मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

रसूल के मुस्लिम गधे की कथा

यह  एक  ऐसे गधे  की  कथा   है जो   मुहम्मद  साहब    के संपर्क  में  आते  ही  मुस्लिम    बन   गया  था  , और मनुष्यों  की  तरह अरबी  में बातें  करने  लगा  था , भले  ही लोग  इस  बात  पर  विश्वास  नहीं    करें   लेकिन मुसलमान  इस  बात  पर  ईमान  रखते  है  , और इस  कथा को एक  ऐतिहासिक  घटना  बताते   है , क्योंकि इस गधे  का  सम्बन्ध "खैबर "   की लड़ाई   से   है  ,

1-खैबर  की   लड़ाई 
मुहम्मद साहब इस्लाम  का  विस्तार  करने  के  लिये और विधर्मियों  का  माल  लूटने  के  लिए  युद्ध किया करते  थे  , अपने  पूरे  जीवन   में  उन्होंने  सौ (100 ) लड़ाइयां  या  युद्ध   किये थे  , मुहम्मद  साहब और उनके  साथी  छोटी छोटी  चीजें   भी लूटने के  लिए युद्ध  किया  करते  थे , मुहम्मद  साहब  की  53  वीं लड़ाई सन 628 के  माह मई  और जून  के   बीच  हुई  थी  , इस लड़ाई  को "गज्वये खैबर - غزوة خيبر  " कहा   जाता  है ,इस  लड़ाई   में मुसलमानों   ने  मदीना    से 150 कि मी  उत्तर  पश्चिम स्थित खैबर  नामकी  जगह   यहूदियों   की  बस्ती  पर   अचानक  हमला  कर  दिया  था ,इस हमले   में निहत्थे  93  यहूदी   और  सिर्फ  16  मुसलमान  मारे  गए  थे .इस  लूट   में   मुहम्मद  साहब  को "सोने , चांदी के  सिक्कों   से  भरे दस पात्र  ,चार भेड़ें  ,चार  बकरियां  , और  एक काला  जंगली  गधा ( black, haggard donkey)  मिला  था।


2-गधे  की  हदीस 

मुसलमान  एक  गधे  की   बात  को  भी  हदीस  मान  लेते   हैं ,   क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी  इतिहासकार "इस्माइल बिन उमर इब्न  कसीर -إسماعيل بن عمر بن كثير" (  1301–1375  ) ने अपनी  किताब "अल  बिदायः वल  निहायाः - البداية والنهاية      "(  The Beginning and the End ) के छठवें बाब (chapter "में इस घटना   का   वर्णन   किया  है  , इसका  शीर्षक   है "हदीसुल  हिमार -  حديث الحمار
 " रखा  है  . इसका  अर्थ   है गधे  की  हदीस ( The Conversation of the Donkey) यह  पूरी हदीस  अरबी  भाषा   में   है , जिसका  हिंदी सरलार्थ    दिया    जा  रहा   है ,

3-गधा - मुहम्मद  वार्तालाप
रसूल  ने  गधे  से  पूछा ,"तेरा  नाम  क्या  है ?("ما اسمك؟" )-अरबी  में "मा इस्मुका "

 गधे  ने  कहा -यजीद   इब्न  शिहाब ,( يزيد بن شهاب )

तब गधा   रसूल से बोला बोला अल्लाह    मुझे साठ गधों   का  पुरखा  बनाया  लेकिन  मेरे  किसी  दादा  परदादा पर  कोई  नबी   नहीं  बैठा ,सभी  गुजर  गए , सिवा  आपके ,मुझे  उम्मीद  है  की  आप  मेरे  ऊपर   जरूर  सवारी  करेंगे ,गधे   ने  बताया  कि  मैं  पहले  एक यहूदी   के   पास  था , जो  मेरी बेकदरी  करता  था ,और  मेरे  पेट और पीठ  पर लातें  मारता  था
,तब रसूल ने  गधे  से कहा ,

" मैं  तुम्हें याफूर  पुकारूँगा "(قد سميتك يعفورا )-अरबी  में " कद समैय तुका  याफूर "

गधा  बोला " मैं  मानूँगा "( لبيك)-अरबी  में "लब्बैका "
तब  रसूल  ने  गधे  से  पूछा " क्या  तुम्हें औरतें चाहिए ?(أتشتهي الإناث؟ ).-अरबी  में "अ तशतही अल अनास "

