शनिवार, 28 जून 2014

भंडाफोडू की बात सच निकली !

सभी लोग  इस  बात को स्वीकार  करेंगे कि  सत्य   ही  धर्म  है  ,इसलिए  बिना  किसी विद्वेष  और दुराग्रह  के लोगों   के सामने  सत्य का प्रचार  करना  हरेक  व्यक्ति   का कर्तव्य  होना  चाहिए ,  वास्तवमे  यह भी  धर्म  का एक रूप  है , क्योंकि देखा  दया है कि सत्य  को त्यागने पर देश  और समाज  के लिए  घातक दुष्परिणाम     भोगना   पड़ते  है  , लेकिन उस  से बड़े  घातक परिणाम  असत्य  को सत्य  और अधर्म को धर्म  समझ   लेने  से होते हैं  . इसका पता हमें  इस्लामी  देशों और  खासकर  ईराक  में  होने  वाली  घटनाओं    से लगता  है  ,
आजकल दुनिया  के  मुसलमान   इस्लाम  के  बहाने आतंक  की  जो  आग  जला  रहे  हैं  ,उसकी  लपटें कभी   भी भारत  तक  पहुँच  सकती  हैं  . और  इस  आग को  और  भड़काने वाले  बाहर नहीं अंदर  के  ही  लोग  होंगे ,जो अपना  जिहादी चेहरा  छुपा  कर सेकुलर बन गए  हैं , और  विभिन्न दलों  में घुस कर भारत  में अव्यवस्था ,फ़ैलाने की योजना  बना  चुके हैं , सिर्फ उपयुक्त  मौके  की तलाश की राह  देख  रहे  हैं  . भंडाफोडू   ब्लॉग  सन  2009  से प्रमाण  सहित इस्लाम  की  इसी  नीति  और धर्म  और शांति  की आड़  में चलाये   जा रहे इस्लाम  के दुष्प्रचार का  भंडा  फोड़ता  आया  है  .और   अपने  तर्कपूर्ण  लेखों  से  देशभक्त  हिन्दुओं  को सचेत  करता  आया  है   .और इस  ब्लॉग ने अपनी  प्रथम  पोस्ट से  लेकर  केवल  दो  साल   में  ही  इस्लाम सम्बंधित विभिन्न विषयों  पर जो  लेख  प्रकाशित  किये   थे  उनमे  दी  गयी  सभी  बातें सही  साबित  हो  रही  हैं ,ऐसे कुछ   विषयों   के शीर्षक  और  लेखों   के प्रकाशन  की तारीख यहाँ  दी   जारही   है , और  साथ में  अखबार  की  वह  खबर भी  दी  जा  रही  है  ,जो ब्लॉग  के लेख  को सत्यापित और प्रमाणित  करती  है ,जैसे

1-अल्लाह  ईश्वर  नहीं   है 
हम  सदा से कहते  रहते  थे  कि अल्लाह  ईश्वर  नहीं  है , ईश्वर  तो मनुष्य  मात्र   का होता  , लेकिन अलाह  अरब  का  एक  देवता  था ,  यही  नही  मुसलमान  कुरान  को  जिस अल्लाह  की रचना  बताते  हैं  ईश्वर ( God )   नहीं   , एक व्यक्ति  था  जो  मर  चूका   है यद्यपि  मुसलमान  इस  सत्य  को  नहीं   मानते  लेकिन आज  इस   बात  को सार्वजनिक  रूप  से कहनेलगे कि  गैर  मुस्लिम अल्लाह का  नाम  नहीं  ले सकते  , अर्थात अल्लाह   सिर्फ अरबों  या मुसलमानों   का उपास्य   है.
अल्लाह कौन था -8/12/2010,अल्लाह की असलियत -20/7/2011,अल्लाह को पहचान लो -21/7/2011,अल्लाह दज्जाल यानि शैतान है -23/8/2011,अल्लाह ईश्वर नहीं है -1/11/2010,अल्लाह मर चुका है -13/6/2012
सभी  अख़बारों ने  इस खबरको  प्रमुखता से  छापा है कि मालशिया  की सुप्रीम  कोर्ट  ने आदेश  दिया  है कि अल्लाह सिर्फ  मुसलमानों का है , और यदि  कोई  गैर मुस्लिम   अल्लाह  का नाम लेगा  तो उसे कठोर सजा दी   जाएगी  .
"On Monday (June 23), Malaysia’s Supreme Court upheld a lower court ruling that found the term “Allah” belonged to Muslims.

