सोमवार, 2 फ़रवरी 2015

संभल जाओ ऐ मुसलमानो!!

हरेक धर्म  के अपने अपने सिद्धांत  और  मान्यताएं  है  , जिन्हें  संक्षिप्त  रूप  में किसी  आदर्श  वाक्य  या  मन्त्र  के रूप में याद किया  जाता  है  , और जब कोई व्यक्ति दूसरे धर्म को स्वीकार  करता है  ,तो  उसे नए  धर्म  की दीक्षा  देते  समय  ही नए धर्म  की मूलभूत  जानकारी देने के साथ अर्थ सहित   मूल मन्त्र   भी सिखा  दिया   जाता  है  . लेकिन  मुसलमान  बच्चे  का  जन्म  होते  ही उसके  कानों  में  कलमा  फूँक देते हैं  , मुस्लमान  समझते हैं की  ऐसा  करने से बच्चा   बड़ा  होकर   सच्चा  मुस्लमान  बनेगा . लेकिन  ऐसा  करने  से मुसलमानों  के  बच्चे बड़े  होकर जालिम  . बेरहम , जिहादी और  खुद मुसलमानों  के  हत्यारे  बन   जाते  हैं  . इसका  सबूत  इस्लामी  देश  पाकिस्तान   के पेशावर  की  दिनाक  16  दिसंबर 2014 की  जिहादी जन  संहार  की  घटना  से  मिलता  है  , जिसमे जिहादी  मुसलमानों   ने कलमा  पढ़वा कर 141 निर्दोष  लोगों  की मिर्मम  हत्या  कर  दी  थी   ,जिनमे 132 बच्चे ऐसे  भी   थे  , जिनको   यह भी  पता नहीं  था कि  कलमा  पढने   के   पर  मौत  मिलेगी  . और  अल्लाह भी उनको बचाने आएगा . पूरी   खबर  इस  प्रकार  है ,

पाकिस्तान के पेशावर के आर्मी स्कूल में आतंकियों की दरिंदगी की यह एक और कहानी है। यह बयां की है इस नरसंहार में किसी तरह जिंदा बचे इंजिनियरिंग के सेकेंड इयर के स्टूडेंट आमिर अली ने। इस हमले में अपने 10 दोस्तों में अकेले जिंदा बचे आमिर ने बताया कि आतंकियों ने गोली मारने से पहले उन्हें कलमा पढ़ने को कहा था .आमिर ने आगे बताया, 'हम आतंकियों से छिपने के लिए तुरंत क्लास की ओर भागे, लेकिन वे हमारा पीछा करते हुए क्लास तक आ गए। उन्होंने हमें ढूंढ लिया। वे सलवार कमीज पहने हुए थे। उन्होंने हमसे बस एक बात कही- कलमा पढ़ो।'
यही  खबर  अंगरेजी  में  देखिये  .

http://tribune.com.pk/story/807619/they-asked-us-to-read-the-kalma/


“I was sitting in the corridor with 10 of my classmates when we heard firing. We immediately ran towards the classroom to hide there but the militants chased us down and found us. They were dressed in shalwar kameez and the only thing they told us is: ‘read the kalma’,” said Ali, remorsefully adding that he was the only one of his 10 friends that survived the attack.

The ExpressTribune-By Umer Farooq / AFP Published: December 16, 2014

पाकिस्तान के पेशावर शहर में तालिबानियों ने बच्चों को मारने से पहले बच्चों से कालिमा पढने को बोला. ये कालिमा वो होता है जो मुसलमान को मुसलमान बनाता है. वह कालिमा जो आतंकियों ने बच्चों के सिर में गोली मारने से पहले पढ़वाया उस कालिमे का अनुवाद है,
"नहीं है कोई परमेश्वर सिवाए अल्लाह के, और मुहम्मद उसके पैगम्बर हैं" 
यही कालिमा इस्लाम की शुरुवात है. यही कालिमा आइसिस(ISIS) के काले झंडे पर लिखा हुआ है. यही कालिमा जानवर को काटने से पहले कसाई भी पढता है तभी उस जानवर का मांस मुसलमानों के लिए हलाल होता है. आइसिस भी किसी का गला काटने से पहले ये कालिमा पढता है, और आतंकवादियों ने भी बच्चों पर गोलियां दागने से पहले यही कलिमा पढ़वाया. तो फिर भला वे जो आतंकवादी पेशावर में बच्चों का कत्ल करके चले गये क्या वे मुसलमान नहीं थे? बोलते रहो कि तालिबान और आइसिस मुस्लमान नहीं है?

