शनिवार, 29 अगस्त 2020

सऊदी सरकार ने इस्राइल के डर से कुरान बदली !

 हमेशा   मुस्लिम   नेता  और  विद्वान्     दवा  करते  आये   हैं  कि कुरान  अल्लाह  की किताब   है   ,इसमें  एक  शब्द  तो  क्या   एक  अक्षर या एक नुक्ता  भी नहीं  बदला  जा  सकता  है  ,इसके  आलावा  मुस्लमान   यह   भी  कहते  हैं  कि आज  भले  तुम  लोग  राम  मंदिर बना    लो   ,क्योंकि  हम   अल्पसंख्यक  हैं  ,लेकिन   जब  हमारी  संख्या  बढ़  जाएगी  हम  भारत  पर शरीयत  लागु  कर  देंगे  और  एक  भी  मंदिर  नहीं   रहने   देंगे  ,यह  सुन  कर सेकुलर लोग  और उनके  साथ  कुछ  मूर्ख  हिन्दू  भी  मुसलमानों   की  खुशामद  करने  लगते  हैं  

लेकिन  सभी  हिन्दुओं   को  यह  जानकार   जोश   में भर  जाना  चाहिए  कि एक  छोटे  से  देश  इसराइल    के भय  से  सऊदी सरकार   इतनी  डर गयी कि उसने  कुरान  में ऐसे  ऐसे  परिवर्तन     कर  दिए   जो   कोई  सोच  भी  नहीं  सकता   .,

1-अंगरेजी  में  खबर (News in ENG )

इसलिए  आप  सबसे  पहले यह  खबर  अंगरेजी  में पढ़िए ,

Palestine Post 24-Jan 29,2020

Saudi Arabia changes verses of Holy Quran to appease Israel

Saudi Arabia changes verses of Holy Quran

One of the changes is the replacement of the name of Al Aqsa Mosque with the Jewish name of the Islamic holy site –the Temple Mount.

Saudi Arabia changes verses of the Holy Quran to satisfy Israeli occupation, Palestinian researcher and specialist in Israeli affairs revealed on Tuesday.

King Fahd Complex for the Printing of the Holy Quran printed and distributed copies of the Holy Quran that included changes in more than 300 verses.

The translation of the Holy Quran into Hebrew was approved by the Saudi authorities. The changes included the replacement of the name of Al Aqsa Mosque with the Jewish of the Islamic holy spot –Temple Mount.

Another change is the omission of the name of the Prophet Muhammed (pbuh), who is mentioned at least four times in the Muslim holy text.

 The name "Muhammad" is mentioned four times in the Quran, and the name "Ahmad" (another variant of the name of Muhammad) is mentioned one time.

 The name "Muhammad" is mentioned four times in the Quran, and the name "Ahmad" (another variant of the name of Muhammad) is mentioned one time.

Saudi Arabia changes verses of the Holy Quran to satisfy Israeli occupation, Palestinian researcher and specialist in Israeli affairs revealed on Tuesday.

