रविवार, 7 जनवरी 2018

मुस्लिम औरतें जहन्नम के लायक !

मुसलमान अक्सर यह दावा करते हैं कि अल्लाह की नजर में स्त्री और पुरुष दोनों समान हैं .और क़यामत के दिन दोनों को उनके कर्मों के अनुसार फल दिया जाएगा .और यह तय किया जाएगा कि कौन जन्नत में जाएगा और कौन जहन्नम में जाएगा .अल्लाह किसी भी तरह का पक्षपात नहीं करेगा .लेकिन यह बात सरासर झूठ है .मुस्लिम औरतों को पता होना चाहिए कि मरने के बाद उनको हमेशा के लिए जहन्नम में डाल दिया जाएगा .चाहे वे कितनी भी नमाजें पढ़ें ,या रोजे रखें .उनका प्यारा रसूल खुद उनको जहन्नम में ठूंस देगा .और वे जहानम से कभी नहीं निकल पाएंगी .यह बात सभी हदीसों में लिखी है .

1 -मुहम्मद का औरतों से नफ़रत का कारण .
सब जानते हैं कि मुहम्मद को अरतों का बहुत शौक था .वह दुनिया की सारी औरतों को अपनी सम्पत्ती मनाता था.और चाहता था कि अरबी ,यहूदी ,रोमन ,इरानी सभी तरह की औरतें उसके पास हों .लेकिन उसके भाग्य में जादातर विधवा औरतें ही आयी थीं ..इतिहासकारों के अनुसार मुहम्मद कुरूप ,मोटा ,स्थूल और भद्दा था ,देखिये -सुंनं अबू दाऊद-किताब 40 हदीस 4731 
.फिर लड़ाई में मुहम्मद के आगे के दांत टूट जाने से वह और बदशक्ल हो गया था .मुहम्मद के दुष्ट स्वभाव और भयानक सूरत के कारण औरतें उस से दूर रहती थीं .इसीलिए मुहम्मद बलात्कार करता था .और मुहमद ने औरतों को भोग्या और दुनिया का सबसे निकृष्ट जीव बता कर औरतोंको जहन्नम के योग्य बताकर अपनी खीज निकाली है ,जो दी गयी हदीसों से प्रकट होती हैं .देखिये -

2 -औरतें निकृष्ट जीव है .
"इब्ने उम्र ने कहा कि रसूल ने कहा कि औरतें दुनिया की सबसे घटिया मखलूक हैं .और्हर तरह से जहन्नम में जाने के योग्य हैं "

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 31 
बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 6 

3 -औरतें जहन्नम के योग्य है .

सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि सारी औरतें एक बार नहीं तीन तीन बार जहन्नम में भेजने के योग्य हैं ."
सही मुस्लिम -किताब 3 हदीस 826 .और सुंनं मसाई -जिल्द 2 हदीस 1578 पेज 342 

4 -औरतें जहन्नम का ईंधन हैं .

"इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि औरतें तो जहन्नम का ईंधन हैं ,जिन से जहन्नम की आग को तेज किया जाएगा ."
बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 124 और मुस्लिम -किताब 36 हदीस 6596 

5 -99 प्रतिशत औरतें जहन्नम जायेंगी 
"इमरान बिन हुसैन ने कहाकि रसूल ने कहा कि ,जहन्नम को औरतों से भर दिया जाएगा .यहांतक कि दूसरों के लिए कोई जगह नहीं रहेगी "
बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 464 
"अब्दुला इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह बिना किसी भेदभाव के सारी औरतों को जहन्नम में दाखिल कर देगा .जाहे वे कितनी ही नमाजी और परहेजदार क्यों न हों "
बुखारी -जिल्द 1 किताब 2 हदीस 28 और बुखारी -जिल्द 2 किताब 2 हदीस 161 

6 -जहन्नम औरतों से ठसाठस भर जायेगी .

"इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि मैं जहन्नम को औरतों से ठसाठस भरवा दूंगा .और देखूंगा कि कोई खाली जगह न रहे "

बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 125 और बुखारी -जिल्द 6 किताब 1 हदीस 301 और मिश्कात -जिल्द 4 किताब 42 हदीस 24 

7 -अल्लाह ने यह तय कर लिया है 
"सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह ने यह पाहिले से ही तय कर लिया है कि ,वह जितनी भी औरतें है उन सबको जहन्नम की आग में झोंक देगा .ओर इस में किसी भी तरह कि शंका नहीं है ."
बुखारी - जिल्द 7 किताब 62 हदीस 124 .
तिरमिजी -हदीस 5681 और मिश्कात -जिल्द 4 किताब 42 हदीस 24 

