शनिवार, 3 दिसंबर 2016

भारत में जिहादी हमले क्यों ?

जिस देश के लोग अपने देश में होने वाली ऐतिहासिक घटनाओं से सबक नहीं लेते वह इतिहास के पन्नों खो जाते है . और जिस देश के लोग अपने देश के शत्रुओं की कपट नीति जाने बिना उन से दोस्ती की अपेक्षा रखते है .वह लोग उन्ही शत्रुओं के हाथों से नष्ट हो जाते हैं .इतिहास साक्षी है कि लगभग सातवीं शताब्दी से लेकर आजतक मुस्लिम हमलावर , आतंकवादी भारत पर लगातार हमले करते आये हैं .पहले जो हमलावर आये थे वह तलवार लेकर इस्लाम का शांति सन्देश फ़ैलाने और यहाँ के हिन्दुओं को मुसलमान बनाने के लिए आये थे .लूटमार करना तो मुसलमानों का स्वभाव है , जब उन लोगों ने अपने देश बर्बाद कर दिए तो भारत को क्यों छोड़ देते .उनका असली उद्देश्य तो भारत को इस्लामी देश बनाना था . और जब दुर्भाग्य से भारत के जिस भाग में भी इस्लामी हुकूमत बन गयी थी तो मुस्लिम बादशाहों ने बड़े प्रेम से क्रूरता पूर्वक लोगों को मुसलमान बना लिया . और जिसने भी इस्लाम से इंकार किया उनकी शांति पूर्वक सामूहिक हत्याएं करा दी . और प्रेम पूर्वक उनकी औरतों पर बलात्कार किया .यहाँ तक बच्चों को भी दीवाल में जिन्दा चुनाव दिया .क्योंकि इस्लाम प्रेम और शांति का धर्म है , औरअल्लाह ने मुहम्मद को दुनिया के लिए रहमत और दयालुता बनाकर भेजा था .हम भारत पर सभी हमलावर , लुटेरों ,आतंकवादियों को अपराधी नहीं बल्कि जिहादी मानते हैं .और जिहाद इस्लाम में अनिवार्य और पवित्र कार्य माना गया है .हमें स्वीकार करना होगा कि मुसलमान जहाँ भी रहेंगे जिहाद करते रहेंगे .अंतर केवल इतना है कि पहले जिहादी फौजें लेकर जिहाद करते थे आजकल गुप्त रूप से बम विस्फोट करते हैं .फिर भी जो सेकुलर लोग हिन्दू मुस्लिम एकता की वकालत करते हैं ,हम उन से यह सवाल पूछना चाहते हैं
1-क्या सेकुलर बताएँगे 
1-क्या भारत का विभाजन करके पाकिस्तान धर्म ( इस्लाम ) के कारण नहीं हुआ था ?
2-पाकिस्तान की मिसाइलों के नाम " गजनी , गौरी , अब्दाली "क्यों रखे गए है ,क्या इन से पाकिस्तान के इरादों का पता नहीं चलता ?
3-भारत और पाकिस्तान का झगडा क्या सिर्फ जमीन के लिए ही है ,क्या पूरा कश्मीर देने पर भी पाकिस्तान शांति से बैठ जायेगा ?
4-सारे जिहादी आतंकवादी अपनी आतंकी कार्यवाहियों से समय कुरान की आयतें क्यों इस्तेमाल करते हैं ?
5-पाकिस्तान और भारतके मुल्ले जिहादी आतंकवादियों को काफ़िर घोषित क्यों नहीं करते ?क्या इस से यह साबित नहीं होता कि आतंकवाद इस्लाम में जायज है .?
6-सेकुलर होने का ढोंग कराने वाले बताएं कि किसी मुल्ले मौलवी ने कसाब और अबू जिंदल के खिलाफ फतवा क्यों नहीं दिया ?
7-बताइए कि जब भी कोई आतंकवादी मुठभेड़ में मारा जाता है तो ,सेकुलर उसे फर्जी एन काउंटर साबित करमे में क्यों लग जाते है ?
2-भारत का विभाजन 
मुसलमानों ने भारत पर करीब तेरह सौ साल राज किया ,उनको लगा कि उन्होंने ईरान , अफगानिस्तान , और इंडोनेसिया को इस्लामी देश बना दिया वैसे ही वह भारत को भी एक इस्लामी देश बना देंगे .इतने बरसों तक भारत का अन्न खाकर भी मुसलमानों के दिलों में हिन्दुओं और हिंदुस्तान के प्रति नफ़रत उबलती रहती है .जैसा कि जिन्ना ने कहा था , कि "हिन्दू और मुसलमान दो मुख्तलिफ कौमें हैं .जो कभी और किसी भी हालत में एक जमीन पर नहीं रह सकते ,हमारी , जुबान अलग है , तहजीब अलग है , खुराक अलग है , मजहब अलग है , यहांतक हमारा खुदा भी अलग है .इसलिए हमें अलग हिस्सा चाहिए जहाँ हम इस्लाम का पालन कर सकें .इस बात को " two nation theory " या द्वि राष्ट्रिय सिद्धांत कहते हैं .बाद में सन 1931 में लीग के इलाहबाद सम्मलेन में इकबाल ने भी इस सिद्धांत का समर्थन कर दिया था .
आखिर अपनी कुर्सी बचाने के लिए नेहरू के कहने पर गाँधी ने जिन्ना कि मांग को स्वीकार कर लिया और भारत के तीन तुकडे हो गए .धर्म के आधार पर भारत के टुकडे करके पकिस्तान क्यों बनाया गया था .और पाकिस्तान के इतिहास और भविष्य के बारे में इस्लाम के प्रसिद्द विद्वान् डा . इसरार अहमद और बी जे पी के नेता जसवंत सिंह जो चर्चा हुई थी , उसके बारे में लिखने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह इस विडियो में मौजूद है .
Dr.Israr Ahmed and Jaswant Singh About Pakistan,s History

