सोमवार, 7 दिसंबर 2015

मुसलमान किसके वफादार ?

इस समत विश्व में लगभग 200 देश हैं ,जिनमे अपना अपना संविधान और अपने नियम कानून लागू है .और अलग शासन प्रणाली है .और कुछ इस्लामी देश हैं ,लेकिन कुछ ऐसे गैर मुस्लिम देश भी हैं जहाँ मुसलमानों की अच्छी खासी जनसंख्या मौजूद है .हरेक देश चाहता है कि उस देश के निवासी संविधान और देश के कानून के प्रति निष्ठावान وفي  (Loyal )और  वफादार बनें ,ताकि सबको न्याय मिल सके .और देश में शांति व्यवस्था बनी रहे .
लेकिन देखा गया है कि ,मुसलमान जिस भी गैर मुस्लिम देश में रहते हैं ,उसके संविधान और कानून कि अनदेखी करते रहते है .और किसी न किसी बहाने उस देश की सरकारों ने लिए समस्याएं पैदा करते रहते है .चाहे उनको कितनी भी सुविधाएँ क्यों न दी जाएँ .
इसका कारण यह है कि मुसलमान मानव निर्मित किसी भी कानून या नियम को अपूर्ण और अनुपयुक्त मानते है .मुसलमानों के अनुसार केवल इस्लाम ही एकमात्र पूर्ण कानून या दीन الدِّين  (Law )है .जो अल्लाह ने बनाया है .देखिये कुरान क्या कहता है -
1 -इस्लाम सम्पूर्ण कानून है 
"आज के दिन हमने उम्हारे लिए दीन ( Law ) को परिपूर्ण कर दिया है और केवल इस्लाम को ही तुम्हारे लिए धर्म नियुक्त कर दिया है "
सूरा -मायादा -5 :3
2 -किसी को अपना हितैषी नहीं मानों 
"हे लोगो अल्लाह के अलावा किसी को अपना मित्र या संरक्षक नहीं मानों "सूरा-अल कहफ़ 18 :26
"जो अल्लाह के अलावा किसी को भी अपना मित्र या संरक्षक बनाएगा उसे कोई सहायता नहीं करो "सूरा -अन निसा 4 :123
3 -दुनिया के स्वामी मुसलमान है 
"हे मुहम्मद तुम्हारे आगे और पीछे और उसके बीच में जितनी भी भूमि है ,वह तुम्हारी है .केवल तुम्हीं उसके एकमात्र स्वामी हो "
सूरा -मरियम 19 :64
4 -सिर्फ शरियत का कानून मानों 
"हे ईमान वालो ,तुम केवल रसूल के बताये आदेशों (शरियत ) को मानों ,और यदि किसी भी प्रकार का विवाद हो तो ,रसूल के बताये गए आदेशों के अनुसार ही फैसला करो "सूरा -अन निसा 4 :59
"तुम्हारे बीच में किसी बात का फैसला केवल अल्लाह के नियमों के अनुसार ही हो सकता है .याद रखो इस तरह से इमान वालों के मुकाबले में काफिरों को कोई रास्ता नहीं मिल सकेगा "सूरा -अन निसा 4 :141
5 -ताकत के बल पर दूसरों को निकालो 
"और जो सबसे अधिक बलशाली हो ,वह अपने से कमजोरों को अपने क्षेत्र से निकाल दे ,क्योंकि आसमानों और जमीन के सभी संसाधन और उन पर प्रभुत्व अल्लाह ने अपने रसूल और मुसलमानों के लिए दिए है "सूरा -मुनाफिकून 63 :7 और 8
6 -जनमत की परवाह नहीं करो 
"चाहे लोगों का कुछ भी मत (इच्छा ) हो उम उसका पालन नहीं करो .जो उसका पालन करे तो जानलो कि इस गुनाह (इच्छा पालन )के अल्लाह उसको किसी संकट में डालना चाहता है ."सूरा मायदा 5 :49
7 -भाईचारा नहीं रखो 
" ईमान वालो ,को चाहिए कि ,वह किसी गैर ईमान वाले को अपना मित्र नहीं बनायें ,और उनसे दूरी बना कर बचते रहें .जैसा कि तुमको उन से बचने का हक़ दिया गया है ,फिर भी जो उनसे भाईचारा बनाएगा तो ,समझ लो उसे अल्लाह से कोई नाता नहीं है "सूरा -आले इमरान 3 :28
8 -झगडा करो .अशांति फैलाओ 
"जो लोग सच्चे धर्म (इस्लाम ) को अपना दीन (धर्म )नहीं मानते है ,और अपने ही धर्म को मानते है ,तुम उन से लड़ते रहो .और इतना लड़ो कि वह अप्रतिष्ठित हो कर जजिया देने पर विवश हो जाएँ "सूरा अत तौबा 9 :29
9 -मुहमद की हड़प नीति 
"अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा कि ,जब तुम किसी काफ़िर ,मुशरिक या ईसाई से व्यवहार करो तो उन से इन तीन प्रकार से बर्ताव करो ,यदि वह ख़ुशी से कुछ दे दें तो स्वीकार कर लो ,फिर उनको इस्लाम काबुल करने की शर्त रखो ,यदि वह यह शर्त नहीं मानें तो उनसे जजिया की मांग करो .फिर यदि वह जजिया नहीं देते ,तो उनकी लोगों को बंधक बना लो ,और फिरौती ले लो .यदि फिर भी इस्लाम नहीं करते तो उनसे युद्ध करो "सही मुस्लिम -किताब 19 हदीस 4294
10 -सम्पूर्ण पृथ्वी मुसलमानों की बपौती है 
"अबू हुरैरा ने कहा कि एक बार हम रसूल के साथ मस्जिद में बैठे थे ,तभी रसूल न कहा चलो हम यहूदियों के गाँव "बैतूल मिदरास"चलें ,वहां जाकर रसूल ने यहूदियों से कहा कि यदि तुम लोग इसी वक्त इस्लाम कबूल कर लोगे तो तो तुम सुरक्षित बच जाओगे .क्या तुम्हें यह पता नहीं है कि ,पृथ्वी पर जितनी भी भूमि है ,वह रसूल और मुसलमानों की है .इसलिए तुम्हारे पास जितनी भी सम्पति और जमीं है सब रसूल के हवाले कर दो .और हम तुम्हें केवल इतनी अनुमति है कि हैं कि तुम अपनी सम्पति बेचकर जा सकते हो "बुखारी -जिल्द 4 किताब 53 हदीस 392 .