गधे  ने  उत्तर  दिया  " अभी  नहीं " ( لا فكان  )-अरबी  में "ला  फकान "
इसके बाद  गधा   मुसलमान   हो  गया और  रसूल उस पर  सवारी  करने  लगे ,और  जब   काम  पूरा  हो जाता था  तो  रसूल गधे को घर  रख  लेते थे , और जब कोई  रसूल  से मिलने  आता था  तो  गधा दरवाजे  पर सिर  ठोक  कर रसूल   को  सूचना   दे देता था ,और  जब रसूल  बहार जाने  लगते थे तो गधा  लोगों  को  संकेत   दे  देता  था ,

गधा  रसूल   का  इतना  भक्त  बन   गया  था कि जब  रसूल गुजर  गए  तो उनके  गम  में दुखी  होकर  गधे ने "अबी अल  हैसम बिन अल  तहयान لأبي الهيثم بن التيهان -   " के  कुंएं  में कूद  कर  अपनी  जान  दे  दी.


لما فتح الله على نبيه صلى الله عليه وسلم خيبر أصابه من سهمه أربعة أزواج نعال وأربعة أزواج خفاف وعشر أواق ذهب وفضة وحمار أسود، ومكتل قال: فكلم النبي صلى الله عليه وسلم الحمار، فكلمه الحمار، فقال له: "ما اسمك؟" قال: يزيد بن شهاب، أخرج الله من نسل جدي ستين حمارا، كلهم لم يركبهم إلا نبي لم يبق من نسل جدي غيري ولا من الأنبياء غيرك، وقد كنت أتوقعك أن تركبني قد كنت قبلك لرجل يهودي، وكنت أعثر به عمدا وكان يجيع بطني ويضرب ظهري، فقال له النبي صلى الله عليه وسلم: "قد سميتك يعفورا، يا يعفور" قال: لبيك. قال "أتشتهي الإناث؟" قال: لا فكان النبي صلى الله عليه وسلم يركبه لحاجته فإذا نزل عنه بعث به إلى باب الرجل، فيأتي الباب فيقرعه برأسه، فإذا خرج إليه صاحب الدار أومأ إليه أن أجب رسول الله صلى الله عليه وسلم، فلما قبض النبي صلى الله عليه وسلم جاء إلى بئر كان لأبي الهيثم بن التيهان فتردى فيها فصارت قبره، جزعا منه على رسول الله صلى الله عليه وسلم

راجع البداية و النهاية لإبن كثير .. باب حديث الحمار

इस्लामी  परिभाषा  में मुहम्मद  साहब  के  कथन और आदेशों  को  हदीस  कहा  जाता  है  , और  कुरान  के  बाद  हदीसों  को ही   प्रामाणिक माना जाता  है ,
  लेकिन  इस कहानी  में   मुहम्मद  साहब   ने  सिर्फ  तीन   ही  वाक्य   कहे  हैं , फिर भी   मुसलमान इस कथा को  हदीस   कहते  हैं , उनका असली उद्देश्य  मुहम्मद  साहब  को चमत्कारी  दैवी  शक्ति  संपन्न    और अल्लाह का  सबसे  महान   नबी  और  रसूल  साबित  करना  है , मुस्लिम  इस कपोल कल्पित गप्प  को भले ही  हदीस  मानें  , परन्तु अरबी  के  जानकर  ईसाई विद्वानों  ने इस हदीस  का मजाक  उड़ाते हुए  कहा  कि "ऐसी गप्प पर  कोई  गधा ही  विश्वास   करेगा " . फिर  भी इस  हदीस  रूपी कल्पित झूठी कहानी  को पढ़  कर सामान्य  व्यक्ति  भी यही सवाल  करेगा ,
1.जब  दुनिया  का  सबसे  बड़ा  मुर्ख कहाने  वाला  प्राणी  गधा मनुष्य( मुहम्मद ) के साथ रहकर अरबी  बोलना  सीख  गया  , तो  मुहम्मद  साहब जीवन भर में  अपनी  ही  मातृभाषा  अरबी  लिखना  और  पढ़ना  क्यों  नहीं  सीख  पाये ? बताइये  गधा कौन   है ?
2.मुहम्मद साहब  ने  जैसे गधे  को  औरतों  का  लालच   दिया ,लेकिन गधे   ने  मना  कर  दिया   ,क्योंकि वह  जानता  था कि जन्नत  की बातें  झूठी  हैं
 उसी  तरह मुल्ले  मौलवी  मुसलमानों  को  जन्नत  की  हूरों  का  लालच  देकर  जिहाद  करवाया  करते  हैं  , और  मुसलमान   मान  लेते  हैं  . बताइये   गधा  कौन है ?
3-जैसे  गधा  बिना  सोचे  समझे  मुसलमान   बन  गया  था  , और  आखिर  उसे आत्महत्या  करनी  पड़ी थी  , उसी  तरह  जो लोग  इस्लाम के झूठे प्रचार  से  भ्रमित  होकर  इस्लाम   अपना  लेते  हैं  ,वह गधे  नहीं  तो  और कौन  हैं ?

