सोमवार, 18 दिसंबर 2017

सोनिया का गुप्त रोग और मुक्त भोग !!

यदि   सोनिया  गांधी  को  दुनिया की  सबसे  बड़ी  रहस्यमयी  महिला   कहा  जाये ,तो अधिकांश लोग  इस बात   से सहमत  हो जायेंगे , क्योंकि  काग्रेसी भी  सोनिया   के  बारे में  जितना  जानते  हैं  ,उस से  हजारों  गुना  नहीं जानते  है ,इसके दो  मुख्य  कारण  यह  है , एक तो सोनिया  ने अपने  जन्म स्थान  , जन्म  की तारीख   , और शिक्षा  के  बारे में  जो  भी  जानकारी  दी  है , वह सब झूठी  पायी   गयी .दूसरा  कारण  यह है  कि  सोनिया  अपनी  तरफ  से एक  भी वाक्य  नहीं  बोलती   बल्कि   उसे जो भी लिख कर दिया  जाता  है  , बिन अर्थ समझे  ही  बोल देती  है ,से  इस से  सोनिया  की असलियत  पर पर्दा पड़ा  रहता  है .राजिव  गांधी की  मौत  के  बाद  सोनिया निरंकुश  और  पद  लोलुप    होगयी   , और सत्ता  के लिए  कुछ  भी  करने   लगी  थी .    ऎसी  औरत  के बारे में  गोस्वामी  तुलसीदास  जी  ने  कहा  है ,
"महा बृष्टि  चलि  फूट किआरी , जिम सुतंत्र भएँ बिगरहिं   नारी "
रामचरित  मानस -किष्किन्धा कांड -दोहा 14 चौपाई 7
लेकिन  यह  एक  अटल  सत्य  है ,कि एक  व्यक्ति  एक व्यक्ति  को सदा   के लिए मूर्ख   बनाये  रखता  है , और एक व्यक्ति कुछ    लोगों को   कुछ  समय तक   मुर्ख  बना  सकता  है ,  लेकिन  एक व्यक्ति सभी लोगों  को सदा  के लिए  मूर्ख  नहीं  बनाये  रखता  ,
  यही  नियम  सोनिया  के  ऊपर  लागु   होता  है ,वैसे  तो  सोनिया लोगों  के सामने  खुद  को शरीफ  ,चरित्रवान  और  भोली  होने का  ढोंग  करती  आयी  है.,सत्ता  पाने  के  लिए सोनिया ने  जो रास्ता  अपनाया  था  उसे  जानकर  बेशर्मों  को  भी शर्म  आ जायेगी ,    कहावत है   जहाँ  भोग  वहाँ  रोग  जरुर  होता  है  और सोनिया  के साथ  यही  हुआ .क्योकि  इस साल  से पहले  सोनिया  जब  भी  बीमार  पड़ती  थी  , तो चुपचाप  से   विदेश  जाकर  अपना इलाज  करवा आती  थी . और लोग भी  इस  बात पर अधिक ध्यान नही देते थे ,और इसे सोनिया  का  निजी मामला  समझते थे ,लेकिन  जब 2 सितंबर 2013  सोमवार  को  जब  सोनिया  " खाद्य सुरक्षा  अधिनियम 2013 "(The National Food Security Bill, 2013  )    पर  अपना  वोट  देने  के  लिए संसद  में  जा रही थी  ,तो रास्ते में ही  अचानक  गिर  गयी   , और  वहाँ  मौजूद  लोगों  ने उसे सहारा  देकर  संसद  के भीतर  भेजा  था ,इसके बाद जब सोनिया संसद से  बाहर निकली  तो उसकी तरफ  से  जनार्दन  द्विवेदी  ने  मीडिया  से कहा कि  सोनिया  को इलाज के लिए   बाहर  भेजा  जा रहा  है ,यह  खबर सबसे पहले एन डी  टी वी ने  प्रसारित की थी ,  जिसकी हेडिंग  यह  थी "NDTV- September 02, 2013 -New Delhi:  Sonia Gandhi, president of the ruling Congress party, is expected to fly to the United States for a scheduled medical check-up, a news agency report said, just days after she took ill during a marathon parliament debate.

"Her going to the U.S. for a medical check-up is due," the Press Trust of India (PTI) news agency quoted an unnamed senior party leader as saying.Ms Gandhi, who underwent surgery in the United States for an undisclosed ailment in August 2011 flew there on September 2 last year for a check-up. She went again in February this year, the PTI report said.

