शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

हिन्दुओं को मिटाने की जिहादी योजना !

जिहाद  इस्लाम का अनिवार्य  कर्तव्य   है  ,जिसका उद्देश्य  पूरे  विश्व  से गैर मुस्लिमों का  सफाया  करके   इस्लामी खिलाफत कायम   करना  है   , चूँकि मुसलमानों  की   नजर में इस समय  काफिरों  की  सरकार  है  , इसलिए मुसलमान     उसे  गिराने की  योजना   बना रहे हैं   , इसके लिए वह  हर तरह के  हथकंडे   अपना   रहे  हैं   , इसके बारे में  दिनांक 31  जुलाई  2014  को " जिहादियों के नए हथकंडे  "  शीर्षक   से एक  लेख भी  प्रकाशित  किया   गया  था  , यद्यपि जिहादी  भारत के विरुद्ध  आतंकी  योजना अफगानिस्तान  और  पाकिस्तान   में  बना रहे हैं   ,  लेकिन  इस बात  तय है  कि जब भी  भारत के खिलाफ  जिहाद   होगा तो  यहाँ के मुसलमान  उनके  साथ  हो  जायेंगे  . अभी  तो   यहाँ   के मुसलमान  विभिन्न   अपराध  करके  देश में अस्थिरता   का  माहौल   बना रहे   हैं  और  जब  पूरे देश में अफरा  तफरी   फ़ैल जाएगी  तो बाहरी जिहादी  देश में  घुस  जायेंगे  , मुसलमानों   की  इस  जिहादी  योजना  का पर्दाफाश  " अनिमेष  राउल " ने किया  है    जो  " Executive Director of Research at the New Delhi-based Society for the Study of Peace and Conflict (SSPC  " हैं .जिसका पूरा  विवरण 13  जून  2014  को  ही  प्रकाश  में  आगया था  , लेकिन सरकार  मोदी  के 15 अगस्त के  भाषण  तक  बैठी  रही ,
बाद में जो जानकारी  मिली  वह काफी चिंता का विषय  है .
 क्योंकि  इसमे बताया है   कि ,

1-कंधार  से  भारत  की  तरफ 

जानकारी के मुताबिक   इन  दिनों  सभी  इस्लामी  जिहादी  गिरोह  विश्व   में  इस्लामी  हुकूमत  यानि  खिलाफत   कायम  करने में  लगे हुए हैं   , और  आज उनका मुख्य   निशाना   भारत   ही   है  , अल  कायदा के  सरगना  अयमान   जवाहरी  और और मौलाना असीम  उम्र  ने   अल इसबाह नामकी  मिडिया के माध्यम से  विडिओ  और  सन्देश  भारत   भर में   मुसलमानों    तक   भेज  दिए   है   ,  ताकि  भारत के  युवा  मुस्लिम    तोड़फोड़  और  बलात्कार जैसे  अपराधों  से  देश  की  सरकार  को अस्थिर    कर  दें   , और   जब  सरकार  कमजोर  होगी  तो  बाहरी   जिहादियों   को  देश में  घुसने  में  आसानी   हो  जाएगी  , अपने इस  उद्देश्य  को  पूरा   करने के लिए अल  कायदा के मौलाना "अबु  मुसायब अब्दुल  वदूद -أبو مصعب عبد الودود " ने  अफगानिस्तान में  एक आतंकी  गिरोह बना   लिया है।  जिसका  नाम  "तंजीम  अंसार फिल बिलाद अल हिन्द -  تنظیم انصار التوحید فی بلاد الھند " है .इस संगठन    ने  अब   तक  कई वीडियो  जारी  किये  हैं   ,जिनमे  भारत के  मुसलमानों  को " अल शबाब  الشباب‎-" यानी  युवा (youth  )  सम्बोधित करके  भारत में  हर प्रकार  से ऐसे अपराध  करने के  लिए उकसाया  गया है  ,जिस से जिस से देश में दंगे भड़क  जाये  . इसके आलावा एक चालीस मिनट के विडिओ में  विश्व  के  सभी आतंकी  गुटों  को  भारत की  तरफ  हिजरत  करने   का   आदेश   दिया  गया है   , विडिओ में उर्दू में लिखा है  '
""ادارہ العصابة کی جانب سے پیش خدمت ہے مسئول امورشرعیہ انصارالتوحید
مولاناعبدالرحمن الہندی حفظہ الله کا بیان بعنوان " قندھار سے دہلی کی طرف  "
नोट- इसका हिंदी लिप्यांतरण है  " इरादये अल असाबाह की जानिब  से , पेश खिदमत है  , मसऊल उमूरे शरियाः ,अंसार उत तौहीद , मौलाना अब्दुर रहमान  अल हिन्दी , हिफ्जुल्लाह ,का बयान , बि उन्वान "कंधार से देहली की तरफ "

