बुधवार, 15 अप्रैल 2020

इस्लाम के हथियार मस्जिद और मजार !!

विश्व में वर्तमान   में जितने भी धर्म  हैं , सभी  के  अपने अपने उपासना  स्थल  हैं ,जिनमे  ,प्रार्थना ,उपासना करने और धार्मिक प्रवचन और उपदेश देने  के कार्य  किये जाते  हैं .और ऐसे स्थलों  का  इन्हीं  कामों  के लिए बनाया  जाता  है .लेकिन यह  बात  इस्लाम   के ऊपर  लागू   नहीं  होती . क्योंकि  इतिहास साक्षी  है कि मुसलमानों  ने  जितनी  मस्जिदें  बनवाई हैं ,उन में से अधिकांश  दूसरे  धर्म धर्म  के लोगों  के उपासना स्थलों   को ध्वस्त  करके   उसी  जगह  बनायीं हैं ,जहाँ  दूसरों  के उपासना स्थल थे .और मस्जिदें  इबादत  करने और शांति  का सन्देश  देने की जगह  फसाद  और रक्तपात  करने के लिए बनायी   जाती  है .यह  बात  खुद  कुरान से साबित  होती  है .

1-पहली मस्जिद रक्तपात  के लिए बनी 

कुरान  के अनुसार अल्लाह ने सृष्टि  में सबसे पहले मनुष्य  आदम  को बनाया  था . अर्थात सभी मुसलमान  उसी  की संतानें   हैं .हालांकि  आदम  को बनाने से पहले  ही फरिश्तों  ने अल्लाह  को सचेत  कर दिया था ,कि भविष्य  में  आदम  मस्जिद  बनाएगा  ,और उसका उपयोग  दुनियां  में फसाद  फ़ैलाने ,और षडयंत्र  रचने  के लिए करेगा .और उस मस्जिद  के लिए  रक्तपात  करेगा .जैसा  कि कुरान  की  इस आयत    में   बताया   गया  है .

"रब  ने फरिश्तों  से कहा कि मैं धरती में एक खलीफा (आदम ) बनाने  वाला हूँ .फरिश्तों  ने कहा तू  उसके लिए ऐसी   जगह बनाएगा जहाँ  वह षडयंत्र  करेके  बिगाड़ पैदा करेगा ,और रक्तपात करेगा "
सूरा -अल बकरा 2 :30 

They said: "Wilt Thou place therein one who will make mischief thereinand shed blood shed


"وَاِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلَْمَلَئِكَةِ اِنِّي جَاعِلٌ فِي الْارْضِ خَلِيفَةً قَالُوا اتَجْعَلُ فِيهَا مَنْ يُفْسِدُ فِيهَا وَيَسْفِكُ الدِّمَاءَ وَنَحْنُ نُسَبِّحُ بِحَمْدِكَ وَنُقَدِّسُ لَكَ قَالَ اِنِّي اعْلَمُ مَا لَا تَعْلَمُونَ

Sura Bkra  -2:30

चूंकि मुसलमान  उसी आदम  के वंशज  हैं  हैं  .इसलिए वह  मस्जिदों  का उपयोग  इबादत  के लिए  कम ,बल्कि दंगा  फ़ैलाने ,शाजिश  रचने  और   खूनखराबे  के लिए अधिक  करते  हैं  यही कारण  है  .कि मुस्लिम  आतंकवादी बम विस्फोट  की योजनायें   मस्जिदों  में ही  बनाते  हैं

2-मस्जिदें  घात लगाने का स्थान 
यदि  आप भारत  के किसी  भी शहर  की मुग़ल  काल  की मस्जिद  को ध्यान  से देखेंगे   तो  पायेंगे कि  उसके  चारों  तरफ खुली  जगह   होगी ,और अन्दर  भी खाली  स्थान  होगा ,बीच  में एक हौज  होगा और  एक मिम्बर होगा ,जिस पर बैठ कर इमाम  खुतबा  देता है .लेकिन आजकल  जो मस्जिदें  बन  रही  हैं ,उनके साथ पचासों  कमरे , तहखाने , और भूमीगत  सुरंगे  भी बनायीं   जाती  हैं , जहाँ आतंकी महीनों  तक रह सकते  हैं . और अगर  पुलिस उनको पकड़ने  जाती  है ,तो आतंकी सुरंग से आसानी  से  निकल  जाते  हैं .आतंकवदियों   ने यह तरकीब  खुद कुरान  से सीखी  है , क्योंकि  कुरान  ने कहा है .