अर्थात-  सत्ताधारी   पार्टी  कांग्रेस  की  अध्यक्ष  संसद  में  ही  बहस  के दौरान  बीमार  हो  गयी   है , इसलिए  उनकी  शल्य चिकित्सा   के  लिए अमेरिका  भेजने  की  व्यवस्था   की  जा  रही  है , इसके  पहले भी   वह   अगस्त  में  जाँच के लिए  अमेरिका   गयी  थी ,

और  इस  खबर  ने  लोगों  को यह  सोचने  के लिए  विवश  कर दिया कि  क्या भारत में  कोई एक भी ऐसा  डाक्टर  नहीं  है  जो सोनिया  का इलाज  कर सके  ? और सोनिया  को  कौनसी  बीमारी  है   ,जिसका  इलाज  सिर्फ  अमेरिका  में ही  हो  सकता  है ?
 लेकिन  उसकी   किस्मत  फूट  गयी  कि एक गुप्त   बीमारी  ने  सोनिया  शराफत   का  भंडा  फोड़  दिया .क्योंकि   लोगों ने सोनिया के रोग  के  रहस्य  से  पर्दा  उठा  दिया .पूरा  विवरण  इस प्रकार  है ,
1-अस्पताल  का नाम  और  पता 
चूँकि  सोनिया  कट्टर  ईसाई   है  ,इसलिए  वह  अमेरका  के  जिस अस्पताल  में इलाज  करवाने  गयी  थी  , उसे " पिसबिटेरिअन(Presbyterian )  चर्च    द्वारा  चलाया   जा रहा  है  , यह  ईसाईयों  का एक   सुधारवादी  संप्रदाय   है , जिसके  प्रतीक  चिन्ह  में   लैटिन  में  " ARDENS SED VIRENS  "लिखा  है इस अस्पताल  का  नाम  "York-Presbyterian Hospital/Weill   है .इसी के पास में एक और अस्पताल  है जहाँ  कैंसर  का इलाज  होता  है ,  इसका नाम" Memorial Sloan—Kettering Cancer Center 's"  (MCKCC  ) है .और  पूरा पता  इस  प्रकार  है ,
Address
Memorial Hospital
1275 York Avenue
(Between 67th and 68th Streets)New York, NY 10065.United States
Phone-
212-639-2000
Appointments
800-525-2225
Website

http://www.mskcc.org/

यह  विश्व  का सबसे  पुराना  और बड़ा कैंसर  का   अस्पताल   है .( the world’s oldest and largest hospital for treating cancer.)

2-सोनिया  के डाक्टर का परिचय 
सोनिया  का ऑपरेशन  करने  वाले डाक्टर  का  नाम "Dattatreyudu Nori -दत्तात्रेयुडु  नोरी " है .डाक्टर  नोरी M.D., FACR, FACRO   का  जन्म  आंध्र प्रदेश  के कृष्णा   जिले  में  हुआ  था  , और इन्होने  करनूल  में  मेडिकल  में अंडर ग्रेजुएशन     किया  था , फिर उस्मानिया  यूनीवर्सिटी  से   ग्रेजुएशन  करके न्यूयॉर्क  चले  गए ,  वहाँ  उनको ओंको लोजी executive vice chairman of the Radiation Oncology   विभाग में  वाइस चैयर मेन  बना  दिया  गया , फिर  बाद में नोरी  को कैंसर  विभाग  का   चीफ  बना दिया  गया .