इसके अलावा मौलाना अब्दरहमान  हिंदी ने एक दस मिनट के विडिओ   में  भारत के  मुसलमानों   से कहा है  कि  वह बाबरी  मस्जिद  और  गुजरात   के दंगों   का बदला  लेने  के  लिए भारत  के सभी औद्योगिक और आर्थिक   केन्द्रों  को  नष्ट  करने का  प्रयास  करें  .

2-जिहादी दुष्प्रचार 

जिहादी  प्रचार  मिडिया  " अल इस्बाह  العصابۃ-"  ने  एक  विडिओ    जारी   किया  है  ,जिसमे  बताया है  कि अफगानिस्तान  स्थित  हेरात  में भारत के  वाणिज्य दूतावास में 23 मई को जिहादियों   ने  हिन्दू  सरकार के सामने   अपनी ताकत  दिखाने  के लिए  विस्फोट  किये  थे  , यह बाबरी  मस्जिद  गिराने  और गुजरात में  मुसलमानों   की  हत्या का बदला है  , इस  विडिओ  में चेतावनी   दी गयी  है कि जल्द ही  भारत पर जिहादी  हमला होगा , जिसकी  मदद भारत के " उसूदुल हिन्द  - الاسود الهند" यानी हिन्द के शेर ( lions of India) मुसलमान  करेंगे  . इस विडिओ में   कहा है  कि भारतके  मुसलमान  संप्रदायवादी  दंगो  और राजनीतिक मतभेद  का  भरपूर   फायदा  उठायें  , इस से  भारत में  जिहाद  जल्दी  कामयाब  होगी  . मौलाना अब्दुल रहमान हिंदी  ने  एक 18  मिनट के विडिओ  में  भारत के  मुसलमानों  से कहा है कि "मुसलमानों अगर तुम आज  इस बात को  नहीं  समझोगे तो तुम  नष्ट  हो  जाओगे  "Oh Indian Muslims, if you can’t understand, you will perish "इस विडिओ   में  मुसलमानों जिहाद के लिए उकसाने  के लिए सात  बन्दुकधारी  पुलिस  वाले  बताये गए हैं   जो  मुसलमानों  पर  गोली  चला  रहे   हैं .इस विडिओ   में आगे बताया है कि सन 1947 से आजादी के बाद से ही मुसलमान  भयभीत  होकर जिंदगी गुजार  रहे हैं  , यहाँ तक वह  जिस गाय  को  खाकर  अपना  पेट  भरते  हैं   ,   होकर  उसी  गाय  की  पूजा  करने पर  मजबूर   हैं  , अल असबाह  ने अरबी ,उर्दू  और  बंगला भाषामे ऐसे कई विडिओ   भारत के  बड़े बड़े  शहरों  में भेज  दिए  हैं  ,जिस  से भारत के मुसलमान   देश भर में  दंगे  फसाद और जघन्य  अपराध   करके  खुद को  जिहादी  मानने  लगें ,और  आत्मघाती  बम  बन  कर  मरने वाले  जिहादियों   के  लिए  कुरान की  यह आयात भी   दी गयी   है   ,
“जो लोग अल्लाह की राह में क़त्ल हुए हैं इन्हें मुर्दा न समझो वो ज़िन्दः हैं अपने रब के पास से रिज्क़ पा रहे हैं,"

