शुक्रवार, 7 नवंबर 2014

मुसलमान से दस सवाल !

यह   एक  कटु  सत्य   है  कि   आज    भारतीय   महाद्वीप   में    जितने भी   मुसलमान   हैं   , उनके पूर्वज    कभी   हिन्दू    थे   ,  जिनको    मुस्लिम    बादशाहों   ने   जबरन   मुसलमान    बना   दिया   था  .  लेकिन   दुर्भाग्य   की   बात है  कि   विदेशी   पैसों   के बल पर  इस्लाम   के  एजेंट  ऐसे  हिन्दुओं     का  धर्म  परिवर्तन कराने में  लगे  रहते हैं  ,  जो इस्लाम  की असलियत  से  अनभिज्ञ   हैं  , या जिनको    हिन्दू  धर्म  का आधा अधूरा   ज्ञान   होता   है  , और दुर्भाग्य से  ऐसे  हिन्दू  युवक  , युवतियां    सेकुलर  विचार वाले होते हैं  , तो  इस्लाम   के प्रचारक  आसानी से उनको  इस्लाम  जाल में  फसा  लेते हैं   , इसलिए  इस्लाम    के  चक्कर   में  फसने  से बचने का  एक  ही  उपाय  है  ,कि  इस्लाम   के  एजेंटों  से  तर्कपूर्ण     सवाल  किये   जाएँ   . क्योंकि  इस्लाम सिर्फ ईमान  लाने  पर  ही  जोर  देता  है  , और  अगर कोई  इस्लाम   के  दलालों   से   सवाल   करता   है  , तो यातो   वह  भड़क   जाते हैं  , या  लड़ने  पर  उतारू   हो  जाते  हैं  .
अक्सर  देखा  गया  है  कि  कुछ  उत्साही   हिन्दू   इस्लाम   के  समर्थकों    के साथ शाश्त्रार्थ     किया  करते  हैं   , इसलिए   उनकी  सहायता के लिए दस  ऐसे  सवाल   दिए  जा   रहे  हैं  , जिनका  सटीक  ,  प्रमाण  सहित  और   तर्कपूर्ण    जवाब   कोई  मुल्ला मौलवी    नहीं  दे  सकता  .

1-.मुसलमानों   का दावा  है  कि  कुरान  अल्लाह की  किताब  है   ,लेकिन   कुरान   में  बच्चों  की  खतना   करने का   हुक्म  नहीं   है  ,  फिर भी  मुसलमान   खतना क्यों    कराते   है  ?  क्या   अल्लाह में  इतनी  भी    शक्ति  नहीं   है कि मुसलमानों   के  खतना  वाले   बच्चे   ही  पैदा    कर सके ?और  कुरान  के विरद्ध   काम  करने   से  मुसलमानों   को  काफ़िर   क्यों   नहीं   माना जाए  ?

2-मुसलमान   मानते हैं   कि  अल्लाह  ने फ़रिश्ते  के  हाथो   कुरआन   की  पहली  सूरा   लिखित रूप   में  मुहम्मद  को  दी थी  , लेकिन  अनपढ़ होने से वह  उसे    नहीं   पढ़   सके  , इसके  अलावा   मुसलमान   यह   भी  दावा करते हैं   कि  विश्व  में कुरान   एकमात्र ऐसी  किताब  है जो   पूर्णतयः  सुरक्षित   है   , तो  मुसलमान     कुरान    की   वह    सूरा  पेश   क्यों   नहीं   कर देते    जो  अल्लाह  ने लिख कर भेजी  थी    , इस से  तुरंत  पता हो जायेगा कि वह  कागज   कहाँ   बना था   ? और  अल्लाह   की  राईटिंग   कैसी    थी  ?वर्ना  हम  क्यों   नहीं   माने कि  जैसे  अल्लाह फर्जी   है   वैसे ही  कुरान   भी  फर्जी   है

3. इस्लाम के मुताबिक यदि 3 दिन/माह का बच्चा मर जाये तो उसको कयामत के दिन क्या मिलेगा.-जन्नत या जहन्नुम ? और  किस आधार   पर   ??
4. मरने के बाद जन्नत में पुरुष को 72 हूरी (अप्सराए) मिलेगी...तो स्त्री को क्या मिलेगा...... 72 हूरा (पुरुष वेश्या) .??और  अगर  कोई  बच्चा  पैदा  होते ही  मर   जाये    तो   क्या  उसे भी  हूरें  मिलेंगी   ?  और वह  हूरों   का क्या  करेगा  ?

5.- यदि   मुसलमानों की  तरह  ईसाई   , यहूदी  और  हिन्दू   मिलकर     मुसलमानों  के विरुद्ध  जिहाद  करें    ,  तो  क्या मुसलमान  इसे   धार्मिक   कार्य   मानेंगे   या  अपराध    ?  और  क्यों ?

6-.यदि कोई  गैर  मुस्लिम  (काफ़िर) यदि अच्छे गुणों वाला हो तो भी. क्या अल्लाह उसको जहन्नुम की आग में झोक देगा....? और क्यों ?और, अगर ऐसा करेगा तो.... क्या ये अन्याय नहीं हुआ ??

7.कुरान   के  अनुसार  मुहम्मद  सशरीर  जन्नत   गए  थे  , और  वहां  अल्लाह  से बात भी  की थी   ,  लेकिन  जब अल्लाह  निराकार है  , और उसकी कोई   इमेज (छवि) नहीं है तो..मुहम्मद ने अल्लाह को कैसे देखा ??और   कैसे  पहिचाना  कि यह  अल्लाह   है   , या  शैतान    है  ?
8-  मुसलमानों   का  दावा   है कि      जन्नत  जाते  समय   मुहम्मद   ने  येरूसलम     की   बैतूल  मुक़द्दस   नामकी मस्जिद   में  नमाज  पढ़ी  थी ,लेकिन  वह   मुहम्मद के  जन्म  से पहले ही  रोमन    लोगों  ने  नष्ट  कर दी थी  .  मुहम्मद के  समय उसका  नामो  निशान   नहीं  था  , तो  मुहम्मद  ने उसमे नमाज कैसे पढ़ी थी  ? हम   मुहम्मद को  झूठा   क्यों   नहीं  कहें   ?

9-.अल्लाह ने  अनपढ़  मुहम्मद में  ऐसी   कौनसी   विशेषता   देखी  .  जो  उनको   अपना  रसूल  नियुक्त   कर दिया   ,क्या   उस  समय  पूरे अरब  में एकभी  ऐसा पढ़ालिखा    व्यक्ति   नहीं    था   , जिसे  अल्लाह   रसूल  बना   देता   , और  जब  अल्लाह  सचमुच  सर्वशक्तिमान   है  , तो   अल्लाह  मुहम्मद  को  63  साल   में भी    अरबी  लिखने    या  पढने की    बुद्धि   क्यों नहीं   दे पाया

10.जो  व्यक्ति  अपने  जिहादियों   की  गैंग   बना कर   जगह जगह लूट   करवाता   हो   ,  और लूट के  माल से बाकायदा      अपने लिए पाँचवाँ हिस्सा  (20 %० )  रख   लेता  हो  ,  उसे   उसे  अल्लाह   का रसूल   कहने की  जगह  लुटरों    का  सरदार  क्यों  न   कहें  ?

नोट-  यह  प्रश्नावली    भंडाफोडू    ब्लॉग    के लेखों  से   चुन   कर  बनायी   गयी   है  , जो पिछले   7  सालों   से इस्लाम   के नाम पर   होने वाले  आतंक  और  हिन्दू  विरोधी    जिहाद  का  भंडा   फोड़   करता   आया   है  . इन लेखों   का उद्देश्य  इस्लाम  की  असलियत  लोगों   को बताना है   ,  क्योंकि  इस्लाम   धर्म  नहीं  एक   उन्माद   है   ,  जो  विश्व   के  लिए  विशेष  कर  भारत के लिए  खतरा   है   . पाठकों   से निवेदन   है  कि  वह  भंडाफोडू  ब्लॉग  और  फेसबुक     में  इसी   नाम  के  ग्रुप   के लेखों   को  ध्यान   से पढ़ें   ,  और   उनका  प्रचार  प्रसार करें   .  इनकी लिंक   दी   जा रही   है  

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224 टिप्‍पणियां:

  1. ��असल में इस्लाम कोई धर्म नहीं है .एक मजहब है..
    दिनचर्या है..
    ��मजहब का मतलब अपने कबीलों के
    गिरोह को बढ़ाना..
    ��यह बात सब जानते है कि मोहम्मदी मूलरूप से
    अरब वासी है ।
    ��अरब देशो में सिर्फ रेगिस्तान पाया जाता है.
    वहां जंगल
    नहीं है, पेड़ नहीं है. इसीलिए वहां मरने के बाद जलाने
    के
    लिए लकड़ी न होने के कारण ज़मीन में दफ़न कर
    दिया जाता था.
    ��रेगिस्तान में हरीयाली नहीं होती.. एसे में रेगिस्तान
    में
    हरा चटक रंग देखकर इंसान चला आता जो की सूचक
    का काम करता था..
    ��अरब देशो में लोग रेगिस्तान में तेज़ धुप में सफ़र करते थे,
    इसीलिए वहां के लोग सिर को ढकने के लिए
    टोपी ��पहनते थे.
    जिससे की लोग बीमार न पड़े.
    ��अब रेगिस्तान में खेत तो नहीं थे, न फल, तो खाने के
    लिए वहा अनाज नहीं होता था. इसीलिए वहा के
    लोग
    ����������जानवरों को काट कर खाते थे. और अपनी भूख मिटाने के
    लिए इसे क़ुर्बानी का नाम दिया गया.
    ��सब लोग एक ही कबिले के खानाबदोश होते थे इसलिए
    आपस में भाई बहन ही निकाह कर लेते थे|
    ��रेगिस्तान में मिट्टी मिलती नहीं थी मुर्ती बनाने
    को इसलिए मुर्ती पुजा नहीं करते थे|
    खानाबदोश थे ,
    �� एक जगह से दुसरी जगह
    जाना पड़ता था इसलिए कम बर्तन रखते थे और एक
    थाली नें पांच लोग खाते थे|
    ��दिन भर रेत में चलने से थक जाने पर रात को सुन्दर
    बीवी चाहिए इसलिए पुरा पैक
    बुर्का बनाया ताकी वो धुप
    में काली न हो..
    ��कबीले की अधिक से अधिक संख्या बढ़े इसलिए हर एक
    को चार बीवी रखने की इज़ाजत दि..
    ��अब समझे इस्लाम कोई धर्म नहीं मात्र एक कबीला है..
    और इसके नियम असल में इनकी दिनचर्या है|

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    1. सही कहा है । यह तर्क संगत भी है

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    2. https://drive.google.com/file/d/0B9k7QMq0Me_7bzdfd1h0b19QbVU/view?usp=drivesdk

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    3. jo bhi question ya answer diye gaye hai sab hindu soch ke hisab se hai,jo ki sarasar galat hai.
      ===sant Kabir bhi anpadh the aur unke shiyon ne unki khichadi bhasa ko likhit kar SKHI ,SABAD , RAMAINI banaya jiska Study puri duniya karti hai

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  2. ek sawal hinduo se sab milkar jawab dena hinduo ke mandir ka muh paschim(west) ki taraf kyo hota hai

    agar jalana dafnane se behtar hai to hidu bachcho ko kyo nhi jlate

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    1. आप सोचते है कि सिर्फ़ मुसलमानो या आदिवासियो मे ही मृतक को गाड़ा जाता है परन्तु एसा नही है हिन्दुओ मे भी मृतक को गाड़ा जाता है परन्तु गाड़े जाने के कारण हैं


      मृतको को गाड़े जाने का कारण :--
      हिन्दुओ मे सिर्फ़ बच्चो को गाड़ा जाता है जिनकी उम्र कम होती है यह एसे बच्चे होते है जिनको सिर्फ़ खाना , सोना और मैला करना आता है । एसे अपरिपक्व बच्चो या जीवात्माओ को जलाया नही जा सकता क्युंकि एसी अपरिपक्व जीवाअत्माएं शरीर से अलग होने के बाद पृथ्वी के वायुमण्डल को भेद नहीं सकती और भटक जाया करती हैं और लोगों को पीड़ित करती हैं इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि एसी आत्माएं शरीर पाकर अपनी इच्छाएं की पूर्ती की ही सदा कामना करती हैं और प्रयासरत रहा करती है आपने तो देखा ही होगा बच्चो के व्यव्हार को जो अच्छा लगा जिद करने लगे , या पसंद आई वस्तू छुड़ा ली सब अपना ही दिखता है उनको यही कारण है जब किसी कारण बच्चो की अकाल मृत्यू होती है तो इच्छाओ की पूर्ती न होने के कारण वे गति को प्राप्त नही कर सकती । अतः एसे मे यदि इनके शरीरो को जला दिया जाय तो निशचय ही यह आत्माएं भटक जायेंगी अतः इनके शरीरो को गाड़ दिया जाता है जिससे वे आतमाएं स्थिर रहें और परिवार जन उनकी आत्मा की मुक्ती के लिये विषेश प्रयास कर सकें ।

      हिंदुओं मे कुछ जातियों वयस्कों को भी गाड़ा जाता है इसके पीछे उनका उद्देशय यह हुआ करता है कि वे मुक्ती नही पाना चाहते , कुछ जीवित समाधी भी ले लेते हैं जैसे बाबा रामदेव पीर और और भी कई साधू स्वाभाव वाले व्यक्ति इनमे आते है इनका यह उद्देशय होता है कि उनका प्रभाव सदा रहे यह भी मुक्ती नही पाना चाहते

      मृतकों को जलाये जाने का कारण :--
      जलाया उन मृतको के शरीरो को है जो परिपक्व हो चुके हो अच्छा बुरा जानते हों अपने और दूसरे के अधिकारो आदि को समझते हो वैसे आप उपर लिखी बातो से समझ ही चुके होगे ज्यादा विस्तार से बताने कि आवश्यकता नही है और जलाने से पहले इन सभी को शास्त्रो आदि के द्वारा यह ज्ञान करा दिया जाता है कि आत्मा के शरीर से अलग होने के बाद क्या अनुभव होता है और किस प्रकार आत्मा गती को प्राप्त कर सकती है जब तक मृतक के शरीर को जलाया नही जाता आत्मा गती प्राप्त नही कर सकती


      अब आप सोच सकते हैं कि मुसलमानो और ईसाईयों मे गाड़ा जाने का क्या अर्थ है इसी तरह आप यह भी समझ सकते हैं कि जो पीर-फ़कीरों की कब्रें है यह सब क्या हैं और क्यु हैं ? यह एक तरह का आध्यात्मिक प्रदूषण है जो हिन्दुत्व की पवित्रता को दूषित कर रहा है इसको समाप्त करने के लिये विषेश अनुष्ठानो की आवशयकता है जो हिंदुओं द्वारा किये जाने चाहिये