इसलिए  यहाँ  के सभी  गैर  मुस्लिमो  खासकर हिन्दुओं   को  चाहिए के  वे अल्लाह  को उसके  असली  नाम " माकिर " कहा   करें , जिसका अर्थ  मक्कार    होता  है  . इस  पर  कोई  केस  नहीं  कर  सकेगा ,  हमारा  लेख  देखिये ,अल्लाह का असली नाम माकिर है -28/3/2012



2-इस्लाम सेकुलरिज्म   का  शत्रु  है 

मुसलमान  गिरगिट  की  तरह  अपना  रंग  बदलने  में माहिर  है  , जब  वह  संख्या  में  कम  होते  हैं  तो सेकुलरिज्म , सर्वधर्म  समभाव  ,  भाईचारे  और  मानवता   की  वकालत  करके अपना  उल्लू  सीधा करने  में लगे रहते ही , लेकिन  जैसे  ही  वह बहुसंख्यक  होजाते हैं  तो इस्लाम  के दूसरे  समुदायों  के  जानी  दुश्मन  बन  जाते  हैं  , पाकिस्तान  में शिया  और अहमदियों  का  हाल  रोज अखबारों  में  आता  है  हमने इस पर कई  लेख  दिए  हैं ,इस्लाम में सभी मुसलमान समान -29/9/2011,इस्लामी पाखंड दोहरी नीति -18/9/2011,इस्लाम शांति या आतंक -4/5/2012
हमारी  यह  बात  मलेसिया  के संविधान  से सबित होती है  , जिसमे शिया   होने पर जेल  और कठोर दंड  देने  का  प्रावधान   है  ,

"Malaysia is no different. Its constitution declares Islam to be the official state religion and allows other religions to practice peacefully. Yet it is illegal and a jailable offense to be a Shiite Muslim in Malaysia.


3-बलात्कार   इस्लाम  में  धार्मिक  कार्य  है 

आज  सम्पूर्ण  भारत में   रोज बलात्कार  की एक से एक जघन्य  घटनाओं  की  भरमार   सी  हो रही   है ,वास्तव  में यह घटनाएँ हो  नहीं रही  हैं , बल्कि योजनाबद्ध  तरीके से गुप्त रूप से करवाई   जा रही  है  , बल्कि जिहादी   लोग   छुप कर मुर्ख  हिन्दुओं  से   करवा रहे  हैं  . क्योंकि बलात्कर   भी  जिहाद  है और  रसूल  की  सुन्नत  है  , यानि  जैसे  रसूल  करते  थे , वैसा ही मुस्लमान   कर  रहे  हैं  या  करवा  रहे  हैं , हमने  इसके बारे में कई  लेख  दिए  थे  जैसे "  बलात्कार जिहाद का हथियार -26/12/2010,हिन्दू लड़की भगाना जायज है -2/5/2010,रसूल की बलात्कार विधि -9/11/2010.