अल अस्बाह ने भारत के युवा  मुस्लीमों    को  जिहाद के  लिये सभी  बड़े शहरों  में हर प्रकार  के अपराध  करने  का आदेश दिया है जिस से  बाहरी जिहादियो    का रास्ता साफ हो जाए  . इसमे बहार  के जिहदियों  को  भारत के जिहादियों   का  साथ  देने  को  कहा है  , और  कुरान  की  यह  आयत दी गयी  है  ,

" मुस्लिम देशों के जिहादी ,गैर मुस्लिम देशों में रहने वाले जिहादियों की सहायता करें , ऐसा करना मुसलमानों के लिए अनिवार्य है "
सूरा -अनफाल 8:72 

3-खुरासान  देश  की  स्थापना 
जिहादी संगठन "अंसार उत तौहीद ( AUT)  ने विडिओ  और उर्दू  प्रकाशनों   में भारतीय  मुसलमानों   से कहा है कि  वह  भारत की हिंदूवादी  सरकार को  उखड फेकने में    हर   तरीकों    का  प्रयोग  करें   ,  तभी  इस  मध्य्   एशिया  में एक ऐसी  इस्लामी  खिलाफत  कायम  हो  सकती  है  , और उस पूरेदेश का नाम  "खुरासान  " होगा  . इस देशमे तुर्कमेनिस्तान  , उजबेकिस्तान  , ताजिकिस्तान   भी शामिल   होंगे  , और इन  सबके जिहादियों  के भारत के मुसलमान   दिल्ली   के  लाल  किले  पर  खुरासानी  झंडा  फहरा   देंगे   .

Black Flag of Khurasan

http://www.crwflags.com/fotw/images/a/af%7Dqaeda.gif


4-भारत  में  जिहादियों का जाल 

दिल्ली से  प्रकाशित अंगरेजी  अख़बार  मेल टू डे ( Mail today)  के दिनांक 23 मई  2014 के  अनुसार पाकिस्तान के कई  आतंकी गिरोह  इस समय पूरे भारत में  सक्रीय हैं  . और  भारत के मुस्लिम युवक अंसार उत तौहीद ( AUT)  में  शामिल  हो  रहे हैं   ,इन में से कई  युवक गुप्त रूप से  पाकिस्तान  के वजीरिस्तान   में जाकर  आतंकवाद   की ट्रेनिग   भी   लेकर  आये हैं  . अंगरेजी  अखबार दि हिन्दू (the Hindu  ) दिनाक  22 मई  2014 के अनुसार  अधिकांश   मुस्लिम  युवक  उत्तर प्रदेश  के  आजम गढ़  और  कर्णाटक  के भटकल  जिले के  हैं  . जिनको पूरे भारत में आतंक फ़ैलाने  , तोड़फोड़  करने  और विस्फोट  करने की  जिम्मेदारी  दी गयी  है  , और  स्थानीय  मुसलमानों को  उनकी आर्थिक और कानूनी   मदद    देने के  निर्देश   दिए  गए हैं .
इस बात   का खुलासा तब  हुआ जब  ख़ुफ़िया एजेंसियों   ने  दिनांक  30 मई 2014  को चेन्नई से  इंडियन मुजाहिद  के एक  सदास्य  "हैदर अली "  को गिरफ्तार   कर लिया   . और जब  पूछताछ  पर  हैदर अली ने बताया  कि 26 अक्टूबर  2013 को  पटना  में बी जे पी  की  रैली  में  कई विस्फोट  इंडियन  मुजाहिद ने किये थे   ,  जिसका नेतृत्व   सफदर  नागौरी   ने   किया  था  . हैदर अली ने  बताया कि इन  विस्फोटों   का उद्देश्य  पूरे भारत में   अफरातफरी  का  माहौल पैदा  करना था  ,  और भारत  को  हिन्दुओं  से मुक्त   कराना   है  , जिसकी शुरुआत  कश्मीर  से होगी  . 
हैदर अली ने यह भी बताया कि कश्मीर की सीमा पर हमारे  जिहादी  तैयार  बैठे हैं  , कि जैसे ही  सीमा पर  तनाव  बढ़ने  पर युद्ध की  नौबत  आ  जाएगी तो पाक सेना की  मदद  से जिहादी कश्मीर  से भारत के अंदर  घुस   जायेंगे  ,  और उसी  समय भारत के अंदर के सभी जिहादी गुट  सक्रीय   हो जायेंगे  . और यह गुट तब तक शांत  नहीं  होंगे जब  तक  उनका  मकसद पूरा  नहीं   होगा  , इसलिए भारत के मुस्लिम  युवकों  को   हिंडन के खिलाफ जिहाद के लिए  मानसिक   रूप  से तैयार   किया  जारहा है  ,


