शुक्रवार, 18 दिसंबर 2015

इस्लाम में नफ़रत की राक्षसी शिक्षा !

इस्लाम  की  बुनियाद नफ़रत पर टिकी   है ,और  ऐसा कहना   गलत  बिलकुल  नहीं   लगता   .  क्योंकि यदि  हम  इस्लाम  का इतिहास   देखें  तो यह बात शतप्रतिशत   सही  सिद्ध  होती  है  ,  यही नहीं    कुरान   में  ऐसी कई  आयतें  मौजूद हैं  जिनमे   मुस्लिमों  के  प्रति नफ़रत  की  शिक्षा   दी  गयी  है  . सब  जानते हैं कि  भारत   का विभाजन  नफरत   के कारण  हुआ  था  , और  कश्मीर  की  समस्या के पीछे    भी  मुसलमानों   की  हिन्दुओं   से नफ़रत ही  है  .
वास्तव  में  इस्लाम  ने  जन्म  लेते ही पूरे  विश्व को दो भागों  में  बाँट   दिया  है  . एक तरफ मुसलमान   और  दूसरी  तरफ  काफ़िर .
  . चूँकि   कुरान   में सभी  गैर  मुस्लिमों   को  इस्लाम  का  दुश्मन माना   गया है  ,इसलिए मुसलमान सभी  गैर  मुस्लिमों  से  नफ़रत  करने  लगे  . और जब  मुसलमानों  में भी  अनेकों  फिरके बन  गए  , और  हरेक  फिरका खुद  को सही  और दूसरे को गलत साबित   करने लगा तो सभी  फिरके के लोग  एक दूसरे से नफ़रत   करने लगे  , और  धीमे  धीमे   इस्लाम की  इस राक्षसी नफ़रत   की आग  ने सारे  इस्लामी  जगत   को अपनी  लपेट में ले लिया है  .
 फिरभी मक्कार  मुस्लिम  नेता बेशर्मी  से यही  कहते  रहते  हैं  , कि अल्लाह और इस्लाम  की नजर में  सभी  मनुष्य   समान   हैं  . और  इस्लाम  आपसी   भाईचारे  की  शिक्षा  देता  है .दुनिया  में इस से बड़ा झूठ  और कोई  नहीं   हो  सकता  , और मुसलमानों से बड़ा राक्षस और कोई नहीं  हो सकता  ,यही बात इस लेख  में प्रमाण सहित   दी  जा रही  है  ,


1-मस्जिदों  में नफ़रत  की शिक्षा 
चूँकि  मुसलमानों   के  लिए मस्जिदों   में जाकर  नमाज  पढ़ना  अनिवार्य   है  , और  नमाज के बाद  मुल्ले जो खुतबे  ( प्रवचन )   देते हैं ,उनमें  नफ़रत की  तालीम   दी  जाती   है , और हरेक फिरके  की  अलग अलग  मस्जिद  होती  है  , और  वहीँ  से नफ़रत के बीज  बोये   जाते है  ,अक्सर  मुल्ले  कहते  रहते हैं  कि  इस्लाम में भेदभाव नही होता है .लेकिन    यूपी के बरेलवी जमात के मस्जिदों में ये नोटिस दिखना अब आम बात हो गयी है ,इसका  एक   नमूना  देखिये  कि  इस  मस्जिद   में  क्या लिखा  है  ?
" मस्जिद  कमिटी  का खास  जरूरी  ऐलान ,
 वे मस्जिद सुन्नी  हनफ़ी  सहीहुल अक़ीदा लोगों  की  है  ,हुजूर  के फरमान  सहाबा  के तरीके ,गोसो  ख्वाजा मखदूम  पाक  ख़ुसूसन  मसले आला  हजरत  इमाम अहमद राजा  खान बरेलवी  के  पैरोकार  हैं  , यहाँ  पर  देवबंदी  , बहाबी  , तबलीगी  व्  दीगर अक़ीदा  के लोग इस मस्जिद  में  नहीं  आएं  , और अगर आते हैं  तो नतीजे के खुद  जिम्मेदार   होंगे  "
नोट- इसके ऊपर या  मस्जिद  की  किसी  दीवार   पर  इस्तेहार  लगाना या  स्टिकर लगाना  मना  है  
गौरतलब है की इस बरेलवी जमात के धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा है जिनके कदमो में अरविन्द केजरीवाल कदमबोशी करते है
नोट - इसकी  तस्वीर  देखिये