इस घटना  से  मुसलमानों  को अच्छी  तरह  से समझ लेना चाहिए कि चाहे वह  जन्म  से लेकर जिंदगी भर तोते की तरह  कलमा रटते रहें  , संकट के समय  न तो रसूल   उनकी  मदद  को  आएगा  , और   न  ही  अल्लाह  ही न कुछ   कर  पायेगा  . तो  ऐसे  रसूल और अल्लाह  का कलमा  रटने से   क्या  फायदा  . क्योंकि   जब  तक  इस्लाम  रहेगा  , जिहादी  आतंक  चलता   रहेगा   , बेकसूर  लोग  इसी तरह  मारे  जात्ते  रहेंगे   . मानवता   के  शत्रु  जिहादी  नहीं  इस्लामी  शिक्षा  है  

, कौन सुनेगा ये दलील?

http://navbharattimes.indiatimes.com/world/pakistan/they-asked-us-to-recite-the-kalma/articleshow/45550959.cms

7 टिप्‍पणियां:

  1. ARE KHUDKO SATYAVADI KEHTE HO OR BATE JUTHI KEHTE HI WAH NAM BADE HAI OR KARM KHOTE... ARE MUSALMAN KA MATKAB BHI PATA HAI KYA ??? PEHLE ISLAM KO JANO SAHI SE MUSALMAN NA BANJAO TOU KEHNA.... AUR KURAN KURAN CHILLATE HO TUM PANDIT KE KURAAN ME AESA LIKHA HE KURAAN ME WESA LIKHA HAI TOU TUMKO KURAAN ME KAHI LIKHA YE DIKHAI NAHI DIYA KE WHO KILD INNOCENT THOSE KILD ALL MANKIND ... YANI JISNE KISI EK MASUM KA KHUN KIYA USNE JESE SARI INSANIYAT KA KHUN KIYA... YE DIKHA NAHI TUMKO ??? YA YE DEKHNA JAROORI NAHI THA TUMHARE HATE SPEACH KE LIYE???? AUR KYA KEH RAHE THE KI JIHAD ! ISKA ASLI MATLAB PATA HAI KYA??? ISKA MATLAB HAI AGAR KOI TUMPAR WAR KARE YA TUMHARE GHARWALO PAR YA RISHTEDARO PAR TUMPAR JULM KARE TOU UNKE KHILAF LADANE KO JIHAD KEHTE HE... TUM JESE ISLAM K AUR BHI DUSHMAN HAI JO ISLAM KO BADNAM KARNA CHAHTE HAI ISLIYE HI HINDU BHAIYO KO MUSLMANO K KHILAF HATE SPEACH DETE HO OR AESE AESE SPEACH LIKHKAR DUSRI TARAF MUSALMANO KO NAFRAT KI AAG LAGTE HO..... TUM JESO KI WAJAH SE DESH NUKSAN ME HAI OR EK DUSRE SE NAMFRAT KARTA HAI....... SUDHAR JAO

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    1. Abe madarchod katuye , saale tu pahale kuran ko thik se padhke samajh,duniya ki sabse gandi, behudi, khuni kitab me kewal hinsa aur bewkufi ke siwa kuchh bhi nahi hai, aaj saari duniya ke kund dimaag mahamurakh katuye jo kohram macha rahe hain, wo sab us madarchod kutte muhammad ke dwara likhi gayi is ghinouni kitab ki wajah se hi ho rahe hain, muhammad naam ka wo narpishach agar paida na huwa hota to aaj duniya me itne khun kharabe aur balatkar nahi hote. saale madarchod katuye , Google me hi kuran naam ki us thukne ke kabil kitab kaa Hindi translation mil jayega, padh ke dekh saale, andhe, usme insaan ko darinda banane ki sikh ke alawe kuchh bhi nahi hai.Madarchod musalmano, ab bhi sambhal jao, warna jis tarah se saari duniya me tum katuwo ke gunah ke chalte saari gair muslim duniya dhire dhire islam ke khilaaf ekjut hoti jaa rahi hai, wo din dur nahi saari duniya se islam kaa namo nishan mitne wala hai,ahankar ka ant samul winash se hi hota hai, isiliye saalo, agar saari gair muslim duniya se gand nahi marwan chahate ho to islam ko thuk kar tyag do, warna tum sab ki kutte ki mout nischit hai.

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  2. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है।

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  3. हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडको को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

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  4. तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

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