बुधवार, 20 मई 2020

अल्लाह कौन था ?

(यह लेख  हमने 8 दिसंबर 2010 को  तैयार किया था  यानी    लगभग   10 साल  पहले  ,हमने इस लेख में प्रमाणों के साथ साबित कर दिया था कि अल्लाह सर्वशक्तिमान     यानी ईश्वर नहीं  हो सकता  है  , यह मुहम्मद की कल्पना  थी  , जो मुहम्मद की मौत के साथ ही गायब  हो गयी   , आज  मेरी यह बात   सही  साबित  हो  गयी  ,  आज मुस्लमान  काबा  में रहने वाले  अल्लाह  को छोड़ कर भाग  रहे  हैं  ,  अगर सचमुच  अल्लाह होता तो  किसी फरिश्ते
को  भेज   देता  ?मुझे  यह  जानकर ख़ुशी  हुई कि इतने  साल  बाद  किसी ने मेरे लेख  को विडिओ  के रूप  में यू  ट्यूब  में डाल दिया   है  यद्यपि  हम उन महोदय  को नहीं  जानते फिर भी  आभार प्रकट  करते  हैं  ,)


यदि कुरान और हदीसों को ध्यान से पढ़ें ,तो उसमे अल्लाह के द्वारा जितने भी आदेश दिए गए हैं ,सब में केवल जिहाद ,ह्त्या ,लूट ,बलात्कार और अय्याशी से सम्बंधित है .कोई भी बुद्धिमान व्यक्ति इनकी ईश्वर के आदेश मानने से इंकार कर देगा .अप देखेंगे की अल्लाह हमेशा मुहम्मद का पक्ष लेता है ,मुहम्मद के हरेक कुकर्म को किसी न किसी आयात से जायज बता देता है .मुहम्मद के लिए औरतों का इंतजाम करता है ,मुहम्मद के घरेलु विवाद सुलझाता है ,मुहम्मद के पापों पर पर्दा डालता है ,आदि
यूरोप के विद्वान् इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि वास्तव में अल्लाह एक कल्पित चरित्र है .अल्लाह का कोई अस्तित्व नहीं है .अल्लाह और कोई नहीं मुहम्मद ही था .जो अल्लाह का रूप धरकर पाखण्ड कर रहा था ,और लोगों को मूर्ख बनाकर अपनी मनमर्जी चला रहा था .और अय्याशी कर रहा था .कुरान अल्लाह की किताब नहीं ,बल्कि मुहम्मद ,आयशा ,और वर्क बिन नौफल की बेतुकी बातों का संग्रह है .और हदीसें मुहम्मद के साथियों द्वारा चुगली की गयी बातें हैं
 (इसके बारे में अगले लेख में विस्तार से दिया जायेगा )
यहाँ पर उन्हीं तथ्यों की समीक्षा की जा रही है ,जिस से साबित होता है ,की मुहम्मद अलाह की खाल ओढ़कर अपनी चालें कैसे चलता था .इसके लिए प्रमाणिक हदीसों और कुरान से हवाले लिए गए हैं -

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें