मंगलवार, 25 नवंबर 2014

कुरान ने सूरा फातिहा की पोल खोली !

मुसलमानों का  दावा है कि कुरान अल्लाह की  किताब   है  ,  और उसका एक एक  शब्द  अल्लाह का  वचन   है  . मौजूदा   कुरान  में   छोटे बड़े कुल 114 अध्याय (Chapters)  हैं  ,जिनको  अरबी   में  सूरा   कहा   जाता   है  , और  हरेक  सूरा में जो  वाक्य   होते   हैं  ,उनको  आयत (Verses )  कहा   जाता है   . कुरान  की   पहली  सूरा    का  नाम सूरा "अल फातिहा "   है  . इसमे कुल  7  आयतें   है   . जिनमे  अल्लाह के गुणों , शक्तियों और  महानता  का  वर्णन   करते  हुए अल्लाह की   तारीफ़  की   गयी   है  . और  उस  से दुआ  की  गयी   है  . सूरा  फातिहा  को   हर  नमाज   में पढ़ना  अनिवार्य   है   . इसकी   पहली   5  आयतें  इस प्रकार  हैं ,जो अरबी  से उर्दू  में अनुवादित  की  हैं ,

2.सब तारीफें  अल्लाह  के लिए  जो जहानों (Worlds)   का  मालिक   है
3.बड़ा  मेहरबान  और निहायत  रहमदिल .
4.जजा  के  दिन ( न्याय दिवस ) का  मालिक .
5.हम तेरी  ही  इबादत  करते  हैं  , और तुझी  से  मदद  माँगते  हैं .
6.हमें  सीधा  रास्ता  दिखा .
7.उन  लोगों   का  रास्ता  जिन  पर तूने इनाम   किया ,न  कि जिन पर तेरा  गजब  नाजिल  हुआ और न  वह जो  गुमराह  हुए .

सूरा  फातिहा  की  इन  पहली 5   आयतों  को पढ़  कर यही  सवाल  पैदा  होता  है ,कि अगर  यह  आयतें   सचमुच  अल्लाह  के वचन  हैं , और किसी  और की  रचना   नहीं  तो , अल्लाह  को अपने मुंह  से अपनी  तारीफ़ करने  की  क्या  जरूरत पड़   गयी?
इसका  असली  कारण  यह  है कि  सूरा  फातिहा  कुरान  की  पहली  सूरा   नहीं  है , इसे बाद  में उस   समय  पहला  कर दिया  गया   जब  कुरान   की  ऐसी  आयतें   बन  चुकी   थीं   जिनमे अल्लाह के बारे में सूरा  फातिहा  के  विपरीत  बातें दी  गयी थीं  . उदाहरण के लिए पहले सूरा  फातिहा की  एक एक  आयत  लेते हैं  ,  और  कुरान  से  उसके  विपरीत  आयत  की  तुलना  देखते   हैं   .
1-जगत का  मालिक नहीं है 
सूरा  फातिहा  की आयत 2 में   कहा है   "जो जहानों (Worlds)   का  मालिक   है  "यह बात  भी  सरासर  झूठ  है  क्योंकि  अल्लाह  ने मुसलमानों   के  प्राण  खरीद   लिए  है   ,जैसा कि  की इस आयत में  कहा  है   ,

" बेशक  अल्लाह   ने  मुसलमानों   के प्राण  और  माल  इसलिए  खरीद  लिए  हैं  ,कि  वह जन्नत के लिए  अल्लाह के  रास्ते पर लड़ते हैं  ,  और मारे  जाते हैं  और  मारते  हैं   " सूरा -तौबा  9:111

और  सामान्य  नियम   के अनुसार किसी वस्तु  को  खरीदने  वाला   ही  उसका  मालिक  मना  जाता   है ,इसलिए  अल्लाह सिर्फ   मुसलमानों   का  मालिक  है ,अल्लाह  हिन्दुओं  और  अन्य  धर्म   के लोगों   का  मालिक   नहीं  हो सकता , क्योंकि  अल्लाह   न तो इनको  खरीद सकता है  . और न यह बिकाऊ  हैं .और  सामान्य  नियम   के अनुसार किसी वस्तु  को  खरीदने  वाला   ही  उसका  मालिक  मना  जाता   है ,इसलिए  अल्लाह सिर्फ   मुसलमानों   का  मालिक  है ,अल्लाह  हिन्दुओं  और  अन्य  धर्म   के लोगों   का  मालिक   नहीं  हो सकता , क्योंकि  अल्लाह   न तो इनको  खरीद सकता है  .  और न यह बिकाऊ  हैं (Allah  is  Lord of  muslims only)

2- अल्लाह  दयालु और कृपालु  नहीं है 

सूरा  फातिहा  की  आयत  3  में   कहा   है  "बड़ा  मेहरबान  और निहायत  रहमदिल "लेकिन   जो अल्लाह सभी  गैर  मुस्लिमों  को  दुश्मन  मानता  हो  . उनसे नफ़रत करता   हो  , और  उन  पर धिक्कार   करता  हो , और  उनकी जिंदगी दुखदायी  बनाने  का  इरादा रखता  हो  ,  वह  कभी  भी दयालु  नहीं  हो  सकता  है जैसा कि  कुरान की यह  आयतें  बताती   हैं  ,
"अल्लाह  काफिरों   का   दुश्मन  है  " सूरा - बकरा 2:98

(Allah is an enemy to the disbelievers. 2:98)

"अल्लाह  काफिरों   को धिक्कार करता   है "सूरा  -बकरा 2:89

(The curse of Allah is on disbelievers. 2:89)

"अल्लाह गैर मुस्लिमों   की जिंदगी दुखदायी ( miserable )  बना   देगा " सूरा -बकरा 2:114

(Allah will make disbelievers' lives miserable in this world . 2:114

और  अगर  सचमुच   अल्लाह  दयालु  और  रहमदिल होता  तो  , उसके अनुयायी  जिहादी   इतने क्रूर  और  बेरहम  नहीं  होते  ,  जो बच्चो  और महिलाओंको  क़त्ल करने को  अल्लाह  का हुक्म  मानते   हैं  

3-न्याय  दिवस का स्वामी नहीं है 
सूरा  फातिहा  की  आयत  4  में  कहा है  "जजा  के  दिन ( न्याय दिवस ) का  मालिक ".लेकिन कुरान  की इन  आयतों  और  हदीस  के अनुसार अल्लाह  न्याय  दिवस   का  स्वामी   नहीं   है  , उसकी  जगह  मुहम्मद  न्याय करेंगे

" हे मुहम्मद  ,करीब   है   कि तुम्हारा रब  तुम्हें उच्च पद  पर  नियुक्त   कर दे  " सूरा - बनी इस्राइल 17:79

"your Lord will raise you to a praiseworthy station.” [Isra’a 17: 79]


कुरान  की  इस आयत  की  व्याख्या  में मुस्लिम  विद्वान "अबुल  सना शिहाबुद्दिन सय्यद   महमूद इब्न अल  हुसैनी अल अलूसी अल  बगदादी  -أبو الثناء شهاب الدين سيد محمود بن عبد الله بن محمود الحسيني الآلوسي البغدادي‎‎ "अपनी किताब "रूहुल  मायनी  -روح المعاني " में  कहते हैं ,कि न्याय   के  दिन  अल्लाह अपना पूरा  अधिकार  अपने  हबीब   मुहम्मद  को  सौंप  देंगे  , और वही  अपनी इच्छा  के अनुसार  लोगों   के कर्मों   का  फैसला  करेंगे  .
और  लगभग   यही  बात  इस आयत में भी  कही  गयी   है

" उस  दिन   किसी   का  हस्तक्षेप स्वीकार  नहीं  होगा ,सिवाय  उसके  जिसे  अल्लाह  ने  अनुज्ञा   दी   हो ,और उसकी सिफारिश मानी  जायेगी "सूरा -ता  हां 20:109

On that Day shall no intercession avail except for those for whom permission has been granted by (Allah)20:109

अल्लाह  न्याय   दिवस   का स्वामी  नहीं  है  , बल्कि  मुहम्मद भी अल्लाह का सहभागी   है  , यह बात इस  हदीस   से सिद्ध    हो जाती  है  ,
"अब्दुल्लाह  बिन उमर  ने कहा  , जब अल्लाह क़यामत   के  दिन   लोगों के  कर्मों  का  फैसला  करेगा  तो  , मुहम्मद  मध्यस्थता  करेंगे  . अल्लाह उनको  मध्यस्थता करने  की सुविधा  प्रदान   कर  देगा   "

Narrated 'Abdullah bin 'Umar:"Muhammad will intercede with Allah to judge amongst the people, and then Allah will exalt him to Maqam Mahmud (the privilege of intercession,

सही बुखारी - जिल्द 2  किताब 24  हदीस 553

इन  तथ्यों   से  यही सिद्ध  होता  है  कि यातो  अल्लाह में  खुद  सही  न्याय करने की क्षमता  नहीं  है  , या मुहम्मद ही  अल्लाह बन कर लोगों  को को भ्रमित   करते रहते थे  
4-रास्ता  भटकाने  वाला 

सूरा फातिहा   की  आयत  6  में दुआ मांगी  गयी   है  कि "हमें  सीधा  रास्ता  दिखा "लेकिन  अल्लाह  लोगों  को सीधा  रास्ता दिखने की  जगह  रास्ते से  भटका   देता  है  ,जैसा की कुरान की इस  आयत में  कहा है   ,

"फिर अल्लाह   जिसको  चाहे  भटका   देता  है  " सूरा -इबराहीम  14:4

(Then Allah misleads WHOM HE WILLS )


और  यदि  अल्लाह   सचमुच मुसलमानों   को  सीधा  रास्ता  दिखाने  वाला होता  तो  , तो   अधिकांश  मुसलमान  आतंकवादी नहीं  बन  गए होते  . जबकि अन्य  धर्म   के  लोग अल्लाह  की मेहरबानी   के बिना   ही  सीधे   रास्ते  पर   चल रहे   हैं


इस  प्रकार  सूरा  फातिहा  में  अल्लाह  की  तारीफ़  में  जो  7  आयतें   दी   गयी   हैं  , उसके विरुद्ध  खुद  अल्लाह की  किताब   ने  ऎसी  चार  आयतें  पेश   कर दी   हैं जो  अल्लाह   की  महानता   का  भंडा  फोड़ने के   लिए  पर्याप्त   हैं   . इसी   लिए सूरा  फातिहा  को पहले  कर दिया  गया था. ताकि    भोले भले लोग  अल्लाह   की  ऐसी  तारीफ़  से पहले तो  प्रभावित  होकर  इस्लाम के चंगुल   में  फंस   जाएँ  .  फिर उनको   बाकि  कुरआन  पढ़ा कर  आसानी से जिहादी  बनाया   जा  सके   ,




18 टिप्‍पणियां:

  1. PEHLI BAT JO TUM KEH RAHE THE NA KE AGAR YE KITAB ALLAH KI HE TO ALLAH KO KHUDKI TARIF KARNE KI JAROORAT KYU PAD GAI TOU SUNO YE LAFZ KURAAN KE JIBRAIL A.S. NAM KE FARISHTE HE JINKA KAM THA ALLAH KA MSG ALLAH KE MESSENGERS YANI JITNE NABI RSOOL AKAR GAYE UNTAK ALLAH KA MSG PIHOCHANE KA KAM THA OR KURAAN LIKHKAR ASMAN SE NAHI UTARI GAI BALKE JESE JESE HALAT HOTE GAYE USS WAQT ALLAH NE KURAAN KE BOL JIBRAI NAM KE FDISHTE KE JARYE RASOOL S.A.W TAK POHONCHAYE ISSILIYE YE TUMKO AESA LAG RAHA HE JESE KI ALLAH KHUD APNI TARIF KAR RAHA HAI .... ISSILIYE MERI APSE SALAH HE PEHLE KHUD ISLAM KE BARE ME PADHAI KARLO TAKI TUMKO SPEACH DENE ME ASANI HO JAYEGI...... TUM HONGE PAGAL JO KHUDKI BADHAI KAROGE MAGAR ALLAH KO ISKI JAROORAT NAHI ....

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    2. (Tehsin shaikh) - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (Tehsin shaikh ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है
      ये है कैप्सुल सुबह साम लेना अल्लाह ताला फिर अपने घर का ताला खोल कर आएगे तुमको फिर जानकारी प्राप्त होगी की अल्लाह ताला कैसे घर से बाहर आए और कैसे है