8 -औरतों को यह सजाये मिलेंगी 
"सैदुल्खुदारी ने कहाकि ,रसूल ने कहा कि ,जहन्नम में अधिकाँश औरतें ही होंगी .और उनको दर्दनाक सजाएं दी जायेंगी .सबसे पाहिले छोटे छोटे पत्थरों को गर्म किया जाएगा .फिर उन पत्थरों को औरतों की छातियों पर रख दिया जाएगा .जिस से उनकी छातियाँ जल जायेगी .फिर उन गर्म पत्थरों को औरतों के आगे और पीछे के छेदों (vagina और anus )में घुसा दिया जाएगा ,जिस से उनको दर्द होगा ,और यह सब मेरे सामने होगा
बुखारी -जिल्द 1 किताब 22 हदीस 28 
9 -जहन्नम के चौकीदार भी 

"रसूल ने कहा कि जहन्नम के चौकीदार होंगे ,और अगर कोई और बाहर निकलनेकी कोशिश करेगी तो उसे वापिस जहन्नम में डाल दिया जाएगा "इब्ने माजा -किताब१हदीस 113 पेज 96 

10 -जहन्नम कैसी है 

जहन्नम में खून का पानी (मवाद )पिलाया जाएगा .सूरा इब्राहीम -14 :15 -17 
लोहे की बेड़िया होंगी ,और खाने को कांटे होंगे .सूरा मुज्जम्मिल -73 :12
आग से बने हुए कपडे होंगे ,सर पर गर्म पानी डाला जाएगा ,लोहे कि गुर्ज (hooked rods )से धुनाई होगी .
सूरा हज्ज -22 :19 -21
जहन्नम में सदा के लिए रहना होगा ".सूरा अत तौबा -9 :63 

इन सभी विवरणों से साबित होता है कि ,इस्लाम में औरतों के लिए कोई जगह नहीं है .और अल्लाह के साथ रसूल भी औरतों का शत्रु है .जब अलाह ने अभी से यही तय कर लिया है कि वह हरेक औरत को जहन्नम में भेज देगा तो .मुस्लिम औरतें भी जहन्नम में जायेंगी उनका अल्लाह कि इबादत करना बेकार जाएगा .जीवित रहते तो मुस्लिम औरते अलाह के जंगली कानून शरियत के कारण जहन्नम भोग रही हैं ,और मरने पर भी उनको जहन्नम ही मिलेगी ..
इस से बचने का एक ही रास्ता है कि,कुंवारी मुस्लिम लड़कियां फ़ौरन किसी हिन्दू या गैर मुस्लिम लडके से शादी कर लें .ताकी उनकी जन्नत या स्वर्ग में जाकर आराम से रह सकें और इस जीवन में भी अल्लाह के अत्याचारों से बच सकें .

(87/5)



18 टिप्‍पणियां:

  1. Bismillah hi rahman hi rahim..bahut hi raham dil wala...esa kese kr skta h

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    1. इस्लाम की क्रूरता और वासना भरी सच्चाई

      ये बातें जो यहाँ लिखी है पहले इसको ध्यान से पढ़ें और फिर सोचें की क्या इसका पालन करने वाला कोई भी मुसलमान आपका दोस्त हो सकता है .. और दुख की बात ये है की हर मुसलमान इन सब को मान ने वाला ही होता है क्यूँ की ये बातें उनके क़ुरान में लिखी है जिसको मान ना ही सच्चे मुसलमान की पहचान है और जन्नत जाने का रास्ता भी

      1 -गैर मुसलमानों पर रौब डालो ,और उनके सर काट डालो .
      काफिरों पर हमेशा रौब डालते रहो .और मौक़ा मिलकर सर काट दो .सूरा अनफाल -8 :112

      2 -काफिरों को फिरौती लेकर छोड़ दो या क़त्ल कर दो .

      "अगर काफिरों से मुकाबला हो ,तो उनकी गर्दनें काट देना ,उन्हें बुरी तरह कुचल देना .फिर उनको बंधन में जकड लेना .यदि वह फिरौती दे दें तो उनपर अहसान दिखाना,ताकि वह फिर हथियार न उठा सकें .सूरा मुहम्मद -47 :14

      3 -गैर मुसलमानों को घात लगा कर धोखे से मार डालना .

      'मुशरिक जहां भी मिलें ,उनको क़त्ल कर देना ,उनकी घात में चुप कर बैठे रहना .जब तक वह मुसलमान नहीं होते सूरा तौबा -9 :5

      4 -हरदम लड़ाई की तयारी में लगे रहो .