3-सोनिया  का  सहयात्री  पुलोक चटर्जी 

जब  सोनिया  इलाज  के लिए   अमेरका  के लिए  रवाना  हो  रही  थी  ,तो उसके साथ  परिवार का  कोई व्यक्ति  नहीं   था ,केवल पुलोक  चटर्जी  नाम  का एक  व्यक्ति सोनिया  के  साथ  अमेरिका  गया  था . इस से  भी  लोगों  सोनिया की  बीमारी  पर शक  हो गया   कि इतनी गम्भीर  बीमारी होने  पर  भी  न तो मिडिया  को खबर दी  गयी और न  सोनिया  पुत्र  राहुल  को  कोई पता था  . राहुल और प्रियंका  आदि  तो  बाद  में  गए , वास्तव  में पुलोक  चटर्जी सोनिया  का "Officer on Special Duty to Sonia Gandhi "के  रूप  में  सोनिया  के साथ  गया  था .पुलोक  चटर्जी   उत्तर प्रदेश  में  पैदा हुआ था और सन 1981  में 32  साल  की आयु  में सुल्तानपुर  का कलेक्टर   बन गया  था .बाद  में राजीव  गांधी  ने उसे  प्रधान  मंत्री  कार्यालय  (P.M.O.  )  में डिपुटी  सेक्रेटरी   नियुक्त  कर  दिया ,फिर  सन 1985  में  राजीव ने पुलोक को " राजीव  गांधी फाउंडेशन   - Rajiv Gandhi Foundation  "  का  अध्यक्ष   बना  दिया ,इसलिए  इतने समय राजीव  और सोनिया  के साथ रह  कर पुलोक  सोनिया  की  असलियत   जान  चूका  था  . और जब  सन  2004  में   केंद्र में  यू  .पी . ए (U.P.A. सरकार सत्ता में  आयी  तो सोनिया ने पुलोक  को भारत सरकार  का  जॉइंट  सेक्रेटरी(Joint Secretary to Government of India ) बना  दिया .चूँक पुलोक  को पता  था  कि सोनिया   को  कौन  सी  बीमारी   है , चूँकि  पुलोक  को  पता  चल  गाय कि अय्याशी के कारन ही  सोनिया   को कोई गुप्त रोग  हुआ  है  जिसे वह  छुपाती  रहती  है  और  भारत  में  इलाज करवाने  से पोल  खुल  सकती    है , तभी  पुलोक  ने  एक  अमेरिकन   मैगजीन " The Ladies' Home Journal"में डाक्टर  नोरी    के  बारे में यह  पढ़ा  "one of the top doctors in America for the treatment of cancers in women"इसी लिए  पुलोक  सोनिया  को चुपचाप  डाक्टर  नोरी   के पास एक ईसाई  अस्पताल  में  ले  गया  था .  लेकिन  सोनिया  के दुर्भाग्य से   लोगों को  पता चल  गया  कि सोनिया   की  बच्चेदानी (गर्भाशय )  में कैंसर   है . जिसे मेडिकल  की  भाषा में " सर्विकल कैंसर - CERVICAL CANCER  " कहा   जाता  है .

4-गर्भाशय  के  कैंसर  के लक्षण  
हिंदी  विकीपीडिया   सर्वाईकल  कैंसर  के लक्षण  यह  बताये  गए हैं ,गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर , गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय ग्रीवा क्षेत्र की घातक रसौली है. यह योनि रक्त-स्राव के साथ मौजूद हो सकती है, लेकिन इसके लक्षण, कैंसर के उन्नत चरण पर होने तक अनुपस्थित हो सकते हैं.ग्रीवा कैंसर के लक्षणों में शामिल हैं: भूख में कमी, वज़न में कमी, थकान, श्रोणि में दर्द, पीठ दर्द, पैर दर्द, एक पैर में सूजन, योनि से भारी रक्त-स्राव,
5-सोनिया के रोग  का  कारण 
अभी  तक  जो  लोग सोनिया को शरीफ और चरित्रवान   औरत  समझते  आये  हैं , उन्हें  यह जानकर आश्चर्य  होगा  कि  सोनिया के  गुप्त   रोग  का  कारण " ह्यूमन   पैपिलोमा वाइरस -human papilloma virus (HPV ) " बताया   गया  है , और विकी पीडिया  में इस वाइरस  यानी बीमारी   का असली कारण   यह  बताया  गया  है ,
"Women who have many sexual partners (or who have sex with men who have had many other partners) have a greater risk.

http://en.wikipedia.org/wiki/Cervical_cancer#Causes

विकी पीडिया  में इस वाइरस को " human immunodeficiency virus "भी   कहा  जाता  है ,और इस कैंसर का कारण अधिक मात्र में सेक्स करना है...विकिपीडिया से हमे पता चला की कैंसर का सबसे अधिक खतरा तब होता है जब किसी के बहुत सारे पार्टनर हो या किसी औरत  ने  ने बहुत सारे पुरुषों   साथ सेक्स किया हो.ऐसी महिलाओं को ज़्यादा ख़तरा है, जिनके कई यौन साथी हैं,या  जिनका कई अन्य साथियों के साथ यौन संबंध रहा हो. लेकिन  सोनिया गाँधी अपनी इस बीमारी को लोगो से छिपा रही है.(जानकारी  के  लिए  तस्वीर देखिये )

http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/f/f7/Gray1167.svg/220px-Gray1167.svg.png

यद्यपि  सोनिया  ने  अपनी  इस  बीमारी   की  बात  को छुपाने  का  भरपूर   प्रयत्न   किया था और मिडिया ने  असलियत  को दबा  दिया   था  लेकिन सोनिया का   चरित्र  फिर भी सबको  पता  चल  गया  और एक अंगरेजी  अख़बार  डेक्कन  हेराल्ड  ने  असली  बात  छाप  दी  जो इस  वेबसाईट  में  मौजूद  है

http://www.deccanherald.com/content/181508/sonia-diagnosed-cervical-cancer.html

6-विश्व  का  सबसे  कीमती  गर्भाशय 
यदि  हम  सोनिया  की बच्चेदानी   या गर्भाशय को दुनिया  का  सबसे कीमती  और  मूल्यवान  कहें  तो गलत  नही  होगा , क्योकि  अग्रेजी  अखबार " वन  इंडिया न्यूज -One India news " के मंगलवार-  दिनांक 1 अक्टूबर 2013  की  खबर  के अनुसार जनता  पार्टी  के पूर्व  सुप्रीमो  और  भारतीय  जनता पार्टी  के सांसद  " सुब्रामण्यम  स्वामी  ने संसद  में  सोनिया के इलाज   पर "एक हजार  आठ सौ अस्सी  करोड़ ( Rs 1,880 cr)
  रुपये के खर्च  पर सवाल  उठाया   , और  कहा  कि वह  जल्द ही  इसके  बारे में एक पी .आई .एल  . दायर  करने   जा रहे  हैं ,
स्वामी  ने सोनिया   के इलाज  के खर्चे  पर आपत्ति  उठाते   हुए सवाल  किया  कि सोनिया  जैसी   साधारण दुश्चरित्र    औरत केलिए  करोड़ों  रुपये  बर्बाद  करना  कहाँ  तक उचित  है ? जबकि  भारत में ही बिना खर्चे  ही इलाज  हो सकता  था .

 http://news.oneindia.in/2012/10/01/sonia-gandhi-mysterious-treatment-cost-rs-1880-cr-swamy-1077450.html

जो लोग सोनिया  की भक्ति  में अंधे  होकर देश  की  आर्थिक समस्या  पर ध्यान नहीं  देते उनको  पता होना  चाहिए  जितने रुपयों  में  सोनिया का  इलाज   हुआ था बिलकुल उतने ही रुपयों  में पश्चिम  बंगाल   के राज्य कर्मचारियों  को 6 % प्रतिशत  मंहगाई  भत्ता  दिया  जा सकता  था  ,  कर्मचारी  जिसकी  मांग कर रहे थे सबूत  के  लिए हिंदी अखबार " पत्रिका दिनांक -21  नवम्बर 2013 के पेज 19  पर  छपी  इस खबर  को देखिये .
"कोलकाता -पश्चिम  बंगाल  के वित्त  मंत्री अमित  मित्रा  ने बुधवार को  कहा  कि मंहगाई भत्ते  में छह फीसदी  की बढ़ोतरी के लिए 1880 /-करोड़  रुपयों  की जरुरत  होगी , और  तृणमूल सरकार आर्थिक समस्या से ग्रस्त है और घोषित डी . ए (D.A). देने  में सफल  नहीं  होगी .

इसलिए  आज  इस  बात   बडी जरुरत है कि ऐसी चरित्रहीन  ,खर्चीली  , विदेशी  , हिन्दू  विरोधी  महिला को बेनकाब  किया  जाये ताकि यह अपनी  औलाद  के साथ  वापिस अपने देश भाग  जाये . और लोग  इसकी  पार्टी  का  सफाया कर दें .

(200/147)

रविवार, 3 दिसंबर 2017

कुरान की सम्पूर्णता संदिग्ध है !

आज  हमें इस बात को  स्वीकार  करना  होगा कि  इस्लाम   सम्पूर्ण   मानव  जाति के अस्तित्व  के लिए खतरा   बन  गया  है  ,क्योंकि   इस्लामी  आतंकवादी जो  क्रूर ,  नृशंश  और  अमानुषिक   कार्य   कर   रहे  हैं उन्हें  देख कर  लोगों  में इस्लाम   से नफ़रत    होने  लगी  है  , जैसे  लोगों   को  जिन्दा  जला  देना   ,  पानी में  डूबा  देना   , बम  से उड़ा  देना  इत्यादि , चूँकि  आतंकी यह काम इस्लाम  के नाम  पर और कुरान की  शिक्षा  से  प्रेरित  होकर  करते   है   ,इसलिये  बाक़ी  मुस्लिम  इसका  विरोध  नहीं  करते  , उलटे कहते  हैं  कि  , तालिबान मुसलमान नहीं है, आइसिस वाले मुसलमान नहीं हैं, बोको हरम मुसलमान नहीं हैं. ये सब भटके हुए हैं इनको देख कर इस्लाम धर्म को परिभाषित नहीं किया जा सकता है,   फिर बताओ पैगम्बर के बाद से जो लोग चले आ रहे हैं उनको क्या बोला जाएगा? जिन लोगों ने खलीफाओं को मारा मुसलमान थे.. जिन लोगों ने पैगम्बर के पूरे खानदान का खात्मा कर दिया  क्या   वह  हिन्दू  ,यहूदी   या  ईसाई  थे ?
जो  मुसलमान  कहते  हैं   कि ओसामा और आइसिस अब आये हैं दुनिया में तो  उनको चाहिए  इस्लाम   का  इतिहास  ठीक  से  पढ़ें क्योंकि  आतंकी  जिस  कुरान के आदेश पर  रोज  हजारों  निर्दोष  लोगों  को   मार  रहे  हैं ,सबसे पहले  उसी  कुरान  के  कारण ही  मुसलमानों  में  खूनी   युद्ध  हुआ   था जो   आज इस्लामी आतंक  के  रूप में  पूरे  विश्व  में  फ़ैल  गया  है  , क्योंकि   मुसलमान 
हमेशा  सत्ता प्राप्ति  के  लिए कुरान  का  अनर्थ (  Mis interpretation). करते   आये  हैं  .इसका  पहला  उदहारण  "सिफ़्फ़ीन  " का  युद्ध (Battle of Siffin )   है

1-कुरान का  भ्रष्टीकरण और सिफ़्फ़ीन  का युद्ध 

इस्लामी इतिहासकार  " सिफ़्फ़ीन  - صفين‎" के  युद्ध (Battle )   को इस्लाम   का  पहला " फ़ित्न - فتن  " कहते  हैं इसका  मतलब राजद्रोह, नागरिक संघर्ष होता है .यह  युद्ध  सन  657  ईस्वी   में मुहम्मद  साहब   के  दामाद   और  चचेरे  भाई  अली  इब्न  अबी   तालिब  और   मुआविया   बिन  अबी  सुफ़यान  की  सेना  के बीच   हुआ  था  , क्योंकि उन   दिनों  अरब  के  कबीलों   के  सरदार  सत्ता  में   हिस्सा  पाने के लिए  मुसलमान  बन  गए  थे   , उन  दिनों  पूरी  कुरआन   जमा नहीं   हो  सकी   थी   ,  लोग  अपने  लाभ के  लिए   कुरान का  मनमाना   अर्थ    कर  रहे थे   ,मुआविया   भी  यही  कर रहा  था   , और  अली  इसका  विरोध  कर  रहे  थे  ,इसी   कारण  से  ईराक    की " अल रिक्का  - الرقة‎  "  नामकी    जगह  पर  अली   और  मुआविया  की सेना में  युद्ध   हुआ   ज़िस्मे मुआविया   के 45,000  और  अली   के 25,000 सैनिक    मारे   गए।  यद्यपि    युद्ध   से   पहले  अली   ने  मुआविया  को   पत्र  द्वारा सचेत  कर दिया  था। पत्र  इस   प्रकार   है

2-अली   का   पत्र न - 55

"तुमने  पवित्र  कुरान   का  अनर्थ  करना  शुरू   कर  दिया    है  ,और कुरान के गलत  अर्थ  के  आधार  पर  तुम सत्ता  और   दौलत पर  कब्जा   लिया है ,तुम लोगों  को  सता  कर  आतंकित   कर रहे   हो  , तुम्हारा सबसे बड़ा   पाप   यह है कि तुमने  मुझे  खलीफा  उस्मान  की  हत्या   का जिम्मेदार  बता दिया  है    ,जबकि मेरी  जुबान   और   हाथ  दौनों   इस  काम  में   निर्दोष   हैं    ,  इसलिए  अल्लाह  से डरो , कहीं  ऐसा न हो कि  शैतान  तुम्हें  जहाँ  चाहे   वहां  खदेड़  दे "

ومن كتاب له عليه السلام

إلى معاوية

أَمَّا بَعْدُ، فَإِنَّ اللهَ سُبْحَانَهُ [قَدْ] جَعَلَ الدُّنْيَا لِمَا بَعْدَهَا، وَابْتَلَى فِيهَا أَهْلَهَا، لِيَعْلَمَ أَيُّهُمْ أَحْسَنُ عَمَلاً، وَلَسْنَا لِلدُّنْيَا خُلِقْنَا، وَلاَ بِالسَّعْيِ فِيهَا أُمِرْنَا، وَإِنَّمَا وُضِعْنَا فِيها لِنُبْتَلَى بِهَا، وَقَدِ ابْتَلاَنِي [اللهُ] بِكَ وَابْتَلاَكَ بِي: فَجَعَلَ أَحَدَنَا حُجَّةً عَلَى الاَْخَرِ، فَعَدَوْتَعَلَى طَلَبِ الدُّنْيَا بَتَأْوِيلِ الْقُرْآنِ، فَطَلَبْتَنِي بِمَا لَمْ تَجْنِ يَدِي وَلاَ لِسَانِي، وَعَصَيْتَهُ أَنْتَ وأَهْلُ الشَّامِ بِي، وَأَلَّبَعَالِمُكُمْ جَاهِلَكُمْ، وَقَائِمُكُمْقَاعِدَكُمْ.

