है  وَاللَّهُ خَيْرُ الْمَاكِرِينَ  "  3:54 -Allah is best deciever .) इसी   लिए  आपके  रसूल  भी आपके इस  नाम  को सार्थक  करने के   जीवन भर  अनपढ़  और  लालची  अरब  के  बद्दुओं   को  इस्लाम  के  बहाने  धोखा  देते  रहे  .इसलिए  बाद की पीढ़ियों   से आज तक   हम   दुनिया  भर  के लोगों  को धोखा  देते  रहते  हैं  , और अपना  उल्लू सीधा  करने  कि  जुगत  में  लगे  रहते  है  . आपको  यह   जान कर ख़ुशी  होगी  कि हमने यह अफवाह फैला  रखी  है  ,कि इस्लाम  के  मायने  शांति ( Peace)   है  . इस सफ़ेद झूठ कई  काफिर  और गैर  मुस्लिम  हमारे झांसे में  फस  जाते  है ,  लेकिन  वह बेवकूफ  यह  नहीं  जानते  कि हम दुनिया  में कबरिस्तान   जैसी  शांति   फैलाना  चाहते  और  ,और ऐसा तब तक   मुमकिन नहीं   हो सकता    है  जब तक   सभी  गैर  मुस्लिम कबरिस्तान   नहीं भेज   दिए  जाते  . इसलिए  हम अपनी असली  मंशा   को छुपाने  के  लिए  गिरगिट  की तरह  रंग  बदल लेते  है  . हमें पक्का यक़ीन  है  कि मक्का  के एक  छोटे  से अँधेरे  कमरे  में रहने  के  बावजूद   दुनिया  भर में  फैले  हुए  आपके  आतंकवादी  मुजाहिदों  ने आपको  यह  खबर  जरूर पंहुचा    दी  होगी  कि  हिंदुस्तान  में  इसी  साल  लोकसभा  के  चुनाव   होने  वाले  हैं   .

इसलिए  हम  खुफिया तौर से यह राज की  बात  बताये देते हैं  कि  इस गुजारिश के उन्वान में  हमने  मुस्लिम लफ्ज  के पहले सेकुलर लफ्ज क्यों  लगा  दिया है  , जबकि आप अच्छी तरह से  जानते  हैं  मुसलमान   सिर्फ  मुसलमान   ही होता  है  , और उसकी नजर   में सभी गैर मुस्लिम   काफिर और  वाजिबुल क़त्ल     होते  हैं   चाहे  वह सेकुलर  ही  क्यों  न  हों  . इसलिए अगर हमें मौका   मिलेगा  तो  हम  उनका भी वैसा  हाल  कर देंगे  जैसा  हमारे  बाप दादाओं  ने  हिंदुओं  का  किया  था  , लेकिन  जब  हमें  पता  चला  कि अगर बड़े से  बड़ा गुनहगार , भ्रष्टाचारी   और वतन फरोश  भी  खुद  को सेकुलर   कहने  लगता  है ,तो यहाँ  की इक्तेदार ( सत्ता  )की  भूखी  सरकार उनके  सभी गुनाह  माफ़  कर  देती  है  . गोया  सेकुलर होना  बेगुनाह  होने   की  सनद  है   .  यही  वजह है कि  हमारे  सैकड़ों  मुजाहिद  , हत्यारे , हिंदुस्तान  में  बेखोफ  होकर  खून  खराबा  करते  रहते  हैं  .

इसके आलावा  खुद को  सेकुलर बताने  के  कई और  फायदे  भी  हैं  आप तो  सब   जानते हैं  कि इस  वक्त हिंदुस्तान के मरकज (केंद्र )  में  एक ऐसी  सरकार  है    , जिसकी  बागडोर  एक  विदेशी    औरत  के  हाथों  में  है  ,  जो अपने    लौंडे  को वजीरे आजम   बनाने  के  लिए  कुछ  भी  कर  सकती  है ,क्योंकि उसकी वजारत ( मंत्री मंडल )  में ऐसे ऐसे  लोग  है  जिनके  नाम  तो हिन्दू  जैसे  हैं  , लेकिन उनकी रगों  में हमारे ही  पुरखों  का  खून  दौड़ रहा है  ,  हमें  अभी तक यह पता  नहीं चल पाया  कि  ऐसे  नेताओं  की माताओं ने    हमारे बाप दादाओं  के साथ  कब  मुंह  काला  किया  था , जिस के नतीजे में  सरकार में हमारे इतने  जादा  मददगार भर  गए , जिस  से  हमारी  हरेक  जायज  नाजायज मांग  फ़ौरन  मंजूर  हो  जाती   है ,
आपको  बताने  के  लिए  हम  कुछ  मिसालें  पेश  कर रहे  हैं  , जैसे ,