क्योंकि  उन  लोगों   का अंजाम  भी  उसी   गधे  जैसा  ही होगा , और  जो लोग  इस  लेख को  ध्यान  से नहीं  पढ़ें   वह  खुद समझ लें   कि  वह  कौन   कहलाये  जायेंगे ?


(272)


http://www.answering-islam.org/Shamoun/yafoor.htm

24 टिप्‍पणियां:


  1. हर धर्म की किताब मे लिखा हुआ है झूठ बोलना पाप है फिर भी तुम हिन्दु अपनी तरफ से हदीसे कुरआन की आयते सब झूठ क्यो लिखते है। आयत नम्बर हदीस नम्बर सब अपनी तरफ से झूठ लिख देते हो। शर्म नही आती तुम्हे। कयामत के दिन जब इंसाफ होगा तब तुम्हे झूठा इल्जाम लगाने का पता चल जायेगा । हद होती है हर चीज की। आपने काबे पर भी इल्जाम लगा दिया। वो अल्लाह का घर है। वहा पर नमाज पडी जाती है लिंग की पूजा नही होती। और क्या कहते हो तुम हमे काबे की सच्चाई सामने क्यो नही लाते हो। यूटयूब पर हजारो विडियो पडी हुयी है देख लो कोई लिंग विंग नही है वहा। बस जन्नत का एक गोल पत्थर है और हर पत्थर का मतलब लिंग नही होता। बाईचान्स मान लो वहा शिव लिंग है।तो क्या आपके शिव लिंग मे इतनी भी ताकत नही है जो वहा से आजाद हो सके। तुम्हारी गंदी नजरो मे सभी मुस्लिम अच्छे नही है इसलिए सारे मुस्लिमो को शिव मार सके। आप तो कहते हो शिव ने पूरी दुनिया बनाई तो क्या एक छोटा सा काम नही कर सकते।
    इसलिए तो इन लिंग विंग पत्थरो के बूतो मे कोई ताकत नही होती। बकवास है हिन्दु धर्म।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. Sir ,jara bolne se pehle soch le ....Kya bol rahe h ..... Satan aapke nose me sota h , kaan me urinate karta h ...... Isliye to aap log wudu karte h ....Kya yeh baat galat h...... Aapko challenge krta hu ....... Muhammad ki death k 250 years k baad yeh HADITH likhi gyi h jisko tum Islam maante ho.......

      हटाएं
  2. हिन्दु गर्व के साथ कहते है कि हमारी गीता मे लिखा है कि ईश्वर हर चीज मे मौजूद है ।सब चीजे मे है इसलिए हम पत्थरो को पूजते है और भी बहुत सारी चीजो को पूजते है etc. लेकिन मै कहूगा इनकी ये सोच बिल्कुल गलत है क्योकि अगर हर चीज मे भगवान है तो क्या गू गोबर मे भी है आपका भगवान। जबकि भगवान या खुदा तो पाक साफ है तो दुनिया की हर चीज मे कहा से हुआ भगवान। इसलिए मै आपसे कहना चाहता हू भगवान हर चीज मै नही है बल्कि हर चीज उसकी है और वो एक है इसलिए पूजा पाठ मूर्ति चित्र सब गलत है।कुरान अल्लाह की किताब है इसके बताये गये रास्ते पर चलो। सबूत भी है क्योकि कुरान की आयते पढकर हम भूत प्रेत बुरी आत्माओ राक्षसो से छुटकारा पाते है।हमारी मस्जिद मे बहुत हिन्दु आते है ईलाज करवाने के लिए । और मौलवी कुरान की आयते पढकर ही सभी को ठीक करते है । इसलिए कुरान अल्लाह की किताब है । जबकि आप वेदो मंत्रो से दसरो को नुकसान पहुचा सकते है अच्छाई नही कर सकते किसी की और सभी भगत पंडित जादू टोना टोटके के अलावा करते ही क्या है। जबकि कुरान से अच्छाई के अलावा आप किसी के साथ बुरा कर ही नही सकते। इसलिए गैर मुस्लिमो कुरान पर ईमान लाओ।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. are yaar tum uski baat go galat sabit karo hindu dharam ko beech main kiyun laate ho chalo hamto ye bol sakte hani ki geeta main sbha baaten sahi nahi likhi hai ky tum bol sakte ho ki kuran main sabhi bbaten sahi nahi hai hai dam

      हटाएं
  3. इस्लाम को आंतकवादी बोलते हो। जापान मे तो अमेरिका ने परमाणु बम गिराया लाखो बेगुनाह मारे गये तो क्या अमेरिका आंतकवादी नही है। प्रथम विश्व युध्द मे करोडो लोग मारे गये इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या अब भी मुस्लिम आंतकवादी है। दूसरे विश्व युध्द मे भी लाखो करोडो निर्दोषो की जान गयी इनको मारने मे भी कोई मुस्लिम नही था। तो क्या मुस्लिम अब भी आंतकवादी हुए अगर नही तो फिर तुम इस्लाम को आंतकवादी बोलते कैसे हो। बेशक इस्लाम शान्ति का मज़हब है।और हाॅ कुछ हदीस ज़ईफ होती है।ज़ईफ हदीस उनको कहते है जो ईसाइ और यहूदियो ने गढी है। जैसे मुहम्मद साहब ने 9 साल की लडकी से निकाह किया ये ज़ईफ हदीस है। आयशा की उम्र 19 साल थी। ये उलमाओ ने साबित कर दिया है। क्योकि आयशा की बडी बहन आसमा आयशा से 10 साल बडी थी और आसमा का इंतकाल 100 वर्ष की आयु मे 73 हिज़री को हुआ। 100 मे से 73 घटाओ तो 27 साल हुए।आसमा से आयशा 10 साल छोटी थी तो 27-10=17 साल की हुई आयशा और आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम ने आयशा से 2 हिज़री को निकाह किया।अब 17+2=19 साल हुए। इस तरह शादी के वक्त आयशा की उम्र 19 आप सल्ललाहु अलैही वसल्लम की 40 साल थी।हिन्दुओ का इतिहास द्रोपती ने 5 पांडवो से शादी की तो क्या ये गलत नही है हम मुसलमान तो 4 औरते से शादी कर सकते है ऐसी औरते जो विधवा हो बेसहारा हो। लेकिन क्या द्रोपती सेक्स की भूखी थी। और शिव की पत्नी पार्वती ने गणेश को जन्म दिया शिव की पीछे। पार्वती ने फिर किस के साथ सेक्स किया ।इसलिए शिव ने उस लडके की गर्दन काट दी क्या भगवान हत्या करता है ।श्री कृष्ण गोपियो को नहाते हुए क्यो देखता था और उनके कपडे चुराता था जबकि कृष्ण तो भगवान था क्या भगवान ऐसा गंदा काम कर सकता है । महाभारत मे लिखा है कृष्ण की 16108 बीविया थी तो फिर हम मुस्लिमो को एक से अधिक शादी करने पर बुरा कहा जाता । महाभारत युध्द मे जब अर्जुन हथियार डाल देता तो क्यो कृष्ण ये कहते है ऐ अर्जुन क्या तुम नपुंसक हो गये हो लडो अगर तुम लडते लडते मरे तो स्वर्ग को जाओगे और अगर जीत गये तो दुनिया का सुख मिलेगा। तो फिर हम मुस्लिमो को क्यो बुरा कहा जाता है हम जिहाद बुराई के खिलाफ लडते है अत्यचारियो और आक्रमणकारियो के विरूध वो अलग बात है कुछ लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहो को मारते है और जो ऐसा करते है वे ना मुस्लिम है और ना ही इन्सान जानवर है। राम और कृष्ण के तो मा बाप थे क्या कोई इन्सान भगवान को जन्म दे सकता है। वेद मे तो लिखा है ईश्वर अजन्मा है और सीता की बात करू तो राम तो भगवान थे क्या उनमे इतनी भी शक्ति नही थी कि वे सीता के अपहरण को रोक सके। राम जब भगवान थे तो रावण की नाभि मे अमृत है ये उनको पहले से ही क्यो नही पता था रावण के भाई ने बताया तब पता चला। क्या तुम्हारे भगवान राम को कुछ पता ही नही कैसा भगवान है ये। और इन्द्र देवता ने साधु का वेश धारण कर अपनी पुत्रवधु का बलात्कार किया फिर भी आप देवता क्यो मानते हो। खुजराहो के मन्दिर मे सेक्सी मानव मूर्तिया है क्या मन्दिर मे सेक्स की शिक्षा दी जाती है मन्दिरो मे नाच गाना डीजे आम है क्या ईश्वर की इबादत की जगह गाने हराम नही है ।राम ने हिरण का शिकार क्यो किया बहुत से हिन्दु कहते है हिरण मे राक्षस था तो क्या आपके राम भगवान मे हिरण और राक्षस को अलग करने की क्षमता नही थी ये कैसा भगवान है।हमे कहते हो जीव हत्या पाप है मै भी मानता हू कुत्ते के बेवजह मारना पाप है । कीडी मकोडो को मारना पाप है पक्षियो को मारना पाप है।

    उत्तर देंहटाएं
  4. और राम या हनुमान ने राम सेतु पुल बनाया था सीता को बचा के लाने के लीए । जब भगवान थे तो पुल बनाने की क्या जरुरत थी उड की नही जा सकते थे। ये एक किस्म की चूतियापंती है और हिन्दु क्या बोलते है कि सारे भगवान मनुष्य के रुप मे थे इसलिए उड के जाने की ताकत नही थी। ये हिन्दु अपनी ही चट करते है और अपनी ही पट। जब मनुष्य के रुप मे भगवान थे। इसका मतलब ये हुआ वे मनुष्य ही भगवान थे । और भगवान उसे कहते है जो कुछ भी कर सकते है तो फिर वे मनुष्य उड क्यो नही सकते थे क्योकि आप लोग तो उनको एक तरीके से भगवान ही मानते हैऔर ब्रहम्मा ने अपनी पुत्री से सेक्स किया था इसलिए हिन्दु ब्रहम्मा की पूजा नही करते है। ब्रहम्मा भी तो आपके भगवान थे भगवान बल्तकार करता है क्या। ये सब आपकी किताबो मे लिखा है। और राम ने अपनी पत्नी सीता की व्रजिन की परीक्षा लेने के लिए घर से बाहर निकाला था। तो क्या औरत को यूही कही भी धक्के दिये जा सकते है। कहने को राम भगवान थे औरत की इज्जत आती नही थी। हमे कहते हो मांस क्यो खाते हो लेकिन ऐसे जानवर जिनका कुरान मे खाना का जिक्र है खा सकते है क्योकि मुर्गे बकरे नही खाऐगे तो इनकी जनसख्या इतनी हो जायेगी बाढ आ जायेगी इन जानवरो की। सारा जंगल का चारा ये खा जाया करेगे फिर इन्सान के लिए क्या बचेगा। हर घर मे बकरे होगे। बताओ अगर हर घर मे भैंसे मुर्गे होगे तो दुनिया कैसे चल पाऐगी। आए दिन सिर्फ हिन्दुस्तान मे लाखो मुर्गे और हजारो कटडे काटे जाते है । 70% लोग मांस खाकर पेट भरते है । सब को शाकाहारी भोजन दिया जाये तो महॅगाई कितनी हो जाएगी। समुद्री तट पर 90% लोग मछली खाकर पेट भरते है। समझ मे आया कुछ शाकाहारी भोजन खाने वालो मांस को गलत कहने वाले हिन्दुओ अक्ल का इस्तमाल करो ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. खैर हिन्दु धर्म मे शिव भगवान ही नशा करते है तो उसके मानने वाले भी शराबी हुए इसलिए हिन्दुओ मे शराब आम है ।डाक कावड मे ऊधम मचाते है ना जाने कितनो की मौत होती है रास्ते मे कोई मुसाफिर आये तो गाली देते है । जितने त्योहार है हिन्दुओ के सब बकवास। होली को देखलो कहते है भाईचारे का त्योहार है। पर शराब पिलाकर एक दुसरे से दुश्मनी निकाली जाती है।होली से अगले दिन अखबार कम से कम 100 लोगो के मरने की पुष्टि करता है ।अब दीपावली को देखलो कितना प्रदुषण बुड्डे बीमार बुजुर्गो की मोत होती है। पटाखो के प्रदुषण से नयी नयी बीमारिया ऊतपन होती है। गणेशचतुर्थी के दिन पलास्टर ऑफ पेरिस नामक जहरीले मिट्टी से बनी करोडो मूर्तिया गंगा नदियो मे बह दी जाती है। पानी दूषित हो जाता है साथ ही साथ करोडो मछलिया मरती है तब कहा चली जाती है इनकी अक्ल जीव हत्या तो पाप है।हम मुस्लिमो को बोलते है चचेरी मुमेरी फुफेरी मुसेरी बहन से शादी कर लेते हो। इन चूतियाओ से पूछो बहन की परिभाषा क्या होती है मै बताता हू साइंस के अनुसार एक योनि से निकले इन्सान ही भाई बहन हो सकते है और कोई नही। तुम भाई बहन के चक्कर मे रह जाओ इसलिए हिन्दु लडको की शादिया भी नही होती अक्सर । हमारे गाव मे 300 हिन्दु लडके रण्डवे है। शादी नही होती उनकी गोत जात पात ऊॅच नीच की वजह से फिर उनका सेक्स का मन करता है वे फिर लडकियो महिलाओ की साथ बलात्कार करते है ये है हिन्दु धर्म । और सबूत हिन्दुस्तान मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा रेप होते है । किसी मुस्लिम मुल्क का नाम दिखा दो या बता दो बता ही नही सकते। तुम्हारे हिन्दुओ लडकियो को कपडे पहनने की तमीज नही फिटिंग के कपडे छोटे कपडे जीन्स टीशर्ट आदि पहननती है ।भाई बाप के सामने भी शर्म नही आती तुमको ऐसे कपडो मे थू ऐसे कपडो मे लडकी को देखकर तो सभी इन्सानो की ऑटोमेटिकली नीयत खराब हो जाती है इसलिए हिन्दु और अंग्रेजी लडकियो की साथ बलात्कार होते हे इसके लिए ये लडकिया खुद जिम्मेदार है।।और हिन्दु लडकियो के हाथ मे सरे आम इंटरनेट वाला मोबाइल उसमे इतनी गंदी चीजे।