"और लोगों ने  मस्जिद  बनाई ,ताकि  लोगों को हानि पहुँचाये ,और लोगों  में फूट डालें .और  लोगों  के लिए घात लगाने का  स्थान बनायें "
सूरा -अत तौबा 9 :107 

3-मस्जिद या पेशाबघर 

देखा गया है कि  आजकल  यदि  किसी  मस्जिद  के पास किसी  दूसरे धर्म  के लॊग  सिर्फ गुजर ही जाते हैं ,तो मुसलमान  दंगा  कर देते हैं ,कई बार ऐसे दंगों  में  सैकड़ों निर्दोष  लोग मारे  जाते  हैं ,लेकिन  बहुत कम  लोग  जानते  होंगे कि मुहम्मद साहब  के समय उन्हीं   की बनायीं  मस्जिद में ,अरब  के बद्दू    रोज  पेशाब  किया  करते थे .  यह  बात की पुष्टि  इस प्रमाणिक हदीस  से होती  है ,

"अनस बिन मलिक  ने कहा  कि  जब रसूल  ने  अपनी पहली मस्जिद बनवाई तो , अरब  के बददु  उस मस्जिद   में पेशाब  किया  करते थे . एक दिन लोगों ने देखा कि एक बददु खडा  होकर   मस्जिद  की भीतरी  दीवार  पर पेशाब  कर रहा  है .लोगों  उस  बददु  को पकड़ा और , रसूल  के  सामने  उसको मारने  की तय्यारी  करने लगे .रसूल ने उन लोगों को रोक कर   कहा इसे आराम  से पेशाब  करने दो ,फिर  रसूल  ने एक बर्तन  में पानी मंगवाया  और  पेशाब  की जगह  को खुद  धो दिया , रसूल  ने  बताया कि यदि  मस्जिद  में पेशाब   करने  से भी इस्लाम  फैलता  है ,तो  कोई बुराई  नहीं  है "

"حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ أَعْرَابِيًّا، بَالَ فِي الْمَسْجِدِ، فَقَامُوا إِلَيْهِ، فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لا تُزْرِمُوهُ ‏"‏‏.‏ ثُمَّ دَعَا بِدَلْوٍ مِنْ مَاءٍ فَصُبَّ عَلَيْهِ‏.‏

सही बुखारी -जिल्द 8  किताब 73  हदीस 54

इतिहास  साक्षी  है कि  जितने  भी सांप्रदायिक   दंगे  हुए हैं , सबके पीछे किसी मस्जिद  का स्वामित्व  या उसकी भूमि  का विवाद   रहा  है .कई दंगे तो ऐसे  हुए हैं ,जिनमे  हजारों  लोग  मारे  गए , और विवाद आज तक  चल रहा है .वास्तव में देखा जाये तो जैसे  मुसलमानों  ने मस्जिदों को दंगे फ़ैलाने का हथियार  बना  रखा  है ,उसी तरह मजारों  को भी अशांति  फ़ैलाने का साधन  बना  रखा  है . वैसे  कुरान  में कब्रों  की पूजा     करने  को   गुनाह  बताया  गया  है ,जैसा  इस  हदीस  में  कहा  है ,

4-कब्रों   की  उपासना 
"अबू हुरैरा  ने कहा कि  रसूल  ने  बताया , अल्लाह यहूदियों पर  लानत  भेजता  है क्योंकि  उन  लोगों  ने अपने नबियों  की कब्रों को इबादत  की जगह बना रखा  है ,और अल्लाह ऐसे लोगों  को कभी माफ़  नहीं  करेगा "

सही बुखारी -जिल्द 1 किताब 8 हदीस 428


"حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ قَاتَلَ اللَّهُ الْيَهُودَ اتَّخَذُوا قُبُورَ أَنْبِيَائِهِمْ مَسَاجِدَ ‏"‏‏.‏