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  2. AUR AB RAHA TUMHARA NEXT SAWAL KI ALLAH SIRF MUSALMANO KA RABB HAI WO KAFIRO SE NAFRAT KARTA HAI UNKO DHITKAR TA HAI TOU BHAI JISS JAMIN PAR HO NA SAHI SLAMAT Ho AUR AB SUNO MUDDE KI BAT TUMNE KAHA KI ALLAH KAFIRO KO SHITKARTA HAI TOU TUM MUZE BATAO TUMKO PAIDA KIYA TUMHARE BAP NE AUR TUM PADOSI KO APNA BAP KAHOGE TOU TUMHARE BAP KO BURA NAHI LAGEHA???? BAS KUCHH YU SAMZLO BAS UDAHARAN DIYA HAI SAMZDAR KO ISHARA KAFI HAI... OR KAFIR KA MATLAB HAI ALLAH PAR YAKIN NAHI RAKHANE WALA TOU JAB HUM YAHA PAIDA HI AZMAISH K LIYE HUYE HE TOU HUMKO YE PARIKSHA PASS KARNI HI PADEGI ... JESE KI TUM LOG USKO MOKSH KEHTE HO.... AUR AB RAHI MUSALMANO KO APKA ATANKWADI KEHNA ! TOU AAPKE PASS KYA PROF HAI KI DUNIYA ME JITANE BHI ATANKWADI GUNDE HE SAB MUSALMAN HI HE ???? ARE BHAI DUNIYAKI BAT CHODO SIRF INDIA KI BAT BATAO SAB GUNDE CHOR KHUNI MUSALMAN HI HE ???? ARE GODRA KA JO KAND HUWA THA USME KHUNI LOGO KE BARE ME BATAYA GAYA THA KE UNKE SAR PAR TOPI THI HATH ME HATIYAR THE TOU BHAI JAB MUSALMAN NAMAZ KE LIYE BHI MASJID KI TOPI USE KARTA HE JYDATAR TO SIRF DANGE K WAQT UNKE SARPAR SABKE LAGBAG TOPIYA THI JESE KI WO CHILLA CHILLAKAR YE BATA RAHE HO DEKHO HUM MUSALMAN HAI.... KUCHHH TO SOCHO YAR ... SHARAM KARO DHARMO KE NAM PAR JHUTH GHADTE HO LOGO KO ADHI BAT NA BATAYA KAROOOOO TIMNE JO BHI LIKHA HAI SARE MATLAB KHUDKI MARZI SE LIKHE HE..... SUR E FATIYA SIRF EK DUA HAI OR TUMNE USKO KESE HATE SPEACH ME SHOW KIYA SHAYAD TUMHARA KAM HI AAG LAGANA HAI.... KAHA BHUGTOGE YE SAB ??? YA TUMNE AMARATV LE LIYA HE ???? TUMKO MARNA NAHI HAI???? KYA MUH DIKHAO GE MARNE KE BAD BAGWAN KO JISKO TUM MANTE HO....???? YA TUM MANTE HI NAHI HO TUMKO KHUDA KA DARR HI NAHI HE ..... ITNE PAP KAHA DHO OGE...????

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    1. (Tehsin shaikh) - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (Tehsin shaikh ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है
      ये है कैप्सुल सुबह साम लेना अल्लाह ताला फिर अपने घर का ताला खोल कर आएगे तुमको फिर जानकारी प्राप्त होगी की अल्लाह ताला कैसे घर से बाहर आए और कैसे है

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  3. AUR EK MUDDA TUMNE KAHA KE KHUDA MOHAMMAD SALLALLAHU ALAIHI WASSALLIM SE KEH RAHE HE KI WO MOHAMMAD S.A.W. KO NICHHIT EK UCHCHHA PAD PAR NIUKTA KAR DEGA TO MURKH USKA MATLAB AESA HE KI JITNE KASHT UNNHONE UTHAYE HE USKA FAL DEGA UNNKE KASHTA KA SAMZE TUM APNE MAN SE KUCHH BHI LOGO KO NAHI BATA SAKTE HO .... WESE BHI JAB UJALA ANA HOTA HAI ANSHERE KO HATNA HI PADTA HE BILKUL WESE HI SACH SABKE SAMNE AA HI JAYEGA TAB HI NA ITNE TEZI SE ISLAM FAIL RAHA HAI ..... AUR ITNA SAB SACH JANNE K LIYE ALLAH NE KURAAN DI HE JISSE LOG HAKEEKAT KO SAMAZ LE OR JAAN LE AGAR ISKE BAWAJUD WO MANA KARTE HE TOU ISS BAT PAR KAHA GAYA HE KI WO FIR JISE CHATA HAI BHATKA DETA HAI MATLAB AB KISIKO NAHI MANNA HAI TOU USKA HISAB MARNE KE BAD HOGA.... TUM SIRF EK PANKTI LOGO KO ADHURI LIKHKAR APNE MAN SE JAWAB NAHI SE SAKTE PURI BAT LIKHA KAROOO.... ADHA KNOWLEDGE KHATARNAK HOTA HAI KYA TUM JANTE NAHI YA LOGO KO JANNE NAHI DENA CHAHTE HO??????