    तुम हिन्दु अपनी लडकियो को पढाते इतने ज्यादा हो जो उसकी शादी भी ना हो सके पढी लिखी लडकी को स्वीकार कौन करता है जल्दी से। पढने का तो नाम है घरवालो के पैसे बरबाद करती है और अय्याशी करती है। इन चूतियाओ से पूछो लडकी इतना ज्यादा पढकर क्या करेगी। मर्द उनके जनखे है जो औरत से कमवाऐगे और खुद बैठकर खाऐगे।सही कहू तो मर्दो की नौकरिया खराब करती है जहा मर्द 20 हजार रूपये महीने की मांग करे वहा लडकिया 2 हजार मे ही तैय्यार हो जाती है। सही कहू बेरोजगारी लडकियो को नौकरी देनी की वजह से है। और सालो तुम्हारा धार्मिक पहनावा क्या है साडी। जिसमे औरत का आधा पेट दिखता है। पेट छुपाने की चीज है या सबको दिखाने की बताओ । औरत की ईज्जत से खिलवाड खुद करते हो । और मर्दो क धार्मिक पहनावा क्या है धोती। जरा से हवा चलती है तो धोती एकदम उडती है। सारी शर्मगाह दिखाई देती है। शर्म नही आती तुम हिन्दुओ को। क्या ये तुम हिन्दुओ की असलियत नही है। और तुम्हारे सभी भगवान भी धोती के अलावा कुछ नही पहनते थे। बाकी सारा शरीर खुला रहता है
    ये कैसे भगवान है जिन्हे कपडे पहनने की भी तमीज नही है।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. देखो नफीस मालिक तुम अपने धर्म में गहरी आस्था रखते हो अच्छी बात है पर तुमे ये पता होना चाइए की सनातन परम्पर को तुम्हारे पूर्वजो ने ही हिन्दू नाम दिया है वरना तो हिन्दू कोई धर्म ही नहीं है
      और रही बात इश्वर के चरित्र की तो पहले शुद्ध हो कर शांत मन से फिर से अध्यन करो और साथ ही गीता प्रेस की साधक संजीवनी पढ़ो फिर पता चलेगा सनातन परंपरा क्या है।
      सूनी सुनाई बातों के बलपर तो कोई भी ऐसे ही तर्क देगा जैसे तुम दे रहे हो

      हटाएं
  6. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  7. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  8. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं

  9. What is Islam?: कुरआन की 24 आयतें जिनके बारे मैं गलतफहमी ...


    उत्तर देंहटाएं
  10. शशांक सिंघ जाट8 जनवरी 2017 को 2:57 am

    लगता है नफीस ने कुरान ना पड़ी से वा में तो ना लिखा बुर्खा पहनना जरुरी से यो मुल्ला का अल्ला बोले से औरतो के लिए सबसे बड़ा नरक सऊदी अरब से यो बात वही की छोरी ने बताई से अल्लाह कही भी जन्म दे दे औरतो को पर सऊदी अरब में ना देवे यो है इस्लाम यो इज्जत होवे है औरतो की मदरसो में पड़ोगे तो ऐसे ही जाहिल वहियात तरीके से बोलोगे निथरलैंड ने हर स्कूल में श्रीमद् भगवत गीता पढ़ाई जावे है यक़ीन ना से तो सर्च करले और सबूत चाहिए हिन्दू धर्म के बारे में तो पाकिस्तानी चैनल पासवर्ड दिखाकर यूटुब पर तुम सब कन्वर्ट मुस्लिम हो सच कड़वा होवे है पर एकबार जरूर देख़ लिए छोरे