Bukhari-Vol. 1, Book 8, Hadith 428

इस्लामी  ग्रंथों  को परस्पर विरोधी आदेशों  का भण्डार कहें  तो अनुचित  नहीं होगा ,क्योंकि जहाँ  एक जगह कब्रों  की इबादत  करने को गुनाह बता कर यहुदियों  पर लानत भेजने की  बात  कही गयी है . तो दूसरी  जगह  कुरान  का अल्लाह कुत्ते  का मजार बनाने  को सही  बताता  है , जैसे कुरान  में कहा गया है ,

5-कुत्ते  का  मजार 
कुरान  की सूरा  कहफ़ व्याख्या  में एक  घटना  का उल्लेख  है ,कि जब रोम में "डीसियस -Decius  "नामका सम्राट था ,तो ईसा  मसीह  के कुछ अनुयायी  अपने प्राण बचाने  के लिए एक गुफा  में छुप गए थे .और वहां बरसों तक सोते रहे .जब वह  जागे तो पता चला कि  उस समय रोम में "थिओडोसिअस - theodosius " सम्राट बन गया था .उन लोगों  के साथ एक कुत्ता  भी था .जब  वह लोग गुफा  से निकले तो  उसी दिन  मर गये , और  लोगों ने अल्लाह के आदेश  से  उनके मजार  के साथ कुत्ते   का  मजार  भी बना दिया .

"जब  लोग  परस्पर ( गुफा  में सैकड़ों  साल  सोये  हुए )   लोगों   के मामले में झगड़ रहे थे ,कुछ लोगों  की राय थी कि उनके मरने की जगह एक  मस्जिद बना  दी जाये .तो उन लोगों  की बात सब पर भारी पड़ी .कुछ  लोग बोले वह तीन थे ,चौथा  उनका कुत्ता था .कुछ बोले वे पांच  थे और छठवां  उनका कुत्ता था .और कुछ्  यह  भी बोले की वे  सात थे ,और उनका कुत्ता आठवां  था .तुम संख्या के बारे में नहीं  झगड़ो

सूरा अल कहफ़ 18 :21 -22
अर्थात   मनुष्यों  के साथ  कुत्ते  का  मजार बना  दिया गया .

यही  कारण  है  कि  मुसलमान   जगह  जगह मजार और कब्रें   बनाते  रहते हैं .और जानबूझ  कर ऐसी जगह चुनते हैं ,जो हिन्दुओं  के किसी मंदिर  के  पास  हो ,या किसी किसी सार्वजनिक उपयोगी  स्थान  पर हो . जैसे गुजरात के भरूच नामके स्टेशन  के प्लेटफार्म  पर भी एक मजार  बना हुआ  है .क्या उस पीर  को मरने के  लिए  वही  जगह  मिली थी ?इसी तरह  भोपाल  में बीच रोड  में एक मजार  बना  हुआ  है .आज तक  लोगों  को पता  नहीं  कि कब्रों  में इन्सान दफ़न  है ,या कुत्ता ?

6-निष्कर्ष 
लेख  में दिए गए इन प्रमाणों  यही बातें  सिद्ध  होती हैं  कि,
1 .मुसलमान पैदायशी  फसादी  हैं ,और विश्व  शांति नहीं में खून खराबा चाहते  हैं . मस्जिद  तो एक बहाना  है .
2 .दूसरों  के धर्म स्थानों  को तोड़ कर वहां  मस्जि,द  मजार बनाना  इनकी आदत  है .
.3 .मस्जिदें  हथियार छुपाने  और आतंकियों को शरण  देने  के लिए बनायी   जाती  हैं.
4 .मूर्ख हिन्दुओं  द्वारा  .दरगाहों और मजारोंपर  चढ़ाया गया धन जिहादी हिन्दुओं को  मारने  के लिए  करते  हैं .
 