हमारे  लेखों   की  सत्यता इराक  के आतंकी  संगठन ( SIS - Islamic State in Iraq and Syria) जिसका  पूरा नाम  " al-Dawlah al-Islāmīyah fī al-ʻIrāq wa-al-Shām  "   है  .जिसका  पूरा  नाम" अल  दौलतुल  इस्लामिया फिल इराक वश्शाम   -  الدولة الاسلامية في العراق والشام‎  "  इसके  एक  फतवे   से  सिद्ध  हो जाती  है .यह  फ़तवा आतंकी दल   के  मुखिया " अबू  बकर अल बगदादी - أبو بكر البغدادي "  ने 23 जून  2014  को  जारी  किया  था .इस  फ़तवा  में  कहा  है "मुजाहिदों  द्वारा  नीनवे  प्रान्त  को मुक्त  करा  लिया  गया  है  ,  और रूढ़िवादी   सरकार की  सेना  पराजित  हो गयी  है  . हर जगह लोग  मुजाहिदों  का  गर्मजोशी से  स्वागत कर  रहे  है  , जल्द  ही  बाकी  प्रांतों  पर  भी मुजाहिदों   का  कब्ज़ा  हो  जायेगा  , इसलिए सभी निवासियों   का  दायित्व  है कि  वे मुजाहिदों  को खुश  करने के लिए अपनी  कुंवारी  लडकिया  मुजाहिदों  को पेश  करदें , और  जो इस  फतवे के आदेश में चूक  करेगा तो शरीयत  के  मुताबिक  उनको  नतीजा भुगतना  पड़ेगा "

"Now that the liberation of the Nineveh province by the mujahideen is a fact, the mujahideen feel the warm welcoming by their brothers and sisters in the province of Nineveh. Following the defeat of the sectarian army, god willing, we vow that this province will remain safe and protected by the mujahideen.

Therefor, we ask all the people of this province to bring forward unmarried women so they fulfill their duty of pleasing their brothers, the mujahideen. Who ever fails to comply, shall face consequences imposed by the sharia law.

June 13th
Nineveh province"

अरबी  में  पूरा  फ़तवा इस  लिंक  में  दिया गया  है  ,
http://4-ps.googleusercontent.com/h/www.thegatewaypundit.com/wp-content/uploads/2014/06/404x576xISISRapeFatwa.jpg.pagespeed.ic.zsqL1osseb.jpg

बलात्कार के  इस  फतवे में सबसे पहले " बिस्मिलाहिररहमानिर्रहीम "     भी  लिखा  है  ,  यह  बात इस्लाम  को नंगा  करने के लिए  काफी  है  ,

4-मुसलमान  क्या  चाहते  हैं ?

मुसलमानों  की  आदत  बन  गई  है  कि  वे  कर्तव्य  की  जगह हमेशा अधिकारों  की बात  करते रहते ,और  देश  की जगह  इस्लाम  को वरीयता  देतेहैं  , क्यों  इस्लाम  में देशभक्ति गुनाह  है  . उनसे देश  भक्ति  की आशा  करना बेकार  है  ,इस  विषय  पर भी हमने  कई  लेख  दिए  हैं  , की शायद  हिन्दू  अभी  भी सचेत  हो  जाएँ  , लेख  इसप्रकार  हैं  ,आतंकवाद समस्या नहीं जेहादी रणनीति है -26/2/09,इस्लाम में देशभक्ति महापाप है-4/3/09,-इस्लामी जिहाद की हकीकत-22/4/2010,मुसलमान आतंकवाद से इस्लामी हुकूमत चाहते हैं -30/4/2010,
5-धर्मनिरपेक्षता   मूर्खता  है  .
आज  तक  किसी  भी नेता या  व्यक्ति ने  इस  विषय  पर  चर्चा करने की  हिम्मत  नहीं  दिखाई  कि  मुसलमान  सिर्फ  भारत में ही  धर्म निरपेक्षता   की वकालत  क्यों  करते  है  , दुनिया  में  इतने मुस्लिम  देश  हैं  वहां  के  लोगों  को धर्म निरपेक्षता  क्यों  नहीं   सिखाते ?  यह  इनकी    एक चाल है , इनका  जो असली  उद्देश्य   है  , उसका भंडा  इन  लेखों   में फोड़  दिया  गया ,
'घातक है अल्पसंख्यकवाद -17/4/2010,क्या हम अब भी धर्मनिरपेक्ष बने रहेंगे -2/5/2010,