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. सिर्फ इस्लाम मे ही औरते सेफ है नही तो आप सभी लोग जानते है यूरोप का क्या हाल है

      हटाएं
  11. Jeetna jalan tujhe islam or kuran or muslamano se hai main yakin ke sath kah sakta hun ke tu or tere baap ka nasl pta nahi hoga or chlte hain 612 issi ke history batane,tera dharm mahaan hoga tera dhrm sbse achchha hoga tera dhrm ek number hoga pr kamine us achchhai ko batao us mahanata ko batao kyu ek number hai uska karan batao,isse tere do fayde hoge log agr tere baato me aa jaye to kuch to sahi jaayenge or dusra tera dhrm ka prchar prakaar hoga or teesra jo sbse aham baat ke tera bhi shayad tulsi ke baad naam aa jaye,pr gandh me hamesa jalan muslamano se hoti hai to tu mahaan 612 ka itihaas to batayega hi jiska naa to koi asrmtitw tha naa ko dhrm,or haan gand me khujli naa hoti ho to google pr jaa kr dekh aaj hr desh me isi achchhi ke karan islam hr duniya me shan se fail rha hai,or han chahta to tere har page or hr question ka jwab deta pr tere jaise chutiye logo ke sath apna smy barbad krna bekar hai jo apne dhrm ke baare me to nahi pr dusre ke dhrm me apni maa bahan ek kr rha hai,or haan is page se tum khaat tk nahi ukhaad paaoge or ye mera dawa hai,chuki hain tere jaise soch ke log pr jis din ye page hr muslim ke paas pahuch gaya naa us din naa tu rahega naa tere jaise suar iss duniya me rahenge ye desh bhale hi sbka ha pr tere jaise ka to bilkul nahi jo kisi ke dhrm ko gaali den,or urdu or arbi laga kr tu apne jaise chutiye ko bewkuf bna sakta hai,

    उत्तर देंहटाएं
  12. Hindutwa ke aar me tere jaise log kis tarah se iss desh me muslamano ke sath kar rhen hain ye sb desh ko pta hai,or kis tarah se jehad ke naam pr tere hindu aatanki muslimo ko fasa rhe hain ye bhi sb jaante hain pr yaad rakh tu kitne begunaho ko marega tu kitno ko jhuthe crime me fasaya ga or kitno ko aatankwaadi sabit krega,ye sb jaante hain or haan ek khula challange mere taraf se jis din ye soyi hue kaum jaag gaye naa fir yaad rakhna iss desh ka naksha hi kuch or hoga fir naa to tere jaise log honge or naa hi tere jaise suar ,or jitna urna hai ur le,bs ye jaan lena ke ye jaage naa wrna khatma or jehad to hoga pr iss desh ko tere jaise aatankiyon or desh me chhupe hue khatarnak sanp se bachaane ke liye kyuki hain kuch log jo iss tarah se desh ko baatne or hinsa or nafrat failaane me lage hain pr aaplogon ka kya jaata hai,saale jehad ka matlab jaanta hai,suar jehad ka matlab jadojehd krna kisi kaam ko kahte hain,kaun hai jo jehad nahi krta hr koi krta hai or tu bhi krta hai koi kaam ka jehad krta hai koi jeene ka jehad krta hai koi bhukhe pet ko khana dene ke liye jehad krta hai koi job or kaam ke liye jehad krta hai or tu logo ko aapas me baatne ka jehad krta hai,yaa sirf film me dekh liya or jehad jehad chilaane lage

    उत्तर देंहटाएं
  13. Hindu,Muslim,Sikh,isaai aapas Mai hai bhai bhai

    उत्तर देंहटाएं
  14. नफीस मालिक जैसे तुम्हे पत्थर में भगवान नजर नही आता कण कण में ईश्वर नजर नही आता वैसे ही हमे भी क़ुरान ईश्वर की किताब नज़र नही आती । इसमे ऐसी गलतिया है जो ईश्वर कभी नही कर सकता। इसमे ऐसे तथ्य है जो स्पष्ट करते हैं कि यह किसी इंसान ने लिखी है। इसने लिखी चीजे पूरे विश्व पर लागू नही हो सकती।
    मैं यहां मात्रा एक उदाहरण दूंगा और एक सवाल पूछूँगा उसका जवाब दुनिया का कोई मुस्लिम नही दे सकता।

    मेरा ज़वाल रोजे से संबंधित है।

    रोजे के यह नियम है।

    रोजे में सहरी का बड़ा महत्व है। रोजेदार को जो खान है सूर्यौदय से पहले खाना है। और उसके पश्चात सूर्य अस्त के पश्चात अफ्तार है।

    और यह आदेश खुदा ने सम्पूर्ण विश्व के लिए दिया है।

    अब मेरा सवाल।

    क्या ईश्वर यह नही जानता था के उसकी इस दुनिया मे बहुत बड़ा क्षेत्र उत्तरी ध्रुव दक्षणी ध्रुव के रूप में भी है जहां 6 महीने दिन कि6 महीने रात होती है।

    क्या ईश्वर ऐसी गलती कर सकता है? क्या इस्लाम उतरी दक्षिणी ध्रुव के लिए नही है? वहां के लोगों को रोजे का क्या नियम है क्या उनको रोजे रखने का अधिकार नही है?

