रविवार, 15 मार्च 2015

सूर्य से ॐ की ध्वनि निकल रही है !!

यह श्रद्धा और   विश्वास   की     बात  नहीं  बल्कि  शत  प्रति सत्य  और विज्ञानिक शोध  पर  आधारित  तथ्य  है   ,  जो  हमारे   ऋषिओं  के  हजारों  साल   पुराने कहे गए  वचनों   को  प्रमाणित    करने के लिए   पर्याप्त  है   ,उन्होंने   कहा  था  कि  ब्रह्माण्ड  की उत्पति   के  समय   जो  ध्वनि   निकली   थी  वह  ॐ  ही  थी   , चूँकि  सूर्य   ब्रह्माण्ड   का एक  ऐसा  तारा है  जो  पृथ्वी  के निकट   है    ,  इसलिए  वैज्ञानिक   बरसों   से  सूरज   से निकलने  वाली   ध्वनि   को रिकार्ड    करने की  तरकीब   खोज  रहे   थे   , और  आखिर में उनको  सफलता   मिल गई  .
सभी  भली  भांति  जानते  हैं  कि सूर्य   एक तारा   (Star )    है   , जो पृथ्वी से  93,000,000 मील  दूर   है  , और  अपनी  धुरी पर  तेजी से घूमता रहता  है  , सूर्य  सदा   जलता रहता है  जिसकी   अग्नि  की  ज्वालाएं  हजारों  किलो  मीटर  ऊंची     हो  जाती  हैं  , सूर्य  की गरमी से ही  पृथ्वी  पर जीवन    का अस्तित्व   है   , क्योंकि  सूर्य  के  आसपास  अंतरिक्ष   में  वायुमंडल   नहीं   है  ,इसलिए  आजतक   वैज्ञानिक सूर्य से  किसी  प्रकार  की  ध्वनि  निकलने की संभावना  को सिरे से नकार देते  थे   , परन्तु  जब नासा  ( Atmospheric Imaging Assembly (AIA)  )  ने  11 फरवरी  सन 2011 को Solar Dynamics Observatory (SDOके द्वारा सूर्य  से निकलने  वाली  चुम्बकीय   तरंगों को  ध्वनि   में  रूपांतरित   किया तो   वह   सूर्य से   निकलने  वाली ध्वनि  को सुन  कर भौंचक्के   रह  गए    ,क्योंकि  सूर्य  से  लगातार  ॐ  की    ध्वनि    निकल  रही    थी   ,जो  स्पष्ट  सुनाई  दे  रही   थी .
वैज्ञानिकों   को  इस   बात  की  अनेकों  बार जांच   की   और 4  साल तक विभिन्न प्रकार   के  परीक्षण  के बाद दिनांक  23  अक्टूबर  2014 को  इस सत्य की पुष्टि  कर दी   , कि सूर्य  से  सचमुच ॐ  की  ध्वनि   अनवरत  निकलती    रहती   है   , आप  भी  सूर्य   की ध्वनि सुनिए ,
Sound of the Sun | OM ॐ| Meditation | HD SOUND |

https://www.youtube.com/watch?v=rfc8_1b890U

इसीलिए  ही  भारत   के  सभी  धर्मों   में  ॐ शब्द  को  पवित्र   माना जाता   है   , उदहारण   के लिए ,

1-हिन्दू  धर्म    में   ॐ 

" तस्य   वाचक    प्रणवः "
अर्थात  उस  ईश्वर   का  वाचक  ॐ  ही   है  
योग  दर्शन  -समाधि  पाद 1:27 

2-गीता   में  ॐ  का    उल्लेख 
ॐ तत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविधः स्मृतः । 
ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिताः पुरा॥ (17:23
भावार्थ : सृष्टि के आरम्भ से "ॐ" (परम-ब्रह्म), "तत्‌" (वह), "सत्‌" (शाश्वत) है  .और  इन तीन   अक्षरों( अ +उ +म  ) के  ब्रह्म  को ब्राह्मण    यज्ञ में  मन्त्रों  में   स्मरण  करते  हैं ,और इसी   का उच्चारण   करते   हैं .(17:23  )

3-बौद्ध  धर्म   में ॐ 
जो   लोग   बौद्धों को   नास्तिक   कहते  हैं  ,उन्हें  पता  होना  चाहिए  कि  हिन्दुओं की तरह  तिब्बत के बौद्ध  भी ॐ का  जप  करते  हैं   ,उनका मूल मन्त्र  यह है ,आश्चर्य की   बात  यह  है  कि  जब  तिब्बत के  बौद्ध  यह  मन्त्र बोलते हैं  तो उस  से वैसी ही  ध्वनि  निकलती  है जैसी  सूर्य  से निकलती  है
ॐ  मणि  पद्मे  हुं 

Om Mani Padme Hum (Tibetan)

https://www.youtube.com/watch?v=XJYOxbkjh2k

आश्चर्य की   बात  यह  है  कि  जब  तिब्बत के  बौद्ध  यह  मन्त्र बोलते हैं  तो उस  से वैसी ही  ध्वनि  निकलती  है जैसी  सूर्य  से निकलती  है 

