मंगलवार, 3 मई 2016

रसूल की मस्जिद में पेशाब !

इस लेख का शीर्षक देख कर सामान्य लोग अवश्य चौंक जायेगे . और जो लोग इस्लाम के बारें में थोड़ी भी जानकारी रखते होंगे वह इस बात पर विश्वास नहीं करेंगे . क्योंकि आज भी यदि कोई व्यक्ति किसी भी मस्जिद में पेशाब करेगा , तो मुसलमान हंगामा जरुर कर देंगे . फिर रसूल के सामने ही उनकी बनाई गयी मस्जिद में किसी के द्वारा पेशाब करने का सवाल ही नहीं उठता .लेकिन जो लोग ऐसा सवाल उठा रहे हैं उन लोगों को पता होना चाहिए कि जब आज भी मुसलमान इस्लाम को फैलाने के लिए आतंकवाद जैसे हथकंडे अपना सकते हैं ,तो रसूल इस्लाम फैलाने के लिए अपनी ही मस्जिद में किसी के द्वारा पेशाब करने पर चुप रहे ,तो इस्लाम के शरीयती कानून पर सवाल जरुर उठ सकता है .क्योंकि इस लेख में दिए गए सभी तथ्य प्रामाणिक और सत्य हैं .
लेकिन इस विषय को और स्पष्ट करने से पहले हमें इस्लामी शरियत के पाक ( पवित्र ) और नापाक ( अपवित्र ) सम्बन्धी बेतुके और परस्पर विरोधी नियमों को समझने की आवश्यकता है .फिर रसूल की मस्जिद और उसमे पेशाब करने की बात का कारण बताया जायेगा ,
1-काफ़िर और मुशरिक बड़े नापाक 
इस्लाम की बुनियाद नफ़रत और भेदभाव पर रखी गयी है .जो लोग कहते हैं कि इस्लाम मनुष्यों में समानता की शिक्षा देता है , वह इस आयत को ध्यान से पढ़ें ,
"हे ईमान वालो , मुशरिक तो नापाक हैं ,तो इस साल के बाद वह काबा के पास न फटकने पायें " सूरा -तौबा 9:28
(इस आयत की तफसीर में कहा है , सभी गैर मुस्लिम , मुशरिक , नास्तिक ,बहुदेववादी ,विचारों और शारीरिक रूप से नापाक होते हैं .अर्थात अशुद्ध होते हैं )
वैसे तो इस्लाम की नजर में सभी गैर मुस्लिम नापाक हैं
2-शरियत के मुताबिक पाक और नापाक 
अधिकांश मुस्लिम दशों में शरियत का कानून लागू है , जो कुरान और हदीसों पर आधारित है . शरियत में काफिरों और मुशरिकों के आलावा इन चीजों को अपवित्र ( नापाक ) बताया गया है .
इस्लामी शरियत के अनुसार पवित्र वस्तुओं को पाक अरबी " ताहिरा -: طهارة‎, " मेंकहा जाता है सभी वस्तुओं और प्राणियों में कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें अपवित्र ,नापाक और अरबी में "नजस -نجس " कहा जाता है .शरियत ने नापाक चीजों के नाम इस प्रकार दिए हैं
1. urine;मूत्र - بول    ,2. stool;मल-   براز   -3. semen;वीर्य -  المني   -4. blood;खून-  دم   -5. corpses-मृतदेह - الجثث   -6. dogs;कुत्ते - الكلاب -7. pigs;सुअर -الخنازير   -8. kafir;काफिर -  الكفار  -
इस सूची के अनुसार अपवित्र वस्तुओं में मूत्र का नाम सबसे पहले है . अर्थात मूत्र यानि पेशाब सबसे नापाक चीज है .और नापाक चीजों में वीर्य का नंबर तीसरा है लेकिन शरियत के इस नियम में सब से बड़ा दुर्गुण यह है ,कि जहाँ एक जगह किसी चीज को नापाक बताया गया है वहीं दूसरी जगह पर उसी चीज को पवित्र मान लिया गया है .इसके प्रमाण देखिये ,
.3-वीर्य नापाक है 
इस हदीस में वीर्य (semen ) को नजिस यानी नापाक बताया गया है ,
"अल्कामा और अस्वद ने कहा कि सवेरे के समय एक व्यक्ति आयशा के घर के सामने से गुजर रहा था .उसने देखा कि आयशा रसूल के कपड़ों से वीर्य के धब्बे धो रही थी .जब उस व्यक्ति ने आयशा से कारण पूछा तो ,आयशा ने बताया कि वीर्य नापाक ( नजिस ) होता है . और यदि उसके धब्बे धोने के लिए पानी नहीं हो ,तो नाखूनों से खुरच कर दाग मिटा देना चाहिए " 
"وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا خَالِدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ خَالِدٍ، عَنْ أَبِي مَعْشَرٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَلْقَمَةَ، وَالأَسْوَدِ، أَنَّ رَجُلاً، نَزَلَ بِعَائِشَةَ فَأَصْبَحَ يَغْسِلُ ثَوْبَهُ فَقَالَتْ عَائِشَةُ إِنَّمَا كَانَ يُجْزِئُكَ إِنْ رَأَيْتَهُ أَنْ تَغْسِلَ مَكَانَهُ فَإِنْ لَمْ تَرَ نَضَحْتَ حَوْلَهُ وَلَقَدْ رَأَيْتُنِي أَفْرُكُهُ مِنْ ثَوْبِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرْكًا فَيُصَلِّي فِيهِ ‏
सही मुस्लिम किताब 2 हदीस 566
4-योनि का रस पवित्र है 
Vaginal Fluid is pure!
सुन्नी मुस्लिम और शाफ़ई विद्वान् "इमाम इब्ने हंजर अल हैतमी अल मक्की- ابن حجر الهيتمي المكي - " जिनका जन्म हिजरी 909 यानी सन 1503 ईसवी में हुआ था .इन्होने अपनी प्रसिद्ध किताब "तुहफ़तुल मुहताज बिशरहे मिन्हाज -تـحـفـة الـمـحـتـاج بـشـرح الـمـنـهـاج   " की जिल्द 1 में पेज 300 और 301 पर सम्भोग के बाद औरत की योनि से टपकने वाले स्राव (Vaginal Fluid ) के बारे में जो फतवा दिया है , वह इस प्रकार है .
सम्भोग के बाद औरत की योनि से रिसने , या टपकने वाले रस को अरबी में ".रतूबतुल फुर्ज  -رطوبة الفرج " कहा जाता है .
इमाम कहते हैं ,जब पुरुष के अंग औरत की योनि में पहुँच जाये और औरत की योनि से जो स्राव निकलता है , वह शुद्ध होता है .और योनि से  किसी और कारण से निकलने वाला रस शुद्ध होता है .