      "तुम हमेशा अपनी संख्या और ताकत इकट्ठी करते रहो.ताकि लोग तुमसे भयभीत रहें .जिनके बारेमे तुम नहीं जानते समझ लो वह भी तुम्हारे दुश्मन ही हैं .अलाह की राह में तुम जो भी खर्च करोगे उसका बदला जरुर मिलेगा .सूरा अन फाल-8 :60

      5 -लूट का माल हलाल समझ कर खाओ .

      "तुम्हें जो भी लूट में माले -गनीमत मिले उसे हलाल समझ कर खाओ ,और अपने परिवार को खिलाओ .सूरा अन फाल-8 :69

      6 -छोटी बच्ची से भी शादी कर लो .

      "अगर तुम्हें कोई ऎसी स्त्री नहीं मिले जो मासिक से निवृत्त हो चुकी हो ,तो ऎसी बालिका से शादी कर लो जो अभी छोटी हो और अबतक रजस्वला नही हो .सूरा अत तलाक -65 :4

      7 -जो भी औरत कब्जे में आये उससे सम्भोग कर लो.

      "जो लौंडी तुम्हारे कब्जे या हिस्से में आये उस से सम्भोग कर लो.यह तुम्हारे लिए वैध है.जिनको तुमने माल देकर खरीदा है ,उनके साथ जीवन का आनंद उठाओ.इस से तुम पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन निसा -4 :3 और 4 :24

      8 -जिसको अपनी माँ मानते हो ,उस से भी शादी कर लो .

      "इनको तुम अपनी माँ मानते हो ,उन से भी शादी कर सकते हो .मान तो वह हैं जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया .सूरा अल मुजादिला 58 :2

      9 -पकड़ी गई ,लूटी गयीं मजबूर लौंडियाँ तुम्हारे लिए हलाल हैं .

      "हमने तुम्हारे लिए वह वह औरते -लौंडियाँ हलाल करदी हैं ,जिनको अलाह ने तुम्हें लूट में दिया हो .सूरा अल अह्जाब -33 :50

      10 -बलात्कार की पीड़ित महिला पहले चार गवाह लाये .

      "यदि पीड़ित औरत अपने पक्ष में चार गवाह न ला सके तो वह अलाह की नजर में झूठ होगा .सूरा अन नूर -24 :१३

      11 -लूट में मिले माल में पांचवां हिस्सा मुहम्मद का होगा .

      "तुम्हें लूट में जो भी माले गनीमत मिले ,उसमे पांचवां हिस्सा रसूल का होगा .सूरा अन फाल- 8 :40

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  2. Bhut hi bdiya dmaag paya h ye likhne wale ne... Bhai khub dmaag chlata h tu to naam to bta apna.. Lata kha se h ye sb bakvaas baaten apne dmaag me... Yaa koi kaam dhanda ni h tere pass iske alawa... Mtlb logo me ldai kro or kuch ni mila to...
    Mere kuch questions h unke answers to aaj tk yha kisi ne diye ni blki mere questns ko delet or kr deta h is page ka admin.. Kambakhto sudhrjaao kuch ni rkha h... Mene agr questions puchna strt kiye naa sb k sb titter bitter ho jaayege yha se or sb ko pta chl jaaye shi kon h or glt kon h... Tum logo ka hi hindu religion pr se blv uth jaayega...
    Milta ky h ye sb likh kr.. Mtlb logo ko glt knowledge deni h... Desh ka bhla kro desh ka.. Bina baat ki jaati dushmani mat bhdao ye bai buniyadi baaten likh kr.

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    1. Esne Jo hadis aur sura no likhi h tu use janta hi hoga agr Muslim h to?
      Baat ko glt kahne se pahle ye to bta ki en no ki aayto me aakhir likha kya h?tu nhi btayega to HM esi ko sahi kyu na mane?

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    2. Bhai benami... Dekh bhai thoda sa kasht kr or google kr... Tere ko har ek wrd me najar aa jaayega k kitna fer bdal kiya gya h yha.. Bs kuch logo jhut likhne k alawa or kuch ni aata... Or bhai tu bol rha h isme hadis suna agr suna hota to ye sb likhne se phle 100 baar sochta k glt likhu yaa ni.. N ek baat bta... Bhai benaami.. Kbi koi aa kr tujhe bole k...k bhai tu exm me fail ho gya h jb ki ache se exm kr k aaya h.. To ky tu maan lega yaa phle result dekhega.. K vo shi bol rha h yaa glt... Think about it man.. N bhai haa hu to me muslim me bta b skta hu hr ek aayat ka meanin but me chahta hu k tu khud google kre n dekhe jisne b yha jo kuch likha h kitna glt likha h... Awareness honi chahiye itni to...questn to. Mere pass b bhut sare h but blv me mene likhe naa to is page ka admin sb se phle mere un questions ko dlt krega..

