बुधवार, 27 मई 2015

अब जन्नत के लालचियो अपना सिर पीटो !!

मुसलमानों   की  जन्नत  कहाँ  है  ?  यहाँ   से कितनी  दूर   है  ? कितनी   बड़ी   है  ? इन  सवालों  का  जवाब   कुरान    और  हदीसों   में नहीं  मिलता  .  और  न  कोई मुल्ला   इनका  सही  जवाब  दे सकता   है   . मुसलामानों   ने  इसी  कल्पित   जन्नत  में  वर्णित  अय्याशी  के  लालच    में  जिहाद   करके    करोड़ों    निर्दोष  लोगों  को मौत   के घाट   उतार दिया  .  फिर भी  जिहादी   आतंक     नए नए  रूपों    में  फैलता    जा   रहा   है   . क्योंकि   हरेक  मुसलमान  जन्नत में जाने की  इच्छा   रखता   है  .
इस समय   पूरे   विश्व   में  मुसलमानों    की संख्या  लगभग  160  करोड़ ( 1.6 billion  )   है  . जो   सभी    जन्नत के  सपने     देख   रहे  हैं   .  लेकिन   इस   हदीस को  पढ़   कर   उनके  सपने  चकनाचूर   हो   जायेंगे   , और   वह  और    वह    निराश  होकर  अपना    सिर पीटने  लगेंगे   . क्योंकि   इन  हदीसों   के  अनुसार  केवल सत्तरहजार (70000  )   मुसलमान   ही  जन्नत में   जाएंगे , यह  दौनों   प्रामाणिक  हदीसें    इस  प्रकार  हैं   ,

पहली   हदीस   सही  बुखारी  से 
"इब्ने अब्बास   ने  कहा   कि  रसूल   ने  कहा  है कि  अल्लाह  ने  मेरे सामने से  एक एक कर के सभी  उम्मतों   को   पेश   किया    . तो  मैंने देखा  कि ऐसे   कई नबी  थे   जिनके   केवल   एक  या  दो   ही  अनुयायी  थे   . और  एक नबी  तो  ऐसे थे   कि  जिनका  एकभी  अनुयायी   नहीं  था .तभी  क्षितिज   से  एक  बहुत   बड़ी  भीड़  आती  हुई  दिखाई  दी  , मैंने पूछा कि  क्या  यह  मेरी  उम्मत है  ? तो जवाब  आया  नहीं  ,  यह  तो  मूसा की  उम्मत है  .और   कहा   गया कि  देखो  इस  भीड़  से सारा    क्षितिज भर गया   है  .
. फिर कहा गया  कि   देखो  यह  तुम्हारी  उम्मत   है ,जिनमे  से केवल  सत्तर  हजार  (70000 )    लोग   ही   जन्नत   में दाखिल   होंगे 

"، ثُمَّ قِيلَ لِي انْظُرْ هَا هُنَا وَهَا هُنَا فِي آفَاقِ السَّمَاءِ فَإِذَا سَوَادٌ قَدْ مَلأَ الأُفُقَ قِيلَ هَذِهِ أُمَّتُكَ وَيَدْخُلُ الْجَنَّةَ مِنْ هَؤُلاَءِ سَبْعُونَ أَلْفًا بِغَيْرِ حِسَابٍ، "

Narrated Ibn `Abbas:
Allah's Messenger  said, 'Nations were displayed before me; one or two prophets would pass by along with a few followers. A prophet would pass by accompanied by nobody. Then a big crowd of people passed in front of me and I asked, Who are they ?Are they my followers?" It was said, 'No. It is Moses and his followers It was said to me, 'Look at the horizon.'' Behold! There was a multitude of people filling the horizon. Then it was said to me, 'Look there and there about the stretching sky! Behold! There was a multitude filling the horizon,' It was said to me, 'This is your nation out of whom seventy thousand shall enter Paradise .