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    2. इनके मजहब में यह सिखाया जाता है कि जो मुसलमान नहीं है, वह काफिर है और उसे जीने का हक नहीं है, संसार में इस्लाम के 74 पंथ हैं और हर पंथ अपनेआपको अस्ली इस्लाम मानता है, और बाकी सबको काफिर मानता है, इसीलिए मुसलमान कभी भी शांति से नहीं रह सकते. शिया और सुन्नी हों तो लड़ेंगे, सुन्नी और अहमदिया हुए तो वो भी आपस में लड़ेंगे, हजारा हुए तो उनको वहाबी मारेंगे, इसीलिए ये कहीं भी चैन से नहीं रह सकते जब तक कोई तानाशाह आकर इनके सर पर जबर्दस्ती की अपनी हुकूमत नहीं थोपता तब तक ये आपस में लड़ते रहेंगे। इसीलिए सारे मुस्लिम देशों में तानाशाही ही चलती है, जहॉं कहीं भी लोकतंत्र बहाल किया गया वहाँ पर तुरंत तख्ता पलट दिया गया, उदाहरण के लिए, पाकिस्तान, बॉंग्लादेश, अफगानिस्तान, ईराक, ईरान, मिस्त्र, लिबिया, सभ्य समाज द्वारा इन सभी देशों में लोकतंत्र बहाल करने का प्रयास किया गया था, मगर एक या दो वर्ष में ही सब गुड़ गोबर कर दिया गया। मिस्त्र देश की मुख्य आमदनी का स्तोत्र पर्यटन है, मगर मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के सत्ता में आते ही यह मांग होने लगी कि पिरामिड, स्फिन्क्स आदि मूर्तियाँ, ममी आदि इस्लाम के विरुद्ध हैं इसीलिए इनका विनाश कर देना चाहिए। शरिया कानून लागू करना चाहिए, ईसाईयों को द्श निकाला देना चाहिए, विदेशी पर्यटक आना बंद हो गया, देश की अर्थव्यवस्था की दुर्दशा हो गई, बेरोजगारी बढ़ गई मगर उनको वह सब मंजूर है मगर जीवन को सही दिशा देना उनके लिए कोई मायने नहीं रखता है। भारत में धर्म निरपेक्षता का गाना गाने वाले लोगों को यह समझना चाहिए कि, ये लोग जीवन को नर्क समझते हैं, इनका मानना है कि इस मनुष्य योनि में सिवाय दुःख तकलीफ के और कुछ नहीं मिलता है, मगर अस्ली सुःख मरने के बाद मिलता है, और अगर आपने धर्म के लिए लड़ते हुए शहीद हो जाएं तो उससे बढ़ कर और कुछ नहीं हो सकता है, आपको 72 हूर मिलेंगी जन्नत में और आपको काम सुख क्षणिक नहीं होगा जैसा कि धरती पर होता है, वह अनंत काल तक रह सकता है। मान्यताएं तो हिंदुओ में भी ऐसी हा होती हैं फर्क सिर्फ इतना है कि हमारे यहाँ लोग संसार से तंग आ कर वैराग्य अपनाते हैं इनके यहाँ हथियार, इन्हीं कारणों से ये लोग इस तरह का व्यवहार करते हैं । जीवन की हर समस्या को धर्म से जोड़ कर देखते हैं, उसमें इनकी खोज यह रहती है कि किस तरह कोई भी वजह मिल जाए जिसके लिए इन्हें शहीद होने का अवसर मिल जाए। मुस्लिम देशों से भाग कर ये लोग पश्चिम देशों की शरण में जाते हैं, और वहॉं जा कर वही सब करने लग जाते हैं जिसके कारण इन्हें अपना देश छोड़ना पड़ा था।

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    3. abe raand ke bacche hijde ki aulaad mar ja saale

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    4. all hindu muslimo ke chude huve aur naazayij aulaad hai ye vo sach hai ki ise bezubaan jaanvar bhi maante hai

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    5. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते है और गंदी अप्सब्द और कुछ नहीं पता

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    6. hindu mandir ka muh west mai isliye rakhte hai taki mandir jane wala east mai yani rising sun ki trf muh kar k puja kar sake. wese bhi mohamad or muslim jamat se kai hajar saal pahle se hindu apne mandir aise he bnate aaye hai

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    7. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    8. Bhai 'Benaami'
      Tu kaha Arab se h ya Persia se ya Missr se??
      Deko apne baap dada ka itihaas sab Hindu the...
      History pado sanatan dhrm ka koi tym period nahi h..

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    9. गलत । ईश्वर सब जगह है । मंदिर का मुंह पूर्व में भी होता है । मुस्लिम ही हमेशा मक्का क़िब्ले की ओर मुंह करके नमाज़ पढ़ते हैं । अर्थात मूर्ति पूजा या जड़ पूजा करते हैं । उन्हें तो इस बात की जानकारी या समझ ही नही । वे अल्लाह को सब और नही मानते और यदि मानते होते तो नमाज़ के लिए मूंह एक ही तरफ क्यों ?
      फिर इस्लाम यदि सही धर्म होता तो अल्लाह ने इस्लाम को ही सबसे पहले क्यों नही बनाया ? सत्य सनातन धर्म ही वास्तविक और सत्य धर्म है । कुरआन में तो सब परस्पर विरोधाभासी बाते हैं । मोहमद ने 14 शादियां की । सबसे पहले खदीजा से जो उसकी माँ की आयु की थी । अंत में आयशा जो उसकी पोती की आयु की थी । इसे धर्म मानते हो ?

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    10. बेनामी बेटा

      बाप पहले आता है या बच्चा

      तो तुम्हारे मोहम्मद और अल्लाह को आये हुवे 1400 साल हुए है

      और हमे यंहा 5000 साल होगये है

      तो आप समज सकते हो की किसने किसको पैदा किया होगा

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    11. ईसलाम जिदा बाद अगर मद हे ताे नाम बती

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    12. Q1 ka jab
      Ans1..,., खतना इन्सान को कई बड़ी बीमारियों से बचाता है जानिए …

      !! दुनियाभर में हुए शोधों ने यह साबित किया है कि खतना इंसान की कई बड़ी बीमारियों से हिफाजत करता है।
      इस समय खतना (सुन्नत) यूरोपीय देशों में बहस का विषय बना हुआ है। खतने को लेकर पूरी दुनिया में एक जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। इस पर विवाद तब शुरू हुआ जब जर्मनी के कोलोन शहर की जिला अदालत ने अपने एक फैसले में कहा कि शिशुओं का खतना करना उनके शरीर को कष्टकारी नुकसान पहुंचाने के बराबर है। फैसले का जबर्दस्त विरोध हुआ। इस मुद्दे का अहम पहलू हाल ही आया अमरीका के शिकागो स्थित बालरोग पर शोध करने वाली संस्था ‘द अमरीकन एकेडेमी ऑफ पीडीऐट्रिक्स’ का ताजा बयान। में कहा है कि नवजात बच्चों में किए जाने वाले खतना या सुन्नत के सेहत के लिहाज से बड़े फायदे हैं। सच भी है कि समय-समय पर दुनियाभर में हुए शोधों ने यह साबित किया है कि खतना इंसान की कई बड़ी बीमारियों से हिफाजत करता है।
      खतना एक शारीरिक शल्यक्रिया है जिसमें आमतौर पर मुसलमान नवजात बच्चों के लिंग के ऊपर की चमड़ी काटकर अलग की जाती है।

      !! वैज्ञानिकों ने दिए सबूत !!
      शिकागो स्थित बालरोग चिकित्सकों के इस बयान का आधार वैज्ञानिक सबूत हैं जिनके आधार पर यह साफतौर पर कहा जा सकता है कि जो बच्चे खतने करवाते हैं, उनमें कई तरह की बीमारियां होने की आशंका कम हो जाती है। इनमें खासतौर पर छोटे बच्चों के यूरिनरी ट्रैक्ट में होने वाले इंफेक्शन, पुरुषों के गुप्तांग संबंधी कैंसर, यौन संबंधों के कारण होने वाली बीमारियां, एचआईवी और सर्वाइकल कैंसर का कारक ह्युमन पैपिलोमा वायरस यानि एचपीवी शामिल हंै।
      एकेडेमी उन अभिभावकों का समर्थन करता है जो अपने बच्चे का खतना करवाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि खतना किए गए पुरुषों में संक्रमण का जोखिम कम होता है क्योंकि लिंग की आगे की चमड़ी के बिना कीटाणुओं के पनपने के लिए नमी का वातावरण नहीं मिलता है. : @[156344474474186:]

      !! एड्स और गर्भाशय कैंसर से हिफाजत !!
      महिलाओं में गर्भाशय कैंसर का कारण ह्युमन पैपिलोमा वायरस होता है। यह वायरस लिंग की उसी चमड़ी के इर्द-गिर्द पनपता है जो संभोग के दौरान महिलाओं में प्रेषित हो जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में अप्रेल 2002 में प्रकाशित एक आर्टिकल का सुझाव था कि खतने से महिला गर्भाशय कैंसर को बीस फीसदी तक कम
      किया जा सकता है। खतने से एचआईवी और एड्स से हिफाजत होती है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के ही मई 2000 के एक आर्टिकल में उल्लेख था कि खतना किए हुए पुरुष में एचआईवी संक्रमण का खतरा आठ गुना कम होता है। हजार में से एक पुरुष लिंग कैंसर का शिकार हो जाता है लेकिन खतना इंसान की इस बीमारी से पूरी तरह हिफाजत करता है।
      नवंबर 2000 में बीबीसी टेलीविजन ने यूगांडा की दो जनजातीय कबीलों पर आधारित एक रिपोर्ट प्रसारित की। इसके मुताबिक उस कबीले के लोगों में एड्स नगण्य पाया गया जो खतना करवाते थे, जबकि दूसरे कबीले के लोग जो खतना नहीं करवाते थे, उनमें एड्स के मामले ज्यादा पाए गए। इस कार्यक्रम में बताया गया कि कैसे लिंग के ऊपर चमड़ी जो खतने में हटाई जाती है, उसमें संक्रमण फैलने और महिलाओं में प्रेषित होने की काफी आशंका रहती है। आम है

      !! अमरीका में नवजात बच्चों का खतना !!
      अमरीकी समाज का एक बड़ा वर्ग बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस प्रथा को मानने लगा है। नेशनल हैल्थ एण्ड न्यूट्रिशन एक्जामिनेशन सर्वेज की ओर से अमरीका में 1999 से 2004 तक कराए गए सर्वे में 79 फीसदी पुरुषों ने अपना खतना करवाया जाना स्वीकार किया। नेशनल हॉस्पीटल डिस्चार्ज सर्वे के अनुसार अमरीका में 1999 में 65 फीसदी नवजात बच्चों का खतना किया गया। अमरीका के आर्थिक और सामाजिक रूप से सम्पन्न परिवारों में जन्में नवजात बच्चों में खतना ज्यादा पाया गया।
      विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 30 फीसदी पुरुषों का खतना हुआ है। सांसदों ने करवाया संसद में खतना यही नहीं एचआईवी की रोकथाम के लिए अफ्रीका के कई देशों में पुरुषों में खतना करवाने को बढ़ावा दिया जा रहा है।

      !! जिम्बाब्वे में एचआईवी संक्रमण रोकने के लिए खतना शिविर !!
      जिम्बाब्वे में एचआईवी संक्रमण रोकने के लिए चलाए गए एक अभियान के तहत जून 2012 में कई सांसदों ने संसद के भीतर खतना करवाया। इसके लिए संसद के भीतर एक अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाया गया है।
      समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार जिम्बाब्वे की दो मुख्य पार्टियों के कम-से-कम 60 सांसदों ने बारी-बारी से आकर चिकित्सकीय परामर्श लिया और फिर शिविर में जाकर परीक्षण करवाया।
      अभियान की शुरुआत में बड़ी संख्या में सांसदों ने हिस्सा लेते हुए एचआईवी टेस्ट करवाते हुए इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए खतना करवाने का संकल्प लिया

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  3. agar ganesh sankar ki nazayaz aulad na hota to sankar use zaroor pahchan leta ki ye meri aulad hai

    sankar ne isliye ganesh ko mara kyo ki wo nazayaz aulad tha

    agar sankar koi bhagvan hota to whi gardan lagata jo usne kati thi na ki kisi janwar ki

    science ne is baat ko manne se inkar kar diya hai ki hathi ki gardan insaan ke nhi lgaayi ja sakti

    agar ise andvishvasi chmatkar kahte hai to chmatkaar to tab tha jab whi gardan lagata

    hindu ki kuwari ladkiya shiv ling ko kyo pujti hai

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    1. Kyu ki tumhara alla bhi shankar ki naajayaz aulaad hai

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    3. satyavadi- तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो satyavadi क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की जो होना होगा हो जाएगा satyavadi उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है ये है कैप्सुल सुबह साम लेना अल्लाह ताला फिर अपने घर का ताला खोल कर आएगे तुमको फिर जानकारी प्राप्त होगी की अल्लाह ताला कैसे घर से बाहर आए और कैसे है

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    4. yeh najayaj sambandh tumhare mohamad ne bnaye apni he beti se or kaha ki agar apni beti maa ya bahan se sambandh bnane ho to uske muh par resam ka kapda daal do or maje kar lo. hamare dharam mai aisa nahi hai. science kahti hai ki hathi ki gardan insan k sarir par nahi lag sakti pagal katuye hamara iswaar science ki paridhi se bahar hai

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    5. शिव के लिंग को गुप्तांग समझने वाले तू पढ़।
      जाने शिवलिंग का वास्तविक अर्थ क्या है और कैसे इसका गलत अर्थ निकालकर हिन्दुओं को भ्रमित किया गया


      कुछ लोग शिवलिंग की पूजा की आलोचना करते है..
      छोटे छोटे बच्चो को बताते है कि हिन्दू लोग लिंग और योनी की पूजा करते है..मूर्खों को संस्कृत का ज्ञान नहीं होता है..और छोटे छोटे बच्चो को हिन्दुओ के प्रति नफ़रत पैदा करके उनको आतंकी बना देते है…इसका अर्थ जाने

      लिंग=
      लिंग का अर्थ संस्कृत में चिन्ह, प्रतीक होता है…
      जबकी जनर्नेद्रीय को संस्कृत मे शिशिन कहा जाता है..

      शिवलिंग=
      >शिवलिंग का अर्थ हुआ शिव का प्रतीक….
      >पुरुषलिंग का अर्थ हुआ पुरुष का प्रतीक इसी प्रकार स्त्रीलिंग का अर्थ हुआ स्त्री का प्रतीक और नपुंसकलिंग का अर्थ हुआ ....नपुंसक का प्रतीक —
      अब यदि जो लोग पुरुष लिंग को मनुष्य के जनेन्द्रिय समझ कर आलोचना करते है..तो वे बताये ”स्त्री लिंग ”’के अर्थ के अनुसार स्त्री का लिंग होना चाहिए… और वो खुद अपनी औरतो के लिंग को बताये फिर आलोचना करे—

      ”शिवलिंग”’क्या है ?
      शून्य, आकाश, अनन्त, ब्रह्माण्ड और निराकार परमपुरुष का प्रतीक होने से इसे लिंग कहा गया है। स्कन्दपुराण में कहा है कि आकाश स्वयं लिंग है।शिवलिंग वातावरण सहित घूमती धरती तथा सारे अनन्त ब्रह्माण्ड ( क्योंकि, ब्रह्माण्ड गतिमान है ) का अक्स/धुरी (axis) ही लिंग है।
      शिव लिंग का अर्थ अनन्त भी होता है अर्थात जिसका कोई अन्त नहीं है नाही शुरुवात।

      शिवलिंग का अर्थ लिंग या योनी नहीं होता ..दरअसल ये गलतफहमी भाषा के रूपांतरण और मलेच्छों द्वारा हमारे पुरातन धर्म ग्रंथों को नष्ट कर दिए जाने तथा अंग्रेजों द्वारा इसकी व्याख्या से उत्पन्न हुआ है।

      खैर…..
      जैसा कि हम सभी जानते है कि एक ही शब्द के विभिन्न भाषाओँ में अलग-अलग अर्थ निकलते हैं|
      उदाहरण के लिए………
      यदि हम हिंदी के एक शब्द “सूत्र” को ही ले लें तो…….
      सूत्र मतलब डोरी/धागा गणितीय सूत्र कोई भाष्य अथवा लेखन भी हो सकता है। जैसे कि नासदीय सूत्र ब्रह्म सूत्र इत्यादि ।
      उसी प्रकार “अर्थ” शब्द का भावार्थ : सम्पति भी हो सकता है और मतलब (मीनिंग) भी ।

      ठीक बिल्कुल उसी प्रकार शिवलिंग के सन्दर्भ में लिंग शब्द से अभिप्राय चिह्न, निशानी, गुण, व्यवहार या प्रतीक है।धरती उसका पीठ या आधार है और सब अनन्त शून्य से पैदा हो उसी में लय होने के कारण इसे लिंग कहा है तथा कई अन्य नामो से भी संबोधित किया गया है जैसे : प्रकाश स्तंभ/लिंग, अग्नि स्तंभ/लिंग, उर्जा स्तंभ/लिंग, ब्रह्माण्डीय स्तंभ/लिंग (cosmic pillar/lingam)

      ब्रह्माण्ड में दो ही चीजे है : ऊर्जा और प्रदार्थ। हमारा शरीर प्रदार्थ से निर्मित है और आत्मा ऊर्जा है।
      इसी प्रकार शिव पदार्थ और शक्ति ऊर्जा का प्रतीक बन कर शिवलिंग कहलाते है।
      ब्रह्मांड में उपस्थित समस्त ठोस तथा उर्जा शिवलिंग में निहित है. वास्तव में शिवलिंग हमारे ब्रह्मांड की आकृति है. (The universe is a sign of Shiva Lingam.)

      शिवलिंग भगवान शिव और देवी शक्ति (पार्वती) का आदि-आनादी एकल रूप है तथा पुरुष और प्रकृति की समानता का प्रतिक भी अर्थात इस संसार में न केवल पुरुष का और न केवल प्रकृति (स्त्री) का वर्चस्व है अर्थात दोनों सामान है
      अब बात करते है योनि शब्द पर —
      मनुष्ययोनि ”पशुयोनी”पेड़-पौधों की योनि”’पत्थरयोनि”’

      योनि का संस्कृत में प्रादुर्भाव ,प्रकटीकरण अर्थ होता है....जीव अपने कर्म के अनुसार विभिन्न योनियों में जन्म लेता है....कुछ धर्म में पुर्जन्म की मान्यता नहीं है....इसीलिए योनि शब्द के संस्कृत अर्थ को नहीं जानते है जबकी हिंदू धर्म मे 84 लाख योनी यानी 84 लाख प्रकार के जन्म है अब तो वैज्ञानिको ने भी मान लिया है कि धरती मे 84 लाख प्रकार के जीव (पेड़, कीट,जानवर,मनुष्य आदि) है….

      मनुष्य योनी =पुरुष और स्त्री दोनों को मिलाकर मनुष्य योनि होता है..अकेले स्त्री या अकेले पुरुष के लिए मनुष्य योनि शब्द का प्रयोग संस्कृत में नहीं होता है…

      तो कुल मिलकर अर्थ ये है:-

      लिंग का तात्पर्य प्रतीक से है, शिवलिंग का मतलब है पवित्रता का प्रतीक | दीपक की प्रतिमा बनाये जाने से इस की शुरुआत हुई, बहुत से हठ योगी दीपशिखा पर ध्यान लगाते हैं | हवा में दीपक की ज्योति टिमटिमा जाती है और स्थिर ध्यान लगाने की प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न करती है इसलिए दीपक की प्रतिमा स्वरूप शिवलिंग का निर्माण किया गया ताकि निर्विघ्न एकाग्र होकर ध्यान लग सके | लेकिन कुछ विकृत मुग़ल काल से कुछ दिमागों ने इस में जननागों की कल्पना कर ली और झूठी कुत्सित कहानियां बना ली और इसके पीछे के रहस्य की जानकारी न होने के कारण अनभिज्ञ भोले हिन्दुओं को भ्रमित किया गया |

      NOTE : सभी शिव-भक्तो से प्रार्थना है अगर जानकारी अच्छी लगे तो भरपूर मात्रा में इस पोस्ट को शेयर करे ताकि सभी शिव् -भक्तो को यह जानकारी मिल सके ।

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    6. yeh baate purnta
      ya stya
      ling ek aseem shakti h aur yoni aseem urja jise ham shivling kehte h vo shiv aur parvati mata ki paarlokik shakti h jisne pure bharat ko bandh rakha h hindu dharm ko jo bhi nicha dekhye us say mera aagrah ek baar apne dharm ke ithas ko achhe se padhe fir hindu dharm par apne vichar prakat kare.

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    7. ये माजबी(इस्लामी )लोग धर्म में साइंस को घुस रहे है पहले ये बताइये की जब साइंस ने ये साबित कर दिया की धरती गोल है लेकिन आसमानी किताब में लिखा है कि चपटी है इसका किया लॉजिक है भाई । इसी तरह लिख है कि तथाकथित अल्लह एक बार बैठ हुक्का पी रहा था तो राख से धरती और धुंए से आसमान बना तो इनसे कोई पूछे की अल्लह किया प्लूटो पे बैठा था और हुक्का किया मेरे लंड का बना था और सूरज चाँद और तारे बाकि ग्रह कहा से आए ।

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    8. teri maki chut me se jub mai chod raha thab teri mako

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    9. Randi k pille ye Bharat akr bolna madarchod tre jitne bapooo n tere Amma ko chodahoga na woh sab madarchod btynge tuje ke kaise Kya huwa.
      Salo madarchod makka m kya apni amma chudwane jate ho madarchod
      Sajda to shivshankar ka h krte ho.
      Agr Abhi toh woh ling ho dkha Kyu h kyu koi jhaj upr s nhi nklne dte kyuki tm madarchodo k maa chud jyegi.
      Bhen k lodo aukaat m rho hinduooo n mutaaa b na toh madarchod beh jaoge

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  4. सूअरों और मुस्लिमों में समानता


    आप में से लगभग हर कोई इस बात से अवगत हैं कि....सूअरों और मुस्लिमों में हमेशा से ही ..... बच्चे पैदा करने की प्रतिस्पर्धा लगी रहती है...!
    और... दुनिया भर में मुस्लिम .... 4 बीबी और 24 बच्चे रखने के लिए...... एक बेहद कुख्यात कौम है..!

    इसीलिए... ये मुस्लिम जहाँ भी रहते हैं.... अपनी सुअरिक प्रवृति के कारण... उस देश की अर्थव्यवथा को चरमरा देते हैं..... और, उस देश में बेरोजगारी, कुपोषण एवं महंगाई की बाढ़ सी आ जाती है...!
    लेकिन....

    क्या आपने कभी ये सोचा है कि.... ये खुद भूखे-नंगे होने के बाद भी .... जनसँख्या वृद्धि में हमेशा सूअरों से होड़ लगते हुए क्यों नजर आते हैं....??????

    दरअसल.... इस्लाम के इस परंपरा को समझने के लिए आपको.... इस्लाम एवं उसके जन्म को समझना आवश्यक है...!

    इस्लाम का जन्म ... आज से लगभग 1400 साल पहले.... मुहम्मद नामक व्यक्ति द्वारा किया गया था... जिसे मुस्लिम तथाकथित रूप से अपने ""अल्लाह का दूत"" कहते नहीं अघाते हैं...!

    खैर... मुहम्मद दूत हो या भूत ..... अपने को क्या लेना-देना है....!
    हमें तो इस बात से लेना-देना है कि.....

    मुहम्मद .. पेशे से एक लुटेरे और एक जाहिल थे... ( देखें कुरान )

    इसीलिए.... मुहम्मद ने इस्लाम बना तो लिया .....लेकिन ... एक मूर्ख होने के नाते ... मुहम्मद के पास इस्लाम को फ़ैलाने के कोई सैद्धांतिक विचार नहीं था...!!

    अतः... मुहम्मद ने ..... इस मलेच्छ इस्लाम संप्रदाय को फैलाने के लिए.... अपने पेशा के अनुरूप ही .... तलवार का सहारा लिया.... और, उसे ""जिहाद"" का नाम दे दिया...!

    लेकिन.. लड़ाई तो लड़ाई है.... और, लड़ाई में सिर्फ दूसरे ही मरें .... ये कभी भी नहीं हो सकता है....!

    इस तरह.... मुहम्मद के फैलाये जिहाद में..... काफी बड़ी संख्या में मुस्लिम जेहादी भी मारे जाते थे.... जिस कारण ढेर सारी औरतें ""विधवा"" होती थी...!

    इसीलिए.... उन विधवाओं के समुचित उपयोग ( इस्लाम में औरतों का उपयोग ही किया जाता है , इज्जत नहीं ) के लिए.... मुहम्मद ने मर्दों के लिए.... 3 -4 शादियों का नियम बना दिया...!
    और.... जेहादियों की संख्या कम होते -होते एक दिन इस्लाम ही विलुप्त ना हो जाए ( साथ ही अपनी ताकत बढ़ाने के लिए)..... इस डर को मिटाने के लिए .... मुहम्मद ने यथाशक्ति .... बच्चे पैदा कर .... सूअरों से प्रतिस्पर्धा का भी नियम बना दिया...!

    इसी तरह.... अरब में तो पानी-वानी थी नहीं ..... इसीलिए, हफ्ते में एक दिन नहाने एवं .... सिर्फ मुंह धो कर मस्जिद जाने की प्रथा चला दी.... जिसे मुस्लिम ""वजू"" कह कर फूले नहीं समाते हैं...!


    और तो और.....


    शायद आप नहीं जानते होंगे ... लेकिन, मुहम्मद साहब बेहद कुरूप थे..... और, उनके मुंह से हमेशा लार चूते रहती थी..... क्योंकि... उन्हें मिर्गी की बीमारी थी.... इसलिए, मुहम्मद को अपने फोटो से घिन आती थी....


    अतः... उन्होंने... इस्लाम में फोटो पूजा भी बंद करवा दिया ..... और, मुहम्मद के चरित्र चित्रण को.... ""हराम"" घोषित कर दिया...!


    इस तरह....

    आप खुद ही समझ सकते हैं कि....

    इस्लाम के परम्पराओं में कितनी वैज्ञानिकता होती है .... और, मुस्लिम किस प्रकार की परम्पराओं का निर्वाह करने के लिए.... हाय-तौबा मचाते रहते हैं...??????

    जय महाकाल...!!!

    नोट : यह लेख किसी भी समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं लिखी गई है.... बल्कि, इसे मुस्लिमों में जागरूकता फ़ैलाने के पवित्र उद्देश्य से लिखी गई है...!

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    1. गांडू कभी अपना दिमाग भी चला लिया कर। इस्लाम को जितनी गाली दोंगे लेकिन तुम नाकाम हो ।इस्लाम को लोग मान रहे हे। तुम जितना इस्लाम के बारेमे बुरा कहोगे उतना ही इस्लाम। जयादा फैलेगा क्योके आज मिडिया हे और लोग तुम्हारे जेसे जुठो को नहीं सुनते और सही बात को जान कर उसे मानते हे।
      जिंदगी में सही बात को भी मानना सीखो नहीं तो खुद को बरबाद करदोगे और अपनी गलती को माफ़ करनेके लिए वक्त तक नहीं मिलेगा।

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    2. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को

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    3. ये है कैप्सुल सुबह साम लेना अल्लाह ताला फिर अपने घर का ताला खोल कर आएगे तुमको फिर जानकारी प्राप्त होगी की अल्लाह ताला कैसे घर से बाहर आए और कैसे है

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    4. गायत्री मंत्र का प्रत्येक शब्दानुसार सरलार्थ :-ॐ+ भूर्भुवः (भुः+ भुवः), स्वः +तत्सवितुर्वरेण्यं (तत्+सवित+उर+वरणयं), भर्गो=भार्गव/भृगु , देवस्य(देव+स्य), धीमहि+धियो+योनः+प्र+चोद्यात |ॐ =प्रणव ।भुः = भुमि पर ।भुवः = आसीन/ निरापद हो जाना /लेट जाना [(भूर्भुवः=भुमि पर)] ।स्व= अपने आपको ।तत्= उस ।🌞सवित= अग्नि के समान तेज, कान्तियुक्त की ।उर=भुजाओं में ।वरण्यं = वरण करना, एक दूसरे के /एकाकार हो जाना । 👹भर्गोः देवस्य=भार्गवर्षि/ विप्र(ब्राहमण) के लिये ।😴धीमहि= ध्यानस्थ होना /उसके साथ एक रूप होना /धारण करना |[(धी =ध्यान करना), (महि=धरा,धरती,धरणी,धारिणी के/से सम्बद्ध होना)धियो =उनके प्रति/मन ही मन मे ध्यान कर / मुग्ध हो जाना / भावावेश क्षमता को तीव्रता से प्रेरित करना ।योनः= योनि/ स्त्री जननांग ।प्र= [उपसर्ग] दूसरों के / सन्मुख होना/ आगे करना / होना /समर्पित/समर्पण करना ।चोदयात्= मँथन / मेथुन / सहवास / समागम /सन्सर्ग के हेतु । (नोट-मनुस्मृति में भी यह शब्द "चोदयात्" का इन्हीं अर्थों में कईं बार प्रयुक्त हुआ हैं|)सरलार्थ:- हे देवी (गायत्री), भूपर आसीन (लेटते हुए) होते हुए, उस अग्निमय और कान्तियुक्त सवितदेव के समान तेज भार्गव विप्र की भुजाओं में एकाकार हो जाओ (उनका वरण कर लो); और मन ही मन में उन्ही के प्रति भावमय होकर उनको धारण कर लोऔर पूर्ण क्षमता से अपनी योनि(जननांग) को मैथुन ( सहवास) हेतु उन्हें समर्पित कर दो |.................तो इस प्रकार हम देखते हैं की जिस 'गायत्री मंत्र' का अधिकांश हिन्दूलोग पूर्ण श्रद्धा के साथ सुबह-शाम और भोर को जगते ही ५- ७ - ११ - २१ - १००८ , १० , ००८ इत्यादि बार जाप करते हैं, वो शायद इन्हीं भावों को जाने-अनजानें में व्यक्त करतें रहतें है !!!😛😋NOTE :-है अगर दम किसी हिन्दूमें तो इसे गलत साबित करके बताईये ।केवल भौंकने से कुछ नही हो सकता ।

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    5. गायत्री मंत्र हिन्दू धर्म का एक महत्त्वपूर्ण मंत्र है, जिसकी महत्ता ॐ के लगभग बराबर मानी जाती है... यह यजुर्वेद के मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः और ऋग्वेद के छंद 3.62.10 के मेल से बना है... इस मंत्र में सवित्र देव की उपासना है, इसलिए इसे सावित्री भी कहा जाता है... ऐसा माना जाता है कि इसके उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है...

      शाब्दिक अर्थ
      ॐ : सर्वरक्षक परमात्मा
      भू: : प्राणों से प्यारा
      भुव: : दुख विनाशक
      स्व: : सुखस्वरूप है
      तत् : उस
      सवितु: : उत्पादक, प्रकाशक, प्रेरक
      वरेण्य : वरने योग्य
      भुर्ग: : शुद्ध विज्ञान स्वरूप का
      देवस्य : देव के
      धीमहि : हम ध्यान करें
      धियो : बुद्धियों को
      य: : जो
      न: : हमारी
      प्रचोदयात : शुभ कार्यों में प्रेरित करें

      भावार्थ : उस सर्वरक्षक प्राणों से प्यारे, दु:खनाशक, सुखस्वरूप श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंतरात्मा में धारण करें... तथा वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें...

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    6. बेटा asutosh अपनी किताब पढ़ सुअर की तरह तूने बच्चे पैदा किये नहीं तो कौरव 100 भाई कहा से आया था किसी वेश्या से । तेरा धर्म ने पुरे विश्व को बलात्कार करना सिखाया तुझे द्रौपदी याद नहीं । तुझे राम के वो हरामी वचन याद नहीं जिसमे वो कहता तुम मूर्छित क्यों हो गए नपुंसक क्यों हो गए युद्ध में सब सही और रथ का वो पहिया और फिर भाई भाई का खून । तुझे याद नहीं तेरा भगवान् बलात्कार देख रहा था भरे दरवार में जब किसी की साड़ी उतार रही थी। क्या तू भूल गया तेरा भगवान् कैसे रंडी बजी करता था गोपियो संग उसे नंगा नहाते देखता था उसके आँखों से रेप करता था उसके कपड़े चुराता था वो भी नहाते वक्त । तू भूल गया चोरी और डकैती करना तेरे भगवन ने ही सिखाया कभी माखन चुरा कर तो कभी और कुछ । थोड़ा पढ़ ले बहुत लंबी लिस्ट है तेरे पापों और कुकर्मो की ।

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    7. यह भाषा और शब्द इस्लाम ही सिखाता है । बात करना आता नही , केवल गाली गलौच और झूठ मूठ बोलते लिखते हो । चर्चा तमीज़ से किया करो

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    8. गायत्री मंत्र के शरीफ खान ने जो अर्थ किए हैं । वह उसकी बदमाशी है । पहले कुरान पढ़ कर समझो । नाम शरीफ और नीयत बदमाशी की । नस नस में गंदगी और बदमाशी और बद नीयत के कारण ही शरारतपूर्ण गलत यार्थ किये हैं

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    9. बेनामी
      सॉरी बैमानि सुन मेरी बात

      तुमने जाना ही क्या है अब तक
      सिर्फ 100 बच्चे नहीं हुए है

      उसने 100 बच्चे शारीर के बाहर बड़े किये है ऐसा भी लिखा है हमारी किताब में
      जो आज कल नहीं क्या टेस्टट्यूब बेबी होती है कुछ वैसे ही है वो

      द्रोपदी की जिन्होंने साडी खिची उनका अंजाम क्या हुवा ये बताया हमारे भगवान ने
      और भगवान् दरबार में जब साडी खीच रहे थे तब सिर्फ देख नहीं रहा था बल्कि उसीने द्रोपदी को बचाया है एक बार वापस देख ले

      और जो 100 बच्चे हुए थे शायद तुम उनकी ही अगली पीढ़ी हो तभी तो तुम मशीन जैसे बच्चे पैदा करते हो

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    10. Sab ek dusre se yu hi ladte raho.. ye nhi ki nek kaam karo.. neki kamao punaye kamao.. besahara ko sahara do.. maa baap ka naam roshan karo. Arguement karne se koi dharm bada ya chota nhi hojaega. Isliye kisi k bhagwaan Allah ke liye kuch bhi bura bhala nhi boliye plz

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  5. अमरीका के शिकागो स्थित बालरोग पर शोध करने वाली संस्था 'द अमरीकन एकेडेमी ऑफ पीडीऐट्रिक्स ने अपने ताजा बयान में कहा है कि नवजात बच्चों में किए जाने वाले खतना या सुन्नत के सेहत के लिहाज से बड़े फायदे हैं। सच भी है कि समय-समय पर दुनियाभर में हुए शोधों ने यह साबित किया है कि खतना इंसान की कई बड़ी बीमारियों से हिफाजत करता है। खतना एक शारीरिक शल्यक्रिया है जिसमें आमतौर पर मुसलमान नवजात बच्चों के लिंग के ऊपर की चमड़ी काटकर अलग की जाती है।

    इस समय खतना (सुन्नत) यूरोपीय देशों में बहस का विषय बना हुआ है। खतने को लेकर पूरी दुनिया में एक जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। इस पर विवाद तब शुरू हुआ जब जर्मनी के कोलोन शहर की जिला अदालत ने अपने एक फैसले में कहा कि शिशुओं का खतना करना उनके शरीर को कष्टकारी नुकसान पहुंचाने के बराबर है। फैसले का जबर्दस्त विरोध हुआ। इस मुद्दे का अहम पहलू है हाल ही आया अमरीका के शिकागो स्थित बालरोग पर शोध करने वाली संस्था 'द अमरीकन एकेडेमी ऑफ पीडीऐट्रिक्स' का ताजा बयान। अमरीका के शिकागो स्थित बालरोग पर शोध करने वाली संस्था 'द अमरीकन एकेडेमी ऑफ पीडीऐट्रिक्स ने अपने ताजा बयान में कहा है कि नवजात बच्चों में किए जाने वाले खतना या सुन्नत के सेहत के लिहाज से बड़े फायदे हैं। सच भी है कि समय-समय पर दुनियाभर में हुए शोधों ने यह साबित किया है कि खतना इंसान की कई बड़ी बीमारियों से हिफाजत करता है। खतना एक शारीरिक शल्यक्रिया है जिसमें आमतौर पर मुसलमान नवजात बच्चों के लिंग के ऊपर की चमड़ी काटकर अलग की जाती है।
    वैज्ञानिकों ने दिए सबूत
    शिकागो स्थित बालरोग चिकित्सकों के इस बयान का आधार वैज्ञानिक सबूत हैं जिनके आधार पर यह साफतौर पर कहा जा सकता है कि जो बच्चे खतने करवाते हैं, उनमें कई तरह की बीमारियां होने की आशंका कम हो जाती है। इनमें खासतौर पर छोटे बच्चों के यूरिनरी ट्रैक्ट में होने वाले इंफेक्शन, पुरुषों के गुप्तांग संबंधी कैंसर, यौन संबंधों के कारण होने वाली बीमारियां, एचआईवी और सर्वाइकल कैंसर का कारक ह्युमन पैपिलोमा वायरस यानि एचपीवी शामिल हंै। एकेडेमी उन अभिभावकों का समर्थन करता है जो अपने बच्चे का खतना करवाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि खतना किए गए पुरुषों में संक्रमण का जोखिम कम होता है क्योंकि लिंग की आगे की चमड़ी के बिना कीटाणुओं के पनपने के लिए नमी का वातावरण नहीं मिलता है.
    एड्स और गर्भाशय कैंसर से हिफाजत
    महिलाओं में गर्भाशय कैंसर का कारण ह्युमन पैपिलोमा वायरस होता है। यह वायरस लिंग की उसी चमड़ी के इर्द-गिर्द पनपता है जो संभोग के दौरान महिलाओं में प्रेषित हो जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में अप्रेल 2002 में प्रकाशित एक आर्टिकल का सुझाव था कि खतने से महिला गर्भाशय कैंसर को बीस फीसदी तक कम किया जा सकता है। खतने से एचआईवी और एड्स से हिफाजत होती है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के ही मई 2000 के एक आर्टिकल में उल्लेख था कि खतना किए हुए पुरुष में एचआईवी संक्रमण का खतरा आठ गुना कम होता है।
    हजार में से एक पुरुष लिंग कैंसर का शिकार हो जाता है लेकिन खतना इंसान की इस बीमारी से पूरी तरह हिफाजत करता है। नवंबर 2000 में बीबीसी टेलीविजन ने यूगांडा की दो जनजातीय कबीलों पर आधारित एक रिपोर्ट प्रसारित की। इसके मुताबिक उस कबीले के लोगों में एड्स नगण्य पाया गया जो खतना करवाते थे, जबकि दूसरे कबीले के लोग जो खतना नहीं करवाते थे, उनमें एड्स के मामले ज्यादा पाए गए। इस कार्यक्रम में बताया गया कि कैसे लिंग के ऊपर चमड़ी जो खतने में हटाई जाती है, उसमें संक्रमण फैलने और महिलाओं में प्रेषित होने की काफी आशंका रहती है।
    आम है अमरीका में नवजात बच्चों का खतना
    अमरीकी समाज का एक बड़ा वर्ग बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस प्रथा को मानने लगा है। नेशनल हैल्थ एण्ड न्यूट्रिशन एक्जामिनेशन सर्वेज की ओर से अमरीका में 1999 से 2004 तक कराए गए सर्वे में 79 फीसदी पुरुषों ने अपना खतना करवाया जाना स्वीकार किया। नेशनल हॉस्पीटल डिस्चार्ज सर्वे के अनुसार अमरीका में 1999 में 65 फीसदी नवजात बच्चों का खतना किया गया। अमरीका के आर्थिक और सामाजिक रूप से सम्पन्न परिवारों में जन्में नवजात बच्चों में खतना ज्यादा पाया गया।
    विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 30 फीसदी पुरुषों का खतना हुआ है।
    सांसदों ने करवाया संसद में खतना
    यही नहीं एचआईवी की रोकथाम के लिए अफ्रीका के कई देशों में पुरुषों में खतना करवाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिम्बाब्वे में एचआईवी संक्रमण रोकने के लिए चलाए गए एक अभियान के तहत जून 2012 में कई सांसदों ने संसद के भीतर खतना करवाया। इसके लिए संसद के भीतर एक अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाया गया है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार जिम्बाब्वे की दो मुख्य पार्टियों के कम-से-कम 60

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    1. मुहम्मद के समय aids आ गया था,

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    2. muhmmad ke samay teri ma bahen beti ko choda than is liye barabar sahi bola tune

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  6. मुसलमान तो सुअरो से भी ज्यादा गन्दे है । बेचारे सुअर तो गन्द्गी साफ करते है लेकिन ये नालायक तो गन्द्गी फैलाते है । जागो हिन्दुओ जागो कही देर ना हो जाये ।

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    1. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पहले से ही उनके पैरेंट्स सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते है यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हात के नाखून , पैर के नाखून , रही बात खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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    2. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी बेकुफ़ ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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    3. usi suwar ke upar konsi devi bethati hai ye to pata hi haga n

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  7. लिंग कि चमडी काटने से अगर फायदा होता है तो अल्लाह सब के लिंग कि चमडी काटकर क्युं नहीं भेजते! لینگ کی چمدی کاطنے سے اگر فایدا ھوتا ھے تو اللھ سب کے لینگ کی چمدی کاطکر کیو نھی بھےجتے .

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    1. बहोत सारे हिन्दू भी जब प्रॉब्लम होती हे तब उपरकी चमड़ी निकालते हे।उनसे ही ये सवाल करलेना तब गांडपे लात खाएगा और रामायण भी सुनेगा

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    2. चुतमरिके तेरे भगवान तुझे नंगा भेजा नन्गा ही रहेंगे क्या।

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    3. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी बेकुफ़ ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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    4. teri ma bahen beti ko gift dena hai n is liye

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  8. उत्तर
    1. tum muslaman ka koi iman nahi hota hai tu to desh main gandagi ho

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    2. यहां जलने की बात नही हो रही । तुम बात तर्क से करो । ऊल जलूल बोलने से न समझोगे न समझा पाओगे

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    3. अरे मेरे भाई तुम पर हम क्यू जलेंगे बतावो ज़रा हमें

      तुम खुद ही सोचो पुरे मुस्लिम देश है लेकिन तुम लोग वहां भी शांति से नहीं रहते
      हिन्दुस्तान में आकर हम काफिरो को मारना ये समज सकता हूँ
      लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिम स्कुल में बच्चों को किस कारण मारते।हो
      अफगानिस्तान में तुम शांति से नहीं रह सकते
      लीबिया में वही हाल है
      सीरिया में वही हाल है
      हिन्दुस्थान में वही हाल है
      जर्मनी फ्रांस अमेरिका इंग्लॅण्ड तुम कोनसी जगह पर लोगो को शांति से जीने दे रहे हो ज़रा बताओ मुझे

      1400 साल हो गये इस्लाम को दुनिया की दूसरे नंबर की आबादी है तुम्हारी तुमने गाडी का वायफर का भी ईजात नहीं किया

      70 साल हो गए आझाद होकर पाकिस्तान और हिन्दुस्थान को लेकिन हिन्दुस्तान चाँद पे भी गया और मंगल पे भी गया और पाकिस्तान कहा है सोचो ज़रा

      बाकी सारी दुनिया शांति से जी रही है सिवाय मुस्लिम समुदाय के

      ज़रा अपने बारे में सोचो यार कहा जा रहे हो आप लोग
      आपके एरिया में गंदगी क्यू होती है
      आप सिग्नल पे गाडी रुकाते हो कभी
      जे जे का मुंबई का ब्रिज 2 व्हीलर के लिए किसके कारण बंद किया..???

      शांति और सन्मान से जीने की कोशिश करो

      अगर अल्ला चाहता है की काफर नर्क में जाएंगे तो ठीक है हमे नर्क में जाने दो

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    4. मुहम्मद ने चॉद को 2 टुकडे कर दिये हॆ इस लिये मुस्लिम country चॉंद पर नहीं जाते

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    5. teri ma bahen ko chodna chhodakar kaise ja sakate hai

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  9. to aap logo ka kaun sa imaan he kisi doosre par ungli uthane se pehle apne aap ko dekh lena chaiye aap bhi to khud mitti se murti banate ho aur usi ki pooja karte ho aisa bhi kuch hota he ki khud hi bhagwan banao phir use poojo or phir har saal phek do. Bhagwaan to woh he jisne poori duniya ko banaya he to use to koi bana hi nahi sakta uska koi roop nahi he wo har jagah maujood he.

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    1. Bhagwaan to woh he jisne poori duniya ko banaya he to use to koi bana hi nahi sakta uska koi roop nahi he wo har jagah maujood he.

      HAM BHI AAPAKI IS BAAT SE SAHAMAT HAI JO AAPANE KHUD KAHI HAI KI BHAGAWAN.... JB AAP BHI MANATE HO KI BHAGAWAN NE BANAYA HAI YO AAPAKE WO ALLAH KRA KARATE HAI SIFR MUSALMANO KO HI BANATE HAI KYA ?

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    2. Dear Friend,
      agar aap world ka ithihaas padenge to aap difference samajh jaoge na to kisi allah ka jikar hai na hi kisi khuda ka. allah ka astitav hai to world mein sab muslim hote. muslim religon ka koi ithihaas nahi milta.

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    3. abe chinal ke jise tum pujate ho devi devtao ko o ek allah ki banai huyi makhalook hai tum log galat fehami par ho o khud allah ki tabedar hai muzase bat kar
      sari diniyake fate huye condom ke natize

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  10. 1. खतना यहूदी धर्म में भी किया जाता हे। यहूदी के धर्म स्थापक को भी मुसलमान ईश्वर का दूत मानते हे इसी लिए मुसलमान खतना करवाते हे। काफिर एक ही प्रकार के नहीं होते। कोई अपने आपको मुसलमान कहे और कुरआन को न माने वो मुसलमान नहीं।कुरआन में ये बात साफ बोली गई हे। और खतना से होने वाले फायदे फ्रांस के एड्स संस्था का सर्वे को कोई झुठला नहीं सकता। ख़त्नासे एड्स के वायरस शरीर में जल्दी प्रवेश नहीं करते।कितनेही नोंमुस्लिम को पेसाब की तकलीफ,आगे के भाग की चमड़ी खीचने की वजह से खतना जेसा ऑपरेशन करवाते हे।
    अल्लाहने पहलेसे खतना करवाके दुनियामे हमें नहीं भेजा क्योके पहले एड्स नहीं था तुम जेसे लोगोने एड्स को फैलाया इसी लिए इस्लाम आया और एड्स के वाइरस को कम करने के लिए खतना का उपाय दिया।

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    1. abe tujhe to yah bhi nhi pata ki aids hai kya aur chala hai bhsan dene tere is bakchodi ke pichhe bhi ye soch hai ki ladkiya ye soche ki musalim ke sath sex karane se aids nhi hoga jo ki bilkul galat hai aids sabko ho sakata hai balaki musalim ko to aur bhi jaladi kyoki wo kate huye jo hote hai aur jakhm se koi bhi viros jaladi failata hai

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    2. मूर्ति पूजा अनुचित है । हमारे सत्य सनातन वैदिक धर्म में मूर्ति पूजा नही है

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    3. पर इस्लाम में दरगाह पर सजदा करना काफिया पढ़ना मूर्ती पूजा है । क़िब्ले की ओर मुंह काके नमाज़ पढ़ने भी जड़ पूजा और मूर्ति पूजा है

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    4. मेरे भाई 1400 साल पहले कहा एड्स था की तुम 1400 सालो से खतना करते आरहे हो

      खतना कोई बुरी बात नहीं है अगर शारीर के लिए अच्छा है तो किया करो

      लेकिन सबका खतना क्यू करना चाहते हो यार

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    5. अगर यहूदी धर्म में भी खतना किया जाता था तो उनको क्यू भगाया आपने

      उनके धर्म में क्या कमी थी

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  11. 2&3-कुरआन या इस्लाम की कोई भी किताबमे ऐसे कही पर भी नहीं लिखा के फरिश्ता कुरआन को लिख कर लाते। वो याद की हुई ही लाते। कृपया इस्लाम के बारेमे सही जानकारी पराप्त करके ब्लॉग बनाए आप बिना जाने ब्लॉग बनाने मत बेठो। जूठी बातो को फैलाना भी पाप हे।
    बच्चे और पागल इंसान अगर मर जाते हे उनकी जगह सिर्फ जन्नत हे।क्योके वो क्या अच्छा और क्या बुरा हे उतनी उनमे अक्कल नहीं होती। 72 हूरो की हर जगह बात करने वालो अप्सरा की बात आपके धर्ममें की गई हे वो किसके मनोरंजन के लिए हे।भगवान ऊपर अय्यासी करे और भक्तो को ऐसी बातोंसे मना करे। क्यों किसी बतसुरत औरत अप्सरा नहीं बन सकती क्योके वो सुंदर औरतो को अपनी अय्यासी के लिये राखी हे।

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    1. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी बेकुफ़ ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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    2. ha bil kul sahi gaya teri ma bahen ki chut me mera land

      हटाएं
  12. जिहाद का मतलब संगरस् किसी भी अच्छे काम के लिए संघर्ष करना जेसे ज्ञान प्राप्त करना,अपने और फॅमिली के लिए महेनत करना,दूसरे के लिए कुछ करना,ईश्वर पाप्रती के लिए अच्छे काम करना।

    अल्लाह निराकार हे जेसे हम हवा को महसूस कर सकते हे लेकिन देख नहीं सकते। हवा भी निराकार हे ये तो एक उदहारण हे। अल्लाह चाहे उसे वो वरदान दे सकते हे उन्हें निराकार होते हुए भी देख सके क्योके वो जो चाहे वो कर सकता हे।।।।उसमे हमारी मर्जी नहीं चलती के उन्हें ये करना चाहिए और ये नहीं करना चाहिए। क्योके उसने हमें बनाया न के हमने उसको।
    तुम्हारी बाते तो ऐसे हुई जेसे बाप को सीखा रहे हो के उसे क्या करना चाहिए।

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    1. abe bhosdi ke kon se hadish me likha hain prmad de jehad ka matlab sangharsh hota hain jhuthe mulle

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    2. Raj misra गांडू सबद का अर्थ डिक्शनरीमे होता हे जाके चेक कर।

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    3. जिहाद का मतलब संगरस् किसी भी अच्छे काम के लिए संघर्ष करना जेसे ज्ञान प्राप्त करना,अपने और फॅमिली के लिए महेनत करना,दूसरे के लिए कुछ करना,ईश्वर पाप्रती के लिए अच्छे काम करना है

      तो फिर आपके ये जो मुजाहिद है जैसे पाकिस्तान में अफगानिस्तान में ये क्या मजाक कर रहे है क्या...????

      कसाब ने मुंबई में आकर कोणसा ज्ञान प्राप्त किया है भाई

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    4. kasab ke niche teri ma bahen ko chadhane ke bad puch leta usase

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  13. जब अर्जुन महाभारत में लड़ने से मन किया तब कृष्णने अर्जुन को कहा अगर तुम लड़ने के बाद मारे गए तो तुम्हे सवर्ग मिलेँगा। और अगर जित गए तो तुम्हे संसार का सुख प्राप्त करोगे।

    अरे ये केसी बाते सबसे बड़ा योद्धा को भगवान युद्ध में मरने से सवर्ग की लालच और बचने पर दुनिया की अय्यासी की लालच दे रहे हे।और ये केसा भगवान उसको समजाने के लिए दुनिया में आना पड़ा। पता नहीं चलता भगवान भी अपने काम के लिए चल बाजी करता हे। वो भी इंसान जेसा

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    1. Quran me dekh unko ne dhokha kiya allah unse bada dhokhe baz hain --quran...

      unho ne ek chal chali allah bada chal chane wala hain Quran ..abe wo dharam yudh tha kisi k ghar ja kar koi lut mar aurto ka balatkar nahi karat tha mohmmad ki tarah ..yadhudiyo se dosti ki raat ko un per humla kar diya ..bata mahabhrat me aisa kahan hua ..mulle arjun yudh me aachuka tha ab yeh gyan diya allah to chal chal raha hain dhokha kar raha hain ..yeh kya hain allah saitan hain ..bheshak allah saitan hain ..ishwar kabhi nahi ho sakta ..ishwar ek h wo sab k liye sam hain ..per allah kafir musriq pata nahi allah saitan logo ko kya kya bata raha hain

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    2. ये अनुवाद गलत हे। उसका अनुवाद हे के आप अल्लाह को धोका नहीं दे सकते और अल्लाह के ऊपर तुम्हारी चाल कुछ काम ना आएगी। वो तुम्हारी हर चाल को जानने वाला हे।

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    3. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी बेकुफ़ ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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    4. जिहाद जिहाद जिहाद ....मारो काटो ..हिंसे और सेक्स बस यही ही है क्या इस्लाम

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    5. जिहाद जिहाद जिहाद ....मारो काटो ..हिंसे और सेक्स बस यही ही है क्या इस्लाम

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    6. ha teri ma bahen beti tera khandan dekhane gaya tha kya ye sub dekhane ke liye bat kara hai sala kafir

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  14. खतना नबी इब्राहिम अलैहि सलाम की सुन्नत है। जिन्हे हम निभाते है। और क़ुरान में इसका ज़िक्र है अध्याय न ९५ २३ २७ ३२ ४० की तफ्सील विस्तार में आपको इसका उत्तर मिल जाएगा। और हदीस में इसका साफ़ साफ़ वर्णन है क्यों की हम हदीस को भी मानते है। हज़रत अबु हुरैरा रज़ि. फरमाते है की मेने रसूल सलल्लाहो अलैहि वसल्लम को फरमाते हुए सुना की "फ़ित्राह प्रकृति से संबंधित ५ क्रियाएँ करो। खतना, नाफ (नाभि) के नीचे के बाल काटो, मूंछे कतरो, नाखून काटो, और बगलो के बाल काटो,
    और सिर्फ क़ुरान में ही नहीं बाइबिल में भी अब्राहम इब्राहिम अलैहि सलाम के खतना करने का ज़िक्र है। वो भी साफ़ साफ़ शब्दों में। जेनेसिस चैप्टर १७
    भाई तुझे मानने को कोई नहीं कह रहा। ईमान में कोई ज़बरदस्ती नहीं है। तुम मानो या न मानो ये तुम्हारी मर्ज़ी है। में बस जवाब दे सकता हु और क़ुरान भी। रसूल सलल्लाहो अलैहि वसल्लम गारे हिराह में थे जब उनके पास पहली आयत आई। पर वे अपने इस पहले अनुभव से इस क़दर डर गए की बीमार पड़ गए। और जितनी जल्द हो सके वहां से चले आये। जो लिखित में उन्हें दिखाया गया वो जिब्राइल नामक फ़रिश्ते के ज़रिये उन्हें दिखाया था। वे वहां से उस आयत को साथ लेकर नहीं आये। बस उन्हें याद रहा की उन्होंने वहां सुना और देखा।
    और ये सच ही है की क़ुरान एकमात्र ऐसी किताब है जो आज तक सुरक्षित है। दुनिया की आज तक की किसी भी क़ुरान में आपको एक मात्रा का भी अंतर नहीं मिलेगा। ये हमारा खुला दावा है। क्यों की इसकी ज़िम्मेदारी खुद अल्लाह ने ली है

    ऐसे बच्चे अगर मर जाए तो उनको जहन्नुम से बचा लिया जाएगा। क्यों की उन्हें सोचने समझने की ताक़त नहीं होती। वो नहीं जानते की क्या सही है। क्या ग़लत। उन तक अल्लाह का अहकाम नहीं पहुँचता इस आधार पर उन्हें जहन्नुम से बचा लिया जाएगा।

    यही एक ऐसा शब्द है जिसे बहोत ग़लत तरीके से समझते हो आप लोग अपनी नासमझी के कारण। क़ुरान के ७७७०१ शब्दों में शब्द हूर सिर्फ चार बार आया है। इसका अर्थ वासना से नहीं ये केवल एक इनाम है। अगर आप मर्द और औरत से ऊपर उठ कर देखो तो ये एक मानव का नित्य कर्म है। सेक्स एक काम है जिस से इंसान को ख़ुशी मिलती है। और ये हर प्रजाति में है न की केवल इंसानो में। ओरते अपने मर्दो के साथ रहेंगी। जब भी अगर वो चाहेंगी।

    जिहाद शब्द अरबी भाषा का है। जिसका शाब्दिक अर्थ होता है जद्दोजहद करना , संघर्ष करना। अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी की छोटी छोटी मुश्किलो से लड़ना भी जिहाद है। ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाना भी जिहाद है। जिस जिहाद की आप बात कर रहे हो वो ज़ुल्म है। और जो जिहाद आज कल के आतंकी करते हैं तो आतंक है न की जिहाद। आप खुद चलकर किसी को मारते हो उसे जिहाद नहीं कह सकते। बल्कि अपनी सुरक्षा करना और अपना हक़ लेना जिहाद कहलाता है। जो आतंकी संगठन और आप जो करने की बात कर रहे हो। वो किसी भी रूप में जिहाद नहीं है।

    अल्लाह ने क़ुरान में कहा है की मेने अपने ऊपर ज़ुल्म को हराम कर लिया है। तो अल्लाह किसी पर भी ज़ुल्म नहीं करता। वो अपने बन्दों को दुनिया में सबसे ज़्यादा मुहब्बत करता। जो कोई बंदा अल्लाह कोई बंदा नेक हो अच्छे गुणों वाला हो अल्लाह उसे उसका बदला देगा। और हो सकता है की अल्लाह उस पर इतना मेहरबान भी हो जाए की उसे इस्लाम में दाखिल होने की तौफीक भी अता कर दे।

    शैतान की एक हद है जहाँ से आगे शैतान नहीं जा सकता। और दूसरी बात जिसके आगे सारे फ़रिश्ते, सारे नबी झुक रहे हो। वो खुदा ही हो सकता है। शैतान नहीं।

    यार कैसी मूर्खतापूर्ण बाते कर रहे हो। बैतूल मुक़द्दस आज भी सही सलामत है। येरुशलम में। गूगल पर सर्च कर के देखो।

    मुहम्मद साहब को जो पढ़ा लिखा पाये ऐसा कोई ज्ञानी दुनिया में न हुआ न होगा। इसलिए उन्हें उम्मी अनपढ़ ही रखा गया अल्लाह की ही तरफ से । एक बात और जिसे आप अनपढ़ कह रहे हो। उसके आगे अरब के बड़े बड़े साहित्यकार हाथ जोड़ते थे की तुम जिस तरह की किताब लाये हो उसके भावार्थ के आगे हमारा ज्ञान कहीं नहीं टिकता। हम इसके जैसी एक आयत नहीं बना सकते खुद से। जबकि वो उस भाषा के ज्ञानी थे।

    केवल जंगे बद्र। वो भी जिसमे जो काफिला लूटा गया उसमे उन्ही लोगो का माल था। जब मक्का से मुहम्मद साहब मदीना हिजरत कर गए तो मक्का के रहवासियो मूर्तिपूजकों ने उनका माल, घर, दुकाने और उनके साथियो का माल समेत कर सीरिया ले जाकर बेच देने की प्लानिंग की। फिर उन्होंने तो जंग करके सिर्फ अपनाया माल वापस लिया।

    एक बात और कहना चाहूंगा। जिस तरह की शैली में आप मेरे मज़हब के बारे में बात कर रहे हो। उस से आपके संस्कार और धर्म की सिखाई हुयी बातो का पता चलता है। में भी उसी अंदाज़ में जवाब दे सकता था। मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाते आप। पर मेरा मज़हब मुझे ये नहीं सिखाता। और में कोई अपने धर्म का प्रकांड पडित नहीं हु। में तो केवल एक सामान्य मुस्लिम हु। अब आप ही सोच सकते है की आपके सवाल जिनपर आपको इतना घमंड था। वो कितने आसान है।

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    1. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी बेकुफ़ ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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    2. हैदर साहब 1400 सालो में दुनिया बहोत बदल गई है

      पिछले 1400 सालो में ना कोई जन्नत ढूंढ पाया ना स्वर्ग ढूंढ पाया है

      1400 साल पुरानी किताब सच होती और अंतिम सत्य होती तो उनमे
      कंप्यूटर
      मोबाईल
      टेस्टट्यूब बेबी
      केंसर
      इन सारी बातो के बारे में क्यू नहीं लिखा है

      परिवर्तन ही सृष्टि का नियम है
      जो चीज बदलती नहीं उसका मिटाना फिक्स है

      हिन्दू समाज ने बहोत सारी गलत बातो का त्याग किया है और भी गलत प्रथा को त्यागने की कोशिश कर रहा है

      इसी लिए सायन्स पे ध्यान दीजिये

      किसी भी धर्म की किताब मंगल पे यान कैसे भेज सकते है
      केंसर पे क्या उपाय है
      एड्स पे क्या उपाय है ये नहीं बताया है

      सिर्फ जन्नत और स्वर्ग बताया है किसका कोई आधार नहीं है

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    3. तुम्हारे जैसे चोदू ऋषि नहीं थे लिखने वाले जो कामसूत्र ही लिख डाली

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    4. abe khatamal duniya jabase bani hai aur khatam hone tak matalab QAYAMAT ka din jo
      sub kuch likh dala hai usame

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  15. तुम इतने ज्ञानी हो तो अपने आतंकी भाइयो को ज्ञान दो जो आतंक फेला रहे हे

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    1. Atank failane wala kv musalman ya hindu ya koi v dhram ka nhi hota wo atanki hota h sirf atanki muslim name ya hindu name rakh lene se koi matlab nhi h

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    2. Atank failane wala kv musalman ya hindu ya koi v dhram ka nhi hota wo atanki hota h sirf atanki muslim name ya hindu name rakh lene se koi matlab nhi h

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    3. Q teri ma bahen ko tune dhande par bithaya
      hai kya jo tu teri gharme bethakar ma chudara

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  16. खतने का यौन सुख पर कोई नकारात्‍मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे यौन सुख में इजाफा होता है। ऐसा देखा गया है कि जिन पुरुषों ने खतना करवाया है, वे और उनकी महिला साथी दोनों को अधिक यौन सुख प्राप्‍त होता है। पहले माना जाता था कि खतने का पुरुष और उसकी महिला साथी के यौन सुख पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। पुरुष पेनिस का सबसे उत्तेजित भाग फेनुलम खतने के बाद और अधिक एक्‍पोज हो जाता है। इसलिए खतना कराने के बाद पुरुषों को अधिक यौन आनंद की प्राप्ति होती है और क्‍योंकि पुरुषों को अधिक यौन आनंद की प्राप्ति होती है, इसलिए उनकी महिला अधिक यौन सुख प्राप्‍त करती हैं।

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  17. बेनामी - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
    लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
    सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
    खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (बेनामी बेकुफ़ ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है

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  18. Amris morya पगला गए हो क्या।।। हा भाई बहोत सवचछता देखि हे आप लीगों में गंगा के किनारे लोग टॉयलेट के लिए जाते हे और वह उसी पानी में मिलता हे।अभी गंगा के पानी का सैम्पल लिया तो वह इस्तेमाल करनेके लायक नहीं हे तब भी तुम उसमे नहाते भी हो और पिते भी हो।।।गाय का मूत भी पि लेते हो और गोबर से भी नहाते हो।।।।
    बहोत साफ सफाई रखते हो।।।
    हाहाहाहा।।

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    1. इस्लाम में ऊँट का पेशाब पीने की हिदायत दी गई है !इस्लाम में ऊँट का पेशाब पीने के लिए मुसलमानों को मुहम्मद साहब हिदायत दिया करते थे और जो उनकी बात नहीं मानता था उसको बुरी तरह मार दिया जाता था । (१) कुछ आदमी मुहम्मद साहब के पास आकर मुसलमान हो गए, आपने फरमाया कि ऊँट का पेशाब पियो उन्होंने नहीं पिया और वह फिर काफिर हो गए । मुहम्मद साहब ने उनके हाथ पाँव कटवा दिए, आँखों में गर्म सिलाई फिरवा दी, पानी तक पीने को न दिया । ( मिश्कात जिल्द 3 हदीस 439 ) (२) मदीना का वातावरण सही नहीं था तो मुहम्मद साहब ने अपने मोमीनों को ऊँट का पेशाब और दूध पीने की सलाह दी । तो पहले तो कुछ लोगों ने ऐसा ही किया और बाद में ऊँटों को मार दिया । ये बातें मुहम्मद साहब को पता लगीं तो मुहम्मद साहब ने उनको बुलवाकर उनके हाथ पैर कटवा दिए और आँखें फुड़वा दीं । ( Bukhari : Book 7 :: Volume 71 :: Hadith 590 ) समीक्षा :- इससे पता लगता है कि मुसलमान ऊँटों का पेशाब पीते रहे हैं और अब भी पीते हैं । ये आप इस वीडीयो में भी देख सकते हैं :- हमारे मोमीन सदैव सनातन धर्मीयों को कटाक्ष करते हैं कि हम गाँय का मूत्र पीते हैं । लेकिन जब खुद पर बात आती है तो चुप हो जाते हैं । ये हदीसों में मुहमम्द साहब खुद अपने सहाबीयों को ऊँट का पेशाब पिलवाते थे । इसपर मोमीन लोग कुछ नहीं कहते और कान बांद करके दौड़ जाते हैं । गाँय का मूत्र औषदीय गुणों से युक्त होता है क्योंकि देसी भारतीय गौएँ ही ऐसे पशु हैं जिनके मूत्र तक में हरी भरी जड़ी बूटियों के तुल्य गुण रहते हैं । जबकी ऊँट में वो बात नहीं है क्योंकि ऊँट कई कई दिन बिना खाना और पानी के रह लेता है और खाए हुए खाने को बार बार पचाता रहता है जिससे कि खाए हुए भोजन चारा या पत्ते आदि के गुण नष्ट होकर उसके शरीर में खप जाते हैं । इसलिए ऊँट का मूत्र एक दुषित पदार्थ है जबकी गाँय का मूत्र नहीं । नोट :- इस्लाम समीक्षा पढ़ने के लिए ऋषिदयानंद सरस्वति कृत सत्यार्थ प्रकाश का 14 वाँ समुल्लास अवश्य पढ़ें ।https://www.youtube.com/watch?v=18i_SqmTBnQ.