فَاتَّقِ اللهَ فِي نَفْسِكَ، وَنَازِعِ الشَّيْطَانَ قِيَادَكَ وَاصْرِفْ إِلَى الاَْخِرَةِ وَجْهَكَ، فَهِيَ طَرِيقُنَا وَطَرِيقُكَ. وَاحْذَرْ أَنْ يُصِيبَكَ اللهُ مِنْهُ بِعَاجِلِ قَارِعَةٍتَمَسُّ الاََْصْلَ وَتَقْطَعُ الدَّابِرَذص، فَإِنِّي أُولِي لَكَ بِاللهِ أَلِيَّةًغَيْرَ فَاجِرَةٍ، لَئِنْ جَمَعَت الاََْقْدَارِ لاَ أَزَالُ بِبَاحَتِكَ.

You began by misinterpreting the Holy Qur'an and on the basis of these misinterpretations you started grasping power and wealth and began oppressing and tyrannizing the people. Your next unholy action was to call me responsible for an action (murder of Caliph Uthman) of which my tongue and hands were both innocent.Fear Allah and do let Satan drive you wherever it wants, "

अली की  हत्या  के बाद ही   मुस्लिम   शासकों   ने कुरान  में   काटछांट    , हेराफेरी   करके  अपने अनुकूल   बनाना  शुरू   कर दिया  था  ,किसी ने कुरान   की पूरी की सूरा (Chapters )   गायब  कर  दी   ,  तो  किसी   ने  कुरान  की  आयतें   कम   कर दीं , और किसी  ने  अपने मर्जी से  कुछ  आयतें  जोड़   डालीं


3-कुरान  की अप्रामाणिकता 
अल्लाह ने   कुरान  के बारे में  दावा किया  है  ,

"बेशक यह  कुरान   हम   ने ही  उतारी  है  ,और   हम ही  इसकी  हिफाजत करने  वाले   हैं  "
 सूरा  -अल हिज्र 15:9 


"إِنَّا نَحْنُ نَزَّلْنَا الذِّكْرَ وَإِنَّا لَهُ لَحَافِظُونَ  "15:9

"Indeed, it is We who sent down the Qur'an and indeed, We will be its guardian."15:9

मुसलमान   दावा  करते   हैं कि  कुरान  अल्लाह  द्वारा  भेजी   हुई   आसमानी  किताब  है  जिसमे रत्ती  भर भी    बदलाव    होना  असंभव   है ,गुजरानवाला    निवासी  इस्लाम   के विद्वान  "मुंशी   महबूब  आलम  -  مُنشی محبوب آلم  " ( 1863-1933   )  ने " इस्लामी इनसाइक्लोपीडिया -اَسلامی انسایکلوپیڈیا " के पेज न 559 पर  जानकारी  दी  है  कि  इस  समय दुनिया में 6 प्रकार की कुरान है सभी कुरान एक दूसरे से अलग अलग है और उनकी आयतो की संख्या भी अलग अलग है और सभी कुरान को मानने वाले एक दूसरे की कुरान को ग़लत कहते है.
इनका  विवरण  इस  प्रकार   है ,

1. कूफी कुरान...आयत 6236 
2. बशरी कुरान...आयात 6216 
3. शयामि कुरान...आयत 6250 (Shami or Damascus Quran )
4. मक्की कुरान...आयत 6212 
5. ईराकी कुरान...आयत 6214 
6. साधारण कुरान (आम कुरान)...आयत 6666  (most common these days )

Video-Watch: Corrupt Quran (URDU) Challenge to Zakir Naik by Rev. Dr. Samie Samson - Apnieyesp
Published: 1 year ago By: TheEICM

http://apnieyesp.com/watch/q5gfLpb6vio

इन  सबूतों    हजरत   अली  की   बात सही   साबित होती है कि अली के बाद भी  मुस्लिम    शासकों   ने   अपनी  सत्ता फैलाने   या  बचाये  रखने के लिए इच्छानुसार   कुरान   की  आयतें   कम  या अधिक   कर  दी  थीं   . जो  आयतें  उनके  फायदे की  होती  थीं  उन्हें रहने  देते  या  जोड़   देते  और जो उनके  फायदे  की   नहीं  होती  उन्हें  निकाल  देते   थे  ,    कुरान  की  शिक्षा   से  मुसलमानों ने  दुनिया दो हिस्सों में बाँट रखी है. एक मुस्लिम समाज और दूसरा गैर मुस्लिम समाज.  अब सब लोग समझ चुके हैं. काफिर, मुशरिक, मुनकिर. अब लोगों को समझ आ गया है. अब बच्चा बच्चा जानता है कि काफिर किसको कहते हैं  ,   अल्लाह को एक मानने से नहीं. अल्लाह को एक मनवाने के लिए नहीं  यह  आतंकवाद  सत्ता    प्राप्ति के लिए  हो रहा   है .