http://bhaandafodu.blogspot.in/


6-हमारा धर्म  और उद्देश्य  क्या होना   चाहिए 

दुर्भाग्य  की  बात  है कि  आजकल   हिन्दू  समाज  केवल  त्यौहार  मनाने , भंडारे  करवाने , जगह  जगह कीर्तन   का आयोजन  करवाने  और  मंदिरों  पर क्विंटलों सोना  चांदी चढाने  को  ही धर्म  समझ  बैठा  है ,और  ऐसा  मानता कि  इस  से  धर्म  की रक्षा   हो  जाएगी , यानि  देश  में धर्म  की स्थापना  हो  जाएगी  .  लेकिन  ऐसा नहीं   है  . धर्म  की  रक्षा  के लिए दुष्टों  , देशद्रोहियों , और आतंकियों  का  नाश  करना  अत्यंत आवश्यक  है  . जैसा कि  स्वयं  भगवान कृष्ण   ने  गीता  में  कहा  है ,
"परित्राणाय  साधूनाम विनाशयायच दुष्कृताम" -गीता अध्याय 4  श्लोक 8


इसलिए हमारा  पहला धर्म आसुरी  शक्तियों  , नाश  करना  होना  चाहिए ,और  यदि किसी  कारण  से  हम शश्त्रों  से  उनका  नाश  नहीं कर  पाएं  तो तर्कों   से  आसुरी  विचारों   का  मुहतोड़  जवाब  अवश्य   देते  रहें , और उनके मंसूबों  को  सफल  नहीं  होने  दें  .  क्योंकि  समाज  जितना  जागरूक  होगौटाना ही सशक्त   होगा  .
चूँकि  धर्म  देश  के बिना  नहीं  रह  सकता  , और देश धर्म  के बिना अपना  प्राचीन  गौरव , और  पहिचान   खो  देगा  , इसलिए देशभक्ति   भी हमारा  धर्म होना  चाहये  . हिन्दुओं   को  इंडोनेशिया   के इतिहास  से सबक  लेना  चाहिए   कि एक  समय  जो  देश हिन्दू  देश  था  , वह मुस्लिम  आबादी बढ़  जाने से इस्लामी  देश  कैसे बन  गया  .
हमारा  दुर्भाग्य है कि आजादी  के बाद  जिस  भारत को  हिन्दू  राष्ट्र घोषित  करना  चहिये था ,उसे कुछ  धूर्त हिंदू  विरोधी  नेताओं  ने सेकुलर  बना  कर इस्लामी   देश  बनने   का रास्ता  खोल  दिया  है.
इस  विषय  पर   हमने 5  साल  पहले ही  एक  लेख  प्रकाशित  किया  था  ,जिसका  शीर्षक  था।

"हिन्दू राज्य की स्थापना कैसे होगी -3/3/09"

7-पाठकों   से विनम्र   निवेदन 

इस लेख  के  माध्यम  से  हम  उन सभी  पाठको से  निवेदन करते  है  ,  जो  भंडाफोडू  ब्लॉग काफी पहले से पढ़ते  आये  है  ,और  जो फेसबुक  में  भी इसके  लेख  पढ़ते   हैं ,कि अपरिहार्य   कारणों  से    इस  ब्लॉग   को  चलाना  मुश्किल    हो  गया है  . अभी  तक  हम  एक पुराने  कम्प्यूटर का प्रयोग करके और इसके बारे में  अल्प  ज्ञान  होने के  बावजूद अकेले ही    अपना  कर्तव्य  निभाने   का प्रयास  करते  रहे  . परन्तु  अचानक आर्थिक  स्थिति  ख़राब हो  जानेसे   ऐसा संभव  नहीं  हो   पा  रहा  है  ,हमें पूरा  विश्वास   है कि  कुछ उदार महानुभाव  या  कोई  हिन्दू  संस्था  हमें सहायता के लिए  आगे  जरूर  आएगी  . हम   उन सब का  हार्दिक  आभार  मानेंगे  . यदि 5 -10  व्यक्ति  मिल  कर  भी कुछ सहायता  कर देंगे  तो भी  मेरा  काम  चल जायेगा .मेरे एकाउंट  का   विवरण  इस प्रकार  है ,


SBI Main T.T. Nagar Branch-Bhopal .M.P.