यह बात तो साबित हो चुकी है कि मुसलमान किसी भी देश के कानून और संविधान पर निष्ठां नहीं रखते .और भी गैर मुस्लिम देश में रहते हैं उस देश को खोखला करते रहते है .और नयी नयी मांगे करते रहते है .फिर भी उनकी मांगें सपाप्त नहीं होंगी .जैसे अगर पूरा कश्मीर भी मुसलमानों को मिल जाये तब भी वह भारत का और हिस्सा मांगेंगे .
असल में मुसलमान देशों की भौगोलिक ,और राजनीतिक सीमाओं को नहीं मानते है इस्लामी कूटनीतिज्ञों और चालाक मुल्लों ने विश्व को कुरान और हदीसों के अधार इन भागों में बाँट रखा है .जिन्हेंدار  दार या House कहा जाता है .इन्हीं  6 वर्गों ध्यान में रख कर ही मुस्लिम देश अन्य देशो के साथ कोई सम्बन्ध या समझौता
 (Treaty )करते हैं .इस्लाम के अनुसार विश्व को इन वर्गों में विभाजित किया गया है -
1 -दारुल इस्लाम : دارالاسلام  House of Peace इसको दारुल तौहीद دارُالتوحيد  भी कहा जाता है .यस उस भूभाग को कहा जाता है ,जहाँपर इस्लामी हुकूमत होती हो .और जहाँपर मुसलमान निडर होकर अपनी गतिविधियाँ चला सकें .दारुल इस्लाम मुसलमानों गढ़ होता है .अबू हनीफा ने यह नाम कुरान की इन आयतों से लिया था ."अल्लाह तुम्हें सलामती के घर (दारुल इस्लाम ) की ओर बुलाता रहता है ,ताकि तुम सीधे रास्ते पर चलो "
सूरा -यूसुफ 10 :25
(इसी आयत की तफ़सीर में लिखा है "जहाँ पर मुसलमानों की हर प्रकार की सुरक्षा हो ,और जहाँ से वह जिहाद करें तो उनपर कोई आपत्ति नहीं आये "इसी तरह लिखा है "और अल्लाह मुसलमानों के लिए ऐसा सलामती का घर (दारुल इस्लाम ) चाहता है जहाँ पर उनके मित्र और संरक्षक मौजूद हों "सूरा-अल अनआम 6 :128 .इसी दारुल इस्लाम का सपना दिखा कर जिन्ना ने मुसलमानों को पाकिस्तान बनवाने के लिए प्रेरित किया था .
क्योंकि जिन्ना की नजर में भारत ناپاك  नापाक (अपवित्र ) देश था ,और जिन्ना पाक پاك  (पवित्र )देश پاكِستان   बनाना चाहता था .
2 -दारुल हरब : دارالحرب House of War .युद्ध का घर ,यह उस भूभाग को कहा जाता है जहाँ गैर मुस्लिमों की संख्या अधित हो .या गैर मुस्लिम सरकारे हों ,या जहाँ पर प्रजातंत्र (Democracy ) चलती हो .या जिनका मुस्लिम देशों से विवाद हो .और यदि दारुल हरब के लोग दारुल इस्लाम में जाएँ तो उनको निम्न दर्जे का व्यक्ति या जिम्मी Zimmi मानकार जजिया लिया जाये .या कोई अधिकार नहीं दिया जाये
3 -दारुल अमन : دارالامن House of Safty .बचाव का घर यह उस भूभाग को कहा जाता है ,जहाँ अधिकांश गैर मुस्लिम रहते हों ,लेकिन मुसलमानों को भी कोई न कोई अधिकार दिया गया हो .या जहाँपर इस्लाम को खतरा होने का भय नहीं लगे .इस्लाम इस वर्गीकरण के अनुसार भारत भी एक "दारुल अमन "है .क्योंकि यहाँ मुसलमानों को हिन्दुओं से अधिक अधिकार प्राप्त हैं .
4 -दारुल हुंदा :دارالهنُنده  House of Calm .विराम का घर ,यह उस क्षेत्र को या उस देश को कहा जाता है ,जिसका किसी मुस्लिम देश से युद्ध या झगडा होता रहता हो .लेकिन किसी कारण से लड़ाई बंद हो गयी हो .और भविष्य में या तो समझौते की गुंजायश हो ,या फिर युद्ध की संभावना हो .और यह एक प्रकार की waite and watch की स्तिथि होती है
5 -दारुल अहद :دارُالعهد  House of Truce .युद्ध विराम का घर ,इसे दारुल सुलहدارالسُلح   या House of Treaty भी कहा जाता है ,यह उन देशो को कहा जाता है ,जिन्होंने मुस्लिम देशो से किसी प्रकार की कोई संधि या समझौता कर लिया हो .औए जिसे दोनो देशों के आलावा दुसरे मुस्लिम देशो ने स्वीकार कर लिया हो .
6 -दारुल दावा : دارُالدعوة House of Invitation .आह्वान का घर ,यह उन देशों या उन क्षेत्रों या उन इलाकों को कहा जाता है जहाँ गई मुस्लिम हों और जिनको मुसलमान बनाने के लिए कोशिश करना जरुरी हो .यहाँ के लोग इस्लाम के बारे में अधिक नहीं जानते हो .(ऐसे भूभाग को दारुल जहलियाدارالجاهلِية  या House of ingorant खा जाता है )और फिर किसी भी उपाय से उस भूभाग को दारुल इस्लाम में लेन की योजनायें बने जाती है या फिर उस क्षेत्र को कहा जाता है जहाँ के मुसलमान कट्टर नहीं होते हैं और उनको कट्टर बनाने की जरूरत हो ,ताकि उनको जिहादी कामों में लगाया जा सके .और इस काम के लिए उस क्षेत्रों में जमातें भेजी जाती है