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    2. बहुत ही सुंदर । अति उत्तम । सत्यार्थ प्रकाश का 14वां समुल्लास पढ़े । अज्ञान मिट जाएगा । इस्लाम की वास्तविकता समझ आ जाएगी

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    3. ha ati sunder teri ma bahen nagi nachegi bazarme ja dekhale

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  19. http://know-islam.hpage.co.in/_16901161.html

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  20. हर मुसलमान आतंकी नहीं होता-----पर हर आतंकी मुस्लिम क्यों होता है?

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  21. हर मुसलमान आतंकी नहीं होता-----पर हर आतंकी मुस्लिम क्यों होता है?

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  22. झांसी: देश में इन दिनों 'भारत माता की जय' पर जिरह छिड़ी हुई है इतना ही नहीं जय के आधार पर ही देशभक्त और देशद्रोही तय किए जा रहे हैं, मगर बुंदेलखंड के झांसी जिले में 'वीरा' एक ऐसा गांव है, जहां होली के मौके पर हिंदू ही नहीं, मुसलमान भी देवी के जयकारे लगाकर गुलाल उड़ाते हैं।

    झांसी के मउरानीपुर कस्बे से लगभग 12 किलोमीटर दूर है वीरा गांव। यहां हरसिद्घि देवी का मंदिर है। यह मंदिर उज्जैन से आए परिवार ने वर्षो पहले बनवाया था, इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा भी यही परिवार अपने साथ लेकर आए थे।

    मान्यता है कि इस मंदिर में आकर जो भी मनौती (मुराद) मांगी जाती है, वह पूरी होती है। क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रागीलाल बताते हैं कि वीरा गांव में होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है, यहां होलिका दहन से पहले ही होली का रंग चढ़ने लगता है, मगर होलिका दहन के एक दिन बाद यहां की होली सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देने वाली होती है।

    जिसकी मनौती पूरी होती है, वे होली के मौके पर कई किलो और क्विंटल तक गुलाल लेकर हरसिद्धि देवी के मंदिर में पहुंचते हैं। यही गुलाल बाद में उड़ाया जाता है।

    प्रागीलाल का कहना है कि इस होली में हिंदुओं के साथ मुसलमान भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और देवी के जयकारे भी लगाते हैं। होली के मौके पर यहां का नजारा उत्सवमय होता है, क्योंकि लगभग हर घर में मेहमानों का डेरा होता है, जो मनौती पूरी होने के बाद यहां आते हैं।

    स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुप्ता ने बताया कि बुंदेलखंड सांप्रदायिक सदभाव की मिसाल रहा है। यहां कभी धर्म के नाम पर विभाजन रेखाएं नहीं खिंची हैं। होली के मौके पर वीरा में आयोजित समारोह इस बात का जीता जागता प्रमाण है।

    यहां फाग (जिसे भोग की फाग कहा जाता है) के गायन की शुरुआत मुस्लिम समाज का प्रतिनिधि ही करता रहा है, उसके गायन के बाद ही गुलाल उड़ने का क्रम शुरू होता रहा है। अब सभी समाज के लोग फाग गाकर होली मनाते हैं। इसमें मुस्लिम भी शामिल होते हैं।

    व्यापारी हरिओम साहू के मुताबिक, होली के मौके पर इस गांव के लोग पुराने कपड़े नहीं पहनते, बल्कि नए कपड़ों को पहनकर होली खेलते हैं, क्योंकि उनके लिए यह खुशी का पर्व है।

    सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह होली को बुंदेलखंड के लोगों के लिए सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक समरसता का पर्व बताते हैं। उनका कहना है कि होली ही एक ऐसा त्योहार है, जब यहां के लोग सारी दूरियों और अन्य कुरीतियों से दूर रहते हुए एक दूसरे के गालों पर गुलाल और माथे पर तिलक लगाते हैं। वीरा गांव तो इसकी जीती-जागती मिसाल है।

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  23. to phirrr kutte ki aulado tumhe islam ko badnam karne me maza aa rha haikya ?



    ye saale rsss ke bhadve hai

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    1. शरीफ भाई
      हमे क्या करना है इस्लाम को बदनाम कर के

      आप ज़रा इन जिहादी और आतंकी लोगो को समझाईये
      अगर ये सुधर गए तो कोण क्यू इस्लाम के बारे में बोलेगा

      सब से जादा आपके इस्लाम के बंदो ने ही इस्लाम की छबि बिगाड़ी है

      ये लोग किसीभी जगह पर शांति से रहते नहीं है
      तो कोनसे लोग आपके महजब से प्यार करेंगे

      दुनिया कहा जा रही है और आप कहा जा रहे हो

      ऐसा क्या है इस्लाम में या और किसी भी धर्म में बताईये
      अगर इस्लाम अल्ला का धर्म है तो क्या मुस्लिम लोगो को 200 साल की उम्र है क्या

      बाकी लोगो को 2 आखे है तो आपको 4 आँखे दी है क्या अल्लाह ने
      आपको खाना खाने के लिए काम नहीं करना पड़ता है क्या...???

      आप अगर अल्लाह के सचे सेवक है
      तो अल्लाह हम काफिरो से जादा कोनसी सौलियात आपको देता है

      और फिर अल्लाह ही ये मसाला क्यू नही हल करता
      सारे काफ़िर वो खूद क्यू नहीं मिटाता
      उसने क्यू हमे बनाया है

      आसान सा लावल है शरीफ भाई आप भी 60 साल जिएंगे और हम भी 60 ही साल जीने के लिए आये है यंहा पे

      ना आपको भगवान खत्म कर सकता है
      ना हमे अल्लाह खत्म करना चाहता है

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    2. to Q tumhari ma bahen hamare niche chuda rahe ho

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  24. गायत्री मंत्र का प्रत्येक शब्दानुसार सरलार्थ :-ॐ+ भूर्भुवः (भुः+ भुवः), स्वः +तत्सवितुर्वरेण्यं (तत्+सवित+उर+वरणयं), भर्गो=भार्गव/भृगु , देवस्य(देव+स्य), धीमहि+धियो+योनः+प्र+चोद्यात |ॐ =प्रणव ।भुः = भुमि पर ।भुवः = आसीन/ निरापद हो जाना /लेट जाना [(भूर्भुवः=भुमि पर)] ।स्व= अपने आपको ।तत्= उस ।🌞सवित= अग्नि के समान तेज, कान्तियुक्त की ।उर=भुजाओं में ।वरण्यं = वरण करना, एक दूसरे के /एकाकार हो जाना । 👹भर्गोः देवस्य=भार्गवर्षि/ विप्र(ब्राहमण) के लिये ।😴धीमहि= ध्यानस्थ होना /उसके साथ एक रूप होना /धारण करना |[(धी =ध्यान करना), (महि=धरा,धरती,धरणी,धारिणी के/से सम्बद्ध होना)धियो =उनके प्रति/मन ही मन मे ध्यान कर / मुग्ध हो जाना / भावावेश क्षमता को तीव्रता से प्रेरित करना ।योनः= योनि/ स्त्री जननांग ।प्र= [उपसर्ग] दूसरों के / सन्मुख होना/ आगे करना / होना /समर्पित/समर्पण करना ।चोदयात्= मँथन / मेथुन / सहवास / समागम /सन्सर्ग के हेतु । (नोट-मनुस्मृति में भी यह शब्द "चोदयात्" का इन्हीं अर्थों में कईं बार प्रयुक्त हुआ हैं|)सरलार्थ:- हे देवी (गायत्री), भूपर आसीन (लेटते हुए) होते हुए, उस अग्निमय और कान्तियुक्त सवितदेव के समान तेज भार्गव विप्र की भुजाओं में एकाकार हो जाओ (उनका वरण कर लो); और मन ही मन में उन्ही के प्रति भावमय होकर उनको धारण कर लोऔर पूर्ण क्षमता से अपनी योनि(जननांग) को मैथुन ( सहवास) हेतु उन्हें समर्पित कर दो |.................तो इस प्रकार हम देखते हैं की जिस 'गायत्री मंत्र' का अधिकांश हिन्दूलोग पूर्ण श्रद्धा के साथ सुबह-शाम और भोर को जगते ही ५- ७ - ११ - २१ - १००८ , १० , ००८ इत्यादि बार जाप करते हैं, वो शायद इन्हीं भावों को जाने-अनजानें में व्यक्त करतें रहतें है !!!😛😋NOTE :-है अगर दम किसी हिन्दूमें तो इसे गलत साबित करके बताईये ।केवल भौंकने से कुछ नही हो सकता ।

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    1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    2. बिस्मिल्लाहिर्रहमान ऐ रहीम।
      मतलब,

      बिस (बीस)
      मिल्लाहिर्र (मल्लयुद्ध करने बाले मल्लों से)
      रहमान (रहम न होने देना चुदाई करवाना आयेशा की )
      ऐ रहीम ( ए रहीम मैं बुढ्ढा हो गया हूँ)
      बीस पहलवानो द्वारा चुदवा दो आयेशा को इस पर रहम न करो रहीम ये बड़ी चुदाई में माहिर है इसे छोटी न समझो तुम रहीम।

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    3. ha ye charo pacho zan teri ma bahen ko ulta latkayenge fir sau land ke pote nikalenge chut aur gand me se

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  25. Sharif Bhai इनसे वेकार कि फिजुल बाते करके कौइ फाइदा नही है कयौंकी ईनके दीलौ मे खुदा ने मौहर लगा दि है इसीलिये उस दीन का इनतेजार करौ जिस दीन सोबको पता चल जायेगा कि कया सच था और कया झुट हे

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    1. वही तो फारुख साहब हम सबने उस दिन का इंतज़ार करना चाईए

      लेकिन ये आतंकवादी समजते ही नहीं है
      बेमतलब बेगुनाह लोगो को मारते है
      उनके दिलो में भी खुदा ने मोहर लगाई है क्या कोई...???

      क्यू इस्लाम के खिलाफ इतनी नफ़रत तैयार हो रही है

      आप ही समझो की
      ईरान के पारसी यंहा आकर रहते है
      ख्रिचन् है
      बौद्ध है
      सिख है
      जैन है
      क्यू कोई इनसे नफ़रत नहीं करता
      आपसे ही क्यू करते है लोग नफ़रत इतनी...??

      ज़रा खुद के अंदर भी झांक कर देखिये कुछ तो गलती आपकी भी रही होगी

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    2. Q ki teri ma bahen hamare niche chuda rahi hai n is liye

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  26. तुम लोगो की आदत तो है ही सब काम उल्टा करना, अगर कभी किताबे पढ़ी हो तब पता चलेगा की गायत्री मंत्र का मतलब क्या है और अगर नहीं पता तो ये पढ़ शायद दिमाग में कुछ अच्छा असर हो जाए इस मंत्र से।

    गायत्री मंत्र हिन्दू धर्म का एक महत्त्वपूर्ण मंत्र है, जिसकी महत्ता ॐ के लगभग बराबर मानी जाती है... यह यजुर्वेद के मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः और ऋग्वेद के छंद 3.62.10 के मेल से बना है... इस मंत्र में सवित्र देव की उपासना है, इसलिए इसे सावित्री भी कहा जाता है... ऐसा माना जाता है कि इसके उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है...

    शाब्दिक अर्थ
    ॐ : सर्वरक्षक परमात्मा
    भू: : प्राणों से प्यारा
    भुव: : दुख विनाशक
    स्व: : सुखस्वरूप है
    तत् : उस
    सवितु: : उत्पादक, प्रकाशक, प्रेरक
    वरेण्य : वरने योग्य
    भुर्ग: : शुद्ध विज्ञान स्वरूप का
    देवस्य : देव के
    धीमहि : हम ध्यान करें
    धियो : बुद्धियों को
    य: : जो
    न: : हमारी
    प्रचोदयात : शुभ कार्यों में प्रेरित करें

    भावार्थ : उस सर्वरक्षक प्राणों से प्यारे, दु:खनाशक, सुखस्वरूप श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंतरात्मा में धारण करें... तथा वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें...