2-हिंदी   सरल  अनुवाद 

सऊदी  सरकार ने कुरआन  की  आयतें  बदलीँ 

सऊदी  सरकार ने इस्राइल को खुश करने के लिए पवित्र कुरान की  आयतें  बदलीँ 

सबसे  परिवर्तन  यह  किया कि पहले कुरान में जहाँ  " अल  अक्सा  -    " को मस्जिद   लिखा था  उसे  बदल कर  हिब्रू    नाम  कर  दिया ,सऊदी सरकार ने   इसराइल के कब्जे वाले फिलिस्तान  के कारन    इसराइल को संतुष्ट करने के लिए  ऐसा  किया   है ,यह  बात फिलिस्तीन  के  शोधकर्ता  , विशेषज्ञ  और  तत्सम्बन्धी  इस्राईली  अधिकारीयों  ने मंगल को  बताया  ,इसके आलावा    किंग  फहद   प्रेस      द्वारा   कुरआन  की   नया   संस्करण   भी  वितरित   किया  गया जिसमे  कुरान  की  300 गलतियां     सुधारी गयी   हैं  ,इसके  साथ  ही कुरान   का हिब्रू अनुवाद   भी  प्रकाशित  किया  गया  है जिसमे  अल  अक्सा वाली  गलती   निकाल दी  गयी   है ,इस   नयी  कुरान  में सबसे  बड़ा  परिवर्तन  यह  किया  गया  है   कुरान  में पहले चार  बार  मुहम्मद  और एक  बार  अहमद    लिखा  था   उसे   हटा  दिया  गया  है  ,कुछ  कट्टर  मुस्लिम  नेताओं  ने  सऊदी  सरकार पर आरोप  लगाया कि वह कुरान  में तहरीफ़  कर  रही  है  ,  जबकि  मदीना  और अरब के विद्वानों  ने  इसे    "संशोधन   (Amendment     ) अरबी  में   "  तअदील -  تعديل  " कहा  है  

3-तहरीफ़  क्या    है  ?

किसी किताब या  लेख में इस तरह के बदलाव को अरबी  में  " तहरीफ़  - تحريف "  कहा  जाता  है  , इसके अनुसार  किसी  शब्द  या वाक्य  की जगह  दूसरा  जोड़ देना  ,या किसी शब्द या वाक्य को  बिलकुल हटा देना  , किसी  शब्द की  वर्तनी  (Spelling)ल देना   , और  व्याकरण   सम्बन्धी  (Grammatical change   )  बदलाव करदेना  , जैसे एक वचन को बहुवचन  ,  पुलिंग  को स्त्री लिंग     बना  देना  ,  और  ऐतिहासिक (Historical change   ) बदलाव   जैसे  बाप  को बेटा बहिन  को पत्नी  बता  देना   सब  तहरीफ़ की परिभाषा  में  आते  हैं  .

सऊदी  सरकार ने जो नयी  संशोधित कुरआन  मदीना  से प्रकाशित  की  है    उसके मुख्य  महत्वपूर्ण  बदलाव  इस प्रकार  हैं  '

4--पहली  तअदील 

कुरान  की सूरा  इसराइल  में  एक  जगह  यहूदियों  के  राजा  सुलेमान  द्वारा  बनाये गए मंदिर(Temple of Solomon  को " मस्जिद  -   مسجد"  लिखा  है  ,

"दूसरा मौका मिला तो हमने तुम्हारे मुकाबले  दूसरे  लोग उठाये जो तुम्हारे  चेहरे बिगाड़  दें ,और मस्जिद   (   बैतूल मुक़द्दिस ) में घुस  जाएँ ,जिस तरह पहली  बार घुसे  थे  " सूरा -इस्राइल  17 :7 

"" And so, when the prediction of the second [period of your iniquity] came true, [We raised new enemies against you, and allowed them] to disgrace you utterly, and to enter the Temple as [their forerunners] had entered it once before, and to destroy with utter destruction all that they had conquered. (17:7

लेकिन इस नयी कुरान  में मस्जिद की जगह   "बैतुल मुक़द्दिस  - بئت المُقدس

  " लिखा  है  ,  यही नहीं  कुरान  के हिब्रू  अनुवाद  में  " बैत ह मक़दिस -בֵּית־הַמִּקְדָּשׁ   "   लिख  दिया  है  ,दौनों  का अर्थ  एक  ही  है   ,  पवित्र  घर   यानी देवालय .

