सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

क्रूरता और संहार के इस्लामी अविष्कार


इस्लाम के अनुसार   के  वह सभी लोग  काफ़िर   हैं  ,जो  अल्लाह  और उसके रसूल  पर ईमान नहीं  रखते  , और  जब तक  यह लोग ईमान  नहीं  लाएंगे  तब  तक  उनके विरुद्ध   जिहाद    होता  रहेगा  , इसके  लिए  सभी  गैर मुस्लिमों   को  यह   मानना होगा  की अल्लाह एक है  ,  और   वह  बड़ा मेहरबान  और  रहमदिल    है  , साथ में  यह बात भी  मानना  पड़ेगा  की  मुहम्मद  अल्लाह  के रसूल  हैं  , और उनको  दुनिया   पर  रहम  करने के लिए  भेजा   गया है  ,  लेकिन  लोगों   को  यह   ज़रा सी  बात मनवाने के लिए  मुहम्मद ने  जो  जो तरीके   खोज   निकाले  थे  वह  कुरान और  हदीसों में  मौजूद हैं  , इन  तरीकों  को  देख  कर  सामान्य  व्यक्ति  की  दृष्टि  में  मुहम्मद की तुलना  में नर  पिशाच  भी  देवता  दिखाई  देगा असल में मुहम्मद  साहब मुसलमानों को इतना क्रूर और निर्दयी   बनाना  चाहते थे  , की वे  गैर मुस्लिमों  की  ह्त्या   करने में करते  समय   मारने वालों पर  कोई  दया  नहीं  करे, लेकिन  वह   अपने द्वारा  ईजाद नए नए तरीके  पहले  जानवरों पर  आजमाते  थे  , ऐसे कुछ  तरीके  हदीसों में  दिए  गए हैं
1 - पशुओं  को  मारने के  हदीसी  तरीके
मांसाहार अरबों का प्रिय भोजन है ,इसके लिए वह किसी भी तरीके से किसी भी जानवर को मारकर खा जाते थे . जानवर गाभिन हो या बच्चा हो ,या मादा के पेट में हो सबको हजम कर लेते थे . और रसूल उनके इस काम को जायज बता देते थे बाद में यही सुन्नत बन गयी है और सभी मुसलमान इसका पालन करते हैं ,इन हदीसों को देखिये ,
अ -खूंटा भोंक कर
"अनस ने कहा कि बनू हरिस का जैद इब्न असलम ऊंटों का चरवाहा था , उसकी गाभिन ऊंटनी बीमार थी और मरणासन्न थी . तो उसने एक नोकदार खूंटी ऊंटनी को भोंक कर मार दिया . रसूल को पता चला तो वह बोले इसमे कोई बुराई नहीं है ,तुम ऊंटनी को खा सकते हो "
मालिक मुवत्ता-किताब 24 हदीस 3
ब-पत्थर मार कर
"याहया ने कहा कि इब्न अल साद कि गुलाम लड़की मदीने के पास साल नामकी जगह भेड़ें चरा रही थी. एक भेड़ बीमार होकर मरने वाली थी.तब उस लड़की ने पत्थर मार मार कर भेड़ को मार डाला .रसूल ने कहा इसमे कोई बुराई नहीं है ,तुम ऐसा कर सकते हो "
मालिक मुवत्ता -किताब 24 हदीस 4
जानवरों को मारने कि यह विधियाँ उसने बताई हैं , जिसको दुनिया के लिए रहमत कहा जाता है ?और अब किस किस को खाएं यह भी देख लीजये .
4-किस किस को खा सकते हो
इन हदीसों को पढ़कर आपको राक्षसों की याद आ जाएगी .यह सभी हदीसें प्रमाणिक है ,यह नमूने देखिये
अ -घायल जानवर
"याह्या ने कहा कि एक भेड़ ऊपर से गिर गयी थी ,और उसका सिर्फ आधा शरीर ही हरकत कर रहा था ,लेकिन वह आँखें झपक रही थी .यह देखकर जैद बिन साबित ने कहा उसे तुरंत ही खा जाओ "मालिक मुवत्ता किताब 24 हदीस 7
ब -मादा के गर्भ का बच्चा
"अब्दुल्लाह इब्न उमर ने कहा कि जब एक ऊंटनी को काटा गया तो उसके पेट में पूर्ण विक्सित बच्चा था ,जिसके बल भी उग चुके थे . जब ऊंटनी के पेट से बच्चा निकाला गया तो काफी खून बहा ,और बच्चे दिल तब भी धड़क रहा था.तब सईद इब्न अल मुसय्यब ने कहा कि माँ के हलाल से बच्चे का हलाल भी माना जाता है . इसलिए तुम इस बच्चे को माँ के साथ ही खा जाओ " मुवत्ता किताब 24 हदीस 8 और 9
स -दूध पीता बच्चा
"अबू बुरदा ने रसूल से कहा अगर मुझे जानवर का केवल एक
ही ऐसा बच्चा मिले जो बहुत ही छोटा और दूध पीता हो , रसूल ने कहा ऐसी दशा में जब बड़ा जानवर न मिले तुम बच्चे को भी काट कर खा सकते हो "
 मालिक मुवत्ता -किताब 23 हदीस 4
ऐसे   निर्दयता  के  काम  करके  जब मुहम्मद  को पूरा भरोसा हो  गया  कि उनके  साथी पूरी  तरह  से  नरराक्षस बन  गए  तो  उन्होंने  और  नए तरीके  ईजाद   कर   किये  जो  कुरान में  मौजूद  है  .
2 -मनुष्यों  को  मारने के कुरानी  तरीके
कुरान में  गैर मुस्लिमों  को  सता  सता  कर जो   यह  तरीके कुरान में  बताये हैं  , वह   जहन्नम  वालों के लिए हैं  ,लेकिन  बगदादी   के लोग   इसी  दुनियां में  ऐसे  ही गैर मुस्लिमों   पर   प्रयोग   करते  रहते हैं ,  निश्चय ही  उनको   इतनी  क्रूरता की  प्रेरणा  कुरान से  ही   मिली   है
"उनकी  खालें  जला  दी   जाएँगी ताकि यातना का मजा चखें "सूरा -निसा  4:56
"चारों  तरफ से घेर  कर खौलता  पानी   डालेंगे  "सूरा -कहफ़  18:29
"उनके सिरों पर लोहे के  हथौड़े मारे  जायेंगे  " सूरा -हज   22:21
" जो बच  कर भागना  चाहेगा तो उसे  वहीँ   धकेल दिया जायेगा  " सूरा -अस सजदा 32:20
" गले में जंजीर   डाल  कर भड़कती  आग में झौंक    देंगे  "सूरा -दहर  76:4
"
हमारे पहरेदार  उग्र  स्वभाव के और निर्दयी   हैं "सूरा -तहरीम   66:6