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    1. abe khatmal jub tumlog padhate ho ya fir likhate ho to jara gorse dekha daye taraf se kisako padha jata hai aur baye taraf kisko padha jata hai

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  27. झूठ के बोझ को संभालने के लिए मुसलमान कैसे
    रात दिन एक कर देते है ,एक आनलाइन डिबेट मे
    इसका नमूना देखिए :-
    . 1) इस्लाम की पोल खुलने पर सबसे पहले मुस्लिम
    बोलते है कि ये सब तथ्यहीन आधारहीन
    है ,अज्ञानता है ,इस्लाम मे कोई
    जबरदस्ती नही है! अगर आप रैफरेंस देंगे वो सिरे
    से
    नकार देंगे और आपको पूरी तरह कुरान
    स्टड़ी करने
    को बोला जायेगा तभी रोशनी मिलेगी ! .
    2)अगर आप कुरान और हदीसो के हवाले देंगे
    तो आपको बोलेगे कि तुमने आयते
    अधूरी समझी है ,आयतो को गलत संदर्भ मे
    लिया है और उन आयतो मे लडाई का मतलब उस
    समय के युद्ध से था । (यानि इससे मुस्लिम यह
    दिखाना चाहते है कि अब हम दुनियाभर मे
    जेहाद नही कर रहे है) .
    3)अगर आप संपूर्ण आयतो और
    हदीसो का हवाला देंगे तो वो कहेंगे
    आपका अनुवाद गलत है और आपको अरबी सीखने
    के साथ आरिजनल वर्जन पढ़ने
    को बोला जायेगा ! .
    4)अगर आप कहेंगे कि आप अरबी भी जानते है
    साथ ही आपके पास प्रमाणित अनुवाद और
    सारी जानकारी उन्ही प्रमाणित रिसोर्स
    से है जिससे सर्वश्रेष्ठ मुस्लिम स्कालर्स
    हवाला देते है ,तो मुसलमान कहेंगे कि हदीसे
    पढ़ना भी जरूरी है … अगर आप
    हदीस से सच
    साबित करेंगे तो वे कहेंगे कुरान ही एकमात्र सच
    है ! .
    5)इन सबके बाद अगर आप जारी रखते है तो वे इस
    मुद्दे से बात घुमाने के लिये दूसरे टापिक उठायेंगे
    जैसे
    गरीबी ,इंसानियत ,शांति ,फिलिस्तीन ,इजराइल ,अमेरिका .
    6)अगर आप कहेंगे कि कुरान इंसान ने लिखी है
    तो वे Dr Bucalie की किताब
    का हवाला देकर सुनिश्चित करेंगे कि कुरान मे
    विज्ञान भी है ! .
    7)जबकि असल मे Dr bucalie सऊदी अरब से पैसे
    लिया करता था और Dr bucalie को कई
    विशेषज्ञो ने गलत और झूठा साबित कर
    दिया है ! .
    8)अब फिर मुस्लिम बोलेंगे कि ये सब वैस्टर्न
    मीड़िया का प्रौपगेंड़ा है इस्लाम
    को बदनाम करने का ! .
    9)अगर आप फिर भी सच सामने लायेंगे
    तो मुस्लिम कुतर्को पर उतर आएंगे और दूसरे
    मजहबो मे की किताबो मे कमियां निकालेंगे
    जैसे बाइबल ,तोराह ,वेद गीता आदि ! .
    10)लेकिन हद तो यहा है कि जिन
    किताबो को ये नही मानते
    उन्ही किताबो मे ये अपने मोहम्मद
    जी को अवतार भी दिखायेंगे (जैसे वेदो मे
    मुहम्मद को दिखाना).. और इस्लाम
    को जबरदस्ती विज्ञान से जोड़गे! (मतलब
    किसी भी तरह से हर हाल मे इस्लाम और
    मौहम्मद जी की मार्केटिंग करते रहते है ! इस
    तरह ये हमेशा काफिरो को थकाकर और
    उलझा कर रखते है !) .
    11)अगर आप न रूकेतो मुसलमान
    द्वारा आपको जाहिल झुठा ,कुत्ता ,जालिम
    वगैरह के साथ मां बहन की गाली और
    निजी हमले किये जायेंगे .. .
    12)अब मुस्लिम रट्टा लगायेंगे कि “इस्लाम
    तेजी से फैल रहा है “लेकिन जैसे ही सच्चाई
    सामने लायी जाये तो ये चिल्ला भी पड़ेंगे
    “इस्लाम खतरे मे है !” .
    13)अगर फिर भी आप असली मुद्दे पर अड़े रहेंगे
    तो मुसलमान बोलेंगे तुम जहुन्नम मे
    जाओगे …आखिरी दिन तुम्हारा हिसाब
    होगा …तुम पर अल्लाह का आजाब
    होगा ..अल्लाह तुम्हारे साथ ये कर देगा..
    वो कर देगा ,वगैरह वगैरह! .
    14)और आखिर मे जब सब फेल
    हो जायेगा तो अब मुसलमान धमकाने पर आ
    जायेंगे जैसे तुम्हे देख लूंगा,बचके रहना ,अपना नंबर
    और एड्रेस बताओ

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  28. hindu dharm main jeev hattya paap hain fir raam ne seekar
    kyo khela , raam ke pita ne seekar kyo khela

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    1. अली साहब आपने अभी हिंदू धर्म ठीक से जाना नहीं
      हिन्दू धर्म राम, कृष्ण जैसे किरदार है वो उनके समय के आदर्श किरदार है
      जिन्होंने आदर्श दिखाया तो उनको भगवान समजकर पूजा जाने लगा है
      आपकी मालूमात के लिए एक आश्चर्य की बात बताता हूँ के हमारे पूर्वज कितने ग्यानी थे
      हिंदू धर्म के अनुसार
      विष्णु के 8 अवतार हो चुके है
      1- मत्स्य (मछली मतलब पाणी में रहने वाला जिव)

      2- क्त्स्य ( मतलब कछुवा जो पाणी में भी रहता है और ज़मीन पर भी)

      3- वराह( मतलब प्राणी जो सिर्फ ज़मीन पर रहता है

      4- नरसिंह- ( मतलब आधा जानवर और आधा इंसान)

      5- वामन ( वामन का मतलब छोटा इंसान- बंदर से इंसान बना तब वो पूरी तरह खड़ा होकर नहीं चल सकता था इस कारण वो बौना दीखता था

      6- परशुराम- इसके पहले के किसी भी अवतार के हाथ में कोई भी हथियार नहीं है लेकिन धातु का शोध लगाने के बाद इंसान ने पहला हथियार कुल्हाड़ी बनाया था तो परशु का अर्थ कुल्हाड़ी है जो परशुराम का हथियार है

      7- राम- इसके पहले के किसी भी अवतार में महल या घर परिवार का जिक्र नहीं है
      राम के जन्म में हमे सिखाया गया की एक पत्नी होनी चाईए, सच बाते बोलनी चाईए, किसी को वचन दिया तो उसपे कायम रहना चाईए

      8- कृष्ण इस अवतार में राम ने बताई हुई बाते बदल गई है समाज़ बदल गया है
      धन और दौलत की खातिर झगड़े होने लगे है
      झूट का बोलबाला होने लगा था
      तो अपना हक पाने के लिए थोड़ी होशियारी हम दिखाए तो उसमे कुछ गलत नहीं है

      क्यू की दुनिया ही सच की नहीं रही तो उसके हिसाब से हमे भी बदलना चाईए

      ये हो गए 8 अवतार
      अब आप सायन्स की दृष्टी से देखेंगे तो

      1-पहला सजीव पाणी में जन्मा (मत्स्य अवतार)
      2- फिर वो पाणी और ज़मीन दोनों पर रहने लगा ( कत्स्य अवतार)
      3- फिर उसके बाद जानवर तैयार हुवा(वराह अवतार)

      4- फिर आधा जानवर और आधा इंसान ऐसा प्राणी तैयार हुवा है ( नरसिंह अवतार)

      5- फिर इंसान तैयार हुवा लेकिन उसके पास शुरू में हतियार नहीं है ( वामन अवतार इसके पास ना कोई हथियार है ना वाहन है)

      6- फिर धातु का शोध लगा तो उसने कुल्हाड़ी जैसे हतियार बनाये( परशुराम के पास कुल्हाड़ी है लेकिन तब तक चाक का शोध नहीं लगा है तो उसके पास कोई वाहन नहीं है)

      7- उसके बाद उसको समाज बनाकर रहने की जरुरत पता चली
      (राम इसके पास रथ जैसे वाहन है धनुष्य और गदा जैसे कुल्हाड़ी से जादा आधुनिक हथियार है)


      8-और आबाधि बढ़ी तो जायदाद और प्रॉपर्टी को लेकर झगड़े चालु होने लगे है ये कृष्ण का दौर है

      अब एक बात ध्यान में लीजिये की अपने पूर्वज कितने होशियार रहे होंगे

      ये सब ज्ञान उनको 5000 साल पहले ही था की इंसान कैसे तैयार हुवा जो उन्होंने लिख के रक्खा है

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    2. श्री राम ने शिकार कभी नहीं किया। सिर्फ हिरण को पकड़ने का प्रयास किया adhi adhuri jankari se kuch nhi hota

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    3. abe chhinalko rand ko
      jise tum log pujate ho devi devtao ko o rialtiy me allah ki banai hui ek makhalook hai tum log galat fehami par ho o khud allah ki tabedar hai

      हटाएं
  29. Kyunki Raam Khu Bhagwaan hai aur wo Jante the ki Hiran koi aur nahi balki Maareech naam ka Rakchhass h..
    Jisko aap Allah kehte ho hum unko Krishn k naam se jaante h.
    Quraan me jiske baare me limit me hi bataya gaya h
    Wahi Gaib Geeta me detail me dia gaya h pr isko samajhne k lie ek bakhabar yaani Asli Guru chahiye

    Soket bhai aap bas ye bata de ki jab Aapko dubara Zinda kia jaayega to konsa jism dia jaayega..jawani ka,bachpan ka ya Budhape ka?

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    1. allah har chiz par kudart rakhata hi bolane ki zaroorat nahi hai

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  30. Kyunki Raam Khu Bhagwaan hai aur wo Jante the ki Hiran koi aur nahi balki Maareech naam ka Rakchhass h..
    Jisko aap Allah kehte ho hum unko Krishn k naam se jaante h.
    Quraan me jiske baare me limit me hi bataya gaya h
    Wahi Gaib Geeta me detail me dia gaya h pr isko samajhne k lie ek bakhabar yaani Asli Guru chahiye

    Soket bhai aap bas ye bata de ki jab Aapko dubara Zinda kia jaayega to konsa jism dia jaayega..jawani ka,bachpan ka ya Budhape ka?

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  31. Islam generate to guide the peoples in contemporary time for a specific area.there may be some illogical thoughts at that time for that place,but today its spread globally on same irrelevant guidance made islam mostly illogical.womens are just subjected for sex only,jihad violence(if other religions do the same & kill them then....)own laws of living (as per arab geograph) even in switzerland,trait with nation but when any problem persist to indian muslims outside to middle east countries then no allah come to rescue & indian govt comes ahed.

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  32. Kafiro tum kya jano Islam ka martaba , Islam vo hai Jo mohabbat paid a karata hai.

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    1. नसीब अच्छा है
      हमे इस्लाम मालुम नहीं है

      जिनको मालुम है उनके हालात देखने लायक नहीं है मेरे भाई

      जिहाद के नाम पे सारी दुनिया परेशान है आपके इस्लाम से

      वो तो नसीब हमारा अच्छा है के हम काफ़िर है
      नहीं तो जन्नत के चक्कर में न जाने कितने बेगुन्हाहो को कत्ल करते

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    2. are veshya ke ab to tubhi intezar me rahe
      matalab qayamat ka din

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  33. Aapne jo Dassett sawaal kiye hai...aapko khud nahi pata aap sawaal kya karna chahte hai...
    1) Mai ek Padha likha Hindu tha Par mujhe pata chala ki hamare dharm me kuch haihi nahi...sab man ghadat hai.
    2) Fir maine islam me research shuru kiya..aur pata chala inke failed
    3) Islam badnaam nahi balki islam ko kuch log alag alag roop me badnaam karne me lage hai...
    4) Jo shabyata Islam me sikhayi jaati hai wo koi dharm me nahi hai
    5) Islam me jo bhi cheeze har Nabiyo me diya gaya wo sabko seekh dene ke liye hai...nahi toh wo Muhammad sallallahu alaikhi wa Sallam ko paisa wala bana dete....unhe itni takleef naa dete
    6) ye sab Allah ne Duniya me sabko seekh dee hai..ki har nabi ko kitni musibat ka saamna karna pada...
    7) Islam ke paas har sawaal ka valid jawaab hai....
    8) Aapp sabhi hindu bhaiyo se guzarish hai ki aap kisi nazdeekI masjid se raafta kare taaki aap log bhi kuch knowledge le le..
    9) Islam kabhi talwaar se aage nahi badha nahi toh Aaj Hindustan bhi ek Muslim mulk hota....

    Islam ko samjho uspe ungli mat uthao

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    1. अरे यार अगर जो तुम पढ़े लिखे हिंदू होते तो तुम्हारे समज में आता की

      तुमने किस धर्म में जन्म लेना है वो तुम्हारे हाथ में था ही नहीं

      अगर तुम्हे लगता है की इस्लाम सही धर्म है तो फिर तुम्हारे खुदा ने तुम्हे हिंदू बनाया ही नहीं होता डायरेक्ट मुस्लिम बना देता

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    2. खतना करवाने से बीमारियाँ नही होती केसे मान ले आप खुद जानते हो होस्पिटल में हिन्दू से ज्यादा मुस्लिम मिलते है!
      उपर एक भाई ने कहा मै पढ़ा लिखा हिन्दू था मै तो कहुगा पढ़ा लिखा कम बेवकूफ ज्यादा था जो झूठे लोगो के बहकावे में आ गया जिसने आपना खुद का दिमाग इस्तेमाल नही किया क्यों की इसने सस्त्रो को पढ़ा ही नही, आज वैज्ञानिक कहते मंगल ग्रह लाल रंग का है जबकि हमारे पूर्वजो ने हजारो साल पहले ही कहा था की मंगल लाल रंग का प्रतिक है मंगल हनुमान जी का वार है और हनुमान जी लाल रंग के प्रतिक है वैज्ञानिक वृहस्पति को सबसे बड़ा ग्रह अब साबित किया जब की वृहस्पति को हमारे पूर्वजो ने गुरु माना है यानि गुरु सबसे बड़ा होता है ! सूर्य ग्रहण चन्द्र ग्रहण की सटीक जानकारी लाखो वरस पहले दे चुके है हमारे पूर्वजो ने,सप्त ऋषि की जानकारी दुनिया को किसने दी सूर्य की उर्जा के बारे में किसने बताया संसार को!इस्लाम तो कहता है जिस दिन चाँद दिखाई देगा उसी दिन ईद होगी कोई सटीक जानकारी इस्लाम के पास नहीं है!हमारे पूर्वजो ने जो लाखो वर्ष पहले व्रमांड के वारे में बता के गये थे विज्ञानिक तो बस उनकी पुष्टि कर रहे है!

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    3. Sale madrchod islam.k bare tu kuch ni janta randi ka aulada

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    4. अबे झाटू।। �������� नाम क्यों छिपा रहा है।।
      अगर सच बोल रहा है तो।। कटूऐ। तेरी तशरीफ मे सूअर का बाल घूसा है ।।

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    5. are salo chhinal ko kafiro Q ki shaitan ko shaitan nahi bahekata

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    6. Aditya galat andha hai tu futka bhi hai tu
      zara achhe se ja ke dekh teri ma bahen ke chut aur gand me ghusa aur fasa bhi hai bal

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  34. Aids ek aisi bimari hai Jo Africa se aayi aur iska mukya kendra Arab raha hai
    Yani ye wahan ki khandani bemari hai Jo unke baap dadaaoun ne unko virasat mein di.
    To is lihaz se Arab ke janak Allah the unse ye bimari unke wanshaj ko MATLAB katuoun ko mili jahan se Muslim ladkiyoun me jariye ye duniya mein Sab jagah fail gayi
    Kyoun baishyalay mein sabse jyada musalmaniya kam karti hai aur bideshi paryatak unki chudai me liya aate the
    Ye jankari america me NASA ne di hai

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  35. Tumhare sankar bhanwan ko aids tha isliye to ganes ko koi aur paida kya aur sankar ko malum v nahi k ganes uska najayej aulad hai

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  36. अरे अरे भाईयो,कया कर रहे हो,,
    ये भाई जिनकी वेबसाईट है,ये अपनी वेबसाईट को फेमस कर पैसे कमा रहे है।
    ये बेचारे जानते नहीं है ये क्या कह रहे है। इन्हे इस बत का इल्म नही है। हकीकत से दूर है।
    ।।लेकिन भाईयो आप तो समझदार हो अपने इस तराह की फेक साईट पर अपना वकत मत बरबाद करो।
    समझदार के लिये यही काफी है जो चीज़ एक है वो एक ही रहेगी। पूरी दुनिया मे एक ही रहेगी। सच्चाइ एक है पूरी दुनिया में एक ही रहेगी । और जो झूठ है तो वो कही कुछ है तो कही कुछ ।इसी तराह इस्लाम पूरी दुनिया मे एक ही मिलेगा।।।।
    रही बात आप के ये सवाल,तो इसके जवाब आप चाहे तो आपको मिल जायेगे।।।,,़,़,़,़,़,़,़,़,,,,,

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  38. इस्लाम का अधूरा ईल्म गैर मुस्लिम के लिए जहर है आज जिन्होने इस्लाम की तौहीन की आज इस्लाम के बारे मे गलत सीखा कल अच्छा भी जरुर सीखेगी और आज ये इस्लाम की बुराई करते फिर इन्हे अहसास होगा और अल्लाह से माफी मागंगे और इस्लाम कबूल कर लेगा क्योकि ऐसा इतिहास मे हो चुका है वे भी आपकी तरह अपने आप को होशियार समझते थे लेकिन भूल जाते है अल्लाह सच मे और अंजाम क्या हो सकता है चलो खैर अल्लाह आपको हिदायत दे

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  41. Tm jese kattar hinduo ko islam k bare smjh ni ayega or tmko ye 10 sawal kya hazar sawal puch hm ans denge kyu ki mai ek sacha musalman hu or india se hu or mujhe faqr h apne khuda or us k rasool pe jo hm log unpe iman laye h tm jese kafir nhi h quran pak me khatna k bare me or tera har sawal k bare me h kattar kafir

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  42. Tm jese kattar hinduo ko islam k bare smjh ni ayega or tmko ye 10 sawal kya hazar sawal puch hm ans denge kyu ki mai ek sacha musalman hu or india se hu or mujhe faqr h apne khuda or us k rasool pe jo hm log unpe iman laye h tm jese kafir nhi h quran pak me khatna k bare me or tera har sawal k bare me h kattar kafir

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  45. Yha ki aurte hi to vha ki hure hogi bus allah pak khubsurti bda denge

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    1. Teri ammi bahan mari hui dadi hi na mil jaye. .. upar...dekhna������

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    2. ha mera bap teri ma bahen ke sath hai ayyashi kar raha hai

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  51. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है। हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।

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  52. खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडको को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।
    तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20000 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2000 मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है।

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  54. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

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  55. INSAAN KA SABSE BADA DHARM INSANIYAT HE, IS PARAKRITY KO KISI NE ZARUR BANAYA HE OR BANANE WALA KOI EK HI HE...
    AGAR EK SE ZYADA HOTE, TO EK HI VAKT ME DIN KA OR RAAT KA OR BARISH KA HONA MUMKIN NAI HOTA.... KOI BOLTA AAJ DIN NAI NIKALNA CHAHIYE KOI BOLTA AAJ TO VARSHA KARNE KI ICHCHA HE KOI BOLTA AAJ TO THAND HONA CHAHIYE ATHART INSAN KA JIVAN HI NASHT HO JATA...
    DUNIYA ME 4000 SE ZAYADA DHARAM HE LEKIN 4000 BHAGWAN NAI HO SKTE...