http://www.youtube.com/watch?v=MmH5MA4cW5c&feature=fvwrel

3-भारत में आतंकवाद का कारण
जब पाकितान बना तो गाँधी ने कहा कि यह दो भाइयों का बटवारा है , इसलिए गाँधी नेहरू ने पाकितान को करोड़ों रुपये भी दे दिए . यहाँ तक तोपें , टैंक , रेल के इंजन और डिब्बे भी दे दिए थे .मुर्ख लोग यह समझ रहे थे कि अब पाकिस्तान शांति से अपने नए देश के विकास पर ध्यान लगाएगा और भारत भी शांति से रह सकेगा .लेकिन ऐसा न कभी हुआ है और न होगा .आइये आपको इन सभी सवालों के उत्तर प्रमाणिक हदीसों के आधार पर दिए जा रहे है .ताकि सब लोगों का भ्रम दूर हो जाये .
आज हमें इस सत्य को स्वीकार करना ही पड़ेगा कि भारत और पाकिस्तान के जितने भी युद्ध हुए है .उनके पीछे न तो सीमा का विवाद था , और न कश्मीर का मामला था .और न ही भारत ने पाकिस्तान का माल लूट लिया हो .वास्तव में यह एक वैचारिक युद्ध का प्रयोगात्मक ( Practicle ) रूप है .जिनका मूल मुहम्मद साहब की वह हदीसें हैं मुसलमान जिनको " गजवाए हिंद "यानि हिंदुस्तान पर हमला कहते हैं .चूँकि हरेक मुसलमान चाहे वह पाकिस्तानी हो या भारतीय हदीसों को मानना और उसका पालन करना अपना धार्मिक कार्य मानता है .इसलिए हरेक मुसलमान यही चाहता है जो इस हदीस में लिखा है , देखिये
"आगे चल कर भारत के साथ जो युद्ध होगा उसमे सभी हिन्दू समर्थक (सेकुलर भी )की पराजय हो जाएगी . और उनके स्थान पर इस्लामी हुकूमत कायम हो जाएगी .इंशा अल्लाह आप देखेंगे कि उस युद्ध ( गजवा) में सारी इस्लामी शक्तियां जैसे अफगानी तालिबान , और जमातुत दावा के साथ पाकिस्तान की फ़ौज भी हिंदुस्तान पर हमला करके अपना कब्ज़ा कर लेगी .तुम इस गजवाये हिंद ( भारत पर कब्ज़ा ) को नहीं रोक सकोगे ,क्योंकि यह एक पवित्र जिहाद है , जिसमे अल्लाह ने विजयी होने का वादा किया है .इसलिए कोई भी मुसलमान तब तक चैन से नहीं बैठेगा , जब तक इन हदीसों में दी गयी भविष्यवानियाँ पूरी नहीं हो जाती .

Next War with India, you will see collapse of government of  Pro-Indians replace it with Islamic emirates.
Inshallah you will see the whole Islamic emirates, Afghan taleban, jamaat ud dawa, along with Pak Armed forces coming to capture India  you.
You cannot stop Ghazwa e hind - It divine war and God promised victory
True Muslims will not surrender till their fulfil the prophecy.

An Ideological Front / Ghazwa-e-Hind

http://www.youtube.com/watch?v=IX3ja7nKAHI&feature=related

4-गजवतुल हिंद क्या है 
अरबी में " गजवा " का अर्थ आक्रमण ( invasion ) होता है , और "गजवतुल हिंद "भारत पर आक्रमण (invasion of India)हैमुहम्मद साहब के समय अरब में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था .और भारत की समृद्धि और सम्पदा के चर्चे रोम , इरान , और इस्राएल तक होते थे .और सब जानते थे कि भारत सबसे बड़ा हिन्दू देश है
बहुत कम लोगों को और अधिकांश मुसलमानों को भी यह पता नहीं है कि , मुहम्मद साहब की लालची नजर भारत की दौलत पर थी .और वह सोचते थे की अगर हिंदुस्तान की दौलत लूट कर हिन्दुओं को कंगाल कर दिया जाये तो वह इस्लाम कबूल कर लेंगे .मुहमद को पता चल गया था कि हिन्दू अपनी दौलत बुतखानों ( मंदिरों ) में रखते है .लेकिन जब मुहम्मद साहब अपनी इस इच्छा को पूरी किये बिना ही दुनिया से कूच कर गए .तो उनकी आत्मा शांति के लिए और उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए मुसलमान आजतक जिहादी आतंक फैलाते रहते हैं .
सेकुलर लोग और हिन्दू मुस्लिम एकता के वकील पाकिस्तान के साथ आपसी मित्रता और सहयोग के चाहे लाखों अनुबंध कर लें , लेकिन .जब तक भारत और पाकितान के मुसलमान मुहम्मद साहब उस अंतिम इच्छा को पूरा नहीं कर लेगें जो इन हदीसों दी गयी है .किसी न किसी रूप में आतंकवाद यानि जिहाद होता रहेगा .
5-हदीसों में मुहम्मद की इच्छा 
सुन्नी मुसलमानों की हदीसों की छः किताबें है . लेकिन मुल्ले इतने चालाक हैं कि जो हदीसें लोगों को दिखने के लिए होती हैं उनका अंगरेजी या दूसरी भाषामे अनुवाद प्रकाशित कर देते है .और जो हदीसें सिर्फ जिहादियों के लिए होती हैं उनको सिर्फ अरबी में रहने देते हैं .यही नहीं एकही हदीस का अरबी में अलग और दूसरी भाषामे अलग नंबर देते हैं , ताकि मूल हदीस का पता नहीं चल सके .ऐसी एक हदीस की किताब का नाम " सुन्नन अन नसाई  سنن النسائي" है जिसके " किताब अल जिहाद كتاب الجهاد"के अध्याय में " गजवतुल हिंद غزوة الهند"के सम्बन्ध में जो हदीसें दी गयी हैं , उन मेसे कुछ यहाँ दी जा रही हैं
1.अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने हमसे वादा किया कि हम हिंदुस्तान पर चढ़ाई करेंगे . और उसे पायमाल कर देंगे .ऐसा अल्लाह ने मुझे निर्देश दिया है .और अगर अल्लाह मुझे वह दिन देखने का समय देगा .तो हम हिंदुस्तान पर हमला जरुर करेंगे .और इस काम के लिए हम अपनी जिंदगी भी कुर्बान कर देंगे .और अगर हम मर जायेंगे तो हमें शहीदों में सबसे ऊँचा दर्जा मिलेगा .और अगर कामयाब हो जायेंगे हिंद की सारी दौलत लेकर वापिस आएंगे . फिर रसूल ने कहा तुम लोग इस बात के गवाह हो .
 الأحاديث عن غزو الهند   سنن النسائي


أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ حَكِيمٍ، قَالَ: حَدَّثَنَا زَكَرِيَّا بْنُ عَدِيٍّ، قَالَ: حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَبِي أُنَيْسَةَ، عَنْ سَيَّارٍ، ح قَالَ: وَأَنْبَأَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ سَيَّارٍ، عَنْ جَبْرِ بْنِ عَبِيدَةَ، وَقَالَ عُبَيْدُ اللَّهِ: عَنْ جُبَيْرٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ: «وَعَدَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ غَزْوَةَ الْهِنْدِ، فَإِنْ أَدْرَكْتُهَا أُنْفِقْ فِيهَا نَفْسِي وَمَالِي، فَإِنْ أُقْتَلْ كُنْتُ مِنْ أَفْضَلِ الشُّهَدَاءِ، وَإِنْ أَرْجِعْ فَأَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ الْمُحَرَّرُ

Sunan An-Nasa'i Book #25 - The Book of Jihad.Chapter 41. Invading India  -3175. 
2-रसूल के आजाद किये गए गुलाम . सुबान ने कहा कि रसूल ने कहा एक समय मेरी उम्मत के लोग ( मुसलमान )दो गिरोहों में बंट जायेंगे और हिंदुस्तान पर दौनों तरफ से हमला करेंगे .अल्लाह उनको जहन्नम की आग से बचा लेगा .फिर एग गिरोह हिंदुस्तान को लूटेगा और दूसरा गिरोह दौलत यहाँ पहुंचा देगा "
यह हदीस जिन इमामों की किताबों में है उनके नाम इसप्रकार हैं इमाम हम्बल की मुसनद ,इमाम नसाई की सुंनं अल मुजतबा ,इब्ने अबी असीम की किताब अल जिहाद ,इमाम तिबरानी की अल मोजम अल ऑस्त्त.इत्यादि
3-अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा है हमारा दल बेशक हिंदुस्तान पर हमला करेगा , और अल्लाह उसे फतह हासिल करेगा . फिर वह दल हिंदुस्तान के हुक्मरानों के गले में जंजीर डाल घसीटेंगे . इस से अल्लाह खुश होगा "
यह हदीस नुईम बिन हम्माद ने अपनी हदीस किताब अल फितन ,में और इशक बिन रहूया ने अपनी मुसनद में दर्ज की है
यहाँ पर दी गयी हदीसें और ऐसी ही दूसरी हदीसें पाकिस्तान में खुले आम और भारत के मदरसों में छुप कर पढाई जाती है .और मुसलमानों को जिहाद के लिए तय्यार किया जाता है .जिस से भारत के प्रति नफ़रत का माहौल पैदा होता है .जैसा कि इस विडियो में दिया है .
(Annual IJTIMA 2011 Karachi Pakistan on 8th October 2011)

Pakistan K Baare Mai BASHARAT.wmv

http://www.youtube.com/watch?v=FrEEn9Aoi9s&feature=related

भारत में होनेवाली सभी आतंकवादी घटनाओं के पीछे इस्लाम की वह नफ़रत सिखाने वाली हदीसें है , जिनका सभी मुसलमान पालन कर रहे है .हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि बिना यहाँ के स्थानीय गद्दारों की मदद के बाहर के आतंकवादी कभी सफल नहीं हो सकते .
(200/57)


http://www.paklinks.com/gs/religion-and-scripture/308359-ghazwa-e-hind-when-pakistan-will-conquer-india.html

11 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है। करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है।

      हटाएं
  2. हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडको को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

    उत्तर देंहटाएं
  3. तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20000 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2000 मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. ईश्वर हर चीज में है।
      कुरान में भी कहा गया है कि जिऋर देखो उधर है मुख अल्लाह का।

      'ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किंच जगत्यां जगत'
      यजुर्वेद space40।1

      यानी ईश्वर का वास हर सत्ता में है।कोई भी उससे परे नहीं है।

      और पत्थरों को पूजना वैसे ही वेद विरूद्ध है।
      वेद कहता है:
      ' अंधतमा प्रविशंति ये संभूतिमुपासते!''

      जो प्राकृतिक पदार्थों की पूजा करते हैं वे घोर अंधकार में हैं।
      अतः मूर्तिपूजा करना वैदिक नही ।

      पर इस्लाम वालों की मजारे क्यों है और मुसलमान वहाँ जाकर सर क्यों पटकते है?

      क्या ये इस्लाम विरुद्ध नहीं?

      कुछ मूर्ख हिंदू भी जाते हहै पर वो भी गलत करते हैं।

      और हां, ईश्वर यदि सर्वव्यापक नहीं है तो पूरे ब्रह्मांड को धारण कैसे करता है?
      यदि अल्लाह देश विशेष में रहता है तो न तो सबके कर्मो का साक्षी होगा न सृष्टि का संचालन कर सकेगा न अंतर्यामी हो सकेगा।वो तो फिर ईश्वर ही नही है।


      कुरान ईश्वरीय नहीं अरबवालों के लिये है केवल।

      कूरान में है space:' ऐ नबी। हमने ये किताब भेजी ताकि तुम मक्का वालों को डराओ!'


      और काफिरो को मारने और लूट पाट की शिक्षाये हिं।
      नारी को खेत कहा है और पीछे से डालो या आगे से।
      आतंकवाद आदि की बातों के हवाले इसी ब्लौग पर मिल जायेंगे।

      वेद मंत्र से किसी को नुकसान नहीं होता।और जादू टोना आदि वेद में नही है।
      इस विज्ञान के युग में आपकी बात कौन मानेगा? कुरान की आयत पढकर भूत प्रेत भगाते हो आप! बहुत खूब! तो भूत होता कौन है? मुसलमान या काफिर? यह सब अंधविश्वास की बातें हैं। मनोरोगी लोगों को ही ऐसे भूत प्रेत के दौरे पड़ते है।

      कुरान में तो पाक महीने बीत जाये तो काफिरो की गरदने काटो।उनकी औरते माल सब बांट लो।लूट मे रसूल का space6 वां हिस्सा है।
      ऐसे अमानवीय पुस्तक को कौन बुद्धिमान मानेगा?

      अस्तु

      हटाएं
    2. क्या कहा तुमने कि कुरान मे लिखा है औरत तुम्हारी खेती है आगे डालो या पीछे। ये गलत है झूठ बोल रहे हो तुम। इस्लाम तो ये सिखाता है कि अगर कोई मर्द औरत के पीछे काम करे तो निकाह टूट जाता है।

      हटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  6. मुस्लिम कहते है मुस्लिम को आतंक क्यों बोलते हो । तो बात साफ़ है की मुस्लिमो को दिकत होते है ये शब्द् सुन कर , और हो भी क्यों न क्यों की पूरा दुनिया जो है आतंक के खिलाफ हैं , और एक दूसरे से अनुरोध भी करती है की आतंक के लड़ाई में सब एक साथ हों , ताकि इस धरती से आतंक का नामो निसान मिट जाये , लेकिन सबसे जाएदा उतेज़ना प्रकट करने बाली बात ये है की जब अंतर्राष्ट्रीय अस्तर पर जब बात आतंक की होती है तो इस्लाम बाले ऐसे हिल जाते हैं , जैसे लगता हो की देश आतंक से नहीं उन्ही से लड़ने जा रही हैं , और आतंक नाम सुन कर ये आतंक के खिलाफ जाने के बजाए ये लोग को world war 2 , japan atom bomb जैसे घटनाओ का याद आने लागता हैं , तब इस से साफ़ अंदाज़ा लगाया जा सकता है की इस्लाम में ही कही कुछ गड़बड़ी हैं तब ही तो ये लोग खुल कर समर्थन नहीं कर रहें हैं ।।
    और एक सबसे बड़ी घटना है बांग्लादेश की वाहा पर जिस तरह से लोगो को मारा गया उस घटना से आप साफ़ अंदाज़ा लगा सकते थे की इस्लाम ही आतंक हैं । क्यों की जब बांग्लादेश की घटना हुआ था । तब वाह पर मुस्लिमो को मारा नहीं गया लेकिन जो गैर मुस्लिम थे उनको मारा गया , और जब घटना हो रही थी तब पूछा जा रहा की आप क़ुरान की कोई भी आयत सुना दो , और जिन लोगो ने आयत नहीं सुनाया उनको मारा गया , और जब पता चला की ये इस्लाम को शांति का मज़हब बतलाने बाले ज़ाकिर के चेले थे और ये बात उस आतंकी ने सुबीकार खुद अपने मुँह से किया । तो ज़ाकिर भी नेकी झारने लगे ।
    तब आप साफ कह सकते हैं की इस्लाम ही आतंक हैं ।।
    इस्लाम में जो कहा जाता है की शांति का मज़हब है ये शांति का मज़हब सिर्फ मुस्लिम के लिये है , क़ुरान हडिज़ सिर्फ मुस्लिम मुस्लिम में भाई भाई का सम्बन्ध की बात करता है और जो भी अज़ाब अद्देश देता है शांति के समर्थन में वो पूरी दुनिया के लिये नहीं है वो सिर्फ मुस्लिम और मुस्लिम के बिच के लिये हैं ।। और अल्लाह ने साफ़ संकेत दिये है की काफिर के दिल में अल्लाह और रसूल के प्रति उसे दिल रौब पैदा करो डर पैदा करो । और यही रौब इस्लाम बाले पैदा कर रहे है ।बात साफ है की अल्लाह आदेश अनुसार इनकी हर गुनाह माफ़ होगी , लेकिन वो तो सिर्फ अल्लाह को करना हैं , लेकिन जब इस धरती की होगी तो कोई किसी के दिल में रौब कैसे पैदा होने देगा , और यहाँ तो इस काम के लिये आतंकी कहे ही जायेंगे ।।

