रविवार, 23 फ़रवरी 2020

मुहम्मदगीरी:इस्लामी दादागीरी !!

मुसलमानों की आदत है कि वे दूसरों के धर्मग्रंथों और महा पुरुषों को अपमानित करते रहते हैं .कभी उनके ग्रंथों में कमियाँ निकल कर उनको नीचा दिखाते हैं .और कभी उनके अश्लील चित्र बना कर उनकी निंदा करते है .फिर बाक़ी मुसलमान इसे अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताके अपना संवैधानिक अधिकार बता कर दादागीरी करते है .लेकिन जब कोई मुहम्मद का कार्टून बनाता है ,या इस्लाम के बारे में कुछ कहता ,या लिखता है ,तो मुसलमान दंगा फसाद पर उतारू हो जाते हैं .वैसे लोगों को धोखा देने के लिए खुद को शांतिप्रिय और सहिष्णु बताते हैं .
मुहम्मद भी इसी तरह की दोहरी नीति अपनाता था .वह लोगों को गुमराह करने ,और अपने जल में फांसने के लिए शांत और सहिष्णु होने का ढोंग करता था .लेकिन वह वास्तव में अय्तंत उग्र ,क्रूर ,हिंसक ,और बात बात पर भड़कने वाला व्यक्ति था .वह खुद को अल्लाह से भी बड़ा मानता था .और अपने विरुद्ध बोलने वालों को क़त्ल करा देता था यही बात एक फारसी कविने कही है,
 " باخدا دیوانه بشد با محمّد هوشیار "
"बा खुदा दीवाना बाशद,बा मुहम्मद होशियार "
यानी अल्लाह के बारे में कुछ भी बको ,लेकिन मुहम्मद के बारे में सावधान रहो .
इसी को मुहम्मदगीरी कहा जाता है .इसके कुछ नमूने कुरान और हदीसों से दिए जा रहे हैं -
1 -शराफत का ढोंग 
मुहम्मद  दिखावे के लिए कहता था ,
"रहमान के सच्चे बन्दे तो वही हैं जो ,जमीन पर नम्रतापूर्वक चलते हैं ,और यदि कोई अज्ञानी असका अपमान करता है ,तो वे उस से कहते हैं कि तुम पर सलाम हो
.सूरा -अल फुरकान 25 :63 . 
"हम तो अल्लाह के सभी रसूलों में कोई अंतर नहीं मानते .सूरा बकरा 2 :285 .

2 -लोग मुहम्मद का मजाक उड़ाते थे 
"लोग नबी का मजाक उड़ाते हैं ,और कहते हैं कि यह तो निरा "कान (-उज्न)है .(कान का कच्चा )है .और रसूल को दुःख देते हैं .
सूरा -तौबा 9 :61 
"लोग यह भी मजाक करते हैं कि ,यह कुरआन दौनों शहरों में से किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति के ऊपर क्यों नहीं उतरा
.सूरा जुखुरुफ़ 43 :31
"यह लोग कहते हैं कि ,कोई दूसरा कुरान बनाओ ,या इसकी आयतें बदल दो .
सूरा -यूनुस 10 :15 

3 -मुहम्मद इज्जत का भूखा 
"हे ईमान वालो रसूल को राईना नहीं कहो बल्कि ,उनको उन्ज़ुरना कहो .सूरा -बकरा 2 :104
(नोट- अरबी में انظرنا उन्ज़ुरना का अर्थ है मुझे देखिये .और راعنا राईना का רָעיִנָहिब्रू में अर्थ है मेरा चरवाहा.)

4 -मुहम्मद भेद खुलने से डरता था 
"तुम छानबीन करते रहो ,और देखते रहो कि कोई रसूल की चुगली तो नहीं कर रहा है .कहीं ऐसा न हो कि पछताना पड़े सूरा -हुजुरात 49 :6 

5 -मुहम्मद का पक्षपाती स्वभाव 
"मुहम्मद अल्लाह के ऐसे रसूल हैं ,जो काफिरों के प्रति कठोर ,और अपने लोगों के प्रति दयालु हैं "
.सूरा -अल फतह 48 :29 
"यह तो अल्लाह का एहसान है कि ,उसने अपने लोगों में से एक को रसूल उठा दिया
"सूरा -आले इमरान 3 :164 

6 -मुहम्मद दुनिया में क्यों आया 
"मैं अभी काफिरों के दिलों में भय पैदा करता हूँ ,तुम उनकी गर्दने काटते रहो "
सूरा -अनफाल 8 :12 
"लोग डर के मारे दल के दल बनाकर इस्लाम में दाखिल होने लगेंगे "
सूरा -नस्र 110 :2 

7 -मुहम्मद अल्लाह पर आरोप लगाता था 
जब मुहम्मद    किसी की हत्या करता था तो ,कहता था   कि यह हत्या मैंने नहीं अल्लाह ने की  है ,
"हे मुहम्मद तुमने अबतक किसी को क़त्ल नहीं किया ,बल्कि उन लोगों को अलह ने क़त्ल किया है ,ताकि वह काफिरों को उनके किये की सजा का मजा चखा सके ,तुम तो निर्दोष हो
"सूरा -अनफाल 8: 17 
8 -मुहम्मद अपनी चुगली से भड़कता था 
"जो हमारा मजाक उडाएगा या हमारी चुगली करेगा ,हम उसकी नाक को गर्म लोहे से दाग देंगे "
सूरा -अल कलम 68 :16 
"जो रसूल को किसी भी तरह का दुःख देते हैं ,उनके लिए इस दुनिया में सजा ,और आखिरत में लानत है "
सूर -अहजाब 33 :57 