5--दूसरी   तअदील

सऊदी  सरकार  ने कुरान  में  जो  महत्वपूर्ण  बदलाव किया  है    उसे  जानकर  मुल्ले   अपनी  दाढ़ी  नोचने लगेंगे   अगर भारत सर्कार ऐसा करती  तो मुल्ले   और सेकुलर  जमीं   आसमान एक  कर  देते    क्योंक  सऊदी  सरकार  ने कुरान में से मुहम्मद  शब्द  ही निकाल  दिया  है  .  पूरी कुरान  में मुहम्मद   शब्द  चार बार  और अहमद  एक  बार  आया  है  ,

1-सूरा -आले इमरान  3 :144 

2-सूरा -अहज़ाब 33:40 

3-सूरा -मुहम्मद 47:2 

4-सूरा -अल फतह  48:29 

और पूरी कुरान  में एक  ही बार  "अहमद  " शब्द  आया   है  (61:6)

लेकिन  कुरान  के इस  नए  संस्करण में पांचों जगह  से मुहम्मद     का  नाम  हटा  दिया गया   है  ,नयी कुरान  छप   चुकी   है  

6-कुरान  गलतियों  का भंडार  है  

   अभी  तक मुस्लिम  मुल्ले  यही     बताते  रहते  थे कि कुरान  अल्लाह की किताब  है ,इसमें कोई शक  नहीं  है   लेकिन   सऊदी  विद्वानों  ने ऐसे मुल्लों   को झूठा  साबित  कर  दिय  और स्वीकार  किया की कुरान  मेंहजारों  गलतिया  है   , पिछले    लगभग    डेढ़  हजार साल से मुसलमान  जिस कुरान को पढ़ते  आ रहे  हैं  उस कुरआन में  मौजूद कुरान में गलतियों कारण विस्तार   से अंगरेजी में  दिया   जा  रहा  है  ,  

January 10, 2020 article, titled "Amending The Quran," Saudi journalist Ahmad Hashem wrote: "The Quranic Text As We Know It Contains Some 2,500 

Mistakes Of Spelling And GrammarTwo unusual articles published this year on Saudi websites called to amend scribal errors in the Quran, and also to reexamine religious texts in light of modern perceptions, so as to make them more readable and adapt them to the present age.January 10, 2020 by Saudi journalist Ahmad Hashem on the "Saudi Opinions" website pointed out that the Quran as it is known today was written down after the Prophet's lifetime, in the period of the third caliph 'Uthman bin 'Affan (ruled 644-656) using the 'Uthmanic script, which is named after him. Since this writing system is a human invention, argues Hashem, there is no reason to sanctify it, as many Muslims do. In fact, he says, it is time to correct some 2,500 errors of spelling and grammar that were made by the scribes in that period and remain part of the Quranic text to this day. He  presents numerous examples of such spelling mistakes, and calls to rewrite the words in their present-day standard form, so as to "make the text more readable for [present-day] Muslims and more linguistically correct."

7-नयी कुरान   छपने  वाले प्रेस   का पता 

प्रमाणिक   कुरान   मदीना  में  छपती  है  ,  उस प्रेस  का नाम  और पता  यह  है  'अरबी में   "मजमअ मलिक फहद लि तबाअत लि मुसनफ शरीफ  -  مجمع الملك فهد لطباعة المصحف الشريف    "

King Fahd Complex for the Printing of the Holy Qur'an

Medina, Saudi Arabia that publishes the Qur'an in Arabic and other languages.

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King Fahd Complex for the Printing of the Holy Quran Building

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Saudi Arabia-Medina

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Email: kfcphq@qurancomplex.org

www.qurancomplex.gov.sa

निष्कर्ष -

इन प्रमाणों को  परखने के बाद    दो बातें सिद्ध होती  हैं  कि कुरान अल्लाह की भेजी  आसमानी किताब नहीं  है  ,  इसमें अनेकों प्रकार  की गलतियां  है  ,  मुल्ले मौलवी  इस सत्य को छुपाते  आये  हैं   , और समझदार मुस्लिम    काफिर होने के डर से मुंह  नहीं  खोलते  थे  , यह   ख़ुशी की  बात  है कि इस्लाम  के  इतने  साल  होने  पर  अरब  की सरकार ने इस सत्य  को स्वीकार  किया ,   , सोचिये  जब  कुरान  की कुल    6666 आयतों  में  2500 गलतियां  मिलीं   तो  हदीसों  में कितनी  गलतियां   होंगी   ?