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    1. (Tehsin shaikh) - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (Tehsin shaikh ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है
      ये है कैप्सुल सुबह साम लेना अल्लाह ताला फिर अपने घर का ताला खोल कर आएगे तुमको फिर जानकारी प्राप्त होगी की अल्लाह ताला कैसे घर से बाहर आए और कैसे है

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  4. प्रार्थना एक बहाना है इन्सान सही राहपर चले यह मकसद है।

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  5. abe lando, geeta men likha hai ki har insaan men ishwar ka niwas hain,isiliye sanatan dharm men 33 cr. devi/devata hain. apne hi atma mein ishwar hote hue bhi ye lande jane kaha alla ko dhundate firte hain?

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    1. (Tehsin shaikh) - तुम लोगो को ऊपर सारंस मे पूरा यही बताया है की तुम सिर्फ झगड़ा ही कर सकते हो और गंदी अप्सब्द बात और कुछ नहीं पता तुम लोगो को ! कुछ कहना या बताना था तो इस्लाम के बारे मे कुछ बताते ! ये तो न्यूज़ है कोई भी पढ़ लेगा और
      लोगो को पता भी है लेकिन हिन्दू लोगो के पैरेंट्स पहले से ही उनके सावधानी रखते है और उस जगह को साफ करते है और बचा जब बड़ा होते है तो उसे इस बात की जानकारी भी देते है की साफ सफाई सबसे बेहतर है और आगे
      सुनो बेनामी बेकुफ़ क्या तुम अपने कान की अंदर की सफाई नहीं करते हो या फिर कान कटवा सकते हो यानि की जो हिस्सा सरीर का आसानी से काटा जा सकता है वो काट सकते है जैसे बाल, हाथ के नाखून , पैर के नाखून , रही बात
      खतना करने की तो वो कोई आसानी से नहीं कर सकता है येसे तो बोमरी पूरे सरीर मे है पेट मे भी सारी गंदगी है क्या उसको हटा सकते हो नहीं हटा सकते रही बात बीमारी की (Tehsin shaikh ) जो होना होगा हो जाएगा उसको तो अल्लाह ताला भी नहीं रोक सकते है
      ये है कैप्सुल सुबह साम लेना अल्लाह ताला फिर अपने घर का ताला खोल कर आएगे तुमको फिर जानकारी प्राप्त होगी की अल्लाह ताला कैसे घर से बाहर आए और कैसे है

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  6. Hum log allah ko kahi nahi dhoondte allah har jagah maujood he.

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  7. अबे एक बात बता मोहम्म्द के पहले कौन मुस्लिम था धरती पर? फातिमा आयशा और मोहहम्म्द में क्या संबंध था ?

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  8. kuran ki ek badi visheshta yah hai ki jo jis man se padta hai use vesha hi gyan milta hai

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  9. bhandafodu khud hi ek asleel type naam hia to gyan bhi kya milega kuch ne to blog main asleel site bhi post kar di hai
    kya karain bhai asleel site main or kya blog post ho sakta hai

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  10. bhandafodu khud hi ek asleel type naam hia to gyan bhi kya milega kuch ne to blog main asleel site bhi post kar di hai
    kya karain bhai asleel site main or kya blog post ho sakta hai

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  11. kya tumhara khuda bataega salo yahi ki apni maa aur bahan ke sath sex karo bhosadi ke

    khuda to khud apni bahan ko choda tha sale ne

    aur jannat me hoor dilayega

    hoor nahi ...... anpi maa aur bahan ko dilayega salo

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  12. Allah sabse bada hai yeh gadhe kya samjhenge. Inhe to marne ke baad pata chalega.aur baat hai maa behan ki safety ki to muslim desh saudi arab ko dekh lo . Duniya me aurate sabse safe muslim desho me hi hai kyoki muslim desh kuran ke banaye kanoon se chalte hai to dekh lo ki kuran me likhe huye par chalne par aurato ki kitni ijjat hoti hai muslim desho.i love islam.i love allah.

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