5-भड़काऊ  भाषण का नमूना 

विदेशी धन से बिके  हुए भारत के मुल्ले मस्जिदों   में मुसलमानों  पर होने वाले अन्याय की  ऐसी झूठी खबरें फैलाते  रहते हैं   जिस से दंगे  चालू  रहते हैं   ऐसा ही    भाषण का एक  नमूना  देखिये ,

रमजानुल मुबारक के बाबरकत महीने भी मुसलमानों को सुकून ना मिल सका यू.पी.के एक गॉंव में जब सभी मुसलमान तरावीह के लिए जा चुके थे बुज़दिल हिंदुओ ने मुसलमानों के घरों पर यकबारगी हमला कर दिया और लूट मार की लेकिन मुसलमानों की सबसे बड़ी दुशमन पुलिस ने बड़ी में नुकसान उठाए हुए मुसलमानों को गिरफतार करके उनके ज़खमों पर नमक छिड़कने मे कोई कसर ना छोड़ी जबकि हिंदुओं पहले ने मुसलसल तीन दिनों तक पूरे गॉंव का मुहासरा किए रखा लेकिन पुलिस की तरफ से ना कोई एकशन ना गिरफतारी मेरे भाइयो इन नसली बुज़दिलों का इलाज सिरफ तलवार है .जिसको अपने से ताक़तवर देखते हैं उसे अपना देवता बना लेते जबकि इनके यहॉं कमजोरों को जीने का कोई हक़ नही"

अब जिहादियों  और  मुसलमानों  के ऐसे  इरादों   के बारे में  जानकारी होने पर भी  हिन्दू  सिर्फ  उत्सव  मनाने  ,  जयंतियाँ  मनाने  , मंदिरों   में क्विंटलों  सोना चांदी   चढाने  को  ही  धर्म  मान लेते  हैं  , और सामने  शत्रु साफ  दिखाई देने पर उसी तरह  आँखें   बंद  कर लेते हैं  ,जैसे  कबूतर  बिल्ली को देख कर  आँखें  बंद करके  मान लेता है  कि सामने  बिल्ली  नहीं  है  . हिन्दू यदि  यही  कबूतरी  नीति  पर चलेंगे  तो  न तो  देश  बचेगा  और न  हिन्दू धर्म ही रहेगा   . हिन्दुओं   को इतिहास  से सबक  लेने की  जरुरत  है  ,  याद रखिये जब  मेहमूद गजनवी  सोमनाथ पर हमले की तैयारी  कर रहता तो हिन्दू राजा यज्ञ  अनुष्ठान  कर रहे थे ,और सोच रहे थे कि  भगवान शिव अपने तीसरे  नेत्र से म्लेच्छों  को भस्म  कर देंगे  , हिन्दुओं   को समझना होगा  कि कोई  देवी  देवता उनको नहीं  बचा सकेगा जबतक वह  खुद देश के और हिन्दुओं  के दुश्मन  जिहादियों  को ईंट का जवाब पत्थर  से नहीं  देते  .