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    3. Bhai tu ye bta k jo likhi hai wo sahi hai ya nahi....faltu ki idhar udhar ki baat mt kr

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    4. Shi hoti to bolta hi ni naa itna thoda demaag khud b lga.. N faltu ki baat.. Waahh mtlb ab me kuch puchna chata hindu devi devtao me to faltu ki baat.. Wahh bhai wahh..

      हटाएं
    5. 13 -अवसर आने पर अपने वादे से मुकर जाओ .

      "मौक़ा पड़ने पर तुम अपना वादा तोड़ दो ,अगर तुमने अलाह की कसम तोड़ दी ,तो इसका प्रायश्चित यह है कि तुम किसी मोहताज को औसत दर्जे का साधारण सा खाना खिला दो .सूरा अल मायदा -5 :89

      14 - इस्लाम छोड़ने की भारी सजा दी जायेगी .

      "यदि किसी ने इस्लाम लेने के बाद कुफ्र किया यानी वापस अपना धर्म स्वीकार किया तो उसको भारी यातना दो .सूरा अन नहल -16 :106

      15 - जो मुहम्मद का आदर न करे उसे भारी यातना दो

      "जो अल्लाह के रसूल की बात न माने ,उसका आदर न करे,उसको अपमानजनक यातनाएं दो .सूरा अल अहजाब -33 :57

      16 -मुसलमान अल्लाह के खरीदे हुए हत्यारे हैं .

      "अल्लाह ने ईमान वालों के प्राण खरीद रखे हैं ,इसलिए वह लड़ाई में क़त्ल करते हैं और क़त्ल होते हैं .अल्लाह ने उनके लिए जन्नत में पक्का वादा किया है .अल्लाह के अलावा कौन है जो ऐसा वादा कर सके .सूरा अत तौबा -9 :111

      17 -जो अल्लाह के लिए युद्ध नहीं करेगा ,जहन्नम में जाएगा .

      "अल्लाह की राह में युद्ध से रोकना रक्तपात से बढ़कर अपराध है.जो युद्ध से रोकेंगे वह वह जहन्नम में पड़ने वाले हैं और वे उसमे सदैव के लिए रहेंगे .सूरा अल बकरा -2 :217

      18 -जो अल्लाह की राह में हिजरत न करे उसे क़त्ल करदो

      जो अल्लाह कि राह में हिजरत न करे और फिर जाए ,तो उसे जहां पाओ ,पकड़ो ,और क़त्ल कर दो .सूरा अन निसा -4 :89

      19 -अपनी औरतों को पीटो.

      "अगर तुम्हारी औरतें नहीं मानें तो पहले उनको बिस्तर पर छोड़ दो ,फिर उनको पीटो ,और मारो सूरा अन निसा - 4 :34

      20 -काफिरों के साथ चाल चलो .

      "मैं एक चाल चल रहा हूँ तुम काफिरों को कुछ देर के लिए छूट देदो .ताकि वह धोखे में रहें अत ता.सूरा रिक -86 :16 ,17

      21 -अधेड़ औरतें अपने कपडे उतार कर रहें .

      "जो औरतें अपनी जवानी के दिन गुजार चुकी हैं और जब उनकी शादी की कोई आशा नहीं हो ,तो अगर वह अपने कपडे उतार कर रख दें तो इसके लिए उन पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन नूर -24 :60
      "अपनी पत्नियों के अलावा उन लौंडियों के साथ ,जो उनके कब्जे में हों ,सहवास करना निंदनीय नहीं है "सूरा -अल मोमिनून 23:6

      "हमने तुम्हारी लौंडियाँ हलाल कर दी हैं ,जो अल्लाह ने तुम्हें माले गनीमत में दी हैं " सूरा -अहजाब 33:50
      "पत्नियों के सिवाय तुम्हारे लिए तुम्हारी लौंडियाँ भी हलाल हैं ,अल्लाह सब चीज की खबर रखने वाला है " सूरा -अह्जाब 33:52

      इस्लामी परिभाषा में हर प्रकार से हथियाई गयी , पकड़ी गयी , अगवा की गयी हो या खरीदी हुई सभी के लिए अरबी में एक ही शब्द "السرية " है .और ऐसी औरत की इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करना इस्लाम में अपराध नहीं माना जाता है .