    JO SATYA PE AADHARIT HO OR GARIBO KA SATH DETA HO OR LAWARISO KO GALE LAGANE KA AADESH DETA HO OR JAATI PAATI SE UPAR UTHKAR SAB INSAN KO SAMAAN ADHIKAAR DETA HO VOHI DHARAM SABSE ZAYADA SATYA HO SKTA HE...
    SHARAB JISME PARTIBANDHIT HO... JHUT BOLNA YA CHORI KRNA JISME APRADH HO.... KISI PE ATYACHAAR KRNA B APRAADH HO... VOHI SABSE BADA DHARAM HE OR USKE MAANNE WALE SABSE ACHCHE INSAN HE.
    GANDE PAANI ME PATTHAR MARNE SE APNE B KAPDE GANDE HO SKTE HE....
    21ST CENTURY ME INSAAN KO APNE ANDAR KHUBIYO KA ACHCHI VISHESHTAO KA BAHUT ZADA NIRMAND KRNA HOGA TAKI YEH JO KHATAM HONE WALA JEEVAN HE EK DIN SAMAPT HOKAR RAHEGA ACHCHE SE YAAPAN HO SAKE... ME EK BHARTIYA HU JISKO BHAGWAN K BHAKTO SE ATYANT PREM HE... JO KI MOH MAYA ME ULAJH KR IS SANSAR K MAYAJAAL ME FASS GAYE HE.

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  56. IS BLOG K BAAARE ME https://bhaandafodu.blogspot SUPRIME COURT ME YAHCIKA DI GAI HE JO B ISKA SANCHALAN KAR RHA HE ISE TURANT BAND KR DE ANYTHA PRIDAAM JALDI GAYAAT HONGE. 83 ALAG ALAG DHARAO K ANTARGAT FILE CHARGE.

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  58. हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

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  59. अबे बेनामी और मुल्ले लोग दिनवा भर अला अला करते हो कोनो और काम नही है भाई यह 21वी सदी है लोग की सोच उनके जीवन शेलिया बदल रहे है और तुम लोग वही के वही सुवर गिरी में परेसान हो।
    भाई हमारे धर्म में एक कहावत है एक मछली पुरे तलाब को गंदा करती है यह हमारे हिन्दू धर्म के बारे में है
    पर ये कहावत तुम लोगो पर नही है क्यों की साला तुम लोगो का तो पूरा तलाब ही गन्दा है तो जायस सी बात है मछली तो गनदी ही पैदा होंगी।
    सौ बात की एक बात- तुम लोग जब अपने अम्मी के नही हुवे जो तुम्हे पाल पोस कर बड़े हो कर लड़ने के काबिल बनाती है जो किसी के क्या होंगे।।।

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    1. बेटा पहले लिखना पढना सीख वो अल्ला नही अल्लाह है

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  60. अबे हम हिन्दुओ को सुरु से ही किसी धर्म के लोगो से कोई दिकत नहीं है यदि दिकत है तो धर्म के नाम से कत्लेआम करने वालो से मासूमो के साथ अन्याय करने वालो से।
    मै सोलो उन मुल्लो से पूछना चाहूंगा कि साले धर्म के नाम पर इंसानियत की उमीद जो बच्चे है माशूम है उनको भी धर्म के नाम की पट्टी कब तक पिन्हाए गे।
    क्या हम लोग धर्म से ऊपर उठ कर इंसानियत की पार्ट नही पढ़ सकते।
    क्या हम अच्छे वयक्तित्व वादी का पार्ट नही पढ़ सकते।
    पर ऐसा नही हो सकता क्यों की जब तक ये मुल्ले रहेंगे
    ऐसा नही होने देंगे।।।

    उत्तर देंहटाएं
  61. 1400 साल पहले मुस्लिम की शुरुवात तेरे अल्ला से हुई उसके बाद दिन और दिन तेरे अल्ला के मुस्लिमो की जनसँख्या भेदने लगी और आज मुस्लिम की आबादी पुरे दुनिया के आबादी की लगभग आधी पहुचने वाले है। तुम्हारे अल्ला जे मुताबिक मुस्लिमो की चार पत्निया होनी चाहिए भाई ये बताव तुम्हारे अल्ला टाला का mission क्या था?तुम्हारे अल्ला तल्ला का चोदकर का मिशन था क्या अबे इतना तो शियर बाजार का भाव भी नही बरता है जितना तुमलोगो ने अपने आबादी बधाई है।
    अबे तुन लोग हिन्दू धर्म पर ऊँगली उठाते हो साले तुमको पता नही है कि शिरिया इर इस्लामी देशों मु तुम्हारे ही तरह के मुस्लिमो ने 2010 से लेकर 2016 तक में सारे मुस्लिम लड़िया उसकी उम्र 5साल हो या उसकी उम्र 50 साल सबका सोसर करदिया। वह के लोग जो इन हिंसक आपदा का शिकार हुवे है अपने धर्म को गरियाते है क्यों की उसी धर्म के आर्ड में सारे गंदे व् घिनोने हरकत को किया जा रहा है
    अबे तू बोलता हैं कि हमारे भगवान बार बार आम लोगो के सामने क्यों आते है इन तरह के विनाशक अत्यचार को नष्ट करने के लिए वह पर्थयु पे मनुष्य रूपी अवतार में आते है। पर हमारे देवता आते तो है।।।
    पर तेरे अल्ला खा है उन्हें उन बेगुनाहो के दर्द महशुश नही होते उन बच्चो के चीखे सुनाई नही देते। तेरे अल्ला खा है भाई ? अब ये मत बोल देना की उन आतंकियों के खत्तम हमारे अल्ला क्र रहे है अबे वे तेरे अल्ला नही रूस और अमेरिका भारत जैसे देस है जो आतंकी विरुद्ध इस अभियान को चला रहे है।
    मुछे तुम लोगो पर बहुत दया आती है तुम लोग की आबादी जितनी तेजी से बढ़ी उतनी ही तेजी से ख़त्म हो रहिए है
    अबे तुम लोग के लिए कोई किया नासूर होगा।
    तुम लोग तो खुद के लिए नासूर बन गए हो । साले तुम्हारे अल्ला तो किताबो में ही गायब होगये। और तुम लोग इतिहास में गायब हो जावो गे।
    साले इतना ही मुस्लिमो लड़कियों की इज्जत का ख्याल होता तो तलाक के बाद मोलवी के पास गांड मरवाने के लिए नही भेजते। सेल 90 साल के मोलवी से अपने किसी ने आने अम्मी का गांड मरवाते देखा और किसी ने अपनी किसी ने अपनिबपत्नी का किसी ने अपनी grandmother का।।।।।
    अबे तुम लोग तो अपनी बहन का भी गांड मारते हो साले हम लोगो का देखा देखी तुम लोग भी राखी जैसे पवित्र तैहवार को अपने धर्म में शामिल कर उसे भी अशुद्ध बना दिया है।।।साले अब ये भी मत बोलना की हिनुदस्तान का कोई भी मुस्लिम हिंदुवो राखी तेवर नही मनाता है।
    साले तुमने बोला की क्रिस्न् गोपियों का कपड़ा चुराया करते थे अबे ये बता बाल अवस्था में किया लड़की और लड़के साथ में नही खेलते, क्या कोई बालक बाल अवस्था में नतख्त नही हो सकता। अबे पहले ये जान की बाल अवस्था में बबच्चो की उम्र कितनी हिती है।।
    अबे तूने जो पारवती माँ व् संकर भगवन के बारे में बोला तो उसका जवाब सुन पारवती माँ कोई आम नारी नही वः हमारी माँ है हम सब मिटटी के ही बने है तो उन्होंने भी अपने हाथों से एक मिटटी का बालक बनाया वह हमारी देवी है जिन्होंने अपनी सकती से उसे मानवी रूप में प्रकट किया जहा तक संकर भगवंबकी बात हैं वह भुत,वर्तमान,भविष्य सबके स्वामी है । जब संकर भगवन ने गरेश का गार्डन काटा तो वह आम मायावी बालक थे जो अपने हठ के कारण संकर भगवन के हाथों मर गया । फिर बाद में उन्हें उन्हें गरेश को जिन्दा करना पढ़ा।


    अबे मुल्ला कुछ समजा पहले अपने चोदकर धर्म जो बस आबादी बढ़ने का नीति follow कर रहा है उसे शुद्धार नही तो मालूम चलेगा कि तेरे अल्ला का नीति ही तेरे लिए नासूर बन जाये गा।

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  62. 1400 साल पहले मुस्लिम की शुरुवात तेरे अल्ला से हुई उसके बाद दिन और दिन तेरे अल्ला के मुस्लिमो की जनसँख्या बदने लगी और आज मुस्लिम की आबादी पुरे दुनिया के आबादी की लगभग आधी पहुचने वाले है। तुम्हारे अल्ला के मुताबिक मुस्लिमो की चार पत्निया होनी चाहिए। भाई ये बताव तुम्हारे अल्ला टाला का mission क्या था?तुम्हारे अल्ला तल्ला का चोदकर का मिशन था क्या अबे इतना तो शियर बाजार का भाव भी नही बरता है जितना तुम लोगो ने अपने आबादी बधाई है।
    अबे तुन लोग हिन्दू धर्म पर ऊँगली उठाते हो। साले तुमको पता नही है कि शिरिया व इस्लामी देशों मे तुम्हारे ही तरह के मुस्लिमो ने 2010 से लेकर 2016 तक में सारे मुस्लिम लड़किया जिसकी उम्र 5साल हो या उसकी उम्र 50 साल सबका सोसर किया गया। वह के लोग जो इन हिंसक आपदा का शिकार हुवे है अपने धर्म को गरियाते है क्यों की उसी धर्म के आर्ड में सारे गंदे व् घिनोने हरकत को अंजाम दिया रहा है
    अबे तू बोलता हैं कि हमारे भगवान बार बार आम लोगो के सामने क्यों आते है इन तरह के विनाशक अत्यचार को नष्ट करने के लिए वह उन्हें मनुष्य रूपी अवतार में आना ओढ्ता है। पर हमारे देवता आते तो है।।।
    पर तेरे अल्ला कहा है उन्हें उन बेगुनाहो के दर्द महशुश नही होते उन बच्चो के चीखे सुनाई नही देते। तेरे अल्ला कहा है भाई ? अब ये मत बोल देना की उन आतंकियों को खत्तम ख़तम करने में हमारे अल्ला का हाथ है अबे वे तेरे अल्ला नही रूस और अमेरिका भारत जैसे देस है जो आतंकी विरुद्ध इस अभियान को चला रहे है।
    मुछे तुम लोगो पर बहुत दया आती है तुम लोग की आबादी जितनी तेजी से बढ़ी उतनी ही तेजी से ख़त्म हो रहिए है
    अबे तुम लोग के लिए, कोई किया नासूर होगा।
    तुम लोग तो खुद के लिए नासूर बन गए हो । साले तुम्हारे अल्ला तो किताबो में ही गायब होगये। और तुम लोग इतिहास में गायब हो जावो गे।
    साले इतना ही मुस्लिमो लड़कियों की इज्जत का ख्याल होता तो तलाक के बाद मोलवी के पास गांड मरवाने के लिए नही भेजते। सेल 90 साल के मोलवी से अपने किसी ने अपनी अम्मी का गांड मरवाते देखा और किसी ने अपनी अपनि पत्नी का, किसी ने अपनी grandmother का।।।।।
    अबे तुम लोग तो अपनी बहन का भी गांड मारते हो। साले हम लोगो का देखा देखी तुम लोग भी राखी जैसे पवित्र तैहवार को अपने धर्म में शामिल कर उसे भी अशुद्ध बना दिया है।।।साले अब ये भी मत बोलना की हिनुदस्तान का कोई भी मुस्लिम हिंदुवो का राखी तेहवार नही मनाता है।
    साले तुमने बोला की क्रिस्न् गोपियों का कपड़ा चुराया करते थे अबे ये बता बाल अवस्था में किया लड़की और लड़के साथ में नही खेलते, क्या कोई बालक बाल अवस्था में नतख्त नही हो सकता। अबे पहले ये जान की बाल अवस्था में बबच्चो की उम्र कितनी होती है।।
    अबे तूने जो पारवती माँ व् संकर भगवन के बारे में बोला तो उसका जवाब सुन पारवती माँ कोई आम नारी नही वः हमारी माँ है हम सब मिटटी के ही बने है तो उन्होंने भी अपने हाथों से एक मिटटी का बालक बनाया वह हमारी देवी है जिन्होंने अपनी सकती से उसे मानवी रूप में प्रकट किया जहा तक संकर भगवन की बात हैं वह भुत,वर्तमान,भविष्य सबके स्वामी है । जब संकर भगवान ने गरेश का गार्डन काटा तो वह आम मायावी बालक थे जो अपने हठ के कारण संकर भगवान के हाथों मर गया । फिर बाद में उन्हें उन्हें गरेश को जिन्दा करना पढ़ा।


    अबे मुल्ला कुछ समजा पहले अपने चोदकर धर्म जो बस आबादी बढ़ने का नीति follow कर रहा है उसे शुद्धार नही तो मालूम चलेगा कि तेरे अल्ला का नीति ही तेरे लिए नासूर बन जाये गा।

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  63. वा बेटा तूने गाली देकर साबित कर दीया कि हिन्दु धर्म के लोग ही गाली देते है। और क्या लिखा आपने मौलवी तलाक के बाद औरतो से सेक्स करता है। बेटा सेक्स की तो बहुत दूर की बात औरत मस्जिद मे जाती भी नही। और ना ही मौलवी किसी गैर औरत से मिल सकता है। और रही बात कृष्ण भगवान की चाहे वो बच्चा हो या बडा था तो भगवान ही। जब उस छोटे कृष्ण मे राक्षस मारने की अक्ल थी । तो इसका मतलब ये हुआ लडकियो खो कृष्ण जानबूझ के देखता था। और आपकी महाभारत मे ये भी लिखा हुआ है खि कृष्ण की 160108 पत्निया थी पता करो

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  64. आप कब तक मुस्लिम लड़कियों पर हो रहे षोसर को छिपाएंगे। पर सायद हर चीज की एक सीमा होती है आज हर मुस्लिम महिलाएं.. आज अपने हक के लि