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 . अब पाठक  गण  बताये  की  लोगों  में नफ़रत  कौन  फैलाता है  ? और  जो  मुस्लिम  नेता  भाईचारे  की  वकालत  करते  रहते हैं   वह  झूठे हैं  कि  नहीं  ? और जब   खुद  मुसलमानों   के फिरकों   में नफरत बढ़ जाती  है  तो  सीरिया जैसा  हाल  हो   जाता   है  .
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2-शियाओं   का  मांस  खाने  वाले  सुन्नी 
सीरिया  में  होने वाले  जन  संहार   के  पीछे  कोई  राजनीतिक    कारण  या  सीमा विवाद   नहीं  है  ,  बल्कि सुन्नियों   द्वारा गैर  सुन्नियों    से  नफ़रत   है  .सुन्नी  शियाओं   को गैर  मुस्लिम  और इस्लाम  और  रसूल  का  दुश्मन   मानते हैं   , जिनके बारे में  कुरान  में  लिखा है   " जो लोग अल्लाह के  रसूल  से लड़ते   हैं  , उनकी  सजा यही  है कि बुरी  तरह  क़त्ल   किये जाएँ  , या उनके  हाथ  पैर  विपरीत दिशाओं   में काट  दिए  जाएँ  " सूरा -अल  माइदा  5 :33 

इन   दिनों  सीरिया में सुन्नी मुसलमान  यज्दियों  और  शियाओं   का क़त्ल   करके उनका  सफाया   करने में लगे हुए है  , जिसके लिए सुन्नियों   के  अनेकों   आतंकी गिरोह   बन   गए हैं  ,  उन्हीं   से एक  का नाम  "अल कतायब  अल फारूक -  كتائب الفاروق‎ " है .जिसका  अर्थ  "The Farouq Brigades  "  होता   है  . इस  दल  के स्थापक  का  नाम  "अबू  सक्कार -  ابو سكٌار " है  , इस  दल   का उद्देश्य  पूरे  मध्य  एशिया  में  सुन्नी  इस्लामी  खिलाफत   करना  और  सभी  गैर सुन्नियों   का  सफाया   करना  है   , यह शियाओं  से इतनी  नफ़रत  करते हैं  क़ि मारे गए   शिया व्यक्ति  की  लाश  से  दिल  और कलेजा  निकाल  कर  खा जाते  है  , और इसकी  विडिओ   बना कर सब जगह मिडिया में अपलोड कर देते हैं    , कुछ  दिनों   पहले ही  यह  खबर   लोगों  को   पता  चली   है . कुछ   समय  पहले अबू सक्कार   ने शियाओं से   कहा  था  " कुत्तो   मैं  कसम  खाता  हूँ  कि मैं  तुम्हारे  दिल  और   कलेजे  को  खा  जाऊँगा  "

Sakkar rants: 'I swear we'll eat from your hearts and livers, you dogs'He then raises one of the organs to his mouth and takes a bite


"يا كلاب، أقسم أنني سوف يأكل قلوب وأكباد الخاصة بك  "

 यह कह कर अबू  सक्कार  ने  एक  मरे हुए  शिया    के  शरीर  के हिस्से  ऊपर  उठा कर  दिखाए और  उस   लाश  के  दिल और  कलेजे  चबा   लिए

लो देखो इन नरपिशाचों को । सीरिया में शियाओं का माँस खाते मुस्लिम ब्रदरहुड के कार्यकर्ता :-Photo-

https://fbcdn-sphotos-a-a.akamaihd.net/hphotos-ak-prn1/558946_578514115531314_477650372_n.jpg

यही  घटना विडिओ   में  भी दी   गयी  है (  कृपया दिल मजबूत  करके  इस विडिओ  के  देखें  )Video
(WARNING GRAPHIC Syria Rebel Cuts out Soldier's Heart and Eats It)