      लेकिन मुहम्मद ने ऐसे सहवास को बलात्कार नहीं कहते हुए अरबी में "मलिकत ईमानुकुम ملكت ايمانكم" और " मलिकत यमीनुकुम ملكت يمينكم" शब्द का प्रयोग किया है .और पकड़ी गयी औरत को रखैली माना है .जिनके साथ बलपूर्वक सहवास करना मुसलमानों का अधिकार है .देखिये विडिओ
      Sex allowed with Slave Women in Islam_ Dr Zakir Naik.flv

      http://www.youtube.com/watch?v=Bj74kfA5UQY

      यही बात हदीस में भी कही है , सही मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3432

      हटाएं
    6. इस्लाम की क्रूरता और वासना भरी सच्चाई

      ये बातें जो यहाँ लिखी है पहले इसको ध्यान से पढ़ें और फिर सोचें की क्या इसका पालन करने वाला कोई भी मुसलमान आपका दोस्त हो सकता है .. और दुख की बात ये है की हर मुसलमान इन सब को मान ने वाला ही होता है क्यूँ की ये बातें उनके क़ुरान में लिखी है जिसको मान ना ही सच्चे मुसलमान की पहचान है और जन्नत जाने का रास्ता भी

      1 -गैर मुसलमानों पर रौब डालो ,और उनके सर काट डालो .
      काफिरों पर हमेशा रौब डालते रहो .और मौक़ा मिलकर सर काट दो .सूरा अनफाल -8 :112

      2 -काफिरों को फिरौती लेकर छोड़ दो या क़त्ल कर दो .

      "अगर काफिरों से मुकाबला हो ,तो उनकी गर्दनें काट देना ,उन्हें बुरी तरह कुचल देना .फिर उनको बंधन में जकड लेना .यदि वह फिरौती दे दें तो उनपर अहसान दिखाना,ताकि वह फिर हथियार न उठा सकें .सूरा मुहम्मद -47 :14

      3 -गैर मुसलमानों को घात लगा कर धोखे से मार डालना .

      'मुशरिक जहां भी मिलें ,उनको क़त्ल कर देना ,उनकी घात में चुप कर बैठे रहना .जब तक वह मुसलमान नहीं होते सूरा तौबा -9 :5

      4 -हरदम लड़ाई की तयारी में लगे रहो .

      "तुम हमेशा अपनी संख्या और ताकत इकट्ठी करते रहो.ताकि लोग तुमसे भयभीत रहें .जिनके बारेमे तुम नहीं जानते समझ लो वह भी तुम्हारे दुश्मन ही हैं .अलाह की राह में तुम जो भी खर्च करोगे उसका बदला जरुर मिलेगा .सूरा अन फाल-8 :60

      5 -लूट का माल हलाल समझ कर खाओ .

      "तुम्हें जो भी लूट में माले -गनीमत मिले उसे हलाल समझ कर खाओ ,और अपने परिवार को खिलाओ .सूरा अन फाल-8 :69

      6 -छोटी बच्ची से भी शादी कर लो .

      "अगर तुम्हें कोई ऎसी स्त्री नहीं मिले जो मासिक से निवृत्त हो चुकी हो ,तो ऎसी बालिका से शादी कर लो जो अभी छोटी हो और अबतक रजस्वला नही हो .सूरा अत तलाक -65 :4

      7 -जो भी औरत कब्जे में आये उससे सम्भोग कर लो.

      "जो लौंडी तुम्हारे कब्जे या हिस्से में आये उस से सम्भोग कर लो.यह तुम्हारे लिए वैध है.जिनको तुमने माल देकर खरीदा है ,उनके साथ जीवन का आनंद उठाओ.इस से तुम पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन निसा -4 :3 और 4 :24

      8 -जिसको अपनी माँ मानते हो ,उस से भी शादी कर लो .

      "इनको तुम अपनी माँ मानते हो ,उन से भी शादी कर सकते हो .मान तो वह हैं जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया .सूरा अल मुजादिला 58 :2

      9 -पकड़ी गई ,लूटी गयीं मजबूर लौंडियाँ तुम्हारे लिए हलाल हैं .

      "हमने तुम्हारे लिए वह वह औरते -लौंडियाँ हलाल करदी हैं ,जिनको अलाह ने तुम्हें लूट में दिया हो .सूरा अल अह्जाब -33 :50

      10 -बलात्कार की पीड़ित महिला पहले चार गवाह लाये .