जब  वर्त्तमान   कुरान  की  प्राचीन  प्रतियों   में  आयतों   की  संख्या  अलग   दी  गयी   है  तो ऐसी  संदिग्ध  कुरान  के  आधार पर  जिहाद  करना  या  आतंक  फैलाना मूर्खता   नहीं  तो  और  क्या   है ?

(271)

भारत विरोधी कैथोलिकों ने बाइबिल में बदलाव किया !

दिनांक  23  नवम्बर 2017  को   गुजरात गांधी नगर के बिशप  थॉमस मेकवान ने  कैथोलिक ईसाइयों  के नाम   यह  सन्देश जारी किया "'Save Country From Nationalist Forces"अर्थात राष्ट्रवादी   ताकतों  से देश  को बचाएं   , इसका   भावार्थ   है कि  गुजरात के कैथोलिक ईसाई    बी  जे  पी  को वोट नहीं  दें  ,  क्योंकि इन पादरियों ने कांग्रेस  के राज में सीधे साधे  हिन्दुओं  का धर्म  परिवर्तन करा कर   ईसाइयों  की बड़ी संख्या  तैयार कर ली  है  , और आज भी    पादरी यही कर रहे हैं  , बिशप बी  जे पि  का विरोध  क्यों  कर  रहा   है  ? इसका  कारण यह   है  ,  बी  जे पी  एकमात्र  ऐसी  पार्टी  है  जो  मानती  है  ,  कि हिन्दू  घटेगा  तो देश  बटेगा  ,  यही  राष्ट्रवाद  का  मूल  सिद्धांत  है  ,  जबकि मुस्लमान  और ईसाई   लोगों   का धर्म  बदल  कर अपनी संख्या  बढ़ाना  चाहते    है  इनको  डर है  कि अगर  गुजरात  में बी   जे पी  सत्ता  में आएगी  तो  धर्म  परवर्तन  पर  रोक  लग   जाएगी , चूँकि राष्ट्रवाद  का आधार   भारत प्रेम  है  , और बाइबिल मेंएक  जगह  भारत  को "होंदुव " कहा गया  है जो हिन्दू का अपभ्रंश  है  , 
सब  जानते  हैं  की सोनिया  का जन्म  इटली  में हुआ था  , और सोनिया कटटर    कैथोलिक ईसाई  है    जो पोप  का आदेश  मानती   है  ,   लोग  जिसे राहुल  मानते  हैं  उसका असली   ईसाई  नाम  राउल विन्ची (Raul Vinci ) है  , यह  भी अपनी मां की तरह भारत   से नफ़रत  करता  है  ,  सोनिया  के  चमचों  में ज्यादातर  ईसाई  हैं , इन लोगों  को डर हुआ कि अगर    ईसाई इन  आयतों  को पढ़ेंगे तो उनमे भारत के प्रति   लगाव होगा   ,
, इनके भारत  विरोधी  होने  का कारण कैथोलिकों   द्वारा   किया गया  बाइबिल  का   हिंदी अनुवाद  है  , जो  नेट पर उपलब्ध  है  . इसका  नमूना  दिया  जा  रहा  है  , इस  से  इन सोनिया  के सनर्थक  कैथोलिक ईसाइयों  की मक्कारी  का भंडा फूट  गया  है
 ईसाइयों  में मुख्यतः   दो फिरके  हैं  , कैथोलिक  (Cathilic   ) और प्रोस्टेटेण्ट  (Protastant  )  इनकी  बाइबिल  भी अलग   हैं  ,  लेकिन   इनमे कुछ  ऐसी  किताबें  हैं  , जिन्हें  दोनो  मानते  हैं  ,  चूँकि  बाइबिल  का पुराना नियम  हिब्रू  भाषा  में और  नया नियम  ग्रीक  भाषा  और लैटिन  में  है  , इसलिए  यह  लोग   बाइबिल के  अनुवाद में हेराफेरी   करते   हैं  ,  उदहारण  के लिए बाइबिल  के पुराने नियम  की पुस्तक एस्तेर  में  भारत  का उल्लेख   है  ,  और  हिब्रू भाषा में  भारत  को " होंदुव -      "   कहा  गया   है  ,  यह बात   प्रोटेस्टेंट  बाइबिल और  हिब्रू  बाइबिल  में मौजूद  है     देखिये -
1-ProtastantBible
एस्तेर1:1
क्षयर्ष नाम राजा के दिनों में ये बातें हुईं: यह वही क्षयर्ष है, जो एक सौ सताईस प्रान्तों पर, अर्थात हिन्दुस्तान से ले कर कूश देश तक राज्य करता था।
http://mygreatmaster.com/bible/hindi-bible/est.htm
अब आपके सामने इसी  आयत  का हिब्रू अंगरेजी अर्थ  और एक एक शब्द का उच्चारण  और व्याकरण सम्मत अर्थ  दिया  जा रहा  है
2-Hebrew word by word
way-hî וַיְהִ֖י-व् एहि -Now it came to pass
bî-mê בִּימֵ֣י -बि  योमि  - in the days
’ă-ḥaš-wê-rō-wōš; אֲחַשְׁוֵר֑וֹשׁ- अक्षरेश - of Ahasuerus
ה֣וּא- हुव - this
’ă-ḥaš-wê-rō-wōš, אֲחַשְׁוֵר֗וֹשׁ-अक्षरेश -[is] Ahasuerus
ham-mō-lêḵ הַמֹּלֵךְ֙ -ह  मलेक - that reigned
mê-h ond-dūv מֵהֹ֣דּוּ मि  होंदुव - from- India
w-‘ad- וְעַד־-व्  आद - and even to
kūš, כּ֔וּשׁ- कूश- to Ethiopia
še-ba‘ שֶׁ֛בַע- सेबा -seven
w-‘eś-rîm וְעֶשְׂרִ֥ים-व इस्रीम - and twenty
ū-mê-’āh וּמֵאָ֖ה - उमियः  [over] -a hundred
me-dî-nāh. מְדִינָֽה׃-मेदीनह provinces