 श्री  गुरु गोविन्द सिंह  जी  ने  कहा   है  ,
" यही  देहि आज्ञा  तुरक  को खपाऊँ  , गऊ घातियों   को जगत  से मिटाऊँ "

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बुधवार, 13 फ़रवरी 2019

अल्लाह मर चुका है !

विश्व में अनेकों धर्म और संप्रदाय प्रचलित हैं .लेकिन इस्लाम केवल अपनी मान्यताओं और विश्वास को ही प्रमाण मानता है .और दूसरों को मनवाने का प्रयास करता रहता है .इस्लामी परिभाषा में इस विश्वास को ही ईमान कहा जाता है .भले ही ऐसा विश्वास या मान्यता तर्क सम्मत नहीं हो .मुसलमान उसे सही मानते हैं .साधारण लोग इस्लाम के सुन्नी और शिया समुदाय के बारे में जानते हैं .और उनकी अधिक संख्या होने के कारण उन्हीं को इस्लाम का सही रूप समझ लेते हैं .क्योंकि इन दौनों फिरकों का मुख्य आधार अल्लाह और कुरान ही हैं .और बाकी मान्यताएं जैसे , रसूल , जन्नत -जहन्नम , कियामत , कलमा और नमाज आदि इन दौनों से सम्बंधित हैं .मुसलमान अल्लाह को साबित करने के लिए तर्क देते हैं कि ऐसा कुरान में लिखा है , और जब कुरान की प्रमाणिकता की बात आती है तो , कहते हैं यह अल्लाह की किताब है .जबकि यह दौनों बाते एक दूसरे पर आधारित है .
लेकिन बहुत लोगों को नहीं पता होगा कि मुसलमानों का एक ऐसा काफी बड़ा फिरका भी है जो , अल्लाह और कुरान के अलावा अन्य बातों के बारे में बिलकुल विपरीत विचार रखता है .इस इस्लामी समुदाय को " अलवी-علوية" मुसलमान कहा जाता है .इनके बारे में इसलिए बताना जरुरी है , क्योंकि इन्हीं के साथ अल्लाह की मौत का रहस्य भी जुड़ा हुआ है .इस लिए इस लेख को ध्यान से पढ़िए .
1-अलवी लोगों का परिचय 
मुहम्मद साहब के समय में ही मुसलमानों में गुटबंदी और मतभेद होने लगे थे . क्योंकि इस्लाम तर्क हीन मान्यताओं पर आधारित था.और मुहम्मद साहब के ससुर हुकूमत चाहते थे.मुहम्मद साहब अपने चचरे भाई और दामाद अली को अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते थे . क्योंकि उसी के योगदान से इस्लाम फैला था .लेकिन मुहम्मद साहब के ससुर अबू बकर ने छल करके खुद को खलीफा बना लिया . इस से अली के समर्थक अलग हो गए , जिन्हें अज शिया कहा जाता है .ऐसा ही एक फिरका " अलवी" है जिसे " नुसैरिया - نصيريون‎" भी कहा जाता है .यह नाम शियाओं के 11 वें इमाम हसन अल अस्करी इब्ने नुसैर के नाम से लिया गया , जिसका जन्म सन 873 में हुआ था .अलवी अधिकांश सीरिया , लेबनान , इराक और कुछ पाकिस्तान में भी हैं . इनकी कुल संख्या एक करोड़ पैंतीस लाख है .सीरिया का राष्ट्रपति " हाफिज अल असद" भी अलवी है . जो सन 1970 में राष्ट्रपति बना था.
कुछ लोग अलवियों को शिया कहते हैं , लेकिन यह सुन्नी और शिया से बिलकुल अलग और विपरीत विचार रखते हैं .जो इस प्रकार हैं ,
2-अलवी मान्यताएं 
सभी अलवी खुद को " अब्दुन्नूर " यानि प्रकाश का दास कहते हैं और मानते हैं कि जड़ चेतन सभी प्रकाश से उत्पन हुए है .और प्रकृति खुद ही चल रही है .और उसको बनाने वाला अल्लाह नहीं है. समस्त जगत सदा से है और हमेशा रहेगा .और आत्मा भी अजर और अमर है .
अलवियों के पांच विभाग हैं ,1 .शम्शिया ( सूर्य के उपासक ) 2 . कमरिया ( चन्द्र के उपासक 3 . मुर्शिद ( सलमान फारसी के भक्त 4 .हैदरिया ( हैदर के भक्त ) 5 . गैबिया ( रहस्यवादी ) लेकिन यह सभी अली इब्न अबूतालिब को ही अल्लाह मानते हैं , जिसने इस पृथ्वी पर अवतार लिया था.इसके अतिरिक्त अलवी आत्मा के पुनर्जन्म को भी मानते है और मानते हैं कि पापी लोग मर कर अन्य प्राणियों कि योनी में जन्म लते हैं . और जन्नत और जगह कोई चीज नहीं है .कर्मों का फल यहीं या अगले जन्म में मिल जाता है 