4-जैन   धर्म   में  ॐ 
इसी तरह  लोग अज्ञानवश  जैनों   को  भी  नास्तिक  या अनीश्वरवादी   कह  देते  है   ,  लेकिन  जैन  ग्रंथों   में भी  ॐ  की  महिमा  वर्णित   है देखिये
"अरिहंता ,असरीरा ,आयरिया ,उवझ्झाय ,मुणीणो ,पंचख्खर निप्पणो ,ओंकारो पंच  परमिठ्ठी "
अर्थ  -अर्हत अशरीरी    ,आचार्य  ,उपाध्याय और मुनि   ,इन पाँचों  के प्रथम  अक्षरों  को  मिला कर  ॐ  बनता  है  . जो इन  पञ्च परमेष्ठी  का वाचक  और  बीज  मन्त्र   है  
समण   सुत्तं -ज्योतिर्मुख  ,गाथा   12 पृष्ठ     5 

5-सिख   धर्म   में  ओंकार 
श्री  गुरु  ग्रन्थ  साहब  में  भी  सर्व  प्रथम  ओंकार  यानि  ॐ      ही  लिखा  गया है  ,

१ ओंकार  सतनाम   करता  पुरख  


आज   हमारे   सभी  हिन्दू  , बौद्ध   ,जैन  और  सिख  बंधुओं   को  वैज्ञानिकों    द्वारा   इस  खोज  पर   प्रसन्नता  होना  चाहिए    कि  वह   जिस   शब्द  का  नित्य  उच्चारण   किया  करते   हैं  वही  ध्वनि  सूर्य   से निकलती  रहती   है   ,  यानि  सूर्य  भी  हमारी  तरह  ॐ  का ही   जप   करता  रहता  है  ,
भारत के  इन  चारों  धर्मो   को  सच्चा   सिद्ध   करने के लिए  इस  से बड़ा  और  कौन  से  प्रमाण  की   जरूरत   चाहिए ?



Sound of Sun-50 minutes sound of the Sun


https://www.youtube.com/watch?v=0kgEvmIZ4vw


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रविवार, 8 मार्च 2015

बलात्कार के रोग का दीमापुरी इलाज !

अगर भारत को       बलात्करिओं    की  जन्नत कहा    जाए  तो अतिश्योक्ति    नहीं   होगी   , क्योंकि  नेशनल  क्राइम रिकॉर्ड  ब्यूरो  के  अनुसार भारत में औसत प्रतिदिन    सात   से   दस    बलात्कार  की  घटनाये   होती  हैं   , और  उनके  बारे  में  अखबार  या  जो  टीवी   में  खबरें   प्रसारित की   जाती हैं   उन्हें  पढ़  और  देख   कर    , लोग  यातो  उसकी  निंदा    करके   अपना  कर्तव्य   पूरा    मान   लेते   है   . या  फिर कुछ   ऐसे   संगठन  पैदा  हो जाते हैं  ,  जो  अपना  नाम    करने    के  लिए   धरना   ,  प्रदर्शन और  केंडल   मार्च   निकाल देते   , जबकि   उनको  होता  है  कि  वर्त्तमान   न्याय   प्रणाली   के  चलते पीड़िता  को  इन्साफ   मिलने    अपराधी को   सजा   मिलने  में बरसों   लग   जायेंगे   ,
लेकिन  अधिकाँश     इस  महत्त्व पूर्ण    बात   पर गौर  नहीं  करते  कि  बलात्कार  की संख्या  दिनों    दिन  क्यों  बढ़  रही  हैं   , और   इनको रोकने  का   अचूक   उपाय   क्या     है ?

1-बलात्कार   का असली  कारण  इस्लाम 
यदि   बलात्कार    की  सभी  घटनाओं   का सूक्ष्म   विश्लेषण    किया   जाये तो  आपको   पता   चलेगा  कि  अधिकांश  बलात्कारी  मुस्लिम  ही   निकलेंगे,और  मुसलमान  बलात्कार   को  गुनाह   नहीं  अपना  अधिकार  मानते   हैं   ,
मैं   इस  लेख  के    माध्यम माध्यम   से  सभी  मुल्ले   ,मौलवी  और  मुसलमानों  को  खुली  चुनौती देता हूँ  कि  वह कुरान की  एक   भी ऎसी  आयात  दिखा  दें  , जिसमे   बलात्कारी  पुरुष   को किसी  भी  प्रकार    की सजा  देने  का   हुक्म     हो , कुरान  में बलात्कारी  को  सजा  देने का  आदेश   नहीं  है  (  the punishment for rape doesn't exist in the  Quran  ) यही  कारण है   जिस से  मुसलमान  ,  हिन्दुओं  को  अपमानित   करने  , देश   में  अफरा  तफरी  फ़ैलाने  . प्रतिशोध   के लिए  ,और रसूल की  सुन्नत   का पालन   करने   के  लिए  निडर   होकर   बलात्कार    करते  रहते हैं   . और उनके  दिलों   में  इस   अपराध   के लिए  कोई पछतावा   भीनहीं  होता
2-दूसरा   कारण  न्याय  प्रणाली 
भले   ही  अदालत में लिखा  रहता   है  "सत्यमेव  जयते "अर्थात  सत्य    ही  विजयी  होता   है   , यह  सिर्फ  कहने की   बात है    , क्योंकि  अदालतों  में  सत्य   की  नहीं  वकील   की  जीत  होती   है   , जो   अपने  कुतर्कों  से  मामला    बरसों   तक  लटका  देता   है  .  इस से  फैसला होने तक   पीड़िता  का  गरीब   परिवार  कंगाल  हो   जाता   है  . न्याय   में  देरी  और  अपरधि  के बच  जाने  से  लोगों   में  न्याय  व्यवस्था  पर   विश्वास  उठ   गया है  ,