"it is pure. When it comes from where the male part reaches during intercourse"
"هو محض. عندما يتعلق الأمر من حيث يصل الجزء ذكر أثناء الجماع، هو محض. عندما يأتي من وراء حيث يصل الجزء ذكر أثناء الجماع، فإنه نجس.  "

"यदि महिला को योनि से निकलने वाले स्राव के बारे में शंका हो कि वह कहाँ से टपक रहा है , तो योनि से निकलने वाला स्राव शुद्ध माना जायेगा ."

 If she doubts regarding where it came from, then it is assumed to be pure.

"إذا كانت الشكوك حول من أين جاء، ثم يفترض أن تكون نقية."
Tuhfat al-Muhtaj v. 1, p. 300-01

5-पेशाब नापाक है 
"इब्न अल हाकम ने कहा कि पेशाब करते समय यदि रसूल के शरीर के किसी हिस्से पर पेशाब के छींटे पड़ जाते थे ,तो रसूल फ़ौरन उस अंग को पानी से धो देते थे .क्योंकि पेशाब नजिस यानी नापाक होती है .
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ الْمُهَاجِرِ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو، حَدَّثَنَا زَائِدَةُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ الْحَكَمِ، أَوِ ابْنِ الْحَكَمِ عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَالَ ثُمَّ تَوَضَّأَ وَنَضَحَ فَرْجَهُ ‏.‏
सुन्नन अबी दाऊद - किताब 1 हदीस 168
6-रसूल की मस्जिद 
जब अरब  के बद्दू भी मुसलमान बनने लगे , और ऐसे नए मुसलमानों की संख्या बढ़ गयी , तो मुहम्मद साहब ने सन622 अपने इन्हीं साथियों के साथ मिल कर अपने घर के पास ही एक मस्जिद बनवा दी . जो चारों तरफ से खुली हुई थी . और उस पर खजूर के पत्तों की छत थी .यही दुनिया की पहली मस्जिद थी .आज उसी स्थान पर जो पक्की मस्जिद बनी हुई है , उसे " मस्जिदे नबवी - اَلْمَسْجِد اَلنَّبَوِي‎" कहा जाता है .इस्लाम में मक्का के काबा के बाद मदीना की इसी मस्जिद को आदर दिया जाता है . और पवित्र माना जाता है .लेख में इसी मस्जिद के बारे में चर्चा की जा रही है ,मुहमद साहब ने इस्लाम को फैलाने के इरादे से इसी मस्जिद में अपने लोगों को पेशाब करने दिया था . जो इन हदीसों में दिया गया है 
7-मस्जिद में पेशाब 
मुहम्मद साहब ने अपनी बनवाई गयी मस्जिद में लोगों को पेशाब करने दिया , और कोई विरोध नहीं किया , यह इन हदीसों में स्पष्ट लिखा है .
हदीस-1.
"अनस बिन मलिक ने कहा कि रसूल ने देखा कि उनके कुछ बद्दू साथी उनकी मस्जिद में खड़े होकर पेशाब कर रहे हैं ,तो रसूल ने लोगों से कहा तुम उनको नहीं रोको . जब तक वह अपना काम पूरा न कर लें . फिर रसूल ने उस जगह पर पानी के कुछ छींटें डाल दिए . और कहा अब यह जगह शुद्ध हो गयी "

حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَأَى أَعْرَابِيًّا يَبُولُ فِي الْمَسْجِدِ فَقَالَ ‏ "‏ دَعُوهُ ‏"‏‏.‏ حَتَّى إِذَا فَرَغَ دَعَا بِمَاءٍ فَصَبَّهُ عَلَيْهِ‏.‏ "
 सही बुखारी -जिल्द 1 किताब 4 हदीस 218 
हदीस-2
"अबू हुरैरा ने कहा कि जब कुछ बद्दुओं ने इस्लाम स्वीकार कर लिया , और रसूल ने अपनी मस्जिद भी बनवा ली . तो कुछ बद्दू आकर रसूल की मस्जिद में खड़े होकर पेशाब करने लगे. जब लोगों ने यह बात रसूल को बतायी तो उन्होंने लोगों से कहा , इनको ऐसा करने से नहीं रोको .और जब यह बद्दू पेशाब कर चुकें ,तो इनको जाने दो .हो सकता है कि यह बाद में और लोगों को अपने साथ बुलाएं , और इस से इस्लाम के प्रचार में आसानी हो जाए "

حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ قَامَ أَعْرَابِيٌّ فَبَالَ فِي الْمَسْجِدِ فَتَنَاوَلَهُ النَّاسُ، فَقَالَ لَهُمُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ دَعُوهُ وَهَرِيقُوا عَلَى بَوْلِهِ سَجْلاً مِنْ مَاءٍ، أَوْ ذَنُوبًا مِنْ مَاءٍ، فَإِنَّمَا بُعِثْتُمْ مُيَسِّرِينَ، وَلَمْ تُبْعَثُوا مُعَسِّرِينَ ‏"‏‏.‏
 सही बुखारी -जिल्द 1 किताब 4 हदीस 219
आज मुसलमान इस्लाम को फ़ैलाने के लिए जितने भी अनैतिक काम कर रहे हैं , वह सभी मुहम्मद साहब से प्रेरित होकर और उनका अनुसरण कर के ही कर रहे हैं . लेकिन इस बात में किसी को भी शंका नहीं होना चाहिए कि शरियत के कानून दोगले होते हैं . और उनके मानने वालों पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए .
(200/104)
http://sunnah.com/search/making-water-inthe-mosque

11 टिप्‍पणियां:

  1. Is blog ke post pdh kr boht maza aur josh aata h. Jaise isi post me no. 4 pdh kr boht maza aya, jaise - इमाम कहते हैं ,जब पुरुष के अंग औरत की योनि में पहुँच जाये और औरत की योनि से जो स्राव निकलता है , वह शुद्ध होता है .और योनि से किसी और कारण से निकलने वाला रस शुद्ध होता है .
    Lekin sbse jyada josh ye padh kr aya -
    "यदि महिला को योनि से निकलने वाले स्राव के बारे में शंका हो कि वह कहाँ से टपक रहा है , तो योनि से निकलने वाला स्राव शुद्ध माना जायेगा ."

    Plz aise hi post jyada se jyada daale or koi book bhi release kre in sb ke bare me. thnks

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  2. सब बकवास है हकीकत इसकी उल्टी है । गंदी बाते लिखकर बदनाम करते है इस्लाम को

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  3. हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

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  4. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

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  5. मैंने सब को पढ़ा। .... नफीस ने भी हिन्दू धर्म को काफी पढ़ा है अच्छी बात है। हमें सभी को एक दूसरे के धर्म की कद्र करनी चाहिये। ये अच्छी बात नहीं है एक दूसरे को गाली देना। एक दूसरे के धर्म को गाली देना। दुनिया में कोई भी धर्म ऐसा नही है जो हमे एक दूसरे से नफरत करना सिखाये। एक दूसरे के धर्म को पढ़ो , समझो, जो बात अच्छी लगे उसे अपना लो... रख लो बाकि को छोड़ दो..... धन्यवाद।

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  6. शशांक सिंघ जाट8 जनवरी 2017 को 2:46 am

    https://youtu.be/hjKCMR4ED-Y
    एक मुस्लिम लड़के ने अपनाया हिन्दू धर्म और खोलकर रख दी इस्लाम धर्म की पोल

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    1. Abe vo phle se ho hindu hai rss wale ne jhuta prachar kraya hau sale aantanwadi hai

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    2. rss वाले ही है हम तेरी तेरी अम्मी के साथ तेरा भी हलाला कर के हिंदुस्तान से भगायेँगे v

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  7. agarbosdi ke dam hai to samne likh musalman ke samne likh jo kuch bhi likhna hai cupaye ke kyo likta hai

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  8. http://bhaandafodu.blogspot.in/

    https://www.facebook.com/groups/bhandafoduu/

    तेरी खलाओ का भोंसड़ा मादर चोद कट्वे तेरे अल्लाह में ताकत है तो लंड को ज़मीन पे क्यों कटवाता है मादर चोद ऊपर से कटा लंड क्यों नही पैदा करता तेरा अल्लाह की बहन की चूत का डबल भोंसड़ा

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