बुधवार, 4 सितंबर 2019

अल्लाह मुस्लिमों के गुनाह अपनी योनि में ढांक लेगा !

यह  हमारा निजी  अनुभव है  कि जब मुस्लिम   हमारे प्रमाणों   का  खंडन  नहीं  कर पाते   हैं   तो खिसया  कर   यातो  हमें   गालियां    देने  लगते हैं    या  हमारे   धर्म   ग्रंथों    का अपमान  करने के लिए उनके  अश्लील    अर्थ   करने लगते  हैं  ,  क्योंकि जैसे जैसे  लोगों  को  इस्लाम  की असलियत   पता   होने  लगी   तो  कई मुस्लिम     फेसबुक  या  विडिओ  के माधयम  से   हिन्दुओं   को भ्रमित  करने  में  लग  गए   हैं  , अभी  तक  यो  यह  लोग   शिव  लिंग  के बारे  में अश्लील  बातें   फैलाते   आये  हैं  लेकिन   अब  इनमे  इतनी  दुष्टता     बढ़  गयी  कि किसी   ने  गायत्री   मन्त्र  का  भी  अश्लील   अर्थ   कर  दिया  ,  परसों  ही  हमारे मित्र  श्री  अशोक  शर्मा   जी  ने मुझे इसकी  सूचना  देकर  कहा  की  आप  इन  मुल्ला  जरजिस  के चमचों  को  ऐसा  उत्तर   दीजिये की  यह  वेदों पर   उंगली  भी उठाने  का सपना  भी  नहीं   देखें  .


1-लेख  का मुख्य  विषय 
 इस लेख का मुख्य विषय   अल्लाह  की   " फुर्ज -  فرج "  हैं   ,  अरबी  शब्द  फुर्ज  का हिंदी  में  अर्थ  "योनि , भग , और  स्त्री   जननांग     है , जिसे  अंगरेजी   में cunt, vulva, pussy, vagina " है ,आज  तक   किसी  को भी पता नहीं     था  कि अल्लाह की  योनि  भी   है  ,  पंडित महेंद्र  पाल  जैसे  विद्वानों    को भी इस हदीस  पर  ध्यान  नहीं   पड़ा  ,  जब  अशोक  शर्मा जी  ने  मुझे  प्रेरित किया  तो   तीन  दिन  तक   खोज  कर मुझे तीन  प्रामाणिक   हदीसें   मिल  गयी 

2-हदीस का परिचय
सुन्नी मुसलिमों   की हदीस की  किताब  का पूरा नाम  "रियाजुस्सालि हीन -  رياض الصالحين   "   है  , और इन  हदीसों  के संकलन  कर्ता का  नाम "अबू जकारिया बिन  शरफ़ अन् ववी - أبو زكريا يحيى بن شرف النووي‎ "  है  , इनका जन्म  दमिश्क में  सन 1233 ईस्वी  में  हुआ था औरर मृत्यु सन 1277 ईस्वी में हुई  थी ,इनको इमाम नबवी  भी  कहा  जाता   है , चूँकि अल्लाह   की   ऐसी  विशेषताएं    है  ,जिनके बारे में कुरान  में खुल  कर नहीं   दिया गया है  ,  लेकिन  हदीसों  में  उन  गुप्त बातों   का उल्लेख मिलता है   . इसलिए इमाम   नबवी ने  ऐसी सभी हदीसों  को  एक  जगह  इकठ्ठा  कर  दिया  ,जो    सही बुखारी   , और सही मुस्लिम  से चुनी     हुई  हैं  .

3-अल्लाह  की योनि  का  सबूत 
रियाजुस्सआलिहीन  के पहले  अध्याय  का नाम  "किताब  अल मुकदमात - كتاب المقدمات "   है  ,जिसका मतलब       " The Book of Miscellany   "  है  ,  इसकी  233 नंबर हदीस    अरबी  हिंदी  और  अंगरेजी   में  दी  जा  रही   है 
मूल अरबी
وعن ابن عمر رضي الله عنهما أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال‏:‏ ‏ "‏المسلم أخو المسلم، لا يظلمه، ولايسلمه، من كان في حاجة أخيه كان الله في حاجته، ومن فرج عن مسلم كربة فرج الله عنه بها كربة من كرب يوم القيامة، ومن ستر مسلمًا ستره الله يوم القيامة‏"‏ ‏(‏‏(‏متفق عليه‏)‏‏)‏ ‏.‏

अरबी -व अन इब्न उम्र रजी अल्लाहुमा अन  रसूलल्लाह अलैहि वसल्लम काल :असलम अखू  असलम ,ला  यजलमहु व  ला यसलमहु ,व् मन कान फी हाजत अखीही ,कान अल्लाह फी हाजीतिहि व् मन फरज अ न मुस्लिम करतब फुर्जललाह अन्हु बिहा करतब मन  करब यौमि कियामा ,व्  मन सतर मुस्लिमा सत्तर अल्लाह  यौमि कियामा ,
अर्थ- इब्न   उमर (रजि ० )  कहते हैं  कि रसूल  ने  कहा   है  ,कि एक  मुस्लिम  दूसरे मुस्लिम   का भाई    है  ,इसलिए मुस्लिम  को चाहिए कि किसी  दूसरे  मुस्लिम   को  नहीं  सताए  ,और न  उस पर  हाथ उठाये  , और जो   दूसर मुस्लिम  की  जरूरतें  पूरी  करेगा  ,  अल्लाह  भी उनकी  जरूरतें   पूरी  करेगा , और जोभी   अपने मुस्लिम  भाई  के गुनाहों  को  ढाँकेगा   अल्लाह भी  क़यामत  के दिन   उनके गुनाहों  को  अपनी  ( योनि  - फुर्ज -  فرج " में   ढांक  लेगा . 
Eng-

Ibn 'Umar (May Allah bepleased with them) reported:
Messenger of Allah (ﷺ) said, "A Muslim is a brother of another Muslim. So he should not oppress him nor should he hand him over to (). Whoever fulfills the needs of his brother, Allah will fulfill his needs; whoever removes the troubles of his brother, Allah will remove one of his troubles on the Day of Resurrection; and whoever covers up the fault of a Muslim, Allah will cover up  his fault in  vulva on the Day of Resurrection"
.
[Al-Bukhari and Muslim]..
Arabic/English book reference : Book 1, Hadith 233
And-Arabic/English book reference : Book 1, Hadith 244

यह दौनों  हदीसें  लगभग  एक  जैसी  हैं  ,  क्योंकि  दौनों  में  अरबी शब्द  " फुर्ज  अल्लाह  -  فرج الله  " शब्द  आया  है ,
कुछ दिन  पहले एक मित्र ने प्रश्न  किया कि जब मुसलमान इतने    औरतबाज  हैं  ,तो जन्नत के फ़रिश्ते  कितने अय्याश  होंगे     और जन्नत में हूरें  भी हैं   , ऊपर  से जन्नत में   किसी से भी  सहवास करने  की छूट है   , तो जन्नत में   किसी के बच्चे क्यों   नहीं    होते  ?
 इसका  जवाब  है कि फ़रिश्ते    स्त्रियां   हैं  ,   और  अल्लाह  की खुद योनि  है   ,तो बच्चे   कैसे  होंगे  ?

मौलाना  जरजिस  और उसके बिकाऊ  चेलों में हिम्मत हो  तो इस हदीस  को गलत  साबित करें  , नहीं  तो सब   के सब  अपने अल्लाह की फुर्ज में छुप जाएँ 

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