अगर हम  कहते हैं  कि  मुसलमान  गरीब  हैं  , तो यह  नामाकूल  सरकार  मुसलमानों  के लिए  खजाने  खोल  देती  है  , जबकि करीब डेढ़  हजार  साल  से  हमारे  पुरखे और  हम  इस  मुल्क  को  लूटते आये  है  , और लूट  के माल  मुसलमानों की  माली हालत ( आर्थिक स्थिति )  सुधारने  की  जगह   मजार , मकबरे  , दरगाह  , और  मस्जिदें   ही  बनाते  रहे ,बताइये  मुसलमान  गरीब  नहीं  तो क्या करोड़पति   हो  जाते ,  फिर भी  हमारा  दीनी  फर्ज है कि हम  कुछ न कुछ   मंगाते  रहें  , और इस काफ़िर सरकार चैन  से नहीं रहने  दें  ,
अगर हम  कहते हैं  कि  मुसलमान  गरीब  हैं  , तो यह  नामाकूल  सरकार  मुसलमानों  के लिए  खजाने  खोल  देती  है  , जबकि करीब डेढ़  हजार  साल  से  हमारे  पुरखे और  हम  इस  मुल्क  को  लूटते आये  है  , और लूट  के माल  मुसलमानों की  माली हालत ( आर्थिक स्थिति )  सुधारने  की  जगह   मजार , मकबरे  , दरगाह  , और  मस्जिदें   ही  बनाते  रहे ,बताइये  मुसलमान  गरीब  नहीं  तो क्या करोड़पति   हो  जाते ,  फिर भी  हमारा  दीनी  फर्ज है कि हम  कुछ न कुछ   मंगाते  रहें  , और इस काफ़िर सरकार चैन  से नहीं रहने  दें  ,
इसी तरह  हम  अगर यह  कहते  हैं  कि मुसलमान  अनपढ़  हैं  , उनकी तालीम  के  लिए सरकार  कुछ  नहीं  करती  ,तो यह सेकुलर सरकार तुरंत हरकत में आ  जाती  है , और रुपयों  के ढेर  लगा  देती  है  , जबकि अनपढ़  होना  शर्म  की  नहीं  बल्कि फख्र  की  बात  है , हमारे  रसूल  तो  भी उम्मी ( अनपढ़ ) थे  .   तालीम  और  इस्लाम  एक दूसरे  के दुश्मन   हैं  . हम  तो  बिना पढ़े  ही दूसरों के ऐसे  फार्मूले  चुराने  में  माहिर  हैं   ,जिन  से  बम  , और विस्फोटक  चीजें  बनाने  में  मदद    मिलती  हो  . पढाई  में दिमाग   ख़राब  करने  से  क्या  फायदा  , हमारे लिए कुरान  ही  काफी  है  , यही  बात  खलीफा  उमर  सिद्दीक   ने  कहा  था   . हम  तो  उसी  पर ईमान  रखते   हैं  . पढना  लिखना  इन  काफिर हिंदुओं  को  मुबारक ,  हम  तो  बिनापढ़े   ही  दुनिया  तो तबाह   और  बर्बाद  करने की कुव्वत  रखते   हैं  .
फिर भी  हम  आपसे  इस नेक  काम  के  लिए  मदद  की गुजारिश   कर रहे  हैं ,क्योंकि  हमें अपना भंडा  फूट  जाने  का  डर  बना   रहता  है , क्योंकि  जैसे  हम   सेकुलर   बन  कर  लोगों  को धोखा  दे रहे  है  ,  और  चुपचाप सरहद  पार  के अपने  जैसे  मुजाहिदों  की मदद  से यहाँ दहशत  फैलते  रहते  हैं  , आप  भी अल्लाह   बन  कर लोगों  को गुमराह  करते रहते  है ,और षडयंत्र  रचते  रहते   है  , शायद आपने  बिना  सोचे समझे  ही  कुरान  में यह  आयत   भेज  दी  होगी   कि ,
"अल्लाह उत्तम षडयंत्र  रचने  वाला  है " सूरा -अनफाल 8 :30 