3-बलात्कार  रोकने  का सही  उपाय  

बलात्कारी   को  जेल  भेज  देने  से  बलात्कार   की  घटनाएँ  कम   नहीं   हो सकती   ,  इसके लये  हमें   निडर  होकर   वाही   काम   करने की  जरूरत  है  जो   नागा  लैंड  के  दीमापर   निवासियों   ने  बंगला  देशी   मुस्लिम  बलात्कारी  के   साथ  किया   है   ,    यह   खबर  सभी  अखबारों  और चैनलों   में  मौजूद   है    पूरी  खबर   इस प्रकार   है .
 "गौरतलब है कि पुलिस के मुताबिक 23 फरवरी को खान नाम के एक व्यक्ति ने एक नागा समुदाय की एक लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म को अंजाम दिया था। जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ,आरोपी की पहचान 35 वर्षीय सयद फरीद खान के रूप में हुई है और जोकि सैकेंड हैंड कार डीलर था। बताया जा रहा है कि वो असम प्रवासी था, लेकिन मूल रूप से बांग्लादेश का था। नागालैंड के दीमापुर में गुस्साई भीड़ ने रेप के एक आरोपी को जेल से निकालने के बाद उसकी पीटपीट कर हत्या कर दी। भीड़ ने आरोपी को गुरूवार तकरीबन छह बजे घसीट कर बाहर निकाला और फिर भीड़ ने उसे सड़क के एक चौक पर फांसी लगा दी। वहीं भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें तकरीबन 20 लोग घायल हो गए हैं . गृह मंत्रालय के मुताबिक घटना शाम चार बजे की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि, जेल को स्थानीय पुलिस और जेल गार्ड्स गार्ड कर रहे थे, लेकिन वो उस आरोपी को बचा नहीं सके .डिप्टी कमिश्नर वेजोप केन्ये का कहना है कि दीमापुर में तनाव का माहौल बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्र में काफी तनाव फैल गया। मामले को देखते हुए क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस भीड़ को काबू में नहीं कर पाई।दूसरी तरफ नागालैंड पुलिस ने गृह मंत्रालय से और फोर्स भी मांगी है और आर्मी को भी अलर्ट कर दिया गया है।


http://www.patrika.com/news/crime/nagaland-mob-lynches-rapist-after-dragging-him-out-of-dimapur-jail-1006682/#sthash.1V7zveN4.dpuf

4- हिन्दुओ   कायरता   छोडो 

 आज  इस   बात   की  जरुरत   है कि  सभी हिन्दू    दीमापुर  की  इस घटना   से  प्रेरणा   लेकर   हर प्रकार  का  डर  और कायरता   छोड़  दें   , और विदेशी  अपराधी को   खुद  आगे  ऐसी   सजा  दें   ,   तभी   भविष्य में किसी  को सपने में भी  बलात्कार  करने  का विचार   नहीं  आये   , पुलिस  का डर जनता की  के सामने    बेकार   है   , अकबरुद्दीन  ओवैसी ने आदिलाबाद   जिले   के  न निरमल  नाम की  जगह पर दिनांक  2  जनवरी 2013 को  सरकार को  चुनौती  दी थी  कि  अगर  15  मिनट   के   लिए  सरकार  पुलिस हटा  दे  तो   मुसलमान   भारत  के  लाल किले  पर  इस्लामी हरा  झंडा   फहरा  देंगे   ,
विडिओ  देखिये 
Akbaruddin owaisi hate speech against Hindus Part 1

https://www.youtube.com/watch?v=4J-FuI7yA8Q


सोचिये  जब  पुलिस  होते  हुए भी  दिमापुर में  मुस्लिम  बलात्कारी   को  खुले  आम  फांसी  दे दी गयी  तो  , सब   सभी  हिन्दू  एक  हो जेएंगे तो  फ़ौज भी  मुसलमान  दुष्टों  की  रक्षा नहीं   कर  पायेगी .आखिर   हमें   किसका  डर  है    ,हम   भारत   माता   के  पुत्र   है  ,  यदि  हम  खुद  माता   के  शत्रुओं   को   नहीं   मरेंगे  ,तो  क्या  दुष्टों  को मारने  के लिए मंगल ग्रह से  फ़ौज  आएगी  ?

गीता   का  साफ  आदेश  है  "विनाशाय  च  दुष्कृताम "