अगर   कुरान  में दीगयी जहन्नम के बारे में इन  बातों  पर   शंका हो  तो  ,ISIS के द्वारा  जारी किये गए वीडियो  देखिये ,कुरान की  ऐसी  आयतों   से प्रभावित   मुसलमानों   ने   जहन्नम  को    धरती  पर ही  उतार  दिया  ,यहाँ  तो मुसलमान कानून  के भय  से ऐसे काम नहीं  कर पाते , लेकिन  अगर वह  बहुसंख्यक  हो  गए  तो हदीसों  और   कुरआन के   यह तरीके  इस्तेमाल  जरूर   करेंगे   ,क्योंकि  इनके  अविष्कार  कर्ता  रसूल  के सिवा और कोई   नहीं  है

नोट -यह  हमारा  लेख संख्या  206  का अंश है  जो दिनांक 28  फरवरी 2012  को  बनाया गया था


7 टिप्‍पणियां:

  1. Sale jhoothe makkar logo ko kya behka raha hai islam me gabin janwar,gjayal janwar ko marna mana hai iska prectical hi dekh le jab hum qurbani ke liye janwar dhundhte hai to khashtor par janchte hai ki wo gabhin ya ghayal na ho or kabhi bhi use patthar ya esi chizo se nahi marte balki uske gale ki ek nas katte hai or us par gili or thandi mitti lagate hai taki janwar ko kam se kam taklif ho.chutye khuch bhi likhega logo ko sacchai pata nahi hai isleye chutye.teri gandhfodu

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  2. Sale jhoothe makkar logo ko kya behka raha hai islam me gabin janwar,gjayal janwar ko marna mana hai iska prectical hi dekh le jab hum qurbani ke liye janwar dhundhte hai to khashtor par janchte hai ki wo gabhin ya ghayal na ho or kabhi bhi use patthar ya esi chizo se nahi marte balki uske gale ki ek nas katte hai or us par gili or thandi mitti lagate hai taki janwar ko kam se kam taklif ho.chutye khuch bhi likhega logo ko sacchai pata nahi hai isleye chutye.teri gandhfodu