3-कुरान कलमा से इंकार 
अलवियों का दावा है कि कुरान अली ने बनायी थी और मुहम्मद को सिखाई थी .और मुहम्मद की मौत के बाद सुन्नी खलीफाओं ने कुरान को बदल दिया था .वर्त्तमान कुरान नकली है . इसलिए अलवी "किताबुल मजमूअ - كتاب المجموع‎ " नामकी किताब पढ़ते हैं जिसमे सिर्फ 16 सूरा (Chapters ) हैं . जिसे सिर्फ फ्रेंच भाषा में अनुवादित किया गया है .इसमे कुरान की वह आयतें हैं जिसमे अली को अल्लाह बाताया गया है , लेकिन कुरान से निकाल दिया गया .इसके अतिरिक्त अलवी " किताबुल मशायख "यानि Manual of Shaikhs  और " किताब तालीम दीनिया अल नुसैरिया "भी पढ़ते हैं जिसमे उनके नियम दिए गए हैं अलवी कुरान के साथ नमाज भी नहीं पढ़ते ,यहाँ तक इस्लाम का मुख्य आधार कलमा भी नही पढ़ते , लेकिन कलमा की जगह यह प्रार्थना बोलते है '
"
أشهد أن لا إله إلا == حيدرة الأنزع البطين
"अशहदु अन्ना ला इलाह हैदर अंज अल मतीन "
و لا حجاب عليه إلا == محمد الصادق الأمين
"व् ला हिजाब अलैहि मुहम्मद अस्सादिक अल अमीन "
و لا طريق إليه إلا == سلمان ذو القوة المتين
" व तरीक इलैह इल्ला सलमान जुल कुव्वत अल मतीन "

अर्थ-मैं गवाही देता हूँ कोई अल्लाह नहीं है , सिवा अली इब्न अबू तालिब के , वही इबादत के योग्य है , इसमें पर्दा नहीं कि मुहम्मद सच्चा था और सलमान के अलावा कोई द्वार नहीं है .
"I testify that there is no God but 'Ali ibn-Talib the one to be worshipped, no Veil but the Lord Muhammad worthy to be praised, and no Gate but the Lord Salman al-Farisi the object of love".
अलवी मुसलमानों के वर्त्तमान कलमा को बेकार बता कर उस से इंकार करते हैं , देखिये विडियो
Islamic Kalma rejected by Ghazanfar Abbas Tonsvi (Nusehri) as he says Ali Mabood

http://www.youtube.com/watch?v=j_c6r58UbsA

अलवी क़ुरबानी की ईद भी नहीं मनाते और न लड़कों की खतना करते हैं .और न किसी को अपने धर्म में शामिल करते हैं