https://www.youtube.com/watch?v=xEQFmZrQAx8

3-नर मांस खाना इस्लामी  परंपरा 
अरब के लोग  इतने  क्रूर    निर्दयी  और राक्षसी  स्वभाव  के  थे  ,कि उनमे  युद्ध  में  मारे गए  शत्रुओं   के  शरीरों  को फाड़  कर  उनके  दिल   और  कलेजा   खा  जाने  की  परंपरा    थी  , ऐसा वह   दुश्मनों  से  बदला  लेने के लिए  करते  थे  . और ऐसा  करने  में अपनी  शान   समझते   थे  . उनकी  यह  पिशाची  परंपरा   मुहम्मद  साहब   के समय  भी  थी  . ऐसी  ही  एक घटना  का विवरण  इस्लामी  इतिहासकार " इब्ने  इशाक "   ने अपनी  किताब  " सीरते  रसूलल्लाह -  سيرة رسول الله‎ "  में    दिया  है  . यह  घटना  शनिवार 19  मार्च सन 625 ( इस्लामी कैलेंडर  के अनुसार  3 शव्वाल 3  हिजरी "उहुद के युद्ध  की है  , जिसे " गजवए उहुद - غزوة أحد‎  "  भी  कहा  जाता है , मुसलमानों   की  तरफ  से इस  युद्ध   का नेतृत्व मुहम्मद साहब   के चचेरे  भाई " हमजा  बिन अब्दुल मुत्तलब - حمزة بن عبد المطلب  " कर रहे थे  ,और  दूसरी  तरफ  मुहम्मद  के  विरोधी  थे  . लेकिन इस  युद्ध   में  मुसलमान  पराजित   हो  गए , और "  हमजा  "  मारे  गए , और हमजा की लाश  युद्ध भूमि  में छोड़ कर  मुसलमान   भाग  गए.तभी  अबू  सुफ़यान की पत्नी    'हिन्दा , (मुआविया  की  माता और यजीद की दादी )  युद्ध भूमि    पर  उस  जगह गयी  जहाँ  हमजा की  लाश  पड़ी   थी  . हिन्दा  ने  हमजा   की  लाश    का  सीना फाड़ा  और सीने से दिल  और  कलेजा   बाहर निकाल  कर  चबा  लिया  ,  लेकिन  जब  वह उनको  नहीं  निगल  पायी  तो हमजा  के  दिल और कलेजे   को  थूक  दिया .
"According to Ibn Ishaq, after the battle, Hind cut open the body of Muhammad's uncle Hamza, whom she believed responsible for the death of her relatives, cut out his heart, and gnawed on it. According to Ibn Ishaq, she couldn't swallow it and spat it out.

लेकिन  प्रसिद्ध सुन्नी   इतिहासकार " अब्दुल बर्र -ابن عبدالبر‎   "( मृत्यु 2  दिसंबर  सन 1071 में हुई )    ने अपनी किताब  "इस्तियाब  फी  मअरकतुल  असहाब -الاستعياب في معرفة الاصحاب    "  में लिखा   है  कि हिन्दा  हमजा   का  दिल  और  कलेजा पका  कर  खा  गयी  . और  लोगों  से बोली  कि मैंने  मुसलमानों   से  अपने लोगों   की हत्या का   बदला   ले लिया

"Ibn ‘Abdu l-Barr states in his book "al-Istî‘âb" that she cooked Hamza's heart before eating it."

शायद इसी   लिए  कुरान  की  इस  आयत  में  मुसलमानों  से  पूछा   गया है   कि  क्या वह  अपने ही  भाई    (  मुसलमान )   का   मांस  खाना  पसंद  करेंगे  ," क्या  कोई इस  बात  को पसंद   करेगा  कि अपने ही किसी  मरे हुए  भाई  का  मांस   खाए  " 
 सूरा  - अल हुजुरात  49:12 

 याद रखिये  इस  आयत में मनुष्य   का  मांस   खाने   के बारे में   सवाल  किया गया   है , मनुष्य   का  मांस  खाने  की  मनाही  नहीं   की गयी है
 यही   कारण  है  कि  मुसलमान   यहाँ भी गुप्त  रूप  से अपने दुश्मनों   का  मांस  खाते  हैं   , सीरिया    में  तो यह राक्षसी  कर्म  खुले  आम  हो  रहे हैं  ,

देखिये  विडिओ -डरावना  इस्लाम

ttps://www.youtube.com/watch?v=fZGGaDfeLTw


http://realityofsecularism.blogspot.in/2013/11/blog-post_7.html

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6 टिप्‍पणियां:

  1. kabhi ye bhi bata de ki ye log kokh ko hamesa bhara hua hi qu rakhte hai please

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  2. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है।

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  3. हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडकी को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

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  4. तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। और तुम्हारे सभी भगवान भी धोती के अलावा कुछ नही पहनते थे। बाकी सारा शरीर खुला रहता है
    ये कैसे भगवान है जिन्हे कपडे पहनने की भी तमीज नही है।

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  5. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।
    हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

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