Bukhari-Vol. 7, Book 71, Hadith 606

दूसरी  हदीस  जामए  तिरमिजी   से 

"इब्ने बुरैदा   ने   कहा कि  मेरे पिता   ने  बताया   है  ,कि  रसूल   ने कहा है  " जन्नत  में  जाने वालों   की   एक सौ बीस   ( 120 )  पंक्तियाँ   होंगी  . जिनमे  अस्सी  ( 80) पंक्तियाँ   मेरी  उम्मत  की  होंगी   .  और  बाकी  चालीस  (40 )    पंक्तियाँ  दूसरे  नबियों   की उम्मत  की   होंगीं  "


"أَهْلُ الْجَنَّةِ عِشْرُونَ وَمِائَةُ صَفٍّ ثَمَانُونَ مِنْهَا مِنْ هَذِهِ الأُمَّةِ وَأَرْبَعُونَ مِنْ سَائِرِ الأُمَمِ ‏"


"The people of Paradise are a hundred and twenty rows, eighty of them are from this nation, and forty are from the rest of the nations."


 Jami` at-Tirmidhi-Vol. 4, Book 12, Hadith 2546
Arabic reference : Book 38, Hadith 2743

तीसरी   हदीस  इब्ने  माजा  से 

"रसूल   ने  कहा है  कि   अल्लाह    ने  मुझ   से  वादा   किया  है  ,  कि मेरी   उम्मत के  सत्तर   हजार  लोग (मुसलमान  )   जन्नत में  जाएंगे  ,  और उन  से (उनके  कर्मों का ) कोई  हिसाब   नहीं  लिया   जाएगा   "


"وَعَدَنِي رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ أَنْ يُدْخِلَ الْجَنَّةَ مِنْ أُمَّتِي سَبْعِينَ أَلْفًا بِغَيْرِ حِسَابٍ "

"my Lord has promised me that seventy thousand of my nation will enter Paradise without being brought to account. "


 Sunan Ibn Majah-Book 37, Hadith 4426

जन्नत के   लालची  हत्यारे   आतंकी   जिहादियों    को इन   हदीसों  कहे गए  रसूल    के  कथन  को   ध्यान  से    पढ़  लेना चाहिए   कि  इन  हदीसों  में जन्नत   में जाने वाले  लोगों   की  संख्या    साफ़  साफ    सत्तर  हजार   बतायी   गयी   है   ,  इसका   मतलब  है कि  इस्लाम   के जन्म से  लेकर क़ियामत तक   जितने भी   मुसलमान   मर  चुके  और  भविष्य   में  मरेंगे  उन सभी  में से  केवल  सत्तर   हजार ही  जन्नत    में  जाएंगे   . बाकि   सब  जहन्नम  में जायेंगे  .

 इसलिए   आजकल  के  मुसलमान   हिसाब   लगा   कर  देखें   कि  इस  समय   विश्व   में  मुसलमानों    की  संख्या  लगभग  एक  सौ साठ  करोड़    है   .  और   किसी   कारण   से   सभी  मर  जाएँ   तो  उन  में से  केवल   सत्तर हजार  ही  जन्नत में जा सकेंगे  . यानी  मुसलमानों की  वर्त्तमान  संख्या  का केवल 0.00437%  ही  जन्नत      देख   सकेगा   , चाहे वह   कितनी भी   नमाजें  पढ़े ,  कितने  भी  जानवर   मार कर  खा जाये   ,  कितने भी  निर्दोष लोगों  की   जिहाद के बहाने     हत्या  कर  डाले , सत्तर  हजार   से   अधिक एक भी  आदमी  जन्नत में  नहीं  घुस   पायेगा    . खुद रसूल   उनको  धक्का  मार कर  बाहर  फेंक   देंगे  .

इसलिए  इस झूठी   जन्नत    का  चक्कर   छोड़   कर  मानवता    के काम     करके  इसी  पृथ्वी    को  जन्नत   बनाना    ही  धर्म   समझें   
   


http://en.islamway.net/fatwa/60891/how-many-will-enter-paradise