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भवदीय  , ब्रिज  नंदन  शर्मा

E/Mail - sharma.b304@gmail.com


आपकी  सहायता  मेरे कार्य  के  लिए उपयोगी और मेरा उत्साहवर्धन करने  वाली  होगी , मैं  सभी का हार्दिक  आभार  मानूंगा ,

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7 टिप्‍पणियां:

  1. मुसलमान केवल मक्कार,बलात्कारी, ब्याभिचारी और आतंकवादी है जो सम्पूर्ण दुनिया तबाह करना चाहता है और कुछ नहीं।

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  2. आपका यह लेख विशेष कर ""6-हमारा धर्म और उद्देश्य क्या होना चाहिए ""
    बहुत अछा लग। और मैं samaj ता hu की darm की रखया केलिए हमे मंदिरो मैं सोना चंडी चढ़ाने की जगह। अधर्मिओं से लड़ना चाही ये। सस्त्र से नहीं हो बुद्धिसे, तर्क से…
    और ये बहुत जरुरी है।

    अज्ज कल की इंटरनेट के टाइम मैं, किसी सुचना का प्राप्त होना अति सहज तथा सुलभ होगया है. सो हमें इसकी उपयोग, धर्म के रक्षा हेतु भी करनी chahiye...

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  3. sharma ji mujhe hansi aati ki apmi baat ko sabit krne ke liye kis had tak ja sakte hai aur apne muh miy mitthu bante hai duniya ke har dharm ke log apne dharm ke sansthapak ko apna pita mante hai aap log to nazayaz aulad hai aap ke to teen teen baap hai bhramma vishnu mahesh jo khud ek shaitan the sri lanka is baat ka proof hai aur ab to chautha baap bhi aagya hai sai ya phir sankracharya btaiyye sharma ji reply

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  4. Dunya me pavitra Quran ko like krne wale sabse jyada gair Muslim he bewquf mangadhat dhrm nhi saccha dharma he Islam chutiye such....

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    1. Sale kutte, aankho ke andhe, islam ki sachchai sari duniya dekh rahi hai, tujhe dikhai nahi deti, tum logo ka yahi andhapan tum saare katuo ke khatme ka karan banane wala hai, islam ka namonishan mitane wala hai bahut jald.