इसलिए  हिन्दुओं  को चाहिए कि  वह  मस्जिदों  में होने  वाली गतिविधियों  पर नजर  रखें , और किसी भी मजार  या दरगाह में ने नहीं  जाएँ  ,और न  वहां  धन चढ़ाएं .
हिन्दुओं  को पता  होना चाहिए कि  आज भारत में लगभग  दो हजार ऐसी मस्जिदें  और मजार  हैं ,जो हिन्दू मंदिरों  को तोड़ कर या  उनकी  जमीन  पर  बनी हुई है , जिन पर बरसों  से मुकदमे  चल रहे हैं .जैसे   राम जन्मभूमि , कृष्ण  जन्मभूमि , काशी विश्वनाथ  मंदिर  आदि . हमें चहिये कि  पहले हम उन जगहों पर कब्ज़ा  करें  ,जहाँ हम आसानी  से मुक़दमा  जीत सकते हैं .इस से विरोधियों  के हौसले पस्त  हो जायेगे .फिर अन्य मंदिरों  पर कब्जा  करने में आसानी  होगी

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(200/114)( Date 11/8/2013  )

रविवार, 12 अप्रैल 2020

अल्लाह कौन था ?

(यह लेख  हमने 8 दिसंबर 2010 को  तैयार किया था  यानी    लगभग   10 साल  पहले  ,हमने इस लेख में प्रमाणों के साथ साबित कर दिया था कि अल्लाह सर्वशक्तिमान     यानी ईश्वर नहीं  हो सकता  है  , यह मुहम्मद की कल्पना  थी  , जो मुहम्मद की मौत के साथ ही गायब  हो गयी   , आज  मेरी यह बात   सही  साबित  हो  गयी  ,  आज मुस्लमान  काबा  में रहने वाले  अल्लाह  को छोड़ कर भाग  रहे  हैं  ,  अगर सचमुच  अल्लाह होता तो  किसी फरिश्ते 
को  भेज   देता  ?मुझे  यह  जानकर ख़ुशी  हुई कि इतने  साल  बाद  किसी ने मेरे लेख  को विडिओ  के रूप  में यू  ट्यूब  में डाल दिया   है  यद्यपि  हम उन महोदय  को नहीं  जानते फिर भी  आभार प्रकट  करते  हैं  ,)


यदि कुरान और हदीसों को ध्यान से पढ़ें ,तो उसमे अल्लाह के द्वारा जितने भी आदेश दिए गए हैं ,सब में केवल जिहाद ,ह्त्या ,लूट ,बलात्कार और अय्याशी से सम्बंधित है .कोई भी बुद्धिमान व्यक्ति इनकी ईश्वर के आदेश मानने से इंकार कर देगा .अप देखेंगे की अल्लाह हमेशा मुहम्मद का पक्ष लेता है ,मुहम्मद के हरेक कुकर्म को किसी न किसी आयात से जायज बता देता है .मुहम्मद के लिए औरतों का इंतजाम करता है ,मुहम्मद के घरेलु विवाद सुलझाता है ,मुहम्मद के पापों पर पर्दा डालता है ,आदि
यूरोप के विद्वान् इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि वास्तव में अल्लाह एक कल्पित चरित्र है .अल्लाह का कोई अस्तित्व नहीं है .अल्लाह और कोई नहीं मुहम्मद ही था .जो अल्लाह का रूप धरकर पाखण्ड कर रहा था ,और लोगों को मूर्ख बनाकर अपनी मनमर्जी चला रहा था .और अय्याशी कर रहा था .कुरान अल्लाह की किताब नहीं ,बल्कि मुहम्मद ,आयशा ,और वर्क बिन नौफल की बेतुकी बातों का संग्रह है .और हदीसें मुहम्मद के साथियों द्वारा चुगली की गयी बातें हैं
 (इसके बारे में अगले लेख में विस्तार से दिया जायेगा )
यहाँ पर उन्हीं तथ्यों की समीक्षा की जा रही है ,जिस से साबित होता है ,की मुहम्मद अलाह की खाल ओढ़कर अपनी चालें कैसे चलता था .इसके लिए प्रमाणिक हदीसों और कुरान से हवाले लिए गए हैं -
1 -अल्लाह को केवल मुहम्मद ही जानता था 
"रसूल ने कहा कि केवल मुझे ही अलह के बारे में पूरी पूरी जानकारी है ,कि अल्लाह कैसा है ,और कहाँ रहता है ,और भवष्य में क्या करने वाला है "
सही मुस्लिम -किताब 30 हदीस 5814 
"आयशा ने कहा कि ,जब भी मोमिन रसूल के पास आकर,उन से अल्लाह और रसूल के अधिकारों ,के बारे में कोई सवाल करता था ,तो रसूल एकदम भड़क जाते थे ,और कहते थे कि ,मैं अल्लाह को अच्छी तरह पहिचानता हूँ .मुझ में और अल्लाह में कोई फर्क नहीं है .मैं अल्लाह के बारे में तुम सब से अधिक जानता हूँ "
बुखारी -जिल्द 1 किताब 2 हदीस 19 
सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,जन्नत में केवल उन्हीं लोगों को ऊंचा स्थान मिलेगा जो ,अल्लाह के साथ मुझे भी आदर देंगे ,और मुझे चाहेंगे "
बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 478 .