" وَاللَّهُ خَيْرُ الْمَاكِرِينَ  " 8:30

"God is above all  conspirators"

बताइये अगर  इस आयात   को पढ़  कर लोग हमारी  असलियत और इरादों  के  बारेमे   जान  लेते  तो  क्या  होता  ,
 अल्लाह  जिसको  चाहे भटका  देता  है "सूरा -इब्राहिम 14 :4 


"   فَيُضِلُّ اللَّهُ مَنْ يَشَاءُ    "Sura-Ibrahim 14:4

 God lets go astray him that wills [to go astray],


फिर  भी  हमें  कोई फ़िक्र  नहीं  है  क्योंकि  मोदी  जैसे  हिंदुओं  को इतनी  फुरसत  ही  नहीं  कि  वह  कुरान की इस आयत  का  सही  मतलब  समझने  के लिए अरबी सीखें   .
लेकिन  हमें  तो डर  इटली  की औरत से  है , जो कट्टर  रोमन  कैथोलिक  ईसाई  है  . और  हरेक  काम पोप  की सलाह  से  करती  है   . अगर  उसने   आपकी  ही  किताब इंजील  यानि  बाइबिल  की  यह  आयत    पढ़  ली  तो आप पर  सारी  दुनिया  लानत  भेजने   लगेगी  . इसलिए इंजील  की  यह  आयात हिंदी , अंगरेजी  और  लैटिन   जुबान  के   तर्जुमे  के साथ  दे रहे  हैं  ,

"और सारे संसार  को भरमाने  वाला  वही  पुराना अजगर  सांप  है , जो इब्लीस और शैतान  कहलाता  है "
 बाइबिल-नया  नियम , प्रकाशित वाक्य 12:9

"-that ancient serpent called the devil, or Satan, who leads the whole world astray"

Bible-Revelation -12:9

"serpens antiquus qui vocatur Diabolus et Satanas qui seducit universum "

इस लिए   हमें  आपकी  हरकतों  से  और कुरान और इंजील  की इन  आयतों  को पढ़  कर शक  हो रहा  है  कहीं  आप  सचमुच शैतान  तो  नहीं  हो  .  और अल्लाह  का   रूप धर  कर  लोगों   को  भटका  रहे  हो  ,  जैसे  हम  सेकुलर  बन कर  लोगों   की आँखों  में  धूल झोंक  रहे  हैं  . और  वाकई  आप  शैतान  ही हो तो भी  हमें  आपकी  इबादत  करने  से  कोई  गुरेज  नहीं  ,  क्योंकि  जब  हम  1500  साल  तक  अल्लाह की  इबादत  करने  पर  भी  इंसान  नहीं  बन  सके   शैतान  की  इबादत  से हमारा क्या  बिगड़  जायेगा  . 
फिर भी  आप  जो भी  हो आपसे  यही    गुजारिश  है  कि  लोगों  के दिमाग  में  ऊंटों  की   ऐसी  लीद  भर  जाये  कि  वह  हमारी  असलियत  नहीं  समझ  सकें  ,

हम   हैं   आपके  बन्दे  

"सेकुलर मुस्लिमुल  हिन्द -   السيكولر مسلمالهند    "

9 टिप्‍पणियां:

  1. इस्लाम में अपनी बिबी को पिटना हलाल (जायज) है, लेकिन औरत का बाल भी अजनबी देखें तो यह हराम (नाजायज) है. इस्लामी पुरुष को बहुविवाह और रखैल रखना जायज है, लेकिन औरत के लिये नाजायज है. इस्लाम में पुरुष को 9 साल की लड़की से शादी करके संभोग करना जायज है, लेकिन छोटी उम्र के नासमझ लड़के और लड़कियाँ एक साथ खेलना नाजायज है. इस्लामी पुरुष कमसीन लड़के से संभोग कर सकता है, उसके साथ बच्चाबाजी कर सकता है, यह जायज है. लेकिन दो होमोसेक्सुअल समलैंगिकता नाजायज है. इस्लाम में गैरइस्लामी पुरुषों को मारकर उनकी बेकसुर औरतों पर बलात्कार करना जायज है. यही शरीयत की नैतिकता है. लानत है ऐसी नैतिकता पर और इस तरह की विचारधारा फैलानेवाले तथाकथित अल्लाह के संदेशवाहक और उसकी बलात्कार जायज ठहरानेवाली किताब पर.
    जय हिंद!

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  2. SM Malusare
    लगता है मुस्लिम वोट बँक के लालच में मुलायम सिंग और अखिलेश की मत्त मारी गई है. इस हिंदू विरोधी मौलाना मोहम्मद अली जौहर का कारनाम देखिये, हिंदूओं को मुसलमान बनाने काम करता था यह शख्स. और इसके नाम पर मुल्ला मुलायम सिंग नें जिस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया है, उससे जो विद्यार्थी निकलेंगे वे सब अपने दिमागों का 'जिहादी' 'केमिकल लोच्या' बनाकर ही बाहर आएंगे और भारत की प्रगति में योगदान देने के बजाय बम विस्फोट जैसा पवित्र कार्य करते रहेंगे. मुल्ला मुलायम तो इतने उतावले हो गये हैं की, प्रधानमंत्री बनने की होड में अखिलेश का भी लिंग कटवाकर उसे 'अखलाख' बनाने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी. प्रधानमंत्री पद के लिए बेटे की बली. वाह क्या बात है. जब इटालियन मौसीजी बेटे को प्रधानमंत्री बनाने के चक्कर में एक संवैधानिक राज्य का बँटवारा करने से नहीं चूकी, तो अपने बेटे को ग्वाले से मुस्लिम बनाना कोई बड़ी बात नहीं. और असल में लिंग कटवाने की भी जरुरत नहीं होगी. बस केवल एक एफिडेविट से काम चल जाएगा. जैसे नेहरु का जमाई फिरोज खान से फिरोज गांधी बन गया था. 1930 का गांधीजी का दांडी मार्च तो नमक सत्याग्रह के लिये किया गया था, पता नहीं व्यभिचारी से व्यभिचारी मुसलमान के 'दांडी मार्च' से मोहम्मद अली जौहर की जो अपेक्षाएं थी, उसके बारे में वाचकों को जरूर सोचना चाहिए और इस्लाम नामक इस खरूज को जड़ से उखाड फेंकना चाहिए. तभी भारत का नवनिर्माण संभव है. इस खरूज को खुजलाते रहने से कतिपय प्रगति नहीं होगी, बल्कि मुल्ला मुलायम, इटालीयन मौसीजी जैसे और संधीसाधू, सत्तालोलूप लोगों को भारत को भूगतना पड़ेगा. इसलिए आनेवाले चुनावों में भारी संख्या में सच्चे हिंदूओं को भारी मतों से जिताएँ और भारत नवनिर्माण की पहल करें.
    जय हिंद!