http://biblehub.com/text/esther/1-1.htm

नॉट  - इस आयत  में  हिब्रू  में  " मे होंदुव- מֵהֹ֣דּוּ  "आया  है  , इसका अर्थ  हिंदुस्तान  से लेकर ( -from India  ) होता  है .


यही  बात  बाइबिल की किताब  एस्तेर  के  लैटिन अनुवाद में  है  . जिसे प्रामाणिक  माना  जाता  है
3-Latin Vulgate
1:1 in diebus Asueri qui regnavit ab India usque Aethiopiam super centum viginti septem provincias
इंगलैंड अमेरिका और  अन्य अंग्रेजी  भाषी देशों  में   बाइबिल का यह   अंगरेजी  अनुवाद प्रचलित  है

4-King James Version
1:1 Now it came to pass in the days of Ahasuerus, (this is Ahasuerus which reigned, from India even unto Ethiopia, over an hundred and seven and twenty provinces:)

लेकिन  जब  कैथोलिक  ईसाइयों   ने बाइबिल मित्र के नाम  से बाइबिल का हिंदी अनुवाद किया  तो  इसी  आयत  का हिंदी  में अनुवाद किया तो बड़ी मक्कारी  से इस आयत  से हिंदुस्तान  शब्द  निकाल  दिया   , यही  नहीं   बाइबिल  में जहाँ  भी  भारत शब्द    आया   है  , अनुवाद में उसे निकाल  दिया  , देखिये
5-Catholic Translation 

एस्तेर का ग्रन्थ : अध्याय 1:1
महाराजा अर्तजर्कसीस के शासनकाल के दूसरे वर्ष, नीसान मास के पहले दिन, मोरदकय ने एक स्वप्न देखा। मोरदकय याईर का पुत्र था, याईर शिमई का और शिमई कीश का। वह बेनयामीन कुल का था।"

दी गयी  लिंक को खोलिये

http://biblemitr.com/bible.php?BookType=OLD&BookID=19&Chapter=1

इन कैथोलिक  ईसाइयों   ने   बाइबिल की पुस्तक एसतेर  की पहली आयत   में से सर्फ  भारत का नाम  ही  नहीं  निकाल  दिया बल्कि  पूरी  आयत भी  बदल दी  है  ,  और इसे  अपनी साइट  में भी डाल  दिया  है  ,  जबकि मूल हिब्रू  और  प्रोटेस्टेंट   लोगों की बाइबिल  में  सही आयत मौजूद है   ,जिसमे  हिंदुस्तान  के   लिए " होंदुव "  शब्द    है  ,

प्रबुद्ध  पाठकों  से  निवेदन   है  कि  इस  लेख  को गौर  से  पढ़ें  और  दी  गयी सभी  लिंक  को खोल  कर  इस   लेख  की प्रमाणिकता  की जाँच  करके   कारण  का  पता  करें  ,
(379)