4-कुरान अली की बनायीं है 
यद्यपि मुसलमान दावा करते हैं कि कुरान अल्लाह के द्वारा भेजी गयी किताब है किसे उसने अपने रसूल मुहम्मद पर नाजिल किया था .लेकिन अलवियों का दावा है लोग जिसे अल्लाह बता रहे हैं वह अली ही था .जो छुप छुप कर मुहम्मद को कुरान सिखाता था .सुन्नी खलीफाओं ने कुरान में हेराफेरी करके इस बात को दबा दिया था .लेकिन इस आयात से अलवियों कि बात सत्य साबित होती है .
"वह परदे के पीछे रहकर किसी को भी " वही " (कुरान की आयतें ) भेज सकता है , बेशक अली महान तत्वदर्शी है " सूरा-अश शूरा 42 :51 

" وَرَاءِ حِجَابٍ أَوْ يُرْسِلَ رَسُولًا فَيُوحِيَ بِإِذْنِهِ مَا يَشَاءُ إِنَّهُ عَلِيٌّ حَكِيمٌ  " 42:51

 from behind a veil,  reveal, by His leave, whatever He wills to revealfor, verily, He is exalted, wise. (42:51

कुरान की यह एक ही आयत यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि अली ही गुप्त रूप से कुरान बनाया करता था.और मुसलमान भी कुरान बनाने वाले को अल्लाह बताते हैं.
5-अलवी त्रैतवाद 
हिन्दू और ईसाईयों की तरह अलवी भी तीन शक्तियों पर विश्वास करते है .पहिला अली है जिसे " मायनी " अर्थात Meaning कहा जाता है .दूसरी शक्ति मुहम्मद है जिसे "इस्म" कहा जाता है इस्म अर्थ नाम (Name ) होता है .जिसे अली बनाया है .जैसे नाम मायने के बिना बेकार होता है उसी तरह अली के बिना मुहम्मद बेकार होता है .तीसरी शक्ति सलमान फारसी है जिसे " बाब " अर्थात द्वार (Gate ) कहते हैं.बाब इस्म को मायनी से मिलाने का साधन है .अलवी प्रार्थना में कहते हैं कि मैं बाब के रस्ते से निकल कर इस्म ( मुहम्मद ) को सलाम करता हूँ और आगे बढ़कर मायनी (अली ) की इबादत करता हूँ .अलवी मानते हैं कि अली ही वह शक्ति है जो हरेक युग में अवतार लेता है .और किसी न किसी व्यक्ति के द्वारा किसी को दर्शन और ज्ञान देता है जैसे अली ने सलमान फारसी के द्वारा मुहम्मद को कुरान बना कर दी थी .
अलवी अपनी आत्मशुद्धि के लिए रोज अली , फातिमा , हसन , हुसैन और मुहसिन को याद करते हैं यही उनकी इबादत है .
6-अली ही अल्लाह था 
जैसे कोई अपराधी समझता है कि मैंने अपने किये सभी अपराधों के सभी सबूत मिटा दिए हैं .लेकिन उसके कुछ न कुछ सबूत बचे रहते हैं . और उन्हीं सबूतों के अधर पर वह पकड़ा जाता है इसी तरह कुरान में कुछ ऐसे सबूत अभी भी बाकी हैं जिन से आसानी से सिद्ध किया हो जाता है कि अली ही अल्लाह था .कुरान कि इन आयतों को गौर से पढ़िए ,
."और उसी ने इंसान को पैदा किया ,और फिर ससुराली रिश्ता कायम किया "
 सूरा- फुरकान 25 :54 