      "यदि पीड़ित औरत अपने पक्ष में चार गवाह न ला सके तो वह अलाह की नजर में झूठ होगा .सूरा अन नूर -24 :१३

      11 -लूट में मिले माल में पांचवां हिस्सा मुहम्मद का होगा .

      "तुम्हें लूट में जो भी माले गनीमत मिले ,उसमे पांचवां हिस्सा रसूल का होगा .सूरा अन फाल- 8 :40

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  3. मैंने इंटरनेट पे चाहा के में कुछ अपने इस्लाम के बारे में पढूं के लोगो की क्या मानसिकता है इस्लाम के लिए तो मैंने कुछ इस तरह डाला के मुस्लिमो की असलियत इस्लाम का सच और भी बहुत कुछ।
    तो मैंने देखा हजारों इस्लाम के खिलाफ बाते के बुरा इस्लाम लूट, रेप,जिहाद,जीव हत्या और भी पता नही क्या क्या।
    फिर मैंने चाहा के में अब hinduism के बारे में कुछ पढूं तो मैंने खूब सर्च किया और अल्लाह की कसम मैंने देखा के hinduism के खिलाफ कुछ नहीं है।कुछ था भी खिलाफ तो वो खुद कुछ दलितो ने और कुछ हिन्दुओं ने ही अपने खिलाफ डाल रखा था इंटरनेट पे।
    तो मुझे अपने नबी की एक बात याद आ गई के अपना बुरा होना इतना ही काफी है के वो दूसरों को बुरा कहे।
    तो याद रखो मेरे भैय्यो तुम अगर दूसरों को बुरा कहते हो तो तुम खुद भी गलत हो।

    उत्तर देंहटाएं
  4. अगर आप चाहो तो अगली पोस्ट इसपर डाल सकते हो अपने ब्लॉग पर. गूगल पर "Ummah will not exceed 1500 years" लिख कर सर्च करें।

    .

    https://www.ummah.com/forum/forum/general/the-lounge/501636-true-or-false-the-life-span-of-my-ummah-will-not-extend-past-1500yrs

    .

    Prophet :saw: said "THE LIFE OF MY COMMUNITY WILL NOT EXTEND PAST 1500 YEARS."

    (Suyuti, Al-Kashf 'an Mujawazat Hadhihi al-Ummah al-Alf, 'Al-Hawi lil-Fatawi', Suyuti. 2/248, (Arabic) 4/262, Ahmad Ibn Hanbal, Kitab al-`Ilal, P. 89).

    The Prophet (blessings and peace be upon him) said: Allah will not fail to detain this community for less than half a day. (500 years). [Abu-Dawud]

    The life of this community will exceed 1000years, yet be limited to 1500 years.

    (Al-Barzanji, Al-Isha'ah li-ashrat al-sa'ah, p. 299)

    उत्तर देंहटाएं
  5. शायद ये ब्लाग हैक हुआ है और इसकी क्रम संख्या हैकर ने बदली है ताकि खोज करने पर हदीस मे वो बात नही आती....और कहीजाने वाली बात गलत सिदँध होती है...

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  6. Kuraan ke anusar allhaa ne dharti par ek aadmi or ek owrat bheji, jinke naam the aadam or hawaa, matlab inn none shadi karke bachhe paida kiye honge thik hai,
    Fhir inke bhi bachho ne aapas me shadi ki hogi tohi inka vansh badega,
    Toh mera ye sawal he muslamano ko ki bhaai bahan se shadi karna dharm he ki adarm???
    Tum bologe ki adharm toh tumari hi kuraan me aisa likha hai, kuraan ishawriy kitab nahi, sawal ka jawab tark sangat dena....

    उत्तर देंहटाएं
  7. Kuraan ke anusar allhaa ne dharti par ek aadmi or ek owrat bheji, jinke naam the aadam or hawaa, matlab inn none shadi karke bachhe paida kiye honge... thik hai...
    Fhir inke bhi bachho ne aapas me shadi ki hogi tohi inka vansh aage badega,
    Toh mera ye sawal he muslamano se ki bhaai bahan se shadi karna dharm he ki adharm???
    Tum bologe ki adharm toh tumari hi kuraan me aisa likha hai ki aadam or hawaa iss dharti par pahile aaye, kuraan ishawriy kitab nahi,murkhh Mohammad ki likhi hui kitaab hai... sawal ka jawab tark sangat dena....

    उत्तर देंहटाएं
  8. सर नमस्कार मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या आप टीवी डिबेट पर आते हैं अगर आते हैं सब कौन से चैनल पर आते हैं कृपया बताने का कष्ट करें

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  9. इस्लाम की क्रूरता और वासना भरी सच्चाई

    ये बातें जो यहाँ लिखी है पहले इसको ध्यान से पढ़ें और फिर सोचें की क्या इसका पालन करने वाला कोई भी मुसलमान आपका दोस्त हो सकता है .. और दुख की बात ये है की हर मुसलमान इन सब को मान ने वाला ही होता है क्यूँ की ये बातें उनके क़ुरान में लिखी है जिसको मान ना ही सच्चे मुसलमान की पहचान है और जन्नत जाने का रास्ता भी

    1 -गैर मुसलमानों पर रौब डालो ,और उनके सर काट डालो .
    काफिरों पर हमेशा रौब डालते रहो .और मौक़ा मिलकर सर काट दो .सूरा अनफाल -8 :112

    2 -काफिरों को फिरौती लेकर छोड़ दो या क़त्ल कर दो .

    "अगर काफिरों से मुकाबला हो ,तो उनकी गर्दनें काट देना ,उन्हें बुरी तरह कुचल देना .फिर उनको बंधन में जकड लेना .यदि वह फिरौती दे दें तो उनपर अहसान दिखाना,ताकि वह फिर हथियार न उठा सकें .सूरा मुहम्मद -47 :14

    3 -गैर मुसलमानों को घात लगा कर धोखे से मार डालना .

    'मुशरिक जहां भी मिलें ,उनको क़त्ल कर देना ,उनकी घात में चुप कर बैठे रहना .जब तक वह मुसलमान नहीं होते सूरा तौबा -9 :5

    4 -हरदम लड़ाई की तयारी में लगे रहो .

    "तुम हमेशा अपनी संख्या और ताकत इकट्ठी करते रहो.ताकि लोग तुमसे भयभीत रहें .जिनके बारेमे तुम नहीं जानते समझ लो वह भी तुम्हारे दुश्मन ही हैं .अलाह की राह में तुम जो भी खर्च करोगे उसका बदला जरुर मिलेगा .सूरा अन फाल-8 :60

    5 -लूट का माल हलाल समझ कर खाओ .

    "तुम्हें जो भी लूट में माले -गनीमत मिले उसे हलाल समझ कर खाओ ,और अपने परिवार को खिलाओ .सूरा अन फाल-8 :69

    6 -छोटी बच्ची से भी शादी कर लो .

    "अगर तुम्हें कोई ऎसी स्त्री नहीं मिले जो मासिक से निवृत्त हो चुकी हो ,तो ऎसी बालिका से शादी कर लो जो अभी छोटी हो और अबतक रजस्वला नही हो .सूरा अत तलाक -65 :4

    7 -जो भी औरत कब्जे में आये उससे सम्भोग कर लो.

    "जो लौंडी तुम्हारे कब्जे या हिस्से में आये उस से सम्भोग कर लो.यह तुम्हारे लिए वैध है.जिनको तुमने माल देकर खरीदा है ,उनके साथ जीवन का आनंद उठाओ.इस से तुम पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन निसा -4 :3 और 4 :24

    8 -जिसको अपनी माँ मानते हो ,उस से भी शादी कर लो .

    "इनको तुम अपनी माँ मानते हो ,उन से भी शादी कर सकते हो .मान तो वह हैं जिन्होंने तुम्हें जन्म दिया .सूरा अल मुजादिला 58 :2

    9 -पकड़ी गई ,लूटी गयीं मजबूर लौंडियाँ तुम्हारे लिए हलाल हैं .

    "हमने तुम्हारे लिए वह वह औरते -लौंडियाँ हलाल करदी हैं ,जिनको अलाह ने तुम्हें लूट में दिया हो .सूरा अल अह्जाब -33 :50

    10 -बलात्कार की पीड़ित महिला पहले चार गवाह लाये .

    "यदि पीड़ित औरत अपने पक्ष में चार गवाह न ला सके तो वह अलाह की नजर में झूठ होगा .सूरा अन नूर -24 :१३

    11 -लूट में मिले माल में पांचवां हिस्सा मुहम्मद का होगा .

    "तुम्हें लूट में जो भी माले गनीमत मिले ,उसमे पांचवां हिस्सा रसूल का होगा .सूरा अन फाल- 8 :40

    12 -इतनी लड़ाई करो कि दुनियामे सिर्फ इस्लाम ही बाकी रहे .

    "यहांतक लड़ते रहो ,जब तक दुनिया से सारे धर्मों का नामोनिशान मिट जाये .केवल अल्लाह का धर्म बाक़ी रहे.सूरा अन फाल-8 :39

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  10. 13 -अवसर आने पर अपने वादे से मुकर जाओ .