इस लेख से हमें यह समझ लेना चाहिए कि मुसलमानों ने विश्व के देशो या किसी देश के भूभाग या किसी क्षेत्र को जो अलग अलग दार या Houses में बाँट कर विभाजित किया है .वह राजनीतिक ,या भौगोलिक सीमाओं के आधार पर नहीं है .इस्लामी परिभाषा में "दार "कोई देश ,प्रान्त ,जिला या उसका कोई हिस्सा भी हो सकता है .और इन्हीं दार के house के हालात देख कर मुसलमान अपनी रणनीतियाँ तय करते है जैसे कहीं शांत हो जाते हैं और कही आतंकवाद को तेज कर देते हैं .मुसलमानों का एकमात्र उद्देश्य और लक्ष्य इन सब "दार "को दारुल इस्लाम के दायरे में लाने का है .ताकि दुनिया में " विश्व में इस्लाम राज्य Pan Islamic State "की स्थापना हो सके .
मुसलमानों की तरह Catholic Church ने भी देशों को बाँट रखा है .
आज इस बात की अत्यंत जरुरत है कि हम मुसलमानों कि कुटिल नीतियों और नापाक मंसूबों विफल करने का यत्न करते रहें ,और देश को
दारुल इस्लाम बनाने से रकने के लिए पूरी ताकत लगा दें .और इस पवित्र कार्य में लोगों को उत्साहित करें और हरेक साधनों का उपयोग करें .तभी देश और धर्म बच सकेगा .
(87/27)