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  5. आज की मेरी पोस्ट सिर्फ उन
    मुसलमानों के लिए है जो ये कहते हैं
    की हर मुसलमान बुरा नहीं होता-----
    लगभग रोज ही मुझे मेरी ही पोस्ट
    पर कई मुस्लिम्स कहते हैं कि हर
    मुसलमान बुरा नहीं होता ............... ...... लेकिन जब मैं अपने नजरिये से
    देखता हूँ तो मुझे हर मुसलमान
    बुरा ही लगता है ...... उसकी वजह ये
    ही है कि जब भी मैं कश्मीर ..
    आसाम .. केरल .. और मुस्लिम
    बाहुल्य क्षेत्र के बारे में पढता हूँ और सुनता हूँ तो यही महसूस करता हूँ
    कि वहां तो अच्छे और बुरे
    मुसलमान दोनों ही रहते होंगे न ?
    हिन्दू और मुसलमान अच्छे
    पड़ोसी भी होंगे न ?
    एक दूसरे के संग त्यौहार भी मनाते होने न ? कभी ईद
    की सिवईयां पड़ोसी के घर
    गयी होंगी कभी होली की गुजिया भी इधर
    आयी होंगी ..................... फिर
    अचानक ऐसा क्या गुनाह कर
    दिया हिन्दुओं ने कि उनके साथ मारकाट होने लगी ....................
    फिर अचानक क्या हुआ
    कि सभी मुसलमानों को अपने
    हिन्दू पड़ोसी बुरे लगने
    लगे ? ............ क्यूँ तिरंगा जलाने पर
    ये बुरे मुसलमान के मुंह पर तमाचे नहीं मारते ? क्यूँ हिन्दू लड़की के
    साथ बलात्कार होते वक़्त
    उनकी इज्जत नहीं बचाते ?
    और सबसे बड़ी बात जो मुझे
    खटकती है कि जिस समय बुरे
    मुसलमान हिन्दुओं को मार रहे थे उस समय अच्छे मुसलमानों ने
    रोका क्यूँ नहीं ? एक भी इमाम ..
    उलेमा ने बुरे मुसलमानों के लिए
    कोई फ़तवा जारी क्यूँ
    नहीं किया ????....................
    किसी भी अच्छी मस्जिद से ये आवाज़ क्यूँ नहीं आयी कि एक
    भी हिन्दू मरना नहीं चाहिए
    वो तुम्हारे भाई हैं .... अगर उन्हें मारने
    का गुनाह किया तो अल्लाह तुम्हें
    दोजख की आग में
    जला देगा ? ........................ क्यूँ अच्छे मुसलमानों ने बुरे
    मुसलमानों का हुक्का पानी बंद
    नहीं किया ?...............................
    क्यूँ पूरे हिन्दुस्तान के अच्छे
    मुसलमानों ने सड़क पर उतर के
    विरोध दर्ज नहीं किया ?.............. ............. और कश्मीरी हिन्दुओं
    की जमीन .. मकान... दुकान हड़पने
    के लिए सभी मुसलमान एक क्यूँ
    हो गये ???????????
    आज तक ....... आज तक .....
    अभी तक ...... इस पल तक किसी भी मुस्लिम संगठन ने बुरे
    मुसलमानों के खिलाफ आवाज़ क्यूँ
    नहीं उठाई ?
    क्या मान लिया जाए
    कि हिन्दुस्तान में अच्छे मुसलमान
    आटे में नमक के बराबर रह गये हैं ??????????
    आज अगर हिन्दुस्तान में अच्छे
    मुसलमानों को इज्जत और मान
    सम्मान की नजर से
    नहीं देखा जा रहा तो इसकी वजह
    उनकी ख़ामोशी ही है .............. याद रखिये बुरा करना भी गुनाह है
    और बुरा देख कर खामोश रहना उससे
    भी बड़ा गुनाह है ............... अगर आप
    सच में अच्छे मुसलमान हैं तो आवाज़
    उठाइये उन बुरे मुसलमानों के
    लिए ..... जिनकी वजह से आपका वजूद भी दांव पर लग
    गया ................
    एक बात याद रखियेगा ......... अपने
    ही देश में चाकू छुरे की नोंक पर मान
    सम्मान
    नहीं मिलता बल्कि ................ हिकारत .. नफरत ..... बददुआ
    ही मिलती है ......

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  6. कितना अज़ीब लगता है जब देश
    कि राजधानी कि सड़को पर
    लिखा होता है
    औरंगजेब रोड़...!!!! कौन
    औरंगजेब..??? अरे वही जिसने अपने सात
    भाइयों को मौत के घाट उतार
    दिया..अपने
    ही माँ बाप को जेल में डाल
    दिया और खुद
    सिंहासन पर बैठ गया, हमारे लाखों हिन्दू-सिक्ख भाईयों का कतल कराया, हजारों मन्दिर तोड़े, सिख गुरू तेग बहादुर को बीच चौराह काट डाला, गुरू के बेटों को जिन्दा दीवार में चुनवा दिया, अत्याचार करके जबरदस्ती हिन्दुस्थानियों को मुसलमान बनवाया, महिलाओं का बलात्कार करवाया...

    हमारे देश को लूटने आये
    डकेतों के नाम कि सड़के हमारे
    ही देश में बनी हुई
    है। हमारे देश कि ये हालत केवल और
    केवल नेहरू जैसे सेकुलर भिखारियों कि वजह से हुई है, जिन्होंने
    केवल अपना परिवार बनाया मगर
    देश बनाना भूल गए।

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