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  3. To:
    Hamza Kanchwala(Baap kaun pataa nahin wala):
    Tum kehte ho ki tum galey ki nas aat-te ho etc. Yeh achhai hai? Hahahahah. Jooth bhi ttheek tarike se bol nahin sakte tum. Ismein bhi double pakde jaate ho. Ek baat. Dusri baat: Tum jo achhai karte honge ...vo islam nahin hai. Tum usko islam mein gina ke dhokha na karo. Jooth na bolo. Takiya bandh karo. Islam vo hai jo quran-hadeeso mein likha hai. Upar jo likhga hai uska toh jawab diya nahin tumne, Ulta usko chhupaane ke liye jooth-chillam-chilli kar rahe ho tum. Aur gaali galoj kar rahe ho. Upar lekh mein toh lekhak ne koi gaali nahin di. Jo hai vahi likha hai. Sach bataya hai. Lekin tum sidhtoge nahin. Arre...tim hindusthan mein ho. Tumhaare hindu baap-daado ne maar-kaat ke kabhi kuchh bhi khaya ntha kya? Nahi. Kabhi nahi. Ye tum itne gaye-guzre-hatyaare-dhongi-andhkaari kab se ban gaye? Vo arbastan mein kuchh khaane ko nahin tha..ek ghas ka ek tinka bhi ugta nahin tha...so jaanvar ko khaate thhe. Tum kaunse bhikhari--daridri-registani ban gaye? Aisa muhammad aur allah hindusthan mein nahin chaahiye. Tumko toh bhagwan-uparwaale ne yahaan sab kuchh diya hai. Kheti karo..khao. Kahaan se kahaan pahuch gaye ho tum? Tum duniya ke ameer thhe ... hindusthanio. Tum duniya ko khilaate thhe. Tum ye...andher-paap mein kaise? Ttheek hai..vaqt ki har shay gulam...waqt ka har shay pe raaj. Kisika aise koi dosh nahin. Lekin waqt ko ttheek se apni tarf...aur achhai mein modenge nahin toh humara-tumhara...zaroor dosh hai. Waqt ko samhalna hi manushyata hai. Varna manushya aur jaanvar mein kya fark? Agar andhere mein datey rahe...toh zaroor dosh aur sharm ki baat hai. Chhodo aise allah ko jo maar-kaat ke khaane ko kehta hai.
    Ek tarf kehte ho ki ek cheenti ko maarna bhi haraam hai aur dusri tarf....xyz.
    Fir kehte ho ki duniya musalmano par thoonkti nahi..atyachar karti hai..badnaami karti hai..islam khatre mein..jihad..rape-loot-jalana-vinaash-gaaliyaan dena..fir maar khana, fir rona-dhona..fir siyasat... Ab...duniya kya karegi? Sab tumhari den..kaarnaame hain. Baaz aao. Tum hindu ho...duniya ke baap ho. bete nahin. Baap ban ke raho. Aage PART 2 paddhiye...

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  4. सिरिमान...,
    पहले आप अपने घर की सफाई रखा करो बाद में पड़ोसी की .पड़ोसी की बुराई मनुष्य जब ही करता है ,जब खुद के घर के भीतर गन्धगी समाई हो , इस से हमारी कमजोरी तो चुप जाती है पर विवेकवादी इंसान को आप चुप नही कर सकते.आप का कटाक्ष हम समझते है .आप आदतन मजबूर है आपके पास इसके सिवा और कोई चारा नही है .

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  5. सिरिमान...,
    पहले आप अपने घर की सफाई रखा करो बाद में पड़ोसी की .पड़ोसी की बुराई मनुष्य जब ही करता है ,जब खुद के घर के भीतर गन्धगी समाई हो , इस से हमारी कमजोरी तो चुप जाती है पर विवेकवादी इंसान को आप चुप नही कर सकते.आप का कटाक्ष हम समझते है .आप आदतन मजबूर है आपके पास इसके सिवा और कोई चारा नही है .

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  6. सिरिमान...,
    पहले आप अपने घर की सफाई रखा करो बाद में पड़ोसी की .पड़ोसी की बुराई मनुष्य जब ही करता है ,जब खुद के घर के भीतर गन्धगी समाई हो , इस से हमारी कमजोरी तो चुप जाती है पर विवेकवादी इंसान को आप चुप नही कर सकते.आप का कटाक्ष हम समझते है .आप आदतन मजबूर है आपके पास इसके सिवा और कोई चारा नही है .

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