www.TheReligionofPeace - Islam Loyalty to Non-Muslim Governments.htm

9 टिप्‍पणियां:

  1. aur poori duniya ko musalmaan banaane ke liye jhagda, maramari, rape, loot, aagzani, dusro ki badnaami, vinaassh, dhokhaadhadi, dusro ke kaamkaaj-business ko khatm karna hat tarah se, aur aise karke ya toh dusro ko saaf karke ya majboor karna... yeh sab "allah ki raah mein liye gayer punya-kaarya hain, jis ke liye jannat aur usmein anek schemes" hain.
    Aur jannat mein jaa ke har musalmaan ko 70 logon ko swarg mein bulaane ka quota mila hota hai .... yaani haq. So sabmiya log ek dusre ko madad karte hain tabligh yanidusro ko musalmaan banaane mein. Taaki khud madad karne se bhi jannat ke haqdaar baney... aur agar pahla musalmaan jannat mein jaaye toh baaki madad karne vaalo ko bhi jannt mein bulaaye... uske quota se.
    Yeh musalmaan jab bhi kahte hain ki yeh nationalist hain... ya raasjtravaadi hain... toh unka matlab .. "pakistan nationalism" hota hai... jo banaane ka yahaan sapna dekh rahe hote hain... aur uspe kaam kar rahe hote hain.

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  2. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है।

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  3. हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडकी को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

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  4. तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। और तुम्हारे सभी भगवान भी धोती के अलावा कुछ नही पहनते थे। बाकी सारा शरीर खुला रहता है
    ये कैसे भगवान है जिन्हे कपडे पहनने की भी तमीज नही है।

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  5. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

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  6. हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

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  7. Dr apj abdul klam tumhari ma ka log tha kya. Aur abdul hameed tumhari bhen ka log tha kya. India ke 3 president muslim ban chuke hai ve tumhari ladkiyo ke log the kya jo tum muslimo ko gaddar bolte ho

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  8. आखिरकार तुमरे पूर्वज भी तो हिन्दू ही थे।
    उनको गाली देना ही तुम्हे सिखाया जाता है य सम्मान देना ।?

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  9. आखिरकार तुमरे पूर्वज भी तो हिन्दू ही थे।
    उनको गाली देना ही तुम्हे सिखाया जाता है य सम्मान देना ।?

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