2 -अल्लाह मुहम्मद को औरतें भेजता था 
"खौला बिन्त हकीम नामकी एक औरत रसूल के पास गयी ,रसूल ने उस से सहवास कि इच्छा प्रकट की ,लेकिन आयशा को यह पसंद नहीं आया .इस पर रसूल ने कहा कि ,आयशा क्या तुम नहीं चाहती हो ,आल्लाह मुझे औरतें भेजकर मुझे ख़ुशी प्रदान नहीं करे .इस औरत को अल्लाह ने मेरे लिए ही भेजा है "
.बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 48 .

3 -अल्लाह मुहम्मद का पक्ष लेता था 
"अब्ब्बास बिन अब्दुल मुत्तलिब ने कहा कि ,रसूल से मैंने सुना कि रसूल ने कहा अल्लाह हमेशा मेरा ही पक्ष लेता है .और मेरी हरेक बात को उचित ठहरा देता है .मेरे मुंह से अल्लाह ही बोलता है "
सहीह मुस्लिम -किताब 1 हदीस 54 .

4 -मुहम्मद को गाली,अल्लाह को गाली 
"अबू हुरैरा ने कहा कि ,जब कुरैश के लोग रसूल को मुहम्मद कि जगह "मुहम्मम "कहकर चिढाते थे तो,रसूल ने कहा क्या तुम लोग यह नहीं जानते हो कि ,तुम अल्लाह को चिढ़ा रहे हो .इस से तुम पर अजाब पड़ेगा "
बुखारी -जिल्द 4 किताब 56 हदीस 773 

5 -मुहम्मद कि जुबान अल्लाह कि जुबान 
"अबू मूसा ने कहा कि ,रसूल ने कहा ,मैं जो भी कहता हूँ वह मेरी नहीं बल्कि अल्लाह कि जुबान है .जिसने मेरी बात मानी समझ लो उसने अल्लाह कि बात को मान लिया "
अबू दाऊद-किताब 3 हदीस 5112 
"आयशा ने कहा कि ,हिन्दा बिन्त उतबा रसूल के पास शिकायत लेकर आई और बोली कि ,मुझे अबू सुफ़यान से खतरा है ,क्या मैं अपना घर छोड़ कर चली जाऊं ,क्या सुफ़यान को अल्लाह का खौफ नहीं है .रसूल ने कहा तुम डरो नहीं ,तुम्हें कुछ नहीं होगा .यह मेरा नहीं अल्लाह का वायदा है "
सहीह मुस्लिम -किताब 18 हदीस 4254 .

6 -मुहम्मद को अल्लाह का डर नहीं था 
"आयशा ने कहा कि ,एक बार जैसे ही रसूल घर में दाखिल हुए तो ,एक यहूदिन ने चिल्लाकर रसूल से कहा कि ,क्या तझे पता नहीं है कि ,कयामत के दिन अल्लाह तेरे गुनाहों के बारे में सवाल करेगा .रसूल ने कहा कि मुझे इसका कोई डर नहीं है .मैं खुद अपने आप से सवाल क्यों करूंगा "
मुस्लिम -किताब 4 हदीस 1212 .