 दूसरी  बात  यह है कि यह  साबुत  जिहादी  उन  जिहादी  विचार वाले इस्लाम के    एजेंटों के मुंह पर  चपेट  है जो  दावा करते  है  कि जल्द  ही हमारी इतनी  संख्या   हो  जाएगी की हम आसानी  से भारत पर इस्लामी  हुकूमत कायम   कर  देंगे  , और तब  राम मंदिर  की जगह फिर  से बाबरी  मस्जिद  बना  देंगे  ,  हम  ऐसे लोगों  को चुनौती  देते  हैं    तुम्हारी  संख्या कितनी  भी बढ़  जाये  , अगर थोड़े  से ही हिन्दुओं  ने इसराइल  की निति   अपनाना  सुरु    कर  दिया  तो   दुनियां   से  मक्का  मदीना   नाम की जगह    गायब    हो  जाएगी  , जब  ज़रा   से इसराइल  के डर से  अरब  सरकार  ने कुरान  बदल  दी  तो भारत  इसराइल   से मिल  कर  इस्लाम  का सफाया  क्यों  नहीं  कर  सकता  ,जो लोग इस बात पर आश्चर्य  कर रहे हैं कि एक  छोटे  से देश इसराइल ने इस्लाम के गढ़  सऊदी अरब  की कट्टर इस्लामी  सरकार को  कुरान में  सुधार करने पर कैसे मजबूर कर दिया  ? तो इसका एकहि उत्तर  है   , इजराइल मेंएक भी सेकुलर  नहीं है  और न वहां कांग्रेसी जैसे  दोगले  और कम्युनिस्ट   हैं 

  हमें  निष्ठावान  लोगों  की जरुरत  है  , हमारे   मित्र श्री  धर्मवीर  सिंह  ने  काम  शुरू  कर  दिया  है   .

Quran in Hebrew Language

 https://islamtics.com/wp-content/uploads/2020/01/photo_2020-01-28_01-04-13.jpg

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7 टिप्‍पणियां:

  1. ये साल मूर्ख है इसको कुछ भी ज्ञान नही उल जुलुल पोस्ट करता रहता है इसकी पोस्ट को कॉपी करके इसके जैसे अंध भक्त बैल मुस्लिम विद्वानों से जलील होते रहते है

    कल ही एक जलील (रुस्वा) हुआ है मेरे हाथों

    🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

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  2. https://tanzil.net/#47:2
    https://qurancomplex.gov.sa/kfgqpc-quran-translate-hindi/

    Nahi hataya mila le ye link Purani Aur Nyee

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  3. Open challenge for debate any one single contradiction in the holy Quran I challenge you fake religion linduism

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  4. Challenge accepted.

    Numerical contradictions
    There are many numerical contradictions in the Quran. Can God make so much error in doing simple calculations?

    How many days did it take to create Heavens and Earth ?

    Quran 7: 54 Your gurdian-Lord is Allah who created the heavens and earth in Six Days

    Quran 10: 3 Verily your Lord is Allah, who created the heavens and earth in Six Days

    Quran 11:7 He it is Who created the heavens and earth in Six Days
    Quran-25:29: He Who created the heavens and earth and all that is between, in Six Days

    The above verses clearly state that God created the heaven and Allah created the heaven and the Earth in 6 days. But the verses below stated-

    Quran 41: 9 Is it that ye deny Him who created the earth in Two Days ?

    Quran 41: 10 He set on the (earth) Mountains standing firm high above it, and bestowed blessing on the earth, and measured therein all things to give them nourishment in due proportion, in FOUR DAYS…

    Quran 41: 12 So He completed them (heavens) as seven firmaments in Two days and …

    Now do the math: 2(for earth) + 4(for nourishment) + 2 (for heavens) = 8 days; and not 6 days

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