9 -रसूल की तारीफ़ करो 
"अबू हुरैरा ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,तुम लोग मेरी कृपा से जीवित हो ,और मजे कर रहे हो ,इसलिए तुम हरदम मेरी तारीफ़ किया करो "
बुखारी -जिल्द 9 किताब 4 हदीस 541 .और मुस्लिम-4 किताब 4 हदीस 30 
10 -मुहम्मद से मजाक करने की सजा 
"एक गुलाम औरत का लड़का अंधा था ,उसने रसूल का मजाक उड़ाया ,रसूल ने उस लडके को मौत ककी सजा सुनाकर उसकी माँ के सामने क़त्ल करावा दिया "
अबू दाऊद-किताब 38 हदीस 4348 है . 
"अबू हुरैरा ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,मेरा मजाक उड़ाना कुफ्र है ,और शरीयत के कानूनों के खिलाफ है ,जिसके अनुसार मेरा मजाक उड़ाने वाले को ,या तो सूली पर चढ़ा देना चाहिए ,या उसकी गर्दन काट देना चाहिए "बुखारी -जिल्द 9 किताब 98 हदीस 57 

11 -मुहम्मद कि नक़ल करने कीसजा 
"आयशा ने कहा कि,रसूल ने कहा कि ,अगर कोई मेरी नक़ल करेगा ,या मेरी तरह बोलेगा तो कठोरतम सजा दी जायेगी .क्योंकि रसूल की आवाज भर्राती थी "
बुखारी -जिल्द 6 किताब 93 हदीस 646 . 
12 -रसूल का अपमान करने कि सजा 
"जो रसूल का अपमान करे ,उसके टुकड़े टुकड़े कर के फेक दो "
बुखारी -जिल्द 6 किताब 60 हदीस 282 .मुस्लिम -किताब 32 हदीस 4091 
"काब इब्ने अशरफ ने एक बार रसूल को सलाम नहीं किया था ,रसूल ने उसको उसी वक्त क़त्ल करा दिया "
बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 369 
"इब्ने उमर ने कहा कि एक बार एक गाँव की औरत ने ,रसूल के लिए अरे शब्द कहा ,रसूल ने उसे क़त्ल करा दिया "
बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 362 
इकारिमा ने कहा कि रसूल का हुक्म था कि ,यदि कोई मेरा अपमान करे तो ,उसे ज़िंदा जला दिया जाए."
बुखारी -जिल्द 1 किताब 84 हदीस 57 
"जो रसूल का अपमान करे ,उसे सता सता कर मार डालो .और कष्टदायी मौत दो "
बुखारी -जिल्द 1 किताब 9 हदीस 251 

13 -रसूल की निंदा करने कि सजा 
"अनस ने कहा कि,रसूल ने कहा कि ,मेरी निंदा करने वाले कि सजा मौत है ."
बुखारी -जिल्द 4 किताब 52 हदीस 270 -271 
"अबू हुरैरा ने कहा कि ,रसूल ने हमें आदेश दिया था कि,जोभी मेरी निंदा करता हुआ पाए ,उसे क़त्ल करदो ."
बुखारी -जिल्द 6 किताब 60 हदीस 311 

14 -कुरआन का अपमान करना 
"इब्ने उमर ने कहा कि ,एक औरत ने रसूल के कुरआन पढ़ने के तरीके,और उनकी आवाज का मजाक किया .रसूल ने उस औरत को अपने हथों से वहीं क़त्ल कर दिया "
बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 362 

15 -ईश निंदा का इस्लामी कानून 
इस कानून के अधीन वह सभी काम या विचार अपराध माने जाते है जो इस्लामी मान्यताओं के विपरीत हों .जैसे मुसलमान मानते है कि ,मुहम्मद जब चलता था ,तो उसकी छाया नहीं पड़ती थी ,मुहमद के मल मूत्र से सुगंध आती थी ,मुहमद रोज अल्लाह से मिलने जन्नत जाता था ,उसके थूक से सभी रोगों इलाज होता था आदि ,यदि कोई इस बात से इंकार करे तो उसे क़त्ल कर दिया जाये .
पाकिस्तान में इसी कानून कि धारा 295 c के अधीन सन 1986 से 2007 तक 647 लोगों को मौत कीसजा दी गयी थी .नवम्बर 2010 आयशा बीबी नामकी औरत को मौत की सजा दी गयी 12 दिसंबर 2010 को पंजाब के गवर्नर "सलमान तासीर की हत्या कर दी गयी .1996 एक महिला "जैबुन्निसा "को मौत की सजा दे दी गयी .30 जुलाई 2009 पंजाब के जिले गोजरा में "सिपाहे सहबा "के लोगों ने 270 ईसाइयों को माराऔर उनके घर जला दिए . 
इसी तरह सलमान रश्दी और तसलीमा नसरीन की मौत का फतवा दे दिया ' 
यह मुहम्मद गीरी या दादागीरी नहीं तो क्या है .?
आज भी मुसलमान मुहम्मदगीरी  करके भारत  में इस्लामी हुकूमत कायम करने का षडयंत्र कर रहे हैं 

(87/13)(18/12/2010)

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