"وَهُوَ الَّذِي خَلَقَ مِنَ الْمَاءِ بَشَرًا فَجَعَلَهُ نَسَبًا وَصِهْرًا وَكَانَ رَبُّكَ قَدِيرً"25:54
"उसने दयालुता से अपना हिस्सा दे दिया और, उसे सचमुच उच्च ख्याति मिली "
 सूरा -मरियम 19 :50 
"وَوَهَبْنَا لَهُمْ مِنْ رَحْمَتِنَا وَجَعَلْنَا لَهُمْ لِسَانَ صِدْقٍ عَلِيًّا  "19:50

तफसीरुल मीजान में इन आयतों की व्याख्या ने कहा है उसने अली यानि अल्लाह ने जगत बनाया और फिर इन्सान के अवतार में मुहम्मद से ससुराली सम्बन्ध किया . ( अली ने मुहम्मद की बेटी फातिमा से शादी की थी .इसलिए वह मुहम्मद का ससुर बन गया ) दूसरी आयत बताया है में
बताया है कि अली ने कुरान बनाने का सारा श्रेय अपने ससुर को दे दिया . जिस से मुहम्मद का नाम हो गया .और लोग मुहम्मद को ही रसूल कहने लगे .इस आयत में " अलिय्या " शब्द आया है . जो अली का नाम सूचित करती है इसके अतिरिक्त कुरान कि इन आयतों में भी अली का उल्लेख है जो उसे अल्लाह साबित करती हैं , देखिये ,विडियो
Mola Ali is Superior than Allah. Ghazanfar Abbas Tonsvi (Nusehri)

http://www.youtube.com/watch?v=T8RWj3iyQYA&feature=relmfu

इसके अलावा इन आयतों से भी अली की अल्लाह से तुलना की गयी है

1-वह अली उच्च और सबसे महान है" सूरा -बकरा  وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ " 2:255

2-वह अली उच्च और महान है " كَانَ عَلِيًّا كَبِيرً"सूरा - निसा 4:34

3- वह अली उच्च और सबसे महान है "هُوَ الْعَلِيُّ الْكَبِيرُ "सूरा - लुकमान 31:30

4-वह अली सबसे बड़ा और महिमाशाली है " وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ "सूरा- अश शूरा 42:4
सुन्नी चालाकी से अली शब्द को संज्ञा (Noun ) की जगह विशेषण ( Adjective ) बताते हैं . जबकि इन चारों आयातों में अली को सबसे बड़ा और सबसे महान कहा गया है , जो सिर्फ अल्लाह के लिए ही कहा जाता है .इस से भी साबित होता है की अली ही अल्लाह बना हुआ था .और सबूत के लिए देखिये विडियो
Prooving Mola Ali as Allah from Quran. Ghazanfar Abbas Tonsvi (Nusehri)

http://www.youtube.com/watch?v=4stTblXIknA

7-अल्लाह की मौत
इन सभी प्रमाणों से स्पष्ट सिद्ध हो गया है कि अल्लाह नाम की कोई शक्ति या वास्तु नहीं थी . यह मुसलमानों का पाखंड था ताकि लोगों को डराकर मुसलमान बनाया जा सके . और कुरान कोई आसमानी किताब नहीं है . वह अली ने बनायीं थी जो अल्लाह बना हुआ था और एक मनुष्य .था 
और जैसे सभी मनुष्य एक दिन मर जाते हैं वैसे ही 27 जनवरी सन 661 को (तदनुसार 21 रमजान हि० 40 ) में 63 की आयु में इराक के कूफा शहर में मर गए उनकी हत्या कर दी गयी थी और उसका मजार कुफा में मौजूद है .इस तरह असली अल्लाह उर्फ़ अली तो मर गया है .और मर कर तारा बन गया .उस से डरना और उसकी इबादत बेकार है .
सभी लोग अल्लाह की मौत की तारीख याद रखें और सबको बता दें
( 200/51)