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  3. इस्लाम में सुन्नत के खिलाफ काम करनेवाले लोग
    मुहम्मद आम का फल नहीं खाता था (सर सैयद अहमद का पहला पेपर), इसलिए आम खाना सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद नें कभी मर्सिडिज, बी.एम.डब्ल्यु. में सफर नहीं किया, इसलिए मर्सिडिज, बी.एम.डब्ल्यु. और अन्य गाड़ीयों में सफर करनेवाले सौदी राजपरिवार तथा अन्य मुस्लिम सुन्नत के खिलाफ काम कर रहे हैं, उन्हें इन गाड़ीयों के बजाय घोड़ों, ऊंटों, खच्चरों पर सवारी करनी चाहिए, यही सुन्नत है. मुहम्मद नें कत्ल करने के लिए तलवारें और कुल्हाडीयाँ, खंजर, चक्कू तथा भालों का प्रयोग किया, इसलिए तालिबानी, जिहादी, इस्लामी कट्टरवादी जो ए.के.47 का प्रयोग करके गैरमुस्लिमों को मार रहे हैं, वह सुन्नत के खिलाफ है, उन्हे गैरमुस्लिमों को मारने के लिए हमेशा तलवारें, कुल्हाडीयाँ, खंजर, चक्कू और भालों का प्रयोग करना चाहिेए, ना कि ए.के.47 का. भले ही गैरमुस्लिमों के पास अाधुनिक अग्नीशस्त्र क्यों ना हों. और मुहम्मद के जमाने में मानवीय बम का कोई वजुद ही नहीं था, इसलिए जिहादी मानवीय बम का सहारा लेकर जिहाद को अंजाम देते हैं, वह सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद के जमानें में आलू, टमाटर, पपिता की पैदाईश सौदी अरेबिया में नहीं होती थी, इसलिए वह मुहम्मद नें इन फलों को कभी नहीं खाया, इसलिए आलू, टमाटर, पपिता वगैराह फल खाना सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद के जमानें में एअर कंडीशन नहीं हुआ करता था, इसलिए मस्जिद में एअर कंडीशन लगाना सुन्नत के खिलाफ है. मुहम्मद के जमानें में मुंह पर पावडर मलना, नेल पॉलिश लगाना, हाथों पर मेहंदी लगाना जैसे काम नहीं होते थें, इसलिए आज ऐसे काम करना सुन्नत के खिलाफ है. गधा, लकडबघ्घा आदी का गोश्त खाना सुन्नत है, क्योंकि मुहम्मद नें इन दोनों जानवरों का गोश्त खाया था. टट्टी करने के बाद पानी से गुदा को धोना सुन्नत के खिलाफ है, क्योंकि मुहम्मद पानी का प्रयोग करने के बजाय विषम संख्या के पत्थरों का प्रयोग करता था. इसलिए मुसलमानों को आधुनिक अपार्टमेंटों में भी पत्थर का प्रयोग गुदा स्वच्छ करने के लिए करना चाहिए. टेलिफोन, मोबाईल और कम्प्युटर का प्रयोग सुन्नत के खिलाफ है, क्योंकि मुहम्मद के जमाने में टेलिफोन, मोबाईल और कम्प्युटर नहीं हुआ करता था, उसे हवा से ही जिब्रील अल्लाह का संदेसा भेजता था. इसलिए मुसलमानों को टेलिफोन, मोबाईल और कम्प्युटर का प्रयोग नहीं करना चाहिए, और हवा से संदेसा पाने की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि यह काम सिर्फ उनके आखरी नबी के लिए मुमकिन था. मुसलमानों को आधुनिक काम जैसे बँक में क्लर्क, कैशियर, मैनेजर बनना, कम्प्युटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर बनना इत्यादी काम नहीं करने चाहिए, क्योंकि मुहम्मद के जमानें में इस तरह का काम खुद मुहम्मद और कोई मुसलमान नहीं करता था, वे केवल हाईवे पर जाते हुए कारवाँ की लुटमार, दुसरें काबीलों पर हमला करके उनके जान-माल को लुटना, उनकी औरतों के साथ बलात्कार करना इ. कामों में लिप्त रहते थे. इसलिए आधुनिक मुसलमानों को (आधुनिक शब्द का प्रयोग करनें में संदिग्धता है) बँक में क्लर्क, कैशियर, मैनेजर बनना, कम्प्युटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर बनना इत्यादी काम नहीं करने चाहिए, उन्हें केवल हाईवे पर जाते हुए कारवाँ की लुटमार, दुसरें काबीलों पर हमला करके उनके जान-माल को लुटना, उनकी औरतों के साथ बलात्कार करना इ. कामों में लिप्त रहकर अपनी रोजीरोटी कमानी चाहिए, यही असली सुन्नत है.
    जय हिंद!

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  4. Itne gandi thinking .
    Mader chodo sudhar jao abhi bhi wakt h . Jis din bhe Hindustani Muslim ka dimak ghuma thumari ..............

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  5. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है।

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  6. हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडको को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

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  7. तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

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