    "मौक़ा पड़ने पर तुम अपना वादा तोड़ दो ,अगर तुमने अलाह की कसम तोड़ दी ,तो इसका प्रायश्चित यह है कि तुम किसी मोहताज को औसत दर्जे का साधारण सा खाना खिला दो .सूरा अल मायदा -5 :89

    14 - इस्लाम छोड़ने की भारी सजा दी जायेगी .

    "यदि किसी ने इस्लाम लेने के बाद कुफ्र किया यानी वापस अपना धर्म स्वीकार किया तो उसको भारी यातना दो .सूरा अन नहल -16 :106

    15 - जो मुहम्मद का आदर न करे उसे भारी यातना दो

    "जो अल्लाह के रसूल की बात न माने ,उसका आदर न करे,उसको अपमानजनक यातनाएं दो .सूरा अल अहजाब -33 :57

    16 -मुसलमान अल्लाह के खरीदे हुए हत्यारे हैं .

    "अल्लाह ने ईमान वालों के प्राण खरीद रखे हैं ,इसलिए वह लड़ाई में क़त्ल करते हैं और क़त्ल होते हैं .अल्लाह ने उनके लिए जन्नत में पक्का वादा किया है .अल्लाह के अलावा कौन है जो ऐसा वादा कर सके .सूरा अत तौबा -9 :111

    17 -जो अल्लाह के लिए युद्ध नहीं करेगा ,जहन्नम में जाएगा .

    "अल्लाह की राह में युद्ध से रोकना रक्तपात से बढ़कर अपराध है.जो युद्ध से रोकेंगे वह वह जहन्नम में पड़ने वाले हैं और वे उसमे सदैव के लिए रहेंगे .सूरा अल बकरा -2 :217

    18 -जो अल्लाह की राह में हिजरत न करे उसे क़त्ल करदो

    जो अल्लाह कि राह में हिजरत न करे और फिर जाए ,तो उसे जहां पाओ ,पकड़ो ,और क़त्ल कर दो .सूरा अन निसा -4 :89

    19 -अपनी औरतों को पीटो.

    "अगर तुम्हारी औरतें नहीं मानें तो पहले उनको बिस्तर पर छोड़ दो ,फिर उनको पीटो ,और मारो सूरा अन निसा - 4 :34

    20 -काफिरों के साथ चाल चलो .

    "मैं एक चाल चल रहा हूँ तुम काफिरों को कुछ देर के लिए छूट देदो .ताकि वह धोखे में रहें अत ता.सूरा रिक -86 :16 ,17

    21 -अधेड़ औरतें अपने कपडे उतार कर रहें .

    "जो औरतें अपनी जवानी के दिन गुजार चुकी हैं और जब उनकी शादी की कोई आशा नहीं हो ,तो अगर वह अपने कपडे उतार कर रख दें तो इसके लिए उन पर कोई गुनाह नहीं होगा .सूरा अन नूर -24 :60
    "अपनी पत्नियों के अलावा उन लौंडियों के साथ ,जो उनके कब्जे में हों ,सहवास करना निंदनीय नहीं है "सूरा -अल मोमिनून 23:6

    "हमने तुम्हारी लौंडियाँ हलाल कर दी हैं ,जो अल्लाह ने तुम्हें माले गनीमत में दी हैं " सूरा -अहजाब 33:50
    "पत्नियों के सिवाय तुम्हारे लिए तुम्हारी लौंडियाँ भी हलाल हैं ,अल्लाह सब चीज की खबर रखने वाला है " सूरा -अह्जाब 33:52

    इस्लामी परिभाषा में हर प्रकार से हथियाई गयी , पकड़ी गयी , अगवा की गयी हो या खरीदी हुई सभी के लिए अरबी में एक ही शब्द "السرية " है .और ऐसी औरत की इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करना इस्लाम में अपराध नहीं माना जाता है .

    लेकिन मुहम्मद ने ऐसे सहवास को बलात्कार नहीं कहते हुए अरबी में "मलिकत ईमानुकुम ملكت ايمانكم" और " मलिकत यमीनुकुम ملكت يمينكم" शब्द का प्रयोग किया है .और पकड़ी गयी औरत को रखैली माना है .जिनके साथ बलपूर्वक सहवास करना मुसलमानों का अधिकार है .देखिये विडिओ
    Sex allowed with Slave Women in Islam_ Dr Zakir Naik.flv

    http://www.youtube.com/watch?v=Bj74kfA5UQY

    यही बात हदीस में भी कही है , सही मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3432

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