    हमारा धर्म तो लचीला है। गलती सुधार भी लेगा। दावा भी नही करता के ईश्वरीय है के कुछ सुधार नही हो सकता।



    आवश्यकता तो आपको ही है। आसमानी किताब के फरेबी जाल से निकलने की ।


    मेरे उदाहरण से स्पष्ट है। कि कुरान ना तो आसमानी है। ना पूरे विश्व के लिए है। और वैज्ञानिक गलतियां और कमिया इसमे ढेरों है। यह तो मात्र एक उदाहरण है।


    उत्तर देंहटाएं
  15. नफीस मालिक जैसे तुम्हे पत्थर में भगवान नजर नही आता कण कण में ईश्वर नजर नही आता वैसे ही हमे भी क़ुरान ईश्वर की किताब नज़र नही आती । इसमे ऐसी गलतिया है जो ईश्वर कभी नही कर सकता। इसमे ऐसे तथ्य है जो स्पष्ट करते हैं कि यह किसी इंसान ने लिखी है। इसने लिखी चीजे पूरे विश्व पर लागू नही हो सकती।
    मैं यहां मात्रा एक उदाहरण दूंगा और एक सवाल पूछूँगा उसका जवाब दुनिया का कोई मुस्लिम नही दे सकता।

    मेरा ज़वाल रोजे से संबंधित है।

    रोजे के यह नियम है।

    रोजे में सहरी का बड़ा महत्व है। रोजेदार को जो खान है सूर्यौदय से पहले खाना है। और उसके पश्चात सूर्य अस्त के पश्चात अफ्तार है।

    और यह आदेश खुदा ने सम्पूर्ण विश्व के लिए दिया है।

    अब मेरा सवाल।

    क्या ईश्वर यह नही जानता था के उसकी इस दुनिया मे बहुत बड़ा क्षेत्र उत्तरी ध्रुव दक्षणी ध्रुव के रूप में भी है जहां 6 महीने दिन कि6 महीने रात होती है।

    क्या ईश्वर ऐसी गलती कर सकता है? क्या इस्लाम उतरी दक्षिणी ध्रुव के लिए नही है? वहां के लोगों को रोजे का क्या नियम है क्या उनको रोजे रखने का अधिकार नही है?

    हमारा धर्म तो लचीला है। गलती सुधार भी लेगा। दावा भी नही करता के ईश्वरीय है के कुछ सुधार नही हो सकता।



    आवश्यकता तो आपको ही है। आसमानी किताब के फरेबी जाल से निकलने की ।


    मेरे उदाहरण से स्पष्ट है। कि कुरान ना तो आसमानी है। ना पूरे विश्व के लिए है। और वैज्ञानिक गलतियां और कमिया इसमे ढेरों है। यह तो मात्र एक उदाहरण है।


    उत्तर देंहटाएं
  16. देखिए ये धर्म आदि काल से तर्क कुतर्क का विषय रहा है। हमेशा यही सीध करने में लगे रहते है की तुमारा धरम गलत है मेरा सही पर हकीकत यह है की सभी धर्म जिस सत्य और एकता की बात करते है वो कुछ ही धर्मो में नज़र आती है।
    इस्लाम हो चाहे ईसाई दोनों धर्म निकले यहूदी धर्म से है मतल एक के विरुद्ध दूसरे की उत्पति
    इसलिए ये तर्क देना ठीक ना हो गए की मेरा धर्म भेहतर है

    सनातन को धर्म नहीं है यह एक परम्परा है जो सदियों से चली आ रही है अगर यह एक धर्म होता तो मेरा दावा है की फिर इस संसार में दूसरा कोई धर्म नहीं होता।

    उत्तर देंहटाएं
  17. हर दृष्टि से सनातन धर्म उत्तम हैं
    अगर कोई त्रुटि भी हो तो सुधरि जाती हैं।
    गलती से । सती धर्म मुल्लो में होता तो अल्लाह का नाम लेकर आज तक जलाया जाता औरतो को ।
    तीन तलाक ही लेलो।

    उत्तर देंहटाएं