    और बात रही आतंकी सिर्फ मुस्लिम क्यों तो उत्तर है यही है शास्त्र अनुसार -- काफिर के दिल में रौब पैदा करो । -- जब पवित्र महीना निकल गए तो मुसकिर को जहाँ देखो वाहा मारो ,

    पला झारने के लिये मुस्लिम ने बहुत ही अच्छा उपाये बनाया हैं यहूदी और ईसाई को बदनाम कर दो की किताब में मिलावट कर दी ।
    और दूसरे पर मज़हब में ये है बो है ऐसे है वैसे है अरे मूर्खो तेरे किताब की जब मिलाबत कर दी किया दूसरे के किताब में मिलावट न हो सकता हैं ।।
    और रही बात एक कृष्ण पर इलज़ाम लगाने की तो 16000 पत्नी अरे मुर्ख अपने दिमाग से अरब की धूल निकाल दो , और अच्छा होगा की 16000 पत्नी का नाम दिखला दो , और शादी कब किया ये भी दिखा दो , महाभारत में कहाँ पर लिखा है वो भी दिखा दो । जहाँ तक बात रही जिहाद की अलाह के राह में लड़ना और धर्मातरण ही जिहाद हैं और इसे जाएदा जिहाद कुछ भी नहीं है । आप अच्छे काम ही करते हैं और उसे इस्लाम का कोई फायेदा न है तब वो काम जिहाद नहीं है । और आप बुरे काम ही करते है और उसे इस्लाम का फायेदा हैं तब वो जिहाद हैं । -- और दूसरे पर अधिक आरोप लगाने से पहले खुद को भी देख लेना चाहिये की कही मेरा घर भी तो काँच का नहीं क्यों की -- अल्लाह जो है चाँद सितारे की कसम खाता हैं । मोह्हमद को पुत्र के पत्नी से शादी का आदेश देता है और मुह्हमद को अपने ही परिवार की लड़कीओ से शादी करने का आदेश देता हैं । तो खुद सोच लो की जो ईश्वर रहेगा वो इतना बड़ा गलती करेगा ।
    जहाँ तक रही श्री राम की बात तब वो अवतार थे ईश्वर, अवतार, देव, में अंतर होता हैं , और श्री राम का उदेश मानव के जीवन में एक ऐसा आदर्श पैदा करना था की एक साधारण मानव को भी लगे सके की वो भी हर काम कर सकता है जो दूसरा कर सकता है और कोई भी कार्य करने के लिये एकता होना बहुत जरुरी हैं , अवतार का मतलब ही होता हैं मानव को उसे के उद्देश् और उसके शक्ति से परचित करवाना न की दूसरे के दिल में रौब पैदा और अपने शक्ति का पर्दर्शन करना जैसे क़ुरान में अल्लाह और रसूल कर रहा हैं ।।

    उत्तर देंहटाएं
  7. हिंदुस्तान के सारे मुसलमान हिन्दू ही थे वापस हिन्दू वन जायेगे तो जिहाद अपने आप ख़त्म हो जाएगा लेकिन पहले हिन्दू वने तो दो फिर विलन भी पता चल जाएगा।

    उत्तर देंहटाएं