"अम्र बिन आस ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,अल्लाह तो मेरा दोस्त है .और वह मुझसे या मेरे बाप दादाओं या मेरे साथियों से उनके गुनाहों के बारे में कोई सवाल नहीं करेगा .और मई सब गुनाह माफ़ कर दूंगा "
मुस्लिम -किताब 1 हदीस 417 .
इब्ने माजा -किताब 1 हदीस 93 

7 -मुहम्मद से नीची आवाज में बोलो 
"हे ईमान वालो ,अपनी आवाजें रसूल की आवाजों से ऊंची नहीं करो ,और जो लोग रसूल के सामने अपनी आवाजें नीची रखते है .अल्लाह उनके लिए क्षमा और उत्तम बदला देगा
"सूरा -अल हुजुरात 49 :2 और 3 

8 -अल्लाह के नाम पर मुहम्मद का कानून 
"जब अल्लाह का रसूल की फैसला कर दे ,तो किसी को कोई अधिकार नहीं रह जाता है कि ,वह रसूल कि वह रसूल के फैसले कि अवज्ञा कर सके ."
सूरा -अहजाब 33 :36 . 
"इब्ने अब्बास ने कहा कि ,जो रसुल के आदेश को कबूल करेगा और मान लेगा समझ ले कि उसाने अल्लाह केअदेश को मान लिया .और जो रसूल के आदेश का विरोध करेगा वह अल्लाह का विरोध माना जाएगा "
बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 634 . 

9 -मुहम्मद का आतंक अल्लाह का आतंक 
"अबू हुरैरा ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि ,मैं लोगों ले दिलों में आतंक पैदा कर दूंगा .और जो आतंक होगा वह अल्लाह के द्वारा पैदा किया आतंक समझा जाये "
सहीह मुस्लिम -किताब 4 हदीस 1066 और 1067 . 

10 -अल्लाह ने शादियाँ तय करवायीं 
"जब मुहम्मद ने अपनी पुत्रवधू जैनब बिन्त से अपनी शादी करवाई थी ,वह शादी खुद अल्लाह ने ही करवायी थी .उस समय अल्लाह के आलावा कोई दूसरा नहीं रसूल ही थे "
सहीह मुस्लिम -किताब 4 हदीस 1212 .

11 -अल्लाह के बहाने अली बोलता था 
"जाबिर बिन अब्दुल्लाह ने कहा कि ,अक्सर जब रसूल कोई महत्वपूर्ण आयत सुनाने वाले होते थे तो ,सब को बुला लेते थे .फिर अपने घर के एक गुप्त कमरे में अली को बुला लेते थे .जबीर ने कहा कि इसी तरह एक बार रसूल ने हमें बुलाया ,फिर कहा कि एक विशेष आयत सुनाना है .फिर रसूल अली को एक कमरे में ले गए .आर कहा कि इस आयत में काफी समय लग सकता है इसलिए अप लोग रुके रहें ,हमने चुप कर देखा कि अली ,रसूल से अल्लाह की तरह बातें कर रहा था .वास्तव में कमरे में रसूल और अली के आलावा कोई नहीं था .अलह कि तरह बातें करने वाला और कोई नहीं बल्कि रसूल का चचेरा भाई अली था "
शामए तिरमिजी हदीस 1590 . 
इस सारे विवरणों से साफ पता चलता है कि ,अल्लाह का कोई अस्तित्व ही नहीं है .यह मुहम्मद की चालबाजी और पाखंड था .अरब के मुर्ख ,लालची लोग मुहाम्मद की बे सर पैर की बातों को अल्लाह का आदेश मान लेते थे .आज भी कई ढोंगी बाबा ,फकीर इसी तरह से लोगों को ठगते रहते है .चूंकि आज विज्ञानं का प्रचार होने से लोग ऐसे ढोंगियों को जल्द ही भंडा फोड़ देते हैं .और पाखंडियों को जेल के अन्दर करा देते हैं .और ढोंगियों के जाल से बच जाते है .
आज इस बात की अत्यंत जरुरत है कि दुनिया के सबसे बड़े धूर्त ,पाखंडी ,और अल्लाह के नाम पर आतंक करने वाले स्यंभू रसूल का विश्व स्तर पर भंडा फोड़ा जाये .तभी लोग शांति से जी सकेंगे .अल्लाह को मानाने या उस से डरने कि कोई जरुरत नहीं है .मुहम्मद ही अल्लाह बना हुआ था .


(87/1)
Video-अल्लाह कौन था-10/02/2019
https://www.youtube.com/watch?v=OItcpEX1twY&t=43s

Who is Allah || अल्लाह कौन हैं || من هو الله || خدا کون ہے || દેવ કોણ છે? ||
Ajab Gajab India

https://www.youtube.com/watch?v=jabs9HaYV9g

(87/1)Dt 12/04/2020